
राजनांदगांव के बसंतपुर थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक युवक के साथ हुई कथित साजिश ने पूरे मामले को किसी अपराध-कथा जैसा बना दिया था। आरोप है कि युवक को पहले फोन करके मिलने के लिए बुलाया गया, फिर कार में बैठाकर सुनसान जगह ले जाया गया। वहां खुद को साइबर पुलिस का कर्मचारी बताने वाले दो युवकों ने उसकी कार की तलाशी लेने का नाटक किया और गांजा मिलने की बात कहकर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।
फोन करके बुलाया, फिर कार में बैठाकर ले गए
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, घटना वाले दिन शाम करीब साढ़े छह बजे विक्की पवार ने युवक को फोन किया और दो बीयर लेकर भदौरिया चौक आने को कहा। युवक बताए गए स्थान पर पहुंचा, जहां विक्की पवार अपने साथी नवीन साहू के साथ काले रंग की फॉर्च्यूनर कार में मिला।
आरोप है कि दोनों युवक को अपनी कार में बैठाकर अमोरा तालाब से आगे श्मशान घाट के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए। कुछ देर बाद विक्की वहां से चला गया। युवक को उस समय अंदाजा नहीं था कि आगे उसके साथ क्या होने वाला है।
अचानक पहुंचे दो युवक, खुद को बताया साइबर पुलिसकर्मी
शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। दोनों सादे कपड़ों में थे और उन्होंने खुद को साइबर पुलिस का कर्मचारी बताया। इसके बाद उन्होंने युवक की कार की तलाशी लेना शुरू कर दिया।
आरोप है कि तलाशी के दौरान उन्होंने कार में 20 किलो गांजा मिलने का दावा किया। इसके बाद युवक को गांजे के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पुलिस के अनुसार, कार में गांजा मिलने की बात झूठी बताकर युवक पर दबाव बनाया गया और उससे पांच लाख रुपये की मांग की गई।
डर के कारण परिवार से मांगे ढाई लाख रुपये
आरोपियों की धमकी से घबराए युवक ने अपने परिजनों को फोन किया और ढाई लाख रुपये लेकर आने को कहा। इस घटनाक्रम के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए नवीन साहू को गिरफ्तार किया। उसकी उम्र 27 वर्ष बताई गई थी। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया था।
एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
पुलिस की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। वहीं, विक्की पवार समेत तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी। जांच का उद्देश्य घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना और कथित फिरौती की मांग से जुड़े साक्ष्य जुटाना था।
इस मामले में सबसे अहम सवाल
पूरे घटनाक्रम में जांच का प्रमुख बिंदु यह था कि क्या आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवक को डराने और उससे पैसे वसूलने की योजना बनाई थी। शिकायत में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, गांजे के झूठे मामले की धमकी देकर युवक पर रकम देने का दबाव बनाया गया था।
यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि कोई व्यक्ति केवल खुद को पुलिसकर्मी बताकर किसी की तलाशी लेने या उससे पैसे मांगने लगे, तो उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है। ऐसी स्थिति में सुरक्षित रहते हुए वास्तविक पुलिस या संबंधित थाने से संपर्क करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह कहानी उपलब्ध समाचार रिपोर्ट और पुलिस में दर्ज शिकायत के विवरण के आधार पर तैयार की गई है। घटना के समय लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।

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