Category: Crime

  • तीन साल तक शादी का वादा, फिर प्रेमी ने बात करना बंद किया; प्रेमिका पहुंच गई घर और बोली- अब शादी करके ही जाऊंगी..

    तीन साल तक शादी का वादा, फिर प्रेमी ने बात करना बंद किया; प्रेमिका पहुंच गई घर और बोली- अब शादी करके ही जाऊंगी..

    तीन साल तक शादी का वादा, फिर प्रेमी ने बात करना बंद किया; प्रेमिका पहुंच गई घर और बोली- अब शादी करके ही जाऊंगी..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला काफी चर्चा में रहा था। एक युवती अचानक अपने प्रेमी के घर पहुंच गई और शादी की मांग को लेकर वहीं बैठ गई। युवती का कहना था कि युवक लंबे समय से उससे शादी करने का वादा कर रहा था, लेकिन अब शादी की बात आते ही उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।

    बताया गया था कि मामला चौरीचौरा क्षेत्र का था। युवती के मुताबिक, उसकी युवक से करीब तीन साल से जान-पहचान थी। इस दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। युवती का आरोप था कि युवक कई बार उससे शादी करने की बात कह चुका था और इसी भरोसे पर वह उसके साथ रिश्ते में रही।

    कुछ समय बाद जब युवती ने युवक से शादी करने की बात कही तो कथित तौर पर वह टालमटोल करने लगा। धीरे-धीरे बातचीत कम हो गई और फिर युवक ने उससे संपर्क करना भी बंद कर दिया। इससे नाराज युवती सीधे उसके घर पहुंच गई।

    घर पहुंचकर युवती ने साफ कहा कि वह शादी के बिना वापस नहीं जाएगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। कुछ ही देर में यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

    युवती ने युवक पर शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि उसने युवक की बातों पर विश्वास किया था, लेकिन बाद में वह शादी से पीछे हटने लगा।

    मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस युवक को थाने लेकर गई, जबकि युवती ने भी पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी बात रखी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही थी। दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही थी और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होनी थी।

    युवती के अचानक प्रेमी के घर पहुंचकर शादी की मांग करने की वजह से यह मामला आसपास के इलाके में काफी चर्चा में रहा था। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर थी।

  • सुहागरात पर दुल्हन ने पति को दी ऐसी धमकी, दूल्हे के उड़ गए होश; तीन रातों तक चलता रहा खौफ..

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति को दी ऐसी धमकी, दूल्हे के उड़ गए होश; तीन रातों तक चलता रहा खौफ..

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति को दी ऐसी धमकी, दूल्हे के उड़ गए होश; तीन रातों तक चलता रहा खौफ..

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। दोनों परिवारों की सहमति से हुई शादी के बाद दूल्हे ने सोचा था कि नई जिंदगी की शुरुआत खुशियों के साथ होगी, लेकिन शादी की पहली ही रात हालात पूरी तरह बदल गए थे।

    बताया गया था कि शादी धूमधाम से हुई थी। बारात, मेहमान और रस्मों के बाद दुल्हन को विदा कराकर घर लाया गया था। परिवार में नई बहू के आने की खुशी थी, लेकिन सुहागरात पर पति के सामने ऐसी स्थिति आ गई, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।

    चाकू दिखाकर पति को दी धमकी

    पति का आरोप था कि सुहागरात के दौरान दुल्हन ने चाकू दिखाकर उसे धमकाया था। उसने कथित तौर पर पति को अपने करीब आने से मना किया और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।

    दूल्हे के मुताबिक, यह स्थिति सिर्फ पहली रात तक सीमित नहीं रही थी। लगातार तीन रातों तक उसे इसी तरह डर और तनाव का सामना करना पड़ा था। इस वजह से वह इतना परेशान हो गया था कि शादी के बाद तय हनीमून की योजना भी रद्द करनी पड़ी थी।

    दुल्हन ने बताया किसी और से प्रेम संबंध

    कुछ दिनों बाद दुल्हन ने कथित तौर पर अपने परिवार और ससुराल वालों के सामने बताया था कि उसका पहले से किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था। उसने पति के परिवार से उसे उसके प्रेमी के पास भेजने की मांग की थी।

