Category: Crime

  • ‘बैंड बजा दूंगा…’, मर्डर के आरोपी ने महिला को किया इंस्टाग्राम पर मैसेज, हाई कोर्ट ने जमानत रद्द कर फिर भेजा जेल..

    ‘बैंड बजा दूंगा…’, मर्डर के आरोपी ने महिला को किया इंस्टाग्राम पर मैसेज, हाई कोर्ट ने जमानत रद्द कर फिर भेजा जेल..

    ‘बैंड बजा दूंगा…’, मर्डर के आरोपी ने महिला को किया इंस्टाग्राम पर मैसेज, हाई कोर्ट ने जमानत रद्द कर फिर भेजा जेल..

    पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मर्डर के एक आरोपी की बेल कैंसिल की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया कि इस आरोपी ने बेल पर जेल से बाहर आने के बाद कथित रूप से शिकायकर्ता और उसके परिवार को धमकाया। मर्डर के आरोपी पर आरोप है कि उसने इंटाग्राम और फेसबुक के जरिए शिकायकर्ता और उसके परिवार से को धमकाते हुए कहा, “बैंड बजा दूंगा इसके चक्कर में सबकी।”

    सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि आरोपी ने बेल पर जेल से बाहर आने के तुरंत बाद शिकायतकर्ता और उसके परिवार को धमकाना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं, आरोपी ने सोशल मीडिया पर शिकायकर्ता की बहन की तस्वीर भी अपलोड की थी। हाईकोर्ट ने माना कि शिकायतकर्ता पक्ष को धमकाकर आरोपी ने अपने जमानत आदेश की “सबसे जरूरी शर्त” का उल्लंघन किया है।

    द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस विक्रम अग्रवाल एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें हत्या के मामले में 28 जनवरी को एक दूसरी बेंच द्वारा आरोपी को दी गई जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपी से बातचीत भी की और पाया कि उसका व्यवहार “असामान्य” था और वह “ठीक से बात नहीं कर पा रहा था”। हाई कोर्ट ने जेल अधिकारियों या संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर उसकी मानसिक स्थिति की जांच करवाई जाए।

    क्या है मामला?

    आरोपी श्याम लाल नाम के व्यक्ति के कथित मर्डर मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। श्याम लाल (23 जून 2023 को) शिकायकर्ता के चचेरा भाई के नौकर थे। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, जब यह घटना हुई, उस समय शिकायतकर्ता खुद मौके पर मौजूद था और इस दौरान वह घायल हो गया।

    द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को 28 जनवरी को एक अदालत (समकक्ष पीठ) द्वारा नियमित जमानत दे दी गई थी। यह जमानत कुछ शर्तों पर मिली थी, जिसमें यह भी शामिल था कि वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को कोई लालच, धमकी या वादा नहीं देगा, ताकि उन्हें अदालत या किसी अन्य अधिकारी के सामने सच बताने से न रोका जा सके।

    शिकायतकर्ता ने दावा किया कि आरोपी ने बेल पर बाहर आते ही उसे और उसके पिता को उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर धमकाने वाले मैसेज मिलने लगे। उन्हें फेसबुक पर भी ऐसे ही मैसेज मिले। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इन मैसेजों में आरोपी ने कथित तौर पर उसकी बहन के लिए अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस मैसेज में एक मैसेज यह भी था, “इसके चक्कर में मैं सबकी बैंड बजा दूंगा।”

    शिकायतकर्ता के भाई को भी धमकी दी

    आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के भाई को भी धमकी दी थी। उसने कहा था कि अगर वह ट्रायल कोर्ट में उसके खिलाफ गवाही देने आया, तो वह उसकी बहन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल देगा। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की दूसरी बहन को भी आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे। शिकायतकर्ता ने 4 मार्च को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 17 मार्च को एक और FIR दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। वह हिरासत में ही रहा।

    शिकायतकर्ता के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता और उसके परिवार को सीधे धमकी देने के कारण जमानत रद्द की जानी चाहिए। आरोपी की ओर से पेश हुए वकील समय संधावालिया ने दलील दी कि सिर्फ इस एक घटना के आधार पर जमानत रद्द नहीं की जानी चाहिए।

