शिवम मिश्रा,रायपुर।
भाई की संदिग्ध मौत का राज बताने का दावा कर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। रायपुर के तांत्रिक नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ खम्हारडीह थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, गाजियाबाद निवासी डॉक्टर त्रृषभ चौबे के भाई की इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। भाई की मौत के पीछे की सच्चाई जानने की चाह में डॉक्टर ने तांत्रिक नरेंद्र नयन शास्त्री से संपर्क किया। आरोप है कि तांत्रिक ने विशेष पूजा और तांत्रिक क्रियाओं के जरिए मौत का रहस्य बताने का झांसा देकर डॉक्टर से करीब 40 लाख रुपये की ठगी कर ली। जिस आरोपी को पुलिस एफआईआर में फरार बताया जा रहा है, वो आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री अभी जेल में बंद हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने नकदी के साथ एक XUV वाहन भी अपने कब्जे में ले लिया। जब लंबे समय तक कोई परिणाम नहीं मिला और पीड़ित को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ तो उसने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं आरोपी ने तंत्र-मंत्र, चमत्कार और विशेष साधना का झांसा देकर अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार तो नहीं बनाया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जौनपुर जिले में मड़ियाहूं क्षेत्र में रानीपुर तिराहे के पास रविवार की सुबह पुलिस ने सड़क के किनारे झाड़ी में एक महिला का कई टुकड़ों में कटा शव बरामद किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में एक अभियुक्त को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से अभियुक्त घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि पांच जुलाई को मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के रानीपुर बाईपास (भदोही मुख्य मार्ग) के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का कई टुकड़ों में कटा शव बरामद किया गया था।
पुलिस मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने रामनगर विकास खंड कार्यालय के गेट की तरफ आ रहे एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलायीं। सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलायी जो बदमाश के दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार करके अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गये अभियुक्त हेमल खखरिया के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किया गया।
मोबाइल चैट को लेकर विवाद, सो रही महिला की कर दी हत्या सिंह के मुताबिक खखरिया ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह चार जुलाई को मृतक रेशमा खां उर्फ सना को बाबतपुर (वाराणसी) से मड़ियाहूं की टीचर्स कॉलोनी स्थित अपने किराये के कमरे में लाया था मगर इसी दौरान वहां मोबाइल चैट देखने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था जिससे नाराज होकर उसने सो रही सना का गला चाकू से काटकर उसकी हत्या कर दी।
गड़ासे से शव के किए टुकड़े, अलग-अलग जगह फेंके अंग उन्होंने बताया कि बाद में अभियुक्त ने बाजार से काली पॉलिथीन खरीदी और गड़ासे से सना के दोनों हाथ व पैर काटकर शव को तीन हिस्सों में बांटने के बाद धड़ को रानीपुर बाईपास पर और पैर व अन्य अंगों को रामनगर ब्लॉक मोड़ के पास पुलिया के आगे फेंक दिया था। सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा धड़ बरामद कर शिनाख्त किये जाने की भनक लगते ही वह बचे हुए अंगों को छुपाने की फिराक में था तभी पुलिस से मुठभेड़ में वह पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि खखरिया के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और महिला का एक कटा हुआ अंग भी बरामद हुआ है।गर्लफ्रेंड की चैट बनी कत्ल की वजह! गला रेतकर की हत्या, फिर शव के किए कई टुकड़े; जौनपुर की वारदात से दहशत
जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित राज ज्वेलर्स में बीते 1 जुलाई को हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि तीसरा आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने ‘आंखें’ फिल्म की कहानी से प्रेरित होकर लूट की साजिश रची थी। तीनों की दोस्ती पहले जेल में हुई थी, जहां उन्होंने वारदात की योजना बनाई।
ग्राहक बनकर पहुंचे, महिला का भी बनाया भेष
पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन दोपहर करीब 1 बजे दुकान संचालक राजकुमार अग्रवाल दुकान में अकेले मौजूद थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग ग्राहक बनकर दुकान पहुंचे। तीनों ने गमछे से अपना चेहरा ढक रखा था, जबकि एक आरोपी महिला के भेष में था।
