कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश: रानीताल-मुबारिकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर देहरा में ब्यास नदी पुल के पास गुरुवार सुबह बीयर की पेटियों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि राहत की बात रही कि किसी की जान नहीं गई।
ब्यास पुल के पास अचानक पलटा ट्रक
जानकारी के अनुसार, बीयर से लदा ट्रक गुरुवार सुबह रानीताल-मुबारिकपुर हाईवे से गुजर रहा था। जैसे ही वह देहरा में ब्यास नदी पुल के समीप पहुंचा, अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा और ट्रक सड़क पर पलट गया।
हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ट्रक में बीयर की पेटियां लदी होने के कारण मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई।
चालक को नींद की झपकी आने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सुबह के समय चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हुआ होगा। हालांकि पुलिस ने अभी हादसे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। चालक के बयान और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण सामने आएंगे।
पुलिस ने संभाली स्थिति, यातायात हुआ प्रभावित
हादसे की सूचना मिलते ही देहरा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने पहले यह सुनिश्चित किया कि दुर्घटना में कोई व्यक्ति घायल तो नहीं हुआ है।
ट्रक के सड़क पर पलटने से हाईवे पर यातायात भी कुछ देर प्रभावित रहा। पुलिस और संबंधित टीमों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की, ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
शिमला, हिमाचल प्रदेश: नशे के खिलाफ अभियान के तहत शिमला पुलिस की स्पैशल सैल ने घनाहट्टी इलाके में कार्रवाई करते हुए एक युवती समेत तीन लोगों को कथित तौर पर चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से करीब 10 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है।
नलहट्टी क्रॉसिंग के पास पुलिस ने रोका वाहन
पुलिस के अनुसार स्पैशल सैल की टीम घनाहट्टी के नलहट्टी क्रॉसिंग के पास गश्त और चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने संदेह के आधार पर एक वाहन को रुकवाया। वाहन में एक युवती और दो युवक सवार थे।
नियमों के तहत तलाशी लेने पर पुलिस को उनके कब्जे से करीब 10 ग्राम चिट्टा मिलने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर बरामद नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में 25 वर्षीय युवक बिलासपुर जिले का, 34 वर्षीय युवक अर्की, जिला सोलन का और 26 वर्षीय युवती शिमला जिले की रहने वाली है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर बरामद चिट्टा कहां से लाया गया था और इसे आगे किसे पहुंचाया जाना था।
पुलिस को आशंका है कि मामले के तार अंतर-जिला नशा नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया के बाद पुलिस उनसे पूछताछ करेगी। जांच के दौरान इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की उम्मीद है।
नोट: बरामदगी और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आरोपियों को दोषी ठहराया जाना अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
दिल्ली: जैतपुर इलाके में 38 वर्षीय बलवीर सिंह की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के जीजा राजेश यादव और उसके रिश्तेदार निलेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह बलवीर की शराब पीने की आदत को लेकर होने वाला विवाद बताया जा रहा है।
जीजा ने रिश्तेदार के साथ मिलकर रची साजिश
पुलिस की जांच के अनुसार, राजेश यादव अपने साले बलवीर की शराब पीने की आदत से कथित तौर पर परेशान था। आरोप है कि इसी वजह से उसने रिश्तेदार और ट्रक ड्राइवर निलेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
शराब में मिलाने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि बलवीर को शराब में नींद की गोलियां मिलाकर दी गईं। इसके बाद जब वह बेहोशी की हालत में पहुंच गया तो उस पर लोहे की रॉड से हमला किया गया।
हमले में गंभीर रूप से घायल बलवीर की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने मामले को अलग दिशा देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जांच में कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण सुराग मिले।
24 घंटे में खुला हत्या का राज
हत्या की सूचना मिलने के बाद जैतपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले सुरागों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मृतक के करीबियों पर ध्यान केंद्रित किया।
जांच आगे बढ़ने पर राजेश यादव और निलेश की भूमिका सामने आने का पुलिस ने दावा किया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, इस्तेमाल की गई रॉड और नींद की गोलियों समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। दोनों आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
