Category: Crime

  • रायगढ़: रिटायर्ड शिक्षक से 47 लाख की ठगी, भरोसेमंद परिचित ने 6 साल में खाली किया बैंक खाता

    रायगढ़: रिटायर्ड शिक्षक से 47 लाख की ठगी, भरोसेमंद परिचित ने 6 साल में खाली किया बैंक खाता

    रायगढ़: रिटायर्ड शिक्षक से 47 लाख की ठगी, भरोसेमंद परिचित ने 6 साल में खाली किया बैंक खाता

    रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से करीब 47.05 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में शिक्षक के परिचित और कथित तौर पर बैंक संबंधी कामों में मदद करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने रकम को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने की बात कबूल की है।

    बैंक के काम में मदद करता था आरोपी

    पुलिस के मुताबिक, पीड़ित शिक्षक वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। आरोपी वर्ष 2020 से उनके संपर्क में था और बैंक से जुड़े कामों में उनकी मदद करता था।

    बताया गया कि आरोपी चेक के जरिए पैसे निकलवाने के लिए उनके साथ बैंक जाता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच भरोसा बढ़ गया। आरोपी का पीड़ित के घर भी आना-जाना था और वह उनके मोबाइल का इस्तेमाल भी करता था। इसी वजह से कथित तौर पर लंबे समय तक किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।

    रिटायरमेंट के बाद खाते में जमा हुई थी बड़ी रकम

    सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षक के एसबीआई खाते में जीपीएफ, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभ की रकम जमा हुई थी।

    मकान बनाने के लिए जमीन खरीदने के उद्देश्य से जब शिक्षक बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो उन्हें खाते से बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिली।

    छह साल में 47.05 लाख रुपये ट्रांसफर

    खाते की जांच में सामने आया कि जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच करीब 47,05,000 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे। इन लेनदेन में ग्रामीण बैंक, IDBI बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंक खातों का इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आई।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने कोतरारोड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

    पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई।

    पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने पीड़ित के खाते से रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की।

    ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने का दावा

    पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि पीड़ित के खाते से ट्रांसफर की गई रकम को उसने अपने HDFC बैंक, SBI, बैंक ऑफ इंडिया और अपेक्स बैंक के खातों में भेजा था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इन पैसों को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने की बात बताई है। पुलिस ने आरोपी से जुड़े बैंक खातों की जानकारी, ATM और मोबाइल फोन जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

    पुलिस ने आरोपी छत्रपाल सिदार, उम्र 34 वर्ष, निवासी कांटाहरदी, थाना कोतरारोड़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उसे रिमांड पर भेज दिया है।

    पुलिस अब बैंक लेनदेन, अलग-अलग खातों में भेजी गई रकम और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पूरी रकम किस तरह और कहां इस्तेमाल हुई।

  • नालंदा: सिपाही भर्ती में 9 लाख की सेटिंग का खुलासा, ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में आरोपी गिरफ्तार.

    नालंदा: सिपाही भर्ती में 9 लाख की सेटिंग का खुलासा, ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में आरोपी गिरफ्तार.

    नालंदा: सिपाही भर्ती में 9 लाख की सेटिंग का खुलासा, ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में आरोपी गिरफ्तार.

    नालंदा: बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर अवैध तरीके से चयन कराने के लिए 9 लाख रुपये की सेटिंग किए जाने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला वर्ष 2023 में आयोजित सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा से जुड़ा है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर EOU ने पटना जिले के सिगौरी थाना क्षेत्र निवासी श्रवण कुमार को गिरफ्तार किया है।

    यह मामला नालंदा जिले के लहेरी थाना कांड संख्या 611/23 से संबंधित है। 1 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती), बिहार की ओर से लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।

    परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया था अभ्यर्थी

    परीक्षा के दौरान बिहारशरीफ के भैंसासुर स्थित आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय केंद्र पर जांच के दौरान धनंजय कुमार पकड़ा गया था। उसके प्रवेश पत्र पर लगी तस्वीर उसके आधार कार्ड और चेहरे से मेल नहीं खा रही थी।

