Category: Crime

  • मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    जीरकपुर, मोहाली, पंजाब: पीर मुच्छल्ला के नेचर पार्क के पास जंगल में युवक का सिर कटा शव मिलने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरपाल कश्यप और उसके बेटे राहुल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को शक था कि हरपाल के बेटे बबलू की मौत के पीछे विशाल का हाथ था। इसी रंजिश में विशाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मामले में एक अन्य आरोपी मनोज की तलाश जारी है।

    बेटे की मौत के शक में रची हत्या की साजिश

    पुलिस की जांच के अनुसार, करीब एक महीने पहले हरपाल के बेटे बबलू का शव पंचकूला के जंगल क्षेत्र में मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी और उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाद में हरपाल को अपने बेटे की मौत की जानकारी मिली।

    पुलिस का कहना है कि हरपाल को संदेह था कि बबलू के दोस्त विशाल और उसके परिवार की इस घटना में भूमिका हो सकती है। इसी शक के चलते उसने अपने बेटे राहुल और मनोज के साथ मिलकर विशाल को निशाना बनाने की योजना बनाई। हालांकि, बबलू की मौत और विशाल की कथित भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

    दरात से हत्या कर जंगल में फेंका शव

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विशाल पर हमला किया और दरात से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। इसके बाद शव को पीर मुच्छल्ला स्थित नेचर पार्क के पास जंगल में फेंक दिया गया।

    आठ अक्टूबर को पार्क के पास सिर कटा शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव की पहचान विशाल के रूप में की। शुरुआती तौर पर यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, लेकिन जांच के दौरान संदिग्धों की भूमिका सामने आने पर हरपाल और राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल किए गए दरात की बरामदगी और तीसरे आरोपी मनोज की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले हैं आरोपी

    पुलिस के अनुसार, हरपाल कश्यप और उसका बेटा राहुल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मैथरा गांव के रहने वाले हैं। दोनों मोहाली के पास जीरकपुर के पीर मुच्छल्ला स्थित शिव नगर में किराये पर रहते थे।

    वहीं, विशाल पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसने वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली रोली से प्रेम विवाह किया था। दंपती का करीब 10 महीने का एक बेटा है।

    पत्नी और बच्चे की तलाश के दौरान भी उलझा था मामला

    जांच में विशाल की पत्नी रोली और उनके बच्चे के लापता होने का पहलू भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, छह अक्टूबर को रोली अपने बच्चे के साथ दूध लेने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद विशाल पत्नी और बच्चे की तलाश में निकला था।

    वह उस ढाबे पर भी गया, जहां रोली पहले काम करती थी। उसे आशंका थी कि उसकी पत्नी ढाबा संचालक के साथ चली गई है। वहां विशाल का विवाद होने की बात भी सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार, मनोज भी विशाल के साथ ढाबे पर गया था। जांच में मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। फिलहाल रोली और उसके 10 महीने के बच्चे का पता नहीं चल पाया है। पुलिस उनकी तलाश भी कर रही है।

    तीसरे आरोपी की तलाश, आगे की जांच जारी

    इस मामले की जांच खरड़ सीआईए की टीम कर रही है। पुलिस गिरफ्तार पिता-पुत्र को अदालत में पेश कर रिमांड लेने और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की तैयारी में है। जांच के दौरान हत्या की साजिश, आरोपियों की भूमिका और बबलू की मौत से जुड़े संदेह की भी पड़ताल की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी और सामने आए आरोपों पर आधारित है। मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। आरोपियों के दोषी होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ, उत्तर प्रदेश: पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ शाखा से जुड़े 3.63 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रही एक महिला को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान कविता के रूप में बताई गई है। वह वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी और उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया।

    हरिद्वार से पकड़ी गई आरोपी महिला

    मिली जानकारी के अनुसार, CBI को बैंक ऋण धोखाधड़ी के इस मामले में कविता की तलाश थी। वह लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से अनुपस्थित थी। लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।

