Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला डॉक्टर ने अपने एनेस्थेसियोलॉजिस्ट पति पर बेहोशी की दवा देकर निजी तस्वीरें और वीडियो बनाने, फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने इसी दबाव में उससे महंगी फॉर्च्यूनर कार भी खरीदवाई।
महिला डॉक्टर की शिकायत के अनुसार, शादी के बाद से ही पति का व्यवहार उसके प्रति प्रताड़नापूर्ण था। आरोप है कि उसने अपने पेशे से जुड़ी जानकारी का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए महिला को बेहोश किया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड किए।
पीड़िता का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी पति ने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार मानसिक दबाव बनाया। इस कथित ब्लैकमेलिंग के कारण वह लंबे समय तक तनाव में रही।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पति ने धमकियों के जरिए आर्थिक फायदा उठाया और दबाव बनाकर उससे फॉर्च्यूनर कार खरीदवाई। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर महिला डॉक्टर ने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की निजी तस्वीरों या वीडियो का बिना सहमति इस्तेमाल करना या उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पीड़ित को तुरंत पुलिस और कानूनी सहायता लेनी चाहिए।
नोट: यह खबर शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फरीदाबाद के एक स्कूल में सोमवार को एक महिला टीचर को स्कूल की चारदीवारी के भीतर चाकू से गोदकर मार दिया गया. उसको 32 सेकेंड में 34 बार चाकू से गोदा गया. 26 साल की महिला टीचर ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया. ये हत्या कोई तुरंत नहीं हुई बल्कि एक सोची समझी साजिश थी. हत्या किसने और क्यों की. कत्ल के पीछे वजह क्या रही, वह स्कूल में दाखिल कैसे हुआ सबकुछ डिटेल में जानें.
दो साल से संध्या का पीछा कर रहा था
हत्या करने वाले शख्स ने करीब 2 साल तक महिला टीचर का पीछा किया था. आखिरकार वह अपने मंसूबों में कामयाब हो गया. टीचर के परिवार के मुताबिक, आरोपी करीब दो साल तक उसका पीछा कर रहा था. इसी साल की शुरुआत में, उसने कथित तौर पर संध्या को उसके घर से अगवा किया था. उसके पति के साथ भी मारपीट की थी. परिवार ने दूर रहने की चेतावनी दी फिर भी वह नहीं माना और टीचर को परेशान कर रहा था. संध्या आरोपी अमित से बात भी नहीं करती थी. उसने पीछा करने पर उस पर केस करने की भी धमकी दी थी.
शादीशुदा संध्या से शादी करने की जिद पर अड़ा था
परिवार वालों के मुताबिक, अमित उसे बार-बार फोन करता था. इसे तंग आकर संध्या के पति ने एक साल पहले उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया था. लेकिन अमित फिर भी उसका पीछा छोड़ने के लिए तैयार नहीं था. वह टीचर से शादी करना चाहता था. जबकि वह जानता था कि संध्या पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं.
एकतरफा इश्क में ली टीचर की जा
न
उस पर एक तरफा इश्क का जुनून कुछ ऐसा सवार हुआ की हाथों में चाकू थामे वह महिला के स्कूल तक पहुंच गया. उसने फरीदाबाद की संध्या को ऐसी दर्दनाक मौत दी कि वीडियो देखने वालों की रूह कांप जाए. संध्या 3 अगस्त की सुबह रोज की तरह सिकरौना के सरस्वती सीनियर सेकेंड्ररी स्कूल पहुंची. वह इस बात से पूरी तरह बेखबर थी कि कोई उसकी जान ले सकता है.
स्कूल पहुंचकर संध्या को बाहर बुलाया
उसी सुबह विक्की नाम का शख्स साढ़े नौ बजे स्कूल पहुंचकर एक टीचर से बोला कि मैम को बुला दीजिए कुछ बात करनी है. विक्की टीचर संध्या के पति का नाम है तो शख्स की बात पर यकीन कर उन्होंने संध्या को बुला दिया. उसके मुंह पर साफा बांधा था लेकिन किसी को शक नहीं हुआ. क्यों कि कई लोग धूल मिट्टी से बचने के लिए मुंह पर कपड़ा बांध लेते हैं.
