Category: Crime

  • सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत, हरियाणा: रामेश्वरी उर्फ बबीता हत्याकांड की जांच के बीच उनकी बेटी जाह्नवी ने पूछताछ के दौरान अपनी मां की बीमा पॉलिसी और संपत्ति को लेकर कई अहम बातें बताई हैं। जाह्नवी ने हत्या में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। साथ ही उसने विशाल के साथ प्रेम संबंध होने की बात भी नकार दी है।

    13 करोड़ रुपये के बीमा कवर का दावा

    जाह्नवी के मुताबिक, उसकी मां हर महीने करीब 55 हजार रुपये बीमा प्रीमियम के तौर पर जमा करती थीं। उसके अनुसार, अलग-अलग पॉलिसियों में 75 वर्ष की उम्र तक करीब 13 करोड़ रुपये का बीमा कवर था।

    जाह्नवी का दावा है कि अब तक करीब 5 लाख रुपये प्रीमियम के रूप में जमा किए जा चुके हैं। उसने पुलिस पूछताछ में यह भी कहा कि मां की मौत के बाद अगर उसे बीमा की रकम मिलती है, तो वह उसे निजी इस्तेमाल में नहीं लाएगी।

    उसका कहना है कि रकम मिलने पर वह इसे गौशाला और जरूरतमंद लोगों के लिए दान करना चाहती है।

    हालांकि, 13 करोड़ रुपये के बीमा कवर, जमा प्रीमियम, पॉलिसियों की शर्तों और रकम के वास्तविक भुगतान से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

    ननिहाल की संपत्ति भी नाम होने का दावा

    जाह्नवी ने बताया कि उसके ननिहाल की कुछ संपत्तियां उसके नाम हैं। परिवार की कुछ अन्य संपत्तियों में भी वह नॉमिनी होने का दावा करती है।

    पुलिस पूछताछ के दौरान उससे सोने, संपत्ति, बीमा पॉलिसियों और अन्य आर्थिक मामलों से जुड़ी जानकारी ली गई है। जांच एजेंसियां अब संबंधित दस्तावेजों के जरिए इन दावों की पुष्टि कर रही हैं।

    हत्या में भूमिका और विशाल से रिश्ते से इनकार

    जाह्नवी ने पूछताछ में अपनी मां की हत्या में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। उसका दावा है कि मामले में उसका नाम गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है।

    उसने विशाल के साथ प्रेम संबंध होने से भी इनकार किया। जाह्नवी के मुताबिक, विशाल उससे शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी मां ने दोनों का गोत्र एक होने की वजह से इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया था।

    पुलिस बीमा और संपत्ति के एंगल से भी कर रही जांच

    रामेश्वरी हत्याकांड में अब पुलिस बीमा, नॉमिनी और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का मिलान करेगी।

    फिलहाल जाह्नवी के खिलाफ किसी ठोस सबूत की स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • देहरादून: 300 रुपये की मजदूरी के विवाद में तिहरा हत्याकांड, प्लंबर पर बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या का आरोप.

    देहरादून: 300 रुपये की मजदूरी के विवाद में तिहरा हत्याकांड, प्लंबर पर बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या का आरोप.

    देहरादून: 300 रुपये की मजदूरी के विवाद में तिहरा हत्याकांड, प्लंबर पर बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या का आरोप.

    देहरादून, उत्तराखंड: देहरादून की विष्णुलोक कॉलोनी में हुए तिहरे हत्याकांड ने इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 300 रुपये की मजदूरी को लेकर हुए विवाद के बाद प्लंबर राजकुमार ने बुजुर्ग दंपती और उनके पड़ोस में काम करने वाली घरेलू सहायिका पर हमला कर दिया। घटना में तीनों की मौत हो गई।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी करीब दो साल से रमेश कपूर के घर प्लंबिंग का काम करता था और परिवार का उस पर भरोसा था। पुलिस अब आरोपी के बयान के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का मिलान कर रही है।

    600 रुपये मांगने पर शुरू हुआ विवाद

    पुलिस के अनुसार, राजकुमार ने अपने काम के बदले 600 रुपये मजदूरी मांगी थी, जबकि बुजुर्ग दंपती कथित तौर पर 300 रुपये देने की बात कह रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार ने पेचकस से रमेश कपूर और उनकी पत्नी रजनी कपूर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पड़ोस में काम कर रही घरेलू सहायिका तिलया देवी उर्फ शीला वहां पहुंची। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया।

