Category: Crime

  • रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: पत्नी ने टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन देकर पति की हत्या की, पहले धक्का देकर मारने की कोशिश..

    रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: पत्नी ने टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन देकर पति की हत्या की, पहले धक्का देकर मारने की कोशिश..

    रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: पत्नी ने टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन देकर पति की हत्या की, पहले धक्का देकर मारने की कोशिश..

    Image Ai

    तेलंगाना के निजामाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने प्रेम प्रसंग की वजह से अपने पति की हत्या कर दी। हत्या का तरीका बेहद चौंकाने वाला था। जानकारी के मुताबिक महिला ने पहले अपने पति की एक बिल्डिंग से धक्का देकर हत्या करने की कोशिश की। हालांकि बिल्डिंग से गिरने के बाद पति बच गया था। बाद में महिला ने प्रेमी के कहने पर पति को कैनुला के जरिए टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    मृतक की मां ने बहू पर जताया शक

    पुलिस ने सोमवार को बताया कि तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति को कैनुला के जरिए टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन देकर मार डाला, जब उसका इलाज चल रहा था। मृतक की मां ने 1 जुलाई को शिकायत की कि उन्हें 30 जून को अपने बेटे प्रशांत (35) की मौत के बारे में पता चला, जो खाड़ी देश में काम करता था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने बेटे के घर आने और उसकी मौत से पहले हुई घटनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मृतक की मां ने कहा कि उनके बेटे की मौत रहस्यमयी तरीके से हुई और उन्होंने अपनी बहू संध्या पर शक जताया।

    बिल्डिंग से धकेलकर हत्या की कोशिश

    पुलिस जांच में सामने आए तकनीकी सबूतों और तथ्यों के अनुसार, संध्या (32) का अनिल (35) नाम के व्यक्ति के साथ अवैध संबंध था। पुलिस की एक विज्ञप्ति के अनुसार, संध्या और अनिल ने प्रशांत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी क्योंकि उन्हें लगता था कि वह उनके रिश्ते में बाधा है। उनकी साजिश के तहत, उन्होंने प्रशांत को मारने की योजना को अंजाम देने के लिए वेंकटा साईं की मदद ली। योजना के अनुसार, वेंकटा साईं 29 जून को प्रशांत के घर गया और उसे बहुत ज़्यादा शराब पिलाई। इसके बाद उसने प्रशांत को इमारत से नीचे धकेल दिया।

    कैनुला के जरिए दिया टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन

    हालांकि, प्रशांत को गंभीर चोटें आईं, लेकिन उसकी मौत नहीं हुई। संध्या और वेंटका साईं, प्रशांत को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले गए। यहां, उन्होंने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन बाद में घर ले आए। अनिल के उकसाने पर, संध्या ने कैनुला के जरिए प्रशांत को टॉयलेट क्लीनर और एनेस्थीसिया की दवा का इंजेक्शन दिया। संध्या ने प्रशांत को खाट से नीचे भी धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने जांच के दौरान अपनी मर्जी से अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसने उन्हें जेल भेज दिया।

  • आरती हत्याकांड में आरोपी का बड़ा दावा, रिश्तों को लेकर शक के बीच हत्या की जांच तेज..

    आरती हत्याकांड में आरोपी का बड़ा दावा, रिश्तों को लेकर शक के बीच हत्या की जांच तेज..

    आरती हत्याकांड में आरोपी का बड़ा दावा, रिश्तों को लेकर शक के बीच हत्या की जांच तेज..

    ग्वालियर के आरती हत्याकांड में आरोपी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है.  वो आरती के साथ लिव-इन में रहने के बीच उसके फुफेरे भाई से बढ़ती नजदीकियों को लेकर नाराज था. उसने बताया कि वो अलग रहकर भी मेरे डोक्यूमेंट का इस्तेमाल कर रही थी

    Gwalior Aarti Murder Case: ग्वालियर के बहुचर्चित आरती हत्याकांड के मुख्य आरोपी और पूर्व लिव-इन पार्टनर धर्मेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस केस में आए दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे थे लेकिन अब धर्मेंद्र की दबिश के बाद उसके आरती के अपने फुफेरे भाई से बढ़ती नजदीकियों का राज खोला है. पुलिस को दिए बयान में धर्मेंद्र ने बताया कि किस तरह बेरहमी से उसने आरती का गला घोंटकर हत्या कर दी थी. आरोपी ने आरती की निर्मम हत्या के लिए जिम्मेदार वजह का भी खुलासा किया और मृतका आरती पर उसे धोखा देने के आरोप लगाए हैं.

