सिद्धिपेट: तेलंगाना के सिद्धिपेट जिले से एक दुखद मामला सामने आया है। 33 वर्षीय एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का शव होटल के एक कमरे से बरामद हुआ। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक सिद्धिपेट जिले का रहने वाला था और हैदराबाद की एक निजी कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से जुए की लत के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा था। लगातार हुए वित्तीय नुकसान की वजह से उसकी स्थिति काफी खराब हो गई थी।
आर्थिक संकट ने बढ़ाई परेशानी
जांच अधिकारियों के मुताबिक परिवार ने उसकी आर्थिक मदद करने की कोशिश की थी, लेकिन नुकसान इतना अधिक था कि उसे अपना हैदराबाद स्थित फ्लैट भी बेचना पड़ा। इसके बावजूद उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो सका।
होटल के कमरे से मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने बताया कि युवक का शव सिद्धिपेट के एक होटल के कमरे से बरामद हुआ। कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी मानसिक और आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया है। नोट की सत्यता और अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
सभी पहलुओं की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
यदि आप या आपका कोई परिचित लगातार निराशा, मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति, परिवार के सदस्य या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करना मददगार हो सकता है।
पुणे: महाराष्ट्र में पुणे से कोल्हापुर जा रही एक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन में महिला यात्री की तस्वीर का कथित रूप से दुरुपयोग कर AI की मदद से आपत्तिजनक फर्जी तस्वीरें बनाने का मामला सामने आया है। एक जागरूक सह-यात्री की सतर्कता के चलते आरोपी को रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले की जांच जारी है।
सह-यात्री को हुई गतिविधि पर शंका
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के एक कोच में यात्रा कर रहे यात्री ने सामने बैठे एक व्यक्ति की मोबाइल पर हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान दिया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने बुर्का पहने महिला यात्री की बिना अनुमति तस्वीर ली और फिर किसी AI इमेज जनरेशन टूल की मदद से उसकी आपत्तिजनक फर्जी तस्वीरें बनाने का प्रयास किया।
सबूत जुटाकर दी पुलिस को सूचना
प्रत्यक्षदर्शी यात्री ने बिना हंगामा किए कथित गतिविधि का वीडियो रिकॉर्ड किया और तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी। शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी कथित रूप से नशे की हालत में था, इसलिए समय रहते कार्रवाई जरूरी थी।
मोबाइल की जांच के बाद हिरासत में लिया गया
सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी का मोबाइल अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने फोन की जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर उठी सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने महिलाओं की निजता से जुड़े मामलों में AI तकनीक के दुरुपयोग पर चिंता जताई। कई लोगों ने ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई और डिजिटल सुरक्षा कानूनों को और प्रभावी बनाने की मांग की। वहीं, घटना की सूचना देने वाले सह-यात्री की सतर्कता की भी लोगों ने सराहना की।
AI के जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई क्षेत्रों में उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल किसी की निजता, सम्मान और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और कानूनी कार्रवाई डिजिटल अपराधों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाती है।
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में रिटायर्ड कैप्टन की पत्नी की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया। आरोप है कि घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका ने अपने पति और बेटे के साथ मिलकर महिला की हत्या की और शव को ठिकाने लगाने के लिए पड़ोसी की छत पर छिपा दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
CCTV फुटेज बना सबसे अहम सबूत
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में घरेलू सहायिका और उसका बेटा घर से महिला का शव बाहर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों कथित तौर पर शव को पड़ोसी की छत पर ले जाकर चादर से ढक देते हैं, ताकि किसी को उन पर शक न हो। जांच अधिकारियों का कहना है कि यही फुटेज पूरे हत्याकांड के खुलासे में सबसे महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ।