    जांच के दौरान उसके पास कथित तौर पर ब्लूटूथ के जरिए नकल करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण भी मिला था। पूछताछ में धनंजय ने बताया था कि परीक्षा पास कराने के लिए उसके एडमिट कार्ड पर किसी दूसरे अभ्यर्थी की तस्वीर लगाई गई थी।

    9 लाख रुपये में हुई थी कथित सेटिंग

    EOU की जांच में श्रवण कुमार की भूमिका सामने आने के बाद उसे 7 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, श्रवण करीब 25 वर्ष का है और पटना जिले के सिगौरी थाना क्षेत्र के हादीनगर का रहने वाला है।

    जांच के मुताबिक, श्रवण ने अपने परिचित सेटर नीरज के माध्यम से धनंजय को सिपाही भर्ती परीक्षा में पास कराने के लिए कथित तौर पर 9 लाख रुपये में सेटिंग कराई थी। इसी व्यवस्था के तहत धनंजय के एडमिट कार्ड पर दूसरे स्कॉलर की तस्वीर लगाए जाने की बात सामने आई है।

    दूसरे स्कॉलर के नहीं पहुंचने पर खुद परीक्षा देने पहुंचा

    पुलिस के अनुसार, जिस स्कॉलर को धनंजय की जगह परीक्षा देने के लिए जाना था, वह परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचा। इसके बाद धनंजय को ही परीक्षा देने के लिए भेजा गया। इस दौरान उससे कथित तौर पर फोन-पे के जरिए 20 हजार रुपये लिए गए थे।

    जांच में यह भी सामने आया कि नकल कराने के लिए धनंजय को सेटर के माध्यम से ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराया गया था। हालांकि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान जांच में वह पकड़ा गया।

    आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    धनंजय कुमार को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब EOU ने श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    आर्थिक अपराध इकाई मामले से जुड़े अन्य लोगों और परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • प्रेमी के साथ पकड़ी गई विवाहिता से ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर अमानवीय हरकत, 9 गिरफ्तार.

    प्रेमी के साथ पकड़ी गई विवाहिता से ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर अमानवीय हरकत, 9 गिरफ्तार.

    प्रेमी के साथ पकड़ी गई विवाहिता से ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर अमानवीय हरकत, 9 गिरफ्तार.

    ** गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से विवाहिता के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार और यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महिला को एक व्यक्ति के साथ पकड़े जाने के बाद कुछ लोगों ने उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया। आरोप है कि ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर महिला के साथ जबरदस्ती की गई और पूरी घटना की रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया।

    पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी सुरेंद्रनगर के दुधरेज गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मामले की जांच सुरेंद्रनगर सिटी ‘ए’ डिवीजन पुलिस कर रही है।

    कथित प्रेमी के साथ जाने के बाद बढ़ा विवाद

    पुलिस के मुताबिक, महिला मूल रूप से वापी की रहने वाली है। बताया गया है कि वह पहले भी एक व्यक्ति के साथ घर से चली गई थी। बाद में परिवार और समुदाय के लोगों के हस्तक्षेप के बाद समझौता हुआ और वह अपने पति के पास लौट आई।

    पुलिस के अनुसार बाद में महिला दोबारा उसी व्यक्ति के साथ चली गई। इसके बाद परिवार और समुदाय के कुछ लोगों ने दोनों को पकड़ लिया।

    दोनों को बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, महिला और उसके कथित प्रेमी को पकड़कर एक स्थान पर ले जाया गया। आरोप है कि वहां महिला को बंधक बनाकर उसके साथ जबरन यौन उत्पीड़न किया गया।

    वहीं महिला के साथ मौजूद युवक को भी कथित तौर पर बंधक बनाकर पीटा गया। पुलिस के अनुसार उसे पेड़ से बांधा गया था, जबकि महिला को एक कमरे में बंद रखा गया। आरोपियों पर दोनों के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने के आरोप हैं।

    घटना की रिकॉर्डिंग कर सोशल मीडिया पर डाली

    पुलिस के अनुसार कथित घटना के दौरान मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग की गई और बाद में उसे Instagram पर प्रसारित कर दिया गया। सोशल मीडिया पर सामग्री सामने आने के बाद एक व्यक्ति ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

    इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर महिला की पहचान करने की कोशिश शुरू की।