    धर्मेंद्र को धोखा दे रही थी आरती

    पुलिस को दिए बयान में आरती के पूर्व बॉयफ्रेंड धमेंद्र ने खुलासा किया कि आरती उसके साथ लिव-इन में रहने के बावजूद धोखा दे रही थी. धर्मेंद्र ने कहा कि आरती मुझे धोखा देकर पीछे से मेरे फुफेरे भाई संजू के साथ संबंध बना रही थी. फिर उसी के साथ रहने लगी. उसके सरकारी कागज और आधार कार्ड में मेरा नाम था जिसका वो फायदा उठा रही थी. धर्मेंद्र ने बताया कि आरती का इस कदर बदलता रवैया उससे बर्दाश्त नहीं हुआ, इसलिए गला घोंटकर आरती को मौत के घाट उतार दिया.

  • अंधविश्वास का जाल! ‘चावल वाले बाबा’ ने डॉक्टर को लगाया ₹40 लाख का चूना..

    अंधविश्वास का जाल! ‘चावल वाले बाबा’ ने डॉक्टर को लगाया ₹40 लाख का चूना..

    अंधविश्वास का जाल! ‘चावल वाले बाबा’ ने डॉक्टर को लगाया ₹40 लाख का चूना..

    जब समाज का सबसे पढ़ा-लिखा बौद्धिक तबका भी अंधविश्वास के जाल में फंस जाए, तो मामला गंभीर हो जाता है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ‘चावल वाले बाबा’ के नाम से मशहूर एक कथित तांत्रिक ने नोएडा निवासी एक बड़े डॉक्टर को अपना शिकार बना लिया. दरअसल भाई की संदिग्ध मौत का सच जानने और अपने बेटों को ‘प्रेत बाधा’ से बचाने के फेर में डॉक्टर इस शातिर बाबा के जाल में ऐसे उलझे कि उन्होंने अपनी जिंदगी की गाढ़ी कमाई के 40 लाख रुपये लुटा दिए. नोएडा के डॉक्टर ऋषभ चौबे की शिकायत पर रायपुर की खम्हारडीह थाना पुलिस ने अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं.

    यहां से शुरू हुआ ‘माइंड गेम’

    यह पूरी कहानी एक डॉक्टर की उस लाचारी और दुख से जुड़ी है, जिसका फायदा इस ढोंगी बाबा ने उठाया. दरअसल, डॉक्टर ऋषभ चौबे के छोटे भाई दिव्य देव चौबे की 11 अगस्त 2024 को मध्य प्रदेश के इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, उनका शव एक कार में मिला था.

    भाई की इस रहस्यमयी मौत से टूट चुके डॉक्टर ऋषभ अक्टूबर 2024 में रायपुर के गीतांजलि नगर में अपने एक परिचित के यहां आए थे. यहीं उन्हें ‘चावल वाले बाबा’ उर्फ नरेंद्र नयन शास्त्री के बारे में पता चला, जो तंत्र-मंत्र से सब कुछ ठीक करने का दावा करता था. भाई की मौत का सच जानने की चाहत में जब डॉक्टर बाबा के पास पहुंचे, तो बाबा ने उनकी लाचारी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया.

    बेटों पर ‘प्रेत साए’ का खौफ और लाखों की वसूली

    डॉक्टर की कमजोरी भांपते ही कथित बाबा नरेंद्र नयन शास्त्री ने एक खौफनाक ताना-बाना बुना. उसने दावा किया कि वह अपनी शक्तियों से भाई की मौत की वजह तो बता देगा, लेकिन डॉक्टर के पूरे परिवार पर एक भयानक प्रेत बाधा का साया है. बाबा ने डॉक्टर को डराते हुए कहा कि अगर तुरंत इसका उपाय नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में उनके बेटों पर भी इस प्रेत आत्मा का संकट आ जाएगा. एक पिता और भाई के रूप में डॉक्टर ऋषभ इस कदर डर गए कि उन्होंने बाबा की हर बात माननी शुरू कर दी. इसके बाद अक्टूबर 2024 से लेकर जनवरी-फरवरी 2026 के बीच बाबा ने डॉक्टर से लाखों रुपये ऐंठना शुरू कर दिया.
    ये भी पढ़ें: घर भी संवारा, खेत भी महकाया: मिलिए छत्तीसगढ़ की इस कमाल की सास-बहू की जोड़ी से, परिवार को ऐसे दी आर्थिक मजबूती

