Category: Crime

  • रोज बैंक के बाहर दिखती थीं दो महिलाएं, पति की खुशी के पीछे छिपा था बड़ा राज..

    रोज बैंक के बाहर दिखती थीं दो महिलाएं, पति की खुशी के पीछे छिपा था बड़ा राज..

    रोज बैंक के बाहर दिखती थीं दो महिलाएं, पति की खुशी के पीछे छिपा था बड़ा राज..

    बरेली में पुलिस ने एक ऐसे लुटेरे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों का भरोसा जीतने के लिए अपनी ही पत्नियों को हथियार बना लिया। यह गिरोह खासतौर पर बैंक से पेंशन या वेतन निकालकर बाहर आने वाले बुजुर्गों और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाता था। महिलाओं की मौजूदगी देखकर लोग उन्हें सामान्य सवारी समझ लेते थे, लेकिन कुछ ही देर बाद वे लूट का शिकार बन जाते थे।

    बैंक के बाहर शुरू होता था पूरा खेल

    पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य उस्मान अली पहले बैंक के अंदर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिन्होंने अभी-अभी बड़ी रकम निकाली हो। जैसे ही कोई व्यक्ति बैंक से बाहर निकलता, उसका इशारा मिलते ही गैंग के बाकी सदस्य सक्रिय हो जाते।

    बैंक के बाहर दो अलग-अलग ऑटो पहले से खड़े रहते थे। इनमें आदिल और असगर अपने-अपने ऑटो लेकर मौजूद रहते, जबकि उनकी पत्नियां शबा और नूरी अच्छे कपड़े पहनकर और मेकअप करके सामान्य सवारी बनकर बैठी रहती थीं। महिलाओं को देखकर लोगों का शक लगभग खत्म हो जाता और वे आसानी से ऑटो में बैठ जाते।

    कुछ दूरी पर पहुंचते ही बदल जाता था पूरा मंजर

    पीड़ित को बैठाने के बाद ऑटो शहर से कुछ दूर ले जाया जाता। रास्ते में ऑटो खराब होने का बहाना बनाया जाता और फिर गैंग के सदस्य मिलकर यात्री से नकदी और कीमती सामान लूट लेते। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।

    महिलाएं निभाती थीं सबसे अहम भूमिका

    पुलिस के अनुसार, इस गैंग में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। वे सिर्फ ऑटो में बैठकर भरोसा नहीं दिलाती थीं, बल्कि बैंक के बाहर रेकी करने और संभावित शिकार पर नजर रखने का भी काम करती थीं। गिरोह के सदस्यों के बीच बातचीत के लिए अलग-अलग कोड वर्ड भी तय थे, ताकि किसी को शक न हो।

    पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

    लगातार बढ़ रही लूट की घटनाओं के बाद बरेली पुलिस और एसओजी ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच के दौरान पांच आरोपियों—आदिल, शबा, असगर, नूरी और उस्मान अली—को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 93 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

    पूछताछ में आरोपियों ने अब तक आठ लूट की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ जारी है और अन्य मामलों में भी अहम खुलासे होने की संभावना है।

    पुलिस की लोगों से अपील

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद किसी अनजान वाहन में बैठने से बचें। यदि संभव हो तो विश्वसनीय व्यक्ति के साथ जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें

  • ‘एक कॉफी पर घंटों बैठना पड़ेगा महंगा!’ बेंगलुरु के कैफे ने लगाया 99 रुपये प्रति घंटे का वर्कस्पेस चार्ज..

    ‘एक कॉफी पर घंटों बैठना पड़ेगा महंगा!’ बेंगलुरु के कैफे ने लगाया 99 रुपये प्रति घंटे का वर्कस्पेस चार्ज..

    ‘एक कॉफी पर घंटों बैठना पड़ेगा महंगा!’ बेंगलुरु के कैफे ने लगाया 99 रुपये प्रति घंटे का वर्कस्पेस चार्ज..