    कोर्ट ने कहा- जमानत रद्द करना एक कड़ा कदम

    कोर्ट ने कहा कि जमानत रद्द करना एक “कड़ा कदम” है और ऐसा आसानी से नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि जमानत रद्द करने से जुड़े कानून पहले से ही अच्छी तरह तय हैं।

    कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता पक्ष को धमकाकर जमानत देने वाले आदेश की सबसे जरूरी शर्त का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा कि उसे जमानत पर रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती क्योंकि अगर ऐसा किया गया, तो “कोई भी अनहोनी घटना हो सकती है”।

  • सिर्फ एक छात्रा फिर भी: 5 km पैदल चलकर रोज पढ़ाने पहुंचते हैं 55 साल के शिक्षक. जंगल में तेंदुए-बायसन का डर, फिर भी नहीं रुके कदम

    सिर्फ एक छात्रा फिर भी: 5 km पैदल चलकर रोज पढ़ाने पहुंचते हैं 55 साल के शिक्षक. जंगल में तेंदुए-बायसन का डर, फिर भी नहीं रुके कदम

    सिर्फ एक छात्रा फिर भी: 5 km पैदल चलकर रोज पढ़ाने पहुंचते हैं 55 साल के शिक्षक. जंगल में तेंदुए-बायसन का डर, फिर भी नहीं रुके कदम

    55 साल के शिक्षक जीवन मिठारी रोज करीब 5 किलोमीटर का जंगल का रास्ता पैदल तय करते हैं. रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा रहता है, लेकिन शिक्षक अपने फर्ज से पीछे नहीं हटते. उनकी मेहनत देखकर छात्रा स्वरा बोडके भी आगे चलकर डॉक्टर बनने का सपना देख रही है.

    मिशन एजुकेशन की अनोखी कहानी महाराष्ट्र के कोल्हापुर से सामने आई है. यहां एक सरकारी स्कूल में अब सिर्फ एक छात्रा पढ़ती है. इस बच्ची की पढ़ाई न रुके, इसके लिए 55 साल के शिक्षक जीवन मिठारी रोज करीब 5 किलोमीटर का जंगल का रास्ता पैदल तय करते हैं. रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा रहता है, लेकिन शिक्षक अपने फर्ज से पीछे नहीं हटते. उनकी मेहनत देखकर छात्रा स्वरा बोडके भी आगे चलकर डॉक्टर

    बनने का सपना देख रही है.1974 में शुरू हुआ था स्कूल कोल्हापुर जिले की गगनबावडा तहसील के धनगरवाडा गांव में जिला परिषद प्राथमिक विद्या मंदिर स्कूल साल 1974 में शुरू हुआ था. कभी इस स्कूल में 50 से 70 बच्चे पढ़ते थे. साल 2001 से 2024 के बीच भी यहां 15 से 20 छात्र-छात्राएं पढ़ते रहे, लेकिन अब स्कूल में सिर्फ एक छात्रा स्वरा बोडके रह गई है. गांव में सुविधाओं की कमी और रोजगार के लिए कई परिवार शहरों की ओर चले गए. अब यहां सिर्फ 2-3 परिवार ही रहते हैं. इसके बावजूद स्कूल को बंद नहीं किया गया है, ताकि स्वरा की पढ़ाई जारी रह सके.रोज 50 किमी फसर स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक जीवन मिठारी, कोल्हापुर से रोज करीब 50 किलोमीटर की यात्रा करके पहुंचते हैं.