    इस बात को लेकर दोनों परिवारों में विवाद बढ़ गया था। मामला पंचायत तक पहुंचा और परिवार के लोगों ने आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश की थी।

    रात में घर से निकल गई दुल्हन

    विवाद के बीच मामला थाने तक भी पहुंच गया था। परिवार के मुताबिक, इसी दौरान दुल्हन रात में घर से निकल गई थी। आरोप था कि वह घर की दीवार से बाहर निकली और अपने कथित प्रेमी के साथ चली गई।

    इसके बाद पति और उसके परिवार ने पुलिस से संपर्क किया था। परिवार का कहना था कि शादी के बाद जो रिश्ता नई जिंदगी की शुरुआत माना जा रहा था, वह कुछ ही दिनों में विवाद और तनाव में बदल गया था।

    फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती थी। शादी से पहले दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और रिश्तों से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होना कितना जरूरी है, यह घटना इसी ओर इशारा करती है।

  • ‘बॉस स्कैम’ का बढ़ा खतरा, WhatsApp के जरिए अफसरों को निशाना बना रहे साइबर ठग..

    ‘बॉस स्कैम’ का बढ़ा खतरा, WhatsApp के जरिए अफसरों को निशाना बना रहे साइबर ठग..

    ‘बॉस स्कैम’ का बढ़ा खतरा, WhatsApp के जरिए अफसरों को निशाना बना रहे साइबर ठग..

    साइबर क्राइम लगातार बढ़ता जा रहा है. साइबर ठगी के एक से बढ़कर एक तरीके सामने आ रहे हैं. साइबर ठगी के एक नए और बेहद खतरनाक तरीके ने देशभर में कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, सीएफओ और वित्तीय विभाग से जुड़े कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है. साइबर ठग अब WhatsApp, SMS और ई-मेल के जरिए अकाउंट स्टेटमेंट या सरकारी नियामकीय नोटिस के नाम पर ऐसी फाइलें भेज रहे हैं, जिन्हें खोलते ही कंप्यूटर और WhatsApp अकाउंट उनके नियंत्रण में जा सकता है. इस पूरे खेल को साइबर सुरक्षा एजेंसियां ‘Boss Scam’ या CEO Impersonation Fraud के तौर पर देख रही हैं.

    भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी I4C, गृह मंत्रालय की साइबर अपराध नियंत्रण इकाई, ने इस खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है. हाल के दिनों में दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों से इस तरह के एक जैसे मामलों की शिकायतें सामने आई हैं. I4C के मुताबिक National Cyber Crime Reporting Portal यानी NCRP पर इस तरह की शिकायतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है.

    एक ZIP फाइल और पूरा WhatsApp अकाउंट खतरे में-
    इस साइबर ठगी की शुरुआत बेहद सामान्य दिखाई देने वाले संदेश से होती है. पीड़ित को WhatsApp, SMS या ई-मेल पर ‘Statement of Account.zip’, तारीख के साथ ‘0714 Statement of Account.zip’, ‘RBI.zip’ या ‘MCA.zip’ जैसी फाइल भेजी जाती है.

    कई मामलों में संदेश इस तरह तैयार किया जाता है कि वह किसी कंपनी के नियमित अकाउंट स्टेटमेंट जैसा लगे. वहीं कुछ संदेशों में RBI यानी भारतीय रिजर्व बैंक या MCA यानी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से तत्काल अनुपालन करने का दावा किया जाता है. साइबर अपराधी जानबूझकर ऐसा माहौल बनाते हैं कि सामने वाला व्यक्ति बिना ज्यादा सोच-विचार किए फाइल खोल दे.

    I4C के मुताबिक इन ZIP फाइलों के भीतर एक खतरनाक Windows executable यानी .exe फाइल और उसके साथ एक .dll फाइल होती है। जैसे ही पीड़ित इसे Windows कंप्यूटर या लैपटॉप पर extract करके खोलता है, सिस्टम में Trojan प्रकार का malware सक्रिय हो जाता है.