    बेंगलुरु: अगर आप भी कैफे में सिर्फ एक कप कॉफी लेकर घंटों लैपटॉप पर काम करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। बेंगलुरु के इंदिरानगर स्थित एक कैफे ने लंबे समय तक टेबल घेरकर बैठने वाले ग्राहकों के लिए नया नियम लागू किया है। अब ऐसे ग्राहकों से 99 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से वर्कस्पेस रेंटल चार्ज लिया जाएगा।

    यह मामला तब चर्चा में आया, जब टेक उद्यमी कार्तिक सुरोजू ने कैफे के बाहर लगे बोर्ड की तस्वीर LinkedIn पर साझा की। बोर्ड पर साफ लिखा था, “Workspace Rental: ₹99 per hour.” पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस छिड़ गई।

    कार्तिक ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि जब वह कैफे पहुंचे, तब वहां ज्यादा भीड़ नहीं थी। उनका मानना है कि इस तरह का बोर्ड संभावित ग्राहकों को आकर्षित करने के बजाय उन्हें दूर कर सकता है।

    हालांकि, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ यूजर्स का कहना है कि एक कप कॉफी खरीदकर कई घंटों तक टेबल पर कब्जा जमाए रखना कैफे के कारोबार को नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि इससे अन्य ग्राहकों को बैठने की जगह नहीं मिलती।

    वहीं, कई लोगों का तर्क है कि अधिकांश ग्राहक काम के दौरान समय-समय पर खाने-पीने का ऑर्डर भी देते हैं। ऐसे में कुछ लोगों की वजह से सभी ग्राहकों पर अतिरिक्त शुल्क लगाना उचित नहीं है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अब ‘टाइम कैफे’ का कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस मॉडल में ग्राहक खाने-पीने की चीजों के बजाय कैफे में बिताए गए समय के आधार पर भुगतान करते हैं। पुणे और कोच्चि जैसे शहरों में पहले से ऐसे कैफे संचालित हो रहे हैं, जहां समय के हिसाब से शुल्क लिया जाता है और चाय, कॉफी या वाई-फाई जैसी सुविधाएं पैकेज का हिस्सा होती हैं।

    फिलहाल बेंगलुरु के इस कैफे का नया नियम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे व्यवसाय के लिहाज से सही कदम बता रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि ग्राहकों के लिए ‘लैपटॉप-फ्री जोन’ या सीमित समय जैसी वैकल्पिक व्यवस्था बेहतर विकल्प हो सकती है।

  • इस देश में कब्र से पूर्वजों के अवशेष निकालकर मनाया जाता है उत्सव, जानिए ‘फामादिहाना’ परंपरा का इतिहास…

    इस देश में कब्र से पूर्वजों के अवशेष निकालकर मनाया जाता है उत्सव, जानिए ‘फामादिहाना’ परंपरा का इतिहास…

    इस देश में कब्र से पूर्वजों के अवशेष निकालकर मनाया जाता है उत्सव, जानिए ‘फामादिहाना’ परंपरा का इतिहास…

    नई दिल्ली: दुनिया भर में अलग-अलग संस्कृतियों और समुदायों की अपनी अनूठी परंपराएं हैं। इन्हीं में से एक है ‘फामादिहाना’ (Famadihana), जिसे दुनिया की सबसे अनोखी अंतिम संस्कार संबंधी परंपराओं में गिना जाता है। यह परंपरा अफ्रीकी द्वीपीय देश मैडागास्कर (Madagascar) के कुछ समुदायों में आज भी निभाई जाती है।

    क्या है फामादिहाना परंपरा?

    फामादिहाना का अर्थ है “हड्डियों को पलटना” (Turning of the Bones)। इस रस्म के दौरान परिवार के लोग कुछ वर्षों के अंतराल पर अपने पूर्वजों के अवशेषों को पारिवारिक समाधि (कब्र) से सम्मानपूर्वक बाहर निकालते हैं, उन्हें नए रेशमी कफन में लपेटते हैं और फिर धार्मिक व पारिवारिक अनुष्ठान करते हैं।

    शोक नहीं, यादों का उत्सव

    इस परंपरा के दौरान परिवार और रिश्तेदार एकत्रित होकर संगीत, नृत्य और सामूहिक भोज का आयोजन करते हैं। कई लोग पूर्वजों के अवशेषों को कंधे पर उठाकर पारंपरिक संगीत के बीच सम्मानपूर्वक जुलूस भी निकालते हैं। इसका उद्देश्य शोक मनाना नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों को सम्मान देना और उनकी स्मृतियों का उत्सव मनाना होता है।

    क्यों निभाई जाती है यह रस्म?

