Category: Crime

  • हिंगोली: पेट्रोल पंप सील करने पहुंची टीम पर विवाद, इंडियन ऑयल मैनेजर की हत्या; 7 बार चाकू से हमला, 5 गिरफ्तार.

    हिंगोली: पेट्रोल पंप सील करने पहुंची टीम पर विवाद, इंडियन ऑयल मैनेजर की हत्या; 7 बार चाकू से हमला, 5 गिरफ्तार.

    हिंगोली: पेट्रोल पंप सील करने पहुंची टीम पर विवाद, इंडियन ऑयल मैनेजर की हत्या; 7 बार चाकू से हमला, 5 गिरफ्तार.

    हिंगोली, महाराष्ट्र: जिले के वसमत तालुका में पेट्रोल पंप को सील कर अपने नियंत्रण में लेने पहुंची इंडियन ऑयल की टीम के साथ विवाद के दौरान कंपनी के एक मैनेजर की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, 37 वर्षीय महेश शेल्के पर धारदार हथियार से सात बार हमला किया गया। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पेट्रोल पंप पर पहुंची थी कंपनी की टीम

    महेश शेल्के इंडियन ऑयल के नांदेड कार्यालय में मैनेजर (रिटेल सेल्स) के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार दोपहर वह कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ चोंढी गांव स्थित एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे।

    कंपनी की ओर से विवाद के चलते पेट्रोल पंप को सील कर उसका संचालन अपने नियंत्रण में लेने की कार्रवाई की जानी थी। पेट्रोल पंप का संचालन पांडववीर परिवार द्वारा किया जा रहा था।

    समय देने की मांग को लेकर बढ़ा विवाद

    पुलिस के अनुसार, कंपनी की टीम और पेट्रोल पंप संचालक परिवार के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। परिवार की ओर से कथित तौर पर एक महीने का समय मांगा गया और इसके बाद पेट्रोल पंप का कब्जा सौंपने की बात कही गई।

    हालांकि, कंपनी की टीम तत्काल सीलिंग और टेकओवर की कार्रवाई पर आगे बढ़ना चाहती थी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और स्थिति हिंसक हो गई।

    धारदार हथियार से 7 वार करने का आरोप

    हिंगोली पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में उमेश पांडववीर पर महेश शेल्के पर खंजर से हमला करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि महेश पर सात बार वार किए गए। इसी दौरान कुछ अन्य लोगों पर पथराव करने का भी आरोप लगाया गया है।

    गंभीर रूप से घायल महेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कुरुंदा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    24 घंटे में 5 आरोपी गिरफ्तार

    मामले में इंडियन ऑयल के वरिष्ठ प्रबंधक की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई। पुलिस ने हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में लताबाई पांडववीर, उमेश पांडववीर, श्रवण वाकुड़े, राहुल धायजे और प्रथमेश वाघमारे शामिल हैं।

    महेश शेल्के के शव का पोस्टमार्टम वसमत उप-जिला अस्पताल में कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    कौन थे महेश शेल्के?

    महेश शेल्के इंडियन ऑयल के नांदेड कार्यालय में मैनेजर (रिटेल सेल्स) के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और वर्ष 2014 में इंडियन ऑयल में नौकरी शुरू की थी।

    नौकरी के दौरान उन्होंने दक्षिण भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में भी काम किया। वर्ष 2024 में उनका तबादला महाराष्ट्र में हुआ था और पिछले करीब दो वर्षों से वह परिवार के साथ नांदेड में रह रहे थे।

    केंद्रीय मंत्री ने जताया दुख

    ड्यूटी के दौरान अधिकारी की हत्या पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दुख जताया। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से मामले को लेकर बातचीत की और आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की बात कही।

    इंडियन ऑयल प्रबंधन की ओर से भी घटना पर शोक व्यक्त किया गया है। कंपनी ने मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की है।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेट्रोल पंप के कब्जे और सीलिंग को लेकर विवाद किस तरह हिंसा में बदला और घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी।

  • डांग: काम-धंधे को लेकर दो भाइयों में हुआ विवाद, छोटे भाई ने धारदार हथियार से बड़े भाई की हत्या की.

    डांग: काम-धंधे को लेकर दो भाइयों में हुआ विवाद, छोटे भाई ने धारदार हथियार से बड़े भाई की हत्या की.

    डांग: काम-धंधे को लेकर दो भाइयों में हुआ विवाद, छोटे भाई ने धारदार हथियार से बड़े भाई की हत्या की.