    WhatsApp Web को बनाया जा रहा निशाना-
    इस हमले की सबसे गंभीर बात यह है कि malware सिर्फ कंप्यूटर को संक्रमित करने तक सीमित नहीं रहता. यह पीड़ित के सक्रिय WhatsApp Web session को hijack कर सकता है. इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित के WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल उसी व्यक्ति के संपर्कों और ग्रुपों तक पहुंचने के लिए करते हैं.

    संक्रमित WhatsApp अकाउंट से वही malicious file आगे दूसरे लोगों को भेजी जाती है. कई बार संदेश में लिखा होता है कि फाइल को कंपनी के Finance Manager से verification के लिए साझा करें और कंप्यूटर पर खोलें. इस तरह एक संक्रमित कंप्यूटर से शुरू हुआ हमला धीरे-धीरे पूरी कंपनी के नेटवर्क और कर्मचारियों तक पहुंच सकता है.

    यानी जिस व्यक्ति को फाइल भेजी गई, उसके भरोसेमंद WhatsApp अकाउंट से वही फाइल आगे भेजे जाने के कारण दूसरे लोग भी इसे असली समझकर खोल सकते हैं. यही इस पूरे अभियान को बेहद खतरनाक बनाता है.

    ‘बॉस’ बनकर होती है पैसे की मांग-
    साइबर ठगों का अंतिम लक्ष्य अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी होता है. I4C के अनुसार इस चरण में अपराधी किसी वरिष्ठ अधिकारी या कंपनी के CEO के वास्तविक WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं. कुछ मामलों में हमलावर अपने नियंत्रण वाले नंबर को मोबाइल में ‘CEO’ के नाम से सेव कर देते हैं.

    इसके बाद कंपनी के अकाउंट्स या फाइनेंस कर्मचारियों को बेहद जरूरी और तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया जाता है. संदेश में कहा जा सकता है कि किसी खाते में तुरंत रकम ट्रांसफर करनी है या किसी विशेष बैंक अकाउंट में भुगतान करना है.

    कंपनी का कर्मचारी जब संदेश को अपने वरिष्ठ अधिकारी का समझकर निर्देश का पालन करता है तो रकम साइबर अपराधियों के mule bank accounts में पहुंच जाती है. इसीलिए इसे ‘Boss Scam’ कहा जा रहा है, क्योंकि अपराधी कंपनी के ‘बॉस’ या वरिष्ठ अधिकारी की पहचान का फायदा उठाकर कर्मचारियों को ठगी का शिकार बनाते हैं.

    22 जून को I4C ने जारी किया था एडवाइजरी-
    I4C ने इस उभरते खतरे को लेकर 22 जून 2026 को भी विस्तृत एडवाइजरी जारी की थी. इसका विषय “Regulatory and Executive Impersonation for WhatsApp Account Takeover using Malicious Windows Executables and High Value Financial Fraud” था.

    इस एडवाइजरी में बताया गया था कि किस तरह regulatory communication और executive impersonation की आड़ में WhatsApp अकाउंट takeover और उसके बाद high-value financial fraud को अंजाम दिया जा रहा है.

    हाल में दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों से समान modus operandi सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने इस खतरे को लेकर फिर से चेतावनी दी है.

    DLL Sideloading से बच निकलने की कोशिश-
    I4C की National Cybercrime Threat Analytics Unit यानी NCTAU की तकनीकी जांच में सामने आया है कि इस अभियान के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक ये नेटवर्क राष्ट्रीय सीमाओं के पार भी सक्रिय हो सकते हैं और अभियान में ऐसे advanced malware का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें propagation और detection-evasion की क्षमता है.

    इस malware में DLL Sideloading जैसी तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. इसका उद्देश्य सुरक्षा प्रणालियों की नजर से बचते हुए malware को सिस्टम में सक्रिय करना और संक्रमण को आगे बढ़ाना है.

    इस मामले की जांच संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों और तकनीकी एजेंसियों के साथ समन्वय में की जा रही है.