सबूत मिटाने की थी पूरी तैयारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने वारदात को छिपाने और सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। शव को घर से हटाकर दूसरी जगह छिपाना भी इसी साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरा मामला उजागर हो गया।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पुरानी नाराजगी और बदले की भावना थी। जांच में पता चला कि कुछ समय पहले घर में हुई चोरी की घटना के बाद घरेलू सहायिका पर शक जताया गया था। आरोप है कि उसे बार-बार चोरी का आरोपी कहकर अपमानित किया जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश के चलते उसने अपने पति और बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने घरेलू सहायिका, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों से पूछताछ जारी है और पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक 17 वर्षीय बीसीए छात्रा की उसके ही घर में धारदार हथियार से हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में छात्रा के क्लासमेट को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में दोनों के बीच पहले से जान-पहचान और कथित प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
घर में अकेली थी छात्रा
पुलिस के अनुसार घटना पारा थाना क्षेत्र के नरपतखेड़ा इलाके की है। छात्रा उस समय घर में अकेली थी। दोपहर में उसकी बड़ी बहन कॉलेज से वापस लौटी तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला। जब वह पहली मंजिल पर पहुंची तो कमरे में बहन खून से लथपथ पड़ी थी। वहीं उसका क्लासमेट भी घायल अवस्था में मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई।
BCA की प्रथम वर्ष की छात्रा थी
मृतका स्मृति पांडेय (17) एक निजी कॉलेज में बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। बताया गया कि उसके माता-पिता किसी काम से अमेठी गए हुए थे, जबकि बड़ा भाई प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। घटना के समय घर में केवल छात्रा मौजूद थी।
आरोपी चाकू लेकर पहुंचा था
पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्र पहले से धारदार चाकू लेकर छात्रा के घर पहुंचा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि बहस के दौरान छीना-झपटी हुई, जिसके बाद गुस्से में उसने छात्रा पर हमला कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।
प्रेम संबंध और शक बना विवाद की वजह
जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और साथ में पढ़ाई कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को छात्रा के किसी अन्य युवक से बातचीत करने का संदेह था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पड़ोसियों ने सुनी थीं चीखने की आवाजें
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि दोपहर के समय घर से तेज आवाजें और चीख-पुकार सुनाई दी थी। उन्होंने इसे घरेलू मामला समझकर हस्तक्षेप नहीं किया। बाद में छात्रा की हत्या की जानकारी मिलने पर इलाके में सनसनी फैल गई।
आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी
घटना के बाद घायल आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।
अंधविश्वास के नाम पर कथित तौर पर एक युवती के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवती को भूत-प्रेत का साया होने का दावा करते हुए घंटों तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, युवती को उसके परिचित के घर ले जाया गया, जहां एक तांत्रिक को बुलाकर झाड़-फूंक की रस्म शुरू की गई। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया कई घंटों तक चली और इस दौरान युवती को उसकी इच्छा के विरुद्ध कई काम करने के लिए मजबूर किया गया।
पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि कथित अनुष्ठान के दौरान उसे बीड़ी पीने और शराब पीने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, उसे भस्म के साथ अन्य सामग्री खिलाई गई और जलती धूप से शरीर को दागने जैसी हरकतें भी की गईं। लगातार प्रताड़ना के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
जब युवती की हालत गंभीर होने लगी तो परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी हुई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए युवती के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी युवक, उसके पिता और कथित तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मामले में नामजद एक अन्य महिला की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह समाचार पुलिस में दर्ज शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। करीब नौ महीने पहले प्रेम विवाह करने वाले दंपति के जीवन का दुखद अंत हो गया। पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि पति गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मृतका के परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया और अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, सागर और राधा की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। दोनों ने परिवार की शुरुआती असहमति के बावजूद नवंबर 2025 में विवाह कर लिया। शादी के बाद दोनों मध्य प्रदेश के अशोकनगर में रहने लगे थे।