आरोपियों ने चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया और मौका मिलते ही दुकान का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद एक आरोपी ने देशी कट्टा तान दिया, जबकि दूसरे ने दुकानदार की आंखों में मिर्च पाउडर डालने की कोशिश की।
हालांकि, दुकान के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी तो आरोपी घबरा गए और देशी कट्टा तथा चोरी की मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर के जंगलों से लगे इलाकों में लगातार दबिश दी गई।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह गोंड (38 वर्ष), निवासी घुचापुर, थाना पसान और परदेशी राठिया (40 वर्ष), निवासी जिलगा बरपाली, थाना श्यांग के रूप में हुई है। वहीं विष्णु प्रसाद राठिया, निवासी कोलगा, थाना करतला अभी फरार है।
जेल में हुई दोस्ती, फिल्म देखकर बनाया प्लान
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि तीनों पहले हत्या, दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं। जेल में ही उनकी दोस्ती हुई और वहीं उन्होंने फिल्म ‘आंखें’ की कहानी से प्रेरणा लेकर ज्वेलरी शॉप में लूट की योजना बनाई। वारदात को अंजाम देने के लिए चोरी की मोटरसाइकिल और देशी कट्टे का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर और सीएसपी विमल पाठक के मार्गदर्शन में किया गया। कार्रवाई में कटघोरा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम शामिल रही।
इस अभियान में थाना प्रभारी मोतीलाल पटेल, निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी, साइबर उपनिरीक्षक अजय सोनवानी सहित कटघोरा पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शाहजहांपुर जिले में अपनी सौतेली बेटी से दुराचार करने के आरोपी एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गयी। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया।
पुलिस ने आरोपों से किया इंकार वहीं पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि आरोपी की अचानक तबीयत बिगड़ी थी और उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने सोमवार को बताया कि इस मामले में एक जांच टीम गठित की गई है जो पूरे मामले की जांच कर रही है और इस मामले में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बेटी को ससुराल में रहने नहीं दे रहा था आरोपी पिता दीक्षित ने बताया कि सिधौली क्षेत्र की रहने वाली 17 वर्षीय एक लड़की ने रविवार शाम को थाने में दी गयी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसका सौतेला पिता प्रदीप (36) पिछले तीन साल से उसके साथ दुराचार कर रहा है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार लड़की ने बताया कि इसी साल अप्रैल में उसकी शादी हो गई, जिसके बाद से सौतेला पिता उसे ससुराल में रहने नहीं दे रहा है। दीक्षित ने बताया कि शिकायत के बाद रविवार शाम को आरोपी को पूछताछ के लिए थाने लाया गया लेकिन रात में सांस लेने में दिक्कत की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया मगर वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉक्टर जफर सैफी ने बताया कि पुलिस रात में प्रदीप को लेकर आई थी। उन्होंने बताया कि वह उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) का मरीज था और जब उसे स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था तब उसका रक्तचाप काफी बढ़ा था और वह बेहोशी की हालत में था। सैफी ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद ऑक्सीजन लगाकर उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।
जम्मू: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए खौफनाक आतंकी नरसंहार के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को एक बहुत बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। एनआईए ने पाकिस्तान में छिपकर बैठे वैश्विक आतंकवादी और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ अदालत में सप्लीमेंट्री (पूरक) चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने साफ किया है कि इस पूरे खूनी खेल का असली मास्टरमाइंड हाफिज सईद ही था, जिसने सीमा पार पाकिस्तान से इस बड़े हमले की साजिश रची थी।
याद दिला दें कि पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में छुट्टियों का लुत्फ उठा रहे बेगुनाह लोगों पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
हाफिज सईद पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और UAPA के तहत गंभीर धाराएं
जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में दाखिल की गई इस पूरक चार्जशीट में आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने हाफिज सईद पर चौतरफा शिकंजा कसा है। उस पर व्यक्तिगत रूप से और साथ ही प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व उसके मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) के आका के रूप में गंभीर आरोप तय किए गए हैं।
