चूरू: राजस्थान के चूरू जिले से बाल विवाह और घरेलू प्रताड़ना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। संयुक्त कार्रवाई में दो नाबालिग सगी बहनों को उनके ससुराल से सुरक्षित निकाला गया। आरोप है कि दोनों बहनें करीब डेढ़ साल से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं। शिकायत मिलने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन और अन्य विभागों की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें रेस्क्यू किया।
जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें बीकानेर जिले के एक गांव की रहने वाली हैं। वर्ष 2024 में उनके पिता ने कम उम्र में ही दोनों की शादी चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के कांगड़ गांव में करा दी थी। उस समय बड़ी बहन 11वीं और छोटी बहन 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। विवाह के बाद दोनों की पढ़ाई बीच में ही छूट गई और उन्हें ससुराल भेज दिया गया।
उम्र में काफी बड़े युवकों से कराई गई शादी
बताया जा रहा है कि बड़ी बहन का विवाह 32 वर्षीय युवक से, जबकि छोटी बहन की शादी 26 वर्षीय युवक से कराई गई। आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों को घरेलू कामकाज के नाम पर प्रताड़ित किया जाने लगा। छोटी-छोटी बातों पर डांटना, मारपीट करना और अपमानित करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया।
बेल्ट से पिटाई और ब्लेड से हमला करने का आरोप
पीड़ित बहनों का आरोप है कि उनके साथ कई बार बेल्ट से मारपीट की गई। हाल ही में कथित तौर पर उनकी सास ने उनके साथ मारपीट की और ब्लेड से हाथ पर भी वार कर दिया। इसी घटना के बाद मामले की जानकारी चाइल्ड हेल्प लाइन तक पहुंची।
संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्प लाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों नाबालिग बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
फिलहाल दोनों बहनों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और बाल विवाह व प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे कई ऐसे काले पन्ने दर्ज हैं, जिन्हें याद करके आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसा ही एक भयानक हादसा 21 अक्टूबर 1990 की रात को एक्टर कमल सदाना के बांद्रा स्थित बंगले ‘जल कमल’ में हुआ था. जिस दिन कमल अपना 20वां जन्मदिन मना रहे थे, उसी रात उनके घर में खुशियों की जगह चीखें और गोलियों की आवाजें गूंज उठीं. पिता की एक सनक ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को एक ही झटके में खत्म कर दिया.
21 अक्टूबर 1990 को कमल सदाना अपने दोस्तों के साथ 20वां बर्थडे सेलिब्रेट कर बाहर से घर लौटे थे. बांद्रा वाले बंगले ‘जल कमल’ में सब कुछ सामान्य लग रहा था. दोस्तों के साथ म्यूजिक बज रहा था, तभी अचानक एक तेज धमाके की आवाज आई. किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है, तभी दूसरी गोली चली. कमल भागकर बाहर आए तो देखा कि उनकी मां सईदा खान और बहन नम्रता जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हैं. पास में ही उनके पिता और मशहूर फिल्म मेकर बृज सदाना हाथ में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लिए खड़े थे.
जब बेटे पर ही तान दी बंदूक
कमल अपनी मां को बचाने के लिए आगे भागे, लेकिन पिता ने उन पर भी गोली चला दी. गोली कमल की गर्दन के पिछले हिस्से में लगी और खुशकिस्मती से किसी नर्व या नस को नुकसान पहुंचाए बिना पार निकल गई. उस समय आफरातफरी में कमल को अहसास ही नहीं हुआ कि उन्हें भी गोली लगी है. उन्हें लगा कि उनके कपड़ों पर लगा खून उनकी मां और बहन का है. वह उसी हालत में अपनी मां और बहन को अस्पताल लेकर भागे.