    जांच एजेंसी ने तकनीकी सुरागों और लगातार किए गए प्रयासों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। आखिरकार शुक्रवार को टीम ने उसे उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, महिला हरिद्वार में किस स्थान पर रह रही थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पंजाब एंड सिंध बैंक से जुड़ा है मामला

    यह मामला पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ स्थित शाखा से जुड़े कथित 3.63 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले का है। इस प्रकरण में कविता को आरोपी बनाया गया है।

    हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कथित धोखाधड़ी किस तरीके से की गई थी, ऋण किसके नाम पर लिया गया था या इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका होने का आरोप है। इन पहलुओं की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही हो सकती है।

    वर्ष 2017 से अदालत में नहीं हुई थी पेश

    जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, अदालत में पेश नहीं होने के पीछे क्या कारण थे, इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    CBI ने तकनीकी जानकारी और लगातार प्रयासों के आधार पर उसका पता लगाया। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया संचालित होगी।

    गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?

    इस गिरफ्तारी से लंबे समय से लंबित मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है। अब अदालत के आदेशों और मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    फिलहाल, अदालत ने आरोपी के संबंध में क्या आदेश दिया और मामले में अन्य आरोपियों की स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कथित ऋण धोखाधड़ी के आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। गिरफ्तारी या आरोपी बनाए जाने का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

  • बेटे को मां से हुआ प्यार, साथ भागने को तैयार हुई महिला; रात के अंधेरे में रची गई अनोखी कहानी.

    बेटे को मां से हुआ प्यार, साथ भागने को तैयार हुई महिला; रात के अंधेरे में रची गई अनोखी कहानी.

    बेटे को मां से हुआ प्यार, साथ भागने को तैयार हुई महिला; रात के अंधेरे में रची गई अनोखी कहानी.

    नूंह, हरियाणा: हरियाणा के नूंह जिले से एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और बेटा एक साथ घर छोड़कर चले गए हैं। मामले में महिला को युवक की सौतेली मां बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, युवक कुछ समय से अपने पिता और सौतेली मां के साथ रह रहा था। दोनों के लापता होने के बाद परिवार में तनाव बढ़ गया और पिता ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।

    पहली पत्नी की मौत के बाद की थी दूसरी शादी

    बताया गया है कि मामला नूंह जिले के बासदल्ला गांव का है। यहां रहने वाले रामकिशन ने करीब 18 साल पहले फिरोजाबाद की एक महिला से शादी की थी। इस शादी से उन्हें एक बेटा हुआ। कुछ साल बाद पहली पत्नी की मृत्यु हो गई, जिसके बाद रामकिशन ने सोहना की रहने वाली एक महिला से दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी से उनकी एक बेटी भी है।

    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पहली पत्नी से हुआ बेटा बाद में अपने पिता का पता लगाते हुए उनके पास पहुंचा और करीब तीन महीने तक उनके साथ रहने लगा। इसी दौरान युवक और उसकी सौतेली मां के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    रात में घर छोड़ने का आरोप

    पिता का आरोप है कि उनकी पत्नी और बेटा रात के समय घर से चले गए। यह भी दावा किया गया है कि महिला अपने साथ नकदी, गहने और कुछ कीमती सामान ले गई। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान अहम होंगे।

    दोनों के घर से चले जाने की जानकारी मिलने के बाद परिवार में विवाद गहरा गया। पिता के मुताबिक, उन्हें बाद में दोनों के लापता होने का पता चला और इसके बाद उन्होंने उनकी तलाश शुरू की।

    पिता ने पुलिस और प्रशासन से मांगी मदद

    रिपोर्ट के अनुसार, रामकिशन ने पुलिस से संपर्क कर पत्नी और बेटे को तलाशने की मांग की है। उन्होंने कार्रवाई में देरी होने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तर पर भी शिकायत करने की बात कही है। वह चाहते हैं कि मामले की जांच हो और आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