    मोटर मार्ग से स्कूल करीब 2.5 किलोमीटर दूर है. इसके बाद उन्हें घने जंगल और पहाड़ी रास्ते से करीब 2.5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. आने-जाने में उनका रोज करीब 5 किलोमीटर पैदल सफर होता है.रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा इस जंगल के रास्ते में गवे यानी बायसन और तेंदुए जैसे जंगली जानवर दिखाई दे सकते हैं. वन विभाग ने यहां ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं. शिक्षक को सलाह दी गई है कि जंगल के रास्ते में कहीं रुकें या बैठें नहीं. जीवन मिठारी कहते हैं, ‘मुझे भी डर लगता है, लेकिन अब आदत हो गई है.’ रोज की यह पैदल यात्रा अब उनकी दिनचर्या और व्यायाम का हिस्सा बन चुकी है.छोटी छात्रा का बड़ा सपना गांव के सरपंच धुंदवडे के मुताबिक, स्कूल तक रास्ता, बिजली और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है.

    पास का स्कूल धुंदवडे में है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए रोज 11 किलोमीटर का जंगल वाला सफर करना मुश्किल है. जीवन मिठारी पहले कोल्हापुर जिला प्राथमिक शिक्षक सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी स्वीकार की. मई 2029 में उनकी सेवानिवृत्ति होनी है. फिलहाल उनकी मेहनत से स्वरा की पढ़ाई जारी है और वह डॉक्टर बनने का सपना देख रही है.

  • अब बांका में​​​​​​​ लड़की के साथ छेड़छाड़, बिहार मेें तीसरी घटना.

    अब बांका में​​​​​​​ लड़की के साथ छेड़छाड़, बिहार मेें तीसरी घटना.

    अब बांका में​​​​​​​ लड़की के साथ छेड़छाड़, बिहार मेें तीसरी घटना.

    बिहार के बांका में टूरिस्ट साइट पर एक महिला से छेड़छाड़ और उसके दोस्त के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आया है। राज्य में पिछले 1 हफ्ते में छेड़छाड़ की यह तीसरी घटना है। इससे पहले जमुई और समस्तीपुर में ऐसी ही घटनाएं सामने आई थीं।

    पुलिस के मुताबिक, बांका के मंदार हिल में हुई घटना के मामले में 6 युवकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई युवा महिला के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं और उसे चप्पलों से भी पीट रहे हैं। उनमें से एक उसे धमकी देता भी नजर आ रहा है।

    वीडियो बनाकर भी शेयर कियासमाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बौसनी पुलिस को 22 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए इस घटना की जानकारी मिली थी और उन्होंने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बाद में इसे मंदार हिल की घटना बताई। FIR में कहा गया है कि 6 युवाओं ने लड़की के साथ कथित तौर अश्लील हरकतें कीं। इस दौरान घटना का वीडियो बनाया गया और बाद में सोशल मीडिया पर शेयर किया गया।

    पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे युवाओं और महिला की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। मंदार हिल के पास रहने वाले लोगों और दुकानदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस SHO पंकज कुमार झा ने बताया कि 6 अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

    समस्तीपुर मामले में 4 लोग गिरफ्तारइससे पहले बुधवार को पुलिस ने समस्तीपुर में नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। वीडियो में दिख रहा था कि लोग लड़की के साथ छेड़छाड़ करते नजर आ रहे थे। एक युवक ने उसका हाथ पकड़ रखा था, जबकि वह छुड़ाने की कोशिश कर रही थी। वीडियो में युवक लड़की के साथ अश्लील हरकत करते और इशारे करते हुए नजर आ रहे थे।

    जमुई छेड़छाड़ मामले में 6 गिरफ्तारजमुई की घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। 10वीं में पढ़ने वाली एक नाबालिग अपने नाबालिग दोस्त के साथ शनिवार को ट्यूशन के बाद छात्र जमुई के मडवा हिल गए। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और उनके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की। आरोप है कि दोनों के साथ करीब एक घंटे तक छेड़छाड़ और मारपीट हुई। इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी नंदन यादव भी है। पुलिस ने एनकाउंटर के बाद उसे गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी।

  • ‘DDR की कॉपी​​​​​​​ के लिए मुझसे रिश्वत मांगी गई’, पुलिस थाने में ही शख्स ने खा लिया जहर

    ‘DDR की कॉपी​​​​​​​ के लिए मुझसे रिश्वत मांगी गई’, पुलिस थाने में ही शख्स ने खा लिया जहर

