Category: Crime

  • रायपुर में बेटे पर पिता की हत्या का आरोप, सब्जी काटने वाले चाकू से किए कई वार; वारदात को आत्महत्या दिखाने की कोशिश.

    रायपुर में बेटे पर पिता की हत्या का आरोप, सब्जी काटने वाले चाकू से किए कई वार; वारदात को आत्महत्या दिखाने की कोशिश.

    रायपुर में बेटे पर पिता की हत्या का आरोप, सब्जी काटने वाले चाकू से किए कई वार; वारदात को आत्महत्या दिखाने की कोशिश.

    रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर के केंद्री गांव में पिता-पुत्र के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। आरोप है कि 22 वर्षीय बेटे ने घर में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से अपने 48 वर्षीय पिता पर कई वार कर उनकी जान ले ली। इसके बाद उसने कथित तौर पर घटना को आत्महत्या का मामला दिखाने की कोशिश की और गांव के लोगों को भी इसी तरह की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने शुरुआती तौर पर वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

    घर में विवाद के बाद चाकू से हमला

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम केंद्री निवासी डोमार साहू 9 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे अपनी पत्नी के साथ विवाद कर रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा डोमेश साहू घर पहुंचा। बताया गया है कि विवाद के बीच पिता ने पत्नी और बेटे के संबंध में आपत्तिजनक आरोप लगाए, जिससे नाराज होकर बेटे ने रसोई में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठा लिया।

    आरोप है कि उसने पिता के गले पर वार किया। जब पिता ने बचाव करने की कोशिश की, तो उनके दाहिने हाथ की कलाई के पास भी चाकू से हमला किया गया। इसके बाद गले पर कई और वार किए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के समय मृतक की पत्नी भी मौके पर मौजूद थी।

    हत्या को आत्महत्या बताने की कोशिश का आरोप

    वारदात के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने पहने हुए कपड़े गांव के बड़े नहर-नाले में फेंक दिए। इसके बाद वह घर लौटा और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। कुछ समय बाद परिजनों और आसपास के लोगों को पिता की आत्महत्या की जानकारी दी गई।

    हालांकि, घटना की परिस्थितियों पर संदेह होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। ग्राम केंद्री के सरपंच ने रात करीब 11:30 बजे पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद अभनपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

    एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

    पुलिस ने घटनास्थल और शव को सुरक्षित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

    पुलिस ने संदेह के आधार पर डोमेश साहू से पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में उसने कथित तौर पर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।

    आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी

    पुलिस के अनुसार, आरोपी डोमेश साहू की उम्र 22 वर्ष है और वह मृतक डोमार साहू का बेटा है। वह रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम केंद्री का निवासी बताया गया है।

    फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। हत्या के पीछे की परिस्थितियों, घटनाक्रम और अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में आरोपों और घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों के बाद ही होगी।

  • पूर्णिया: डायन होने के शक में एक ही परिवार के 5 लोगों को जिंदा जलाया, नवविवाहित जोड़े की भी हुई हत्या; अंधविश्वास ने उजाड़ दिया पूरा घर.

    पूर्णिया: डायन होने के शक में एक ही परिवार के 5 लोगों को जिंदा जलाया, नवविवाहित जोड़े की भी हुई हत्या; अंधविश्वास ने उजाड़ दिया पूरा घर.

    पूर्णिया: डायन होने के शक में एक ही परिवार के 5 लोगों को जिंदा जलाया, नवविवाहित जोड़े की भी हुई हत्या; अंधविश्वास ने उजाड़ दिया पूरा घर.

    पूर्णिया, बिहार: अंधविश्वास और जादू-टोने के शक ने बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में एक परिवार को ऐसा दर्द दिया, जिसे भुला पाना आसान नहीं है। 6 जुलाई 2025 को कथित तौर पर डायन होने के संदेह में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गई। मृतकों में तीन महिलाएं और एक नवविवाहित जोड़ा भी शामिल था। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर कब तक अंधविश्वास के नाम पर निर्दोष लोगों की जान ली जाती रहेगी?