    पुलिस ने महिला की पहचान कर दर्ज किया बयान

    एएसपी वेदिका दिहानी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की। पूछताछ और अन्य जानकारी के आधार पर पुलिस महिला तक पहुंची।

    पुलिस के मुताबिक, टीम जब महिला के घर पहुंची तो वह वहां मौजूद थी। पुलिस के सामने महिला ने कथित घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उसके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    9 आरोपी गिरफ्तार

    सुरेंद्रनगर सिटी ‘ए’ डिवीजन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों पर BNS की धारा 70(1), धारा 115(2) और आईटी एक्ट की धारा 67(A) समेत संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, रिकॉर्डिंग बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • महासमुंद: वन अमले पर हमला, रेंजर और डिप्टी रेंजर को 5 घंटे बनाया बंधक; पुलिस ने छुड़ाया.

    महासमुंद: वन अमले पर हमला, रेंजर और डिप्टी रेंजर को 5 घंटे बनाया बंधक; पुलिस ने छुड़ाया.

    महासमुंद: वन अमले पर हमला, रेंजर और डिप्टी रेंजर को 5 घंटे बनाया बंधक; पुलिस ने छुड़ाया.

    महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा वन क्षेत्र में रात के समय गश्त पर निकले वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट और दो अधिकारियों को कई घंटे तक बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन भूमि पर कथित कब्जे को लेकर विवाद के दौरान कुछ लोगों ने रेंजर और डिप्टी रेंजर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद बागबाहरा और खल्लारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और करीब रात 12:30 बजे दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल अधिकारियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    जंगली सूअर के अवैध शिकार की सूचना पर निकली थी टीम

    बताया गया कि रेंजर अपने स्टाफ के साथ ढोंड परिसर के कक्ष क्रमांक 95 और 96 में जंगली सूअर के कथित अवैध शिकार और वन्यजीवों के मांस की बिक्री से जुड़ी सूचना की जांच के लिए रात में गश्त कर रहे थे।

    इसी दौरान टीम तमोरा क्षेत्र में पहुंची, जहां कुछ लोगों के साथ विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि देखते ही देखते वहां मौजूद लोगों ने वन विभाग की टीम को घेर लिया और उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी।

    कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान

    बताया जा रहा है कि लाठी-डंडों से लैस लोगों की संख्या करीब एक दर्जन थी। स्थिति बिगड़ने पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी किसी तरह वहां से निकल गए, लेकिन रेंजर और डिप्टी रेंजर मौके पर ही फंस गए।

    आरोप है कि दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस दौरान रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल फोन भी ले लिया गया।

    खेत के पास बने मकान में करीब 5 घंटे रखा बंधक

    आरोप है कि मारपीट के बाद दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे एक खेत में बने छोटे से मकान में ले जाया गया। वहां उन्हें कथित तौर पर शाम करीब 7:30 बजे से रात 12:30 बजे तक बंद रखा गया।

    इस दौरान रेंजर ने किसी तरह वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को आपात संदेश भेजा। सूचना मिलते ही बागबाहरा और खल्लारी थाने की पुलिस टीम वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंची।

    पुलिस पहुंची तो आरोपियों ने किया विरोध

    पुलिस ने दोनों अधिकारियों को छोड़ने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद लोग पुलिस से भी उलझने लगे। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों अधिकारियों को बाहर निकाला।

    दोनों घायल अधिकारियों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।

    9 लोगों के खिलाफ नामजद मामला

    पुलिस ने मामले में 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों में प्रदीप ध्रुव, सुखराम, गणेश यादव, हेमिन बाई, चंदन, कलाबाई, लक्ष्मीबाई और संतकुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं।

    घटना के बाद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

    40 से 50 एकड़ वन भूमि पर खेती का दावा

    वन विभाग के अनुसार, जुलाई में तमोरा जंगल में पौधरोपण के दौरान करीब 89 एकड़ वन भूमि पर कब्जे की जानकारी सामने आई थी। विभाग का दावा है कि कुछ लोगों ने वहां धान की खेती शुरू कर दी थी।

