Category: Crime

  • संतान प्राप्ति का झांसा देकर महिलाओं के शोषण का आरोप, वृंदावन में साधु की पिटाई के बाद मचा हंगामा..

    संतान प्राप्ति का झांसा देकर महिलाओं के शोषण का आरोप, वृंदावन में साधु की पिटाई के बाद मचा हंगामा..

    संतान प्राप्ति का झांसा देकर महिलाओं के शोषण का आरोप, वृंदावन में साधु की पिटाई के बाद मचा हंगामा..

    वृंदावन में एक साधु को लेकर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब उस पर महिलाओं को कथित तौर पर संतान प्राप्ति का झांसा देकर शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए गए। आनंद वाटिका इलाके में सोमवार देर रात साधु के वेश में मौजूद एक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

    मामले के सामने आने के बाद एक साध्वी ने उक्त व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए पुष्टि होना अभी बाकी है।

    साधु के वेश में पहुंचा था व्यक्ति

    बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात आनंद वाटिका इलाके में एक व्यक्ति साधु के वेश में मौजूद था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।

    केशव धाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को वहां से हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

    साध्वी ने लगाए गंभीर आरोप

    मामले में साध्वी सपना उपाध्याय ने आरोप लगाया कि साधु के वेश में मौजूद व्यक्ति खुद को जूना अखाड़े से जुड़ा बताता था। साध्वी का दावा है कि उसका नाम हिम्मत गिरी गुरुदेव बताया जाता था, जबकि उसका वास्तविक नाम हेमंत राज मीणा है और वह राजस्थान के सवाई माधोपुर का रहने वाला है।

    साध्वी ने आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क करता था और बाद में उन्हें अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। उसके खिलाफ मानसिक और शारीरिक शोषण के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    संतान प्राप्ति के नाम पर महिलाओं को फंसाने का आरोप

    मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि कथित तौर पर निःसंतान महिलाओं को संतान प्राप्ति से जुड़े मंत्र और धार्मिक उपायों का भरोसा दिलाकर उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था।

    सोशल मीडिया पर सामने आए दावों में यह भी कहा जा रहा है कि बड़ी संख्या में महिलाएं उसके संपर्क में आई थीं। कुछ दावों में यह संख्या 100 से अधिक बताई गई है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ कथित घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    यह भी आरोप लगाया गया है कि महिलाओं से मुलाकात के दौरान उनकी जानकारी के बिना आपत्तिजनक सामग्री रिकॉर्ड की जाती थी और बाद में उसे कथित तौर पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

    पुलिस जांच के बाद सामने आएगा सच

    घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब साधु पर लगाए गए आरोपों, उसके संपर्क में आए लोगों और सोशल मीडिया पर सामने आ रही जानकारी की पड़ताल कर रही है।

    फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों को जांच का विषय माना जा रहा है। पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई बनती है।

    वृंदावन जैसे धार्मिक शहर में सामने आए इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा पैदा कर दी है। पुलिस का फोकस अब घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने और आरोपों की पुष्टि करने पर है।

  • कानपुर में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद दिल्ली पहुंची तीन बच्चों की मां, पुलिस ने बरामद किया; सहेली के साथ रहने की इच्छा जताई.

    कानपुर में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद दिल्ली पहुंची तीन बच्चों की मां, पुलिस ने बरामद किया; सहेली के साथ रहने की इच्छा जताई.

    कानपुर में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद दिल्ली पहुंची तीन बच्चों की मां, पुलिस ने बरामद किया; सहेली के साथ रहने की इच्छा जताई.

    उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के महाराजपुर क्षेत्र में एक शादीशुदा महिला के घर से चले जाने का मामला सामने आया है। महिला के मुताबिक, इंस्टाग्राम के जरिए उसकी दिल्ली की 25 वर्षीय युवती से दोस्ती हुई थी और दोनों के बीच करीबी संबंध बन गए। महिला अपने पति और तीन बच्चों को छोड़कर दिल्ली चली गई थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं को दिल्ली से बरामद कर लिया।

    अचानक घर से गायब हुई महिला

    जानकारी के मुताबिक, महाराजपुर क्षेत्र की रहने वाली तीन बच्चों की मां अचानक घर से चली गई। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मोबाइल लोकेशन तथा अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर महिला की तलाश की। जांच के दौरान उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली पहुंचकर महिला और उसकी सहेली को बरामद कर लिया।

