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  • 25 हजार महीने में किराए पर देता था बैंक खाता,सात राज्यों में 97 लाख की साइबर ठगी का खुलासा..​​​​​​

    25 हजार महीने में किराए पर देता था बैंक खाता,सात राज्यों में 97 लाख की साइबर ठगी का खुलासा..​​​​​​

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    फुलेरा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फुलेरा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के लिए किराए पर बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान सांभरलेक निवासी पुनीत वर्मा के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते में मार्च 2025 से अब तक करीब 97 लाख रुपए के साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन का खुलासा हुआ है.

    पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधियों के खिलाफ 17 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के दौरान फुलेरा थाना पुलिस की टीम ने समन्वय पोर्टल पर बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा में संचालित बैंक खाते की जांच की. जांच में सामने आया कि इस खाते के खिलाफ राजस्थान समेत महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और झारखंड सहित सात राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं. जांच के दौरान बैंक खाते की जानकारी जुटाने पर पता चला कि खाता पुनीत वर्मा निवासी शिव विहार कॉलोनी, कॉलेज के पास, सांभरलेक, जयपुर ग्रामीण के नाम से संचालित हो रहा था.

    बैंक स्टेटमेंट में 97 लाख का संदिग्ध लेनदेन

    पुलिस टीम ने बैंक खाते के स्टेटमेंट और लेनदेन की गहनता से जांच की। इसमें मार्च 2025 से खाते में करीब 97 लाख रुपए की राशि साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन के रूप में जमा और निकासी होना सामने आया. इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फुलेरा थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में आरोपी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर साइबर ठगी करने वाले लोगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है.

    25 हजार रुपए मासिक किराए पर देता था खाता

    पुलिस के अनुसार, पुनीत वर्मा साइबर ठगी में इस्तेमाल के लिए अपना बैंक खाता करीब 25 हजार रुपए प्रतिमाह किराए पर उपलब्ध कराता था. खाते में साइबर ठगी की रकम आने के बाद उसका इस्तेमाल ठगी की रकम को आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था.

    साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

    पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि आरोपी का संपर्क किन साइबर अपराधियों से था और खाते के जरिए कितनी रकम का लेनदेन किया गया. साथ ही सात राज्यों में दर्ज शिकायतों के आधार पर भी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है.

  • किचन के स्लैब के नीचे से आ रही थी बदबू, तोड़ने पर मिला महिला का शव..​​​​​​

    किचन के स्लैब के नीचे से आ रही थी बदबू, तोड़ने पर मिला महिला का शव..​​​​​​

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    ओडिशा के पुरी शहर के कुंभारपाड़ा इलाके में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक किराए के मकान की रसोई के स्लैब के नीचे से एक महिला का शव बरामद हुआ है। जानकारी के मुताबिक, महिला करीब दो महीने पहले अपने बेटे के साथ इस मकान में रहने आई थी। पुलिस को पता चला कि महिला की हत्या के बाद उसके शव को रसोई के स्लैब के नीचे छिपाने की कोशिश की गई।

    घर में बदबू आने पर पुलिस को दी सूचना

    मामला उस समय सामने आया जब मकान मालिक को घर की रसोई से तेज बदबू आने लगी। लगातार आ रही बदबू से मकान मालिक को संदेह हुआ और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि महिला का बेटा रविवार से इलाके से गायब है। वहीं, उसकी मां के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। रसोई की संदिग्ध स्थिति और वहां से आ रही तेज बदबू ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

    रसोई के स्लैब के आसपास संदिग्ध स्थिति दिखाई दे रही थी। वहां से गंदा पानी और अन्य कचरा फर्श पर बहता हुआ दिखाई दे रहा था। इसके साथ ही इलाके में तेज बदबू भी फैल रही थी। मकान मालिक को शक हुआ कि स्लैब के नीचे कुछ छिपाया गया हो सकता है। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मामले की जांच के लिए स्लैब को तोड़ा गया।

    एसपी ने दी ये जानकारी

    पुरी एसपी प्रतीक सिंह के अनुसार, स्लैब के अंदर से एक महिला का शव बरामद हुआ। एसपी प्रतीक सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। मौके पर वैज्ञानिक टीम को भी बुलाया गया। स्लैब तोड़ने के बाद उसके अंदर से महिला का शव बरामद किया गया। एसपी ने बताया कि वैज्ञानिक टीम ने घटनास्थल से कुछ सैंपल भी जुटाए हैं। इन सैंपलों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

