Category: Crime

  • लिव-इन पार्टनर बना कातिल! बहन को बताई थी मारपीट की बात, अगले दिन मिली लाश..

    लिव-इन पार्टनर बना कातिल! बहन को बताई थी मारपीट की बात, अगले दिन मिली लाश..

    लिव-इन पार्टनर बना कातिल! बहन को बताई थी मारपीट की बात, अगले दिन मिली लाश..

    रायपुर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही एक बीएड छात्रा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा ने घटना से एक दिन पहले अपनी बहन को फोन कर मारपीट की शिकायत की थी. अगले ही दिन उसकी मौत की खबर परिवार तक पहुंची. पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक ने पहले छात्रा के साथ मारपीट की और फिर उसका गला दबा दिया. मामले में हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है.

    मृतका की पहचान कांकेर जिले के कोकपुर गांव की निवासी के रूप में हुई है. छात्रा रायपुर के विकास महाविद्यालय में बीएड की पढ़ाई कर रही थी. जानकारी के अनुसार, वह पिछले छह से सात महीने से सावंत बघेल के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. दोनों रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र स्थित बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक साथ रहते थे.

    लंबे समय से थी दोनों की पहचान

    पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा और सावंत एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे. बाद में दोनों ने साथ रहने का फैसला किया. आरोपी सावंत बघेल मूल रूप से कोंडागांव का रहने वाला है और डीएलएड की पढ़ाई कर रहा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच संबंधों को लेकर अक्सर विवाद होता था.

    परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या रिश्ते में बढ़ते तनाव ने इस वारदात को जन्म दिया. बताया जा रहा है कि सावंत अक्सर छात्रा पर शक करता था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार कहासुनी और विवाद भी हुआ था.

    बहन को बताई थी मारपीट की बात

    मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि छात्रा ने घटना से एक दिन पहले अपनी बहन को फोन किया था. उसने बताया था कि सावंत ने उसके साथ मारपीट की है. परिवार का कहना है कि उन्हें अंदेशा नहीं था कि मामला इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच जाएगा. अब यही जानकारी पुलिस जांच का भी अहम हिस्सा बन गई है.

    मारपीट के बाद गला दबाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक पर मारपीट के बाद भारती का गला दबाकर हत्या करने का आरोप है. घटना के बाद वह युवती को गंभीर हालत में अंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंचा. अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया. युवती की मौत की जानकारी मिलते ही आरोपी अस्पताल से भाग निकला. हालांकि बाद में परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया.

    पुलिस कर रही मामले की जांच

    मुजगहन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपी के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और वारदात से पहले दोनों के बीच क्या हुआ था.

  • घर में घुसकर चोरों ने जेवर और 30 हजार रुपये उड़ाए, जांच में जुटी पुलिस

    घर में घुसकर चोरों ने जेवर और 30 हजार रुपये उड़ाए, जांच में जुटी पुलिस

    घर में घुसकर चोरों ने जेवर और 30 हजार रुपये उड़ाए, जांच में जुटी पुलिस

    : सोनहा थाना क्षेत्र के सेखुई गांव में चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए कमरे में रखा बक्सा खोलकर जेवरात और नगदी चोरी कर ली। घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह परिजनों के जागने पर हुई, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार, सेखुई गांव निवासी केशराम चौधरी पुत्र भगवती के मकान में पीछे बनी घारी के रास्ते चोर घर के अंदर दाखिल हुए। चोरों ने कमरे में रखा बड़ा बक्सा खोलकर उसमें रखे जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया।

    शुक्रवार सुबह जब परिजन उठे तो कमरे का दरवाजा और बक्सा खुला मिला। बक्से में रखा सामान जमीन पर बिखरा पड़ा था। चोरी की जानकारी होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।