    थाने में पति और बच्चे भी पहुंचे

    महिला को कानपुर लाने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। इस दौरान उसका पति और तीनों बच्चे भी थाने पहुंचे। परिवार की ओर से महिला से घर वापस लौटने की अपील की गई।

    हालांकि, महिला ने अपने पति के साथ वापस जाने से इनकार कर दिया। उसने पुलिस के सामने कहा कि वह बालिग है और अपनी जिंदगी के बारे में खुद फैसला लेने का अधिकार रखती है। महिला ने अपनी सहेली के साथ रहने की इच्छा जताई।

    इंस्टाग्राम से हुई थी दोस्ती

    पूछताछ में सामने आया कि महिला की दिल्ली की 25 वर्षीय युवती से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और महिला दिल्ली चली गई।

    पुलिस ने दोनों को बरामद करने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई है। महिला के बयान और उसकी इच्छा को भी जांच में शामिल किया गया है।

    फिलहाल यह मामला परिवार, व्यक्तिगत पसंद और सोशल मीडिया के जरिए बने रिश्तों से जुड़ा हुआ है। पुलिस मामले में उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • ‘मौसा जी’ कहकर बुजुर्ग के पैर छुए, फिर अंगूठी का डिजाइन पूछा; दो ठग लेकर फरार हो गए सोने की अंगूठी

    ‘मौसा जी’ कहकर बुजुर्ग के पैर छुए, फिर अंगूठी का डिजाइन पूछा; दो ठग लेकर फरार हो गए सोने की अंगूठी

    ‘मौसा जी’ कहकर बुजुर्ग के पैर छुए, फिर अंगूठी का डिजाइन पूछा; दो ठग लेकर फरार हो गए सोने की अंगूठी

    उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो युवकों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग को रिश्तेदार बताकर पहले उनका भरोसा जीता और फिर उनकी सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गए। आरोपियों ने बुजुर्ग को ‘मौसा जी’ कहकर संबोधित किया और उनके पैर भी छुए। इसके बाद अंगूठी के डिजाइन की तारीफ करते हुए उसी तरह की अंगूठी बनवाने की बात कही।

    ‘मौसा जी’ कहकर शुरू की बातचीत

    जानकारी के मुताबिक, 70 वर्षीय सुभाष कुमार वर्मा बाजार में सामान लेने गए थे। इसी दौरान दो युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों ने ऐसा व्यवहार किया, जैसे वे बुजुर्ग को पहले से जानते हों।

    एक युवक ने उन्हें ‘मौसा जी’ कहकर संबोधित किया। इसके बाद उसने अपने साथी से बुजुर्ग के पैर छूने के लिए कहा। युवक ने आगे बढ़कर पैर छुए और बुजुर्ग ने उसे आशीर्वाद दिया। इस तरह आरोपियों ने कुछ ही देर में बुजुर्ग का भरोसा हासिल कर लिया।

    अंगूठी पर थी आरोपियों की नजर

    इसके बाद आरोपियों ने अंगूठी खरीदने को लेकर बातचीत शुरू की। एक युवक ने फोन पर किसी को अंगूठी गिफ्ट करने की बात करने का नाटक किया। इसी दौरान उसकी नजर सुभाष कुमार वर्मा की अंगूठी पर पड़ी।

    आरोपी ने बुजुर्ग से कहा कि उसे इसी डिजाइन की अंगूठी बनवानी है। उसने बुजुर्ग से अंगूठी दिखाने के लिए मांगी। बुजुर्ग ने अपनी अंगूठी उतारकर उसे दे दी।

    बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहली बार अंगूठी वापस कर दी। इससे बुजुर्ग को उस पर शक नहीं हुआ। कुछ देर बाद आरोपियों ने दोबारा उसी अंगूठी की बात शुरू की और उसे फिर से मांग लिया।

    दूसरी बार अंगूठी लेकर भाग निकले

    इस बार बुजुर्ग ने दोबारा अपनी अंगूठी उतारकर आरोपियों को दे दी। आरोप है कि अंगूठी हाथ में आते ही दोनों युवक वहां से निकल गए। जाते समय उन्होंने बुजुर्ग से कथित तौर पर कहा कि उनकी पत्नी बुजुर्ग के घर पर हैं और वह भी वहीं आ जाएं।

    बुजुर्ग जब घर पहुंचे तो वहां कोई ऐसी महिला नहीं थी। इसके बाद उन्हें समझ आया कि जिन युवकों को वह अपना रिश्तेदार समझ रहे थे, उन्होंने भरोसा जीतकर उनकी अंगूठी ठग ली।