    इस पूरे मामले में महिला के बेटे का रविवार से गायब होना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल उसके ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं मिली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके बेटे की इसमें क्या भूमिका है। पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि महिला की हत्या कैसे हुई और शव को रसोई के स्लैब के नीचे कब और किस तरह छिपाया गया। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाकर जांच शुरू कर दी है। महिला की पहचान, मौत की सही वजह और उसके बेटे के बारे में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। इससे पहले ओडिशा के बलांगीर में नरबलि का मामला सामने आया था। देवगांव थाना क्षेत्र के बगड़ा गांव में एक शख्स की हत्या कर उस सिर धड़ से अलग कर दिया गया था।

  • “BRETISH AIRWAYS” के नाम पर ठगी का पर्दाफाश, नौकरी का लालच देकर बनाते थे निशाना..​​​​​​

    “BRETISH AIRWAYS” के नाम पर ठगी का पर्दाफाश, नौकरी का लालच देकर बनाते थे निशाना..​​​​​​

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    दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने एयरलाइन में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का मास्टरमाइंड, उसका साथी, एक वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर्स शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक साइबर थाने में एक शिकायत मिली थी कि उसने जून 2026 को इंस्टाग्राम पर “Bretish Airways” नाम से IGI एयरपोर्ट पर नौकरी का विज्ञापन देखा। फॉर्म भरने के बाद “करिश्मा, HR Bretish Airways” नाम की महिला का कॉल आया।

    आरोपियों ने बाकायदा ऑफर लेटर भी दिया

    आरोपियों ने व्हाट्सएप पर पैन कार्ड, आधार कार्ड, मार्कशीट और CV मंगवाए और कहा कि नौकरी के लिए “Future Wings Learning Institute” से डिप्लोमा करना जरूरी है। इसी नाम पर 7,000 रुपये UPI से ट्रांसफर करवा। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी एडमिशन स्लिप, NOC स्लिप और फर्जी ऑफर लेटर भेज दिया। बाद में पता चला कि Bretish Airways नाम की कोई एयरलाइन ही नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस के पास जाकर केस दर्ज कराया।

    नोएडा से चला रहे थे गिरोह

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल नंबर, IPDR, पेमेंट ट्रेल और वेबसाइट डिटेल खंगाली गई। जांच में आरोपियों का लोकेशन नोएडा में मिली। इसके बाद 18 अगस्त 2026 को गिरोह के मास्टरमाइंड संदीप कुमार और उसके साथी अखिल कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी संदीप पहले फर्जी एविएशन जॉब कंपनियों में टेली-कॉलर था, वहीं से उसने ठगी का तरीका सीखा। पहले उसने “प्रगति एयरवेज” नाम से ठगी शुरू की, फिर अखिल के साथ 50-50 पार्टनरशिप में गौर सिटी सेंटर मॉल, नोएडा से “Bretish Airways” और “Future Wings Learning Institute” नाम से फर्जी कंपनियां बनाईं।

    आरोपियों ने बनाई थी कई वेबसाइट

    आरोपी ने एक वेबसाइट डेवलपर से फर्जी वेबसाइट बनवाई, जॉब पोर्टल से डेटा खरीदा और लड़कियों को टेली-कॉलर के रूप में रखा, जो HR बनकर कॉल करती थीं। हर कैंडिडेट से 7,000 से 10,000 रुपये एडमिशन/रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूलते थे और फर्जी सर्टिफिकेट और ऑफर लेटर भेजते थे। ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए ऑफिस, वेबसाइट, सिम कार्ड और फोन बदलते रहते थे। उन्होंने Bretish Airways पर शिकायत आने के बाद “शंख एयरवेज” और “एक्सीलेंस लर्निंग इंस्टिट्यूट” नाम से नई वेबसाइट बना ली थी।

    नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी

    पकड़े गए आरोपियों की पहचान संदीप कुमार, अखिल कुमार, राकेश कुमार, श्वेता, सपना और साक्षी के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और 2 रजिस्टर जिनमें जॉब सीकर का डेटा था, बरामद किए गए हैं। जांच में NCRP पोर्टल पर 10 शिकायतें इसी रैकेट से जुड़ी मिली हैं। पुलिस का कहना है कि छोटी रकम होने के कारण कई पीड़ितों ने शिकायत ही नहीं की। पुलिस अब इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले जॉब ऑफर को सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट से वेरिफाई करें और नौकरी के नाम पर किसी भी तरह की फीस न दें। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।

  • क्या कार पर किस करने से भी कटता है चालान? जानें यह नियम..​​​​​​

    क्या कार पर किस करने से भी कटता है चालान? जानें यह नियम..​​​​​​

    आमतौर पर कार को अलग दिखाने के लिए लोग स्टिकर, रैप या दूसरे मॉडिफिकेशन करवाते हैं, लेकिन ग्वालियर में कार को सजाने का तरीका बिल्कुल अलग था. कार की बॉडी पर लिपस्टिक से हजारों किस के निशान बनाए गए थे. उनकी गर्लफ्रेंड को सोशल मीडिया से यह आइडिया मिला और उसने सफेद कार पर किस मार्क्स बनाने का फैसला किया. करीब साढ़े तीन घंटे की मेहनत के बाद कार पर लगभग 3400 निशान बनाए गए.

    जब यह कार सड़क पर उतरी तो राह चलते लोगों की नजर इस पर टिक गई और कुछ ही समय में यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. बाद में ट्रैफिक पुलिस ने कार को रोककर 5,500 रुपये का चालान काट दिया. अब ऐसे में जानते हैं कि इस स्थिति में ट्रैफिक रूल्स क्या हैं?

    क्या चालान का है प्रावधान?

    • मोटर व्हीकल एक्ट की बात करें तो कार पर किस करने पर कोई विशेष ट्रैफिक नियम नहीं बनाया गया है.
    • अगर कार किसी पब्लिक प्लेस या सुनसान जगह पर खड़ी है और वहां कोई आपत्तिजनक काम किया जाता है तो पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 के तहत कानूनी कार्रवाई या पूछताछ कर सकती है.
    • कार सड़क किनारे, मॉल या किसी पब्लिक पार्किंग में खड़ी है तो उसे कानूनन सार्वजनिक स्थान माना जाता है. बातचीत या साथ बैठना अपराध नहीं है, लेकिन आपत्तिजनक स्थिति होने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है जिसमें सजा का प्रावधान भी हो सकता है. पुलिस इस कंडीशन में 3 महीने तक की कैद या जुर्माना कर सकती है. एक चीज आपके लिए जानना जरूरी है कि ट्रैफिक पुलिस केवल यातायात नियमों के उल्लंघन जैसे गलत पार्किंग या स्टंट पर ही चालान काटती है.
    • सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो में आदित्य सिकरवार नाम के शख्स की गर्लफ्रेंड ने इंस्टाग्राम पर एक विदेशी वीडियो देखा था, जिसमें कार को किस के निशानों से सजाया गया था. वीडियो देखने के बाद उसने भी इसी तरह अपनी कार को सजाने का फैसला किया.
    • कार पर किए गए ये निशान किसी कंपनी प्रमोशन या प्रोफेशनल मॉडिफिकेशन का हिस्सा नहीं थे, कथित तौर पर प्यार जताने के एक निजी आइडिया का हिस्सा थे. सफेद कार होने की वजह से लिपस्टिक के निशान उस पर और ज्यादा साफ नजर आ रहे थे.
    • कार को इस तरह सजाने में करीब 3 घंटे 30 मिनट लगे. इस दौरान कार की अलग-अलग जगहों पर लगभग 3400 किस के निशान बनाए गए. इसके लिए कई लिपस्टिक का इस्तेमाल करना पड़ा और काफी समय तक लगातार काम करना पड़ा.
    • इतनी बड़ी संख्या में निशान होने के चलते कार का पूरा बाहरी हिस्सा दूसरी कारों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा था. सफेद बॉडी पर लिपस्टिक के निशान दूर से ही नजर आ रहे थे, इसलिए सड़क पर निकलते ही यह कार लोगों का ध्यान खींचने लगी, जिससे पूरा मामला सामने आया.
    • जब आदित्य यह कार लेकर ग्वालियर की सड़कों पर निकले तो इसका अलग लुक देखकर लोग हैरान रह गए. सड़क पर चलने वाली कारों के बीच हजारों किस मार्क्स वाली सफेद कार आसानी से अलग नजर आ रही थी. इसी वजह से लोगों ने इसे देखा और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आने लगा. लेकिन जो चीज शुरुआत में मनोरंजन और आकर्षण का कारण बनी थी, वही बाद में कार मालिक के लिए परेशानी का कारण बन गई. ट्रैफिक पुलिस ने कार को रोककर उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5,500 रुपये का चालान काटा.