पति अस्पताल में भर्ती, पत्नी की हुई मौत
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले दंपति बबीना स्थित घर पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद पति की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसी बीच घर में पत्नी मृत मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और जांच शुरू कर दी।
अंतिम संस्कार को लेकर हुआ विवाद
मामला उस समय और पेचीदा हो गया जब मृतका के परिजनों को सूचना मिली कि उसके ससुराल पक्ष द्वारा अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। परिजनों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शव की सुरक्षा सुनिश्चित की।
परिजनों ने लगाए दहेज उत्पीड़न के आरोप
मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर पति सहित ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कई पहलुओं से जांच कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, दोनों परिवारों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
चूरू: राजस्थान के चूरू जिले से बाल विवाह और घरेलू प्रताड़ना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। संयुक्त कार्रवाई में दो नाबालिग सगी बहनों को उनके ससुराल से सुरक्षित निकाला गया। आरोप है कि दोनों बहनें करीब डेढ़ साल से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं। शिकायत मिलने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन और अन्य विभागों की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें रेस्क्यू किया।
जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें बीकानेर जिले के एक गांव की रहने वाली हैं। वर्ष 2024 में उनके पिता ने कम उम्र में ही दोनों की शादी चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के कांगड़ गांव में करा दी थी। उस समय बड़ी बहन 11वीं और छोटी बहन 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। विवाह के बाद दोनों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई और उन्हें ससुराल भेज दिया गया।
उम्र में काफी बड़े युवकों से कराई गई शादी
बताया जा रहा है कि बड़ी बहन का विवाह 32 वर्षीय युवक से, जबकि छोटी बहन की शादी 26 वर्षीय युवक से कराई गई। आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों को घरेलू कामकाज के नाम पर प्रताड़ित किया जाने लगा। छोटी-छोटी बातों पर डांटना, मारपीट करना और अपमानित करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया।
बेल्ट से पिटाई और ब्लेड से हमला करने का आरोप
पीड़ित बहनों का आरोप है कि उनके साथ कई बार बेल्ट से मारपीट की गई। हाल ही में कथित तौर पर उनकी सास ने उनके साथ मारपीट की और ब्लेड से हाथ पर भी वार कर दिया। इसी घटना के बाद मामले की जानकारी चाइल्ड हेल्प लाइन तक पहुंची।
संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्प लाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों नाबालिग बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
फिलहाल दोनों बहनों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और बाल विवाह व प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे कई ऐसे काले पन्ने दर्ज हैं, जिन्हें याद करके आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसा ही एक भयानक हादसा 21 अक्टूबर 1990 की रात को एक्टर कमल सदाना के बांद्रा स्थित बंगले ‘जल कमल’ में हुआ था. जिस दिन कमल अपना 20वां जन्मदिन मना रहे थे, उसी रात उनके घर में खुशियों की जगह चीखें और गोलियों की आवाजें गूंज उठीं. पिता की एक सनक ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को एक ही झटके में खत्म कर दिया.
21 अक्टूबर 1990 को कमल सदाना अपने दोस्तों के साथ 20वां बर्थडे सेलिब्रेट कर बाहर से घर लौटे थे. बांद्रा वाले बंगले ‘जल कमल’ में सब कुछ सामान्य लग रहा था. दोस्तों के साथ म्यूजिक बज रहा था, तभी अचानक एक तेज धमाके की आवाज आई. किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है, तभी दूसरी गोली चली. कमल भागकर बाहर आए तो देखा कि उनकी मां सईदा खान और बहन नम्रता जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हैं. पास में ही उनके पिता और मशहूर फिल्म मेकर बृज सदाना हाथ में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लिए खड़े थे.
जब बेटे पर ही तान दी बंदूक
कमल अपनी मां को बचाने के लिए आगे भागे, लेकिन पिता ने उन पर भी गोली चला दी. गोली कमल की गर्दन के पिछले हिस्से में लगी और खुशकिस्मती से किसी नर्व या नस को नुकसान पहुंचाए बिना पार निकल गई. उस समय आफरातफरी में कमल को अहसास ही नहीं हुआ कि उन्हें भी गोली लगी है. उन्हें लगा कि उनके कपड़ों पर लगा खून उनकी मां और बहन का है. वह उसी हालत में अपनी मां और बहन को अस्पताल लेकर भागे.