    विभाग की कार्रवाई और समझाइश के बाद कुछ हिस्से से कब्जा हटाए जाने की बात कही गई है, लेकिन करीब 40 से 50 एकड़ क्षेत्र में अब भी धान की खेती किए जाने का दावा है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वन अमले को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद रात करीब 12:30 बजे दोनों अधिकारियों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। मामले में आरोपियों की तलाश जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

  • पहले प्यार, फिर ब्लैकमेल… युवकों को जाल में फंसाकर 6 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज खुलासा,,

    पहले प्यार, फिर ब्लैकमेल… युवकों को जाल में फंसाकर 6 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज खुलासा,,

    पहले प्यार, फिर ब्लैकमेल… युवकों को जाल में फंसाकर 6 करोड़ की ठगी का सनसनीखेज खुलासा,,

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक महिला ने डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनको ब्लैकमेल किया और उनसे करोड़ों रुपये वसूले. पल्लवी सिंह राजपूत नाम की महिला पर आरोप है कि वह डेटिंग ऐप टिंडर और सोशल मीडिया के जरिए पुरुषों से दोस्ती करती थी. बातचीत और मुलाकात के बाद आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के जरिए उनको ब्लैकमेलिंग करती थी. रकम देने से इनकार करने पर रेप और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमों में उनको फंसाने की धमकी देती थी. इस कथित नेटवर्क के जरिए 5 लोगों को जेल भिजवाने और 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली का दावा किया गया है.

    टिंडर पर दोस्ती, फिर ब्लैकमेलिंग का खेल

    आरोपों है कि पल्लवी सिंह राजपूत डेटिंग ऐप पर पुरुषों से संपर्क करती थी. बातचीत के जरिए पहले दोस्ती और फिर नजदीकी बढ़ाती थी. अपनी कोई न कोई मजबूरी बता कर आर्थिक लाभ उठाती रहती थी. इसके बाद मुलाकात के दौरान फोटो और वीडियो बना लेती थी. पीड़ित पक्ष का दावा है कि इन्हीं फोटो और वीडियो को बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाया जाता था. वह कथित तौर पर पीड़ितों से बड़ी रकम मांगती थी. पैसे देने से इनकार करने पर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाती थी.

    नोटों के बिस्तर पर सोती थी

    मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में नोटों के बंडल दिखाई दे रहे हैं. एक तस्वीर में महिला के पास असलहा भी नजर आ रहा है. इन तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, तस्वीरों में मौजूद रकम, असलहे और उनके पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.

    5 लोगों को जेल भेजने का आरोप

    पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि महिला की शिकायतों के बाद अब तक खुद पीड़ित समेत कुल 5 लोग जेल जा चुके हैं. कई लोग बदनामी और मुकदमे के डर से पैसे देने को मजबूर हो गए. उन्होंने कहा कि इस पूरे खेल में डेटिंग ऐप के जरिए बनाए गए रिश्ते, आपत्तिजनक सामग्री और कानूनी कार्रवाई की धमकी को कथित तौर पर वसूली के लिए इस्तेमाल किया जाता था.

    प्रयागराज के अलावा लखनऊ में भी मुकदमों का दावा

    शिकायत के मुताबिक, मामला सिर्फ प्रयागराज तक सीमित नहीं है. लखनऊ के विभूतिखंड और सुशांत गोल्फ सिटी थानों में भी महिला द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों का जिक्र किया गया है.वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि पल्लवी सिंह राजपूत के खिलाफ 14 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. आरोप है कि अलग-अलग मामलों में कानूनी कार्रवाई को कथित तौर पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया.

    कई नामों से सोशल मीडिया अकाउंट चलाने का आरोप

    यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों से अकाउंट बनाकर लोगों से संपर्क करती थी. इनमें ‘स्वीटी तिवारी’ समेत दूसरे नामों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है. आरोप है कि इन्हीं सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप अकाउंट के जरिए नए लोगों को संपर्क में लाया जाता था. कुल 5 लोग ग्राउंड पर गिरोह को ऑपरेटर करते है. पीड़ित के दावे के मुताबिक, पल्लवी के साथ 2 अन्य लड़कियां और दो और लड़के भी शामिल हैं.अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

    पीड़ितों से करोड़ों रुपये वसूलने का आरोप

    मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं. एक तरफ पीड़ित पक्ष करोड़ों रुपये की वसूली, ब्लैकमेलिंग और फर्जी मुकदमों के जरिए लोगों को फंसाने का आरोप लगा रहा है. वहीं पूरे मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.

