
छात्रा के परेशान रहने का दावा, परिवार ने की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग; पुलिस स्कूल प्रबंधन से भी कर रही पूछताछ
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि स्कूल में कथित तौर पर डांट-फटकार लगाए जाने के बाद से बच्ची परेशान और गुमसुम रहने लगी थी। हालांकि, छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घर के कमरे में मृत मिली छात्रा
यह मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ नगर स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर में आठवीं कक्षा की छात्रा आकांक्षा सेन पढ़ती थी। छात्रा ने अपने घर के कमरे में फांसी लगा ली। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
स्कूल प्रबंधन पर परिजनों ने क्या आरोप लगाए?
परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले स्कूल में छात्रा को काफी डांट-फटकार लगाई गई थी। परिवार के मुताबिक, इसके बाद से बच्ची के व्यवहार में बदलाव नजर आने लगा था। वह गुमसुम रहने लगी थी और परेशान दिखाई देती थी।
परिजनों ने इन परिस्थितियों को लेकर स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि स्कूल में हुई कथित घटना और छात्रा की मौत के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं। इसका पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद परिजनों ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बयान लिए जा रहे हैं और स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
परिवार ने की कार्रवाई की मांग
बेटी की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। परिजन चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी की लापरवाही या गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और परिजनों के आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के नतीजों की प्रतीक्षा करना आवश्यक है।

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