    CA, CFO और Finance टीम सबसे ज्यादा जोखिम में-
    I4C ने विशेष रूप से उन लोगों को सावधान किया है जो कंपनियों के वित्तीय लेन-देन से जुड़े हैं. चूंकि malware Windows कंप्यूटरों को निशाना बनाता है और भेजी जाने वाली फाइलें अकाउंट स्टेटमेंट तथा regulatory compliance से जुड़ी होती हैं, इसलिए Chartered Accountants, Company Directors, CFOs और Finance & Accounts personnel विशेष जोखिम में हैं.

    कॉरपोरेट कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों, खासकर finance teams को तत्काल इस खतरे के बारे में जागरूक करें.

    सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि WhatsApp या ई-मेल पर किसी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से आया urgent fund transfer या account-change request मिलने पर सिर्फ संदेश के आधार पर कार्रवाई न की जाए. ऐसे निर्देशों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि सीधे फोन कॉल या व्यक्तिगत रूप से बातचीत करके की जानी चाहिए.

    10 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया-
    I4C ने इस अभियान से जुड़े malware के threat signals और technical indicators CERT-In, Microsoft Defender तथा भारतीय antivirus कंपनियों—Quick Heal, K7 Computing और Net Protector—के साथ साझा किए हैं।इसका उद्देश्य malicious files की तेजी से पहचान, blocking और removal सुनिश्चित करना है. I4C के मुताबिक इन coordinated interventions के जरिए अब तक 10,000 से अधिक भारतीयों को इस अभियान से सुरक्षित किया जा चुका है. इसके अलावा Sahyog Portal के जरिए malware को लगातार block किया जा रहा है.

    58 हजार से ज्यादा संभावित पीड़ितों को SMS अलर्ट-
    I4C की ओर से संभावित प्रभावित लोगों को ‘I4CMHA-G’ SMS header के जरिए अलर्ट भेजे जा रहे हैं. पिछले 30 दिनों में इस माध्यम से 58,000 से ज्यादा संभावित पीड़ितों को सूचना दी गई है. I4C ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें ‘I4CMHA-G’ से कोई चेतावनी मिलती है तो उसे गंभीरता से लें और उसमें दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें.

    RBI या कोई regulator WhatsApp पर ZIP फाइल नहीं भेजता-
    I4C ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अज्ञात या unverifed source से मिली .zip फाइल या executable को download, extract या open न करें. किसी regulatory communication के नाम पर भेजी गई फाइल को खोलने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि जरूरी है. खास तौर पर वित्तीय और सरकारी संस्थाओं के नाम पर आने वाले ऐसे संदेशों से सावधान रहने की जरूरत है.

    WhatsApp की Settings > Linked Devices में जाकर समय-समय पर यह भी जांचना चाहिए कि कौन-कौन से डिवाइस WhatsApp अकाउंट से जुड़े हुए हैं. जिन sessions की जरूरत नहीं है, उन्हें तुरंत log out करना चाहिए.

    कंपनियों के सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के लिए भी अलर्ट-
    I4C ने कंपनियों के system administrators को भी जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है. Unknown .exe और .dll files को user profile directories से execute होने से रोकने के लिए software restriction policies लागू की जानी चाहिए. साथ ही सभी Windows endpoints पर updated anti-malware solutions सुनिश्चित किए जाने चाहिए. कर्मचारियों को यह भी समझाना जरूरी है कि सिर्फ antivirus installed होना पर्याप्त नहीं है; suspicious files को खोलने से बचना सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है.

    अगर WhatsApp अकाउंट हैक हो जाए तो क्या करें?
    अगर किसी व्यक्ति का WhatsApp अकाउंट compromised होने का संदेह है तो सबसे पहले सभी linked devices को log out करना चाहिए. इसके बाद अपने सभी contacts और WhatsApp groups को तुरंत चेतावनी दें कि उनके अकाउंट से भेजी गई किसी भी file को न खोलें. जिस Windows कंप्यूटर पर संदिग्ध ZIP या executable file खोली गई हो, उसे updated antivirus से तुरंत scan कराया जाना चाहिए. जरूरत पड़ने पर संबंधित तकनीकी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क करना चाहिए. अगर इस तरह की साइबर ठगी में आर्थिक नुकसान हुआ है या संदिग्ध communication मिला है तो तत्काल National Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत करनी चाहिए या National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए.

    सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव-
    ‘Boss Scam’ की सबसे बड़ी ताकत तकनीक से ज्यादा भरोसा है. साइबर अपराधी किसी अजनबी नंबर से नहीं, बल्कि कई बार उसी WhatsApp अकाउंट से संदेश भेजते हैं, जिस पर कर्मचारी पहले से भरोसा करता है. यही वजह है कि कंपनी के भीतर cybersecurity awareness बेहद जरूरी हो गई है. अकाउंट स्टेटमेंट, RBI या MCA notice, Income Tax communication या CEO के नाम पर आया कोई भी urgent message हो, बिना स्वतंत्र पुष्टि के फाइल न खोलें और पैसे ट्रांसफर न करें. एक ZIP फाइल खोलने की छोटी-सी गलती न सिर्फ WhatsApp अकाउंट को खतरे में डाल सकती है, बल्कि पूरी कंपनी के वित्तीय नेटवर्क को साइबर अपराधियों के लिए खोल सकती है. ऐसे में I4C की चेतावनी साफ है- संदिग्ध फाइल से दूरी, हर वित्तीय निर्देश की दोहरी पुष्टि और समय रहते शिकायत ही इस नए साइबर खतरे से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है.

  • सुहागरात के बाद दुल्हन ने दिया बड़ा झटका..जिसे जिंदगी भर का हमसफर समझा, वो एक रात बाद ही भाग गई! जेवर-नकदी लेकर दुल्हन फरार.​​​​

    सुहागरात के बाद दुल्हन ने दिया बड़ा झटका..जिसे जिंदगी भर का हमसफर समझा, वो एक रात बाद ही भाग गई! जेवर-नकदी लेकर दुल्हन फरार.​​​​

    सुहागरात के बाद दुल्हन ने दिया बड़ा झटका..जिसे जिंदगी भर का हमसफर समझा, वो एक रात बाद ही भाग गई! जेवर-नकदी लेकर दुल्हन फरार.​​​​

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ से शादी के बाद दुल्हन के कथित तौर पर घर से जेवर और नकदी लेकर फरार होने का मामला सामने आया है. सिंभावली थाना क्षेत्र के लिसड़ी गांव में एक युवक ने पुलिस से शिकायत कर आरोप लगाया है कि शादी के अगले ही दिन उसकी नवविवाहिता पत्नी घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर चली गई. सुबह जब परिवार के लोगों की नींद खुली तो दुल्हन घर में नहीं थी. काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला.

    मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस दुल्हन की तलाश के साथ शादी कराने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम की भी पड़ताल कर रही है. इस बीच एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें महिला जाती हुई दिखाई दे रही है.

    मंदिर में हुई थी शादी
    पीड़ित युवक विनोद के मुताबिक, उसकी शादी रामपुर स्थित एक मंदिर में हुई थी. उसका कहना है कि मंदिर के पंडित के कहने पर उसने युवती से शादी की थी. पंडित से उसकी मुलाकात करीब दो-तीन महीने पहले हुई थी. शादी के बाद वह अपनी पत्नी को लेकर हापुड़ के लिसड़ी गांव स्थित अपने घर पहुंचा. शादी के बाद उसकी पत्नी घर में सिर्फ एक रात और एक दिन रही. इसके बाद रात में जब परिवार के लोग सो रहे थे, वह घर से निकल गई.

    जेवर और नकदी लेकर जाने का आरोप
    विनोद ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी शादी के दौरान पहने हुए सोने-चांदी के जेवर अपने साथ ले गई. इसके अलावा घर में मौजूद नकदी भी लेकर जाने का आरोप है. सुबह परिवार के लोगों को उसके घर से गायब होने की जानकारी हुई. इसके बाद आसपास और रिश्तेदारी में उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. पीड़ित के अनुसार, शादी के सिलसिले में युवती की मां को एक लाख रुपये नकद भी दिए गए थे.