    घटना के बाद आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

    आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस

    पुलिस अब राजकुमार के पुराने रिकॉर्ड और उसके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। वह मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला बताया गया है और करीब पांच साल से देहरादून के इंद्रेश नगर क्षेत्र में रह रहा था।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, वह लंबे समय तक एक ही जगह नहीं रहता था और कुछ महीनों के अंतराल पर अपना कमरा बदल लेता था। करीब दो महीने पहले भी किराया न देने को लेकर उसे एक मकान से निकाले जाने की बात सामने आई है।

    पुलिस उसके पुराने ठिकानों, कामकाज, संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

    दीपावली पर बेटों के आने की थी तैयारी

    रमेश कपूर और रजनी कपूर के दोनों बेटे देहरादून से बाहर रहते हैं। बड़ा बेटा पुणे में नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा दिल्ली में रहता है। परिवार के अनुसार, दोनों बेटे दीपावली के मौके पर माता-पिता से मिलने आने वाले थे।

    घर में त्योहार को लेकर तैयारियां चल रही थीं और मरम्मत का काम भी कराया जा रहा था। इसी बीच हुई इस वारदात ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता

    हत्याकांड के बाद अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने सक्रियता बढ़ाई है। पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में रहने वाले एक हजार से अधिक बुजुर्गों से संपर्क कर उनकी समस्याएं जानीं और आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के लिए जरूरी नंबर उपलब्ध कराए।

    फास्ट ट्रैक पर मुकदमा चलाने की तैयारी

    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। आरोपी के बयानों, घटनास्थल के साक्ष्यों और अन्य लोगों से मिली जानकारी का मिलान किया जा रहा है।

    पुलिस जल्द से जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। मामले को फास्ट ट्रैक पर चलाने की पैरवी किए जाने की भी बात कही गई है।

  • पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत, हरियाणा: पानीपत कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वकीलों के चैंबर वाली बिल्डिंग के पीछे स्थित पार्किंग में दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान मारपीट हो गई। आरोप है कि एक पक्ष के युवकों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर गंडासी, लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना में कई युवक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया।

    कोर्ट में तारीख के दौरान हुआ विवाद

    बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी मामले में दोनों पक्ष तारीख पर कोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान चैंबर बिल्डिंग के पीछे पार्किंग में मौजूद युवकों के बीच कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पक्ष के दो युवक पार्किंग में मौजूद थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कई युवक वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियारों और डंडों से हमला किया।

    गाड़ियों में भी की गई तोड़फोड़

    हमले के दौरान पार्किंग में खड़े वाहनों को भी निशाना बनाया गया। आरोप है कि करीब पांच गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। अचानक हुई मारपीट के कारण कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी हड़कंप मच गया।

    घटना में घायल युवकों को तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कोर्ट परिसर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस हमले में शामिल लोगों की पहचान और घटना के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने में जुटी है। कोर्ट परिसर में हथियारों के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर, मध्य प्रदेश: बड़ामलहरा कस्बे में एक बुजुर्ग के कथित तौर पर मृत घोषित किए जाने के बाद फिर से जीवित होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। करीब 65 वर्षीय शेख सलीम को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों की ओर से उनकी हालत बेहद गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें घर लाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।

    हालांकि, रात करीब 1:30 बजे परिजनों ने उनके शरीर में हलचल महसूस होने और हिचकी आने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। परिवार का कहना है कि बाद में सलीम खड़े भी हुए।

    दोपहर में अस्पताल ले गए थे परिजन

    सलीम के पौत्र के मुताबिक, बुधवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोशी की हालत में चले गए। परिजन उन्हें दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे।

    परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर बताते हुए ग्वालियर रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद परिवार शाम करीब 6:30 बजे उन्हें लेकर बड़ामलहरा के लिए रवाना हुआ।

    घर पहुंचते ही शुरू हो गई अंतिम संस्कार की तैयारी

    परिजन सलीम को घर लेकर पहुंचे और उन्हें एक कमरे में लिटा दिया। परिवार के मुताबिक, घर में दुआ-पाठ शुरू कर दिया गया और रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई। कुछ रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे और परिवार में शोक का माहौल था।