  • शराब के नशे में पति बना कातिल, बीवी को कमरे में बंद कर ईंट से कूचा; बाहर चिल्लाते रहे बच्चे…​​​​​​

    शराब के नशे में पति बना कातिल, बीवी को कमरे में बंद कर ईंट से कूचा; बाहर चिल्लाते रहे बच्चे…​​​​​​

    UP News: यूपी के बस्ती से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां वाल्टरगंज थाना क्षेत्र स्थित बहेरिया गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को कमरे में बंद कर ईंट से कूच दिया। शोर सुनकर सो रहे बच्चों की नींद खुली और उन्होंने पड़ोसियों से मदद मांगी। पड़ोसी दौड़कर पहुंचे लेकिन तब तक आरोपी पति दरवाजा खोलकर भाग चुका था। कमरे में महिला का शव पड़ा था। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    बहेरिया गांव निवासी फूलचंद की पत्नी किरण सिलाई-कढ़ाई करती थी। फूलचंद नशे का आदती था। वह अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचता था और पत्नी किरण से मारपीट करता रहता था। रविवार की देर रात तकरीबन 11 बजे वह घर पहुंचा। बच्चे बरामदे में सो रहे थे। वह कमरे के अंदर गया और किसी बात को लेकर पत्नी किरण से कहासुनी करने लगा। शोर सुनकर बच्चों की नींद खुल गई। फूलचंद ने कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर ली और पत्नी के सिर पर ईंट से तबाड़तोड़ प्रहार कर दिया। किरण चीखने-चिल्लाने लगी। उसकी चीख-पुकार बाहर बरामदे में मौजूद बेटा अमित ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन वह अंदर से बंद थे। अमित ने पड़ोस के लोगों को शोर मचाकर घटना की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई।

    अमित की पुकार सुनकर जब तक गांव वाले पहुंचते तो आरोपी फूलचंद दरवाजा खोलकर फरार हो चुका था। कमरे के अंदर फर्श पर खून में सना किरण का शव पड़ा था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई और महिला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमित ने थाने पर तहरीर दी जिसके आधार पर पुलिस ने उसके पिता फूलचंद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    चित्रकूट से अगवा कर ई-रिक्शा चालक की हत्याकर झांसी में फेंका

    उधर, झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे से पांच दिन पहले अगवा किए गए ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से हत्या कर शव को झांसी जिले के पहाड़ी डैम में फेंक दिया गया। सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर पुलिस ने सगे भाई-भतीजे समेत सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि संपत्ति के लालच में अगवा करने के बाद ई-रिक्शा चालक को पहले जमकर पीटा और फिर हाथ-पैर बांध गमछे से गला घोट दिया। अब पुलिस डैम में गोताखोरों की मदद से शव की तलाश कर रही है।

  • LBW आउट देने पर भड़का बैट्समैन, अंपायर को बैट से पीटा, 36 साल बाद हुआ गिरफ्तार​​​​​​

    LBW आउट देने पर भड़का बैट्समैन, अंपायर को बैट से पीटा, 36 साल बाद हुआ गिरफ्तार​​​​​​

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    मुंबई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 1990 से फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक क्रिकेट मैच के दौरान विवाद में आरोपी ने अंपायर पर हमला कर दिया था। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर से उसकी लोकेशन निकाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की। बात में पता चला कि पुलिस जिससे पूछताछ कर रही थी, वही आरोपी था। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।