अमृतसर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्याकांड की जांच के दौरान अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान परमिंदर काका उर्फ परमिंदर प्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की भूमिका हत्या की वारदात में फायरिंग करने और इस्तेमाल की गई बाइक की व्यवस्था करने में बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, मैड संधू की 3 अक्टूबर को अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात अमृतसर कैंटोनमेंट थाना क्षेत्र में हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और हत्याकांड से जुड़े आरोपियों तथा उनकी भूमिका की जानकारी जुटाई।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वारदात में परमिंदर काका की अहम भूमिका थी। आरोप है कि उसने मैड संधू पर गोली चलाई थी। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक उपलब्ध कराने में भी उसकी भूमिका बताई गई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में उसकी भूमिका कितनी थी और उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस हत्याकांड की जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गोल्डी बरार से जुड़े गिरोह के एंगल से भी की जा रही है। पुलिस इसी कड़ी में आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए परमिंदर काका से पूछताछ के जरिए पुलिस हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
हत्या के बाद आरोपी ने अमृतसर से निकलकर पहले उदयपुर का रुख किया। इसके बाद वह उदयपुर से अहमदाबाद पहुंचा। अहमदाबाद पहुंचने के बाद क्राइम ब्रांच को उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी को पंजाब पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया है। अब पंजाब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां आरोपी से हत्या के पीछे की वजह, वारदात की तैयारी, बाइक की व्यवस्था और फायरिंग से जुड़ी जानकारी हासिल करने में जुटी हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मैड संधू की हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी। इसके साथ ही आरोपी के अन्य साथियों, उसके संपर्कों और वारदात के बाद फरार होने के रास्ते की भी जांच की जा रही है।
मैड संधू की हत्या के मामले में इस गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस को हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है। अब पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आने की उम्मीद है।
657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच में अब एक कथित रिश्ते और आलीशान जीवनशैली से जुड़े वित्तीय लेनदेन की चर्चा सामने आई है। सीबीआई की जांच के मुताबिक, रिभव ऋषि की कथित डांसर गर्लफ्रेंड पर कुछ ही महीनों में लाखों रुपये खर्च किए गए। जांच में महंगे घर, विदेश यात्राओं, आलीशान होटलों और पार्टियों पर हुए खर्च का भी जिक्र है।
2025 में हुई थी पहली मुलाकात
जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक, रिभव ऋषि की महिला से मुलाकात मार्च-अप्रैल 2025 के आसपास हुई थी। इसके बाद 5 जुलाई 2025 को मुंबई के एक लग्जरी होटल में दोनों की मुलाकात हुई, जहां ऋषि ने कथित तौर पर महिला के सामने अपने प्रेम का इजहार किया।
महिला के बयान के अनुसार, ऋषि ने खुद को इवेंट प्लानर बताया था। उसने यह भी दावा किया था कि वह चावल के आयात-निर्यात के कारोबार से जुड़ा है और IDFC First Bank में ब्रांच मैनेजर के तौर पर काम करता है।
‘तुम्हारा और परिवार का ख्याल रखूंगा’
जांच के दौरान महिला ने कथित तौर पर बताया कि ऋषि ने उससे और उसके परिवार का ख्याल रखने की बात कही थी। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और महिला के मुताबिक, उसके खर्चों के लिए बड़ी रकम उपलब्ध कराई जाने लगी।
6 महीने में 56 लाख रुपये देने का दावा
सीबीआई की जांच के मुताबिक, करीब छह महीने की अवधि में महिला को लगभग 56 लाख रुपये दिए गए। यानी औसतन हर महीने कई लाख रुपये के खर्च का दावा सामने आया है।
जांच में दिल्ली स्थित एक महंगे घर से जुड़े खर्च का भी जिक्र किया गया है। इसके अलावा पार्टियों, महंगे होटलों और विदेश यात्राओं पर खर्च किए जाने की बात भी जांच का हिस्सा है।
चंडीगढ़ की पार्टियों और विदेश यात्राओं का जिक्र
जांच में चंडीगढ़ में आयोजित पार्टियों का भी उल्लेख सामने आया है। इन आयोजनों में डांसरों पर पैसे खर्च किए जाने की बात कही गई है।
महिला के साथ विदेश यात्राओं और महंगे होटलों में ठहरने का भी दावा जांच में सामने आया है। दुबई के बुर्ज अल अरब जैसे आलीशान होटल में ठहरने और वहां संपत्ति लेने की योजना से जुड़े दावों की भी जांच की जा रही है।
बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का आरोप