एक मिनट पैंतालीस सेकेंड तक वब बरामदे में चहलकदमी करता रहा. तभी संध्या दरवाजे पर आई. उसने हाथ के इशारे से उसे बाहर आने को कहा. शायद वह इसे पहचान गई इसीलिए वह बाहर नहीं आई. लेकिन शख्स ने उसे जबरदस्ती खींचा और अपना दाए हाथ से चाकू निकाकर संध्या पर ताबड़ तोड़ वार करना शुरू कर दिया. संध्या बचने की कोशिश में जमीन पर गिर पड़ी.
32 सेकेंड में 34 बार गोदा
अगले बत्तीस सेकंड तक सिरफिरा उसे चाकू मारता रहा. टीचर की चीख सुनकर प्रिंसिपल बाहर आए, लेकिन हमलावर ने उनको डरा दिया.कातिल की सनक देखकर पीछे हट गए. स्टाफ के लोग संध्या को आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे. सनकी आशिक की पहचान 21 साल के अमित के तौर पर हुई है. पुलिस ने संध्या की पति की शिकायत पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
कैसे हुई संध्या और अमित की पहली मुलाकात?
पूछताछ में पता चला कि संध्या करीब दो साल पहले अमित के ही गांव में एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी. दोनों की पहचान उसी दौरान हुई. अमित उससे एक तरफा इश्क करने लगा. लेकिन संध्या उससे छुटकारा पाना चाहती थी. बार-बार चेतावनी देने के बाद भी अमित उसका पीछा करता था. संध्या ने उसे पीछा नहीं छोड़ने पर केस करने की दमकी भी दी. उसने अमित से बातचीत पूरी तरह बंद कर दी थी. ये बात अमित बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था. बस तभी उसने तय कर लिया कि वह संध्या का कत्ल कर देगा. इसी इरादे से वह 3 अगस्त को जेब में चाकू रखकर स्कूल पहुंचा और उसे चाकू से गोद दिया.
स्कूल में सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, संध्या ने आरोपी के खिलाफ कुछ वक्त पहले शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन तब उसने सबसे सामने माफी मांग ली थी. दोनों पक्षों में समझौता हो गया था. बावजूद इसके अमित सुधरा नहीं और मौका मिलते ही वह संध्या को परेशान करता रहता था.केस करने की धमकी मिलने पर उसने मन में रंजिश ठान ली.फरीदाबाद में हुई इस वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. वहीं स्कूलों के अंदर सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
दिनदहाड़े मशहूर इन्फ्लुएंसर की गोली मारकर हत्या, दोस्तों संग बैठे थे तभी बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं गोलियां
मैक्सिको में 23 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सीजर गैस्टेलम की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात उस समय हुई जब वह अपने दोस्तों के साथ एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट के बाहर बैठे हुए थे। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजर गैस्टेलम टिकटॉक पर अपने कॉमेडी कंटेंट के लिए काफी लोकप्रिय थे और उनके करीब 6 लाख फॉलोअर्स थे। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान हेलमेट पहने दो हमलावर मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। बाइक चला रहे हमलावर ने सीजर पर नजदीक से गोली चला दी और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने इन्फ्लुएंसर की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक जांच और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
गैंगवार की चपेट में इलाका
यह घटना मैक्सिको के सिनालोआ राज्य में हुई, जहां लंबे समय से विभिन्न आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। अधिकारियों का मानना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है।
यह घटना पिछले वर्ष चर्चित ब्यूटी इन्फ्लुएंसर वैलेरिया मार्केज की हत्या की भी याद दिलाती है, जिनकी भी मैक्सिको में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बिहार में पिता ने अपने एकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी है। बेटा अपने मां-बाप के बीच हो रहे झगड़े को सुलझाने के लिए गया था। लेकिन गुस्साए पिता ने बेटे का ही गला रेत दिया। इस वारदात के बाद पिता फरार हो गया है। इलाके में घटना को सनसनी फैल गई है।
बिहार के नवादा जिले में एक पिता ने अपने एकलौते बेटे की हत्या कर दी।