अस्पताल में खुली आंखें और खत्म हो चुकी थी दुनिया
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जब कमल की शर्ट पर इतना खून देखा, तो जांच करने पर पता चला कि उन्हें भी गोली लगी है. कमल के दोस्त अबीस रिजवी उन्हें तुरंत दूसरे अस्पताल ले गए, जहां उनका ऑपरेशन हुआ. जब कमल को होश आया, तब तक उनकी मां और बहन दम तोड़ चुकी थीं. पुलिस रिपोर्ट्स और खबरों के मुताबिक, परिवार को गोली मारने के बाद पिता बृज सदाना ने भी अपने कमरे में जाकर खुद को गोली मार ली थी. एक ही रात में कमल सदाना का पूरा परिवार खत्म हो गया था.
आखिर उस रात क्या हुआ था?
इस खौफनाक वारदात की असली वजह आज तक राज ही बनी हुई है. एनडीटीवी की रिपोर्ट और उस वक्त की खबरों के अनुसार, बृज सदाना का करियर लगातार गिर रहा था और वह डिप्रेशन व शराब की लत का शिकार हो चुके थे. घर में अक्सर झगड़े होते थे. कुछ लोगों का कहना था कि वह बेटी नम्रता के रिश्ते से खुश नहीं थे, तो कुछ अन्य वजहें बताते हैं. हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड्स और कमल सदाना के बयानों के मुताबिक, हादसे के वक्त उनके पिता अत्यधिक शराब के नशे में थे.
दर्दनाक यादों के बीच जिंदगी में आगे बढ़ना
इस भयानक त्रासदी के बाद भी कमल सदाना टूटे नहीं. महज 20 साल की उम्र में अनाथ होने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और मेकर्स से काम मांगा. उन्हें काजोल के साथ फिल्म ‘बेखुदी’ में ब्रेक मिला. दिलचस्प और दर्दनाक बात यह है कि शूटिंग के दौरान एक सीन में काजोल के गोली लगने पर उन्हें रोना था और वह दिन भी 21 अक्टूबर ही था. कमल आज भी उसी बंगले में रहते हैं जहां यह सब हुआ था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि दुनिया में बहुत लोग दुख झेलते हैं, लेकिन आपको जिंदगी में आगे बढ़ना पड़ता है और दिल में नफरत लेकर आप नहीं जी सकते.
Disclaimer: जीवन अनमोल है. जी भरकर जिएं. इसका पूरी तरह सम्मान करें. हर पल का आनंद लें. किसी बात-विषय-घटना के कारण व्यथित हों तो जीवन से हार मानने की कोई जरूरत नहीं. अच्छे और बुरे दौर आते-जाते रहते हैं. लेकिन, कभी जब किसी कारण गहन हताशा, निराशा, डिप्रेशन महसूस करें तो सरकार द्वारा प्रदत्त हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क करें.
उत्तर प्रदेश के एक गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक का दावा है कि वह पड़ोस में रहने वाली महिला के बुलाने पर उसके घर गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही ऐसा घटनाक्रम हुआ कि मामला सीधे पुलिस तक पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि रात के समय युवक पड़ोस में रहने वाली महिला के घर पहुंचा। इसी दौरान महिला के पति ने उसे घर में जाते हुए देख लिया। आरोप है कि इसके बाद पति ने शोर मचाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।
हंगामे के बीच महिला के पति ने युवक पर घर में चोरी की नीयत से घुसने का आरोप लगाया। वहीं, युवक ने कहा कि वह चोरी करने नहीं बल्कि महिला के बुलाने पर किसी काम से घर आया था। महिला ने भी लोगों के सामने यही बात दोहराई और कहा कि उसने ही युवक को घर बुलाया था।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक को अपने साथ थाने ले गई। महिला ने पुलिस से युवक को छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि वह बिना अनुमति घर में नहीं घुसा था। हालांकि, पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए युवक का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया।
दूसरे मामले में प्रेमी की हत्या का खुलासा
इसी बीच उत्तर प्रदेश के एक अन्य जिले में युवक की हत्या के मामले का भी पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक को उसकी कथित प्रेमिका ने रात में मिलने के लिए बुलाया था।
जांच में सामने आया कि युवक जैसे ही घर पहुंचा, वहां मौजूद परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर शव को सुनसान इलाके में फेंक दिया गया।
पुलिस ने जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद युवती समेत उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नोट: दोनों मामले पुलिस में दर्ज शिकायत और प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। संबंधित आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
नागपुर पुलिस ने एक ऐसे शख्स को अरेस्ट किया है, जिसने एक नाबालिग को इंटाग्राम के जरिए अपने जाल में फंसाया. इसके बाद, उसने नाबालिग को बंधक बना उसके साथ यौन शोषण किया. पुलिस ने पीड़िता को एक किराए के मकान से रेस्क्यू किया है.
