Category: Crime

  • भागलपुर में शादी से इनकार करने पर छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी फरार; जबरन शादी का दबाव बनाने का आरोप.

    भागलपुर में शादी से इनकार करने पर छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी फरार; जबरन शादी का दबाव बनाने का आरोप.

    भागलपुर में शादी से इनकार करने पर छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी फरार; जबरन शादी का दबाव बनाने का आरोप.

    नवगछिया, बिहार: भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में छात्रा की गोली मारकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। रंगरा थाना क्षेत्र के सधुआ गांव की रहने वाली नेहा कुमारी की गुरुवार रात कटरिया रेलवे स्टेशन के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका के परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर जबरन शादी का दबाव बनाने और विरोध करने पर धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शादी का दबाव बनाने का आरोप

    मृतका के भाई सोनू कुमार के बयान के मुताबिक, गांव का रहने वाला फौजी साह कथित तौर पर नेहा से शादी करना चाहता था। आरोप है कि वह उस पर शादी करने का दबाव बनाता था और इनकार करने पर धमकियां देता था।

    परिवार का कहना है कि इस विवाद को लेकर गांव में दो बार पंचायत भी हुई थी। इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। नेहा के परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक शादी की जिद पर अड़ा हुआ था।

    पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी नेहा

    परिजनों के अनुसार, नेहा ने नवगछिया के मदन अहिल्या कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी और पढ़ाई से जुड़े कामों के लिए नियमित रूप से आती-जाती थी।

    परिवार ने बताया कि नेहा की शादी के लिए भी बातचीत चल रही थी। कुछ दिन पहले खरीक क्षेत्र के एक युवक के साथ उसका रिश्ता तय हुआ था। उसके पिता शादी से जुड़ी आगे की रस्मों की तारीख तय करने के लिए लुधियाना गए हुए थे।

    कटरिया रेलवे स्टेशन के पास मारी गोली

    सोनू कुमार ने आरोप लगाया कि गुरुवार रात नेहा शौच के लिए कटरिया रेलवे स्टेशन के पास गई थी। लौटते समय रेलवे पटरी के किनारे उस पर गोली चलाई गई।

    भाई के मुताबिक, गोली की आवाज सुनकर वह स्टेशन की ओर पहुंचा तो उसने आरोपी को भागते हुए देखा। कुछ अन्य ग्रामीणों ने भी एक युवक को वहां से भागते देखने की बात कही। लोगों ने उसका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर पश्चिम दिशा की ओर फरार हो गया।

    हत्या का मामला दर्ज, आरोपी की तलाश

    नेहा के भाई की शिकायत पर पुलिस ने फौजी साह के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस घटना की परिस्थितियों, परिजनों के आरोपों और आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। परिवार ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और परिजनों की शिकायत के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में दोष तय करना जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

  • आगरा में बस से 48 किलो चांदी गायब होने का मामला, पूर्व ड्राइवर समेत 5 आरोपी गिरफ्तार; 16 किलो चांदी बरामद.

    आगरा में बस से 48 किलो चांदी गायब होने का मामला, पूर्व ड्राइवर समेत 5 आरोपी गिरफ्तार; 16 किलो चांदी बरामद.

    आगरा में बस से 48 किलो चांदी गायब होने का मामला, पूर्व ड्राइवर समेत 5 आरोपी गिरफ्तार; 16 किलो चांदी बरामद.