    एक झटके में उजड़ गया पूरा परिवार

    टेटगामा गांव पूर्णिया शहर से लगभग 13 किलोमीटर दूर रानीपतरा इलाके में स्थित है। यह गांव प्रशासनिक रूप से पूर्णिया पूर्व प्रखंड की रजीगंज पंचायत के अंतर्गत आता है। घटना के बाद गांव में डर और मातम का माहौल था।

    रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में बाबू लाल उरांव, सीता देवी, मंजीत उरांव, रानी देवी और काकतो मसोमास शामिल थे। पांचों के शव बिसारिया बहियार से बरामद किए गए थे। परिवार के लोगों के लिए यह घटना किसी भयावह सपने से कम नहीं थी।

    बाबू लाल उरांव के घर तक जाने वाली सड़क का कुछ हिस्सा कच्चा था। घर की हालत और आसपास के माहौल के बीच यह दर्दनाक घटना गांव में व्याप्त सामाजिक समस्याओं की ओर भी ध्यान खींचती है।

    बच्चे की मौत के बाद परिवार पर लगा आरोप

    रिपोर्ट में बताया गया कि पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद कथित तौर पर बाबू लाल उरांव के परिवार पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया गया। इसी संदेह ने हिंसक रूप ले लिया।

    परिजनों के अनुसार, बाबू लाल के परिवार पर पहले भी इस तरह के आरोप लगाए जाते रहे थे। उनके भाई ने बताया कि करीब दस साल पहले उनकी मां पर भी डायन होने का आरोप लगा था। उस समय गांव के कुछ लोग उन्हें एक ओझा के पास ले गए थे, जहां कथित तौर पर आरोप को खारिज कर दिया गया था।

    इसके बावजूद परिवार को लेकर संदेह और अंधविश्वास खत्म नहीं हुआ। आखिरकार, इसी तरह के आरोपों के बीच पांच लोगों की जान चली गई।

    हथियारों से लैस भीड़ का दावा

    मृतकों के परिजनों ने घटना को याद करते हुए बताया कि उस दिन बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। परिवार के एक सदस्य के मुताबिक, भीड़ में करीब 150 लोग थे और कुछ लोगों के पास लाठी-डंडे, तलवार, सरिया तथा अन्य हथियार थे।

    परिजनों का कहना था कि उन्होंने अपने लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन जान से मारने की धमकियों के कारण वे बेबस हो गए। परिवार के एक करीबी ने पांच लोगों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि एक ही खानदान के इतने लोगों को खोने से उनका घर सूना हो गया।

    इन बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की थी। घटना से जुड़े आरोपों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए किया जाना है।

    प्रशासन ने क्या बताया था?

    घटना के बाद पूर्णिया के तत्कालीन जिलाधिकारी अंशुल कुमार के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया गया था और अंतिम संस्कार भी हो चुका था।

    रिपोर्ट के अनुसार, मामले में 23 नामजद लोगों और 150 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी गई थी, जिनमें एक नाबालिग शामिल था।

    ये जानकारियां घटना के समय की रिपोर्ट पर आधारित हैं। मामले में बाद की कानूनी कार्रवाई या वर्तमान स्थिति की पुष्टि अलग से किए जाने की जरूरत है।

    बिहार में डायन के नाम पर हिंसा का पुराना सवाल

    बिहार में डायन होने के संदेह में महिलाओं को प्रताड़ित करने और हिंसा की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। ऐसी घटनाओं के पीछे अंधविश्वास, अशिक्षा, सामाजिक दबाव और पुरानी दुश्मनी जैसे कई कारण हो सकते हैं।

    डायन होने का आरोप किसी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा करने का कोई आधार नहीं है। किसी बच्चे या अन्य व्यक्ति की बीमारी अथवा मृत्यु का कारण बिना वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जांच के किसी महिला या परिवार पर थोपना गंभीर अन्याय है।

    बिहार में वर्ष 1999 में डायन प्रथा से जुड़ी प्रताड़ना और पहचान के खिलाफ कानून बनाया गया था। इसका उद्देश्य किसी महिला को डायन बताकर अपमानित करने, धमकाने या नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना था। हालांकि, कानून के मौजूद होने के बावजूद ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई, जागरूकता और पीड़ितों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।

    अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता क्यों जरूरी है?