    ‘DDR की कॉपी​​​​​​​ के लिए मुझसे रिश्वत मांगी गई’, पुलिस थाने में ही शख्स ने खा लिया जहर

    पंजाब के बरनाला में DDR की कॉपी को लेकर एक युवक ने पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया और थाने में जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने आरोपों से अलग घटनाक्रम बताते हुए कहा कि DDR पहले ही दर्ज की जा चुकी थी।

    बरनाला पुलिस स्टेशन में युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की।

    युवक ने DDR की कॉपी देने के बदले पुलिसकर्मी पर पैसे मांगने का आरोप लगाया।

    पंजाब में हाल के दिनों में आत्महत्या की कोशिश और मौत के 2 मामले सामने आए।

    चंडीगढ़: पंजाब के बरनाला जिले में एक युवक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने के भीतर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। युवक का आरोप है कि उसकी आग से क्षतिग्रस्त कार के मामले में डेली डायरी रिपोर्ट यानी कि DDR की कॉपी देने के लिए एक पुलिसकर्मी उससे पैसे मांग रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना धनोला पुलिस स्टेशन की है। जहरीला पदार्थ खाने के बाद युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    17 दिन पहले कार में लगी थी आग

    युवक की पहचान बरनाला जिले के भठलां गांव निवासी जॉबनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में जॉबनप्रीत ने कथित रूप से बताया कि करीब 17 दिन पहले उसकी कार में आग लग गई थी। उसने बताया कि कार के नुकसान का बीमा क्लेम लेने के लिए उसे पुलिस से DDR की कॉपी की जरूरत थी। जॉबनप्रीत ने बताया कि इसके लिए वह कई बार पुलिस स्टेशन गया।

    पुलिसकर्मी पर पैसे मांगने का आरोप

    जॉबनप्रीत ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में तैनात एक अधिकारी ने DDR की कॉपी देने के बदले उससे रिश्वत मांगी। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ने उस पर ही कार में जानबूझकर आग लगाने का आरोप लगा दिया। जॉबनप्रीत ने अपनी शिकायत में संगरूर के बलियां गांव में चल रहे जमीन विवाद का भी जिक्र किया। उसने इस मामले में एक पटवारी का नाम लेते हुए उसके खिलाफ भी आरोप लगाए।

    ‘हमने उसी दिन DDR दर्ज कर दी थी’

    वहीं, पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि जॉबनप्रीत जमीन विवाद के कारण तनाव और अवसाद में था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जॉबनप्रीत बुधवार को पुलिस स्टेशन आया था। पुलिस ने उसी दिन उसकी क्षतिग्रस्त कार से संबंधित DDR दर्ज कर दी थी और उसे उसकी कॉपी अगले दिन लेने के लिए कहा गया था। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह जॉबनप्रीत DDR की कॉपी लेने धनोला पुलिस स्टेशन पहुंचा।

    ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे SHO’

    पुलिस ने कहा कि जब जॉबनप्रीत थाने पहुंचा उस समय SHO वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे और उन्होंने जॉबनप्रीत को इंतजार करने के लिए कहा। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इसके बाद जॉबनप्रीत ने पुलिस स्टेशन के अंदर ही कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। (PTI से इनपुट्स के साथ)

    डिस्क्लेमर: प्रशिक्षित और मान्यता प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) परामर्शदाताओं से परामर्श और सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1800-891-4416 डायल करें।

  • चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल को किसने गोली मारी? बयान बदलने पर बेटा गिरफ्तार, घर में पुलिसकर्मी पत्नी भी थी मौजूद .

    चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल को किसने गोली मारी? बयान बदलने पर बेटा गिरफ्तार, घर में पुलिसकर्मी पत्नी भी थी मौजूद .

    चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल को किसने गोली मारी? बयान बदलने पर बेटा गिरफ्तार, घर में पुलिसकर्मी पत्नी भी थी मौजूद .