    आगरा, उत्तर प्रदेश: बस में सीट के नीचे रखकर भेजी जा रही करीब दो क्विंटल चांदी की खेप में से 48 किलो चांदी गायब होने के मामले ने पुलिस को भी जांच में जुटा दिया। चांदी वाराणसी के एक व्यापारी के लिए भेजी गई थी, लेकिन खेप पहुंचने पर बड़ी मात्रा में चांदी कम मिली। जांच आगे बढ़ी तो इटावा के पास सफारी गाड़ी की मदद से चोरी किए जाने की बात सामने आई। आगरा पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने और उनके पास से 16 किलो चांदी समेत अन्य सामान बरामद करने की जानकारी दी है।

    बस की सीट के नीचे रखकर भेजी जाती थी चांदी

    जानकारी के मुताबिक, चांदी की खेप आगरा की एक ट्रैवल्स कंपनी की बस से वाराणसी भेजी जा रही थी। चांदी के कट्टों को बस की सीट के नीचे रखा जाता था। कुल खेप करीब दो क्विंटल बताई गई है।

    27 तारीख को खेप प्राप्त होने के बाद जब चांदी का हिसाब लगाया गया, तो करीब 48 किलो चांदी गायब होने की बात सामने आई। इतनी बड़ी मात्रा में चांदी कम मिलने से मामले की गंभीरता बढ़ गई। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और यह पता लगाने की कोशिश की कि चांदी रास्ते में कहां और कैसे गायब हुई।

    इटावा के पास सफारी गाड़ी से चोरी करने का आरोप

    पुलिस की जांच में सामने आया कि चांदी गायब करने की वारदात कथित तौर पर इटावा के पास सफारी गाड़ी की मदद से अंजाम दी गई थी। इस मामले में एक पूर्व बस ड्राइवर की भूमिका भी सामने आई। आशंका जताई गई कि बस की आवाजाही और चांदी की ढुलाई की जानकारी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।

    जांच के दौरान संदिग्धों से पूछताछ की गई और पुलिस को कुछ अहम सुराग मिलने की जानकारी दी गई। चांदी को मध्य प्रदेश में ले जाकर गलाने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस इस पहलू की पड़ताल कर रही है कि चोरी की गई चांदी कहां पहुंचाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

    16 किलो चांदी, नकदी, मोबाइल और गाड़ियां बरामद

    पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से करीब 16 किलो चांदी, चार मोबाइल फोन, दो वाहन और 50 हजार रुपये बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। बरामद वाहनों में महिंद्रा एक्सयूवी भी शामिल बताई गई है।

    हालांकि, शुरुआती तौर पर करीब 48 किलो चांदी गायब होने की बात सामने आई थी, जबकि पुलिस की ओर से बताई गई बरामदगी 16 किलो की है। ऐसे में बाकी चांदी का पता लगाना भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की पूरी कड़ी और बरामदगी से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में जुटी है।

    पूर्व बस ड्राइवर की भूमिका की भी जांच

    मामले में पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी दी है। जांच के दौरान पूर्व बस ड्राइवर समेत अन्य आरोपियों की कथित भूमिका सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चांदी की खेप की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची, चोरी की योजना किसने बनाई और चोरी के बाद चांदी को कहां-कहां ले जाया गया।

    फिलहाल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। चोरी हुई पूरी चांदी की बरामदगी और प्रत्येक आरोपी की भूमिका को लेकर जांच जारी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और पुलिस की ओर से बताई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

  • वैशाली की चिकित्सा पदाधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप, पटना आवास पर छापेमारी में 15 लाख से ज्यादा नकदी और गहने बरामद.

    वैशाली की चिकित्सा पदाधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप, पटना आवास पर छापेमारी में 15 लाख से ज्यादा नकदी और गहने बरामद.

    वैशाली की चिकित्सा पदाधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप, पटना आवास पर छापेमारी में 15 लाख से ज्यादा नकदी और गहने बरामद.