सीबीआई का आरोप है कि रिभव ऋषि ने कई सरकारी खातों से जुड़े कम से कम 25 कथित फर्जी डेबिट ट्रांजैक्शन को मंजूरी दी। इन लेनदेन की कुल रकम करीब 187.35 करोड़ रुपये बताई गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, ऋषि से जुड़े खातों में भी करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। इन्हीं वित्तीय गतिविधियों को कथित बैंक घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आलीशान जीवनशैली की जांच में कई कड़ियां
सीबीआई की जांच में सामने आए बयानों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर महंगे होटल, विदेश यात्राएं, पार्टियां, संपत्ति और निजी खर्चों से जुड़ी कई कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
हालांकि, जांच में सामने आए आरोप अभी जांच एजेंसी के दावों और उपलब्ध बयानों पर आधारित हैं। मामले में किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में आरोपों और सबूतों की जांच के बाद ही तय होगी।
अमेरिका के टेनेसी में मौत की सजा पाने वाली क्रिस्टा पाइक का मामला इन दिनों चर्चा में है। तय प्रक्रिया के तहत उन्हें जानलेवा दवा की डोज देकर मृत्युदंड देने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत नहीं हुई। घटना के दौरान मौजूद गवाहों ने उनके कराहने और सांस लेने की आवाजें सुनने की बात कही।
पहली कोशिश में आई दिक्कत
पाइक को दवा देने की प्रक्रिया के दौरान मेडिकल टीम को नस में सुई लगाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उनके वकील के मुताबिक, पाइक के बाएं हाथ में कम से कम सात बार सुई लगाने की कोशिश की गई।
बताया गया कि एक सुई निकालने के बाद वह मुड़ी हुई दिखाई दी। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगा और पाइक ने हाथ में तेज दर्द होने की शिकायत भी की।
दो डोज दिए जाने के बाद भी सांस लेती रहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, पाइक को पेंटोबार्बिटल की दो डोज दी गईं। इसके बावजूद उनकी सांसें चलती रहीं। निष्पादन कक्ष में मौजूद लोगों ने उनकी आवाजें और सांस लेने की प्रक्रिया महसूस होने की बात कही।
इसके बाद पाइक को चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। बाद में उनके होश में आने की जानकारी सामने आई।
मामले के बाद उठे कई सवाल
इस घटना ने मृत्युदंड देने की प्रक्रिया और उसमें इस्तेमाल होने वाली दवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि दवा देने की प्रक्रिया में आई तकनीकी दिक्कतों का निष्पादन पर कितना असर पड़ा।
पाइक के मामले को लेकर उनके वकीलों की ओर से भी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं पर अंतिम स्थिति संबंधित अधिकारियों और अदालत की कार्रवाई से स्पष्ट होगी।
टेनेसी में अन्य निष्पादनों पर भी रोक
इस घटना के बाद टेनेसी में मृत्युदंड की प्रक्रियाओं को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। राज्य में निष्पादन से जुड़ी प्रक्रियाओं पर रोक और उनकी समीक्षा किए जाने की बात सामने आई है।
क्रिस्टा पाइक का मामला अब अमेरिकी मृत्युदंड व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाली प्रक्रिया, दवाओं और मेडिकल तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
पीलीभीत: कचहरी परिसर के बाहर उस समय हंगामा हो गया, जब एक महिला अपने पहले पति के साथ कोर्ट पहुंची और वहां मौजूद दूसरे युवक को देखते ही उससे लिपट गई। पहले पति और उसके साथ मौजूद लोगों ने महिला को युवक से अलग करने की कोशिश की, लेकिन वह उसके साथ रहने की जिद पर अड़ी रही।
शुरुआत में युवक को महिला का प्रेमी बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में मामला कुछ और निकला। पूछताछ के दौरान सामने आया कि महिला ने कथित तौर पर पहले पति से तलाक लिए बिना करीब छह महीने पहले उसी युवक से कोर्ट मैरिज कर ली थी।
कोर्ट में तारीख पर पहुंची थी महिला
जानकारी के मुताबिक, महिला अपने पहले पति के साथ एक मामले में तारीख पर पीलीभीत कचहरी पहुंची थी। इसी दौरान उसकी नजर वहां मौजूद एक युवक पर पड़ी। युवक को देखते ही महिला उसके पास पहुंच गई और उससे लिपट गई।
इसको लेकर मौके पर विवाद और हंगामा शुरू हो गया। पहले पति की ओर से महिला को युवक से अलग करने का प्रयास किया गया, लेकिन महिला युवक के साथ जाने की बात कहती रही।
पुलिस जांच में सामने आया दूसरा निकाह/विवाह
मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची तो जांच शुरू हुई। पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर पता चला कि जिस युवक को पहले महिला का प्रेमी समझा जा रहा था, वह उसका दूसरा पति है।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया कि महिला ने पहले पति से कानूनी तौर पर तलाक लिए बिना करीब छह महीने पहले दूसरे युवक के साथ कोर्ट मैरिज की थी।
पहले पति के साथ चल रहा था विवाद