    लग्जरी कार, कैश और हवाई सफर: बाबा के ठाठ-बाठ का खर्च

    बताया जा रहा है कि तंत्र-मंत्र की आड़ में इस कथित बाबा के शौक बेहद आलीशान थे. मई 2025 में बाबा ने अपनी सुख-सुविधा के लिए एक महंगी कार खरीदने के नाम पर डॉक्टर से सीधे अपने बैंक खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. इसके अलावा, अलग-अलग समय पर पूजा-पाठ, तांत्रिक अनुष्ठान और प्रेत बाधा दूर करने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये नकद (कैश) वसूले गए. इतना ही नहीं, बाबा के दौरों, वीआईपी ट्रीटमेंट और एयर टिकट्स (हवाई यात्राओं) के नाम पर भी डॉक्टर से करीब 10 लाख रुपये खर्च करवाए गए. कुल मिलाकर करीब 40 लाख रुपये फूंकने के बाद जब डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ, तब तक पानी सिर से ऊपर जा चुका था.

  • एक लड़की, दो दावेदार! कथित अपहरण कांड में नया ट्विस्ट, एक अस्पताल पहुंचा तो दूसरा जेल.

    एक लड़की, दो दावेदार! कथित अपहरण कांड में नया ट्विस्ट, एक अस्पताल पहुंचा तो दूसरा जेल.

    एक लड़की, दो दावेदार! कथित अपहरण कांड में नया ट्विस्ट, एक अस्पताल पहुंचा तो दूसरा जेल.

    मुजफ्फरपुर में कथित अपहरण का हाई-प्रोफाइल मामला अब महज किडनैपिंग की कहानी नहीं, बल्कि इश्क, इंतकाम और कानून के टकराव की दास्तान बनता नजर आ रहा है। जिस थार गाड़ी पर राजद का बैनर और पोस्टर लगा था, उससे युवक के अपहरण की सूचना ने पहले पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। लेकिन जैसे-जैसे तहकीकात आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कहानी का रुख बदलता गया। अब जांच की सुई प्रेम प्रसंग की तरफ घूम गई है, जहां एक युवती के प्यार ने कथित तौर पर एक युवक को अस्पताल और दूसरे को हवालात पहुंचा दिया।

    पूरा घटनाक्रम काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस के पास का है। रविवार की शाम करीब चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि राजद के झंडे और पोस्टर लगी एक थार गाड़ी से एक युवक का अपहरण कर लिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संदिग्ध थार की पहचान कर ली गई।

    इसी बीच दूसरी सूचना आई कि जिस युवक को कथित तौर पर अगवा किया गया था, उसे चांदनी चौक के पास घायल अवस्था में छोड़कर थार सवार फरार हो गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया और उसके बयान के आधार पर जांच का दायरा और तेज कर दिया।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया। वाहन जांच अभियान शुरू हुआ और महज तीन घंटे के भीतर पुलिस ने सरैया थाना क्षेत्र से संदिग्ध थार को जब्त कर लिया। साथ ही कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर निवासी मोहम्मद रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उसके कुछ साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि फरार लोगों की तलाश जारी है।टाउन डीएसपी सुरेश कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है और घटना के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है।

    सूत्रों की मानें तो इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में शहर की एक युवती है, जिससे दोनों युवकों का प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। जब एक युवक को दूसरे के रिश्ते की भनक लगी तो दोनों के बीच पहले भी मारपीट हुई थी। लेकिन इस बार मामला कथित तौर पर अपहरण और हमले तक पहुंच गया।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब जज़्बात पर कानून भारी पड़ता है, तो अंजाम अदालत और अस्पताल के बीच ही तय होता है। मोहब्बत अगर भरोसे और तहज़ीब की राह छोड़कर ज़बरदस्ती, हिंसा और बदले की शक्ल अख्तियार कर ले, तो वह इश्क नहीं, जुर्म की दास्तान बन जाती है।फिलहाल पुलिस इस कथित लव ट्रायंगल के हर पहलू की पड़ताल कर रही है। कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह मामला केवल प्रेम प्रसंग की रंजिश था या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश भी छिपी हुई है।

  • सरकारी नौकरी की चाह में मां की हत्या? बेटी और ताऊ पर 7 लाख में कॉन्ट्रैक्ट देने का आरोप..