    CCTV फुटेज में जाती दिखी महिला
    घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में एक महिला तेज कदमों से जाती हुई नजर आ रही है. पुलिस इस फुटेज की भी जांच कर रही है. हालांकि, फुटेज में दिखाई दे रही महिला वही नवविवाहिता है या नहीं, इसकी पुलिस की ओर से अभी पुष्टि नहीं की गई है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. पुलिस शादी से जुड़े लोगों, मंदिर में मौजूद लोगों और दुल्हन के बारे में मिली जानकारी जुटा रही है.

  • पुलिस को देखते ही पैरों: के नीचे छिपाई सिगरेट की डिब्बी, तलाशी में निकला 12 ग्राम चिट्टा.

    पुलिस को देखते ही पैरों: के नीचे छिपाई सिगरेट की डिब्बी, तलाशी में निकला 12 ग्राम चिट्टा.

    पुलिस को देखते ही पैरों: के नीचे छिपाई सिगरेट की डिब्बी, तलाशी में निकला 12 ग्राम चिट्टा.

    शिमला में नशे की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने एक युवक को कथित तौर पर चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चेकिंग के दौरान संदिग्ध हरकत करते हुए एक सिगरेट की डिब्बी को अपने पैरों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी। तलाशी लेने पर डिब्बी के अंदर से करीब 12 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।

    मामला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर शोघी पुलिस चौकी के पास का है। पुलिस की विशेष टीम ने यहां नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान सोलन की तरफ से आ रही एक बस को जांच के लिए रोका गया। पुलिसकर्मी जब बस के अंदर यात्रियों की चेकिंग कर रहे थे, तभी एक युवक उन्हें देखकर घबरा गया।

    पुलिस के मुताबिक, युवक ने अचानक अपनी जींस की जेब से एक वस्तु निकाली और उसे सीट के पास अपने पैरों के नीचे छिपाने का प्रयास किया। उसकी इस हरकत पर पुलिस को शक हुआ और टीम ने तुरंत युवक को रोककर उसके आसपास तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान पैरों के पास से एक सिगरेट की डिब्बी बरामद हुई। पुलिस ने डिब्बी खोलकर जांच की तो उसके भीतर एक पारदर्शी पॉलीथीन पाउच मिला। इसमें हल्के भूरे रंग का पाउडरनुमा पदार्थ रखा हुआ था। जांच के बाद इसे चिट्टा बताया गया। बरामद पदार्थ का वजन करीब 12 ग्राम बताया गया है।

    पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय मयंक नेगटा के रूप में हुई है।

    इस मामले में बालूगंज पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कथित तौर पर यह नशीला पदार्थ कहां से लेकर आया था और इसकी सप्लाई आगे किसे की जानी थी।

    जांच के तहत पुलिस आरोपी के नशे के कारोबार से जुड़े संभावित संपर्कों और लेन-देन की जानकारी भी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

  • नालागढ़ में झाड़ियों से: 21 वर्षीय युवक का शव बरामद, पास मिली सिरिंज से बढ़ा रहस्य.

    नालागढ़ में झाड़ियों से: 21 वर्षीय युवक का शव बरामद, पास मिली सिरिंज से बढ़ा रहस्य.

    नालागढ़ में झाड़ियों से: 21 वर्षीय युवक का शव बरामद, पास मिली सिरिंज से बढ़ा रहस्य.

    हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में झाड़ियों के बीच 21 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव न्यू नालागढ़ क्षेत्र में बरामद किया गया। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अकवर के रूप में हुई है। शव के पास से एक सिरिंज भी मिली है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में शव करीब दो से तीन दिन पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

    झाड़ियों में मिला शव

    जानकारी के अनुसार, न्यू नालागढ़ इलाके में झाड़ियों के बीच एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।

    मृतक की पहचान उसके ताया ने की। पुलिस ने मौके पर जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    शव के पास मिली सिरिंज

    पुलिस को शव के पास से एक सिरिंज भी बरामद हुई है। इस बरामदगी को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, सिरिंज का युवक की मौत से क्या संबंध है, यह जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    पुलिस ने घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का कारण