    वैशाली, बिहार: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वैशाली जिले के बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और उनके कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। इसके बाद निगरानी टीम ने पटना स्थित डॉक्टर के आवास पर तलाशी शुरू की। अब तक की कार्रवाई में 15 लाख रुपये से अधिक नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। बैंक खातों में करीब एक करोड़ रुपये जमा होने का ब्योरा भी जांच में सामने आया है।

    रिश्वत के आरोप में हुई कार्रवाई

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, डॉ. कामिनी प्रसाद के खिलाफ 8 अक्टूबर 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 119/26 दर्ज किया गया था। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि चिकित्सा पदाधिकारी कथित तौर पर काम करने के बदले रिश्वत की मांग करती थीं। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए डॉक्टर और उनके कंप्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा गया।

    पटना स्थित आवास पर तलाशी

    कार्रवाई के बाद निगरानी टीम ने डॉ. कामिनी प्रसाद के पटना स्थित आवास पर तलाशी शुरू की। जांच के दौरान अब तक 15 लाख रुपये से अधिक नकदी मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद किए गए हैं।

    टीम को फ्लैट और बीमा से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। इन कागजात की जांच की जा रही है, ताकि संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी स्पष्ट हो सके।

    बैंक खातों में करीब एक करोड़ रुपये जमा

    निगरानी ब्यूरो की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान बैंक खातों में कुल 99,61,623 रुपये जमा होने का ब्योरा सामने आया है। टीम नकदी, आभूषणों और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

    हालांकि, बैंक खातों में जमा रकम या संपत्ति के दस्तावेज मिलना अपने आप में अवैध कमाई का अंतिम प्रमाण नहीं है। जांच के दौरान इन संपत्तियों के स्रोत और संबंधित आय का हिसाब भी देखा जाना है।

    तलाशी जारी, जांच के बाद सामने आएगा पूरा ब्योरा

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, पटना स्थित आवास पर तलाशी की कार्रवाई जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद नकदी, आभूषणों और दस्तावेजों का विस्तृत विवरण सामने आ सकता है।

    फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। रिश्वत लेने के आरोपों और संपत्ति से जुड़े तथ्यों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

  • आगरा में ढाबा संचालक की गोली मारकर हत्या, शिक्षक नेता के भतीजे ने इलाज के दौरान तोड़ा दम; पुलिसकर्मी का भाई फरार

    आगरा में ढाबा संचालक की गोली मारकर हत्या, शिक्षक नेता के भतीजे ने इलाज के दौरान तोड़ा दम; पुलिसकर्मी का भाई फरार

    आगरा में ढाबा संचालक की गोली मारकर हत्या, शिक्षक नेता के भतीजे ने इलाज के दौरान तोड़ा दम; पुलिसकर्मी का भाई फरार

    आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा के सदर क्षेत्र स्थित सेवला में शुक्रवार रात कहासुनी के बाद एक ढाबा संचालक को गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल बीटू लवानिया ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष जय गोविंद लवानिया के भतीजे थे। वारदात का आरोप जैकी नाम के युवक पर है, जिसका भाई पुलिस विभाग में तैनात बताया जा रहा है। घटना के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    पहले हुई कहासुनी, फिर गोली मारने का आरोप

    जानकारी के अनुसार, सेवला निवासी बीटू लवानिया ढाबा चलाते थे। शुक्रवार रात वह अपने दोस्त रवि और अन्य लोगों के साथ एक ऑटो में बैठे हुए थे। इसी दौरान मधु नगर निवासी जैकी बाइक से वहां पहुंचा।

    बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर बीटू और जैकी के बीच कहासुनी हो गई। विवाद के बाद जैकी कथित तौर पर बीटू को देख लेने की धमकी देकर वहां से चला गया। उस समय मामला शांत होता दिखाई दिया, लेकिन कुछ देर बाद वह दोबारा बाइक से लौटा।

    कंधे से होते हुए सीने में लगी गोली

    आरोप है कि वापस आने के बाद जैकी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से बीटू पर गोली चला दी। गोली उनके कंधे से होते हुए सीने में जा लगी। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    बीटू के साथ मौजूद दोस्त रवि ने घटना की जानकारी उनके परिजनों को दी। इसके बाद घायल ढाबा संचालक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा था। हालांकि, चोट गंभीर होने के कारण शुक्रवार आधी रात को उनकी मौत हो गई।

    शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष के भतीजे थे बीटू

    बीटू लवानिया, शाहगंज के अर्जुन नगर निवासी जय गोविंद लवानिया के भतीजे थे। जय गोविंद लवानिया उत्तर प्रदेश राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। बीटू के पिता पूर्व सैनिक बताए गए हैं।

    परिवार में मौत की खबर पहुंचने के बाद शोक का माहौल है। पुलिस अब घटना के पीछे हुए विवाद और गोली चलाने के कारणों की जांच कर रही है।

    पुलिसकर्मी का भाई बताया जा रहा आरोपी

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी जैकी का भाई पुलिस विभाग में कार्यरत है और दूसरे जिले में तैनात है। हालांकि, घटना में उसके भाई की किसी भूमिका की जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस का ध्यान मुख्य आरोपी को पकड़ने पर है।

    एसीपी सदर अमीषा के अनुसार, घायल बीटू की उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस के शुरुआती बयान पर आधारित है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • होटल के कमरे में खत्म हुई 22 साल की युवती की जिंदगी, शादी से इनकार और प्रताड़ना के आरोप में युवक गिरफ्तार.

    होटल के कमरे में खत्म हुई 22 साल की युवती की जिंदगी, शादी से इनकार और प्रताड़ना के आरोप में युवक गिरफ्तार.

    होटल के कमरे में खत्म हुई 22 साल की युवती की जिंदगी, शादी से इनकार और प्रताड़ना के आरोप में युवक गिरफ्तार.

    धमतरी, छत्तीसगढ़: शादी की उम्मीद लेकर घर से निकली 22 साल की एक युवती की जिंदगी होटल के कमरे में खत्म हो गई। युवती की मौत के बाद सामने आए घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में पुलिस ने उसके प्रेम संबंध से जुड़े एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक ने शादी का भरोसा देकर युवती का विश्वास जीता, लेकिन बाद में शादी से इनकार कर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया।

    शादी की बात को लेकर बढ़ा विवाद

    जानकारी के मुताबिक, युवती कवर्धा जिले की रहने वाली थी और धमतरी में एक युवक के साथ उसके प्रेम संबंध थे। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती को बाद में युवक के दूसरी लड़कियों से भी संबंध होने की जानकारी मिली थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

    बताया गया कि 24 सितंबर को युवती धमतरी पहुंची और शहर के एक होटल में कमरा लेकर ठहरी। अगले दिन युवक उससे मिलने होटल पहुंचा। वहां युवती ने शादी को लेकर बात की, लेकिन आरोप है कि युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया।

    होटल में हुई कहासुनी के बाद उठाया खौफनाक कदम

    पुलिस के अनुसार, शादी की बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान युवक ने युवती के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

    इसके बाद युवती ने होटल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। युवती की मौत के हालात और उससे पहले हुई घटनाओं को समझने के लिए पुलिस ने संबंधित साक्ष्य जुटाए।

    आरोपी गिरफ्तार, आगे की कानूनी कार्रवाई जारी

    जांच के आधार पर पुलिस ने युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

    फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। युवती की मौत से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस की ओर से सामने आए विवरण पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • मुंगेर में CISF जवान के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, मां पटना एम्स में करा रही थीं इलाज; लाखों के गहने और नकदी गायब.

    मुंगेर में CISF जवान के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, मां पटना एम्स में करा रही थीं इलाज; लाखों के गहने और नकदी गायब.

    मुंगेर में CISF जवान के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, मां पटना एम्स में करा रही थीं इलाज; लाखों के गहने और नकदी गायब.

    मुंगेर, बिहार: जमालपुर में चोरी की एक घटना सामने आई है, जहां चोरों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान के बंद घर को निशाना बनाया। जवान की मां इलाज कराने के लिए पटना एम्स गई हुई थीं। इसी दौरान चोरों ने घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, लैपटॉप, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है।

    घर बंद देखकर चोरों ने तोड़ा ताला

    यह घटना जमालपुर थाना क्षेत्र के छोटी केशोपुर नालापार इलाके में दलपूज्जी काली मंदिर के पास, टोरिल मंडल स्कूल के समीप हुई। छत्तीसगढ़ में तैनात CISF जवान राजीव कुमार के घर में उस समय कोई मौजूद नहीं था। उनकी मां मंजू देवी इलाज के लिए पटना एम्स गई हुई थीं।

    इसी दौरान चोरों ने घर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने बक्से और अलमारी के ताले तोड़ दिए और उनमें रखे कीमती सामान को समेटकर फरार हो गए।

    सोने-चांदी के गहने, लैपटॉप और नकदी चोरी

    घर से सोने-चांदी के आभूषण, एक लैपटॉप, 15 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है। चोरी गई संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब दो लाख रुपये बताया गया है।

    इलाज कराने के बाद जब मंजू देवी घर लौटीं, तो दरवाजे के ताले टूटे हुए मिले। अंदर जाने पर सामान बिखरा पड़ा था। घर की हालत देखकर उन्हें चोरी का पता चला। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।

    पुलिस को दी गई सूचना, जांच की तैयारी

    घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इसके बाद जमालपुर थाना पुलिस को सूचना दी गई।

    थानाध्यक्ष पंकज कुमार पासवान के अनुसार, पुलिस को चोरी की घटना की सूचना मिली है। उनके मुताबिक, पीड़ित पक्ष की ओर से आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इलाके में चोरी की घटनाओं से चिंता

    स्थानीय क्षेत्र में चोरी की इस घटना के बाद लोगों में चिंता है। बताया गया है कि इलाके में इससे पहले भी आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। अब पुलिस के सामने चोरी की घटना की जांच कर सामान और आरोपियों का पता लगाने की चुनौती है।

    फिलहाल, चोरी के मामले में आगे की कार्रवाई पीड़ित पक्ष के आवेदन और जांच के आधार पर की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। चोरी की घटना और संपत्ति के नुकसान से जुड़े विवरणों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

  • कानपुर में प्रेमी के साथ बैठी युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, वीडियो भी बनाया और…

    कानपुर में प्रेमी के साथ बैठी युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, वीडियो भी बनाया और…

    कानपुर में प्रेमी के साथ बैठी युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, वीडियो भी बनाया और…

    कानपुर, उत्तर प्रदेश: प्रेमी के साथ एक सुनसान जगह पर बैठी युवती ने दो युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि दोनों युवक वहां पहुंचे और उसका वीडियो बनाने लगे। इसके बाद वीडियो परिवार को दिखाने की धमकी देकर पैसे मांगे गए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका प्रेमी डरकर मौके से भाग गया, जिसके बाद दोनों युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    सुनसान जगह पर पहुंचे दो युवक

    पीड़िता के अनुसार, वह 26 जुलाई को अपने प्रेमी के साथ घूमने गई थी। दोनों महाराजपुर थाना क्षेत्र के तिवारीपुर गांव के पास एक सुनसान जगह पर बैठे थे। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और कथित तौर पर उनका वीडियो बनाने लगे।

    युवती का आरोप है कि दोनों युवकों ने वीडियो उसके परिवार को दिखाने की धमकी दी और पैसे की मांग करने लगे। अचानक हुई इस घटना से वह और उसका प्रेमी घबरा गए।

    प्रेमी के भागने के बाद लगाए गंभीर आरोप

    शिकायत के मुताबिक, युवती और उसके प्रेमी ने जब युवकों से वीडियो बनाने और पैसे मांगने के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कथित तौर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान युवती का प्रेमी डरकर वहां से भाग गया।

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि प्रेमी के चले जाने के बाद दोनों युवकों ने उससे पैसे मांगे। जब उसने पैसे न होने की बात कही, तो दोनों ने कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। युवती ने यह आरोप भी लगाया कि आरोपियों ने उसकी नाक की कील छीनने की कोशिश की।

    शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

    युवती ने घटना को लेकर पुलिस से शिकायत की। उसका आरोप है कि शुरुआत में उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने एसीपी अभिषेक पांडे से मदद मांगी।

    एसीपी के मुताबिक, युवती ने दो युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।

    सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से तलाश

    पुलिस आरोपियों का पता लगाने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है।

    फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

  • रायपुर में स्पा सेंटर पर पुलिस की रेड, 14.73 ग्राम MDMA के साथ दो युवतियां और एक ट्रांसजेंडर गिरफ्तार.

    रायपुर में स्पा सेंटर पर पुलिस की रेड, 14.73 ग्राम MDMA के साथ दो युवतियां और एक ट्रांसजेंडर गिरफ्तार.

    रायपुर में स्पा सेंटर पर पुलिस की रेड, 14.73 ग्राम MDMA के साथ दो युवतियां और एक ट्रांसजेंडर गिरफ्तार.

    रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर में स्पा सेंटर की आड़ में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और खम्हारडीह थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शंकर नगर के पास स्थित रेमेडी सैलून एवं वेलनेस सेंटर पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, मौके से दो युवतियों और एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 14.73 ग्राम MDMA ड्रग्स बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 47 हजार 300 रुपये बताई गई है।

    मुखबिर की सूचना पर स्पा सेंटर में छापा

    पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि खम्हारडीह थाना क्षेत्र में शंकर नगर के पास स्थित रेमेडी सैलून एवं वेलनेस सेंटर में MDMA की बिक्री की जा रही है।

    सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। इसके बाद बताए गए स्थान पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान सेंटर में मौजूद तीन लोगों की तलाशी ली गई, जिसमें कथित तौर पर उनके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ।

    14.73 ग्राम MDMA बरामद

    पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आशा नायक, कृष्णा तिवारी और हेमंत थापा के रूप में बताई है। पुलिस के मुताबिक, आशा नायक दुर्ग की रहने वाली हैं, जबकि कृष्णा तिवारी और हेमंत थापा रायपुर के निवासी बताए गए हैं।

    कार्रवाई के दौरान कुल 14.73 ग्राम MDMA जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 1,47,300 रुपये बताई गई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ खम्हारडीह थाने में नारकोटिक ड्रग्स से संबंधित कानून की धारा 21(सी) के तहत मामला दर्ज किया है।

    ड्रग्स नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। जांच के तहत सप्लाई नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले में ड्रग्स की आपूर्ति करने वालों और इसे आगे बेचने वालों की कड़ियों की भी जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई पूछताछ और जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • मुजफ्फरपुर जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, निलंबित CO और राजस्व अधिकारी गिरफ्तार; विधायक अमित कुमार रानू का भी नाम.

    मुजफ्फरपुर जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, निलंबित CO और राजस्व अधिकारी गिरफ्तार; विधायक अमित कुमार रानू का भी नाम.

    मुजफ्फरपुर जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, निलंबित CO और राजस्व अधिकारी गिरफ्तार; विधायक अमित कुमार रानू का भी नाम.

    मुजफ्फरपुर, बिहार: मुशहरी अंचल से जुड़े कथित जमीन फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने दो राजस्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान निलंबित अंचलाधिकारी (CO) महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण करण के रूप में हुई है। दोनों को मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामला एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी की 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेजों और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है। इस मामले में बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद

    यह मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के शहबाजपुर निवासी विजय कुमार की पुश्तैनी जमीन से जुड़ा है। विजय कुमार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार में अवर सचिव के पद से सेवानिवृत्त बताए गए हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, परिवार की 70 डिसमिल जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे लोगों के नाम दर्ज कराने की कोशिश की गई।

    शिकायत में जमीन का संबंध उनके पिता जितेंद्र प्रसाद शाही और दादा योगेंद्र प्रसाद शाही से बताया गया है। जमीन का विवरण खाता संख्या 53 और खेसरा संख्या 403 के रूप में दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुराने दस्तावेजों का कथित दुरुपयोग कर राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलवाने और दाखिल-खारिज कराने की प्रक्रिया अपनाई गई।

    अब जांच में जमीन के स्वामित्व से जुड़े पुराने अभिलेखों, निबंधन कार्यालय के रिकॉर्ड और अंचल कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान महत्वपूर्ण होगा।

    वर्ष 1986 के दस्तावेज पर उठे सवाल

    शिकायतकर्ता ने जमीन पर दूसरे पक्ष के स्वामित्व के दावे को लेकर वर्ष 1986 के एक कथित निबंधन दस्तावेज पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार, हाजीपुर के सेलमपुर कुचुनदास कोर्ट निवासी कृष्णनंदन पासवान ने जमीन का खरीदार होने का दावा किया था। इसके समर्थन में निबंधन कार्यालय के दस्तावेज संख्या 10612 और 6 जून 1986 की तारीख का उल्लेख किया गया।

    विजय कुमार का आरोप है कि संबंधित दस्तावेज संख्या की जांच करने पर वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज मिली। इसी आधार पर जमीन से जुड़े दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए गए।

    हालांकि, दस्तावेजों को लेकर शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी। इसके लिए मूल निबंधन रिकॉर्ड, प्रमाणित प्रतियों और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन जरूरी है।

    दाखिल-खारिज में कथित गड़बड़ी का आरोप

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवादित जमीन का दाखिल-खारिज कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया गया। इसके बाद जमीन को अभिनव कुमार, अरविंद कुमार मेहता और तुषार सिंह के नाम दर्ज कराने तथा दोबारा दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अपनाए जाने का भी उल्लेख है।

    दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के तहत जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया जाता है। इस दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों और पुराने अभिलेखों का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में जांच का अहम बिंदु यह है कि विवादित जमीन के लिए कौन-से दस्तावेज पेश किए गए, उनकी जांच किस स्तर पर हुई और रिकॉर्ड में बदलाव किस आधार पर दर्ज किया गया।

    यदि दस्तावेजों में अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका और जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में आएगी।

    विधायक अमित कुमार रानू समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी

    इस मामले में बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई अभिनव कुमार, तत्कालीन अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला, राजस्व अधिकारी करुण करण और अंचल कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है।

    शिकायतकर्ता ने जमीन के दस्तावेजों और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में कथित मिलीभगत का आरोप लगाया है। दो अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है।

    हालांकि, प्राथमिकी में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। प्रत्येक आरोपित की भूमिका का निर्धारण जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायालय की प्रक्रिया के आधार पर होगा।

    CO के खिलाफ पहले भी हुई थी कार्रवाई

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निलंबित अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला के खिलाफ दाखिल-खारिज से जुड़े एक अन्य मामले में भी आरोप सामने आए थे। उस मामले में मालती देवी नाम की मृत महिला के नाम से दर्ज आपत्ति को स्वीकार करने और आवेदन को लगभग 140 दिनों तक लंबित रखने का आरोप लगाया गया था।

    बताया गया है कि जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सारण प्रमंडल के आयुक्त कार्यालय में निर्धारित किया गया था।

    यह अलग मामला बताया गया है। मौजूदा जमीन विवाद में गिरफ्तारी के बाद राजस्व रिकॉर्ड के सत्यापन और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल फिर चर्चा में हैं।

    ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड और LPC की भी हो सकती है जांच

    मामले में कथित फर्जी केवाला, दाखिल-खारिज, ऑनलाइन परिमार्जन प्लस और भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (LPC) से संबंधित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं।

    जांच के दौरान यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विवादित जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कब और किस आधार पर बदलाव किए गए। इसके साथ ही यह भी जांचा जा सकता है कि आवेदन किसने दिया, कौन-से दस्तावेज लगाए गए और संबंधित अधिकारियों ने निर्णय लेते समय किन अभिलेखों

  • एक करोड़ के कर्ज की चर्चा के बीच होटल के कमरे में मिला पूर्व रेलकर्मी का शव, पांच दिन से ठहरा था युवक; कई पहलुओं पर जांच.

    एक करोड़ के कर्ज की चर्चा के बीच होटल के कमरे में मिला पूर्व रेलकर्मी का शव, पांच दिन से ठहरा था युवक; कई पहलुओं पर जांच.

    एक करोड़ के कर्ज की चर्चा के बीच होटल के कमरे में मिला पूर्व रेलकर्मी का शव, पांच दिन से ठहरा था युवक; कई पहलुओं पर जांच.

    रेवाड़ी, हरियाणा: रेलवे रोड स्थित एक होटल में 32 वर्षीय पूर्व रेलकर्मी का शव कमरे में फंदे से लटका मिलने के बाद इलाके में हलचल मच गई। युवक 5 अक्टूबर से होटल में ठहरा हुआ था। शुक्रवार दोपहर होटल कर्मचारी कमरे में पहुंचा तो अंदर का दृश्य देखकर हैरान रह गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

    प्रारंभिक जानकारी में युवक पर भारी कर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, उसकी मौत के पीछे असल वजह क्या थी, इसे लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। पुलिस पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    कमरे में अकेला था युवक, कर्मचारी पहुंचा तो सामने आई घटना

    मृतक अटेली थाना क्षेत्र के गांव टेंगरा का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, उसने 5 अक्टूबर को रेलवे रोड स्थित अनिल होटल में कमरा लिया था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे होटल का कर्मचारी कमरे में पहुंचा, जहां युवक का शव फंदे से लटका मिला। बताया गया कि फंदा बेडशीट से बनाया गया था।

    पुलिस को कमरे से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला है। वहां शराब की बोतल भी मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को सूचना दी।

    कमरे में मिले सामान और युवक के होटल में ठहरने से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले क्या हुआ था।

    नौकरी छूटने के बाद कर्ज बढ़ने की बात आई सामने

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, युवक पहले रेलवे में नौकरी करता था, लेकिन नशे की लत के चलते उसकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद उसके जुआ खेलने और कर्ज बढ़ने की बात भी सामने आई है।

    रिपोर्ट के अनुसार, उस पर पहले करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे परिवार ने खेत बेचकर चुकाया था। बाद में दोबारा कर्ज बढ़ने और कुल रकम करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि, कर्ज की वास्तविक राशि और उससे जुड़ी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि युवक ने कर्ज के कारण ही यह कदम उठाया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    होटल में महिला के आने की जानकारी भी जांच में शामिल

    पुलिस के अनुसार, युवक के होटल में ठहरने के शुरुआती दिन एक महिला उससे मिलने आई थी। जानकारी के मुताबिक, वह 5 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे होटल से चली गई थी। इसके बाद युवक के साथ कमरे में किसी अन्य व्यक्ति के ठहरने की जानकारी सामने नहीं आई है।

    युवक अपने साथ लैपटॉप रखता था और उस पर काम करता था, लेकिन वह किस तरह का काम कर रहा था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस होटल में आने-जाने वाले लोगों और उपलब्ध जानकारी की पड़ताल कर रही है।

    पोस्टमार्टम और जांच के बाद स्पष्ट होंगे कारण

    शहर थाना पुलिस के अनुसार, शव मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।

    घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस ने अभी इसे अंतिम रूप से आत्महत्या घोषित नहीं किया है और जांच जारी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शुरुआती पुलिस जानकारी पर आधारित है। कर्ज की राशि, मौत के कारण और अन्य परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।