    सरकारी नौकरी की चाह में मां की हत्या? बेटी और ताऊ पर 7 लाख में कॉन्ट्रैक्ट देने का आरोप..

    सरकारी नौकरी की चाह में मां की हत्या? बेटी और ताऊ पर 7 लाख में कॉन्ट्रैक्ट देने का आरोप..

    जयपुर में 4 जुलाई को मह‍िला नीरज शर्मा की हादसे में मौत नहीं हुई थी, ब्‍लक‍ि उसकी हत्‍या कराई गई थी. हत्‍या कराने वाला कोई और नहीं, बल्‍कि‍ उसकी बेटी आयुषी, जेठ मोहन और जेठ का बेटा बलराम है. जयपुर पुल‍िस ने आज हत्‍याकांड का खुलासा क‍िया. पुल‍िस ने आयुष‍ी, मोहन सह‍ित 7 आरोप‍ियों को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया. बलराम फरार चल रहा है. कांस्‍टेबल दयाराम और गणेश की हत्‍याकांड के खुलासे में व‍िशेष भूमिका रही.

    स्कॉर्पियो से कुचलवाया

    डीसीपी जयपुर ईस्ट रंजिता शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया क‍ि 4 जुलाई को प्रताप नगर थाना क्षेत्र में स्‍कॉर्प‍ियो की टक्‍कर से मह‍िला नीरज शर्मा की मौत हो गई थी. जांच में सामने आया क‍ि हादसा नहीं, बल्‍क‍ि हत्‍या है. मह‍िला नीरज शर्मा के पत‍ि एक कोर्ट में LDC के पद पर थे. एक साल पहले उनकी मौत हो गई थी. नीरज शर्मा अपने पत‍ि की जगह नौकरी पाई थी. नीरज की बेटी आयुषी (24) मां की नौकरी पाना चाहती थी, इस ल‍िए उसकी हत्‍या करवा दी.

    बेटी ने हत्या की रची साजिश

    पुल‍िस ने बताया क‍ि आयुषी ने ताऊ मोहन और ताऊ के बेटे बलराम के साथ मिलकर हत्या की साज‍िश रची. इन्होंने अपने नजदीकी र‍िश्‍तेदार हेमंत को 7 लाख रुपये की सुपारी दी. इसके बाद हेमंत ने अपने साथ‍ियों आकाश, अरव‍िंद, रोह‍ित और मोह‍ित के साथ म‍िलकर हत्‍या को अंजाम द‍िया. पुल‍िस ने बताया क‍ि इनकी क्राइम कुंडली की तलाश की जा रही है. सभी आरोपी भरतपुर के रहने वाले हैं.

    महिला के भाई को हुआ था शक

    मह‍िला नीरज शर्मा के भाई राकेश कुमार शर्मा को हादसे की कहानी हजम नहीं हुई. वे पुलिस के पास पहुंचे और मामला दर्ज करवाया. उन्होंंने पुल‍िस को द‍ी श‍िकायत में बताया था क‍ि उनकी भांजी आयुषी शर्मा ने फोन करके हादसे में मौत की जानकारी दी थी. राकेश ने बताया क‍ि उसकी बहन बहुत द‍िनों से परेशान थी और कई बार फोन करके बताया था क‍ि उसकी बेटी, जेठ और जेठ का बेटा संपत्‍ती के ल‍िए टॉचर्र करते थे.