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई।

    पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और सामने आए अन्य तथ्यों को भी जांच में शामिल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • कांगड़ा में बस का इंतजार: कर रही बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग, पंजाब नंबर की गाड़ी में फरार हुए आरोपी

    कांगड़ा में बस का इंतजार: कर रही बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग, पंजाब नंबर की गाड़ी में फरार हुए आरोपी

    कांगड़ा में बस का इंतजार: कर रही बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग, पंजाब नंबर की गाड़ी में फरार हुए आरोपी

    कांगड़ा जिले के गग्गल चौक पर दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला से सोने की चेन झपटने का मामला सामने आया है। महिला अपने पोते के साथ बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान कार सवार बदमाशों ने अचानक उसके गले से चेन खींची और मौके से फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और जिस गाड़ी का नंबर सामने आया है, उसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

    बस का इंतजार कर रही थी बुजुर्ग महिला

    जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग महिला अपने पोते अकांक्ष मनकोटिया के साथ गग्गल चौक पर तियारा जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक कार वहां पहुंची और उसमें सवार लोगों ने महिला को निशाना बनाया।

    आरोप है कि बदमाशों ने अचानक महिला के गले से सोने की चेन झपटी और कार लेकर वहां से फरार हो गए। अचानक हुई वारदात से महिला और उसके पोते घबरा गए।

    पोते ने किया पीछा, कार का नंबर किया नोट

    घटना के तुरंत बाद महिला के पोते ने आरोपियों की कार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह उन्हें पकड़ नहीं सका। हालांकि, उसने उनकी कार का नंबर नोट कर लिया।

    बताया गया है कि कार का नंबर PB-11-4609 है। बाद में पोते ने इस नंबर समेत पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी और शिकायत दर्ज कराई।

    दो गाड़ियों में आने का दावा

    घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि वारदात में शामिल लोग कथित तौर पर दो गाड़ियों में आए थे। जिस कार से चेन झपटी गई, उसके साथ एक काले रंग की दूसरी कार भी मौजूद थी।

    लोगों के मुताबिक, दोनों वाहन घटना के बाद वहां से निकल गए। हालांकि, दूसरी काली कार का नंबर कोई नोट नहीं कर सका। पुलिस अब इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।

    सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश

    वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस गग्गल चौक और आसपास की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की गतिविधियों और उनके भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।

    पुलिस का कहना है कि सामने आए वाहन नंबर की भी जांच की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।

    फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और चेन झपटने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है।

  • STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    फिरोजपुर में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े एक महिला को निशाना बनाते हुए उसके कानों से सोने की बालियां झपट लीं। घटना उस समय हुई जब महिला अपने पति के साथ स्कूटर पर सवार होकर जा रही थी। वारदात के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

    स्कूटर पर पति के साथ जा रही थी महिला

    पुलिस के अनुसार, शहर निवासी सुरेंद्र कुमार अरोड़ा अपनी पत्नी उषा अरोड़ा को स्कूटर पर बैठाकर आर्मी अस्पताल की ओर जा रहे थे। सुबह करीब 10:30 बजे जब वे माल रोड पर एसटीएफ कार्यालय से कुछ आगे पहुंचे, तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक उनके पास पहुंचे।

    बताया गया है कि बाइक सवार युवकों ने स्कूटर पर पीछे बैठी महिला के कानों से सोने की बालियां झपट लीं। अचानक हुई इस वारदात के बाद आरोपी मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ाकर वहां से फरार हो गए।

    दिनदहाड़े हुई वारदात से दहशत

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। साथ ही बाइक सवार दोनों युवकों के बारे में सुराग जुटाए जा रहे हैं।

    आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की जा सकती है या नहीं।

    दिनदहाड़े हुई इस झपटमारी ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है।

  • स्पा सेंटर की आड़: में कथित देह व्यापार का आरोप, पुलिस छापे में 3 युवतियां रेस्क्यू

    स्पा सेंटर की आड़: में कथित देह व्यापार का आरोप, पुलिस छापे में 3 युवतियां रेस्क्यू

    स्पा सेंटर की आड़: में कथित देह व्यापार का आरोप, पुलिस छापे में 3 युवतियां रेस्क्यू