    पीड़ित की सूचना पर यूपी-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।

    केशराम चौधरी ने बताया कि गुरुवार रात भोजन करने के बाद परिवार के लोग बरामदे में सो गए थे। उनकी पत्नी और छोटी बेटी अंदर कमरे में सो रही थीं, जबकि बड़ी बेटी खुशबू ने कमरे में ताला लगाकर चाबी तकिये के नीचे रख दी थी।

    आरोप है कि शुक्रवार भोर में चोर पीछे के रास्ते से घर में घुसे और चाबी निकालकर कमरे का ताला खोल दिया। इसके बाद बक्सा खोलकर उसमें रखे एक जोड़ी पायल, सोने की कान की बाली, चैन, मंगलसूत्र, कान का झाला, सुई-धागा सहित अनाज बेचकर रखे 30 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चोरों की तलाश में जुटी है।

  • मृतक की पत्नी थी जिंदा, फिर भी भाई ने हथिया ली नौकरी…

    मृतक की पत्नी थी जिंदा, फिर भी भाई ने हथिया ली नौकरी…

    मृतक की पत्नी थी जिंदा, फिर भी भाई ने हथिया ली नौकरी…

    अलीगढ़। मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल करने के लिए तथ्यों को छिपाने का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक कर्मचारी की पत्नी के जीवित होने के बावजूद उसके छोटे भाई ने खुद को आश्रित बताकर नौकरी प्राप्त कर ली। मामले में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने नियुक्ति को निरस्त करने और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

    जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह के अनुसार, अकराबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत अकबरपुर निवासी पंचायत कर्मचारी वीरपाल सिंह का 29 अगस्त 2022 को निधन हो गया था। इसके बाद उनके छोटे भाई केतपाल सिंह ने खुद को मृतक का आश्रित बताते हुए पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर मृतक आश्रित कोटे से नियुक्ति हासिल कर ली।

    जांच में सामने आया कि नियुक्ति के दौरान केतपाल सिंह ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया था। वह पहले से ही प्राथमिक विद्यालय दिहौली में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत था। वहीं, मृतक कर्मचारी की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि वह जीवित हैं और नियमानुसार मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति पाने की पहली पात्र वही थीं।

    शिकायत के बाद कराई गई जांच में मृतक की पत्नी के जीवित होने की पुष्टि हुई। जांच अधिकारियों ने पाया कि केतपाल सिंह ने गलत जानकारी और भ्रामक तथ्यों के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी।

    मामले में जिला विकास अधिकारी ने केतपाल सिंह की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • शिमला: कुमारसैन में 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी युवक पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज..

    शिमला: कुमारसैन में 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी युवक पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज..

    शिमला: कुमारसैन में 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी युवक पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज..

    शिमला : शिमला जिले के कुमारसैन थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता 11वीं कक्षा में पढ़ती है। आरोप है कि कुमारसेन के एक युवक ने पीड़िता से कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर कुमारसेन पुलिस ने आरोपित युवक के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बड़ी बेटी 15 वर्ष की है और कक्षा 11 में पढ़ती है। बेटी ने अपनी मां को बताया कि कुमारसैन के एक गांव के आशीष नामक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा यौन उत्पीड़न किया। शिकायतकर्ता के अनुसार यह घटना पहले भी कई बार हुई थी।

    पुलिस के मुताबिक मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत दर्ज किया गया है और आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

  • कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले जीजा को 20 वर्ष की सजा, साले को उम्रकैद

    कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले जीजा को 20 वर्ष की सजा, साले को उम्रकैद

    कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले जीजा को 20 वर्ष की सजा, साले को उम्रकैद

    Hamirpur : चार वर्ष पहले कक्षा नौ की छात्रा को दिल्ली ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले पर जीजा, साले को सजा सुनाई गई है। गुरुवार को पॉक्सो कोर्ट के जज अनिल कुमार खरवार ने जीजा राजकुमार को 20 वर्ष और उसके साले अंकित कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों को 29,500 का अर्थदंड भी लगाया गया है। बताया कि आरोपित अंकित स्कूल छोड़ने के बहाने छात्रा को सुमेरपुर से दिल्ली ले गया था, वहां से अपनी बड़ी बहन के घर ले आया। घर में अकेले पाकर जीजा राजकुमार ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद आरोपी अंकित उसे अपने गांव महुआ ले गया।