क्राइम न्यूज. महाराष्ट्र के नागपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. मामले में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को पहले इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती के जाल में फंसाया गया. साजिश के तहत, जल्द ही यह दोस्ती को प्यार का चोला पहनाकर निजी तस्वीरें हासिल की गईं. इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल. आरोपी ने पीड़िता को मिलने के बहाने बुलाया और उसे बंधक बना लिया. आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसका यौन शोषण भी किया. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर पीड़िता को सही सलामत छुड़ा लिया है.
फर्जी आईडी से इंस्टाग्राम पर दोस्ती: पिछले साल ठाणे के रहने वाले आरोपी निर्भय पाखरे ने इंस्टाग्राम पर ‘आकाश मेहरा’ नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई. इसी प्रोफाइल के जरिए उसने नागपुर की रहने वाली 16 साल की नाबालिग लड़की से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उससे दोस्ती कर ली.
तस्वीरों के जरिए शुरू हुई ब्लैकमेलिंग: बातचीत के दौरान लड़की ने आरोपी के साथ अपनी कुछ निजी तस्वीरें साझा कर दी थीं. इसके बाद आरोपी का असली चेहरा सामने आया. वह उन तस्वीरों को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर लड़की को ब्लैकमेल करने लगा. डर के मारे लड़की उससे मिलने पर मजबूर हो गई.
दो अगस्त से लापता थी पीड़िता: 2 अगस्त को लड़की अचानक अपने घर से गायब हो गई. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद, उन्होंने नागपुर के हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने पीड़िता की तलाश शुरू कर दी.
टेक्निकल सर्विलांस से मिली लोकेशन: पीड़िता की तलाश में जुटी पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिए लोकेशन का पता लगाया. सोमवार यानी 3 अगस्त की रात करीब 11 बजे पुलिस ने नागपुर के दिघोरी इलाके में स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा. जहां से पीड़िता को सही सलामत बरामद कर आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया.
खौफनाक था कमरे का मंजर: जब पुलिस कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा बेहद खौफनाक था. पीड़िता बिस्तर पर पड़ी हुई थी और उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे. आरोपी हाथ में बेल्ट लिए उसके पास खड़ा था. पुलिस को बिस्तर के पास एक चाकू भी रखा हुआ मिला है. लड़की के शरीर पर मारपीट और चोट के कई निशान मिले हैं.
पीड़िता का रेस्क्यू को रेस्क्यू कर आरोपी को किया अरेस्ट पुलिस ने मौके से पीड़िता को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है. वहीं, आरोपी निर्भय पाखरे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपी पाखरे के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और अपहरण समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस फिलहाल उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की बारीकी से जांच कर रही है.