    रात में अचानक शरीर में हलचल का दावा

    परिजनों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे अचानक सलीम को हिचकी आई। इसके बाद उनके शरीर में हलचल महसूस हुई। परिवार का दावा है कि कुछ देर बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। बाद में वह खड़े भी हुए।

    इस घटना के बाद घर में मौजूद परिजन हैरान रह गए। खबर फैलने पर आसपास के लोग भी सलीम को देखने के लिए पहुंचने लगे।

    धार्मिक आस्था से जोड़ रहा परिवार

    परिजनों का कहना है कि सलीम अब ठीक हैं और इबादत कर रहे हैं। परिवार ने इस घटना को अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए इसे ईश्वर की कृपा बताया है।

    तीन बार मृत बताए जाने का परिजनों का दावा

    परिवार का दावा है कि सलीम को अलग-अलग मौकों पर डॉक्टरों ने तीन बार मृत बताया था। हालांकि, इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि अस्पताल के रिकॉर्ड और संबंधित डॉक्टरों की जानकारी के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में उस समय सलीम की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति क्या थी और उन्हें किस आधार पर मृत माना गया था। पूरे मामले में मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

    नोट: इस घटना से जुड़े “मृत घोषित” किए जाने और बाद में होश में आने के दावे फिलहाल परिजनों के बयान पर आधारित हैं। इसकी चिकित्सकीय पुष्टि संबंधित अस्पताल के रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच से ही हो सकेगी।

  • लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना, पंजाब: विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ट्रैवल एजेंट ने महिला को ऑस्ट्रेलिया में नौकरी और बेहतर भविष्य का भरोसा देकर उससे 19 लाख 67 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया भेजने के बजाय उसे सिंगापुर की फ्लाइट में बैठा दिया गया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसका मूल पासपोर्ट भी वापस नहीं किया।

    ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने का दिया था भरोसा

    शिकायतकर्ता मोनिका रानी के मुताबिक, उसकी मुलाकात कथित ट्रैवल एजेंट मनदीप सिंह से हुई थी। आरोपी ने उसे ऑस्ट्रेलिया का वैध वीजा दिलाने और वहां सुरक्षित तरीके से बसाने का भरोसा दिया।

    आरोप है कि इस भरोसे में आकर महिला ने अलग-अलग तारीखों पर किस्तों में कुल 19,67,000 रुपये आरोपी को दे दिए। यात्रा और दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए उसने अपना मूल पासपोर्ट भी उसे सौंप दिया।

    ऑस्ट्रेलिया की जगह सिंगापुर भेजने का आरोप

    महिला के अनुसार, पूरी रकम लेने के बाद आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने के बजाय उसे कथित तौर पर सिंगापुर भेज दिया। वहां पहुंचने के बाद जब ऑस्ट्रेलिया का वैध वीजा और आगे की यात्रा से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले, तो महिला को कथित धोखाधड़ी का पता चला।

    वापस लौटने के बाद उसने आरोपी से अपनी रकम और पासपोर्ट वापस मांगा। आरोप है कि आरोपी ने न तो पैसे लौटाए और न ही उसका मूल पासपोर्ट वापस किया।

    पुलिस जांच के बाद केस दर्ज

    महिला की शिकायत के बाद लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की दस्तावेजी और तकनीकी जांच कराई। जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अब आरोपी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विदेश भेजने के नाम पर कथित तौर पर ठगी के इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

    नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।

  • लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना, पंजाब: सोने-चांदी के कारोबार में कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का भरोसा देकर एक महिला डॉक्टर से कथित तौर पर 75 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने डॉक्टर से 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के जरिए लिए, जबकि करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी हासिल किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    कारोबार में निवेश के नाम पर बढ़ाया भरोसा

    शिकायत के मुताबिक, आरोपी वरुण वर्मा ने पहले महिला डॉक्टर से मेलजोल बढ़ाया और खुद को सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा हुआ बताया। इसके बाद उसने कथित तौर पर डॉक्टर को कारोबार में पैसा लगाने पर कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया।