    पीड़िता को नौ महीने तक बंधक बनाकर रखा गया। इस बीच शादी करने का झांसा देता रहा, और गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात करवाया। छात्रा के पिता को फोन पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजता रहा। किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। बताया कि पीड़िता के बयान के अनुसार अंकित ने बेल्टों से उसे कई बार मारा भी, और अंत में मारकर घर से भगा दिया।

    जिसके बाद पीड़िता के पिता ने सुमेरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। बताया कि मामले की निरंतर सुनवाई चल रही थी। दोष सिद्ध होने पर सजा सुनाई गई है। आरोपी अंकित को 19,500 का अर्थदंड और उसके जीजा राजकुमार को 20 वर्ष कठोर कारावास के साथ 10,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है।

  • ‘मेरे अंदर शैतान जाग गया था…’: 8 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, कठुआ कांड जैसी खौफनाक वारदात से दहला मध्य प्रदेश..

    ‘मेरे अंदर शैतान जाग गया था…’: 8 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, कठुआ कांड जैसी खौफनाक वारदात से दहला मध्य प्रदेश..

    ‘मेरे अंदर शैतान जाग गया था…’: 8 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, कठुआ कांड जैसी खौफनाक वारदात से दहला मध्य प्रदेश..

    Narsinghpur : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में हुई एक अत्यंत जघन्य और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। “मेरे अंदर शैतान जाग गया था…” यह खौफनाक कबूलनामा उस हैवान का है, जिसने अपनी हवस मिटाने के लिए आठ साल की एक मासूम बच्ची को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पहले बच्ची को उसके पिता के नाम पर झूठ बोलकर स्कूल से जंगल ले गया और फिर उसके साथ घिनौनी दरिंदगी की। जब मासूम दर्द से चीखने-चिल्लाने लगी, तो आरोपी ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया और खुद गांव वालों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक करता रहा। इस घटना ने साल 2018 के जम्मू-कश्मीर के बहुचर्चित कठुआ कांड की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं।

    गुस्से में उबला गोटेगांव, सड़कों पर फूटा जनसैलाब

    इस बर्बर और अमानवीय घटना के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। न्याय की मांग को लेकर गोटेगांव पूरी तरह बंद है, विरोध प्रदर्शन के तहत कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं और हर तरफ आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग गूंज रही है। स्थिति की अत्यधिक संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए पूरे गोटेगांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    पिता के नाम का झांसा देकर स्कूल से फुसलाकर ले गया था आरोपी

    घटनाक्रम के अनुसार, 5 अगस्त की दोपहर आठ साल की बच्ची रोज की तरह स्कूल गई थी। छुट्टी के समय पड़ोस में रहने वाला युवक अनिल यादव उर्फ अन्नू स्कूल पहुंचा और उसने बच्ची से झूठ बोला कि उसके पिता ने उसे घर बुलाया है। मासूम ने अपने शिक्षक को भी यही बात बताई, अपना बैग क्लास में रखा और आरोपी के साथ चली गई। किसी को इस बात का दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि यह उस बच्ची की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने झौतेश्वर पुलिस चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

    मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. ऋषिकेश मीना खुद मौके पर पहुंचे। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संदीप भूरिया और आसपास के थानों की पुलिस टीम भी तुरंत गोटेगांव पहुंच गई। गांव वालों और पुलिस बल ने मिलकर रात में ही एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान डॉग स्क्वॉड, एफएसएल (FSL) टीम और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली गई। सैकड़ों ग्रामीण हाथ में टॉर्च लेकर जंगलों और खेतों की खाक छानते रहे, क्योंकि सभी को यह उम्मीद थी कि बच्ची सही-सलामत मिल जाएगी। हालांकि, करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में एक पानी से भरे गड्ढे के पास मासूम का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया कि बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