एनआईए के मुताबिक, हाफिज सईद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), 1967 की कई बेहद सख्त धाराएं लगाई गई हैं। चार्जशीट में उस पर मुख्य रूप से भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और विदेशी धरती से कश्मीर में आतंक फैलाने का आरोपी बनाया गया है।
डिजिटल और वैज्ञानिक सबूतों से सजी 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार
एनआईए ने मीडिया को बताया कि यह नई सप्लीमेंट्री चार्जशीट पहले दाखिल की जा चुकी 1,597 पन्नों की मुख्य चार्जशीट का ही एक अहम हिस्सा है। इस चार्जशीट में पाकिस्तान की गहरी साजिश, हमले में हाफिज सईद की सीधी संलिप्तता और एनआईए की ग्राउंड व वैज्ञानिक जांच से जुटाए गए ऐसे पुख्ता डिजिटल सबूत शामिल किए गए हैं, जिन्हें अदालत में झुठलाया नहीं जा सकता। जांच एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई पाकिस्तान के नापाक चेहरे को बेनकाब करने के लिए उसकी पिछली जांच को और ज्यादा मजबूत करती है।
ऑपरेशन महादेव में ढेर हो चुके हैं हमले में शामिल तीन दुर्दांत आतंकी
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2025 में एनआईए ने पाकिस्तान में बैठे एक और हैंडलर साजिद जट्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके साथ ही उन तीन स्थानीय आतंकियों को भी मुख्य चार्जशीट में नामजद किया गया था, जिन्हें भारतीय सुरक्षाबलों ने जुलाई 2025 में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया था। मामले में दो अन्य मददगार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
एजेंसी ने लश्कर और टीआरएफ (TRF) को कानूनी संस्थाओं के रूप में आरोपी बनाते हुए स्पष्ट किया है कि इन्हीं संगठनों ने मिलकर पहलगाम हमले के लिए फंड मुहैया कराया, रेकी की और पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया। मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए एनआईए की तफ्तीश अभी भी जारी है।
फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर का नाम देशभर में चर्चित रहा है, लेकिन अब इसी वासेपुर से जुड़े एक सनसनीखेज मामले ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर को भी सुर्खियों में ला दिया है। झारखंड में दो महिलाओं की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका एक फरार आरोपी पिछले करीब 13 वर्षों से अंबिकापुर में पहचान बदलकर रह रहा था। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक वह स्थानीय स्तर पर सामान्य जीवन जीता रहा और उसकी मौजूदगी की भनक पुलिस को भी नहीं लग सकी।
वासेपुर डबल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा
जानकारी के अनुसार, साबीर आलम पर झारखंड के धनबाद स्थित वासेपुर में 18 अक्टूबर 2001 को कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर वासेपुर के चर्चित शख्स फहीम खान की मां और मौसी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। मामले की सुनवाई के बाद झारखंड की अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश भी जारी किए थे।
सजा के बाद आरोपी झारखंड से फरार हो गया। आरोप है कि वह वर्ष 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपारा क्षेत्र में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। इस दौरान वह बस संचालन और सिलाई की दुकान की आड़ में सामान्य जीवन व्यतीत करता रहा। बताया जा रहा है कि उसने स्थानीय लोगों के बीच अपनी नई पहचान बना ली थी।
आश्रय देने के आरोप में बस संचालक पर भी कार्रवाई
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को अंबिकापुर में छिपकर रहने में राजहंस बस के संचालक वैदुल खान, निवासी मोमिनपारा, की अहम भूमिका रही। आरोप है कि वैदुल खान ने आरोपी को अपने यहां आश्रय दिलाया और उसकी पहचान छिपाने में मदद की। इस मामले में पुलिस ने वैदुल खान और अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झारखंड पुलिस पहुंची, लेकिन आरोपी फिर चकमा देकर भाग निकला
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड पुलिस को सूचना मिली थी कि उम्रकैद का सजायाफ्ता आरोपी अंबिकापुर में रह रहा है। इसी सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए अंबिकापुर पहुंची। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी के फरार होने के बाद ही झारखंड पुलिस ने सिटी कोतवाली अंबिकापुर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस भी मामले में सक्रिय हुई।
कई सवाल खड़े कर रहा मामला
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आजीवन कारावास की सजा पा चुका और भगोड़ा घोषित आरोपी आखिर 13 वर्षों तक अंबिकापुर में कैसे रह रहा था? यदि आरोपी लंबे समय से शहर में मौजूद था तो उसकी जानकारी स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों को क्यों नहीं मिल सकी?