    हालांकि, पुलिस की ओर से जांच की वर्तमान स्थिति, दोनों की उम्र और उनके लापता होने की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

    युवक की उम्र और सुरक्षा की जांच जरूरी

    इस मामले में युवक की वास्तविक उम्र एक महत्वपूर्ण पहलू है। यदि वह नाबालिग है, तो उसकी सुरक्षा, देखभाल और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं की जांच आवश्यक होगी। इसके साथ ही घर से सामान ले जाने के आरोपों और दोनों के लापता होने की परिस्थितियों की भी पुष्टि की जानी चाहिए।

    फिलहाल, उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से पिता की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। इसमें बताए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले जांच और कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।

  • फरीदाबाद में प्रेमी से फोन पर विवाद के बाद आगरा नहर की दीवार पर चढ़ी युवती, पुलिस और लोगों ने बचाई जान.

    फरीदाबाद में प्रेमी से फोन पर विवाद के बाद आगरा नहर की दीवार पर चढ़ी युवती, पुलिस और लोगों ने बचाई जान.

    फरीदाबाद में प्रेमी से फोन पर विवाद के बाद आगरा नहर की दीवार पर चढ़ी युवती, पुलिस और लोगों ने बचाई जान.

    फरीदाबाद, हरियाणा: प्रेमी से फोन पर हुई कहासुनी के बाद एक 24 वर्षीय युवती आगरा नहर के पास पहुंच गई। धीरज नगर के नजदीक नहर की दीवार पर खड़ी युवती को देखकर स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और लोगों की मदद से युवती को सुरक्षित बचा लिया गया। बाद में पुलिस ने उसके परिजनों को बुलाकर उसे मां के सुपुर्द कर दिया।

    रात में नहर के पास पहुंची युवती

    यह घटना 8 अक्टूबर की रात पल्ला थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। युवती आगरा नहर के पास पल्ला पुल के नजदीक पहुंची थी। वहां दीवार पर उसे खड़ा देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को खबर दी।

    सूचना मिलते ही पल्ला थाना पुलिस की बाइक राइडर और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से युवती को सुरक्षित नहर के पास से हटाया गया और थाने ले जाया गया।

    फोन पर कहासुनी के बाद उठाया कदम

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती की पहचान 24 वर्षीय मुस्कान के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मेवला महाराजपुर की रहने वाली है और फिलहाल राव निहाल अपार्टमेंट में किराये पर रह रही थी। बताया गया है कि वह अपने माता-पिता से अलग रहकर सेक्टर-28 स्थित एक निजी कंपनी में काम करती है।

    जानकारी के मुताबिक, युवती का बड़कल निवासी एक युवक के साथ प्रेम संबंध है। 8 अक्टूबर की रात दोनों के बीच फोन पर किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हो गई थी। इसके बाद युवती आगरा नहर के पास पहुंच गई। हालांकि, विवाद की पूरी वजह और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस ने मां को सौंपा

    नहर के पास से सुरक्षित निकाले जाने के बाद पुलिस युवती को थाने ले गई। पूछताछ के बाद उसके परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया। इसके बाद युवती को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।

    इस घटना में स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की समय पर कार्रवाई से संभावित हादसा टल गया। ऐसी परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को संकट में देखकर उसे अकेला छोड़ने के बजाय पुलिस या आपातकालीन सहायता को तुरंत सूचना देना बेहद जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना से जुड़ी परिस्थितियों और युवती की मनःस्थिति के बारे में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

  • बड़वानी में सिविल सर्जन पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप, ऑफिस के बाद मिलने का दबाव बनाने की शिकायत; पुलिस जांच में जुटी.

    बड़वानी में सिविल सर्जन पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप, ऑफिस के बाद मिलने का दबाव बनाने की शिकायत; पुलिस जांच में जुटी.