    तलाश में शामिल होने का ढोंग और आरोपी का सनसनीखेज कबूलनामा

    जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई सीधे उसी युवक अनिल यादव पर जा टिके जिसे आखिरी बार बच्ची के साथ देखा गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर अनिल यादव को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मीडिया और पुलिस के सामने जो जुर्म कबूला, उसने सुनने वालों की रूह कंपा दी। आरोपी ने माना कि उसकी नीयत खराब हो गई थी और वह बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल ले गया था। उसने दावा किया कि उसकी मंशा हत्या करने की नहीं थी, लेकिन जब बच्ची दर्द और डर से चिल्लाने लगी, तो पकड़े जाने के डर से उसने उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद उसने शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंका और गांव लौटकर लोगों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक करने लगा ताकि किसी को उस पर शक न हो।

    डॉक्टरों का पैनल, पॉक्सो एक्ट और फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

    गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए और आरोपी को तुरंत फांसी दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस प्रशासन ने आरोपी अनिल यादव के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, बलात्कार और हत्या जैसी गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस संवेदनशील मामले को ‘जघन्य और दुर्लभतम’ अपराध की श्रेणी में रखा गया है। मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द से जल्द जांच प्रक्रिया पूरी कर अदालत में चार्जशीट पेश की जाएगी और इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।

  • सोशल मीडिया को लेकर बढ़ा विवाद, बेंगलुरु में पत्नी की गला घोंटकर हत्या का आरोप..

    सोशल मीडिया को लेकर बढ़ा विवाद, बेंगलुरु में पत्नी की गला घोंटकर हत्या का आरोप..

    सोशल मीडिया को लेकर बढ़ा विवाद, बेंगलुरु में पत्नी की गला घोंटकर हत्या का आरोप..

    बेंगलुरु। पत्नी की फोन की लत और रील बनाने की आदत से परेशान पति ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। उसने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।

    कर्नाटक की कुंबलगोडु पुलिस की स्पेशल टीम ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले धीरज कुमार को पत्नी रीमा कुमारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया।

    पत्नी की मोबाइल लत से परेशान होकर की हत्या

    पुलिस के मुताबिक, दोनों को प्यार हुआ था और उन्होंने करीब 10 महीने पहले शादी की थी। इसके बाद वह रीमा के परिवार को बताए बिना उसे लेकर बेंगलुरु चला गया था। वे बेंगलुरु के गेरुपल्या में किराए के कमरे में रह रहे थे।

    पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान, धीरज ने माना कि शादी के बाद रीमा की उसमें दिलचस्पी कम हो गई थी। रीमा ज्यादातर समय मोबाइल फोन पर लगी रहती थी।

    अक्सर रील बनाती थी, उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने से मना करती थी। सिर्फ अपने लिए खाना बनाती थी और उसके काम से लौटने से पहले ही खाना खा लेती थी। उसने कहा कि वह खाना भी नहीं परोसती थी।

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पुलिस ने यह भी बताया कि रीमा, धीरज पर बेंगलुरु छोड़कर बिहार लौटने का लगातार दबाव बना रही थी, जो दोनों के बीच अक्सर होने वाली बहस की एक और वजह बन गया था।

    आरोपित के कबूलनामे के मुताबिक, इन मुद्दों को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। बहस के दौरान, रीमा ने धीरज को डंडे से मारा।

    गुस्से में आकर, धीरज ने उसके दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, आरोपित ने उसके चेहरे को प्लास्टिक में लपेटा, शव को चादर से ढंका, उसे किराए के कमरे में ही छोड़ दिया और बिहार भाग गया।

  • विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..

    विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..

    विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..

     दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस ने विदेशी पार्सल में डॉलर और सोना होने का झांसा देकर एक लाख 46 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का गिरोह का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक समेत 4 आरोपियों को पकड़ा है। इस पूरे नेटवर्क के तार दिल्ली से लेकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तक जुड़े मिले हैं। बता दें कि 31 मार्च को साउथ-वेस्ट साइबर थाने में एक शख्स ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए उससे संपर्क किया था और खुद को अमेरिका का रहने वाला बताया था।

    आरोपियों ने पहले पीड़ित से दोस्ती की और उसका भरोसा जीता था, जिसके बाद उसे बताया गया कि उसके नाम से विदेश से एक पार्सल भारत भेजा गया है, जिसमें अमेरिकी डॉलर और सोना है। साथ ही फिर मनी डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट, फ्लाइट टिकट, कस्टम क्लियरेंस और कथित तौर पर जब्त सोना रिलीज कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगे गए थे। पीड़ित ने आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में करीब 1 लाख 46 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। हालाकि शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी थी। साथ ही डिजिटल एविडेंस, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल डिटेल की पड़ताल के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे। हालाकि जांच दिल्ली से शुरू होकर तेलंगाना और फिर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तक पहुंच गई थी, जहां पुलिस की टीम ने सबसे पहले मैदान गढ़ी, दिल्ली से दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। इसके बाद तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली से कोंडा सागर और डुब्बापेटा से अजमीरा विनोद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही विनोद कुमार के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जांच करने पर पता चला है कि इस साइबर फ्रॉड के तार आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से जुड़े हुए हैं।

    दिल्ली पुलिस सूत्रो के मुताबिक,एक (22) वर्षीय साइमोन मिरेकल चिनोंसो, जो नाइजीरियाई नागरिक है। इस नेटवर्क का हिस्सा थी। दिल्ली पुलिस की टीम ने विशाखापट्टनम में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए 4 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दीपक कुमार, कोंडा सागर और अजमीरा विनोद कुमार साइबर फ्रॉड सिंडिकेट को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले मोटी कमीशन लेते थे। साथ ही नाइजीरियाई नागरिक साइमोन मिरेकल चिनोंसो व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए खुद को इमिग्रेशन अधिकारी, कस्टम अधिकारी या दूसरी संस्थाओं का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करती थी।

    हालाकि विदेशी पार्सल, कस्टम क्लियरेंस और कीमती सामान रिलीज कराने के नाम पर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे, जिसके बाद ठगी की रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने करीबन 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

  • NEET-UG 2026 पेपर लीक का पर्दाफाश: NTA के अंदर से लेकर टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक फैला था सिंडिकेट, CBI ने खोली हर एक परत..

    NEET-UG 2026 पेपर लीक का पर्दाफाश: NTA के अंदर से लेकर टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक फैला था सिंडिकेट, CBI ने खोली हर एक परत..

    NEET-UG 2026 पेपर लीक का पर्दाफाश: NTA के अंदर से लेकर टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक फैला था सिंडिकेट, CBI ने खोली हर एक परत..

     देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई की इस चार्जशीट ने देश को झकझोर कर रख दिया है। जांच में यह साफ हो गया है कि नीट पेपर लीक कोई छिटपुट या इकलौती घटना नहीं थी, बल्कि यह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अंदर से लेकर देश के कई राज्यों तक फैला हुआ एक बेहद संगठित और गहरा आपराधिक सिंडिकेट था। इस साजिश में NTA के अपने सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स से लेकर कोचिंग संचालक, बिचौलिए और राजस्थान से लेकर केरल तक का स्थानीय नेटवर्क पूरी तरह से जुड़ा हुआ था।

    NTA के अंदर से ही लीक हुआ पेपर, तीन टीचर्स ने रची थी साजिश

    इस पूरे महाघोटाले की नींव परीक्षा से कई हफ्तों पहले NTA के अत्यंत गोपनीय (Confidential) सवाल-सेटिंग और ट्रांसलेशन प्रक्रिया के दौरान ही रख दी गई थी। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, NTA द्वारा नियुक्त किए गए तीन प्रमुख सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स ने अपनी पहुंच का गलत इस्तेमाल करते हुए सिस्टम को धोखा दिया।