    टेटगामा की घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा गंभीर सवाल भी है। जब किसी बीमारी या मौत का कारण जादू-टोना मान लिया जाता है, तो बिना प्रमाण के किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का खतरा बढ़ जाता है।

    ऐसे मामलों में पुलिस जांच, चिकित्सकीय जानकारी और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा करना जरूरी है। गांवों में जागरूकता अभियान, शिक्षा, स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा देना भी महत्वपूर्ण है।

    किसी भी व्यक्ति को डायन बताकर मारना या प्रताड़ित करना अपराध है। किसी पर आरोप होने से वह दोषी साबित नहीं हो जाता। दोष का फैसला सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होना चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह लेख घटना के समय प्रकाशित रिपोर्ट और उसमें दर्ज बयानों पर आधारित है। आरोपों, गिरफ्तारियों और मामले की आगे की स्थिति को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

  • 14 साल की शादी, पांच बच्चे और प्रताड़ना के आरोप… पहले जहर खाया, फिर फंदा लगाने की कोशिश; तीन दिन बाद विवाहिता की मौत.

    14 साल की शादी, पांच बच्चे और प्रताड़ना के आरोप… पहले जहर खाया, फिर फंदा लगाने की कोशिश; तीन दिन बाद विवाहिता की मौत.

    14 साल की शादी, पांच बच्चे और प्रताड़ना के आरोप… पहले जहर खाया, फिर फंदा लगाने की कोशिश; तीन दिन बाद विवाहिता की मौत.

    अंबाला, हरियाणा: शादी के करीब 14 साल बाद एक परिवार की जिंदगी ऐसी त्रासदी में बदल गई, जिसने पांच बच्चों को मां से दूर कर दिया। 35 वर्षीय विवाहिता ने कथित घरेलू प्रताड़ना से परेशान होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया और फिर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। अब मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मायके आने पर पिता से बयां करती थी अपना दर्द

    मृतका उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के बछरजापुर गांव की रहने वाली थी। उसके पिता के मुताबिक, उन्होंने करीब 14 साल पहले बेटी की शादी अंबाला जिले के नन्हेड़ा निवासी युवक से की थी। दंपती के पांच बच्चे हैं।

    पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही बेटी को ससुराल में किसी न किसी बात को लेकर परेशान किया जाता था। उनका कहना है कि जब भी बेटी मायके आती थी, तो वह रोते हुए अपने साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार के बारे में बताती थी।

    परिवार का आरोप है कि लगातार मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण बेटी परेशान रहने लगी थी। हालांकि, ससुराल पक्ष पर लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    4 अक्टूबर की शाम बिगड़ी हालत, अस्पताल में तीन दिन चला इलाज

    पिता की शिकायत के अनुसार, 4 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे विवाहिता ने पहले जहरीला पदार्थ निगल लिया और इसके बाद चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर उसका पति उसे इलाज के लिए मोहड़ी स्थित आदेश अस्पताल ले गया।

    महिला की हालत गंभीर थी और डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि उसकी जान बच जाएगी, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार 7 अक्टूबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    महिला की मौत के बाद उसके पिता ने ससुराल पक्ष के कई सदस्यों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

    सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, कथित वीडियो की भी चर्चा

    पुलिस ने मृतका के पिता के बयान के आधार पर ससुर, सास, दो देवर, देवरानी, ननद और एक अन्य व्यक्ति समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 61 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।

    पिता ने यह भी दावा किया कि बेटी ने मौत से पहले एक वीडियो बनाया था और उसे अपने भाई के पास भेजा था। हालांकि, पुलिस के अनुसार शिकायत के समय यह वीडियो उपलब्ध नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने कहा है कि वीडियो मिलने पर उसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है। सात लोगों पर लगे आरोपों की जांच की जाएगी और संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपियों की जिम्मेदारी अभी अदालत में साबित नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

  • धमतरी में होटल के कमरा नंबर 106 में मिली युवती की लाश, शादी से मुकरने और प्रताड़ना के आरोप में प्रेमी गिरफ्तार.

    धमतरी में होटल के कमरा नंबर 106 में मिली युवती की लाश, शादी से मुकरने और प्रताड़ना के आरोप में प्रेमी गिरफ्तार.

    धमतरी में होटल के कमरा नंबर 106 में मिली युवती की लाश, शादी से मुकरने और प्रताड़ना के आरोप में प्रेमी गिरफ्तार.