    बड़वानी में सिविल सर्जन पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप, ऑफिस के बाद मिलने का दबाव बनाने की शिकायत; पुलिस जांच में जुटी.

    बड़वानी, मध्य प्रदेश: जिला चिकित्सालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना पर छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और पद का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि छुट्टी और कार्यालय से जुड़े मामलों में उन्हें परेशान किया गया और अपनी बात रखने के लिए कार्यालय समय के बाद मिलने का दबाव बनाया गया। शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, संबंधित अधिकारी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए महिला की उपस्थिति पर सवाल उठाए हैं।

    पिता की बीमारी के कारण मांगी थी छुट्टी

    महिला कर्मचारी के अनुसार, उनके 71 वर्षीय पिता को 16 अप्रैल को स्ट्रोक आया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें करीब सात दिनों तक वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इसके बाद 6 मई को ट्रेकोस्टॉमी के साथ उन्हें अस्पताल से घर भेजा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि 31 मई तक उनके पिता को घर पर चौबीस घंटे नर्सिंग देखभाल की जरूरत थी।

    महिला ने बताया कि वह अपने पिता की देखभाल करने वाली इकलौती अविवाहित बेटी हैं। इसी वजह से उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट के साथ छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। उनका आरोप है कि 17 से 31 मई तक का अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया और इस दौरान उनका 75 दिनों का वेतन भी रोक दिया गया।

    कार्यालय समय के बाद मिलने का दबाव बनाने का आरोप

    शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि छुट्टी से जुड़ी समस्या पर मौखिक रूप से बात करने की कोशिश करने पर उन्हें कार्यालय समय के बाद मिलने के लिए कहा गया। उन्होंने संबंधित अधिकारी पर अनुचित व्यवहार करने, मानसिक दबाव बनाने और कार्यालय में भय का माहौल पैदा करने के आरोप भी लगाए हैं।

    महिला ने अपनी शिकायत में पूर्व सिविल सर्जन की ओर से 19 सितंबर 2024 को जारी एक पत्र का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मानवीय आधार पर उन्हें सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालय आने की अनुमति दी गई थी। आरोप है कि बाद में इस व्यवस्था का पालन नहीं किया गया।

    हाजिरी और आवेदन को लेकर भी विवाद

    महिला कर्मचारी ने अपनी शिकायत में उपस्थिति दर्ज करने को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि 6 और 7 अगस्त को छुट्टी के आवेदनों के सामने हाजिरी रजिस्टर में सवालिया निशान लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 और 21 अगस्त को ड्यूटी पर मौजूद रहने के बावजूद उनकी अनुपस्थिति दर्ज की गई।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, 1 सितंबर को उन्हें उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से रोका गया और आवक शाखा ने उनका आवेदन लेने से भी इनकार कर दिया। महिला का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन भेजे थे और 3 सितंबर को महिला थाना पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

    सिविल सर्जन ने आरोपों को बताया निराधार

    दूसरी ओर, डॉ. मनोज खन्ना ने महिला कर्मचारी की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचतीं और बिना सूचना दिए छुट्टी पर चली जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि महिला अप्रैल में करीब डेढ़ महीने तक लगातार अनुपस्थित रही थीं।

    डॉ. खन्ना के अनुसार, कर्मचारी सुबह लगभग 11:30 बजे कार्यालय आती हैं और दोपहर 2 बजे से पहले चली जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारी की अनुपस्थिति से जुड़ा मामला भोपाल भेजा गया है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

    महिला की शिकायत पर बड़वानी महिला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75 और 78 के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और शिकायत में दर्ज आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • राजस्थान में फिल्मी अंदाज में 3 करोड़ की डकैती, ‘भारत सरकार’ लिखी स्कॉर्पियो से पहुंचे फर्जी अधिकारी; 3 घंटे में पकड़े गए 6 आरोपी.