    डांग, गुजरात: जिले के आहवा तालुका में काम-धंधे को लेकर दो सगे भाइयों के बीच शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, बहस बढ़ने के बाद छोटे भाई ने कथित तौर पर धारदार हथियार से अपने बड़े भाई पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से बड़े भाई की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

    खाना खाने के दौरान शुरू हुई थी बातचीत

    घटना आहवा तालुका के भवानदगढ़ इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय रंजीत पवार मजदूरी करता था, जबकि उसका 28 वर्षीय बड़ा भाई गजेंद्र पवार बेरोजगार था।

    मंगलवार शाम रंजीत काम खत्म करके घर लौटा। इसके बाद परिवार के साथ दोनों भाई खाना खाने बैठे। इसी दौरान दोनों के बीच रोजगार और काम-धंधे को लेकर बातचीत शुरू हुई।

    बताया जा रहा है कि रंजीत ने अपने बड़े भाई को भी कोई काम शुरू करने की सलाह दी। शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन कुछ देर बाद दोनों के बीच बहस होने लगी।

    बहस बढ़ी तो मारपीट तक पहुंचा मामला

    पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ने के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान रंजीत ने पास में मौजूद धारदार हथियार से गजेंद्र पर हमला कर दिया।

    हमले में गजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तार

    घटना की सूचना मिलने के बाद आहवा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी रंजीत पवार को कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    पहले से विवाद था या अचानक बिगड़ी बात?

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों भाइयों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था या घटना वाले दिन ही मामूली बातचीत के बाद मामला इतना बढ़ गया।

    जांच टीम आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस वारदात में इस्तेमाल हथियार और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। शुरुआती जांच में काम-धंधे को लेकर हुई बातचीत के बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई है, जबकि हत्या की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

  • घर के बाहर खेलते-खेलते 2 साल की बच्ची गायब, CCTV में महिला के साथ जाती दिखी; 3 लोग हिरासत में.

    घर के बाहर खेलते-खेलते 2 साल की बच्ची गायब, CCTV में महिला के साथ जाती दिखी; 3 लोग हिरासत में.

    घर के बाहर खेलते-खेलते 2 साल की बच्ची गायब, CCTV में महिला के साथ जाती दिखी; 3 लोग हिरासत में.

    पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र में दो साल की बच्ची के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, लेकिन कुछ देर बाद वह वहां दिखाई नहीं दी। परिवार ने आसपास काफी तलाश की, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    CCTV जांच में महिला के साथ जाती दिखी बच्ची

    मामले की जांच के दौरान पुलिस को CCTV फुटेज मिला। इसमें बच्ची एक महिला के साथ जाती हुई दिखाई दी। परिजनों ने महिला की पहचान गांव की ही रहने वाली एक युवती के रूप में की है।

    इसके बाद पुलिस ने महिला के साथ उसकी मां और भाई को भी हिरासत में लिया है। तीनों से बच्ची के लापता होने के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

    दादी ने बताई उस दिन की पूरी घटना

    बच्ची की दादी के मुताबिक, वह उसे आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर घर पहुंची थीं। इसी दौरान आरोपी महिला वहां पहुंची और कथित तौर पर बताया कि बच्ची की मां उसे बुला रही हैं। उसने यह भी कहा कि उसे घास लाने जाना है।

    दादी कुछ समय के लिए बाथरूम चली गईं। आरोप है कि इसी दौरान महिला बच्ची को अपने साथ लेकर चली गई।

    कुछ देर बाद महिला अकेली वापस लौटी। जब दादी ने बच्ची के बारे में पूछा तो कथित तौर पर उसने बताया कि बच्ची को दुकान से खाने की चीज दिलाने के बाद अपने दरवाजे के पास छोड़ दिया था। वहां बच्ची नहीं मिली तो परिवार के लोगों ने गांव में तलाश शुरू कर दी।

    अलग-अलग जगहों की जानकारी से बढ़ा संदेह

    पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने बच्ची के अलग-अलग स्थानों पर होने की जानकारी दी। पुलिस ने बताए गए स्थानों पर जाकर भी तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बसवारी इलाके में भी खोजबीन की गई।

    बच्ची के गायब होने की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मझौलिया थाने पहुंचे और बच्ची को जल्द बरामद करने की मांग की।

    पुलिस कई एंगल से कर रही जांच

    मझौलिया थाना पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस CCTV फुटेज, पूछताछ और बच्ची के संभावित ठिकानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्ची महिला के साथ कहां तक गई और उसके बाद वह कहां चली गई। पुलिस बच्ची की जल्द से जल्द बरामदगी के लिए संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है। मामले में आगे की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।

  • राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़, मध्य प्रदेश: जिले में नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पुलिस को मलावर क्षेत्र के जंगल से उसका शव बरामद हुआ। पुलिस जांच के अनुसार, मामले में संदिग्ध 21 वर्षीय युवक की भी उसी दिन सड़क हादसे में मौत हो गई थी। कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस जंगल तक पहुंची, जहां किशोरी का शव मिला।

    30 सितंबर को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत

    मामला 30 सितंबर 2026 का है। किशोरी के परिजनों ने राजगढ़ कोतवाली थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने गांव के ही एक 21 वर्षीय युवक पर किशोरी को अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था।

    पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि इसी दौरान मलावर थाना क्षेत्र के पगारी बंग्ला के पास एक सड़क हादसे में उक्त युवक की मौत हो गई। बताया गया कि उसकी बाइक ट्रक से टकरा गई थी।

    मोबाइल लोकेशन से जंगल तक पहुंची पुलिस

    शुरुआत में युवक की मौत को सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन किशोरी की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की। जांच में उसकी आखिरी लोकेशन मलावर के जंगल की ओर मिली।

    इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल में तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान झाड़ियों के बीच किशोरी का करीब सात दिन पुराना शव बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से कुछ अन्य सामान भी जब्त किया है, जिनमें आरी और रस्सी शामिल होने की बात सामने आई है। इन बरामद वस्तुओं की जांच की जा रही है।

    रिश्तेदार से पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी

    जांच के दौरान पुलिस ने युवक के एक करीबी रिश्तेदार से भी पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, रिश्तेदार ने बताया कि घटना वाले दिन युवक किशोरी को करेड़ी की ओर से मलावर के जंगल ले गया था।

    पूछताछ में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि कुछ समय बाद युवक अकेला लौटा और काफी घबराया हुआ था। पुलिस के मुताबिक, उसने रिश्तेदार से किशोरी की हत्या करने की बात कही थी। इसके बाद युवक सड़क की ओर चला गया, जहां ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

    पुलिस ने किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

    पुलिस अब गुमशुदगी, जंगल से शव बरामद होने और युवक की सड़क हादसे में हुई मौत के बीच संबंधों की जांच कर रही है। हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल में जुटी है।

  • एमसीबी: घर की बाड़ी में उगा रहा था गांजा, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर 14 पौधे किए जब्त.

    एमसीबी: घर की बाड़ी में उगा रहा था गांजा, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर 14 पौधे किए जब्त.

    एमसीबी: घर की बाड़ी में उगा रहा था गांजा, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर 14 पौधे किए जब्त.

    छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के जनकपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजे की अवैध खेती के मामले में कार्रवाई की है। ग्राम गांजर में एक व्यक्ति अपने घर की बाड़ी में गांजे के पौधे उगा रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर वहां से 14 गांजे के पौधे बरामद किए।

    जनकपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गांजर में एक व्यक्ति अपने घर की बाड़ी में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाड़ी की तलाशी ली।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी बाड़ी को चारों तरफ से कपड़े से घेरकर रखा था। तलाशी के दौरान वहां गांजे के कुल 14 पौधे मिले, जिनका कुल वजन 18 किलो 690 ग्राम बताया गया है। पुलिस ने सभी पौधों को जब्त कर लिया।

    मामले में पुलिस ने हरि लाल (52) को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

    पुलिस अब मामले में आगे की कार्रवाई और जांच कर रही है।

  • पश्चिम चंपारण: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले गया युवक; पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार.

    पश्चिम चंपारण: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले गया युवक; पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार.

    पश्चिम चंपारण: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले गया युवक; पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार.

    पश्चिम चंपारण: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के साठी थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और करीब दो घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    सामान लेने के बाद अचानक गायब हुई बच्ची

    पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 4 बजे बच्ची की मां ने उसे पैसे देकर दुकान से सामान लाने भेजा था। सामान लेकर लौटने के बाद बच्ची घर के दरवाजे पर खेल रही थी।

    कुछ देर बाद जब बच्ची दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान बच्ची रोते हुए घर पहुंची।

    मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले जाने का आरोप

    परिजनों के पूछने पर बच्ची ने कथित तौर पर बताया कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे मोबाइल दिखाने के बहाने अपने घर के कमरे में ले गया था। आरोप है कि वहां उसने बच्ची के साथ गलत काम किया।

    शिकायत के अनुसार, बच्ची के विरोध करने पर उसके साथ जबरदस्ती और मारपीट की गई। बच्ची के रोने पर आरोपी ने कथित तौर पर उसे किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी दी और घर के पीछे के रास्ते से बाहर निकाल दिया।

    आरोपी के परिजनों पर भी धमकी देने का आरोप

    बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि घटना के बारे में आरोपी के माता-पिता से पूछताछ करने पर उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई।

    पुलिस ने दो घंटे में आरोपी को पकड़ा

    साठी थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार के मुताबिक, बच्ची की मां के आवेदन के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब दो घंटे के भीतर नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।

  • सागर: शराब की होम डिलीवरी करते 31 वर्षीय युवक को आबकारी टीम ने पकड़ा, स्कूटी समेत 80 हजार का माल जब्त.