    मोहाली में स्पा सेंटर की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार चलाए जाने की सूचना के बाद पुलिस ने एक सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को रेस्क्यू किया। मामले में स्पा सेंटर से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सेंटर को भी सील कर दिया है।

    पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सेक्टर-66 स्थित एक स्पा सेंटर में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि सेंटर में स्पा की गतिविधियों की आड़ में कथित रूप से देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।

    छापेमारी में तीन युवतियां रेस्क्यू

    कार्रवाई के दौरान पुलिस को सेंटर के अंदर तीन युवतियां मिलीं, जिन्हें रेस्क्यू कर लिया गया। मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए।

    पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर स्पा सेंटर के संचालन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की गई है। रेस्क्यू की गई युवतियों को बाद में उनके परिवारों के पास भेज दिया गया।

    दूसरे राज्यों से युवतियों को लाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, जांच में यह आरोप सामने आया है कि स्पा सेंटर से जुड़े लोग दूसरे राज्यों की युवतियों को रोजगार और अच्छी कमाई का भरोसा देकर यहां लेकर आते थे। आरोप है कि बाद में स्पा सेंटर की आड़ में उनसे देह व्यापार कराया जाता था।

    हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस इस मामले में सेंटर के संचालन और वहां होने वाली गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    दो लोगों को किया गिरफ्तार

    मामले में पुलिस ने कृष्णा पद्म शर्मा और राजेश मेहता को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्पा सेंटरों पर पहले भी हुई कार्रवाई

    पुलिस के अनुसार, इससे पहले भी शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्पा सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। कुछ मामलों में छापेमारी के दौरान युवतियों को रेस्क्यू कर संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

    ताजा कार्रवाई के बाद संबंधित स्पा सेंटर को सील कर दिया गया है। पुलिस अब पूरे मामले से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

  • मधेपुरा में लापता महिला: का बोरी में बंद शव गड्ढे से बरामद, पति समेत 11 पर हत्या का केस’

    मधेपुरा में लापता महिला: का बोरी में बंद शव गड्ढे से बरामद, पति समेत 11 पर हत्या का केस’

    मधेपुरा में लापता महिला: का बोरी में बंद शव गड्ढे से बरामद, पति समेत 11 पर हत्या का केस’

    मधेपुरा में कई घंटों से लापता चल रही एक महिला का शव बोरी में बंद हालत में बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घंटों तक तलाश अभियान चलाने के बाद नहर के किनारे एक गड्ढे से शव बरामद किया। मामले में महिला के पति समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    मृतका की पहचान 32 वर्षीय पूनम देवी के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों की मां थी। उसके बच्चों की उम्र करीब 12 वर्ष से लेकर पांच वर्ष के बीच बताई गई है।

    पति पर हत्या का आरोप

    महिला के मायके वालों ने उसके पति अनिल राम पर हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि गुरुवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच, बच्चों को सुलाने के बाद अनिल राम पूनम को अपने साथ लेकर घर से बाहर गया था। इसके बाद महिला वापस नहीं लौटी।

    परिजनों ने आशंका जताई कि महिला की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और महिला की तलाश के लिए नहर तथा आसपास के इलाकों में अभियान चलाया।

    छह घंटे की तलाश के बाद मिला शव

    पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की। करीब छह घंटे तक चली तलाश के दौरान नहर किनारे एक गड्ढे में जलकुंभी के बीच बोरी में बंधा शव मिला।

    शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने भी जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।

    शव की गर्दन पर कुछ निशान मिलने के बाद पुलिस ने गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना की पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    पति समेत 11 लोगों पर FIR

    मामले में महिला के मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर पति अनिल राम समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। नामजद आरोपितों में घुटर राम, अभिनंदन राम, ज्योति देवी, नीतू देवी, नित्यानंद राम, अजय राम, नरेश राम, विमला देवी, सोनी देवी और कविता देवी के नाम शामिल हैं।

    घटना के बाद पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस नामजद आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है। महिला की मौत कैसे हुई, शव को गड्ढे तक कैसे पहुंचाया गया और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।