    राजस्थान में फिल्मी अंदाज में 3 करोड़ की डकैती, ‘भारत सरकार’ लिखी स्कॉर्पियो से पहुंचे फर्जी अधिकारी; 3 घंटे में पकड़े गए 6 आरोपी.

    राजस्थान में फिल्मी अंदाज में 3 करोड़ की डकैती, ‘भारत सरकार’ लिखी स्कॉर्पियो से पहुंचे फर्जी अधिकारी; 3 घंटे में पकड़े गए 6 आरोपी.

    अजमेर, राजस्थान: राजस्थान के नसीराबाद में बदमाशों ने फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर एक व्यापारी के घर से करीब 3 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। आरोपी काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे थे, जिस पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। अधिकारियों जैसी वेशभूषा में घर में दाखिल हुए बदमाशों ने परिवार को इनकम टैक्स की छापेमारी का डर दिखाया और तलाशी के बहाने कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से छह संदिग्धों को करीब तीन घंटे के भीतर पकड़ लिया।

    फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर घर में घुसे बदमाश

    घटना 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे नसीराबाद की महेश विहार कॉलोनी, दिलवाड़ी बाईपास इलाके में हुई। यहां रहने वाले 29 वर्षीय व्यापारी कार्तिक माहेश्वरी के घर काले रंग की स्कॉर्पियो से करीब 9 से 10 लोग पहुंचे। गाड़ी पर ‘भारत सरकार’ लिखा था और आरोपियों ने प्रशासनिक अधिकारियों जैसी वेशभूषा पहन रखी थी।

    घर में पहुंचते ही आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को अपनी जगह बैठे रहने के लिए कहा। उन्होंने खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि घर पर छापा मारने आए हैं। इसके बाद वे घर में रखे सामान के बारे में पूछताछ करने लगे और तलाशी शुरू कर दी।

    लॉकर में मिले करोड़ों के आभूषण, बैग में भरकर हुए फरार

    तलाशी के दौरान आरोपियों की नजर घर के लॉकर में रखे सोने-चांदी के आभूषणों पर पड़ी। इनकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि बदमाशों ने सभी आभूषण एक बैग में भरे और परिवार के सदस्यों को डराते-धमकाते हुए वहां से निकल गए।

    परिवार को जब तक पूरी घटना का अंदाजा हुआ, आरोपी

  • शादी का वादा करके कई महीनों तक शोषण का आरोप, इनकार के बाद कोर्ट पहुंची युवती; आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर.

    शादी का वादा करके कई महीनों तक शोषण का आरोप, इनकार के बाद कोर्ट पहुंची युवती; आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर.

    शादी का वादा करके कई महीनों तक शोषण का आरोप, इनकार के बाद कोर्ट पहुंची युवती; आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर.

    नगराम, लखनऊ: प्यार में शादी का भरोसा, फिर महीनों तक रिश्ते में बने रहने और आखिर में शादी से इनकार करने का आरोप। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नगराम क्षेत्र में एक युवती ने इसी तरह के मामले में न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। युवती का आरोप है कि एक युवक ने शादी का वादा करके उसका कई महीनों तक यौन शोषण किया। जब उसने शादी की बात उठाई, तो युवक कथित तौर पर टालमटोल करने लगा और बाद में साफ इनकार कर दिया।

    शादी की बात पर बदल गया रवैया

    शिकायत के मुताबिक, नगराम क्षेत्र के एक गांव की युवती की पहचान सुखलाल खेड़ा गांव निवासी युवक से हुई थी। युवती का आरोप है कि युवक ने उसे प्रेम संबंध में आने के बाद शादी करने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के चलते दोनों के बीच संबंध बने।

    पीड़िता के अनुसार, जब उसने युवक से शादी करने के लिए कहा, तो वह लगातार बात टालने लगा। आरोप है कि बाद में युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया और उसके साथ गाली-गलौज भी की। इसके बाद युवती ने मामले में कानूनी कार्रवाई कराने का फैसला लिया।