    सागर: शराब की होम डिलीवरी करते 31 वर्षीय युवक को आबकारी टीम ने पकड़ा, स्कूटी समेत 80 हजार का माल जब्त.

    सागर: शराब की होम डिलीवरी करते 31 वर्षीय युवक को आबकारी टीम ने पकड़ा, स्कूटी समेत 80 हजार का माल जब्त.

    सागर, मध्य प्रदेश: जिले में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है। इसी अभियान के तहत आबकारी टीम ने शराब की कथित होम डिलीवरी करते एक 31 वर्षीय युवक को पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से शराब की बोतल और एक स्कूटी जब्त की गई। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है।

    बस स्टैंड के पास हुई कार्रवाई

    आबकारी विभाग को 6 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि सागर शहर में एक व्यक्ति अवैध तरीके से शराब की डिलीवरी कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने बस स्टैंड सागर के पास घेराबंदी की।

    कार्रवाई के दौरान कृष्णगंज वार्ड निवासी 31 वर्षीय सोहिल खान को पकड़ा गया। आबकारी विभाग के अनुसार, वह एक बोतल सिग्नेचर व्हिस्की का कथित तौर पर अवैध रूप से विक्रय करते पाया गया।

    शराब के साथ स्कूटी भी जब्त

    कार्रवाई के दौरान टीम ने शराब के साथ स्कूटी क्रमांक MP 15 ZL 4154 भी जब्त की। विभाग ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

    80 हजार रुपये का सामान जब्त

    आबकारी विभाग के मुताबिक, जब्त की गई स्कूटी और शराब की अनुमानित कुल कीमत करीब 80 हजार रुपये है। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब की बिक्री, परिवहन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    यह कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक एवं वृत्त दक्षिण प्रभारी राजेंद्र बिलावर, आबकारी उपनिरीक्षक एसपी साकेत और आबकारी आरक्षक दिलीप सिंह ठाकुर की टीम ने की। कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई।

  • जिला अस्पताल: महिला टॉयलेट के फ्लश में मिला नवजात का शव, मचा हड़कंप; CCTV और DNA जांच में जुटी पुलिस

    जिला अस्पताल: महिला टॉयलेट के फ्लश में मिला नवजात का शव, मचा हड़कंप; CCTV और DNA जांच में जुटी पुलिस

    जिला अस्पताल: महिला टॉयलेट के फ्लश में मिला नवजात का शव, मचा हड़कंप; CCTV और DNA जांच में जुटी पुलिस

    छत्तीसगढ़ जिला अस्पताल के महिला टॉयलेट में उस समय हड़कंप मच गया, जब फ्लश के अंदर एक नवजात शिशु का शव मिला। घटना की जानकारी सामने आते ही अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    फ्लश में मिला नवजात का शव

    जानकारी के मुताबिक, अस्पताल के महिला शौचालय में फ्लश जाम होने के बाद जब उसे देखा गया तो अंदर नवजात का शव फंसा मिला। इसके बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की पड़ताल शुरू की।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    पुलिस अब अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नवजात को टॉयलेट तक कौन लेकर आया और घटना किस समय हुई। पुलिस अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों और मरीजों के परिजनों से भी पूछताछ कर सकती है।

    DNA जांच से होगी पहचान

    मामले में नवजात की पहचान और घटना से जुड़े व्यक्ति तक पहुंचने के लिए DNA जांच भी कराई जा सकती है। पुलिस अस्पताल में भर्ती महिलाओं और हाल में प्रसव कराने वाली महिलाओं से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे टॉयलेट के फ्लश में किसने छोड़ा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

  • तस्कर ‘चाची’ के कथित जाली: नोट और चरस नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, NIA-CBI समेत कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई.

    तस्कर ‘चाची’ के कथित जाली: नोट और चरस नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, NIA-CBI समेत कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई.

    तस्कर ‘चाची’ के कथित जाली: नोट और चरस नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, NIA-CBI समेत कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई.

    मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में कथित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बासोपट्टी थाना क्षेत्र के जानकीनगर और दुहबी बाजार में NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कथित तस्कर हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तड़के करीब 3 बजे से ही दोनों इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ इलाके की घेराबंदी की गई। कई वाहनों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई।

    भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ाई गई सुरक्षा

    कार्रवाई के दौरान भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सीमा के दूसरी ओर नेपाली क्षेत्र में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों, उनके ठिकानों और कारोबार से संबंधित जानकारी जुटा रही हैं।

    चरस के साथ पकड़े गए आरोपी से जुड़े तार

    सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई जानकीनगर से चरस के साथ गिरफ्तार कृष्णा ठाकुर और कथित तस्कर हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ से जुड़े नेटवर्क की जांच के सिलसिले में हो रही है।

    करीब 60 वर्षीय हीरा देवी महासेठ को सितंबर में गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई थी। उसके खिलाफ जाली नोट, चरस, गांजा, ब्राउन शुगर और शराब की कथित तस्करी से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उसके मोबाइल फोन से कुछ अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है।

    परिवार के सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में

    जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क में परिवार के अलग-अलग सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, हीरा महासेठ के बड़े बेटे राजीव महासेठ के नेपाल के काठमांडू में कारोबार और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    हीरा महासेठ के पति भरत महासेठ को भी पहले जाली नोट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जाली नोट के नमूनों की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई थी।

    419 किलो गांजा मामले से भी जुड़ रहे तार

    जांच के दौरान बासोपट्टी के विनोद सहनी का नाम भी सामने आया है। इससे पहले STF ने उसे कथित तौर पर 419 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी।

    विनोद सहनी की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष को निलंबित किए जाने और डायल-112 से जुड़े दो चालकों पर मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में मामले की जांच NCB को सौंपे जाने की बात कही गई।

    NIA कर रही जाली नोट मामले की जांच

    हीरा महासेठ की गिरफ्तारी के बाद जाली नोट से जुड़े मामले की जांच NIA को सौंपे जाने की जानकारी है। एजेंसी कथित नेटवर्क से जुड़े स्थानीय कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    इसके अलावा नेपाल में बड़ी मात्रा में गांजा बरामदगी से जुड़े एक मामले के तार भी कथित तौर पर इसी नेटवर्क से जोड़कर देखे जा रहे हैं। हालांकि इन सभी कड़ियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

    फिलहाल NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। एजेंसियां कथित तस्करी नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, सीमा पार संपर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। मामले में आधिकारिक तौर पर सामने आने वाली जानकारी के बाद तस्वीर और साफ होगी।

  • असम: दो दिन में 17 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, अवैध तरीके से भारत में प्रवेश का आरोप.

    असम: दो दिन में 17 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, अवैध तरीके से भारत में प्रवेश का आरोप.

    असम: दो दिन में 17 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, अवैध तरीके से भारत में प्रवेश का आरोप.

    गुवाहाटी, असम: असम पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में दो दिनों के भीतर 17 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। पुलिस का दावा है कि ये लोग अवैध तरीके से भारत में दाखिल होकर गुवाहाटी पहुंचे थे। इस मामले में उनकी मदद करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

    रेलवे स्टेशन से 5 लोगों को पकड़ा

    पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को पलटन बाजार रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए पांच बांग्लादेशी नागरिकों को लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस के जनरल कोच से पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि वे कथित तौर पर मेघालय के द्वाकी इलाके से भारत में दाखिल हुए थे और 5 अक्टूबर को गुवाहाटी पहुंचे थे।

    पुलिस का कहना है कि गुवाहाटी पहुंचने के बाद ये लोग शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उन्हें संबंधित होटल तक लेकर गई। वहां लगे CCTV कैमरों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद पान बाजार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।

    दूसरे होटल से 13 और गिरफ्तार

    बुधवार को पुलिस ने एक अन्य अभियान में 13 और बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई लोग पिछले 10 से 15 वर्षों से श्रीनगर में रह रहे थे और हाल ही में गुवाहाटी पहुंचे थे।

    पुलिस का दावा है कि ये लोग असम के रास्ते बांग्लादेश वापस जाने के लिए किसी नेटवर्क की तलाश कर रहे थे। मामले की जांच के दौरान उनके भारत में प्रवेश और यहां रहने से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य जानकारियों की भी जांच की जा रही है।

    बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू

    DCP (ऑपरेशन्स) कुलेंद्र नाथ डेका के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी बांग्लादेशी नागरिकों को वापस उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवश्यक आदेश और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन लोगों ने भारत में किस तरह प्रवेश किया, यहां रहने में किसने मदद की और इनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।