बताया जा रहा है कि महिला और उसके पहले पति के बीच पहले से वैवाहिक विवाद चल रहा था। इसी मामले में दोनों कोर्ट पहुंचे थे। कचहरी परिसर में दूसरे युवक के सामने आने के बाद पूरा मामला सार्वजनिक हो गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला ने दूसरी शादी किन परिस्थितियों में की, पहली शादी की कानूनी स्थिति क्या थी और दोनों पक्षों के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या है, इन सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
बिजनौर, उत्तर प्रदेश: जिले में शराब को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में गंभीर वारदात में बदल गया। आरोप है कि बहस के बाद एक युवक ने तेज रफ्तार ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़े लोगों पर चढ़ा दिया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला और आरोपी चालक भी घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
शराब के ठेके पर हुई थी बहस
बताया जा रहा है कि दत्तीयाना गांव निवासी वीरेंद्र और जमालुद्दीनपुर निवासी सतवीर के बीच शराब के ठेके पर किसी बात को लेकर बहस हुई थी। शुरुआती विवाद के बाद मामला शांत हो गया और कुछ लोग सड़क किनारे खड़े होकर आपस में बातचीत करने लगे।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान वीरेंद्र कथित तौर पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचा और सड़क किनारे मौजूद लोगों को टक्कर मार दी।
दो लोगों की मौके पर मौत
ट्रैक्टर की चपेट में आने से उदयवीर और बाबूराम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं महेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए बिजनौर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
हादसे में एक महिला भी घायल हुई है, जिसका इलाज चांदपुर में चल रहा है। वहीं ट्रैक्टर पलटने के कारण आरोपी वीरेंद्र भी घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टक्कर से बिजली का खंभा भी टूटा
ट्रैक्टर की टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क किनारे लगा बिजली का खंभा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव के साथ जांच शुरू की।
तीन मौतों के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
एक साथ तीन लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति संभाली और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामला दो अलग-अलग गांवों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया है।
पुलिस अब शराब के ठेके पर हुए शुरुआती विवाद से लेकर ट्रैक्टर की टक्कर तक पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटना में शामिल लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
आगरा, उत्तर प्रदेश: 26 वर्षीय विशाखा के लापता होने के आठ दिन बाद उसका शव इटावा में यमुना किनारे एक बोरे से बरामद होने के बाद मामला गंभीर हो गया है। पुलिस ने इस मामले में फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विशाखा और शिवजीत के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध थे और दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद चल रहा था।
29 सितंबर को घर से निकली थी विशाखा
विशाखा आगरा के एमएम गेट क्षेत्र के नूरी दरवाजा इलाके में रहती थी और BTC की पढ़ाई कर रही थी। वह आगे सुपर TET की तैयारी भी कर रही थी।
29 सितंबर को वह घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल समेत अन्य जानकारियों की जांच की।
जांच में लेखपाल का नाम सामने आया
पुलिस की जांच के दौरान फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवजीत ने विशाखा के साथ लंबे समय से संबंध होने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, उसने विशाखा से शादी करने का वादा किया था, लेकिन इसी साल मई में उसने दूसरी जगह शादी कर ली। इसके बाद दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद होने लगा।
30 सितंबर को क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, शिवजीत ने पूछताछ में दावा किया कि 30 सितंबर को विशाखा उसके कमरे पर आई थी। दोनों के बीच शादी को लेकर बहस हुई। आरोपी के कथित बयान के अनुसार, इसी दौरान विशाखा ने पंखे से लटककर जान दे दी।
हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर युवती की मौत कमरे में हुई थी तो उसका शव इटावा स्थित यमुना किनारे कैसे पहुंचा।
आरोपी ने शव को बोरे में रखने की बात कही
पुलिस के मुताबिक, शिवजीत ने दावा किया कि विशाखा की मौत के बाद वह घबरा गया था। इसके बाद उसने शव को कार में रखा और आगरा से बाह की ओर चला गया। बाद में इटावा क्षेत्र में पहुंचकर शव को बोरे में डालकर यमुना में फेंकने की बात आरोपी ने कही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह आरोपी का कथित बयान है। विशाखा की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आठ दिन बाद यमुना किनारे मिला शव