    पहले पुलिस से शिकायत, फिर अदालत का सहारा

    युवती ने 29 अप्रैल को पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। हालांकि, उसके मुताबिक, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अदालत में गुहार लगाई और मामले में कार्रवाई की मांग की।

    अदालत के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को संबंधित युवक के खिलाफ नगराम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

    मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होगा बयान

    नगराम थाना पुलिस के अनुसार, पीड़िता का बयान जल्द ही मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है। युवक पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में किसी की दोषसिद्धि नहीं हुई है और अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • पहले लगा करंट से हुई मां की मौत, पोस्टमार्टम ने खोला हत्या का राज! सोनीपत मर्डर केस में बेटी और उसके प्रेमी को लेकर क्यों उठे सवाल?

    पहले लगा करंट से हुई मां की मौत, पोस्टमार्टम ने खोला हत्या का राज! सोनीपत मर्डर केस में बेटी और उसके प्रेमी को लेकर क्यों उठे सवाल?

    पहले लगा करंट से हुई मां की मौत, पोस्टमार्टम ने खोला हत्या का राज! सोनीपत मर्डर केस में बेटी और उसके प्रेमी को लेकर क्यों उठे सवाल?

    सोनीपत, हरियाणा: घर में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाए और शुरुआत में मामला हादसा समझा जाए, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी कहानी बदल दे—सोनीपत के सेक्टर-15 में सामने आए इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 42 वर्षीय रामेश्वरी देवी की मौत को पहले करंट लगने से जुड़ा हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस जांच की दिशा बदल गई। मामले में महिला के साथ किराये के मकान में रहने वाले विशाल को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मृतका की बेटी के बयानों ने इस मामले को और उलझा दिया है।

    हादसे की कहानी पर क्यों हुआ शक?

    रामेश्वरी देवी की मौत के बाद शुरुआत में आशंका जताई गई थी कि उनकी जान करंट लगने से गई है। पहली नजर में मामला हादसे जैसा लग रहा था, लेकिन मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया।

    रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए। अगर महिला की मौत हादसे में नहीं हुई थी, तो फिर घटना के समय वहां क्या हुआ था? किसने और किन परिस्थितियों में इस वारदात को अंजाम दिया? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।

    किराये के मकान में साथ रहने वाला विशाल गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार किया। बताया गया है कि वह रामेश्वरी देवी के साथ किराये के मकान में रहता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले में उसकी कथित भूमिका की पड़ताल शुरू हुई।

    हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हत्या की वजह और वारदात से जुड़े सभी घटनाक्रम का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या किस कारण से हुई या इसके पीछे क्या योजना थी। पुलिस जांच से ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

    बेटी के बयानों ने बढ़ाई मर्डर मिस्ट्री

    इस मामले में मृतका की बेटी के बयान भी अहम माने जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके बयानों के बाद जांच में नए सवाल सामने आए हैं। इसी वजह से पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।

    मामले को लेकर बेटी और उसके कथित प्रेम संबंधों की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। किसी पर संदेह होना और अपराध में उसकी संलिप्तता साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं।

    अब पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस के लिए सबसे अहम सवाल महिला की मौत की परिस्थितियों और गिरफ्तार आरोपी की भूमिका को स्पष्ट करना है। इसके साथ ही मृतका की बेटी के बयानों का दूसरे साक्ष्यों से मिलान करना भी जरूरी होगा।

    जांच में यह पता लगाना होगा कि घटना से पहले क्या हुआ था, मौत को करंट से जुड़ा हादसा क्यों माना गया और हत्या के पीछे क्या वजह हो सकती है। इन सभी पहलुओं की पुष्टि होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

    फिलहाल, सोनीपत का यह मामला हादसे की आशंका से शुरू होकर हत्या की जांच तक पहुंच चुका है। विशाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे के साक्ष्य जुटा रही है। अब सबकी नजर जांच पर है, जिससे पता चल सके कि रामेश्वरी देवी की मौत के पीछे की असल कहानी क्या थी और इस मामले में किन लोगों की भूमिका रही।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट में दी गई जानकारी पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों और अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • मेरठ में पत्नी ने पति को बेहोश कर कपड़े उतारे और चाकू से किया हमला.