    मैडागास्कर के कुछ समुदायों की मान्यता है कि मृत्यु के बाद भी पूर्वज परिवार का हिस्सा बने रहते हैं। उनका विश्वास है कि पूर्वजों का सम्मान करने और समय-समय पर उन्हें याद करने से परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इसी कारण फामादिहाना को प्रेम, सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है।

    हर जगह नहीं निभाई जाती यह परंपरा

    ध्यान देने वाली बात यह है कि फामादिहाना पूरे मैडागास्कर में नहीं, बल्कि मुख्य रूप से मेरिना (Merina) और बेटसिलियो (Betsileo) जैसे कुछ समुदायों द्वारा ही निभाई जाती है। आधुनिक समय में आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस परंपरा का प्रचलन कुछ क्षेत्रों में कम भी हुआ है, लेकिन यह अब भी मैडागास्कर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

    फामादिहाना दुनिया की उन परंपराओं में शामिल है, जो यह दिखाती हैं कि अलग-अलग संस्कृतियों में पूर्वजों को याद करने और सम्मान देने के तरीके कितने विविध और अनोखे हो सकते हैं।

  • 6 दिनों से भीतर-ही-भीतर सुलग रहा महुआ .न धुआं, न लपटें… फिर भी जल रहा महुआ का पेड़, बलिया की घटना बनी रहस्य..

    6 दिनों से भीतर-ही-भीतर सुलग रहा महुआ .न धुआं, न लपटें… फिर भी जल रहा महुआ का पेड़, बलिया की घटना बनी रहस्य..

    6 दिनों से भीतर-ही-भीतर सुलग रहा महुआ .न धुआं, न लपटें… फिर भी जल रहा महुआ का पेड़, बलिया की घटना बनी रहस्य..

    बलिया (उत्तर प्रदेश): बलिया जिले के चिलकहर ब्लॉक के नरावं गांव में एक महुआ का पेड़ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का दावा है कि यह हरा-भरा पेड़ पिछले छह दिनों से अंदर ही अंदर सुलग रहा है। हैरानी की बात यह है कि बारिश होने के बावजूद पेड़ की गर्माहट कम नहीं हुई और बाहर से धुआं भी दिखाई नहीं दे रहा। इस अनोखी घटना को देखने के लिए दूर-दूर से लोग गांव पहुंच रहे हैं।

    स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे चमत्कार और दैवीय संकेत बताकर पेड़ की पूजा-अर्चना करने लगे हैं। पेड़ के नीचे लाल कपड़ा, ईंटें और चढ़ावा रखा गया है तथा कुछ लोगों ने यहां मंदिर बनाने की भी बात कही है।

    पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष महात्मा सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर पेड़ में आग लगने की खबर देखने के बाद वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ में बीच-बीच में आग जैसी लपट दिखाई देती है, लेकिन धुआं नहीं निकलता। उनके मुताबिक, इस तरह की घटना की वास्तविक वजह वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    ग्रामीण अवधेश पांडेय ने पेड़ के पास त्रिशूल स्थापित कर दिया है। उनका कहना है कि लोग इस पेड़ को अब ‘महुआ बाबा’ के रूप में मानने लगे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि घटना के पीछे कोई प्राकृतिक या वैज्ञानिक कारण भी हो सकता है और जांच से जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हें स्वीकार किया जाना चाहिए।

    वहीं, कई अन्य ग्रामीण इसे अपनी आस्था से जोड़ रहे हैं। गांव में कीर्तन और सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी शुरू हो गया है तथा श्रद्धालु पेड़ के पास पहुंचकर पूजा और चढ़ावा चढ़ा रहे हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना की वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि पेड़ के भीतर लगातार गर्मी या सुलगने जैसी स्थिति किस कारण बनी हुई है। फिलहाल यह रहस्यमयी घटना पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • कल्याण में युवक की हत्या का मामला, बाथरूम से बोरे में मिला शव; वॉयस मैसेज के बाद जांच तेज

    कल्याण में युवक की हत्या का मामला, बाथरूम से बोरे में मिला शव; वॉयस मैसेज के बाद जांच तेज

    कल्याण में युवक की हत्या का मामला, बाथरूम से बोरे में मिला शव; वॉयस मैसेज के बाद जांच तेज

    महाराष्ट्र के कल्याण से हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक किराए के फ्लैट के बाथरूम से बोरे में बंद 37 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया है। मामले में एक महिला पर हत्या का आरोप है। पुलिस का कहना है कि घटना के खुलासे में एक वॉयस मैसेज अहम सुराग साबित हुआ।