    शिकायत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा

    ठगी का पता चलने के बाद सुभाष कुमार वर्मा ने 13 सितंबर को सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार शर्मा और काली

  • ‘पत्नी कहती है बॉयफ्रेंड को: जयमाला पहनाऊंगी…’ शख्स ने वीडियो बनाया, कहानी बयां कर खत्म कर ली जिंदगी

    ‘पत्नी कहती है बॉयफ्रेंड को: जयमाला पहनाऊंगी…’ शख्स ने वीडियो बनाया, कहानी बयां कर खत्म कर ली जिंदगी

    ‘पत्नी कहती है बॉयफ्रेंड को: जयमाला पहनाऊंगी…’ शख्स ने वीडियो बनाया, कहानी बयां कर खत्म कर ली जिंदगी

    झांसी में एक 45 साल के शख्स की मौत के बाद उसके दो वीडियो सामने आए हैं. वीडियो में वह पत्नी और एक युवक पर गंभीर आरोप लगा रहा है. उसका कहना है कि पत्नी का किसी युवक के साथ अफेयर है और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई. वीडियो में वह यह भी कहता है कि पत्नी उससे कह रही थी कि वह उसे नहीं रखेगी और बॉयफ्रेंड को जयमाला पहनाएगी.

    यूपी के झांसी में एक शख्स ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. उसने अपनी पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाया है. मौत से पहले का उसका वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड ने मुझे कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा. अब पत्नी कह रही है कि वह मुझे नहीं रखेगी और बॉयफ्रेंड के साथ जयमाला डालेगी. इसलिए मैंने जहर खा लिया. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया.

    मृतक का नाम जितेंद्र अहिरवार है. उसकी उम्र करीब 45 वर्ष है. वह झांसी में मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम पावई का रहने वाला था. उसके दो बेटे और एक बेटा है. बड़ा बेटा कपिल बोल नहीं पाता. छोटे बेटे आशीष और नीलम की शादी हो चुकी थी. करीब 3 साल पहले आशीष की मौत हो गई थी. इसके बाद जितेंद्र अपनी पत्नी, बेटा और बहू के साथ झांसी में पंचवटी कॉलोनी में किराए पर रहने लगा था. यहां जितेंद्र प्राइवेट काम करता था. गांव में लगभग ढाई बीघा खेती है. इसलिए कभी-कभार गांव भी आता-जाता रहता था.

    चचेरे भतीजे करण ने बताया कि उसके चाचा जितेंद्र अपने परिवार के साथ झांसी में रहते थे. यहां एक युवक का घर पर आना जाना था. इसलिए चाची से दोस्ती हो गई, जो जल्द ही प्यार में बदल गई. जब चाचा को इसका पता चला तो विवाद होने लगा. विवाद बढ़ने पर चाची और उनके प्रेमी ने चाचा को कमरे में बंद कर मारपीट की. इससे चाचा दुखी हो गए.

    बुधवार को चाचा गांव पावई आए और जहर खा लिया. तबीयत बिगड़ने पर हम लोग पहुंचे तो चाचा ने ही चाची के अफेयर और दुखी होकर जहर खाने की बात बताई. तब हम लोगों ने पुलिस को बुलाया. पुलिस के सामने चाचा ने वीडियो में बताया कि मेरी पत्नी का किसी युवक के साथ अफेयर है. वो हमारी बात नहीं मानती है. शराब पीकर मेरे साथ मारपीट की. तब घर आकर उसने आत्महत्या कर ली. प्रदीप का नाम लिया है.

    भतीजे करण ने कहा कि चाचा ने वीडियो में बताया था कि उनकी पत्नी का किसी से अफेयर था. विरोध करने पर मारपीट की गई. उन्होंने जहर कहां खाया, यह पता नहीं. जब वह गांव आए तब पता चला. उन्हें झांसी मेडिकल कालेज लाया गया, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

    जितेंद्र के मरने से पहले के दो वीडियो सामने आए. 20 सेकेंड के वीडियो में जितेंद्र जमीन पर पड़ा है और उल्टी कर रहा है. कह रहा है कि पत्नी का प्रदीप के साथ संबंध है. वह मुझसे कहती है कि तू मर जा, मैं प्रदीप के साथ जयमाला डालूंगी. टेंशन में हमने दवा पी है.

    वहीं दूसरा वीडियो 1.27 मिनट का है. इसमें जितेंद्र कहता है कि प्रदीप और पत्नी ने मुझे कमरे में बंद कर मारा है. कंधे में काटा है. वो कह रही थी कि मंदिर में हम जयमाला डलवाने जा रहे हैं. जब पत्नी ने कहा कि हम तुम्हें नहीं रखेंगे, प्रदीप के साथ जयमाला डालेंगे, तब मैंने जहर खा लिया.

