Category: Crime

  • मथुरा: तीन दोस्तों के साथ जंगल गया युवक नहीं लौटा, पुलिस डॉग ने गड्ढे तक पहुंचाया; शव बरामद.

    मथुरा: तीन दोस्तों के साथ जंगल गया युवक नहीं लौटा, पुलिस डॉग ने गड्ढे तक पहुंचाया; शव बरामद.

    मथुरा: तीन दोस्तों के साथ जंगल गया युवक नहीं लौटा, पुलिस डॉग ने गड्ढे तक पहुंचाया; शव बरामद.

    मथुरा, उत्तर प्रदेश: कोसीकलां थाना क्षेत्र के बरका गांव में एक युवक की हत्या कर शव जंगल में दफन किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से जंगल में एक गड्ढे से युवक का शव बरामद किया। मामले में युवक के साथ जंगल गए उसके तीन दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया गया है, जो घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं।

    सुबह तीन दोस्तों के साथ जंगल गया था युवक

    बरका गांव निवासी शौकीन बुधवार सुबह करीब 8 बजे अपने तीन दोस्तों विष्णु, लक्ष्मण और आशीष के साथ जंगल की ओर गया था। तीनों दोस्त वापस गांव लौट आए, लेकिन शौकीन घर नहीं पहुंचा।

    काफी देर तक उसका इंतजार करने के बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिवार के लोग तीनों दोस्तों के घर पहुंचे और शौकीन के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि तीनों ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इसके बाद तीनों गांव से गायब हो गए।

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

    तीनों दोस्तों के अचानक गायब होने के बाद परिजनों का शक गहरा गया। परिवार ने पुलिस को शिकायत देकर तीनों युवकों पर शौकीन की हत्या करने का आरोप लगाया।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर युवक की तलाश शुरू की। काफी तलाश के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद लेने का फैसला किया।

    खोजी कुत्ते ने गड्ढे तक पहुंचाया

    रात करीब 9 बजे डॉग स्क्वायड की मदद से जंगल में तलाश शुरू की गई। पुलिस के मुताबिक, खोजी कुत्ता एक स्थान पर पहुंचा, जहां जमीन में गड्ढा था। खुदाई करने पर वहां से शौकीन का शव बरामद हुआ।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्या के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है।

    शराब पीने के बाद विवाद की आशंका

    कोसीकलां थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चारों युवकों ने जंगल में एक साथ शराब पी थी। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और शौकीन की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।

    हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और वारदात में तीनों आरोपितों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

    तीनों नामजद आरोपी फरार

    परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    पुलिस का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद है।

  • मोहाली: जीरकपुर के नेचर पार्क में गर्दन कटा शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका; मृतक की पहचान नहीं

    मोहाली: जीरकपुर के नेचर पार्क में गर्दन कटा शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका; मृतक की पहचान नहीं

    मोहाली: जीरकपुर के नेचर पार्क में गर्दन कटा शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका; मृतक की पहचान नहीं

    मोहाली, पंजाब: जीरकपुर के पीरमुछल्ला स्थित नेचर पार्क में गुरुवार सुबह एक व्यक्ति का गर्दन कटा शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह सैर के लिए पहुंचे लोगों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    मृतक की अभी पहचान नहीं हो पाई है। शव से गर्दन अलग होने के कारण शुरुआती तौर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है।

    सुबह करीब 9 बजे मिली सूचना

    पुलिस को घटना की जानकारी सुबह करीब 9 बजे मिली। इसके बाद टीम ने नेचर पार्क के आसपास के इलाके को घेरकर जांच की। फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मृतक कौन है और वह पार्क तक कैसे पहुंचा।

    पार्क में हुई वारदात या कहीं और हत्या?

    जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या नेचर पार्क के अंदर ही की गई या किसी अन्य स्थान पर वारदात को अंजाम देने के बाद शव यहां लाकर छोड़ा गया।

    पार्क में हरियाणा की तरफ से आने का रास्ता है, जबकि पंचकूला की ओर से भी यहां पहुंचा जा सकता है। ऐसे में पुलिस इन रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पार्क के आसपास रहने वाले लोगों और सुबह वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

    जांच अधिकारियों का फोकस मृतक की पहचान करने के साथ-साथ यह पता लगाने पर है कि वह आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में था।

    पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

    शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद मौत की वास्तविक वजह और गर्दन अलग होने की परिस्थितियों को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

    फिलहाल पुलिस मामले को हत्या समेत अन्य संभावित कोणों से जांच रही है और मृतक की पहचान कराने के प्रयास जारी हैं।