    यह मामला कल्याण के मलंग रोड स्थित नीलकंठ सोसायटी का है। स्थानीय लोगों ने फ्लैट से तेज बदबू आने की शिकायत पुलिस से की थी। मौके पर पहुंची मानपाड़ा पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़कर तलाशी ली, जहां बाथरूम में रखे एक बोरे से युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान हमीदुल्लाह इस्लाम (37) के रूप में हुई है।

    पुलिस के अनुसार, शव काफी हद तक सड़ चुका था। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि युवक की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई। इसके बाद शव को बोरे में भरकर बाथरूम में छिपा दिया गया। फोरेंसिक टीम ने मौके से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं और उनकी जांच की जा रही है।

    जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। अधिकारियों के मुताबिक, फ्लैट के मालिक को हसीबा नाम की महिला का एक वॉयस मैसेज मिला था। पुलिस का दावा है कि इस संदेश में महिला ने कथित तौर पर हत्या की जानकारी दी और बताया कि शव बाथरूम में रखा है। साथ ही यह भी कहा गया कि बाथरूम का नल खुला छोड़ दिया गया है। इसके बाद फ्लैट मालिक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर शव बरामद किया गया।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला घटना के बाद फरार हो गई और उसके कोलकाता भागने की आशंका है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना की गई है। मामले की जांच जारी है।

  • पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर पूर्व इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, साड़ी को लेकर हुए घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती तौर पर मामले को हादसा बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच की दिशा बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 35 वर्षीय हरेराम किशुनजी सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला था। घटना 19 जुलाई को बदलापुर पूर्व स्थित एक किराए के मकान में हुई।

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, साड़ी खरीदकर न लाने की बात को लेकर हरेराम और उनकी पत्नी सुनीता देवी (30) के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर महिला ने कथित तौर पर रसोई में रखा प्रेशर कुकर का ढक्कन उठाकर पति पर हमला किया। इसके बाद गला दबाने से उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद महिला ने पुलिस को बताया कि पति की मौत एक हादसे के कारण हुई है। इसी आधार पर शुरुआत में पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया। हालांकि, सरकारी अस्पताल से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (गला दबाना) बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की। इसके बाद संदेह के आधार पर महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महिला ने अपराध स्वीकार कर लिया।

    बदलापुर पूर्व पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    Ghaziabad Double Murder: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है, लेकिन गाजियाबाद से सामने आई एक घटना ने इस रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. दो बेटों ने अपने ही मां-बाप की बेरहमी से हत्या कर दी. अपने माता-पिता की हत्या के बाद शोक में डूबी एक बहन ने रोते हुए कहा, “ऐसे भाई किसी को न मिलें. जिन्होंने हमारे मम्मी-पापा की जान ले ली. जैसे मेरे भाइयों ने मेरे माता-पिता को मारा है, वैसे ही उन्हें भी उनके किए की सजा मिले.”*

    मामला गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर इलाके का है. पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई की रात दो बेटों ने अपने माता-पिता की हत्या कर दी. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक दंपति की बेटियां दीपिका और ज्योति भी मौके पर पहुंचीं. घर के बाहर लोगों की भीड़ और भारी पुलिस बल तैनात था, जबकि घर के भीतर मातम पसरा हुआ था. पुलिस बेटियों के बयान दर्ज कर रही थी और इस दौरान उनका रो-रोकर बुरा हाल था.

    जन्मदिन की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदलीं

    मृतक गंगाशरण मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे और कई वर्षों से परिवार के साथ गाजियाबाद में रह रहे थे. उनके दो बेटे दीपक और ललित तथा दो बेटियां दीपिका और ज्योति हैं. दोनों बेटों की शादी लॉकडाउन के दौरान हुई थी, लेकिन बाद में इनसे तंग आकर उनकी पत्नियां उन्हें छोड़कर मायके चली गई थीं. पिता गंगाशरण अखबार वितरक थे. पूरा परिवार ग्राउंड फ्लोर पर रहता है, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर किरायेदार रहता है. किरायेदार ने ही पुलिस को खबर दी थी.

    घटना वाले दिन छोटे बेटे ललित का जन्मदिन था. उसकी मां विमलेश ने बेटे की लंबी उम्र के लिए पड़ोस की महिलाओं के साथ कीर्तन कराया और घर में खीर-पूरी बनाई. शाम तक घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन रात होते-होते यह खुशी मातम में बदल गई.