  • जीजा से शादी की जिद पर अड़ी बेटी… परिवार ने बुलाया घर, फिर रच दी ऐसी साजिश कि रूह कांप उठे.

    जीजा से शादी की जिद पर अड़ी बेटी… परिवार ने बुलाया घर, फिर रच दी ऐसी साजिश कि रूह कांप उठे.

    जीजा से शादी की जिद पर अड़ी बेटी… परिवार ने बुलाया घर, फिर रच दी ऐसी साजिश कि रूह कांप उठे.

    एक परिवार की इज्जत बचाने की सोच ने ऐसी खौफनाक वारदात को जन्म दिया, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक युवती अपने जीजा से प्यार करने लगी थी और उसी के साथ जिंदगी बिताना चाहती थी। परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था और चाहता था कि उसकी शादी किसी दूसरे युवक से कर दी जाए। लेकिन युवती अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं थी।

    बताया जाता है कि युवती कुछ समय तक अपने जीजा के साथ भी रही थी। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो घर में लगातार विवाद होने लगा। काफी समझाने-बुझाने के बाद भी युवती ने किसी और से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने उसे घर बुलाने के बहाने एक ऐसी साजिश रची, जिसका अंत बेहद दर्दनाक निकला।

    योजना के तहत युवती को रिश्तेदारों के यहां बुलाया गया। वहां पहले से परिवार के कई लोग मौजूद थे। जैसे ही युवती को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, उसने वहां से भागने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि उसे पकड़ लिया गया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवती को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की जांच में पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले, जिनसे मामला सम्मान के नाम पर हत्या (ऑनर किलिंग) की ओर जाता दिखाई दिया। पूछताछ और सबूतों के आधार पर परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि परिवार युवती के प्रेम संबंध और उसकी शादी की जिद से नाराज था।

    फिलहाल मामले की जांच पूरी होने तक अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया और न्यायिक निर्णय पर निर्भर करेगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिश्तों और सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर किसी की जिंदगी छीन लेना कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

  • बॉयफ्रेंड के प्यार में पत्नी ने पति के सामने किया ऐसा काम,  वायरल होने के बाद मचा बवाल..

    बॉयफ्रेंड के प्यार में पत्नी ने पति के सामने किया ऐसा काम, वायरल होने के बाद मचा बवाल..

    बॉयफ्रेंड के प्यार में पत्नी ने पति के सामने किया ऐसा काम,  वायरल होने के बाद मचा बवाल..

    Wife Caught With Boyfriend: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे का बताया जा रहा है. v में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ लेता है, जिसके बाद हंगामा देखने को मिलता है. वो पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड को पकड़ता है लेकिन दोनों रुकने की बजाय एक दूसरे का हाथ पकड़ते हैं और वहां से चले जाते हैं. जाते-जाते लड़की कहती है कि उनका तलाक होने वाला है और कोर्ट में केस चल रहा है. 

    शादी के बाद भी रहा बॉयफ्रेंड से रहा संबंध

    इस मामले में पुलिस का कहना है कि ये वायरल वीडियो 2 जुलाई की रात 9 बजे का है. इस मामले में सुमेरपुर कस्बे के रहने वाले एक युवक ने पुलिस को शिकायत पत्र दिया था, जिसमें उसने बताया था कि उसकी शादी 2021 में मौदहा की एक युवती से हुई थी. शादी के बाद भी उसका संबंध उसके बॉयफ्रेंड से रहा. विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया. 

    थाने के बाहर जमकर हुआ हंगामा

    एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के विवाद के कारण हो रहे झगड़े को महिला ने दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और तलाक का रूप दिया. इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा है. इसके बावजूद पत्नी खुलेआम अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही थी. शिकायत में बताया गया कि महिला के पति को 2 जुलाई को सूचना मिली कि उसकी पत्नी सुमेरपुर की सब्जी मंडी क्षेत्र में अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही है. वो मौके पर पहुंचा और दोनों को पकड़ लिया और थाने ले गया. इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक हंगामा हुआ. किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो जमकर वायरल हो रहा है. 