एक साधारण व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती, फिर कथित प्रेम और आखिरकार ब्लैकमेलिंग में बदल गई। एक महिला ने आरोप लगाया है कि खुद को विदेश में रहने वाला व्यक्ति बताने वाले युवक ने पहले उसका भरोसा जीता, फिर आपत्तिजनक वीडियो मंगवाकर उसे ब्लैकमेल किया और लाखों रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
पीड़िता के अनुसार, करीब एक महीने पहले उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से “हाय” का संदेश आया। पूछने पर सामने वाले ने बताया कि उसे उसका नंबर सोशल मीडिया के जरिए मिला है और उसने दोस्ती की इच्छा जताई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नियमित बातचीत शुरू हो गई और आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया।
महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को लंदन में रहने वाला एनआरआई बताया और भविष्य के सपने दिखाने लगा। इसी दौरान उसने बार-बार दबाव बनाकर महिला से निजी और आपत्तिजनक वीडियो मंगवा लिया। वीडियो मिलने के बाद आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया।
इसके बाद उसने विदेश से महंगे गिफ्ट और डॉलर भेजने का झांसा दिया। आरोपी ने कस्टम ड्यूटी, टैक्स और अन्य शुल्क का हवाला देकर अलग-अलग किश्तों में महिला से करीब 3.76 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर करा लिए।
जब आरोपी ने दोबारा बड़ी रकम की मांग की और महिला ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उसने कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया और परिचितों के बीच वायरल करने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि आरोपी ने कुछ लोगों को वीडियो भेज भी दिया और उसके रिश्तेदारों से संपर्क करना शुरू कर दिया।
मानसिक रूप से परेशान होने के बाद महिला ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई और पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साइबर एंगल सहित पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
नोट: यह समाचार पीड़िता की शिकायत और पुलिस में दर्ज प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Bikaner News : बीकानेर पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन तस्करी के मास्टरमाइंड राकेश प्रजापत को अमृतसर से गिरफ्तार किया. उस पर 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह अपने साथियों के जरिए बॉर्डर पार से आने वाली हेरोइन और हथियारों की खेप उठवाता था. इसके बाद उन्हें पंजाब तक पहुंचाने का काम कराया जाता था. तस्करी से मिलने वाले पैसों से वह ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था.
बीकानेर पुलिस के हत्थे चढ़ा राकेश प्रजापत. पंजाब से जोधपुर आने की तैयारी में था, कई राज्यों में दर्ज हैं 22 आपराधिक मामले
बीकानेर.
बीकानेर जिले के बॉर्डर पर पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन और विदेशी हथियारों की तस्करी कराने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड माने जा रहे राकेश प्रजापत को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बुधवार को पुलिस ने उसे पंजाब में अमृतसर के जामनगर हाईवे से दबोचा. बताया जा रहा है कि वह वहां से जोधपुर आने की तैयारी में था.
सदर थाना सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि राकेश लंबे समय से फरार चल रहा था. पिछले करीब 13 महीने से वह देश के अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था. उससे पहले वह वर्ष 2024-25 के दौरान करीब एक साल तक पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद रहा. पुलिस के अनुसार जेल में रहने के दौरान भी उसने अपना नेटवर्क बंद नहीं किया और वहीं से पूरे गिरोह को संचालित करता रहा.
खुद सामने नहीं आता था, साथियों से उठवाता था खेप
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि राकेश खुद ज्यादा सामने नहीं आता था. वह अपने साथियों के जरिए बॉर्डर पार से आने वाली हेरोइन और हथियारों की खेप उठवाता था. इसके बाद उन्हें पंजाब तक पहुंचाने का काम कराया जाता था. तस्करी से मिलने वाले पैसों से वह ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था. पाली जिले के चौपड़ा गांव का रहने वाला राकेश सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय था. पुलिस के मुताबिक उसने ‘दुबई किंग’ और ‘सरकार’ नाम से ग्रुप बना रखे थे. इन ग्रुपों में वह हथियारों, पैसों और दूसरे सामान के साथ अपनी तस्वीरें और शायरी पोस्ट करता था.
कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश
एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि राकेश प्रजापत के खिलाफ राजस्थान, पंजाब, गोवा और कर्नाटक में कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसकी तलाश बीकानेर, पाली, ब्यावर, पंजाब और गोवा पुलिस कर रही थी. उसकी गिरफ्तारी पर बीकानेर रेंज आईजी ने 50 हजार रुपए और पाली पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था.