    शराब पीने को लेकर हुआ विवाद

    परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों भाई शराब के आदी थे और अक्सर नशे की हालत में घर में झगड़ा करते थे. 20 जुलाई की रात भी दोनों शराब पी रहे थे. जब माता-पिता ने इसका विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई. आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों बेटों ने पहले पिता गंगाशरण पर हमला किया. मां विमलेश बचाने आईं तो उन पर भी हमला कर दिया. दोनों का गला दबाने के बाद उन पर हथौड़े से वार किए गए. गंभीर रूप से घायल दंपति को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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    बेटियों ने सुनाई भाइयों की करतूत

    मृतक दंपति की बड़ी बेटी दीपिका ने आरोप लगाया कि दोनों भाई लंबे समय से शराब के आदी थे और अक्सर माता-पिता के साथ मारपीट व झगड़ा करते थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि शराब के लिए दोनों ने अपनी मां के सोने के जेवर तक बेच दिए थे. इसके बावजूद माता-पिता हर बार उन्हें माफ कर देते थे और उम्मीद करते थे कि एक दिन वे सुधर जाएंगे.

    दीपिका ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके अपने सगे भाई ही माता-पिता के कातिल बन जाएंगे. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुटी है.

  • टोल कर्मी ने रुकने का दिया इशारा, तेज रफ्तार SUV ने मारी टक्कर, CCTV में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना

    हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू टोल प्लाजा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। देर रात एक तेज रफ्तार सफेद SUV ने टोल बैरियर पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी को टक्कर मार दी और बिना रुके मौके से फरार हो गई। पूरी वारदात टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 जुलाई 2026 की रात करीब 11:22 बजे हुई। CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि टोल कर्मचारी बैरियर के पास खड़ा होकर आने वाली SUV को रुकने का संकेत देता है। लेकिन चालक वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से बैरियर पार कर देता है और कर्मचारी को टक्कर मारते हुए निकल जाता है।

    टक्कर इतनी तेज थी कि कर्मचारी उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद अन्य टोल कर्मी उसकी मदद के लिए दौड़े। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी को मामूली चोटें आई हैं और वह खतरे से बाहर है। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर फरार SUV चालक की पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स ने टोल कर्मी के सुरक्षित बच जाने पर राहत जताई है।

  • पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पंजाब के गुरदासपुर से एक दुखद मामला सामने आया है। यहां एक 37 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अमृतपाल सिंह के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता और मृतक के भाई हीरा सिंह ने आरोप लगाया कि अमृतपाल और उसकी पत्नी मनप्रीत कौर के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई थी।

    शिकायत के मुताबिक, विवाद के बाद अमृतपाल ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उसे तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    मामले की सूचना मिलने पर सदर थाना गुरदासपुर पुलिस ने मृतक के भाई के बयान के आधार पर पत्नी मनप्रीत कौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • शाम की सैर पर निकलीं दो सगी बहनों से तलवार के बल पर लूट, 4 तोला सोना लेकर फरार हुए बदमाश..

    शाम की सैर पर निकलीं दो सगी बहनों से तलवार के बल पर लूट, 4 तोला सोना लेकर फरार हुए बदमाश..

    शाम की सैर पर निकलीं दो सगी बहनों से तलवार के बल पर लूट, 4 तोला सोना लेकर फरार हुए बदमाश..

    पंजाब के कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी में शाम की सैर पर निकली दो सगी बहनों के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि तीन हथियारबंद बदमाशों ने दोनों महिलाओं को तलवार दिखाकर रोका और उनसे सोने के आभूषण लूटकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    पीड़ित महिलाओं की पहचान बलजीत कौर और कुलविंदर कौर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बलजीत कौर अपनी बहन से मिलने सुल्तानपुर लोधी आई थीं। दोनों शाम के समय पवित्र काली बेईं के किनारे टहलने निकली थीं, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।

    पीड़ितों के अनुसार, बदमाशों ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया। जब दोनों बहनों ने भागने की कोशिश की तो घबराहट में गिर गईं। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी गर्दन पर तलवार रखकर सोने के आभूषण लूट लिए।

    महिलाओं का कहना है कि लुटे गए आभूषणों में सोने की चेन, अंगूठी और टॉप्स शामिल हैं, जिनका कुल वजन करीब 4 तोला बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है।