इटावा के बढ़पुरा थाना क्षेत्र में मिहौली गांव के पास मंगलवार शाम ग्रामीणों ने यमुना किनारे एक बोरा पड़ा देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बोरे से महिला का शव बरामद किया।
पहचान की प्रक्रिया के बाद शव की पहचान आगरा से लापता विशाखा के रूप में हुई। इसके बाद आगरा पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई।
परिवार ने हत्या का आरोप लगाया
विशाखा के पिता विजय ओझा ने पुलिस के सामने आरोपी के बयान से अलग आशंका जताई है। परिवार का आरोप है कि विशाखा की हत्या की गई और इसके बाद शव को यमुना में फेंका गया।
परिवार ने दोनों परिवारों के बीच वर्ष 2017 से कथित रंजिश होने की बात भी पुलिस को बताई है और इसी विवाद को घटना से जोड़कर जांच की मांग की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल, कार, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से युवती की मौत की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
फिलहाल इस मामले में आरोपी की ओर से आत्महत्या का दावा और परिवार की ओर से हत्या की आशंका सामने आई है। मौत की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम का पता पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
कटिहार: बिहार के कटिहार से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक मामला सामने आया है। कैमूर के रहने वाले हंसलाल गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने और उनके पिता ने मेहनत-मजदूरी और ई-रिक्शा चलाकर पत्नी प्रतिभा की पढ़ाई का खर्च उठाया और उसे बिहार पुलिस में सिपाही बनने में मदद की। अब पति का दावा है कि नौकरी लगने के बाद पत्नी ने उससे दूरी बना ली और साथ रहने से इनकार कर दिया। मामले को लेकर पति और उसके पिता ने पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
प्रेम विवाह के बाद हुई थी कोर्ट मैरिज
हंसलाल के मुताबिक, वह रोजगार के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रतिभा से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वर्ष 2021 में दोनों ने प्रेम विवाह किया।
शादी के बाद प्रतिभा कैमूर स्थित हंसलाल के परिवार के साथ रहने लगी। इसके बाद 26 अप्रैल 2024 को दोनों ने कैमूर कोर्ट में भी शादी का पंजीकरण कराया।
ई-रिक्शा चलाकर जुटाए पढ़ाई के पैसे
हंसलाल का दावा है कि शादी के बाद प्रतिभा ने आगे पढ़ाई कर सरकारी नौकरी हासिल करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद पति और ससुर परमहंस गुप्ता ने उसकी पढ़ाई में आर्थिक मदद की।
परिवार के मुताबिक, पिता-पुत्र दोनों ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च चलाते थे और इसी कमाई से प्रतिभा की पढ़ाई का खर्च उठाया गया। उनका दावा है कि पढ़ाई और भर्ती की तैयारी में करीब 8 से 9 लाख रुपये खर्च हुए।
आखिरकार प्रतिभा बिहार पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में सफल हुईं और सिपाही के पद पर नियुक्त हो गईं।
नौकरी के बाद दूरी बढ़ने का आरोप
हंसलाल का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद प्रतिभा के व्यवहार में बदलाव आया। उनकी पोस्टिंग कटिहार के मनसाही थाना क्षेत्र में हुई। पति का दावा है कि वह फोन पर बातचीत करने से बचने लगीं और जब वह कटिहार मिलने पहुंचता तो मुलाकात करने से भी इनकार कर देती थीं।
हंसलाल ने पत्नी के किसी अन्य युवक से संबंध होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, खबर में प्रतिभा की ओर से पति के आरोपों के जवाब में यह दावा बताया गया है कि उन्होंने हंसलाल को पति के रूप में स्वीकार नहीं किया था और उनके बीच जो कुछ हुआ, वह उनकी इच्छा के विरुद्ध था। इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के दावों की पुलिस स्तर पर जांच की जरूरत है।
पत्नी से रिश्ता बचाने की गुहार
हंसलाल और उनके पिता का कहना है कि वे परिवार को टूटने से बचाना चाहते हैं। इसी सिलसिले में दोनों कटिहार पुलिस केंद्र पहुंचे और प्रतिभा से मुलाकात कर साथ रहने की अपील की।
जब मामला नहीं सुलझा तो उन्होंने कटिहार समाहरणालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया और मामले में मदद की मांग की।
पुलिस ने काउंसलिंग की बात कही
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मुख्य रूप से पति-पत्नी के बीच का निजी और पारिवारिक विवाद है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है।
पुलिस की ओर से महिला थाना स्तर पर काउंसलिंग के जरिए विवाद सुलझाने की संभावना बताई गई है। फिलहाल पति और उसके पिता अपनी शिकायत के आधार पर मामले में समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
यह मामला अब पति-पत्नी के बीच लगाए जा रहे आरोपों और रिश्ते को लेकर खड़े हुए विवाद की जांच पर निर्भर है। किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम तथ्य मानने से पहले पुलिस जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।