बिहार में नवादा जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र के आंदर बाजार मोहल्ले में सोमवार की सुबह पारिवारिक कलह ने एक मासूम की जान ले ली। पति-पत्नी के बीच हो रहे विवाद के दौरान मां के पास आए छह वर्षीय मासूम की गर्दन उसके ही पिता ने तेज धारदार हथियार से रेत दी। बच्चे को तत्काल नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान कादिरगंज निवासी सुधीर गोस्वामी के पुत्र आजाद कुमार (06) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सुबह करीब 10:30 बजे सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था।
विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। इसी दौरान मासूम आजाद अपनी मां के पास आया और पिता को शांत कराने की कोशिश करने लगा। गुस्से में आपा खो चुके पिता ने तेज धारदार हथियार उसकी गर्दन रेत दी और फरार हो गया। कादिरगंज थानाध्यक्ष के मुताबिक मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत होता है। आरोपित की गिरफ्तारी को छापेमारी की जा रही है।
कादिरगंज थाना क्षेत्र के अंदर बाजार मोहल्ले में बेटे आजाद की हत्या के बाद आरोपित पिता सुधीर गोस्वामी हथियार लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत और शोक का माहौल है।वहीं घटना की सूचना मिलते ही कादिरगंज थानाध्यक्ष अवध किशोर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव का अन्वीक्षण रिपोर्ट तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घूमकर करते थे सिंदूर-टिकली की फेरी
बताया जाता है कि आरोपित सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी गांव-गांव घूमकर सिंदूर, टिकली तथा महिलाओं के श्रृंगार का सामान बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक आर्थिक तंगी के साथ-साथ पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। चर्चा यह भी है कि आरोपित अपनी पत्नी पर बात-बात पर शक करता था, जिसके कारण घर में आए दिन झगड़ा होता था।
एकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम
आजाद परिवार का एकलौता पुत्र था। उसकी तीन बहनें हैं। बेटे की मौत के बाद मां गहरे सदमे में है और बार-बार बेसुध हो जा रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश व दुख है। कादिरगंज थानाध्यक्ष के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत होता है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद घटना के कारणों का और स्पष्ट खुलासा होने की संभावना है।
बेटे से था पिता को प्यार, फिर हत्या पर उठे सवाल
कादिरगंज में बच्चे की हत्या के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि आरोपित पिता उसे बेहद प्यार करता था। तीन बहनों में आजाद एक मात्र भाई था। परिजनों के मुताबिक कुछ दिनों पूर्व पिता की मौत के कारण आरोपित सुधीर गोस्वामी की पत्नी बच्चों को लेकर मायके जहानाबाद चली गयी थी। इस बीच सुधीर मायके जाकर बेटे को लेकर घर आ गया था। इसके बाद बेटे के मोह में पत्नी भी चली आई थी। सोमवार की सुबह भी बेटे को लेकर सुधीर मार्केट गया और उसे खिला-पिलाकर लेकर आया था। फिर उसकी हत्या क्यों की, यह अब तक अनसुलझा सवाल है। यह भी बात आ रही है कि आरोपित शराब पीता था और फेरी देने नहीं जाता था। इसे लेकर पत्नी से उसकी बराबर नोकझोंक होती थी। एसएचओ के मुताबिक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
अलवर पुलिस ने ‘साइबर संग्राम अभियान 3.0’ के तहत एक ऐसे शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी चौंका देने वाली है। महज 5वीं तक पढ़ा 20 वर्षीय शौकीन कुछ साल पहले आर्थिक तंगी में था, लेकिन साइबर ठगी के दम पर करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।
ऐसे बनाया करोड़ों का साम्राज्य
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 24 सदस्यों की गैंग बना रखी थी, जो फर्जी सिम कार्ड, म्यूल बैंक अकाउंट और ऑनलाइन फ्रॉड का पूरा नेटवर्क चलाती थी। ठगी के पैसों से उसने कार, मकान और कृषि भूमि तक खरीद ली। पुलिस ने उसकी ब्रेजा कार भी जब्त कर ली है।
मेडिकल इमरजेंसी और सस्ते कपड़ों के नाम पर ठगी