    चंडीगढ़। सेक्टर-22 स्थित सरकारी क्वार्टर में हेड कॉन्स्टेबल 42 वर्षीय नितिन के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय घर में नितिन की पत्नी मोनिका, जोकि चंडीगढ़ पुलिस में ही तैनात हैं और उनका 19 वर्षीय बेटा अरमान मौजूद थे।

    बार-बार बयान बदलने की वजह से पुलिस ने अरमान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन वारदात के 6 घंटे बाद भी यह सवाल बना है कि आखिर नितिन को गोली किसने मारी। पुलिस को मौका-ए-वारदात से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है।

    वारदात शुक्रवार सुबह 9 बजे हुई। गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सेक्टर-17 थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो नितिन घायल हालत में बेड पर लेटे मिले। उन्हें जब अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    शुरुआती पूछताछ में अरमान ने पुलिस को बताया कि किसी व्यक्ति ने उसके पिता को गोली मारी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जब उससे घटना के बारे में दोबारा पूछताछ की तो उसके बयान में विरोधाभास सामने आए।

    पुलिस को उसके बयान पर संदेह हुआ। इसके साथ हत्या के दौरान उसने शोर भी नहीं मचाया। बयानों में विरोधाभास होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश में है कि आखिर किसने पुलिसकर्मी को गोली मारी।

    पुलिस अरमान से लगातार पूछताछ कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, देसी कट्टे और परिवार के सदस्यों के बयानों को मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। नितिन अकाउंट ब्रांच पुलिस हेडक्वार्टर सेक्टर 9 में तैनात थे।

    एक पड़ोसी ने बताया कि नितिन के घर कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। शुक्रवार सुबह भी घर से झगड़े और शोर की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इसके कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई।

    एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि पुलिस ने इलाके को घेरकर मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। एक देसी कट्टा मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल बेटे से पूछताछ और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

    बेटे ने थार से दो शिक्षकों को कुचला था

    25 फरवरी की रात कलाग्राम लाइट प्वाॅइंट पर अरमान ने अपनी तेज रफ्तार थार से बाइक सवार दो शिक्षकों को रौंद दिया। शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान 46 वर्षीय गुलशेर अली और 44 वर्षीय अब्दुल सुभान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निवासी थे।

    वारदात के बाद अरमान मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने थार के नंबर के आधार पर बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में वह जेल गया था और फिलहाल जमानत पर था।

  • मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी अरविंद की भतीजी, पुलिस ने घर कर दिया है सील.

    मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी अरविंद की भतीजी, पुलिस ने घर कर दिया है सील.

    मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी अरविंद की भतीजी, पुलिस ने घर कर दिया है सील.

    शंभूपुर गांव में घटना के तीसरे दिन अरविंद सिंह की बड़ी भतीजी नीतू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उनसे न्याय चाहिए।

    नीतू ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में उनके पिता की हत्या के बाद आरोपितों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, जैसी उनके परिवार के साथ हुई। नीतू ने कहा कि घटना के बाद परिवार को गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।

    उनका आरोप है कि आरोपित पक्ष के लोग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि उनका परिवार असहाय होकर घर से दूर रहने को मजबूर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले में जवाब मांगने की बात कही।

    पुलिस ने घर कर दिया सील

    नीतू ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने घर सील कर दिया है, जिससे दादी के कपड़े और जरूरी सामान अंदर ही रह गए हैं। परिवार को जर्जर पुराने मकान में रहने की व्यवस्था पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।

    वहीं इस संबंध में एसएसपी का कहना है कि घटना के बाद परिवार इधर-उधर था। मकान को सील नहीं किया गया है, केवल घटना वाले कमरे को सील किया गया। जल्द ही क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने के बाद उसे भी खोल दिया जाएगा। परिवार के सभी लोग मकान में आ जा सकते है।

    क्या है पूरा मामला

    अहरौला के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार की शाम पूजा-पाठ के दौरान विवाद आख‍िरकार पांच मौतों से शांत हो सका। इस वारदात आरोपी ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी। तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपित अपने आठ वर्षीय पुत्र शौर्य, नौ वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बच्ची को लेकर मकान के एक कमरे में बंद हो गया।