    मोठ थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जितेंद्र का पत्नी से विवाद हो गया था. इस वजह से उसने जहर खा लिया. मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. झांसी में पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. अभी तक परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है. तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा. पूरे मामले की जांच की जा रही है.

    नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

  • पहले मुजफ्फरपुर, फिर पटना… नाबालिग को एक शहर से दूसरे शहर भेजा, सेक्स रैकेट की शॉकिंग स्टोरी

    पहले मुजफ्फरपुर, फिर पटना… नाबालिग को एक शहर से दूसरे शहर भेजा, सेक्स रैकेट की शॉकिंग स्टोरी

    पहले मुजफ्फरपुर, फिर पटना… नाबालिग को एक शहर से दूसरे शहर भेजा, सेक्स रैकेट की शॉकिंग स्टोरी

    ये कहानी बिहार के मुजफ्फरपुर की है. यहां एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया. पुलिस तलाश में पटना पहुंची और जांच की. इस दौरान पूरे सेक्स रैकेट का नेटवर्क सामने आ गया. पुलिस ने पटना से लड़की को बरामद कर लिया. जांच में सामने आया कि लड़की को पहले मुजफ्फरपुर लाया गया, फिर पटना भेज दिया गया. पुलिस ने एक अन्य लड़की को भी बरामद किया है.

    मुजफ्फरपुर में एक नाबालिग लड़की के अपहरण की जांच कर रही पुलिस को ऐसा सुराग मिला, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी. लड़की की तलाश में पुलिस मुजफ्फरपुर से पटना पहुंची और उसे बरामद कर लिया. तफ्तीश में सामने आया कि लड़की को एक शहर से दूसरे शहर भेजा गया और देह व्यापार में धकेले जाने की बात सामने आई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एक अन्य नाबालिग लड़की को भी बरामद किया गया है.

    मामला मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र का है. यहां लड़की के अपहरण को लेकर केस दर्ज किया गया था. पुलिस के मुताबिक, हरदिया में लगे मेले के दौरान एक व्यक्ति ने लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ लिया था. इसके बाद वह लड़की को मुजफ्फरपुर लेकर आया.

    बलड़की के गायब होने के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश मिश्रा के निर्देश पर टीम बनाई गई. इसमें कथैया थाना पुलिस को भी शामिल किया गया. टीम ने तलाश शुरू की और संभावित ठिकानों पर छापेमारी के साथ तकनीकी जांच भी शुरू की. जांच आगे बढ़ी तो लड़की के पटना में होने की जानकारी मिली. इसके बाद टीम पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र पहुंची. यहां पुलिस ने छापेमारी कर नाबालिग को बरामद कर लिया.

    पुलिस का कहना है कि लड़की से पूछताछ और जांच के दौरान कथित तौर पर सेक्स रैकेट से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई. शुरुआती जांच में आरोप है कि लड़की को मुजफ्फरपुर लाने के बाद देह व्यापार में धकेला गया और कुछ समय बाद उसे पटना भेज दिया गया. एसएसपी के मुताबिक, बरामद लड़की की हालत काफी खराब थी. उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया. मेडिकल जांच और जरूरी प्रक्रिया की जा रही है.

    पुलिस ने पटना में कार्रवाई के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें बिट्टू कुमार, शमिता कुमारी, सुजीत कुमार और मकान मालिक गिरिजा यादव शामिल हैं. इन आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की.

    यहां से अनीता कुमारी, आशीष कुमार और भूषण झा को गिरफ्तार किया गया. इस तरह इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और नाबालिगों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने में किस-किस की भूमिका थी. जांच के दौरान पुलिस को एक और नाबालिग लड़की के बारे में जानकारी मिली. छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया.

    पुलिस के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि अपहृत बच्ची के गांव की रहने वाली एक महिला और उसका पति कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. उनकी भूमिका की जांच की जा रही है. एसएसपी कांतेश मिश्रा के मुताबिक, पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालक की पहचान करने में जुटी है. इसके साथ ही गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस एक फरार मकान मालिक की तलाश भी कर रही है. जांच में सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी.

  • गर्लफ्रेंड ने बात करना: बंद कर दिया था… बॉयफ्रेंड को ब्रेकअप मंजूर नहीं था, गुस्से में चाकू से कर दिया अटैक

    गर्लफ्रेंड ने बात करना: बंद कर दिया था… बॉयफ्रेंड को ब्रेकअप मंजूर नहीं था, गुस्से में चाकू से कर दिया अटैक

    गर्लफ्रेंड ने बात करना: बंद कर दिया था… बॉयफ्रेंड को ब्रेकअप मंजूर नहीं था, गुस्से में चाकू से कर दिया अटैक

    मध्य प्रदेश के सतना में दिनदहाड़े एक स्कूटी सवार युवती पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया. हमले के पीछे की कहानी ये सामने आई है कि उसका एक लड़के से अफेयर था. लेकिन किसी वजह से ब्रेकअप हो गया था. इसी बात से लड़का नाराज था और उसी को लेकर उसने घटना को अंजाम दे दिया.

    मध्य प्रदेश के सतना में कलेक्ट्रेट गेट के पास दिनदहाड़े स्कूटी से जा रही एक युवती पर चाकू से हमला कर दिया गया. हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी और युवती के बीच पहले प्रेम संबंध थे. युवती ने उससे बातचीत बंद कर दी थी, इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने उस पर हमला किया.

    घटना 24 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे की है. सतना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में कलेक्ट्रेट गेट के सामने अचानक एक स्कूटी सवार युवती पर चाकू से हमला कर दिया गया. पीड़ित युवती के मुताबिक, वह स्कूटी से जा रही थी. तभी पीछे से एक युवक आया और उस पर चाकू से हमला कर दिया.

    हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. पीड़िता ने कहा कि उसे शुरुआत में समझ नहीं आया कि हमला किसने किया. उसके मुताबिक, आरोपी पीछे से आया था और हमला करने के बाद भाग गया. घटना के बाद दो पुलिसकर्मी मौके पर मिले और आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई शुरू हुई.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान सागर उर्फ सूरज जाटव के रूप में हुई है. सीएसपी सतना मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी और युवती के बीच करीब दो साल से बातचीत थी और दोनों के बीच पुराने प्रेम संबंध थे. पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले युवती ने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी. इसी को लेकर आरोपी नाराज था. 24 सितंबर की सुबह उसने गंवारी तिराहे के आगे युवती पर चाकू से हमला कर दिया. हमले के बाद युवती को तत्काल अस्पताल भेजा गया. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उसकी हालत खतरे से बाहर है.

    दिनदहाड़े हुई चाकूबाजी की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस एक्टिव हो गई. पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए तत्काल टीमें लगाईं और इलाके में घेराबंदी शुरू की. पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे के भीतर आरोपी को टिकुरिया टोला से गिरफ्तार कर लिया गया.

    पूछताछ के दौरान पुलिस का कहना है कि आरोपी ने युवती के साथ पुराने संबंध होने की बात बताई और हमले की बात स्वीकार की. सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

    हमले के बाद घायल पीड़िता ने कहा कि वह जा रही थी और उसे पता नहीं चला कि पीछे से कौन आया. उसके मुताबिक, आरोपी ने पीछे से हमला किया और फिर मौके से भाग गया. घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी की तलाश शुरू की. पुलिस ने जल्द ही उसे पकड़ लिया.

  • साली की शादी में शामिल: होने पहुंचा था युवक, धारदार हथियार से रेत दिया पत्नी का गला, फिर खुद को भी किया घायल

    साली की शादी में शामिल: होने पहुंचा था युवक, धारदार हथियार से रेत दिया पत्नी का गला, फिर खुद को भी किया घायल

    साली की शादी में शामिल: होने पहुंचा था युवक, धारदार हथियार से रेत दिया पत्नी का गला, फिर खुद को भी किया घायल

    सहारनपुर में साली की शादी में शामिल होने मायके आए युवक का उसकी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि पति ने धारदार हथियार से पत्नी के गले पर हमला कर दिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद युवक ने भी खुद को घायल कर लिया.

    सहारनपुर के नानौता में साली की शादी में शामिल होने मायके आए दंपति के बीच ऐसा विवाद हुआ कि कुछ ही देर में घर में चीख-पुकार मच गई. आरोप है कि पति इरफान ने अपनी पत्नी गजाला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. गजाला गंभीर रूप से घायल हो गई. परिजन उसे लेकर सीएचसी नानौता पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद इरफान ने भी खुद को घायल कर लिया. उसकी हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

    मामला नानौता थाना क्षेत्र के मोहल्ला चामंजिली का है. करीब 30 साल की गजाला की शादी 14 साल पहले कैराना निवासी इरफान से हुई थी. परिजनों के मुताबिक, शादी के इतने साल बाद भी दोनों की कोई संतान नहीं थी. इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच पहले भी विवाद होते रहते थे. हालांकि गुरुवार को दोनों के बीच विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ, इसकी वजह अभी पूरी तरह साफ नहीं है.

    गजाला की बहन की शादी 21 सितंबर को हुई थी. इसी शादी में शामिल होने के लिए इरफान भी अपनी पत्नी के साथ आया था. घर में कुछ दिन पहले तक शादी की खुशियां थीं. रिश्तेदार जुटे हुए थे और माहौल उत्सव का था. लेकिन गुरुवार शाम अचानक वही घर चीख-पुकार से भर गया.

    गुरुवार को गजाला अपने भाई सुहेल के पंजाब जाने की तैयारी कर रही थी. वह उसके कपड़े बैग में रख रही थी. इसी दौरान इरफान भी घर के ऊपरी कमरे में पहुंच गया. कमरे में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. परिजनों के मुताबिक, कुछ देर में विवाद बढ़ गया और इरफान ने गजाला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.

    गजाला की चीख सुनकर नीचे मौजूद परिजन दौड़कर ऊपर पहुंचे. तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी. इसके बाद इरफान ने कथित तौर पर खुद को भी घायल कर लिया. परिजन दोनों को लेकर सीएचसी नानौता पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने गजाला को मृत घोषित कर दिया. इरफान की हालत गंभीर होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

    घटना की खबर मिलते ही गजाला के मायके में कोहराम मच गया. मां संजीदा, पिता इस्लाम और भाई सुहेल और शोएब का रो-रोकर बुरा हाल है. जिस घर में कुछ दिन पहले बेटी की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अचानक मातम पसर गया. रिश्तेदार और परिवार के लोग गजाला की मौत से सदमे में हैं. घटना की सूचना मिलते ही नानौता थाना प्रभारी विकास चारण पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

    पुलिस बोली- रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

    सीओ गंगोह शैलेन्द्र प्रताप गौतम ने बताया कि नानौता थाना क्षेत्र में इरफान नाम का व्यक्ति अपनी ससुराल आया हुआ था. पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपनी पत्नी गजाला के गले पर धारदार हथियार से हमला किया. महिला की अस्पताल में मौत हो गई. आरोपी ने अपने गले पर भी चोट पहुंचाई है और उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया है. मामले में रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. विवाद की असली वजह क्या थी, हमला किस परिस्थिति में हुआ और घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे.

  • गोंडा में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी में विवाद, 6 साल की बेटी की मौत; शराब के नशे में मारपीट का आरोप.

    गोंडा में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी में विवाद, 6 साल की बेटी की मौत; शराब के नशे में मारपीट का आरोप.

    गोंडा में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी में विवाद, 6 साल की बेटी की मौत; शराब के नशे में मारपीट का आरोप.

    उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद बेहद दुखद घटना में बदल गया। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के हटही गांव में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि उस समय पति शराब के नशे में था और विवाद बढ़ने के बाद दोनों के बीच मारपीट हुई। इसी दौरान उनकी 6 साल की बेटी भी चोटिल हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

    चिकन लेकर घर पहुंचा था पति

    जानकारी के मुताबिक, हटही गांव निवासी करीब 35 वर्षीय प्रमोद गौतम 24 सितंबर की देर शाम शराब के नशे में घर पहुंचा था। वह अपने साथ चिकन लेकर आया था। घर में चिकन बनाने को लेकर उसकी पत्नी लक्ष्मी से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट होने लगी।

    परिजनों के अनुसार, इसी दौरान उनकी 6 साल की बेटी भी किसी तरह चोटिल हो गई। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन बच्ची को तत्काल करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने पिता को हिरासत में लिया

    बच्ची की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्ची के पिता प्रमोद गौतम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट की बात सामने आई है। हालांकि, बच्ची की मौत ठीक किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी जांच जारी है।

    बच्ची के शरीर पर नहीं मिले स्पष्ट चोट के निशान

    मामले में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बच्ची के शरीर पर फिलहाल स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। घटनास्थल पर भी खून के निशान नहीं पाए गए। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।

    गोंडा के एएसपी नितेश सिंह के अनुसार, हटही गांव में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। पति के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। विवाद के दौरान मारपीट हुई और इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगी मौत की वजह

    फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्ची को चोट कैसे लगी और उसकी मौत का वास्तविक कारण क्या था। क्या मारपीट के दौरान लगी चोट से उसकी मौत हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    पुलिस ने पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

  • ‘बैंड बजा दूंगा…’, मर्डर के आरोपी ने महिला को किया इंस्टाग्राम पर मैसेज, हाई कोर्ट ने जमानत रद्द कर फिर भेजा जेल..

    ‘बैंड बजा दूंगा…’, मर्डर के आरोपी ने महिला को किया इंस्टाग्राम पर मैसेज, हाई कोर्ट ने जमानत रद्द कर फिर भेजा जेल..

    ‘बैंड बजा दूंगा…’, मर्डर के आरोपी ने महिला को किया इंस्टाग्राम पर मैसेज, हाई कोर्ट ने जमानत रद्द कर फिर भेजा जेल..

    पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मर्डर के एक आरोपी की बेल कैंसिल की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया कि इस आरोपी ने बेल पर जेल से बाहर आने के बाद कथित रूप से शिकायकर्ता और उसके परिवार को धमकाया। मर्डर के आरोपी पर आरोप है कि उसने इंटाग्राम और फेसबुक के जरिए शिकायकर्ता और उसके परिवार से को धमकाते हुए कहा, “बैंड बजा दूंगा इसके चक्कर में सबकी।”

    सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि आरोपी ने बेल पर जेल से बाहर आने के तुरंत बाद शिकायतकर्ता और उसके परिवार को धमकाना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं, आरोपी ने सोशल मीडिया पर शिकायकर्ता की बहन की तस्वीर भी अपलोड की थी। हाईकोर्ट ने माना कि शिकायतकर्ता पक्ष को धमकाकर आरोपी ने अपने जमानत आदेश की “सबसे जरूरी शर्त” का उल्लंघन किया है।

    द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस विक्रम अग्रवाल एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें हत्या के मामले में 28 जनवरी को एक दूसरी बेंच द्वारा आरोपी को दी गई जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपी से बातचीत भी की और पाया कि उसका व्यवहार “असामान्य” था और वह “ठीक से बात नहीं कर पा रहा था”। हाई कोर्ट ने जेल अधिकारियों या संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर उसकी मानसिक स्थिति की जांच करवाई जाए।

    क्या है मामला?

    आरोपी श्याम लाल नाम के व्यक्ति के कथित मर्डर मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। श्याम लाल (23 जून 2023 को) शिकायकर्ता के चचेरा भाई के नौकर थे। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, जब यह घटना हुई, उस समय शिकायतकर्ता खुद मौके पर मौजूद था और इस दौरान वह घायल हो गया।

    द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को 28 जनवरी को एक अदालत (समकक्ष पीठ) द्वारा नियमित जमानत दे दी गई थी। यह जमानत कुछ शर्तों पर मिली थी, जिसमें यह भी शामिल था कि वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को कोई लालच, धमकी या वादा नहीं देगा, ताकि उन्हें अदालत या किसी अन्य अधिकारी के सामने सच बताने से न रोका जा सके।

    शिकायतकर्ता ने दावा किया कि आरोपी ने बेल पर बाहर आते ही उसे और उसके पिता को उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर धमकाने वाले मैसेज मिलने लगे। उन्हें फेसबुक पर भी ऐसे ही मैसेज मिले। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इन मैसेजों में आरोपी ने कथित तौर पर उसकी बहन के लिए अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस मैसेज में एक मैसेज यह भी था, “इसके चक्कर में मैं सबकी बैंड बजा दूंगा।”

    शिकायतकर्ता के भाई को भी धमकी दी

    आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के भाई को भी धमकी दी थी। उसने कहा था कि अगर वह ट्रायल कोर्ट में उसके खिलाफ गवाही देने आया, तो वह उसकी बहन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल देगा। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की दूसरी बहन को भी आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे। शिकायतकर्ता ने 4 मार्च को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 17 मार्च को एक और FIR दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। वह हिरासत में ही रहा।

    शिकायतकर्ता के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता और उसके परिवार को सीधे धमकी देने के कारण जमानत रद्द की जानी चाहिए। आरोपी की ओर से पेश हुए वकील समय संधावालिया ने दलील दी कि सिर्फ इस एक घटना के आधार पर जमानत रद्द नहीं की जानी चाहिए।

    कोर्ट ने कहा- जमानत रद्द करना एक कड़ा कदम

    कोर्ट ने कहा कि जमानत रद्द करना एक “कड़ा कदम” है और ऐसा आसानी से नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि जमानत रद्द करने से जुड़े कानून पहले से ही अच्छी तरह तय हैं।

    कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता पक्ष को धमकाकर जमानत देने वाले आदेश की सबसे जरूरी शर्त का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा कि उसे जमानत पर रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती क्योंकि अगर ऐसा किया गया, तो “कोई भी अनहोनी घटना हो सकती है”।

  • सिर्फ एक छात्रा फिर भी: 5 km पैदल चलकर रोज पढ़ाने पहुंचते हैं 55 साल के शिक्षक. जंगल में तेंदुए-बायसन का डर, फिर भी नहीं रुके कदम

    सिर्फ एक छात्रा फिर भी: 5 km पैदल चलकर रोज पढ़ाने पहुंचते हैं 55 साल के शिक्षक. जंगल में तेंदुए-बायसन का डर, फिर भी नहीं रुके कदम

    सिर्फ एक छात्रा फिर भी: 5 km पैदल चलकर रोज पढ़ाने पहुंचते हैं 55 साल के शिक्षक. जंगल में तेंदुए-बायसन का डर, फिर भी नहीं रुके कदम

    55 साल के शिक्षक जीवन मिठारी रोज करीब 5 किलोमीटर का जंगल का रास्ता पैदल तय करते हैं. रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा रहता है, लेकिन शिक्षक अपने फर्ज से पीछे नहीं हटते. उनकी मेहनत देखकर छात्रा स्वरा बोडके भी आगे चलकर डॉक्टर बनने का सपना देख रही है.

    मिशन एजुकेशन की अनोखी कहानी महाराष्ट्र के कोल्हापुर से सामने आई है. यहां एक सरकारी स्कूल में अब सिर्फ एक छात्रा पढ़ती है. इस बच्ची की पढ़ाई न रुके, इसके लिए 55 साल के शिक्षक जीवन मिठारी रोज करीब 5 किलोमीटर का जंगल का रास्ता पैदल तय करते हैं. रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा रहता है, लेकिन शिक्षक अपने फर्ज से पीछे नहीं हटते. उनकी मेहनत देखकर छात्रा स्वरा बोडके भी आगे चलकर डॉक्टर

    बनने का सपना देख रही है.1974 में शुरू हुआ था स्कूल कोल्हापुर जिले की गगनबावडा तहसील के धनगरवाडा गांव में जिला परिषद प्राथमिक विद्या मंदिर स्कूल साल 1974 में शुरू हुआ था. कभी इस स्कूल में 50 से 70 बच्चे पढ़ते थे. साल 2001 से 2024 के बीच भी यहां 15 से 20 छात्र-छात्राएं पढ़ते रहे, लेकिन अब स्कूल में सिर्फ एक छात्रा स्वरा बोडके रह गई है. गांव में सुविधाओं की कमी और रोजगार के लिए कई परिवार शहरों की ओर चले गए. अब यहां सिर्फ 2-3 परिवार ही रहते हैं. इसके बावजूद स्कूल को बंद नहीं किया गया है, ताकि स्वरा की पढ़ाई जारी रह सके.रोज 50 किमी फसर स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक जीवन मिठारी, कोल्हापुर से रोज करीब 50 किलोमीटर की यात्रा करके पहुंचते हैं.

    मोटर मार्ग से स्कूल करीब 2.5 किलोमीटर दूर है. इसके बाद उन्हें घने जंगल और पहाड़ी रास्ते से करीब 2.5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. आने-जाने में उनका रोज करीब 5 किलोमीटर पैदल सफर होता है.रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा इस जंगल के रास्ते में गवे यानी बायसन और तेंदुए जैसे जंगली जानवर दिखाई दे सकते हैं. वन विभाग ने यहां ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं. शिक्षक को सलाह दी गई है कि जंगल के रास्ते में कहीं रुकें या बैठें नहीं. जीवन मिठारी कहते हैं, ‘मुझे भी डर लगता है, लेकिन अब आदत हो गई है.’ रोज की यह पैदल यात्रा अब उनकी दिनचर्या और व्यायाम का हिस्सा बन चुकी है.छोटी छात्रा का बड़ा सपना गांव के सरपंच धुंदवडे के मुताबिक, स्कूल तक रास्ता, बिजली और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है.

    पास का स्कूल धुंदवडे में है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए रोज 11 किलोमीटर का जंगल वाला सफर करना मुश्किल है. जीवन मिठारी पहले कोल्हापुर जिला प्राथमिक शिक्षक सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी स्वीकार की. मई 2029 में उनकी सेवानिवृत्ति होनी है. फिलहाल उनकी मेहनत से स्वरा की पढ़ाई जारी है और वह डॉक्टर बनने का सपना देख रही है.