    आरोप है कि आरोपी की बातों पर विश्वास करके डॉक्टर ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के माध्यम से उसे दे दिए।

    35 लाख रुपये का सोना भी लेने का आरोप

    शिकायत के अनुसार, पैसों के अलावा आरोपी ने सोने के कारोबार के नाम पर डॉक्टर से करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी ले लिया। इस तरह शिकायतकर्ता के मुताबिक कुल 75 लाख रुपये की रकम और संपत्ति आरोपी के पास पहुंच गई।

    काफी समय बीतने के बाद जब कथित तौर पर न तो मुनाफे की रकम मिली और न ही निवेश का हिसाब दिया गया, तो डॉक्टर ने अपने पैसे और सोना वापस मांगना शुरू किया।

    पैसे और सोना लौटाने से किया इनकार

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में रकम तथा सोना वापस करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद महिला डॉक्टर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत दी।

    पुलिस की जांच में बैंक लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल की गई। इसके बाद थाना डिविजन नंबर 8 में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज किया गया।

    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है। साथ ही उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर ठगी गई रकम और सोने की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।

    मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

    नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।

  • लुधियाना: CASO के बीच चोरी की बाइक काटते पकड़ा गया युवक, पार्ट्स बेचने की थी तैयारी, पुलिस ने वाहन कब्जे में लिया.

    लुधियाना: CASO के बीच चोरी की बाइक काटते पकड़ा गया युवक, पार्ट्स बेचने की थी तैयारी, पुलिस ने वाहन कब्जे में लिया.

    लुधियाना: CASO के बीच चोरी की बाइक काटते पकड़ा गया युवक, पार्ट्स बेचने की थी तैयारी, पुलिस ने वाहन कब्जे में लिया.

    लुधियाना में नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे कॉरडन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) के बीच चोरी के दोपहिया वाहनों से जुड़ा मामला सामने आया है। जसपाल बांगर इलाके की जय श्री राम कॉलोनी में एक युवक को घर के बाहर संदिग्ध मोटरसाइकिल के कलपुर्जे अलग करते हुए स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने युवक से पूछताछ की और पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी।

    घटना उस समय सामने आई, जब जसपाल बांगर इलाके में पुलिस की ओर से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। मुख्य रास्तों से लेकर संकरी गलियों तक पुलिस की टीमें चैकिंग कर रही थीं। इसी दौरान जय श्री राम कॉलोनी में एक युवक मोटरसाइकिल को खोलकर उसके अलग-अलग पार्ट्स निकाल रहा था।

    युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर आसपास के लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने उससे मोटरसाइकिल के बारे में जानकारी मांगी और वाहन के दस्तावेज दिखाने को कहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवक के पास बाइक से संबंधित वैध कागजात नहीं थे। लोगों ने मौके की पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया।

    हंगामे के दौरान युवक के पिता मनोज उपाध्याय से भी मोटरसाइकिल के बारे में सवाल किए गए। उन्होंने दावा किया कि मोटरसाइकिल खरीदी गई है। हालांकि, जब उनसे बाइक की आरसी या खरीद से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा गया तो वह मौके पर कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सके।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि युवक चोरी की बाइकों को सस्ते में खरीदकर उन्हें काटता है और बाद में उनके स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग बेच देता है। पूछताछ के दौरान युवक ने कथित तौर पर बताया कि वह मोटरसाइकिल को सस्ते में लेकर आया था और उसके पार्ट्स अलग करके बेचने की तैयारी में था। हालांकि, इन दावों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।

    मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने 112 पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन किया। सूचना मिलने के बाद पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। पीसीआर मुलाजिम मलकीत सिंह और उनकी टीम ने वहां मौजूद लोगों से प्राथमिक पूछताछ की और संदिग्ध मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया।

    पुलिस ने मोटरसाइकिल को आगे की जांच के लिए संबंधित पुलिस चौकी कंगनवाल को सौंप दिया है। अब पुलिस वाहन के इंजन और चेसिस नंबर की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मोटरसाइकिल चोरी की है या नहीं और इसका असली मालिक कौन है।