    हत्या की जताई आशंका

    राकेश ने पुल‍िस से संदेह जताया क‍ि उसकी बहन की जान हादसे में नहीं गई, बल्‍क‍ि हत्‍या कराई गई है. इसके बाद पुल‍िस ने जांच शुरू की तो पूरा मामला खुल गया. पुल‍िस ने घटना स्‍थल पर पूछताछ की तो लोगों ने बताया क‍ि तेज रफ्तार गाड़ी आई और उसने मह‍िला को टक्‍कर मार दी. इसके बाद पुल‍िस ने गाड़ी और उसके ड्राइवर को पकड़कर शक्‍ति‍ से पूछताछ की तो उसने पूरा राज उगल द‍िया, और हत्याकांड का खुलासा हो गया.

  • एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लेकर डॉक्टर ने खत्म की जिंदगी, सुसाइड नोट से सामने आई अधूरे प्रेम की कहानी..

    एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लेकर डॉक्टर ने खत्म की जिंदगी, सुसाइड नोट से सामने आई अधूरे प्रेम की कहानी..

    एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लेकर डॉक्टर ने खत्म की जिंदगी, सुसाइड नोट से सामने आई अधूरे प्रेम की कहानी..

    दिल्ली के अरुणा आसफ अली अस्पताल से रविवार सुबह एक बंद कमरे से युवा डॉक्टर की लाश बरामद हुई. जीवन रक्षक दवाओं से मरीजों को दर्द से निजात दिलाने वाले एनेस्थीसिया एक्सपर्ट ने खुद को ही मौत का इंजेक्शन लगा लिया. डॉ. सिमरप्रीत आनंद (30) की इस खौफनाक सुसाइड मिस्ट्री ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन बल्कि पूरी मेडिकल सोसायटी को हिलाकर रख दिया है. मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब मृतक के परिजनों ने अस्पताल की ही एक साथी महिला डॉक्टर पर हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप लगा दिया.

    दरअसल, डॉ सिमरप्रीत आनंद मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले थे. वर्तमान में वह दिल्ली के लाजपत नगर में रहते थे. साल 2023 में दिल्ली सरकार की चिकित्सा सेवा में चयनित होने वाले सिमरप्रीत पिछले दो वर्षों से इस अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे. शनिवार रात 8 बजे से उनकी नाइट ड्यूटी शुरू हुई थी, जो रविवार सुबह 8 बजे खत्म होनी थी.

    ड्यूटी बदलने के वक्त मचा हड़कंप

    सुबह जब ड्यूटी बदलने का वक्त आया, तो डॉ. सिमरप्रीत अपने कमरे से बाहर नहीं निकले. स्टाफ ने फोन मिलाया, घंटियां गूंजती रहीं पर कोई जवाब नहीं आया. अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा खटखटाया गया, तो भीतर खामोशी थी. आखिरकार अस्पताल प्रशासन की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया. बिस्तर पर डॉ सिमरप्रीत बेहोश पड़े थे. उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं.

    सुसाइड नोट में छिपी टूटे दिल की दास्तान

    उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब कमरे की तलाशी ली, तो वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ. यह सुसाइड नोट किसी गहरी मानसिक उलझन और टूटे हुए रिश्ते की गवाही दे रहा था. पुलिस के मुताबिक, नोट में डॉ सिमरप्रीत ने अपनी निजी जिंदगी, पारिवारिक तनाव और एक पेचीदा प्रेम प्रसंग का जिक्र किया है. प्यार में मिले धोखे और रिश्तों की कशमकश से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया.

    डीसीपी राजा बांठिया के मुताबिक, “शुरुआती जांच और सुसाइड नोट से मामला प्रेम प्रसंग में उपजे तनाव का लग रहा है. शव पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का ही मामला प्रतीत होता है.”

    परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    घटना की सूचना मिलते ही मृतक डॉक्टर के परिवार में कोहराम मच गया. मृतक के चाचा ने इस मामले में सीधे अस्पताल की ही एक महिला डॉक्टर की तरफ इशारा करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया है. परिजनों का दावा है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है.

    फॉरेंसिक जांच और मेडिकल बोर्ड पर टिकी निगाहें

    परिजनों के आरोप और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पूरे क्राइम सीन कमरे को सील कर दिया है. पुलिस की जांच टीम ने क्राइम सीन से एनेस्थीसिया के इंजेक्शन, सिरिंज और अन्य जरूरी सबूत जुटाए गए हैं, जिन्हें FSL फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है. मौत के सटीक कारणों और एनेस्थीसिया के ओवरडोज की पुष्टि के लिए डॉक्टरों के एक स्पेशल मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया गया है.

    स्टाफ और करीबी दोस्तों से हो रही पूछताछ

    पुलिस फिलहाल अस्पताल के स्टाफ, साथी डॉक्टरों और डॉ. सिमरप्रीत के करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है. आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था जिसने एक काबिल डॉक्टर को मौत गले लगाने पर मजबूर कर दिया? इसका मुकम्मल सच फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिसिया तफ्तीश के बाद ही सामने आ पाएगा.

  • स्कूटी की डिग्गी से 30 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद, मुस्तकीम अहमद प्रयागराज से कौशांबी क्यों ला रहा था?..

    स्कूटी की डिग्गी से 30 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद, मुस्तकीम अहमद प्रयागराज से कौशांबी क्यों ला रहा था?..

    स्कूटी की डिग्गी से 30 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद, मुस्तकीम अहमद प्रयागराज से कौशांबी क्यों ला रहा था?..

    उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में स्कूटी से प्रतिबंधित मांस के कथित अवैध परिवहन का मामला सामने आया है. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक युवक का पीछा कर उसे पकड़ लिया और आरोप लगाया कि उसकी स्कूटी की डिग्गी से करीब 30 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, युवक को हिरासत में लिया और मांस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

    20 किलोमीटर पीछा करने का दावा

    जानकारी के मुताबिक, मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर निवासी मुस्तकीम अहमद स्कूटी से कथित तौर पर प्रतिबंधित मांस लेकर जा रहा था. आरोप है कि वह इसे प्रयागराज से लाकर सप्लाई करने वाला था. इसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसका करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया और भड़ेसर गांव के पास उसे रोक लिया.

    कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्कूटी की डिग्गी की तलाशी लेने पर उसमें करीब 30 किलो प्रतिबंधित मांस मिला. इसके बाद युवक की पिटाई भी की गई. बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया.

    पुलिस ने क्या कहा?

    डीएसपी सदर शिवांक सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति स्कूटी से प्रतिबंधित मांस का अवैध परिवहन कर रहा है. सूचना मिलते ही मंझनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मांस को कब्जे में ले लिया.

    उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में गठित डॉक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के साथ मांस की सैंपलिंग कराई है. अब इसकी जांच कराई जाएगी.

    पूछताछ में क्या सामने आया?

    डीएसपी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान मुस्तकीम अहमद पुत्र इश्तियाक के रूप में हुई है, जो मंझनपुर का रहने वाला है. प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह यह मांस प्रयागराज जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित मंसूराबाद से व्यवसायिक उद्देश्य से लेकर आया था.

    पुलिस के अनुसार, बरामद मांस की मात्रा करीब 30 किलो है. इस मामले में थाना मंझनपुर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

    Note: पुलिस ने मांस को जांच के लिए सैंपलिंग कराई है. प्रतिबंधित मांस होने की पुष्टि जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी.

  • दिहाड़ी मजदूर से कंपनी का मालिक बनने तक… ₹5.30 करोड़ की कथित हेराफेरी का खुलासा…

    दिहाड़ी मजदूर से कंपनी का मालिक बनने तक… ₹5.30 करोड़ की कथित हेराफेरी का खुलासा…

    दिहाड़ी मजदूर से कंपनी का मालिक बनने तक… ₹5.30 करोड़ की कथित हेराफेरी का खुलासा…

    राजस्थान में पुलिस ने एक ऐसे मामले का पर्दाफाश किया है जिसमें साइबर ठगों ने एक माइनिंग कंपनी से 5 करोड़ 30 लाख रुपये की ठगी कर ली. यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग कितने शातिर होते हैं और वह कितनी तैयारियां कर अपराध करते हैं. इस मामले में महाराष्ट्र में बैठे साइबर ठगों ने एक दिहाड़ी मजदूर का इस्तेमाल कर राजस्थान की एक नामी माइनिंग कंपनी को चूना लगा दिया. कंपनी ने ठगी के बाद पुलिस में शिकायत की जिसके बाद पूरी जांच की गई और तब जाकर ठगी का पूरा घटनाक्रम सामने आ सका.

    कंपनी के मालिक का फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी

    राजस्थान पुलिस के अरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि ठगी की इस घटना के बारे में 27 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज की गई थी. यह बताया गया कि गैलेक्सी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक दीपेंद्र सिंह राठौड़ के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर ठगी की गई.

    साइबर ठगों ने एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजा. उन्होंने उन्हें दो अलग-अलग बैंक खातों की डिटेल भेजी और बेहद जरूरी बताते हुए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए.

    अकाउंटेंट ने जब व्हाट्सएप पर अपने बॉस का नाम और डीपी देखी, तो उसने बिना किसी संदेह के दिए गए बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए.

    जांच से पकड़ में आया दिहाड़ी मजदूर

    शिकायत के बाद राजस्थान के उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा की निगरानी में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर की एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन का गहनता से तकनीकी विश्लेषण किया.

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी राहुल अशोक (32 वर्षीय) की पहचान की जो महाराष्ट्र के पुणे जिले का निवासी है.  इसके बाद राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से आरोपी को पुणे से दबोच लिया.

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इस ठगी में शामिल था. वह मोटे कमीशन की लालच में साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते का इस्तेमाल करने और अवैध धनराशि के लेनदेन में सहयोग करता था. शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी असल में एक दिहाड़ी मजदूर है. उसने पुणे में ही अमित सिंह नाम के एक व्यक्ति के कहने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी फर्म रजिस्टर्ड करवाई थी.

    50 करोड़ की बैंक लिमिट वाला खाता

    आरोपी से पता चला कि इस फर्जी फर्म से जुड़े करंट बैंक खाते की क्रेडिट लिमिट को मिलीभगत करके 50 करोड़ रुपये तक करवा दिया गया था. इसी खाते का इस्तेमाल कर मार्च 2026 में इसमें 5.30 करोड़ रुपये की ठगी की रकम मंगवाई गई. आरोपी ने इस गिरोह के लिए तीन अन्य बैंक खाते भी खुलवा रखे थे. ठगी की रकम खातों में आते ही बिना किसी देरी के अन्य कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी.

    पुलिस आरोपी राहुल को हिरासत में लेकर जयपुर आ गई है. अब इस मामले में फर्जी खाते खोलने वाले संबंधित बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता की भी गहनता से जांच कर रही है. साथ ही मामले में इस्तेमाल हुए अन्य बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि अमित सिंह सहित इस संगठित साइबर गिरोह के अन्य मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा जा सके.

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई, 11 महीने के मासूम की हत्या के आरोप में माता-पिता पर शक..

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई, 11 महीने के मासूम की हत्या के आरोप में माता-पिता पर शक..

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई, 11 महीने के मासूम की हत्या के आरोप में माता-पिता पर शक..

    बेंगलुरु के अवलाहल्ली थानाक्षेत्र में 11 महीने के मासूम की मौत के मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने बच्चे के माता-पिता पर हत्या का केस दर्ज किया है. पोस्टमार्टम और उसके बाद हुई जांच में पुल‍िस को ऐसे सबूत मिले हैं, जो घटना के बारे में बच्‍चे के माता-प‍िता के बताए गए शुरुआती बयानों से मेल नहीं खाते. पुल‍िस ने इस मामले में बच्चे के पिता और मां के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज कर पि‍ता को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया है, जबक‍ि आरोपी मां फरार है.

    किटागनूर गांव में 9 जून को 11 महीने की रेणुका की मौत की संद‍िग्‍ध पर‍िस्‍थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक, बच्चे के पिता शेकप्पा ने शुरू में पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी बच्चे को दूध पिलाते समय सो गई थीं, जिससे बच्चा बिस्तर से नीचे गिर गया. बच्चे को तुरंत ईस्ट पॉइंट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट (UDR) दर्ज की और मामले की जांच शुरू की.

    चेहरे, छाती और प्राइवेट पार्ट्स पर लगी थीं चोटें

    हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम और जांच में पता चला क‍ि बच्चे के शरीर पर कई चोटों लगी थीं. मासूम के चेहरे, छाती, पैरों और प्राइवेट पार्ट्स पर चोटें लगी थीं. जांच में ये भी सामने आया क‍ि बिस्तर की ऊंचाई सिर्फ दो फीट के आसपास थी, ज‍िसके बाद पुल‍िस इस नतीजे पर पहुंची कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर बच्चे को ऐसी चोटें नहीं आ सकती थीं.

    मां ने मारी लात, प‍िता ने उठाकर जमीन पर पटका

    पुलिस ने आगे बताया कि गवाहों के बयानों से पता चला है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे. गवाहों ने यह भी दावा किया कि विजयलक्ष्मी का एक पड़ोसी के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर था और वह अपने छोटे बच्चे से प्‍यार नहीं करती थी. जांच के मुताबिक, 9 जून की दोपहर को जब शेकप्पा लंच के लिए घर लौटा, तो उसका पत्नी से झगड़ा हो गया. पुलिस का दावा है कि झगड़े के दौरान विजयलक्ष्मी ने रोते हुए बच्चे को लात मारी और शेकप्पा ने गुस्से में आकर बच्चे को उठाया और जोर से जमीन पर पटक दिया.

    पोस्‍टमार्टम र‍िपोर्ट में हुआ बच्‍चे की मौत के कारण का खुलासा

    मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताबिक, 22 जून को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला कि बच्चे की मौत कई अंदरूनी चोटों के कारण अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव और सांस लेने में आई दिक्कतों की वजह से हुई. इसके बाद पुल‍िस ने बच्चे के पिता शेकप्पा और मां विजयलक्ष्मी के खिलाफ हत्या के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की आगे जांच चल रही है.

  • अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर ₹55 हजार वसूलने का आरोप, इन्फ्लुएंसर समेत 3 पर केस; युवती ने आरोपों से किया इनकार..

    अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर ₹55 हजार वसूलने का आरोप, इन्फ्लुएंसर समेत 3 पर केस; युवती ने आरोपों से किया इनकार..

    अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर ₹55 हजार वसूलने का आरोप, इन्फ्लुएंसर समेत 3 पर केस; युवती ने आरोपों से किया इनकार..

    संभल: जिले की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवती और उसके दो साथियों पर हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप लगा है। फास्ट फूड कारोबारी युवक की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का दावा है कि पहले उसे प्रेम संबंध के जाल में फंसाया गया, फिर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए लगातार धमकाकर रुपये ऐंठे गए। शहर के चौधरी सराय निवासी 22 वर्षीय युवक ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवती और उसके दो सहयोगियों पर हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर संभल कोतवाली पुलिस ने युवती समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नैनीताल में हुई थी मुलाकात

    पीड़ित, शहर में फास्ट फूड सेंटर संचालित करता है। उसने बताया कि करीब तीन साल पहले नैनीताल यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात अरिशा से हुई थी। दोनों के एक ही शहर के होने के कारण बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया। युवक का आरोप है कि इसी दौरान विश्वास में लेकर उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए गए। शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद युवती ने उन्हीं फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर रुपये की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे में फंसाने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी भी दी गई। डर के कारण उसने अलग-अलग समय पर करीब 55 हजार रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद भी कथित ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी।

    साथियों के साथ मिलकर फंसाने का आरोप

    युवक का आरोप है कि बाद में जानकारी जुटाने पर पता चला कि युवती अपने दो साथियों अनस और शुऐब के साथ मिलकर लोगों को प्रेम संबंधों के बहाने फंसाने और फिर आपत्तिजनक सामग्री के जरिए वसूली करने का काम करती है। जब उसने युवती से दूरी बनानी शुरू की तो तीनों की ओर से दबाव और धमकियां और बढ़ गईं। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि एक जुलाई 2023 को दोनों पक्षों के बीच स्टाम्प पेपर पर समझौता हुआ था, जिसे नोटरी भी कराया गया था। उसके मुताबिक उस समझौते में युवती ने पहले लगाए गए आरोपों को गलत बताया था। इसके बावजूद अब फिर से फोटो-वीडियो वायरल करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रकम मांगने का सिलसिला शुरू हो गया।

    तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    पुलिस ने शनिवार देर रात युवती और उसके दोनों साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर इनफ्लुएंसर अरिशा का भी एफआईआर के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो खुद को निर्दोष बताते हुए संभल पुलिस से पूरे मामले की निस्पक्ष जांच की मांग करती सुनी जा सकती है।