अस्पताल में खुली आंखें और खत्म हो चुकी थी दुनिया
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जब कमल की शर्ट पर इतना खून देखा, तो जांच करने पर पता चला कि उन्हें भी गोली लगी है. कमल के दोस्त अबीस रिजवी उन्हें तुरंत दूसरे अस्पताल ले गए, जहां उनका ऑपरेशन हुआ. जब कमल को होश आया, तब तक उनकी मां और बहन दम तोड़ चुकी थीं. पुलिस रिपोर्ट्स और खबरों के मुताबिक, परिवार को गोली मारने के बाद पिता बृज सदाना ने भी अपने कमरे में जाकर खुद को गोली मार ली थी. एक ही रात में कमल सदाना का पूरा परिवार खत्म हो गया था.
आखिर उस रात क्या हुआ था?
इस खौफनाक वारदात की असली वजह आज तक राज ही बनी हुई है. एनडीटीवी की रिपोर्ट और उस वक्त की खबरों के अनुसार, बृज सदाना का करियर लगातार गिर रहा था और वह डिप्रेशन व शराब की लत का शिकार हो चुके थे. घर में अक्सर झगड़े होते थे. कुछ लोगों का कहना था कि वह बेटी नम्रता के रिश्ते से खुश नहीं थे, तो कुछ अन्य वजहें बताते हैं. हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड्स और कमल सदाना के बयानों के मुताबिक, हादसे के वक्त उनके पिता अत्यधिक शराब के नशे में थे.
दर्दनाक यादों के बीच जिंदगी में आगे बढ़ना
इस भयानक त्रासदी के बाद भी कमल सदाना टूटे नहीं. महज 20 साल की उम्र में अनाथ होने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और मेकर्स से काम मांगा. उन्हें काजोल के साथ फिल्म ‘बेखुदी’ में ब्रेक मिला. दिलचस्प और दर्दनाक बात यह है कि शूटिंग के दौरान एक सीन में काजोल के गोली लगने पर उन्हें रोना था और वह दिन भी 21 अक्टूबर ही था. कमल आज भी उसी बंगले में रहते हैं जहां यह सब हुआ था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि दुनिया में बहुत लोग दुख झेलते हैं, लेकिन आपको जिंदगी में आगे बढ़ना पड़ता है और दिल में नफरत लेकर आप नहीं जी सकते.
Disclaimer: जीवन अनमोल है. जी भरकर जिएं. इसका पूरी तरह सम्मान करें. हर पल का आनंद लें. किसी बात-विषय-घटना के कारण व्यथित हों तो जीवन से हार मानने की कोई जरूरत नहीं. अच्छे और बुरे दौर आते-जाते रहते हैं. लेकिन, कभी जब किसी कारण गहन हताशा, निराशा, डिप्रेशन महसूस करें तो सरकार द्वारा प्रदत्त हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क करें.