    इन आरोपियों में केमिस्ट्री एक्सपर्ट प्रहलाद विट्ठलराव कुलकर्णी, बॉटनी एक्सपर्ट मनीषा गुरुनाथ मंधारे और फिजिक्स एक्सपर्ट मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। गोपनीय सेक्शन में चेकिंग और फ्रिस्किंग (तलाशी) न होने का पूरा फायदा उठाते हुए कुलकर्णी ने केमिस्ट्री के 135 सवालों के तीन सेट में से आसान सवालों को दिमाग में याद कर लिया और होटल लौटकर उन्हें लिख लिया। वहीं, मुश्किल सवालों के लिए हाथ से लिखकर छोटी-छोटी पर्चियां तैयार की गईं। इसके अलावा, एक्सपर्ट मनीषा मंधारे ने एनसीईआरटी की किताबों में उन तमाम पैराग्राफ्स को मार्क कर दिया जहां से सीधे सवाल बनाए गए थे। इन तीनों एक्सपर्ट्स ने मिलकर दिन-रात मेहनत कर फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी तीनों विषयों के पेपर्स को पूरी तरह से रिक्रिएट कर बाहर निकाल लिया था।

    टेलीग्राम से लेकर सीकर और केरल तक फैला सिंडिकेट

    चार्जशीट के अनुसार, NTA एक्सपर्ट से जुड़ी मनीषा संजय वाघमारे ने लीक किए गए सवाल धनंजय लोखंडे को सौंपे। इसके बाद लोखंडे ने इस गोपनीय पेपर को नासिक के शुभम खैरनार को 25 लाख रुपये में बेच दिया। खैरनार से यह पेपर आगे बढ़ते हुए यश यादव तक पहुंचा, जिसने टेलीग्राम ऐप के जरिए इसे राजस्थान के रहने वाले मांगीलाल बिवाल के पास भेजा। इस डील की पक्की गारंटी के तौर पर मांगीलाल बिवाल ने अपने क्लास 10वीं और 12वीं के ओरिजिनल एजुकेशनल सर्टिफिकेट्स और एक साइन किया हुआ खाली चेक सिक्योरिटी के रूप में गिरवी रखा था।

    • राजस्थान के सीकर और झुंझुनू बने मुख्य केंद्र: राजस्थान में पेपर बांटने का मुख्य ठिकाना सीकर और झुंझुनू जिले बने। झुंझुनू बाईपास पर एक काली हुंडई वरना कार में मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल तीनों सब्जेक्ट्स के प्रिंटेड सेट लेकर पहुंचे थे, जहां अमित कुमार मीणा और रोहित मावलिया पेपर रिसीव करने आए। यहां तक कि आर्थिक तंगी के चलते दिनेश के बेटे ऋषि बिवाल ने अमित को ऑफर दिया कि अगर वे 10 से 12 नए कैंडिडेट्स ले आएंगे, तो पेपर मुफ्त में दे दिया जाएगा। इस सौदे में भी कैश की बजाय 4 छात्रों की असली मार्कशीट बतौर सिक्योरिटी रखवाई गई थी। शर्त यह थी कि परीक्षा में 150 से ज्यादा सवाल मिलने पर ही पूरा पेमेंट किया जाएगा। हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरी साजिश में शामिल खुद ऋषि बिवाल को नीट परीक्षा में 720 में से मात्र 107 अंक ही मिले।
    • केरल के हॉस्टल तक पहुंचे तार: यह नेटवर्क सिर्फ उत्तर भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार दक्षिण भारत के केरल राज्य तक जुड़े हुए थे। सीकर की ‘आरके एजुकेशनल कंसल्टेंसी’ से व्हाट्सएप के जरिए आए 500 सवालों के पीडीएफ (PDF) केरल के अदूर स्थित माउंट जायन मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र लक्ष्य राज तक पहुंचे। लक्ष्य के दोस्त रजत चौधरी ने अपने भाई ऋषभ चौधरी के लिए फोनपे (PhonePe) के जरिए 30,000 रुपये ट्रांसफर किए। परीक्षा शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले ऋषभ को 450 हल किए हुए सवालों की पीडीएफ फाइल मिल गई थी।

    ऐसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा

    इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किसी बड़ी एजेंसी ने नहीं, बल्कि सीकर के एक सतर्क केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार की सजगता के कारण हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर धड़ल्ले से घूम रहे गेस पेपर को जब असली पेपर से हूबहू मिलते देखा, तो तुरंत NTA को ईमेल किया और राजस्थान पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।

    इसके बाद राजस्थान एसओजी (SOG) की शुरुआती जांच के आधार पर 12 मई को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर एसआईटी (SIT) का गठन किया। पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद 3 मई 2026 को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 मई को दोबारा री-एग्जाम कराया गया। फिलहाल, सीबीआई ने इस सनसनीखेज मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में NTA के 3 प्रमुख एक्सपर्ट्स समेत कुल 13 मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जाम एक्ट 2024 के तहत सख्त धाराओं में कानूनी शिकंजा कसा गया है।

  • विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..

    विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार

    विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..

    नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस ने विदेशी पार्सल में डॉलर और सोना होने का झांसा देकर एक लाख 46 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का गिरोह का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक समेत 4 आरोपियों को पकड़ा है। इस पूरे नेटवर्क के तार दिल्ली से लेकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तक जुड़े मिले हैं। बता दें कि 31 मार्च को साउथ-वेस्ट साइबर थाने में एक शख्स ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए उससे संपर्क किया था और खुद को अमेरिका का रहने वाला बताया था।

    आरोपियों ने पहले पीड़ित से दोस्ती की और उसका भरोसा जीता था, जिसके बाद उसे बताया गया कि उसके नाम से विदेश से एक पार्सल भारत भेजा गया है, जिसमें अमेरिकी डॉलर और सोना है। साथ ही फिर मनी डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट, फ्लाइट टिकट, कस्टम क्लियरेंस और कथित तौर पर जब्त सोना रिलीज कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगे गए थे। पीड़ित ने आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में करीब 1 लाख 46 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। हालाकि शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी थी। साथ ही डिजिटल एविडेंस, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल डिटेल की पड़ताल के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे। हालाकि जांच दिल्ली से शुरू होकर तेलंगाना और फिर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तक पहुंच गई थी, जहां पुलिस की टीम ने सबसे पहले मैदान गढ़ी, दिल्ली से दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। इसके बाद तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली से कोंडा सागर और डुब्बापेटा से अजमीरा विनोद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही विनोद कुमार के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जांच करने पर पता चला है कि इस साइबर फ्रॉड के तार आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से जुड़े हुए हैं।

    दिल्ली पुलिस सूत्रो के मुताबिक,एक (22) वर्षीय साइमोन मिरेकल चिनोंसो, जो नाइजीरियाई नागरिक है। इस नेटवर्क का हिस्सा थी। दिल्ली पुलिस की टीम ने विशाखापट्टनम में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए 4 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दीपक कुमार, कोंडा सागर और अजमीरा विनोद कुमार साइबर फ्रॉड सिंडिकेट को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले मोटी कमीशन लेते थे। साथ ही नाइजीरियाई नागरिक साइमोन मिरेकल चिनोंसो व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए खुद को इमिग्रेशन अधिकारी, कस्टम अधिकारी या दूसरी संस्थाओं का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करती थी।

    हालाकि विदेशी पार्सल, कस्टम क्लियरेंस और कीमती सामान रिलीज कराने के नाम पर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे, जिसके बाद ठगी की रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने करीबन 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।