गिरोह सोशल मीडिया पर मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठता था। इसके अलावा महिलाओं के लिए सस्ते सूट-सलवार बेचने के फर्जी विज्ञापन डालकर खुद को कपड़ा फैक्ट्री का मालिक बताता और लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवाकर ठगी करता था।
खुद के नाम पर नहीं था मोबाइल या सिम
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कभी भी अपने नाम से मोबाइल या सिम कार्ड नहीं खरीदा। उसके पास से मिले मोबाइल, सिम और बिल दूसरे लोगों के नाम पर थे। पुलिस को शक है कि फर्जी सिम सप्लाई करने वाला बड़ा नेटवर्क भी इस गैंग से जुड़ा हुआ है।
पहले भी दर्ज हो चुका था केस
दो साल पहले आरोपी के खिलाफ साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ पाई। बाद में चंडीगढ़ में दर्ज एक मामले से उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कई राज्यों में फैला था जाल
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह जम्मू-कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुका है। अब फरार साथियों की तलाश जारी है।
पुलिस का बड़ा अभियान
20 जुलाई से 4 अगस्त तक चले विशेष अभियान में अलवर पुलिस ने:
33 साइबर केस दर्ज किए
39 आरोपियों को गिरफ्तार किया
₹37.67 लाख की ठगी की रकम होल्ड कराई
₹6.55 लाख पीड़ितों को वापस दिलवाए
पुलिस का कहना है कि 15 अगस्त से पहले जिले के बड़े साइबर अपराधियों पर कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने का अभियान जारी रहेगा।
एमपी के पन्ना जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है. जिस परिवार में दो दिन पहले नवजात के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. जिला अस्पताल में भर्ती अपनी प्रसूता पत्नी के लिए खून की व्यवस्था करने की चिंता में एक व्यक्ति ने कथित रूप से फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पत्नी की तबीयत को लेकर परेशान था पति
जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के रमजुपुर निवासी 45 वर्षीय महेंद्र सिंह उर्फ बाबू की पत्नी ने दो दिन पहले ही बच्चे को जन्म दिया. परिजनों के मुताबिक, डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में खून की कमी हो गई थी, जिसके चलते परिवार उसकी देखभाल और इलाज को लेकर चिंतित था. महेंद्र सिंह भी पत्नी की हालत को लेकर लगातार परेशान बताए जा रहे थे.
खून की व्यवस्था को लेकर बढ़ा मानसिक दबाव
मृतक की बहू रिंकी सिंह के अनुसार, डॉक्टरों ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि सुबह तक आवश्यक व्यवस्था हो जाएगी. इसके बावजूद महेंद्र सिंह काफी तनाव और घबराहट में थे. परिवार के लोगों ने उन्हें कुछ देर आराम करने और खाना खाने के लिए भेजा था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटे.
नगर सेना ग्राउंड परिसर में मिला शव
बुधवार 5 अगस्त को नगर सेना ग्राउंड परिसर में एक पेड़ पर महेंद्र सिंह का शव लटका हुआ मिला. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की.
दो दिन पहले घर में गूंजी थी किलकारी
परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े दुख से कम नहीं है. जिस घर में नवजात के जन्म के बाद खुशियों का माहौल था, वहीं अब शोक छा गया है. परिजन सदमे में हैं और पूरे गांव में घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है. नवजात के जन्म के कुछ ही दिनों बाद परिवार पर यह दुखद संकट आ गया.
घटना की सूचना मिलने पर पन्ना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने मर्ग कायम कर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
Warangal News: तेलंगाना के वारंगल में पुलिस की सरकारी ‘ब्लू कोल्ट’ मोटरसाइकिल का कथित तौर पर Rapido बाइक-टैक्सी सेवा में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
₹26 की राइड में पहुंची पुलिस की बाइक
रिपोर्ट के मुताबिक, एक यात्री ने अंबेडकर जंक्शन से सूबेदारी तक जाने के लिए Rapido पर 26 रुपये की बाइक राइड बुक की थी। यात्री उस समय हैरान रह गया जब उसे लेने के लिए पुलिस की ब्लू कोल्ट मोटरसाइकिल पहुंची, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर TS 09 PC 2795 बताया गया।
सवाल पूछने पर क्या बोला राइडर?
यात्री द्वारा सरकारी बाइक के इस्तेमाल पर सवाल उठाने पर राइडर ने कथित तौर पर कहा कि यह बाइक उसे उसके एक दोस्त ने दी है, जो पुलिस कॉन्स्टेबल है। यात्री ने पूरी बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले में एनुमामूला सर्कल इंस्पेक्टर ने पुष्टि की कि संबंधित मोटरसाइकिल पुलिस स्टेशन की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह बाइक एक सब-इंस्पेक्टर के उपयोग में थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति द्वारा कथित रूप से Rapido सेवा के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा था।
विभागीय कार्रवाई की सिफारिश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संबंधित सब-इंस्पेक्टर को चेतावनी दी गई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को भेजी गई है। अब वायरल वीडियो, वाहन के रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकारी वाहन का दुरुपयोग किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुआ।
भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। स्मृति नगर थाना क्षेत्र में चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ बैठी एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत की गई। आरोप है कि एक युवक ने छात्रा को जबरन चूमने (किस) की कोशिश की और विरोध करने पर उसके दोस्त के साथ मारपीट भी की। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता बालोद जिले की रहने वाली है और पढ़ाई के लिए भिलाई के स्मृति नगर इलाके में रहती है। 31 जुलाई को वह मॉडल टाउन स्थित शनि मंदिर के पास एक चाय की दुकान पर अपने दोस्तों के साथ बैठी थी। इसी दौरान हेमंत क्षत्री नाम का युवक वहां पहुंचा और छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करते हुए जबरन ‘किस’ करने का प्रयास किया।
जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके एक दोस्त के साथ भी मारपीट की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद पीड़िता ने स्मृति नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
गौरतलब है कि भिलाई में महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक युवती कथित तौर पर उसका पीछा करने वाले युवक का सामना करती और उसे फटकार लगाती नजर आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने जांच के दौरान एक और गिरफ्तारी की है। इस बार पुलिस ने उस होटल के मालिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर बिना वैध पहचान पत्र के आरोपियों को कमरा उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 24 जुलाई को हुई, जब एक शिकायतकर्ता ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग ननद के लापता होने की सूचना दी थी। जांच में आरोप सामने आया कि कुछ लोगों ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ रखा और बाद में उसे पीजीआई क्षेत्र स्थित एक होटल में ले जाया गया। शिकायत के आधार पर मोहनलालगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में नामजद पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसके बाद विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई।
जांच में पुलिस के सामने यह बात आई कि होटल संचालक दीपक गुप्ता ने कथित तौर पर बिना वैध पहचान पत्र के कमरा उपलब्ध कराया था। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी होटल मालिक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि संबंधित लोग उसके होटल में ठहरे थे। हालांकि, मामले में उसकी भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
एसीपी मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए कहा कि बिना वैध पहचान पत्र किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध न कराया जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में कथित ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाली 22 वर्षीय युवती की उसके ही पिता द्वारा हत्या किए जाने का आरोप है। पड़ोसियों ने घर के अंदर से चीखें सुनकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवती की मौत हो चुकी थी।
यह घटना आगरा के जैतपुर कस्बे की है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामला ऑनर किलिंग का प्रतीत हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता विमल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मामले में नामजद मां और भाई फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतका अंकिता ने 23 फरवरी 2026 को परिवार की इच्छा के विरुद्ध भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक जवान से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद से परिवार में लगातार विवाद चल रहा था। आरोप है कि पिता बेटी पर पति को छोड़कर घर लौटने का दबाव बना रहे थे और दोबारा उसकी शादी कराना चाहते थे, लेकिन अंकिता ने इससे साफ इनकार कर दिया था।
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन घर के अंदर से युवती की चीखें सुनकर पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, युवती की जान जा चुकी थी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।