    सूचना पर डीआइजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया। देर शाम तक पुलिस आरोपित से दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस बेहद सतर्कता से कार्रवाई कर रही थी। रात दस बजे तक आरोपित घर के बाहर नहीं निकला।

    पुरानी रंजिश की जांच कर रही पुलिस

    इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में अरविंद भी मारा गया। तीन हत्याओं के पीछे परिवार की पुरानी परिस्थितियां भी चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अरविंद सिंह के बड़े भाई सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की वर्ष 2018 में गांव के मंदिर में पूजा के बाद आयोजित भंडारे के दौरान हत्या कर दी गई थी। सुनील सुरक्षा का काम करता था, जबकि अरविंद कोई नियमित काम नहीं करता था।

    नशे का आदी था अरविंद

    लोगों ने बताया कि अरविंद नशे का लत भी था और घटना वाले दिन भी वह नशे में था। लोगों के अनुसार, उसकी नशे की लत छुड़ाने और घर में शांति के लिए ही पांच दिवसीय पूजा का आयोजन कराया जा रहा था। अरविंद के बड़े भाई सुनील की पत्नी ममता दिल्ली में किसी कंपनी में काम करती हैं। उनकी दोनों बेटियां अपनी दादी शमला देवी के साथ शंभूपुर गहजी गांव में रहती थीं।

  • विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जांच के दौरान बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के बेटे सुब्रत मिनोचा पर अपने पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच में करीब 40 लाख रुपये के कर्ज और संपत्ति को लेकर आशंका को हत्या की साजिश के पीछे की वजहों में शामिल बताया जा रहा है।

    मामले में शुरुआत में विनीत मिनोचा की बहू शालू को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि, पुलिस की मौजूदा जांच में उसके खिलाफ अब तक पुष्ट सबूत सामने नहीं आने की बात कही गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शालू की भूमिका को लेकर जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और अंतिम निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

    करीब तीन महीने पहले रची गई थी साजिश

    पुलिस जांच के अनुसार, सुब्रत पर आरोप है कि उसने अपने पिता की हत्या की योजना घटना से कई महीने पहले बनाई थी। जांच में सामने आया कि उस पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था और हर महीने बड़ी रकम की किस्त चुकानी पड़ती थी।

    पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को यह भी आशंका थी कि उसके पिता अपनी संपत्ति किसी दूसरी महिला के नाम कर सकते हैं। इसी आर्थिक दबाव और संपत्ति को लेकर कथित चिंता के बीच उसने हत्या की साजिश रची।

    कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि सुब्रत ने पिता की हत्या के लिए अपने पुराने कर्मचारी विशाल गौतम से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, विशाल ने पूछताछ में सुब्रत पर हत्या के लिए रकम देने का आरोप लगाया है। इस दावे को पुलिस इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी जांच रही है।

    डुप्लीकेट चाबी से घर में पहुंचने का आरोप

    जांच में सामने आया कि घर की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई गई थी।

  • साहिल वाकोडे केस में पुलिस के लिए सिरदर्द बना iPhone 17, 47 मिनट का राज तलाश रही क्राइम ब्रांच..

    साहिल वाकोडे केस में पुलिस के लिए सिरदर्द बना iPhone 17, 47 मिनट का राज तलाश रही क्राइम ब्रांच..

    साहिल वाकोडे केस में पुलिस के लिए सिरदर्द बना iPhone 17, 47 मिनट का राज तलाश रही क्राइम ब्रांच..

    महाराष्ट्र के IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच में उसका iPhone 17 पुलिस के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. फोन पैटर्न लॉक है और इसका पैटर्न किसी को पता नहीं है. ऐसे में पुलिस अभी फोन का डेटा नहीं निकाल पा रही है.

    पुलिस को उम्मीद है कि अगर फोन खुल गया तो जांच में कई अहम बातें सामने आ सकती हैं. खासकर 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल ने फोन पर क्या सर्च किया था, इसकी जानकारी मिल सकती है. यही वजह है कि क्राइम ब्रांच फोन को जांच की अहम कड़ी मान रही है.

    परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक 47 मिनट में क्या हुआ?

    मामला 18 सितंबर का है. उस दिन परीक्षा के दौरान साहिल पर मोबाइल इस्तेमाल करने का आरोप लगा था. CCTV फुटेज में दिखा कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा था. रिकॉर्ड के मुताबिक साहिल करीब 12:38 बजे परीक्षा हॉल से बाहर निकला. इसके बाद करीब 1:25 बजे वह अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा. यानी परीक्षा हॉल से हॉस्टल पहुंचने के बीच करीब 47 मिनट का समय था.

      अब पुलिस इसी 47 मिनट की पूरी कहानी समझने में जुटी है. साहिल इस दौरान कहां था और उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. इसके लिए परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के रास्ते में लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज देखी जा रही है. पुलिस इन फुटेज के जरिए साहिल की पूरी गतिविधि समझने की कोशिश कर रही है.

       iPhone 17 खुल नहीं रहा, जांच में आई रुकावट

      साहिल का फोन iPhone 17 है और वह पैटर्न लॉक से बंद है. फोन का पैटर्न पुलिस को पता नहीं है. इसके अलावा फोन का डेटा एन्क्रिप्टेड है. पुलिस के पास मौजूद फॉरेंसिक टूल भी इस नए मॉडल का डेटा नहीं निकाल पा रहे हैं. ये टूल पुराने iPhone मॉडल से डेटा निकाल सकते हैं, लेकिन नए मॉडल में दिक्कत आ रही है. अब क्राइम ब्रांच ऐसी दूसरी एजेंसियों से मदद लेने पर विचार कर रही है, जिनके पास एडवांस डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक है.

       लैपटॉप भी पुलिस ने जब्त किया

      जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर लिया है. इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इसके साथ ही परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है. मामले में सबसे पहले पवई पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई थी. इसके बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई. अब तक 20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें छात्र और संस्थान के कर्मचारी शामिल हैं.

      फिलहाल क्राइम ब्रांच की जांच का फोकस साहिल के लॉक iPhone, लैपटॉप और CCTV फुटेज पर है. पुलिस खास तौर पर परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के उन 47 मिनट की पूरी कहानी पता करने में जुटी है.

    • जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

      जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

      जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

      राजस्थान की राजधानी जयपुर में करीब डेढ़ साल से लापता महिला सीमा उर्फ मिंटू चौधरी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मिंटू चौधरी की हत्या किसी गैंग या बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके पति और बेटे ने मिलकर की थी। आरोप है कि पारिवारिक विवाद और महिला के अवैध संबंधों को लेकर शक के चलते पिता-पुत्र ने उसकी हत्या कर शव को सूखे कुएं में फेंक दिया था।

      करीब डेढ़ साल बाद 23 सितंबर को मुहाना थाना क्षेत्र के बनखड़ी बालाजी चौराहे के पास एक पुराने कुएं से महिला का शव बरामद हुआ। शव काफी खराब हालत में था। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान सीमा उर्फ मिंटू चौधरी के रूप में की।

      घर में हत्या के बाद कुएं में फेंका शव

      पुलिस जांच के अनुसार, 25 मई 2025 की रात मिंटू चौधरी के पति लालाराम और बेटे हरिओम ने कथित तौर पर घर में ही उसकी हत्या कर दी। आरोप है कि पारिवारिक कलह और महिला के अवैध संबंधों को लेकर शक के चलते दोनों ने उसका गला घोंट दिया।

      इसके बाद शव को कपड़े में लपेटा गया और मिंटू के ही ऑटो में रखकर करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर ले जाया गया। वहां शव को एक सूखे कुएं में फेंक दिया गया।

      वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की। पिता-पुत्र खुद मुहाना थाने पहुंचे और मिंटू की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों के बीच यह बात फैलाई गई कि मिंटू किसी मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।

      पुलिस जांच में खुला हत्या का राज

      मामले की जांच के दौरान पुलिस की स्पेशल टीम और स्थानीय थाना पुलिस ने तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर

    • महिला को कार में खींच” रहे थे किडनैपर… चीख सुनी तो झाड़ू लेकर दौड़ीं सफाईकर्मी, देहरादून में हौसले की कहानी

      महिला को कार में खींच” रहे थे किडनैपर… चीख सुनी तो झाड़ू लेकर दौड़ीं सफाईकर्मी, देहरादून में हौसले की कहानी

      महिला को कार में खींच” रहे थे किडनैपर… चीख सुनी तो झाड़ू लेकर दौड़ीं सफाईकर्मी, देहरादून में हौसले की कहानी

      सुबह का वक्त था. सड़क पर रोज की तरह सफाई चल रही थी. एक महिला स्कूटी से जा रही थी. तभी एक कार उसके पास रुकी. कुछ लोग उतरे और महिला को जबरन कार में खींचने लगे. महिला चीखी… चीख सुनकर सड़क साफ कर रही तीन महिलाएं झाड़ू लेकर दौड़ीं और आरोपियों से भिड़ गईं. देहरादून की इस घटना की पूरी कहानी अब सामने आई है.

      देहरादून में सुबह-सुबह एक महिला अपनी बेटी को कॉलेज बस तक छोड़कर स्कूटर से घर लौट रही थी. रास्ते में एक काले रंग की कार उसके पास आकर रुकी. इसके बाद कार सवार कुछ युवकों ने महिला को पकड़कर गाड़ी के अंदर खींचने की कोशिश की. महिला ने शोर मचा दिया. आवाज सुनी तो आसपास के लोग दौड़ पड़े. और इसी बीच सड़क पर सफाई कर रहीं तीन महिला सफाईकर्मी भी वहां पहुंच गईं. उनके हाथ में झाड़ू थी. उन्होंने आव देखा न ताव, झाड़ू उठाई और आरोपियों को पीटना शुरू कर दिया.

      अचानक हुए इस विरोध से आरोपी घबरा गए और मौके से भाग निकले. पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी है. मामला देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित नालापानी चौक का है. पुलिस के मुताबिक, 45 साल की महिला अपनी बेटी को कॉलेज की बस तक छोड़ने गई थी. बेटी को बस में बैठाने के बाद वह स्कूटी से अपने घर की तरफ लौट रही थी. महिला नालापानी चौक के पास पहुंची ही थी कि एक काले रंग की कार स्कूटी के पास आकर रुकी. आरोप है कि कार में मौजूद युवकों ने महिला को पकड़ लिया और जबरन कार के अंदर खींचने की कोशिश करने लगे.

      महिला ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया. महिला की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की तरफ भागे. इसी दौरान वहां सड़क की सफाई कर रहीं तीन महिला सफाईकर्मियों ने भी शोर सुना. वे भी झाड़ू लेकर मौके पर पहुंच गईं. पुलिस के मुताबिक, महिला सफाईकर्मियों ने आरोपियों का विरोध किया और झाड़ू से उनकी पिटाई शुरू कर दी. आसपास के लोगों के पहुंचने और सफाईकर्मियों के इस अचानक विरोध के बाद आरोपियों के हौसले पस्त हो गए.

      वे महिला को छोड़कर मौके से भाग निकले. जिस महिला को कुछ लोग जबरन कार में बैठाने की कोशिश कर रहे थे, उसी महिला की मदद के लिए कुछ ही देर में आसपास के लोग और तीन महिला सफाईकर्मी पहुंची थीं. इन सफाईकर्मियों के हाथ में उस वक्त कोई हथियार नहीं था. सिर्फ वही झाड़ू थी, जिससे वे सड़क साफ कर रही थीं.

      कितने लोग थे, अभी साफ नहीं

      पुलिस के मुताबिक, घटना में तीन से चार युवकों के शामिल होने की बात सामने आई है. हालांकि अभी किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है. पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. अब आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस कार और उसमें मौजूद लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

      फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने महिला को कार में खींचने की कोशिश क्यों की थी और उनका मकसद क्या था. पुलिस ने बताया कि घटना बुधवार सुबह हुई. शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी तलाश की जा रही है.