    धमतरी, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक होटल के कमरे में युवती की मौत के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शादी का वादा करके मुकरने, मारपीट करने, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने तथा युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस ने जांच के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।

    होटल के कमरे में मिला था युवती का शव

    मृतका की पहचान 22 वर्षीय पिंकी मानिकपुरी के रूप में हुई है। वह कवर्धा जिले की रहने वाली थी। पुलिस के अनुसार, पिंकी का धमतरी के गोकुलपुर वार्ड नंबर 36 में रहने वाले टिकेश्वर उर्फ टिंकू साहू के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था।

    आरोप है कि दोनों के बीच शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान पिंकी को पता चला कि युवक के दूसरी लड़कियों से भी संबंध हैं। इसके बाद वह 24 सितंबर को कवर्धा से धमतरी पहुंची और सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के एक होटल में ठहरी। होटल के कमरा नंबर 106 में उसका शव मिला था।

    शादी की बात पर हुआ था विवाद

    पुलिस के मुताबिक, 25 सितंबर की शाम टिकेश्वर युवती से मिलने होटल पहुंचा था। वहां दोनों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई। आरोप है कि इस दौरान युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज के साथ हाथापाई भी हुई।

    जांच में यह आरोप भी सामने आया कि युवक पहले से ही युवती को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करता था। पुलिस के अनुसार, इसी घटनाक्रम के बाद पिंकी ने 25 सितंबर को होटल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    जांच के बाद प्रेमी गिरफ्तार

    युवती की मौत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर टिकेश्वर उर्फ टिंकू साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने 9 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।

    जांच में सामने आएंगे अन्य तथ्य

    यह मामला प्रेम संबंध, शादी के वादे और कथित प्रताड़ना से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। मामले में आगे मिलने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

  • कनाडा से रिश्तेदार बनकर आया फोन, बेटे को विदेश भेजने का दिखाया सपना; फर्जी मैसेज के जाल में फंसा बुजुर्ग, 2 लाख रुपये ठगे.

    कनाडा से रिश्तेदार बनकर आया फोन, बेटे को विदेश भेजने का दिखाया सपना; फर्जी मैसेज के जाल में फंसा बुजुर्ग, 2 लाख रुपये ठगे.

    कनाडा से रिश्तेदार बनकर आया फोन, बेटे को विदेश भेजने का दिखाया सपना; फर्जी मैसेज के जाल में फंसा बुजुर्ग, 2 लाख रुपये ठगे.

    मोहाली, पंजाब: बेटे को विदेश भेजने की उम्मीद एक परिवार को इतनी महंगी पड़ेगी, इसका अंदाजा शायद उन्हें नहीं था। साइबर ठगों ने कनाडा में रहने वाला रिश्तेदार बनकर फोन किया और पहले परिवार का भरोसा जीता। फिर बैंक खाते में 10 लाख रुपये आने का फर्जी मैसेज भेजकर उन्हें विश्वास दिलाया कि मदद के लिए रकम भेजी जा रही है। इसके बाद वीजा लगवाने के नाम पर दो लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब ठगों ने और रकम मांगी, तब परिवार को शक हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।

    विदेशी नंबर से आया फोन, रिश्तेदार बनकर की बात

    मामला मोहाली के बनूड़ क्षेत्र के गांव मनौली सूरत का है। शिकायत के मुताबिक, 68 वर्षीय बुजुर्ग के परिवार को 24 अगस्त को एक विदेशी नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अमन बताया और दावा किया कि वह कनाडा में रहता है। उसने परिवार के बेटे को विदेश भेजने में मदद करने की बात कही।

    कथित रिश्तेदार ने यह भी कहा कि वह 6 सितंबर को भारत आएगा और परिवार की महिला सदस्य के बैंक खाते में 10 लाख रुपये भेजेगा। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए परिवार ने महिला के एसबीआई खाते की जानकारी साझा कर दी।

    कुछ समय बाद खाते में 10 लाख रुपये आने का संदेश मिला। इससे परिवार को लगा कि फोन करने वाला सचमुच मदद कर रहा है। लेकिन यही भरोसा ठगी के जाल का हिस्सा था।