    स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि संबंधित युवक पहले भी चोरी के मामलों में संदिग्ध रहा है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल उसके किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस चौकी कंगनवाल की ओर से वाहन के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि जांच में मोटरसाइकिल चोरी की पाई जाती है तो वाहन चोरी और चोरी की संपत्ति को खरीदने या उससे जुड़े अन्य आरोपों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि अगर बाइक चोरी की है तो इसे कहां से हासिल किया गया था और इसके पीछे किसी बड़े वाहन चोरी या अवैध स्क्रैप नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।

    खास बात यह है कि जिस समय जसपाल बांगर इलाके में पुलिस का व्यापक सर्च ऑपरेशन चल रहा था, उसी दौरान रिहायशी कॉलोनी में बाइक के पार्ट्स अलग किए जाने का मामला सामने आया। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि बरामद मोटरसाइकिल चोरी की थी या नहीं और इस मामले में युवक की वास्तविक भूमिका क्या है। फिलहाल संदिग्ध मोटरसाइकिल पुलिस के कब्जे में है और मामले की जांच जारी है।

  • महोबा: खेत में काम कर रहे थे माता-पिता, झोपड़ी से बच्ची की चीख सुनकर दौड़े किसान, लहूलुहान मिली साढ़े 3 साल की मासूम.

    महोबा: खेत में काम कर रहे थे माता-पिता, झोपड़ी से बच्ची की चीख सुनकर दौड़े किसान, लहूलुहान मिली साढ़े 3 साल की मासूम.

    महोबा: खेत में काम कर रहे थे माता-पिता, झोपड़ी से बच्ची की चीख सुनकर दौड़े किसान, लहूलुहान मिली साढ़े 3 साल की मासूम.

    महोबा जिले के कबरई क्षेत्र में साढ़े 3 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई, जब बच्ची अपने माता-पिता के साथ खेत पर गई थी। माता-पिता पास के खेत में काम कर रहे थे, जबकि बच्ची झोपड़ी में अकेली थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला एक युवक कथित तौर पर झोपड़ी में घुस गया और बच्ची को अपना शिकार बनाया।

    जानकारी के मुताबिक, घटना बीती देर शाम कबरई क्षेत्र के एक गांव में हुई। बच्ची के माता-पिता खेत में काम कर रहे थे और बच्ची पास की झोपड़ी में मौजूद थी। आरोप है कि इसी दौरान करीब 25 साल का युवक वहां पहुंचा और बच्ची के साथ जबरदस्ती की।

    बताया गया कि आरोपी ने बच्ची का मुंह हाथ से दबा दिया था। घटना के दौरान बच्ची दर्द से परेशान होकर चीखने लगी। उसकी आवाज सुनकर बच्ची के माता-पिता के साथ आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान भी झोपड़ी की तरफ दौड़े। लोगों को अपनी ओर आता देख आरोपी बच्ची को छोड़कर वहां से भाग निकला।

    जब परिजन और आसपास के लोग झोपड़ी में पहुंचे तो बच्ची गंभीर हालत में पड़ी मिली। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान थे और वह लहूलुहान थी। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार कराया गया।

    घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। पीआरबी के जरिए जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    पुलिस ने घटना के बाद आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गांव का ही रहने वाला है और वह वारदात के बाद फरार होने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे फरार होने से पहले गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। वहीं, बच्ची को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिलाया जा रहा है। मामले में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। बच्ची की स्थिति और मेडिकल जांच से जुड़े तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। घटना के बाद गांव में भी लोगों में आक्रोश है।

  • उन्नाव: कपड़े धोने को लेकर शुरू हुआ विवाद, सगे भाई पर धारदार हथियारों से हमला; मौत के बाद कई आरोपी हिरासत में.

    उन्नाव: कपड़े धोने को लेकर शुरू हुआ विवाद, सगे भाई पर धारदार हथियारों से हमला; मौत के बाद कई आरोपी हिरासत में.

    उन्नाव: कपड़े धोने को लेकर शुरू हुआ विवाद, सगे भाई पर धारदार हथियारों से हमला; मौत के बाद कई आरोपी हिरासत में.