  • राजगढ़: 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का आरोप, जंगल में मिला सिर कटा शव; संदिग्ध युवक की सड़क हादसे में मौत’

    राजगढ़: 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का आरोप, जंगल में मिला सिर कटा शव; संदिग्ध युवक की सड़क हादसे में मौत’

    राजगढ़: 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का आरोप, जंगल में मिला सिर कटा शव; संदिग्ध युवक की सड़क हादसे में मौत’

    राजगढ़, मध्य प्रदेश: राजगढ़ जिले में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लड़की 30 सितंबर से लापता थी। पुलिस की जांच के बाद उसका शव ब्यावरा क्षेत्र के जंगल से बरामद किया गया। शव से कुछ दूरी पर उसका सिर भी मिला।

    मामले में पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध आरोपी के तौर पर चिन्हित किया था, लेकिन लड़की की मौत के कुछ समय बाद ही उक्त युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस अब हत्या की वजह और घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

    सीसीटीवी से सामने आया सुराग

    पुलिस के मुताबिक, नाबालिग के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए आसपास के CCTV कैमरों की जांच की गई।

    जांच के दौरान वह एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर एक गांव की ओर जाती हुई दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने युवक की पहचान और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की।

    पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच पहले से परिचय था और वे एक-दूसरे के संपर्क में थे।

    जंगल में मिला शव

    जांच के दौरान पुलिस को ब्यावरा क्षेत्र के जंगल में नाबालिग का शव मिला। पुलिस के अनुसार, शव का सिर धड़ से करीब 50 फीट की दूरी पर पड़ा था।

    प्रारंभिक जांच में हत्या के लिए धारदार औजार के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित किया है।

    संदिग्ध युवक की भी हादसे में मौत

    पुलिस के अनुसार, जिस युवक पर हत्या का संदेह था, वह जंगल से मोटरसाइकिल से निकल रहा था। इसी दौरान उसकी एक ट्रक से टक्कर हो गई और उसकी मौत हो गई।

    पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों और हत्या के घटनाक्रम के बीच संबंध की भी जांच कर रही है। युवक की मौत के कारण पुलिस को मामले के कई सवालों के जवाब उसके बयानों से नहीं मिल पाएंगे।

    हत्या की वजह अभी साफ नहीं

    पुलिस जांच में दोनों के बीच संबंध होने की बात सामने आई है, लेकिन हत्या की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या वारदात के पीछे कोई अन्य कारण था, इसकी जांच की जा रही है।

    पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, CCTV रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल और अन्य जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच से भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

  • साहिबगंज: शौच के लिए घर से निकले 18 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, गले पर मिले निशान; दो महीने पहले हुई थी शादी.

    साहिबगंज: शौच के लिए घर से निकले 18 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, गले पर मिले निशान; दो महीने पहले हुई थी शादी.

    साहिबगंज: शौच के लिए घर से निकले 18 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, गले पर मिले निशान; दो महीने पहले हुई थी शादी.

    साहिबगंज, झारखंड: तालझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तालबन्ना गांव में 18 वर्षीय युवक विपोल मंडल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। युवक बुधवार रात घर से शौच के लिए निकला था, लेकिन कई घंटे तक वापस नहीं लौटा। देर रात परिजनों ने तलाश शुरू की तो वह घर से कुछ दूरी पर मृत अवस्था में मिला। उसके गले पर निशान पाए गए हैं।

    रात करीब 8 बजे घर से निकला था युवक

    परिजनों के अनुसार, विपोल मंडल बुधवार रात करीब 8 बजे शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकला था। जब वह रात करीब 12 बजे तक वापस नहीं आया तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की।

    तलाश के दौरान युवक घर से कुछ दूरी पर जमीन पर गिरा मिला। परिजनों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसके गले पर निशान देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई।

    गला दबाकर हत्या की आशंका

    घटना की सूचना मिलते ही तालझारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजमहल भेज दिया।

    पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका समेत अन्य पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।

    दो महीने पहले ही हुई थी शादी

    बताया जा रहा है कि विपोल मंडल की शादी करीब दो महीने पहले ही हुई थी। परिजनों के मुताबिक, उसका गांव के ही कुछ लोगों से पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को घटना की संभावित वजहों में से एक माना जा रहा है।

    पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी बताई गई है।

    फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

  • सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत, हरियाणा: रामेश्वरी उर्फ बबीता हत्याकांड की जांच के बीच उनकी बेटी जाह्नवी ने पूछताछ के दौरान अपनी मां की बीमा पॉलिसी और संपत्ति को लेकर कई अहम बातें बताई हैं। जाह्नवी ने हत्या में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। साथ ही उसने विशाल के साथ प्रेम संबंध होने की बात भी नकार दी है।

    13 करोड़ रुपये के बीमा कवर का दावा

    जाह्नवी के मुताबिक, उसकी मां हर महीने करीब 55 हजार रुपये बीमा प्रीमियम के तौर पर जमा करती थीं। उसके अनुसार, अलग-अलग पॉलिसियों में 75 वर्ष की उम्र तक करीब 13 करोड़ रुपये का बीमा कवर था।

    जाह्नवी का दावा है कि अब तक करीब 5 लाख रुपये प्रीमियम के रूप में जमा किए जा चुके हैं। उसने पुलिस पूछताछ में यह भी कहा कि मां की मौत के बाद अगर उसे बीमा की रकम मिलती है, तो वह उसे निजी इस्तेमाल में नहीं लाएगी।

    उसका कहना है कि रकम मिलने पर वह इसे गौशाला और जरूरतमंद लोगों के लिए दान करना चाहती है।

    हालांकि, 13 करोड़ रुपये के बीमा कवर, जमा प्रीमियम, पॉलिसियों की शर्तों और रकम के वास्तविक भुगतान से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

    ननिहाल की संपत्ति भी नाम होने का दावा

    जाह्नवी ने बताया कि उसके ननिहाल की कुछ संपत्तियां उसके नाम हैं। परिवार की कुछ अन्य संपत्तियों में भी वह नॉमिनी होने का दावा करती है।

    पुलिस पूछताछ के दौरान उससे सोने, संपत्ति, बीमा पॉलिसियों और अन्य आर्थिक मामलों से जुड़ी जानकारी ली गई है। जांच एजेंसियां अब संबंधित दस्तावेजों के जरिए इन दावों की पुष्टि कर रही हैं।

    हत्या में भूमिका और विशाल से रिश्ते से इनकार

    जाह्नवी ने पूछताछ में अपनी मां की हत्या में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। उसका दावा है कि मामले में उसका नाम गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है।

    उसने विशाल के साथ प्रेम संबंध होने से भी इनकार किया। जाह्नवी के मुताबिक, विशाल उससे शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी मां ने दोनों का गोत्र एक होने की वजह से इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया था।

    पुलिस बीमा और संपत्ति के एंगल से भी कर रही जांच

    रामेश्वरी हत्याकांड में अब पुलिस बीमा, नॉमिनी और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का मिलान करेगी।

    फिलहाल जाह्नवी के खिलाफ किसी ठोस सबूत की स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • देहरादून: 300 रुपये की मजदूरी के विवाद में तिहरा हत्याकांड, प्लंबर पर बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या का आरोप.

    देहरादून: 300 रुपये की मजदूरी के विवाद में तिहरा हत्याकांड, प्लंबर पर बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या का आरोप.

    देहरादून: 300 रुपये की मजदूरी के विवाद में तिहरा हत्याकांड, प्लंबर पर बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या का आरोप.

    देहरादून, उत्तराखंड: देहरादून की विष्णुलोक कॉलोनी में हुए तिहरे हत्याकांड ने इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 300 रुपये की मजदूरी को लेकर हुए विवाद के बाद प्लंबर राजकुमार ने बुजुर्ग दंपती और उनके पड़ोस में काम करने वाली घरेलू सहायिका पर हमला कर दिया। घटना में तीनों की मौत हो गई।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी करीब दो साल से रमेश कपूर के घर प्लंबिंग का काम करता था और परिवार का उस पर भरोसा था। पुलिस अब आरोपी के बयान के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का मिलान कर रही है।

    600 रुपये मांगने पर शुरू हुआ विवाद

    पुलिस के अनुसार, राजकुमार ने अपने काम के बदले 600 रुपये मजदूरी मांगी थी, जबकि बुजुर्ग दंपती कथित तौर पर 300 रुपये देने की बात कह रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार ने पेचकस से रमेश कपूर और उनकी पत्नी रजनी कपूर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पड़ोस में काम कर रही घरेलू सहायिका तिलया देवी उर्फ शीला वहां पहुंची। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया।

    घटना के बाद आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

    आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस

    पुलिस अब राजकुमार के पुराने रिकॉर्ड और उसके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। वह मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला बताया गया है और करीब पांच साल से देहरादून के इंद्रेश नगर क्षेत्र में रह रहा था।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, वह लंबे समय तक एक ही जगह नहीं रहता था और कुछ महीनों के अंतराल पर अपना कमरा बदल लेता था। करीब दो महीने पहले भी किराया न देने को लेकर उसे एक मकान से निकाले जाने की बात सामने आई है।