फरीदकोट जेल से चलता था पूरा सिंडिकेट
पुलिस के मुताबिक इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी वीरेन्द्र राजपुरोहित से पूछताछ में कई अहम बातें सामने आईं. जांच में पता चला कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली ड्रग्स और हथियारों की तस्करी का पूरा नेटवर्क पंजाब की फरीदकोट जेल से संचालित किया जा रहा था. वहीं से पाकिस्तानी तस्करों तक हवाला के जरिए रकम पहुंचाने की तैयारी भी होती थी. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में राजस्थान के और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पाली जिले के कई बदमाश भी पुलिस की निगरानी में बताए जा रहे हैं.
50 करोड़ की खेप से खुली थी कड़ी
एसपी ने बताया कि 2 अगस्त को खाजूवाला के चक 6 बीडी इलाके से पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 50 करोड़ रुपए कीमत की 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल, 33 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए गए थे. इस मामले में ब्यावर के जैतारण निवासी वीरेन्द्र राजपुरोहित को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल जोधपुर में रह रहा था. पूछताछ में वीरेन्द्र ने बताया कि उसे यह खेप लेने के लिए राकेश प्रजापत ने भेजा था. उसने बताया कि साल 2018 में बेंगलुरु में उसकी राकेश से पहचान हुई थी. 15 जुलाई 2026 को राकेश ने जलालाबाद से वर्चुअल नंबर के जरिए फोन कर उसे खाजूवाला बॉर्डर से हेरोइन और हथियारों की खेप उठाकर पंजाब पहुंचाने को कहा था. इसके बाद वह 18 जुलाई को इलाके की रेकी करने पहुंचा और 1 अगस्त को दोबारा वहां पहुंचकर खेप लेकर रवाना हुआ. लेकिन 32 हेड के पास पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
पहले भी 70 करोड़ की हेरोइन मामले में आ चुका नाम
पुलिस ने बताया कि राकेश प्रजापत का नाम अप्रैल 2026 में खाजूवाला-पूगल मार्ग पर स्कूटी से बरामद करीब 14 किलो हेरोइन, जिसकी कीमत लगभग 70 करोड़ रुपए आंकी गई थी, उस मामले में भी सामने आया था. अब हाल ही में ड्रोन के जरिए भेजी गई हेरोइन और विदेशी हथियारों की बरामदगी में भी उसे आरोपी बनाया गया है. पुलिस का मानना है कि राकेश की गिरफ्तारी से पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों, हवाला नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और भारत में सक्रिय पूरे तस्करी सिंडिकेट के बारे में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं. अब जांच एजेंसियां उसकी संपत्तियों, आर्थिक स्रोतों और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं.
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आनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय
वर्तमान में News18 हिंदी
(राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता
के क्षेत्र में अ…
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक 72 वर्षीय रिटायर्ड मर्चेंट नेवी इंजीनियर को फेसबुक के जरिए जाल में फंसाकर ठगों ने करीब 1.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दी। आरोपियों ने निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर बुजुर्ग से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए।
पीड़ित ने मामले की शिकायत कानपुर के कोहना थाना पुलिस से की है। पुलिस ने साइबर ठगी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
पीड़ित बुजुर्ग तिलक नगर इलाके में अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि फरवरी 2026 में फेसबुक के माध्यम से कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने निवेश के जरिए कम समय में अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद उन्हें ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए पैसे लगाने के लिए कहा गया। ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को लगा कि उनका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही बड़ा मुनाफा मिलेगा।
19 ट्रांजैक्शन में ट्रांसफर कराए 1.24 करोड़ रुपये
पुलिस शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने 15 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 1,24,10,805 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शुरुआत में फर्जी वेबसाइट पर निवेश की रकम और कथित मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की गई। इसी दौरान उन्हें शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस ने 22 लाख रुपये फ्रीज कराए
मामले की जानकारी मिलने के बाद कानपुर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने ठगी से जुड़े बैंक खातों की जांच करते हुए करीब 22 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। अब पुलिस बाकी रकम की बरामदगी और आरोपियों की पहचान में जुटी है।