    उन्नाव, उत्तर प्रदेश: बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में कपड़े धोने को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद कथित तौर पर खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि परिवार के ही लोगों ने दिलशाद उर्फ पप्पू पर कुल्हाड़ी, तलवार और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दिलशाद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    वाशिंग मशीन में कपड़े धोने को लेकर हुआ विवाद

    घटना बांगरमऊ के गंज मुरादाबाद स्थित मोचियाना मोहल्ले की बताई जा रही है। मृतक की पत्नी सूफिया बानो के मुताबिक, वह सुबह घर में वाशिंग मशीन से कपड़े धो रही थी। इसी दौरान उसके ससुर मुर्तजा ने कपड़े धोने को लेकर आपत्ति जताई।

    बात बढ़ने पर परिवार के अन्य सदस्य भी कथित तौर पर विवाद में शामिल हो गए। महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसके हाथ में चोट आई। उसका दावा है कि उसने पुलिस से शिकायत भी की थी।

    घर में घुसकर दिलशाद पर हमला करने का आरोप

    महिला के अनुसार, विवाद के कुछ समय बाद आरोपियों ने कथित तौर पर दिलशाद पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों के पास कुल्हाड़ी और तलवार जैसे धारदार हथियार थे।

    हमले में दिलशाद गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ बांगरमऊ के मुताबिक, सुबह करीब 9:30 बजे पारिवारिक विवाद में मारपीट की सूचना मिली थी। परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने मामले में कई मुख्य आरोपियों और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    नोट: मामले में लगाए गए आरोप पुलिस जांच और शिकायत पर आधारित हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।

  • बिजनौर: महज 80 रुपये के लिए दोस्त की हत्या का आरोप, शराब पीते समय हाथ-पैर पकड़े और नुकीली सलाई से किए वार.

    बिजनौर: महज 80 रुपये के लिए दोस्त की हत्या का आरोप, शराब पीते समय हाथ-पैर पकड़े और नुकीली सलाई से किए वार.

    बिजनौर: महज 80 रुपये के लिए दोस्त की हत्या का आरोप, शराब पीते समय हाथ-पैर पकड़े और नुकीली सलाई से किए वार.

    बिजनौर, उत्तर प्रदेश: स्योहारा क्षेत्र में दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस जांच के मुताबिक, शराब पीने के दौरान तीन दोस्तों ने कथित तौर पर अनीस की हत्या कर दी। आरोपियों को शक था कि अनीस के पास काफी पैसे हैं, लेकिन वारदात के बाद उसकी जेब से सिर्फ 80 रुपये मिले।

    शराब पीने के दौरान बिगड़ी बात

    पुलिस के अनुसार घटना 23 सितंबर की रात की है। अनीस अपने साथियों हिमांशु, राजा और जसविन्दर उर्फ हर्ष उर्फ अंगा के साथ स्योहारा क्षेत्र में बैठकर शराब पी रहा था।

    इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को कथित तौर पर लगा कि अनीस के पास काफी रकम है। इसके बाद उस पर हमला करने की योजना बनाई गई।

    हाथ-पैर पकड़े और गला दबाने का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, हिमांशु और राजा ने कथित तौर पर अनीस के हाथ-पैर पकड़ लिए। इसके बाद जसविन्दर पर बेल्ट से उसका गला दबाने और पगड़ी में इस्तेमाल होने वाली नुकीली सलाई से उसकी गर्दन पर वार करने का आरोप है।

    पुलिस का कहना है कि गंभीर चोट और दम घुटने के कारण अनीस की मौत हो गई।

    जेब से निकले सिर्फ 80 रुपये

    वारदात के बाद आरोपियों ने अनीस की जेब तलाशी तो कथित तौर पर उसमें सिर्फ 80 रुपये मिले। इसके बाद शव को कुम्हारपुरा गांव के पास राजवाह के किनारे गन्ने के खेत में छिपाने का आरोप है।

    जांच के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर घटना के दौरान पहने खून लगे कपड़े भी अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए और अनीस की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल लेकर वहां से चले गए।

    गुमशुदगी के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

    अनीस के घर नहीं लौटने पर उसके भाई जमील ने 27 सितंबर को स्योहारा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर जांच आगे बढ़ाई।

    जांच के दौरान पुलिस का शक अनीस के करीबी दोस्तों पर गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद हिमांशु और राजा को पहले गिरफ्तार किया गया था। अब तीसरे आरोपी जसविन्दर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

    आरोपी की निशानदे