  • कॉल सेंटर की नौकरी’ बताकर हर रात घर से निकलती थी, असलियत खुली तो सामने आया खौफनाक सच.

    कॉल सेंटर की नौकरी’ बताकर हर रात घर से निकलती थी, असलियत खुली तो सामने आया खौफनाक सच.

    कॉल सेंटर की नौकरी’ बताकर हर रात घर से निकलती थी, असलियत खुली तो सामने आया खौफनाक सच.

    एक युवती रोज शाम घर से निकलती थी। परिवार को बताया गया था कि वह कॉल सेंटर में काम करती है और उसकी ड्यूटी रात में होती है। सुबह होने से पहले वह घर लौट आती थी। परिवार को लंबे समय तक उसके साथ हो रही ज्यादती की भनक तक नहीं लगी।

    दरअसल, युवती को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर एक ऐसे गिरोह के चंगुल में फंसा दिया गया था, जहां उससे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। पीड़िता के मुताबिक, उसे रोज कई ग्राहकों के पास भेजा जाता था और मना करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी।

    बताया गया कि करीब एक साल पहले उसकी एक परिचित युवती ने उसे ज्यादा पैसे कमाने का लालच दिया था। उसे भरोसा दिलाया गया कि एक व्यक्ति उसकी आर्थिक परेशानियां दूर कर सकता है। इसी भरोसे में वह उसके संपर्क में पहुंची, लेकिन बाद में उसे समझ आया कि वह एक खतरनाक जाल में फंस चुकी है।

    पीड़िता ने बाहर निकलने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसे रिकॉर्ड किए गए आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर डराया गया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने विरोध किया या वहां से भागने की कोशिश की तो वीडियो सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।

    पीड़िता के मुताबिक, काम के दौरान तबीयत खराब होने और दर्द की शिकायत करने पर उसे दवाइयां दी जाती थीं और फिर दोबारा ग्राहकों के पास भेज दिया जाता था। उसे पैसों का लालच दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर तय रकम भी नियमित रूप से नहीं दी जाती थी।

    घर पर उसकी जिंदगी की दूसरी ही तस्वीर थी।

    उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी और वह अपने पिता के साथ रहती थी। पिता को वह यही बताती थी कि वह कॉल सेंटर में नौकरी करती है। रोज शाम घर से निकलने और सुबह लौटने की वजह से परिवार को भी यही लगता रहा कि उसकी रात की नौकरी है।

    लेकिन उसके पीछे चल रही सच्चाई बेहद अलग थी।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद एक संस्था की टीम ने गिरोह तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। बताया गया कि टीम ने ग्राहक बनकर संपर्क किया और काफी समय तक भरोसा कायम करने की कोशिश की। इसके बाद एक ठिकाने की जानकारी मिली।

    सूचना पुलिस तक पहुंचाई गई और टीम ने मौके पर कार्रवाई की।

    वहां से शराब की खाली बोतलों के अलावा कई तरह की दवाइयां भी बरामद होने की बात सामने आई। कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।

    पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर संकेत दिया कि इस पूरे मामले में वह अकेला नहीं है और इसके पीछे अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े दूसरे संदिग्धों की तलाश और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

    इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि नौकरी और आर्थिक मदद का झांसा देकर युवतियों को फंसाने वाले गिरोह किस तरह उनके भरोसे का फायदा उठा सकते हैं। पीड़िता को लंबे समय तक डर और धमकियों के बीच रखा गया, जबकि परिवार को उसकी असली स्थिति की जानकारी तक नहीं थी।

    अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और इसके जरिए और कितने लोगों को निशाना बनाया गया।

  • कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    लातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले से नाबालिग से दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को धार्मिक गुरु बताकर नाबालिग के परिवार का भरोसा जीता और कुंडली में दोष होने की बात कहकर पूजा कराने के बहाने उसके साथ दुष्कर्म किया। मेडिकल जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