हजारों खातों में भेजी गई ठगी की रकम
जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम को कई बैंक खातों के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक बड़ा साइबर ठगी नेटवर्क काम कर रहा है।
फिलहाल पुलिस बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि इस पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सके।
हरियाणा के नूंह शहर में एक वकील के घर हुई बड़ी चोरी की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। बदमाश देर रात मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और लाखों रुपये की नकदी के साथ भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण समेटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, वारदात देर रात करीब 1:30 बजे हुई। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और वहां रखी करीब 100 ग्राम सोने के आभूषण, लगभग 1 किलो चांदी तथा करीब 20 लाख रुपये नकद पर हाथ साफ कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में कुछ संदिग्ध बाइक पर आते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि दो बदमाशों ने घर का ताला तोड़ा, जबकि अन्य साथी बाहर निगरानी करते रहे। घर के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी नुकसान पहुंचाया गया, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाए। आसपास के इलाकों में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस का कहना है कि चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है और संदिग्धों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
नोट: यह समाचार पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी और जांच के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार की जाएगी।
रिश्तों को हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां चार बेटियों की मां अपने कथित प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। आरोप है कि महिला ने बस स्टैंड पर अपने पति और बच्चों को बहाना बनाकर चकमा दिया और मौके से फरार हो गई। पति का दावा है कि महिला अपने साथ नकदी और बैंक में जमा रकम भी लेकर चली गई।
पीड़ित पति के अनुसार, उसकी शादी करीब 11 साल पहले हुई थी और उनके चार बेटियां हैं। परिवार का गुजारा मजदूरी से चलता है। वह लंबे समय से दूसरे शहर में काम कर रहा था, जबकि उसकी पत्नी का पिछले कुछ वर्षों से एक रिश्तेदार के साथ कथित प्रेम संबंध था।
बताया गया कि परिवार दूसरे शहर से अपने गांव लौट रहा था। सुबह जब वे बस स्टैंड पहुंचे, तब महिला ने अपने पति से बच्चों को शौचालय ले जाने के लिए कहा। पति बच्चों को लेकर गया और कुछ देर बाद वापस लौटा तो उसकी पत्नी वहां नहीं थी। आरोप है कि वह पहले से इंतजार कर रहे अपने कथित प्रेमी के साथ चली गई।
पति का कहना है कि महिला घर की करीब 24 हजार रुपये नकद और बैंक खाते में जमा लगभग 50 हजार रुपये भी अपने साथ ले गई। उसने जब पत्नी के मायके वालों से संपर्क किया तो उन्हें भी उसके ठिकाने की जानकारी नहीं मिली।
इसके बाद पीड़ित ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि महिला की तलाश की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस में दर्ज शिकायत पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
गुजरात के सूरत से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां 13 वर्षीय छात्र की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चे को मोबाइल छोड़कर पढ़ाई और होमवर्क करने के लिए कहा गया था, जिसके कुछ समय बाद उसने कथित तौर पर फांसी लगा ली।
यह घटना सूरत के वड रोड स्थित लक्ष्मीनगर सोसाइटी की है। मृतक मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला था और सूरत महानगरपालिका के एक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता लूम्स फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं।
परिजनों के मुताबिक, बच्चे को मोबाइल गेम खेलने की आदत थी। घटना वाले दिन माता-पिता ने उसे डांटने के बजाय प्यार से मोबाइल बंद कर स्कूल का होमवर्क पूरा करने के लिए कहा। इसके बाद वह नाराज होकर अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद परिजनों ने उसे फंदे से लटका हुआ पाया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि बच्चा स्वभाव से जिद्दी था और पिछले कुछ समय से मोबाइल गेमिंग की वजह से उसके व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की जरूरत है। अभिभावकों को बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहिए, उनकी भावनाओं को समझना चाहिए और मोबाइल के उपयोग के लिए संतुलित नियम बनाने चाहिए।