    1990 में आउट देने पर हुआ था विवाद

    दरअसल, मुंबई के बोरीवली में 1990 में क्रिकेट मैच के दौरान LBW के फैसले को लेकर विवाद हो गया था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया था। उस समय आउट दिए जाने से नाराज बल्लेबाज ने अंपायर के सिर पर क्रिकेट बैट से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया था। वहीं अब 36 साल बाद बोरीवली पुलिस ने आरोपी को मीरा रोड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 55 वर्षीय ओमप्रकाश पासी के रूप में हुई है।

    हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

    पुलिस के मुताबिक, 1990 में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान अंपायर ने पासी को LBW आउट करार दिया था। फैसले को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद पासी ने कथित तौर पर अंपायर के सिर पर बैट से वार कर दिया। हमले में अंपायर को गंभीर चोटें आई थीं। शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बोरीवली पुलिस ने पासी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। उसके खिलाफ IPC की धारा 307 और 34 के तहत केस दर्ज हुआ था।

    जिससे पूछताछ कर रही थी पुलिस वही निकला आरोपी

    लंबे समय तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा। हाल ही में क्राइम प्रिवेंशन स्क्वॉड ने तकनीकी जांच के जरिए उसकी तलाश शुरू की। संचार साथी प्रणाली की मदद से पुलिस को आरोपी के नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर मिला, जिसकी लोकेशन मीरा रोड में मिली। पुलिस टीम जब मीरा रोड पहुंची और स्थानीय लोगों से पासी के बारे में पूछताछ की, तो सामने आया कि जिस व्यक्ति से जानकारी ली जा रही थी, वही ओमप्रकाश पासी था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर 1990 की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। मामले की जांच जारी है।

  • ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर दिल्ली में दो महिलाओं ने रची थी फर्जी CBI रेड की साजिश..​​​​​​

    ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर दिल्ली में दो महिलाओं ने रची थी फर्जी CBI रेड की साजिश..​​​​​​

    बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल-26’ के वो सीन सबको जरूर याद होंगे, जहां कुछ लोगों द्वारा फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम बनाकर नेताओं और कारोबारियों समेत कई जगह धड़ल्ले से रेड मारी जाती हैं। ठीक वैसी ही फिल्मी पटकथा को हकीकत बनाने के लिए राजधानी दिल्ली में दो महिलाएं निकली थीं।

    खाकी और मोनोग्राम वाली ड्रेस, गले में सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र और चेहरे पर दबंग अफसरों जैसा रौब। दिल्ली के प्रशांत विहार में एक फर्नीचर कारोबारी के घर रेड मारने पहुंची इस नकली सीबीआई अफसरों की टीम का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। रोहिणी जिला पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में रची गई इस साजिश के पांच और शातिर सदस्यों को जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार कर पूरी कहानी का पर्दाफाश कर दिया।

    होटल मालकिन और बार डांसर मास्टरमाइंड

    डीसीपी शशांक जायसवाल के मुताबिक, इस फिल्मी स्टाइल वाले फर्जी सीबीआई अफसरों के गिरोह की सरगना आसिफा और पूजा अग्रवाल थीं। आसिफा राजेंद्र प्लेस में होटल चलाती थी, लेकिन घाटे के बाद उसने वसूली का रास्ता चुना। उसे सीबीआई की कार्यप्रणाली की पूरी समझ थी, इसलिए उसने खुद फर्जी आईकार्ड और मोनोग्राम वाली वर्दी तैयार करवाई। वहीं, दूसरी आरोपी पूजा की मुलाकात एक पार्टी में 63 वर्षीय कुलदीप से हुई थी, जिसने फर्नीचर कारोबारी प्रथम अग्रवाल को सॉफ्ट टारगेट बताया था। इसके बाद पूजा के जीजा चंद्र प्रकाश ने शुभम, राजवीर और नितिन जैसे लड़कों को गिरोह में शामिल कर पूरी फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम तैयार कर ली।

    शोर मचाने से खुली पोल

    11 अगस्त को दो महिलाओं और आठ पुरुषों की यह टीम जब कारोबारी प्रथम अग्रवाल के घर रेड मारने पहुंची, तो घर पर केवल प्रथम और उनकी मां थीं। कारोबारी को उन पर शक हुआ और उन्होंने दरवाजा खोलने के बजाय शोर मचा दिया। भेद खुलते ही सभी नकली अफसर वहां से भाग निकले। इसके बाद पुलिस द्वारा इस मामले की जांच के दौरान आरोपियों का सुराग मिलने पर पुलिस ने फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम के कई सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस को उनके पास से सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।

    पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके

    ● कुछ समय पहले करोल बाग के एक बड़े कारोबारी के यहां फर्जी प्रवर्तन निदेशालय की टीम बनकर पहुंचे बदमाशों ने करोड़ों के जेवर और नकदी लूटने की कोशिश की थी।

    ● रोहिणी इलाके में ही खुद को कस्टम और विजिलेंस विभाग का उच्च अधिकारी बताकर आयात-निर्यात व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाला एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट पकड़ा गया था।

  • पाकिस्तान के पूर्व मंत्री के साथ लव, शादी और धोखा… एआई इमेज से हो गए फ्रॉड के शिकार,,​​​​​​

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    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के एक पूर्व मंत्री गुलाम रसूल उन्नाड़ ने एक अजीबोगरीब मामला अदालत में दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर हुई उनकी शादी एक बड़े धोखे का शिकार थी।

    सोशल मीडिया पर मुलाकात

    गुलाम रसूल और उनकी पूर्व पत्नी की जान-पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों ने वीडियो कॉल पर ही निकाह (शादी) कर लिया था।

    पूर्व मंत्री का आरोप है कि शादी से पहले उन्हें महिला की जो तस्वीरें दिखाई गईं, वे असली नहीं थीं। उन्हें गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल एडिटिंग (मॉर्फिंग) का इस्तेमाल करके तस्वीरें बदली गई थीं, ताकि महिला असलियत से ज्यादा सुंदर या अलग दिखे।

    तलाक और उसके बाद की मुश्किलें

    मिली जानकारी के अनुसार, सच्चाई सामने आने के बाद मंत्री ने महिला को तलाक दे दिया। लेकिन उनका आरोप है कि तलाक के बाद भी महिला बाज नहीं आई और उन्हें परेशान करती रही।

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    धमकी और फर्जी पोस्ट का खेल

    इसके बाद पूर्व मंत्री का कहना है कि महिला ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट शेयर किए, उन्हें गंदे मैसेज भेजे और जान से मारने की धमकियां भी दीं। फिलहाल अब इस मामले में न्याय पाने के लिए गुलाम रसूल ने कराची की एक सत्र अदालत में FIR दर्ज कराने की गुहार लगाई है।

  • अच्छी कमाई के बाद भी खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? आजमाकर देखें वास्तु के ये आसान उपाय..​​​​​​

    अच्छी कमाई के बाद भी खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? आजमाकर देखें वास्तु के ये आसान उपाय..​​​​​​

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    महीने की शुरुआत में सैलरी या कारोबार की कमाई खाते में आते ही आर्थिक स्थिति अच्छी नजर आती है, लेकिन कुछ दिनों बाद बचत के नाम पर कुछ नहीं बचता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो केवल कम कमाई को इसकी वजह मानना सही नहीं है। खर्च करने की आदत और पैसों को संभालने की आदत भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। वहीं, वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा और व्यवस्था को भी आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में कुछ आसान वास्तु उपाय आजमाए जा सकते हैं।

    आर्थिक समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय

    1. मुख्य द्वार: वास्तु शास्त्र
      में घर के मुख्य द्वार को खास महत्व दिया गया है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश यहीं से होता है। इसलिए दरवाजे के आसपास कूड़ा, पुराने जूते, टूटे सामान या कबाड़ जमा न होने दें। मुख्य द्वार को साफ और रोशन रखें।
    2. टूटी चीजें:
      घर में लंबे समय से पड़ी खराब या टूटी वस्तुओं को वास्तु की दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता। टूटे बर्तन, बंद घड़ी, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, टूटा शीशा और बेकार पड़ी चीजें समय-समय पर हटा दें। इससे घर व्यवस्थित रहेगा और अनावश्यक सामान भी जमा नहीं होगा।
    3. नमक:
      वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में नमक को नकारात्मकता दूर करने से जोड़ा जाता है। कई लोग सप्ताह में एक बार पोछे के पानी में थोड़ा समुद्री नमक मिलाकर घर की सफाई करते हैं। हालांकि, इसे धन बढ़ाने का वैज्ञानिक उपाय नहीं माना जाता। इसे केवल पारंपरिक मान्यता के तौर पर ही अपनाएं।
    4. उत्तर दिशा:
      वास्तु में उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है और इसका संबंध धन-संपत्ति से जोड़ा जाता है। इसलिए इस हिस्से में भारी कबाड़ या अनुपयोगी सामान रखने से बचें। अगर यहां सामान रखा है तो उसे व्यवस्थित करें और बेकार चीजें हटा दें।
    5. तिजोरी की दिशा:
      वास्तु मान्यताओं के अनुसार धन रखने वाली तिजोरी या अलमारी को सही दिशा में रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। दक्षिण दिशा की दीवार के पास तिजोरी रखकर उसका मुंह उत्तर की ओर खुलना शुभ माना जाता है। हालांकि, घर की बनावट अलग-अलग होती है, इसलिए बड़ा बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। तिजोरी में फटे नोट, बेकार कागज और पुरानी रसीदें जमा न करें।
    6. शाम को जलाएं दीपक:
      सनातन परंपरा में शाम के समय घर में दीपक जलाने की परंपरा रही है। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण सकारात्मक रहता है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। शाम के समय घर को साफ रखें और अनावश्यक अंधेरा न रहने दें।
  • घर में हनुमान जी की ये 5 तस्वीरें लगाना माना जाता है बेहद शुभ, वास्तु के अनुसार जानें इनके फायदे..​​​​​​

    घर में हनुमान जी की ये 5 तस्वीरें लगाना माना जाता है बेहद शुभ, वास्तु के अनुसार जानें इनके फायदे..​​​​​​

    श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। मंगलवार, शनिवार समेत रामनवमी, हनुमान जन्मोत्सव जैसे खास मौकों पर मंदिर में उनके श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। वहीं, बात करें घर के देवस्थान की तो वास्तु में भी घर में हनुमान जी की तस्वीर रखना शुभ बताया है। घर में हनुमान जी की 5 तस्वीरें लगाना बहुत लाभदायी माना जाता है। चलिए जानते हैं कौन सी फोटो घर में रखना चाहिए और इसके क्या लाभ हैं।

    इस दिशा में लगाएं तस्वीर

    सबसे पहले जान लेते हैं कि हनुमान जी की फोटो किस दिशा में रखना फायदेमंद होता है। वास्तु शास्त्र  के अनुसार हनुमान जी की तस्वीर दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। खासतौर पर लाल रंग में बैठे हुए हनुमान जी का चित्र इस दिशा के लिए उपयुक्त माना जाता है। इससे दक्षिण दिशा से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होने की मान्यता है।

    राम भक्ति करते हनुमान

    भगवान राम की पूजा या भजन-कीर्तन करते हुए हनुमान जी की तस्वीर घर में लगाना पूरे परिवार के लिए शुभ होता है। मान्यता है कि इससे घर के सदस्यों के बीच प्रेम, आपसी समझ और अपनापन बढ़ता है और वातावरण में सुख-शांति बनी रहती है।

    पर्वत उठाए बजरंगबली

    हाथ में पर्वत उठाए हुए हनुमान जी का चित्र साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वास्तु अनुसार ऐसी तस्वीर घर में रखने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार होता है। इसे मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा से भी जोड़ा जाता है।

    उड़ते हुए हनुमान

    आकाश में उड़ते हुए हनुमान जी की तस्वीर को प्रगति और सफलता से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इसे घर में रखने से व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए अवसर बनते हैं और मुश्किल कामों को पूरा करने का आत्मविश्वास मिलता है।

    लाल रूप में विराजमान

    दक्षिण दिशा में लाल रंग में बैठे हनुमान जी की तस्वीर लगाने की भी विशेष मान्यता है। इसे घर की परेशानियों और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने वाला माना जाता है। साथ ही, ऐसी तस्वीर घर में सुरक्षा और सकारात्मक माहौल बनाए रखने से जोड़ी जाती है।

    पंचमुखी हनुमान

    वास्तु में मुख्य दरवाजे पर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा लगाना भी शुभ बताया है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं। इस स्वरूप को हनुमान जी का विराट स्वरूप माना जाता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)