साथ ही यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि झारखंड पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना क्यों की। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल, झारखंड और सरगुजा पुलिस संयुक्त रूप से फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं आरोपी को संरक्षण देने के आरोपों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र में महिला की हत्या कर शव को टुकड़े कर फेंकने वाले आरोपी को पुलिस ने वारदात के 14 घंटे के अंदर ही एक सशस्त्र मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया कि….
Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र में महिला की हत्या कर शव को टुकड़े कर फेंकने वाले आरोपी को पुलिस ने वारदात के 14 घंटे के अंदर ही एक सशस्त्र मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया कि थाना मड़ियाहूं पुलिस टीम ने रविवार को महिला की हत्या कर शव को टुकड़ों में फेंकने वाले शातिर अभियुक्त को घटना के मात्र 14 घंटे के भीतर एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से अभियुक्त घायल हुआ है। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई को थाना मड़ियाहूं क्षेत्र के रानीपुर बाईपास (भदोही मुख्य मार्ग) के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था।
प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम शव की शिनाख्त और वांछित अभियुक्तों की सुरागकसी में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि घटना से जुड़ा संदिग्ध व्यक्ति रामनगर ब्लॉक गेट की तरफ आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर जब उसे रोकने का प्रयास किया गया, तो आरोपी तेजी से रामनगर गांव की सड़क की तरफ भागा। पुलिस बल ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने नदी की तरफ भागते हुए पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने घेराबंदी कर रविवार की रात समय करीब 11.50 बजे हिरासत में ले लिया। अभियुक्त के कब्जे से अवैध पिस्टल व कारतुस बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त को उपचार हेतु चिकित्सालय भेजा गया।
सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त हेमल खखरिया उर्फ दिलीप (42) मूलत: भावनगर, गुजरात का निवासी है जो यहां टीचर्स कॉलोनी, कस्बा व थाना मड़ियाहूं में निवास कर रहा है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह 4 जुलाई को मृतका रेशमा खां उर्फ सना को बाबतपुर (वाराणसी) से अपने किराए के कमरे (टीचर्स कॉलोनी, मड़ियाहूं) लेकर आया था। वहां मोबाइल चैट देखने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्साए अभियुक्त ने सना के सोते समय चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। घनी आबादी के बीच शव को ठिकाने लगाने के डर से अभियुक्त ने बाजार से काली पॉलिथीन खरीदी और गड़ासे से मृतका के दोनों हाथ व पैर काटकर शव को तीन हिस्सों में बांट दिया। धड़ को उसने रानीपुर बाईपास पर और पैर व अन्य अंगों को रामनगर ब्लॉक मोड़ के पास पुलिया के आगे फेंक दिया था। पुलिस द्वारा धड़ बरामद कर शिनाख्त करने की भनक लगते ही वह बचे हुए अंगों को छिपाने भाग रहा था, तभी पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया।
पंजाब के अमृतसर देहात पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना घरिंडा क्षेत्र से करीब 11 किलो 960 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह खेप पाकिस्तान की ओर से सीमा पार भेजी गई थी।
अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवल प्रीत सिंह चाहल ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान हेरोइन की बड़ी खेप बरामद हुई।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद हेरोइन किसके लिए भेजी गई थी, इसे कौन रिसीव करने वाला था और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जानी थी। साथ ही पूरे तस्करी नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में नशा तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
प्रतापगढ़ में शुरू हुई एक प्रेम कहानी हमीरपुर तक पहुंच गई. देर रात पत्नी के साथ-साथ पुलिस तक को मौके पर पहुंचना पड़ा. एक महिला पुलिसकर्मी अपने साथ रह रहे सिपाही को मकान मालिक और आसपास के लोगों के सामने अपना पति बताती थी. दोनों किराए के मकान में साथ रह रहे थे लेकिन एक रात अचानक वहां सिपाही की असली पत्नी पहुंच गई और फिर जमकर हंगामा हो गया.
बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात प्रतापगढ़ में तैनाती के दौरान हुई थी. वहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध शुरू हो गया. सिपाही पहले से शादीशुदा है और उसकी तीन महीने की एक बेटी भी है. दूसरी ओर, महिला पुलिसकर्मी की भी दो शादियां हो चुकी हैं. उसके एक पति की मौत हो चुकी है जबकि दूसरे पति से तलाक का मामला चल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मी पर एक युवक द्वारा दर्ज कराया गया शारीरिक शोषण का मामला भी अदालत में विचाराधीन है.
परिजनों ने लगाए आरोप
परिजनों का आरोप है कि जब प्रतापगढ़ में दोनों के रिश्ते की जानकारी पुलिस अधिकारियों को हुई थी, तब सिपाही को निलंबित कर दिया गया था और महिला पुलिसकर्मी को चेतावनी दी गई थी. बाद में महिला पुलिसकर्मी का तबादला हमीरपुर कर दिया गया. हमीरपुर पहुंचने के बाद महिला पुलिसकर्मी ने शहर के एक मोहल्ले में किराए का मकान लिया. आरोप है कि उसने वहां सिपाही को अपना पति बताकर साथ रखना शुरू कर दिया. सिपाही की पत्नी को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने अपने परिजनों के साथ दोनों का पता लगाया.
सिपाही पति का पत्नी घर पर इंतज़ार करती थी लेकिन वह तो महिला कांस्टेबल के साथ उसके कमरे पर मच्छरदानी लगा कर ड्यूटी करता था.
महिला अपने सगे संबंधी और पुलिस लेकर महिला कांस्टेबल के कमरे पर पहुंच गयी, सिपाही पति को महिला कांस्टेबल के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया.
गर्लफ्रेंड संग बंद कमरे में मिला सिपाही
3 जुलाई की देर रात, पत्नी अपने परिवार और पुलिस के साथ किराए के मकान पर पहुंची, तो वहां सिपाही और महिला पुलिसकर्मी आपत्तिजनक हालत में मिले. यह देखते ही पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने मौके पर ही अपने पति की पिटाई शुरू कर दी. घर के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को कोतवाली ले जाया गया. इसके बाद काफी देर तक बातचीत चलती रही.
पत्नी ने नहीं दर्ज कराई लिखित शिकायत
हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है लेकिन अभी तक सिपाही की पत्नी की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. इसके कारण इस मामले में फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. वहीं सिपाही की पत्नी ने महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
शादी के बाद प्रेमी-प्रेमिका के बीच दूरियां आ गईं थी जिसके लिए प्रेमिका ने पत्नी को जिम्मेदार ठहराया और प्रेमी को उसकी पत्नी के खिलाफ भड़काते हुए उसकी हत्या की साजिश रच डाली. पुलिस ने केस में कई बड़े खुलासे किए हैं और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
13 साल बड़ी गर्लफ्रेंड के प्यार में अंधा हुआ पति! नई नवेली पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर लाश छिपाकर रच डाली बेहद घिनौनी साजिश!
हरियाणा के गुरुग्राम में सालों से चल रहे अवैध संबंध, शादी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है जहां आरोपी युवक ने शादी के बाद अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन में रहने के लिए अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी. मंसूबे छिपाने के लिए मृतक पत्नी पर चोरी के आरोप मढ़े और फरार हो गए. मानेसर के इस चर्चित हत्याकांड ने पुलिस ने बड़े खुलासे किए हैं. दोनों को पति और प्रेमिका को गिरफ्त में ले लिया. मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है.
शादी के पहले से चल रहा था लिव-इन
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्षीय अंकित मानेसर में तंबाकू की दुकान चलाता था. इसी दौरान 3 साल पहले वो ब्यूटीपार्लर चलाने वाली रजनी से मिला था जो उससे 13 साल बड़ी थी. रजनी अक्सर अंकित की दुकान के आगे से गुजरती थी. दोनों की मुलाकात हुआ, नजदीकियां बढ़ीं, बातचीत होने लगी और मामला लिव-इन तक जा पहुंचा. दोनों परिवार के नजरों के दूर एक साथ मानेसर में जिंदगी बिता रहे थे. दोनों शादी भी करना चाहते थे लेकिन पहले ही अंकित के परिजनों ने उसकी शादी तय कर दी.
शादी बाद बढ़ने लगीं थी दूरियां
13 फरवरी 2026 को अंकित की शादी मधु के साथ करा दी गई थी जिसके बाद अंकित पत्नी मधु के साथ समय बिताने लगा, जिसके चलते अंकित और रजनी के बीच दूरियां बढ़ने लगी. पति-पत्नी एक साथ समय बिता रहे थे जो रजनी को पसंद नहीं आया और वो अंकित तो मधु के खिलाफ भड़काने लगी. पुलिस की जांच-पड़ताल से सामने आया कि रजनी ने प्रेमी अंकित को कई बार मधु को तलाक देने के लिए खुले तौर पर दबाव दिया था लेकिन अंकित बिना किसी ठोस कारण के शादी नहीं तोड़ना चाहता था जिसके बाद अंकित और प्रेमिका रजनी ने मिलकर पत्नी मधु की हत्या की साजिश रच डाली.
गोली मारकर हत्या, घरवालों को गुमराह किया
आरोपी अंकित से पूछताछ के दौरान सामने आया कि अपने खौफनाक इरादों को अंजान देने के लिए पत्नी मधु को प्रेमिका रजनी को किराए के कमरे पर लेकर गया था जहां पहले से ही रजनी मौजूद थी. अंकित ने मधु को गोली मारी और शव को बाथरूम में बंद कर दिया. दोनों घटनास्थल से फरार हो गए जबकि अंकित ने अपने परिजनों को गुमराह करने के लिए बताया कि मधु सारे गहने-जेवर लेकर भाग गई है, जिसके बाद 21 मई को मानेसर थाने में मधु की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.
पड़ोसियों की पैनी नजर से खुले राज़
परिजनों से प्राप्त शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने आसपास के इलाके में पूछताछ की तो पता चला कि अंकित पत्नी मधु को स्कूटी पर बिठाकर कहीं ले जा रहा था. जांच में पता चला कि मधु के साथ किराए के मकान में रहने के अलावा अंकित ने रजनी के साथ भी मानेसर बस स्टैंड पर एक कमरा लिया था. 22 मई को पुलिस ने छापेमारी की. कमरे का ताला तोड़ा जहां से तेज गंध आ रही थी. पुलिस ने आगे की जांच-पड़ताल की मधु का शव सड़ी-गली हालत में बाथरूम में पड़ा मिला. इसी मामले में 5 जुलाई को मानसेर पुलिस ने अंकित और रजनी को गिरफ्तार कर लिया है.