    मेरठ में पत्नी ने पति को बेहोश कर कपड़े उतारे और चाकू से किया हमला.

    मेरठ में पत्नी ने पति को बेहोश कर कपड़े उतारे और चाकू से किया हमला.

    मेरठ, उत्तर प्रदेश: मेरठ में पति-पत्नी के बीच विवाद के दौरान एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोप है कि पत्नी ने पहले पति को बेहोश किया और फिर उसके कपड़े उतारकर उस पर चाकू से हमला किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

    विवाद के बाद हिंसा का आरोप

    प्रारंभिक विवरण के मुताबिक, घटना मेरठ के एक इलाके में हुई। पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि विवाद के दौरान महिला ने अपने पति को बेहोश कर दिया और इसके बाद उस पर चाकू से हमला किया, जिससे वह घायल हो गया।

    हालांकि, घटना की असली वजह क्या थी, पति को किस तरह बेहोश किया गया और हमले के पीछे क्या परिस्थितियां थीं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस जांच से स्पष्ट होगा पूरा मामला

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच किए जाने की जानकारी दी गई है। जांच में संबंधित लोगों के बयान, चोटों से जुड़ी चिकित्सकीय जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

    फिलहाल उपलब्ध विवरण के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में किसी की गिरफ्तारी हुई है या पुलिस ने कौन-कौन सी कानूनी कार्रवाई की है। इसलिए घटना से जुड़े आरोपों को जांच के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

    घरेलू विवाद में हिंसा गंभीर चिंता का विषय

    पति-पत्नी के बीच मतभेद होना अलग बात है, लेकिन किसी भी तरह की शारीरिक हिंसा गंभीर मामला है। ऐसी घटनाओं में निष्पक्ष जांच और पीड़ित व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिलना जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

  • लखनऊ में शराब और मांस की पार्टी के दौरान खूनी वारदात, सिर पर हमला कर चित्रकार की हत्या से मचा हड़कंप.

    लखनऊ में शराब और मांस की पार्टी के दौरान खूनी वारदात, सिर पर हमला कर चित्रकार की हत्या से मचा हड़कंप.

    लखनऊ में शराब और मांस की पार्टी के दौरान खूनी वारदात, सिर पर हमला कर चित्रकार की हत्या से मचा हड़कंप.

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में एक चित्रकार की हत्या का मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना एक निजी मकान में शराब और मांस की पार्टी के दौरान हुई। इस दौरान विवाद बढ़ने पर चित्रकार पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। घटना की खबर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

    पार्टी के दौरान क्या हुआ?

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, चित्रकार एक निजी आवास पर आयोजित पार्टी में मौजूद था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो कथित तौर पर हिंसक हो गया। आरोप है कि चित्रकार के सिर पर गंभीर हमला किया गया। उसकी मौत के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची।

    हालांकि, विवाद किस बात पर शुरू हुआ, हमले में कौन-कौन शामिल था और घटना किन परिस्थितियों में हुई, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के तहत घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और वहां मौजूद लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा सकती है। मृतक की मौत के कारणों और चोटों की प्रकृति के संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी।

    पुलिस जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि घटना अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। साथ ही, घटना के समय मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।

    कई सवालों के जवाब मिलना बाकी

    इस मामले में मृतक की पूरी पहचान, विवाद की वजह और संदिग्धों के खिलाफ हुई कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है। इसलिए घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी और जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है।

    यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विवाद के दौरान हिंसा का सहारा लेना कितनी गंभीर और दुखद स्थिति पैदा कर सकता है। मामले में आगे की जानकारी जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।