    बैंक कर्मचारी बनकर भी किया संपर्क

    रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक कर्मचारी बताया। उसने कहा कि खाते में आई रकम अगले दिन निकाली जा सकेगी। इस बातचीत से परिवार का संदेह दूर करने की कोशिश की गई।

    इसके बाद कथित रिश्तेदार ने वीजा बनवाने के नाम पर दो लाख रुपये मांगे और एक बैंक खाते की जानकारी भेज दी। बेटे को लगा कि विदेश जाने की प्रक्रिया के लिए यह रकम जरूरी है। शिकायत के मुताबिक, उसने अपने पिता के यूनियन बैंक खाते से चेक के माध्यम से दो लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    एक लाख रुपये और मांगे तो खुलने लगा शक

    दो लाख रुपये मिलने के बाद भी ठगों का लालच खत्म नहीं हुआ। उसी शाम कथित रिश्तेदार ने एक लाख रुपये और मांगे। लगातार रकम मांगे जाने पर परिवार को संदेह हुआ और उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

    परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शुरुआती जांच के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

    फोन नंबर और बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया गया। जांच में संबंधित फोन नंबरों, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

    यह घटना बताती है कि साइबर ठग अब केवल अनजान लोगों को ही नहीं, बल्कि रिश्तेदार बनकर परिवारों का भरोसा जीतने की कोशिश भी कर रहे हैं। किसी विदेशी नंबर से रिश्तेदार होने का दावा करने वाले व्यक्ति को बिना पुष्टि के पैसे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। बैंक खाते में रकम आने का संदेश मिलने पर भी वास्तविक बैलेंस और लेनदेन की पुष्टि बैंक के आधिकारिक माध्यम से करनी चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में बताए गए विवरण पर आधारित है। मामले में आरोपियों की पहचान और धोखाधड़ी से जुड़ी पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

  • खूबसूरत बहु को देख डोला ससुर का दिल, बेटे की दुल्हनिया से कर लिया निकाह, गांव में मचा हड़कंप.

    खूबसूरत बहु को देख डोला ससुर का दिल, बेटे की दुल्हनिया से कर लिया निकाह, गांव में मचा हड़कंप.

    खूबसूरत बहु को देख डोला ससुर का दिल, बेटे की दुल्हनिया से कर लिया निकाह, गांव में मचा हड़कंप.

    छत्तीसगढ़: बेटे की शादी के बाद उसी की पत्नी से ससुर के निकाह करने की एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर गांव में चर्चा तेज होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी में घटना की सही जगह, निकाह की परिस्थितियों और संबंधित लोगों के पक्ष का विवरण नहीं मिला है।

    रिश्ते को लेकर उठे सवाल

    खबर के शीर्षक में दावा किया गया है कि ससुर ने अपने बेटे की दुल्हन से निकाह कर लिया। यदि यह दावा सही है, तो मामला पारिवारिक रिश्तों और विवाह से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। लेकिन केवल शीर्षक के आधार पर घटना की पूरी कहानी या इसके पीछे की वजह बताना उचित नहीं होगा।

    पूरी जानकारी की पुष्टि जरूरी

    इस मामले में संबंधित परिवार की स्थिति, महिला की सहमति, निकाह की परिस्थितियों और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया जैसी अहम जानकारियां उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विश्वसनीय विवरण की पुष्टि जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध शीर्षक के आधार पर तैयार किया गया है। घटना की स्वतंत्र पुष्टि और विस्तृत जानकारी उपलब्ध न होने के कारण इसमें किए गए दावों को सत्यापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

  • नवादा में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का मामला आया सामने, वायरल क्लिप के बाद RPF ने शुरू की जांच.

    नवादा में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का मामला आया सामने, वायरल क्लिप के बाद RPF ने शुरू की जांच.

    नवादा में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का मामला आया सामने, वायरल क्लिप के बाद RPF ने शुरू की जांच.