    पुलिस उसके पुराने ठिकानों, कामकाज, संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

    दीपावली पर बेटों के आने की थी तैयारी

    रमेश कपूर और रजनी कपूर के दोनों बेटे देहरादून से बाहर रहते हैं। बड़ा बेटा पुणे में नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा दिल्ली में रहता है। परिवार के अनुसार, दोनों बेटे दीपावली के मौके पर माता-पिता से मिलने आने वाले थे।

    घर में त्योहार को लेकर तैयारियां चल रही थीं और मरम्मत का काम भी कराया जा रहा था। इसी बीच हुई इस वारदात ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता

    हत्याकांड के बाद अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने सक्रियता बढ़ाई है। पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में रहने वाले एक हजार से अधिक बुजुर्गों से संपर्क कर उनकी समस्याएं जानीं और आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के लिए जरूरी नंबर उपलब्ध कराए।

    फास्ट ट्रैक पर मुकदमा चलाने की तैयारी

    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। आरोपी के बयानों, घटनास्थल के साक्ष्यों और अन्य लोगों से मिली जानकारी का मिलान किया जा रहा है।

    पुलिस जल्द से जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। मामले को फास्ट ट्रैक पर चलाने की पैरवी किए जाने की भी बात कही गई है।

  • पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत, हरियाणा: पानीपत कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वकीलों के चैंबर वाली बिल्डिंग के पीछे स्थित पार्किंग में दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान मारपीट हो गई। आरोप है कि एक पक्ष के युवकों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर गंडासी, लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना में कई युवक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया।

    कोर्ट में तारीख के दौरान हुआ विवाद

    बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी मामले में दोनों पक्ष तारीख पर कोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान चैंबर बिल्डिंग के पीछे पार्किंग में मौजूद युवकों के बीच कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पक्ष के दो युवक पार्किंग में मौजूद थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कई युवक वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियारों और डंडों से हमला किया।

    गाड़ियों में भी की गई तोड़फोड़

    हमले के दौरान पार्किंग में खड़े वाहनों को भी निशाना बनाया गया। आरोप है कि करीब पांच गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। अचानक हुई मारपीट के कारण कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी हड़कंप मच गया।

    घटना में घायल युवकों को तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कोर्ट परिसर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस हमले में शामिल लोगों की पहचान और घटना के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने में जुटी है। कोर्ट परिसर में हथियारों के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर, मध्य प्रदेश: बड़ामलहरा कस्बे में एक बुजुर्ग के कथित तौर पर मृत घोषित किए जाने के बाद फिर से जीवित होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। करीब 65 वर्षीय शेख सलीम को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों की ओर से उनकी हालत बेहद गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें घर लाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।

    हालांकि, रात करीब 1:30 बजे परिजनों ने उनके शरीर में हलचल महसूस होने और हिचकी आने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। परिवार का कहना है कि बाद में सलीम खड़े भी हुए।

    दोपहर में अस्पताल ले गए थे परिजन

    सलीम के पौत्र के मुताबिक, बुधवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोशी की हालत में चले गए। परिजन उन्हें दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे।

    परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर बताते हुए ग्वालियर रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद परिवार शाम करीब 6:30 बजे उन्हें लेकर बड़ामलहरा के लिए रवाना हुआ।

    घर पहुंचते ही शुरू हो गई अंतिम संस्कार की तैयारी

    परिजन सलीम को घर लेकर पहुंचे और उन्हें एक कमरे में लिटा दिया। परिवार के मुताबिक, घर में दुआ-पाठ शुरू कर दिया गया और रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई। कुछ रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे और परिवार में शोक का माहौल था।

    रात में अचानक शरीर में हलचल का दावा

    परिजनों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे अचानक सलीम को हिचकी आई। इसके बाद उनके शरीर में हलचल महसूस हुई। परिवार का दावा है कि कुछ देर बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। बाद में वह खड़े भी हुए।

    इस घटना के बाद घर में मौजूद परिजन हैरान रह गए। खबर फैलने पर आसपास के लोग भी सलीम को देखने के लिए पहुंचने लगे।

    धार्मिक आस्था से जोड़ रहा परिवार

    परिजनों का कहना है कि सलीम अब ठीक हैं और इबादत कर रहे हैं। परिवार ने इस घटना को अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए इसे ईश्वर की कृपा बताया है।