    कुंडली में दोष बताकर परिवार से बढ़ाई नजदीकी

    पुलिस शिकायत के अनुसार, आरोपी रामेश्वर हनमंतराव रामदासी उर्फ रामेश्वर महाराज पिछले कई वर्षों से पूजा-पाठ से जुड़ा हुआ था। बताया गया है कि उसकी पहचान नाबालिग के पिता से हुई थी, जिसके बाद उसका परिवार के घर आना-जाना शुरू हो गया।

    आरोप है कि इसी दौरान उसने नाबालिग की कुंडली में दोष होने की बात कही। उसने परिवार को बताया कि इस दोष को दूर करने के लिए विशेष पूजा कराना जरूरी है। इसके बाद वह जून महीने से कथित तौर पर नाबालिग के घर पूजा कराने के लिए आने लगा।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। परिवार को शुरुआत में इस घटना की जानकारी नहीं थी।

    पेट में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया

    बताया गया कि कुछ समय बाद नाबालिग के पेट में दर्द हुआ, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां मेडिकल जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।

    मेडिकल जांच से संबंधित रिपोर्ट और जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। इसके बाद नाबालिग की शिकायत के आधार पर विवेकानंद पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।

    पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी तरह की हरकत तो नहीं की।

    पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच

    लातूर शहर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस समीर सिंह साल्वे के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी और पीड़िता के परिवार के बीच संपर्क, पूजा के नाम पर हुई गतिविधियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।

    फिलहाल आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • काम पर जाने के लिए घर से निकली थी, 3 दिन बाद अस्पताल में मिली, शादी भी हो गई थी.. जानें सायाली की पूरी कहानी..

    काम पर जाने के लिए घर से निकली थी, 3 दिन बाद अस्पताल में मिली, शादी भी हो गई थी.. जानें सायाली की पूरी कहानी..

    काम पर जाने के लिए घर से निकली थी, 3 दिन बाद अस्पताल में मिली, शादी भी हो गई थी.. जानें सायाली की पूरी कहानी..

    महाराष्ट्र के ठाणे में दोस्त के दोस्त का फोन आने पर सायली को बुरी तरह पीटा गया था. जिसके बाद उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. सतारा, नवी मुंबई जैसी कई जगहों पर इलाज कराने के बाद सायली की आखिरकार 2 महीने बाद चेंबूर के एक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी पति सागर को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच चल रही है.

    काम पर जाने की बात कहकर घर से निकली- सागर कदम और सायली लोखंडे के बीच प्यार था. 5 जून को सायली काम पर जाने की बात कहकर घर से निकली थी. लेकिन जब वह वापस नहीं लौटी, तो सायली के भाई रुचिर लोखंडे ने रबाले MIDC पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.

    3 दिन में शादी और अस्पताल में भर्ती होने का किस्सा- तीन दिन बाद रुचिर को जानकारी मिली कि सायली का सतारा के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. इस बीच, सागर और सायली की शादी भी हो गई थी. सायली के परिवार ने सायली को इलाज के लिए नवी मुंबई के अलग-अलग हॉस्पिटल में भर्ती कराया. लेकिन जब उसकी हालत और बिगड़ गई, तो उसे चेंबूर के एक हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया.

    2 महीने मौत से जूझती रही सायाली- सायाली की 2 महीने तक मौत से लड़ाई और मेडिकल ट्रीटमेंट आखिरकार फेल हो गया और 4 सितंबर को उसकी मौत हो गई. इस मामले में सायाली का भाई रुचिर पुलिस के पास गया और शिकायत दर्ज कराई कि सागर ने सायली को मारा है और पुलिस ने सागर को गिरफ्तार कर लिया.

    दोस्त का फोन आने पर सागर ने पीटा- सागर ने पहले कहा था कि सायाली सीढ़ियों से गिरने के बाद घायल हो गई थी. सायाली ने अपनी शिकायत में बताया था कि सागर ने उसे लात मारी और उसकी आंख, पेट और चेहरे पर पीटा, क्योंकि उसके दोस्त का फोन आया था. हालांकि, सायाली के परिवार ने आरोप लगाया है कि सागर ने उसे पीटा और उसकी मौत हो गई, और रबाले पुलिस सही वजह की जांच कर रही है. कोर्ट ने आरोपी को 11 तारीख तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है और रबाले पुलिस आगे की जांच कर रही है.