    नवादा, बिहार: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए खतरनाक जगहों पर रील बनाने का चलन लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। बिहार के नवादा क्षेत्र से जुड़ा ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक महिला रेलवे ट्रैक पर खड़ी होकर रील बनाती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इस क्लिप के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी।

    रेलवे लाइन पर खड़ी होकर बना रही थी रील

    सोशल मीडिया पर प्रसारित क्लिप में एक महिला रेलवे ट्रैक पर खड़ी दिखाई देती है। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला कथित तौर पर कैमरे के सामने कहती सुनाई देती है कि उसे किसी का डर नहीं है। हालांकि, वायरल क्लिप के आधार पर घटना के समय, स्थान और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    रेलवे ट्रैक पर इस तरह खड़े होकर रील बनाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ट्रेन अचानक पहुंच सकती है और तेज रफ्तार से गुजरती ट्रेन से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। कुछ सेकंड की लापरवाही भी गंभीर हादसे की वजह बन सकती है।

    वायरल क्लिप के बाद RPF ने लिया संज्ञान

    मामले की जानकारी सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज किए जाने की बात कही गई है और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया है।

    जांच के तहत वायरल क्लिप और उससे जुड़ी सोशल मीडिया जानकारी की पड़ताल की जा रही है। महिला की पहचान का पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

    रेलवे ट्रैक पर रील बनाना क्यों है खतरनाक?

    रेलवे लाइन यात्रियों और ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए होती है, न कि फोटो या रील बनाने के लिए। ट्रैक पर खड़े होकर मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने के दौरान व्यक्ति का ध्यान आसपास की गतिविधियों से हट सकता है। कई बार ट्रेन की आवाज सुनाई देने के बावजूद उसकी गति और दूरी का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

    सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स पाने के लिए जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों को रेलवे ट्रैक और प्रतिबंधित रेल क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए तथा ऐसी कोई गतिविधि दिखाई देने पर संबंधित रेलवे अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए।

    जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई

    इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट और रील बनाने के चलन पर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, वायरल क्लिप सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उससे जुड़े सभी दावे अपने आप साबित हो जाते हैं। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और वायरल क्लिप से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों की जांच के आधार पर तय होगी।

  • अलवर की विवाहित महिला का गंभीर आरोप, दिल्ली के होटल में दुष्कर्म के बाद 6 महीने तक ब्लैकमेल करने का दावा.

    अलवर की विवाहित महिला का गंभीर आरोप, दिल्ली के होटल में दुष्कर्म के बाद 6 महीने तक ब्लैकमेल करने का दावा.

    अलवर की विवाहित महिला का गंभीर आरोप, दिल्ली के होटल में दुष्कर्म के बाद 6 महीने तक ब्लैकमेल करने का दावा.

    अलवर, राजस्थान: राजस्थान के अलवर जिले में दो बच्चों की मां ने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि आरोपी ने दिल्ली के एक होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया और कथित तौर पर अश्लील सामग्री बनाकर करीब छह महीने तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। पीड़िता ने युवक पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने और शादी करने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। मामले में अदालत के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दिल्ली के होटल में दुष्कर्म का आरोप

    शिकायत के मुताबिक, महिला शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। उसने आरोप लगाया है कि दिल्ली के एक होटल में युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला का दावा है कि इस दौरान आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर ली और बाद में उसी के आधार पर उसे धमकाने लगा।

    पीड़िता के अनुसार, कथित घटना के बाद आरोपी ने लंबे समय तक उस पर दबाव बनाए रखा। महिला ने आरोप लगाया कि करीब छह महीने तक उसे ब्लैकमेल किया गया, जिससे वह परेशान रही।

    धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव बनाने का दावा

    महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि युवक उस पर धर्म परिवर्तन करने और उससे शादी करने के लिए दबाव बना रहा था। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है।

    हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस को कथित घटनाक्रम, दोनों पक्षों के बीच संपर्क और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करनी होगी।

    पहले थाने पहुंची, फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया

    पीड़िता का आरोप है कि वह शुरुआत में शिकायत लेकर अलवर के एनआईबी थाने पहुंची थी, लेकिन उस समय तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अदालत का रुख किया।

    मिली जानकारी के अनुसार, अदालत के हस्तक्षेप और आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अब पुलिस की जांच में महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनसे जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।

    जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई

    इस मामले में पुलिस के सामने आरोपों की पुष्टि करना और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाना महत्वपूर्ण होगा। जांच के दौरान संबंधित साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    फिलहाल, मामला दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप साबित हो चुके हैं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।

  • छत्तीसगढ़ में खूनी वारदात से दहशत! घर में मां-बेटे की हत्या, बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही; अपने ही रिश्तेदार पर शक