    तीन बार मृत बताए जाने का परिजनों का दावा

    परिवार का दावा है कि सलीम को अलग-अलग मौकों पर डॉक्टरों ने तीन बार मृत बताया था। हालांकि, इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि अस्पताल के रिकॉर्ड और संबंधित डॉक्टरों की जानकारी के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में उस समय सलीम की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति क्या थी और उन्हें किस आधार पर मृत माना गया था। पूरे मामले में मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

    नोट: इस घटना से जुड़े “मृत घोषित” किए जाने और बाद में होश में आने के दावे फिलहाल परिजनों के बयान पर आधारित हैं। इसकी चिकित्सकीय पुष्टि संबंधित अस्पताल के रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच से ही हो सकेगी।

  • लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना, पंजाब: विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ट्रैवल एजेंट ने महिला को ऑस्ट्रेलिया में नौकरी और बेहतर भविष्य का भरोसा देकर उससे 19 लाख 67 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया भेजने के बजाय उसे सिंगापुर की फ्लाइट में बैठा दिया गया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसका मूल पासपोर्ट भी वापस नहीं किया।

    ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने का दिया था भरोसा

    शिकायतकर्ता मोनिका रानी के मुताबिक, उसकी मुलाकात कथित ट्रैवल एजेंट मनदीप सिंह से हुई थी। आरोपी ने उसे ऑस्ट्रेलिया का वैध वीजा दिलाने और वहां सुरक्षित तरीके से बसाने का भरोसा दिया।

    आरोप है कि इस भरोसे में आकर महिला ने अलग-अलग तारीखों पर किस्तों में कुल 19,67,000 रुपये आरोपी को दे दिए। यात्रा और दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए उसने अपना मूल पासपोर्ट भी उसे सौंप दिया।

    ऑस्ट्रेलिया की जगह सिंगापुर भेजने का आरोप

    महिला के अनुसार, पूरी रकम लेने के बाद आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने के बजाय उसे कथित तौर पर सिंगापुर भेज दिया। वहां पहुंचने के बाद जब ऑस्ट्रेलिया का वैध वीजा और आगे की यात्रा से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले, तो महिला को कथित धोखाधड़ी का पता चला।

    वापस लौटने के बाद उसने आरोपी से अपनी रकम और पासपोर्ट वापस मांगा। आरोप है कि आरोपी ने न तो पैसे लौटाए और न ही उसका मूल पासपोर्ट वापस किया।

    पुलिस जांच के बाद केस दर्ज

    महिला की शिकायत के बाद लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की दस्तावेजी और तकनीकी जांच कराई। जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अब आरोपी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विदेश भेजने के नाम पर कथित तौर पर ठगी के इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

    नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।

  • लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना, पंजाब: सोने-चांदी के कारोबार में कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का भरोसा देकर एक महिला डॉक्टर से कथित तौर पर 75 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने डॉक्टर से 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के जरिए लिए, जबकि करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी हासिल किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    कारोबार में निवेश के नाम पर बढ़ाया भरोसा

    शिकायत के मुताबिक, आरोपी वरुण वर्मा ने पहले महिला डॉक्टर से मेलजोल बढ़ाया और खुद को सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा हुआ बताया। इसके बाद उसने कथित तौर पर डॉक्टर को कारोबार में पैसा लगाने पर कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया।

    आरोप है कि आरोपी की बातों पर विश्वास करके डॉक्टर ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के माध्यम से उसे दे दिए।

    35 लाख रुपये का सोना भी लेने का आरोप

    शिकायत के अनुसार, पैसों के अलावा आरोपी ने सोने के कारोबार के नाम पर डॉक्टर से करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी ले लिया। इस तरह शिकायतकर्ता के मुताबिक कुल 75 लाख रुपये की रकम और संपत्ति आरोपी के पास पहुंच गई।

    काफी समय बीतने के बाद जब कथित तौर पर न तो मुनाफे की रकम मिली और न ही निवेश का हिसाब दिया गया, तो डॉक्टर ने अपने पैसे और सोना वापस मांगना शुरू किया।

    पैसे और सोना लौटाने से किया इनकार

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में रकम तथा सोना वापस करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद महिला डॉक्टर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत दी।

    पुलिस की जांच में बैंक लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल की गई। इसके बाद थाना डिविजन नंबर 8 में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज किया गया।

    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है। साथ ही उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर ठगी गई रकम और सोने की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।

    मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

    नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।