उत्तर प्रदेश के एक गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक का दावा है कि वह पड़ोस में रहने वाली महिला के बुलाने पर उसके घर गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही ऐसा घटनाक्रम हुआ कि मामला सीधे पुलिस तक पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि रात के समय युवक पड़ोस में रहने वाली महिला के घर पहुंचा। इसी दौरान महिला के पति ने उसे घर में जाते हुए देख लिया। आरोप है कि इसके बाद पति ने शोर मचाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।
हंगामे के बीच महिला के पति ने युवक पर घर में चोरी की नीयत से घुसने का आरोप लगाया। वहीं, युवक ने कहा कि वह चोरी करने नहीं बल्कि महिला के बुलाने पर किसी काम से घर आया था। महिला ने भी लोगों के सामने यही बात दोहराई और कहा कि उसने ही युवक को घर बुलाया था।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक को अपने साथ थाने ले गई। महिला ने पुलिस से युवक को छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि वह बिना अनुमति घर में नहीं घुसा था। हालांकि, पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए युवक का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया।
दूसरे मामले में प्रेमी की हत्या का खुलासा
इसी बीच उत्तर प्रदेश के एक अन्य जिले में युवक की हत्या के मामले का भी पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक को उसकी कथित प्रेमिका ने रात में मिलने के लिए बुलाया था।
जांच में सामने आया कि युवक जैसे ही घर पहुंचा, वहां मौजूद परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर शव को सुनसान इलाके में फेंक दिया गया।
पुलिस ने जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद युवती समेत उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नोट: दोनों मामले पुलिस में दर्ज शिकायत और प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। संबंधित आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
नागपुर पुलिस ने एक ऐसे शख्स को अरेस्ट किया है, जिसने एक नाबालिग को इंटाग्राम के जरिए अपने जाल में फंसाया. इसके बाद, उसने नाबालिग को बंधक बना उसके साथ यौन शोषण किया. पुलिस ने पीड़िता को एक किराए के मकान से रेस्क्यू किया है.
क्राइम न्यूज. महाराष्ट्र के नागपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. मामले में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को पहले इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती के जाल में फंसाया गया. साजिश के तहत, जल्द ही यह दोस्ती को प्यार का चोला पहनाकर निजी तस्वीरें हासिल की गईं. इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल. आरोपी ने पीड़िता को मिलने के बहाने बुलाया और उसे बंधक बना लिया. आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसका यौन शोषण भी किया. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर पीड़िता को सही सलामत छुड़ा लिया है.
फर्जी आईडी से इंस्टाग्राम पर दोस्ती: पिछले साल ठाणे के रहने वाले आरोपी निर्भय पाखरे ने इंस्टाग्राम पर ‘आकाश मेहरा’ नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई. इसी प्रोफाइल के जरिए उसने नागपुर की रहने वाली 16 साल की नाबालिग लड़की से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उससे दोस्ती कर ली.
तस्वीरों के जरिए शुरू हुई ब्लैकमेलिंग: बातचीत के दौरान लड़की ने आरोपी के साथ अपनी कुछ निजी तस्वीरें साझा कर दी थीं. इसके बाद आरोपी का असली चेहरा सामने आया. वह उन तस्वीरों को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर लड़की को ब्लैकमेल करने लगा. डर के मारे लड़की उससे मिलने पर मजबूर हो गई.
दो अगस्त से लापता थी पीड़िता: 2 अगस्त को लड़की अचानक अपने घर से गायब हो गई. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद, उन्होंने नागपुर के हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने पीड़िता की तलाश शुरू कर दी.
टेक्निकल सर्विलांस से मिली लोकेशन: पीड़िता की तलाश में जुटी पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिए लोकेशन का पता लगाया. सोमवार यानी 3 अगस्त की रात करीब 11 बजे पुलिस ने नागपुर के दिघोरी इलाके में स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा. जहां से पीड़िता को सही सलामत बरामद कर आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया.
खौफनाक था कमरे का मंजर: जब पुलिस कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा बेहद खौफनाक था. पीड़िता बिस्तर पर पड़ी हुई थी और उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे. आरोपी हाथ में बेल्ट लिए उसके पास खड़ा था. पुलिस को बिस्तर के पास एक चाकू भी रखा हुआ मिला है. लड़की के शरीर पर मारपीट और चोट के कई निशान मिले हैं.
पीड़िता का रेस्क्यू को रेस्क्यू कर आरोपी को किया अरेस्ट पुलिस ने मौके से पीड़िता को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है. वहीं, आरोपी निर्भय पाखरे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपी पाखरे के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और अपहरण समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस फिलहाल उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की बारीकी से जांच कर रही है.