    छत्तीसगढ़ में खूनी वारदात से दहशत! घर में मां-बेटे की हत्या, बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही; अपने ही रिश्तेदार पर शक

    छत्तीसगढ़ में खूनी वारदात से दहशत! घर में मां-बेटे की हत्या, बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही; अपने ही रिश्तेदार पर शक

    डोंगरगढ़, राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के चौथना गांव में एक ही घर में हुई खूनी वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। घर में मां और बेटे की हत्या कर दी गई, जबकि परिवार की बेटी गंभीर रूप से घायल मिली। घटना के बाद गांव में डर और तनाव का माहौल है। आखिर घर के अंदर ऐसा क्या हुआ कि एक परिवार पर अचानक मौत का कहर टूट पड़ा? फिलहाल पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाश रही है।

    घर में घुसा हमलावर, मां-बेटे की चली गई जान

    मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका कमला सोनकर और उनके बेटे पर घर के भीतर हमला किया गया। हमले में दोनों की मौत हो गई। परिवार की बेटी ममता सोनकर भी इस वारदात में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए डोंगरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।

    बताया जा रहा है कि घटना के समय कमला सोनकर के पति घर पर मौजूद नहीं थे। इसी दौरान घर में यह खौफनाक वारदात हुई। जब घटना की जानकारी सामने आई, तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। मां-बेटे की मौत और बेटी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर से आसपास के लोग भी सकते में आ गए।

    परिवार के ही किसी व्यक्ति पर शक, रंजिश की आशंका

    इस मामले में शुरुआती जानकारी के आधार पर पारिवारिक रंजिश की आशंका जताई जा रही है। संदेह परिवार के ही एक रिश्तेदार पर भी बताया जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया और इसके पीछे असली वजह क्या थी।

    पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, संभावित विवाद और संदिग्ध की भूमिका से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस वारदात के पीछे पुरानी दुश्मनी थी या कोई दूसरी वजह।

    जांच के बाद खुलेगा वारदात का राज

    फिलहाल इस दोहरे हत्याकांड ने चौथना गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। परिवार की घायल बेटी का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है। घटना को लेकर कई सवाल हैं, लेकिन हत्या की वजह और जिम्मेदार व्यक्ति के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित है। घटना के कारण और संदिग्ध की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। किसी भी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

  • आरा में सुबह-सुबह खूनी वारदात, बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रहे हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या.

    आरा में सुबह-सुबह खूनी वारदात, बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रहे हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या.

    आरा में सुबह-सुबह खूनी वारदात, बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रहे हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या.

    आरा, बिहार: भोजपुर जिले के आरा में शनिवार सुबह एक हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के बाद स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिहारी मिल ओवरब्रिज के पास सूर्य मंदिर के नजदीक बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आरोपी मौके से फरार हो गए।

    बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे दुकानदार

    मृतक की पहचान 35 वर्षीय उपेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह संदेश थाना क्षेत्र के बड़िहा गांव के रहने वाले थे और आरा के बहीरो इलाके में हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। उनका परिवार गोढ़ना रोड स्थित गौतम बुद्ध नगर में रहता था।

    जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब छह बजे उपेंद्र सिंह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने गए थे। इसके बाद वह स्कूटी से घर लौट रहे थे। जब वह नवादा थाना क्षेत्र में बिहारी मिल ओवरब्रिज के पास सूर्य मंदिर के नजदीक पहुंचे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। गोली लगने से उनकी मौत हो गई।

    अपाचे बाइक पर आए थे तीन हमलावर

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए तीन हमलावर अपाचे बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे। हमला करने के बाद वे वहां से फरार हो गए। सुबह के समय हुई इस घटना से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की और मृतक के परिजनों से भी जानकारी जुटाई।

    जमीन विवाद या रुपये का लेन-देन, कई पहलुओं पर जांच

    पुलिस हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में जमीन विवाद और रुपये के लेन-देन समेत कई संभावित कारणों को ध्यान में रखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी एक कारण को अंतिम मानने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की तलाश

    हमलावरों की पहचान करने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस रास्ते से आए और वारदात के बाद किस दिशा में भागे।

    फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान करना और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हत्या के कारण और हमलावरों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएंगे।