Category: Crime

  • ‘मेरी गाड़ी रोकी कैसे?’ गर्लफ्रेंड के सामने गार्ड ने टोका तो भड़का आशिक, लौटकर SUV से कुचल दिया; शहर छोड़ने से पहले पकड़ा गया.

    ‘मेरी गाड़ी रोकी कैसे?’ गर्लफ्रेंड के सामने गार्ड ने टोका तो भड़का आशिक, लौटकर SUV से कुचल दिया; शहर छोड़ने से पहले पकड़ा गया.

    इंदौर में एक छोटी सी कहासुनी ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। गर्लफ्रेंड के साथ SUV से पहुंचा एक युवक कॉलोनी के गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड से भिड़ गया। गार्ड ने तेज रफ्तार गाड़ी को रोककर सवाल किया तो युवक भड़क उठा। पहले दोनों के बीच बहस हुई, फिर आरोपी ने गार्ड को थप्पड़ मार दिया।

    मामला यहीं खत्म हो जाता तो शायद एक परिवार उजड़ने से बच जाता। लेकिन कुछ देर बाद आरोपी दोबारा लौटा और इस बार उसके हाथ में हथियार नहीं, बल्कि तेज रफ्तार SUV थी।

    गेट पर गाड़ी रोकते ही शुरू हुआ विवाद

    घटना इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र की द एक्सोटिका रेजिडेंशियल टाउनशिप की बताई जा रही है। बुधवार रात सिक्योरिटी गार्ड धर्मेंद्र मालवीय ड्यूटी पर मौजूद थे। उनके साथ उनकी पत्नी ज्योति और परिवार के कुछ लोग भी गेट के पास थे।

    इसी दौरान अरण्डिया गांव का रहने वाला राजा उर्फ कमल कुमावत अपनी महिला मित्र सीजल उर्फ शालिनी के साथ SUV लेकर टाउनशिप पहुंचा। वह तेज रफ्तार में गाड़ी अंदर ले जाने की कोशिश कर रहा था।

    गार्ड धर्मेंद्र ने उसे रोकते हुए तेज गाड़ी चलाने पर आपत्ति जताई। बस इतनी सी बात पर राजा का पारा चढ़ गया। दोनों के बीच बहस होने लगी और मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गार्ड को थप्पड़ तक मार दिया।

    ‘मेरी गाड़ी क्यों रोकी?’… गुस्से में चला गया आरोपी

    विवाद बढ़ने पर टाउनशिप के मालिक को फोन किया गया। उन्होंने राजा को वहां से चले जाने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी अपनी महिला साथी के साथ वहां से निकल गया।

    लेकिन बताया जा रहा है कि जाते वक्त उसके मन में गुस्सा और बदले की भावना थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह कुछ ही देर बाद वापस आएगा और इस बार उसका गुस्सा एक परिवार की जिंदगी तबाह कर देगा।

    कुछ देर बाद फिर लौटा और SUV से मचा दिया तांडव

    आरोप है कि राजा कुछ समय बाद दोबारा SUV लेकर टाउनशिप पहुंचा। इस बार उसने गाड़ी नहीं रोकी। उसने तेज रफ्तार SUV सीधे गेट की तरफ दौड़ा दी, जहां धर्मेंद्र और अन्य लोग मौजूद थे।

    गाड़ी की जोरदार टक्कर से धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनकी पत्नी ज्योति और परिवार के अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ गए।

    लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुका।

    बताया जा रहा है कि उसने SUV को वापस मोड़ा और जमीन पर पड़े धर्मेंद्र के ऊपर से दोबारा गाड़ी चढ़ा दी। गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में उनके रिश्तेदार गोविंद का पैर भी टूट गया।

    घटना के बाद आरोपी अपनी महिला साथी के साथ मौके से फरार हो गया।

    शहर छोड़कर भागने की थी तैयारी

    घटना की सूचना मिलते ही लसूड़िया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राजा और उसकी महिला साथी सीजल उर्फ शालिनी वारदात के बाद इंदौर छोड़कर भागने की तैयारी में हैं। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

    एक साल से कर रहे थे गार्ड की नौकरी

    धर्मेंद्र मालवीय मूल रूप से देवास के रहने वाले थे और करीब एक साल से द एक्सोटिका टाउनशिप में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। वह रोज की तरह उस रात भी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे।

    किसी ने नहीं सोचा था कि गाड़ी की रफ्तार को लेकर एक युवक को रोकना उनकी जिंदगी का आखिरी फैसला साबित होगा।

    एक छोटी सी कहासुनी, कुछ मिनटों का गुस्सा और बदले की सनक ने धर्मेंद्र की जान ले ली। घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर मामूली विवाद कब और कैसे हिंसा में बदल जाता है और गुस्से में उठाया गया एक कदम कितने परिवारों की जिंदगी तबाह कर सकता है।

  • ‘अंकल’ बनकर किया फोन, नींद की गोलियां खिलाईं और फिर हथौड़े से कर दी हत्या… ब्यूटीशियन अनीता की ऐसी खौफनाक कहानी, घर के बाहर ही दफना दिए शव के टुकड़े..

    ‘अंकल’ बनकर किया फोन, नींद की गोलियां खिलाईं और फिर हथौड़े से कर दी हत्या… ब्यूटीशियन अनीता की ऐसी खौफनाक कहानी, घर के बाहर ही दफना दिए शव के टुकड़े..

    राजस्थान के जोधपुर में ब्यूटीशियन अनीता चौधरी की हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं था, बल्कि एक ऐसी साजिश थी जिसमें आरोपी ने पहले पहचान छिपाकर महिला को अपने जाल में फंसाया, फिर उसे बेहोश किया और हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। मामले की जांच आगे बढ़ी तो इसमें लूट, प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी जैसे कई गंभीर पहलू भी सामने आए।

    फोन पर खुद को बताया ‘अंकल’, फिर मिलने बुलाया

    जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी गुलामउद्दीन ने अनीता चौधरी से फोन पर संपर्क किया था। उसने खुद को उनका ‘अंकल’ बताया और बातचीत के जरिए उनका भरोसा जीतने की कोशिश की। बताया गया कि उसने अनीता को प्रॉपर्टी से जुड़े काम के बहाने जोधपुर के गंगाना इलाके में बुलाया था।

    अनीता को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस शख्स से वह मिलने जा रही हैं, उसके मन में क्या चल रहा है। वह आरोपी के बताए स्थान पर पहुंचीं और यहीं से इस खौफनाक वारदात की शुरुआत हुई।

    शरबत में मिलाई नींद की गोलियां

    जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2024 की रात गुलामउद्दीन ने अनीता को शरबत दिया। आरोप है कि इसमें नींद की गोलियां मिलाई गई थीं। कुछ देर बाद अनीता गहरी नींद में चली गईं।

    इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उनके गहने उतार लिए। अनीता के पास मौजूद मंगलसूत्र और अंगूठियां भी ले ली गईं। लेकिन मामला सिर्फ लूट तक सीमित नहीं रहा।

    अगली सुबह जब अनीता बेसुध थीं, तब आरोपी ने कथित तौर पर हथौड़े से हमला कर उनकी हत्या कर दी।

    हत्या के बाद भी नहीं रुका खौफनाक खेल

    अनीता की हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। जांच के अनुसार, उसने शव के टुकड़े किए और उन्हें अपने घर के बाहर खोदे गए गड्ढे में दफना दिया।

    बताया जाता है कि गड्ढा खुदवाने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद एक मजदूर को पैसे देकर गड्ढा भरवाया गया। वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।

    इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस को भी हैरान कर दिया, क्योंकि जिस घर के आसपास रोजमर्रा की गतिविधियां चल रही थीं, वहीं जमीन के नीचे हत्या का राज छिपा हुआ था।

    CCTV ने खोलना शुरू किया राज

    अनीता के पति मनमोहन चौधरी ने पत्नी के लापता होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए।

    जांच आगे बढ़ी तो गुलामउद्दीन पर शक गहराता गया। पुलिस उसके घर तक पहुंची और पूछताछ शुरू हुई। इसके बाद जांच टीम ने उसके घर के आसपास तलाशी ली।

    29 अक्टूबर की रात घर के बाहर से अनीता के शव के टुकड़े बरामद किए गए। इसके साथ ही वह रहस्य खुल गया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

    परिवार ने लूट की कहानी पर उठाए सवाल

    अनीता के परिवार ने शुरू से ही इस वारदात को महज लूट के लिए की गई हत्या मानने से इनकार किया। परिवार की ओर से प्रॉपर्टी विवाद और कथित सुपारी की आशंका भी जताई गई।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे करीब 10 लाख रुपये की सुपारी हो सकती है। प्रॉपर्टी कारोबारी तैयब अंसारी और अनीता की परिचित सुनीता उर्फ सुमन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए।

    मामला बढ़ने के बाद जांच में केंद्रीय जांच एजेंसी यानी CBI की भी एंट्री हुई। जांच में कॉल डिटेल्स, संपत्ति से जुड़े विवाद और आरोपियों के बीच कथित संपर्क जैसे पहलुओं को खंगाला गया।

    अब भी कई सवालों के जवाब तलाश रही जांच

    अनीता चौधरी हत्याकांड में पुलिस जांच से लेकर CBI जांच तक कई पहलू सामने आए हैं। हत्या की असली वजह क्या थी, क्या इसके पीछे केवल लूट थी या फिर किसी बड़े प्रॉपर्टी विवाद और कथित सुपारी का भी संबंध था—इन सवालों की जांच की गई।

    इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि किसी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी रखना कितना जरूरी है। एक सामान्य मुलाकात के बहाने शुरू हुई कहानी आखिरकार एक खौफनाक हत्याकांड में बदल गई और आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को घर के बाहर ही छिपाने की कोशिश की।

  • बंद मकान, किचन में नया प्लास्टर और फिर सामने आई खौफनाक सच्चाई; पुरी में बदबू से खुला मां की हत्या का राज​​​​​​

    बंद मकान, किचन में नया प्लास्टर और फिर सामने आई खौफनाक सच्चाई; पुरी में बदबू से खुला मां की हत्या का राज​​​​​​

    बंद मकान, किचन में नया प्लास्टर और फिर सामने आई खौफनाक सच्चाई; पुरी में बदबू से खुला मां की हत्या का राज - puri son kills mother hides body under kitchen slab

    पुरी में एक बेटे ने अपनी मां की हत्या कर शव को रसोईघर के स्लैब के नीचे छिपाकर प्लास्टर कर दिया। दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस ने शव बरामद किया; आरोपी बेटा फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    पुरी शहर के कुंभाड़पड़ा थाना क्षेत्र में ‘दृश्यम’ फिल्म की कहानी जैसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि एक बेटे ने अपनी मां की हत्या करने के बाद शव को रसोईघर के स्लैब के नीचे छिपा दिया और उसके ऊपर प्लास्टर कर दिया। प्लास्टर वाली जगह से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुदाई कर शव बरामद किया। वारदात के बाद आरोपी बेटा मदन दलई (43) फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

    किरायेदारों के आधार कार्ड नहीं

    पुलिस के अनुसार, मदन दलई और उसकी मां करीब दो महीने पहले कुंभाड़पड़ा थाना क्षेत्र में मस्जिद के पास एक गली में रविनारायण साहू के मकान में किराये पर रहने आए थे। इस मकान में आठ अन्य परिवार भी किराये पर रहते हैं।

    मकान मालिक ने किरायेदारों के आधार कार्ड नहीं लिए थे, जिसके कारण उनकी पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी पुलिस के सामने स्पष्ट नहीं हो सकी।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    बताया जा रहा है कि शनिवार से मां-बेटे दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी बीच रसोईघर में प्लास्टर किए गए हिस्से से तेज दुर्गंध आने लगी। इससे आसपास के लोगों को संदेह हुआ। मकान मालिक से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    सिटी डीएसपी रश्मिरंजन महापात्र और कुंभाड़पड़ा थाना प्रभारी विजय केतन बेहरा ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की। पुलिस ने रसोईघर में प्लास्टर किए गए हिस्से को खोला तो अंदर से महिला का शव बरामद हुआ। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।

  • बहन के साथ आपत्तिजनक हालत में था युवक, देखते ही भाई का खौल उठा खून और कर दी हत्या; हिमाचल के बद्दी में वारदात..​​​​​​

    बहन के साथ आपत्तिजनक हालत में था युवक, देखते ही भाई का खौल उठा खून और कर दी हत्या; हिमाचल के बद्दी में वारदात..​​​​​​

    हिमाचल प्रदेश के बद्दी में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई। युवती के भाई ने आपत्तिजनक स्थिति में देखकर हमला किया, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ के मानपुर थाना के तहत लोधी माजरा के समीप जट्टी माजरा गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर एक युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक की पहचान 29 वर्षीय दीपक कुमार पुत्र लालटू सिंह, निवासी गांव दरौरा, तहसील व जिला अमरोहा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दीपक शादीशुदा था और उसकी पत्नी, बेटा तथा माता-पिता उत्तर प्रदेश में ही रहते हैं। वह रोजगार के सिलसिले में बद्दी आया था और यहां एक कंपनी में काम कर रहा था। बद्दी में वह अकेला रहता था।

    भाई ने आपत्तिजनक हालत में देख लिया

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दीपक का एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। सोमवार को युवती के भाई ने कथित तौर पर दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और युवक पर हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दीपक के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद आरोपित हुआ फरार

    घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। वारदात की सूचना मिलते ही मानपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है।

    फोरेंसिक टीम ने की पड़ताल

    मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पूछताछ और प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पूछताछ के बाद ही हत्या के कारणों तथा वारदात में शामिल आरोपित की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस फरार आरोपित की तलाश में जुटी हुई है।

  • दोस्त का कत्ल कर रची ‘आदमखोर तेंदुए’ की साजिश: गन्ने के खेत में फेंका शव, मुरादाबाद पुलिस ने ऐसे खोला राज..​​​​​​

    दोस्त का कत्ल कर रची ‘आदमखोर तेंदुए’ की साजिश: गन्ने के खेत में फेंका शव, मुरादाबाद पुलिस ने ऐसे खोला राज..​​​​​​

    दोस्त का कत्ल कर रची 'आदमखोर तेंदुए' की साजिश: गन्ने के खेत में फेंका शव, मुरादाबाद पुलिस ने ऐसे खोला राज - moradabad man kills friend over money dispute blames leopard attack

    शाहनवाज ने रुपयों के विवाद में दोस्त जानी की हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया ताकि यह तेंदुए का हमला लगे। मुरादाबाद पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।

    रुपयों के लेनदेन का विवाद कुछ ऐसा बढ़ा कि शाहनवाज ने दोस्त जानी के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। चूंकि, ठाकुरद्वारा में तेंदुए के हमले में अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी और कई घायल हो गए है। 16 अगस्त आरोपित शहनवाज ने भी जानी की हत्या करने के बाद शव इसलिए ही गन्ने के खेत में फेंका कि लोग तेंदुए के डर से खेतों पर नहीं जा रहे हैं।

    ऐसे में तेंदुआ या तो जानी का शव खा जाएगा और अगर किसी शव मिले भी तो लोग समझें कि तेंदुए ने शिकार किया है। हालांकि, 18 अगस्त को शव मिला। चप्पल व कपड़ों से शिनाख्त हुई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वारदात सामने आ गई। पुलिस ने जांच के आधार पर सुराग जुटा आरोपित को दबोच लिया। 24 अगस्त को हकीकत पता चलने पर शाहनवाज को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

    ठाकुरद्वारा क्षेत्र के वार्ड नंबर-19, मोहल्ला बहेड़ा वाला निवासी शाहनवाज और डिलारी क्षेत्र के गांव बुढ़नपुर निवासी जानी एक साल से दोस्त थे। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। शाहनवाज ने उधार के रुपये लौटाने के बहाने जानी को फोन कर बुलाया था।

    16 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे जानी फोन पर बात करते हुए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। स्वजन ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मोबाइल फोन भी बंद मिला। इसके बाद 17 अगस्त को जानी की मां संतोष ने थाना डिलारी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

  • झारखंड के 45 साल पुराने मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, उम्रकैद के बुजुर्ग कैदी को दी जमानत​​​​​​

    झारखंड के 45 साल पुराने मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, उम्रकैद के बुजुर्ग कैदी को दी जमानत​​​​​​

    सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

    जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि हाई कोर्ट को इस मामले की अपील पर फैसला सुनाने में ही दो दशक से ज्यादा का समय लग गया।

    पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि यह मामला दिखाता है कि कैसे एक संगीन अपराध बिना सजा के रह गया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को 22 साल तक लंबे ट्रायल की प्रताड़ना झेलनी पड़ी और उसके बाद सजा के खिलाफ की गई अपील को खारिज होने में भी 22 साल और लग गए।

    क्या है 1981 का यह मामला?

    यह पूरी घटना 18 अक्टूबर 1981 की है। घटना दुमका जिले के भुरुंडिया गांव में हुई। विभूति मंडल, बनारसी मंडल और उनके परिवार के सदस्य धान की कटाई के लिए गए थे। तभी तीर-कमान और कुल्हाड़ी से लैस लोगों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें विभूति और बनारसी मंडल की हत्या कर दी गई।

  • गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश -​​​​​​

    गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश -​​​​​​

    गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश
 - gurugram man murdered friends suspected in stabbing case

    गुरुग्राम में 33 वर्षीय हरिजीत कुमार की नुकीली वस्तु से हत्या कर दी गई, जिसका शव ओल्ड दिल्ली रोड पर मिला। परिवार ने मृतक के दोस्तों पर नशे को लेकर हुए झगड़े के बाद हत्या का आरोप लगाया है, पुलिस जांच में जुटी है।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। उद्योग विहार थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय एक युवक की नुकीली वस्तु घोंपकर हत्या कर दी गई। उसका शव सोमवार शाम ओल्ड दिल्ली रोड पर पार्क अस्पताल के पास लहूलुहान स्थिति में पाया गया। पुलिस ने मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान डूंडाहेड़ा गांव निवासी हरिजीत कुमार के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ रहता था और उसकी शादी अभी तक नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, हरिजीत नशे का आदी था और कोई काम नहीं करता था।

    छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर लौटा

    परिवार के लोगों ने कई बार उसे नशे की लत छुड़वाने के लिए दिल्ली के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह करीब छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर घर लौटा था, लेकिन फिर से उसी संगत में पड़ गया था।

    सोमवार सुबह हरिजीत ने परिवार को बताया था कि वह अपने दोस्तों हरकेश, मोनू नेपाली व अन्य के साथ कहीं जा रहा है। इसके बाद वह घर से निकल गया। शाम होते ही परिवार को सूचना मिली कि उसका शव पार्क अस्पताल के पास पड़ा है। राहगीरों की सूचना पर उद्योग विहार थाना पुलिस, एफएसएल और सीन आफ क्राइम की टीमें मौके पर पहुंचीं।

    दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप

    जांच में पता चला कि किसी नुकीली चीज से कई वार कर उसकी हत्या की गई है। परिवार ने दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया। स्वजन का कहना है कि आरोपितों के साथ अक्सर उसका नशा करने को लेकर झगड़ा होता था।

  • रसोइए की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप,  विधायक के दामाद समेत 9 पर हत्या का आरोप -​​​​​​

    रसोइए की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, विधायक के दामाद समेत 9 पर हत्या का आरोप -​​​​​​

    घरवालों ने विधायक व उनके दामाद समेत परिवार के नौ सदस्यों पर हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है। चाचा सुनील राउत के बयान पर पुलिस ने सभी पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र के बमतलियाडीह का रहने वाला था।

    मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक की पत्नी शिल्पी कुमारी ने बताया कि पति छह माह से विधायक के यहां रहकर खाना बनाने का काम करते थे। सोमवार की देर शाम पति को काम पर रखवाने वाले ने फोन कर बताया कि उसके पति ने फांसी लगाकर जान दे दी है।

    सूचना मिलते ही चाचा सुनील राउत और मां मुन्नी देवी विधायक के घर गई तो देखा कि पति का शव पंखे से लटक रहा है। उनके शरीर से खून भी बह रहा था।

    पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक व उनके परिवार के सदस्याें ने पति की हत्या करने के बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटका दिया है। चाचा सुनील राउत का कहना है कि भतीजे की हत्या की गई है। वह छह दिन पहले ही छुटटी से वापस काम पर आया था।

  • करोड़ों में टेस्टिकल्स बिकने का झूठा दावा, खौफनाक साजिश और भोपाल मर्डर… मास्टरमाइंड छात्र की पूरी कहानी!​​​​​​

    करोड़ों में टेस्टिकल्स बिकने का झूठा दावा, खौफनाक साजिश और भोपाल मर्डर… मास्टरमाइंड छात्र की पूरी कहानी!​​​​​​

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    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 16 साल के एक लड़के की हत्या के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है. पुलिस के मुताबिक इस वारदात के पीछे इंसानी अंडकोष (Testicles) को करोड़ों रुपये में बेचने का झूठा दावा था. सोशल मीडिया पर वायरल एक रील में कथित तौर पर दावा किया गया था कि खाड़ी देशों में टेस्टिकल्स की कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है. इसी फर्जी जानकारी से प्रभावित होकर आरोपियों ने एक नाबालिग को अपना निशाना बनाया.

    पुलिस ने इस मामले में 20 साल के BBA छात्र जोहेब खान को कथित मास्टरमाइंड बताया है. जांच के अनुसार जोहेब ने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताकर अपने साथियों के बीच इस झूठे दावे को सच साबित करने की कोशिश की थी. उसने चार लोगों को कथित तौर पर समझाया कि टेस्टिकल्स को 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये तक में बेचा जा सकता है. हैरानी की बात यह है कि हत्या के वक्त जोहेब मौके पर मौजूद नहीं था, बल्कि वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों को निर्देश देता रहा.

    पुलिस के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने दो बार किसी लड़के को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी. पहली कोशिश में एक लड़के को 100 रुपये देने का लालच देकर झगड़े में मदद करने के बहाने बुलाने की योजना बनाई गई, लेकिन वह वहां पहुंचा ही नहीं. इसके बाद दूसरी कोशिश में एक अन्य लड़के को इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश हुई.

    वह युवक आरोपियों से भिड़ गया और किसी तरह वहां से भाग निकला, जिसके बाद उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ. इन दोनों कोशिशों के बाद आरोपियों ने 16 साल के उस लड़के को निशाना बनाया, जो भोपाल के इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन और की-रिंग बेचकर अपना गुजारा करता था. पुलिस के अनुसार 6 अगस्त को दो नाबालिग आरोपी उसके पास पहुंचे.

    उन्होंने उसे खटलापुरा के पास झगड़े में मदद करने के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार किया. इसके बाद उसे धोबी घाट की तरफ ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस की जांच के मुताबिक लड़के को धोबी घाट के पास ले जाने के बाद आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला किया. गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई.

    इसके बाद आरोपियों ने ब्लेड की मदद से उसके टेस्टिकल्स निकाल लिए. पुलिस का कहना है कि पूरी वारदात के पीछे यही सोच थी कि इन अंगों को किसी खरीदार को बेचकर बड़ी रकम हासिल की जा सकती है. हत्या के बाद आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए. 10 अगस्त को धोबी घाट के पास लोअर लेक से किशोर का सड़ा-गला शव बरामद किया गया.

    पोस्टमार्टम में शरीर पर घातक चोटों की पुष्टि हुई और यह भी सामने आया कि उसके टेस्टिकल्स निकाल दिए गए थे. पुलिस के सामने मृतक की पहचान भी तुरंत नहीं हो सकी. करीब पांच दिन बाद उसकी मां की गुमशुदगी की शिकायत और शरीर पर बने टैटू की मदद से उसकी पहचान की गई. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपियों ने निकाले गए अंगों को करीब दो दिन तक एक मकान की छत पर बर्फ में पैक करके रखा.

    उनका कथित मकसद किसी ऐसे व्यक्ति को तलाशना था, जो इन अंगों को खरीद सके. लेकिन जल्द ही पूरी योजना बुरी तरह फेल हो गई. आरोपियों को न तो कोई खरीदार मिला और न ही उन्हें यह जानकारी थी कि मानव ऊतक को किस तरह सुरक्षित रखा जाए या उसकी बिक्री कैसे की जाए.

    जांच में पुलिस को पता चला कि इसके बाद जोहेब खान ने अपने साथियों को इन अंगों को अलग-अलग जलाशयों में फेंकने के लिए कहा. आरोपियों ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि टेस्टिकल्स को भोपाल की अपर लेक और लोअर लेक में फेंका गया. अब पुलिस इन दोनों झीलों में संभावित जगहों की तलाश कर रही है, ताकि सबूत बरामद किए जा सकें.

    मामले की जांच कर रहे ACP संतोष पटेल के मुताबिक आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे उन जगहों की जानकारी जुटाई जा रही है, जहां कथित तौर पर अंग फेंके गए थे. पुलिस बुधवार को अपर लेक और लोअर लेक में गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाने की तैयारी में है. हालांकि दोनों झीलों का पानी गहरा और काफी गंदा होने की वजह से तलाशी आसान नहीं होगी.

    जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर निकाले गए अंग बरामद हो जाते हैं तो इससे वारदात की कड़ियों को जोड़ने में काफी मदद मिल सकती है. इससे पुलिस आरोपियों के बयानों की भी पुष्टि कर सकेगी. फिलहाल जांच टीम उन लोगों की भी पहचान कर चुकी है, जिनसे आरोपियों ने कथित तौर पर अंग बेचने के लिए संपर्क किया था. पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है कि क्या वास्तव में किसी तरह की खरीद-फरोख्त की योजना बनाई गई थी.

    पुलिस के मुताबिक इस साजिश को विश्वसनीय दिखाने के लिए जोहेब खान ने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताया था. उसने ऑनलाइन एक एप्रन, स्टेथोस्कोप और थर्मामीटर खरीदे थे. इन चीजों का इस्तेमाल वह अपने साथियों के सामने डॉक्टर या मेडिकल स्टूडेंट जैसा दिखने के लिए करता था. जांचकर्ताओं को शक है कि उसने इन्हीं सामानों के जरिए साथियों को मानव शरीर और कथित अंग निकालने की प्रक्रिया के बारे में प्रभावित करने की कोशिश की.

    पुलिस ने एप्रन, स्टेथोस्कोप और थर्मामीटर समेत संबंधित सामान बरामद कर लिया है. जांच के मुताबिक जोहेब ने अपने साथियों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि टेस्टिकल्स की कीमत करोड़ों रुपये मिल सकती है. हत्या के समय वह घटनास्थल पर नहीं था, लेकिन वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों के संपर्क में था और कथित तौर पर उन्हें निर्देश दे रहा था.

    पुलिस को अभी तक इस मामले में किसी संगठित ऑर्गन ट्रैफिकिंग रैकेट से सीधे जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है. जांच में सामने आया है कि वारदात की शुरुआती वजह सोशल मीडिया पर फैला एक फर्जी दावा था. पुलिस के अनुसार मानव टेस्टिकल्स को खाड़ी देशों में करोड़ों रुपये में बेचे जाने की बात एक सोशल मीडिया होक्स है और इसका कोई आधार नहीं है.

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने जिन लोगों से संपर्क किया था, क्या वे वास्तव में अंग खरीदने के लिए तैयार थे या फिर पूरी योजना केवल आरोपियों की गलत जानकारी और भ्रम पर आधारित थी. पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी उन कथित अंगों की बरामदगी है, जिन्हें आरोपियों ने अपर लेक और लोअर लेक में फेंकने की बात कही है. मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के बयानों की तस्दीक कर रही है.

  • एक हिंदू, एक मुस्लिम… विदिशा में एक ही फंदे पर लटके मिले दो जिगरी दोस्त, परिवार ने जताया हत्या का शक, गांव में पसरा मातम..​​​​​​

    एक हिंदू, एक मुस्लिम… विदिशा में एक ही फंदे पर लटके मिले दो जिगरी दोस्त, परिवार ने जताया हत्या का शक, गांव में पसरा मातम..​​​​​​

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    मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आदमपुर गांव के पास खेत में दो जिगरी दोस्तों के शव एक ही पेड़ पर एक ही रस्सी के सहारे लटके मिले. मृतकों की पहचान 22 साल के आकाश मीणा और 21 साल के आरिफ उर्फ बाबू के रूप में हुई है. दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और बेहद करीबी दोस्त बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद आदमपुर गांव में मातम पसर गया और दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई.

    जानकारी के मुताबिक, आकाश और आरिफ शनिवार रात अपने-अपने घर से विदिशा घूमने जाने की बात कहकर निकले थे. देर रात तक दोनों वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोग परेशान हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी. परिजन रातभर दोनों को आसपास के इलाकों में तलाशते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. रविवार सुबह पास के केवट गांव के एक खेत में दो युवकों के शव मिलने की सूचना मिली. मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने शवों की पहचान आकाश और आरिफ के रूप में की.

    दोनों दोस्तों की उम्र कम थी और वे लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहते और काम करते थे. ग्रामीणों के मुताबिक, आकाश और आरिफ अक्सर खेतों में साथ काम करते थे. वे अपने खेतों में काम करने के अलावा दूसरे किसानों के खेतों में भी मजदूरी करते थे. गांव वालों का कहना है कि दोनों का किसी से कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था. ऐसे में दोनों की एक साथ मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

    मृतक आकाश मीणा, उदय सिंह मीणा का बेटा था और दो भाइयों में बड़ा था. उसकी शादी कुछ महीने पहले ही हुई थी. परिवार के पास अपनी जमीन नहीं है और वे मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं. वहीं आरिफ उर्फ बाबू, शहजाद अली का बेटा था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसके परिवार में एक बहन भी है और परिवार के पास करीब चार बीघा जमीन बताई गई है, जबकि खेती के साथ कृषि मजदूरी से भी परिवार की आय होती है.

    घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया. मौके पर फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी पहुंचकर जांच की. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की असली वजह और हालात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

    इस घटना को लेकर दोनों परिवारों ने हत्या की आशंका जताई है. परिवार वालों का कहना है कि घर में किसी तरह का विवाद नहीं था और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि दोनों दोस्त एक साथ इतना बड़ा कदम क्यों उठाएंगे. आकाश के पिता ने बताया कि दोनों घर से घूमने जाने की बात कहकर निकले थे और रातभर वापस नहीं आए. सुबह बच्चों की मौत की खबर मिली, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

    कुछ ग्रामीणों ने दावा किया है कि दोनों शवों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे और जब शव मिले तो उनके पैर जमीन को छू रहे थे. हालांकि पुलिस ने इन दावों की अभी पुष्टि नहीं की है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि मौत से पहले दोनों किन लोगों के संपर्क में थे और रात में उनके साथ क्या हुआ था?

    पुलिस अब दोनों युवकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है. परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है. फिलहाल, आत्महत्या की वजह भी पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

    एक ही गांव के दो जिगरी दोस्तों की एक साथ मौत से पूरे आदमपुर में गम का माहौल है, जिन दो दोस्तों को ग्रामीण अक्सर साथ देखते थे, उनकी अर्थियां भी एक साथ उठीं. परिवारों के लिए यह घटना जिंदगी भर का दर्द बन गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रात में घूमने निकले आकाश और आरिफ खेत तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस दर्दनाक घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी.