Category: Crime

  • जीआरपी और आरपीएफ ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का किया खुलासा, 50 लाख की फर्जी करेंसी बरामद..​​​

    जीआरपी और आरपीएफ ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का किया खुलासा, 50 लाख की फर्जी करेंसी बरामद..​​​

    जीआरपी और आरपीएफ ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का किया खुलासा, 50 लाख की फर्जी करेंसी बरामद..​​​

    जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से मंगलवार दोपहर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 50 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ राजस्थान के बीकानेर निवासी रामनिवास 20 को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 500-500 रुपये के नकली नोटों की 10 गड्डियां मिलीं। प्रत्येक गड्डी के ऊपर और नीचे केवल नोट प्रिंट थे, जबकि बीच में सादे कागज के टुकड़े थे। पुलिस ने बरामद गड्डियों की कीमत 50 लाख रुपये आंकी है। मंगलवार को आरोपी को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    आरोपी के बैग में रखी सभी गड्डियां सफेद पारदर्शी प्लास्टिक में पैक थीं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली के पहाड़गंज से इन नकली गड्डियों को लेकर कोलकाता जा रहा था। वह लोगों को अधिक रकम का लालच देकर नकली नोटों की गड्डियों को असली बताकर सौंप देता था। पुलिस के मुताबिक, वह लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को ठगकर अवैध कमाई कर रहा था। जीआरपी थाना प्रभारी अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि गड्डियां उसे दिल्ली में कहां से मिलीं, इसके पीछे कौन-सा गिरोह सक्रिय है और इस नेटवर्क में उसके अन्य साथी कौन हैं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली से प्रयागराज पहुंचा था और यहां से उसे कोलकाता जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी। अब यह सवाल उठ रहा है कि दिल्ली से कोलकाता के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध थीं, तो आरोपी प्रयागराज में क्यों उतरा? क्या वह यहां किसी से मिलने वाला था या किसी को नकली गड्डियां सौंपने की तैयारी में था? फिलहाल पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • पति के सामने महिला से गैंगरेप का आरोप, चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में..​​​

    पति के सामने महिला से गैंगरेप का आरोप, चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में..​​​

    पति के सामने महिला से गैंगरेप का आरोप, चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में..​​​

    सूरजपुर । जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। रामानुजनगर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 दरिंदों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

    पति के सामने आरोपियों ने की दरिंदगी

    पुलिस के मुताबिक, घटना 27 जून की देर शाम की है। पति-पत्नी बाजार गए थे और देर शाम अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पति शराब के नशे में सो गया। इसका फायदा उठाकर चार युवकों ने महिला को जबरन पास के एक खेत में ले जाकर उसका मुंह दबाया और जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

    घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    वहीं इस घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • पहले चाकू दिखाकर लूटा, फिर QR कोड से ट्रांसफर कराए पैसे; पुलिस ने आरोपियों को दबोचा..​​​

    पहले चाकू दिखाकर लूटा, फिर QR कोड से ट्रांसफर कराए पैसे; पुलिस ने आरोपियों को दबोचा..​​​

    पहले चाकू दिखाकर लूटा, फिर QR कोड से ट्रांसफर कराए पैसे; पुलिस ने आरोपियों को दबोचा..​​​

    धमतरी। जिले में लूट का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। बदमाशों ने पहले चाकू की नोक पर पीड़ित पिता-पुत्र से 50 हजार रुपये नगद लूट लिए और इसके बाद उन्हें धमकाकर क्यूआर (QR) कोड के जरिए 28 हजार 500 रुपये अपने बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर भी करा लिए। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग बालक को भी पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, घटना 6 जुलाई की रात करीब 10 बजे की है। मनीष सोनवानी अपने पिता के साथ छोटा हाथी वाहन से मवेशियों को ग्राम रिवागहन लेकर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम दर्री और गुजरा के बीच एक तूफान वाहन में सवार चार लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।

    आरोपियों ने पहले गाली-गलौज करते हुए पिता-पुत्र के साथ मारपीट की। इसके बाद चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनके पास मौजूद 50 हजार रुपये नगद लूट लिए। वारदात यहीं नहीं रुकी। बदमाशों ने पीड़ित को डराकर क्यूआर कोड के माध्यम से 28 हजार 500 रुपये भी अपने बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए और मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही थाना भखारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर लगातार दबिश दी। जांच के दौरान पुलिस चारों आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तूफान वाहन, एक धारदार चाकू, तीन मोबाइल फोन तथा लूटी गई रकम में से 30 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं।

    पुलिस ने आरोपी नागेंद्र साहू, नीरज ध्रुवंशी और विनय ध्रुवंशी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। वहीं, मामले में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। कानूनी प्रावधानों के तहत उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है।

  • बिजनौर की महिला ने लगाया गंभीर आरोप, हलाला के नाम पर जेठ ने किया उत्पीड़न, मायके पहुंचकर बचाई जान..​​​

    बिजनौर की महिला ने लगाया गंभीर आरोप, हलाला के नाम पर जेठ ने किया उत्पीड़न, मायके पहुंचकर बचाई जान..​​​

    बिजनौर की महिला ने लगाया गंभीर आरोप, हलाला के नाम पर जेठ ने किया उत्पीड़न, मायके पहुंचकर बचाई जान..​​​

    उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद गंभीर और झकझोरने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने शौहर और ससुराल पक्ष के लोगों पर उत्पीड़न के संगीन आरोप मढ़े हैं. पीड़िता का दावा है कि निकाह के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके बाद उसके साथ मारपीट कर उसे तीन तलाक दे दिया गया. इतना ही नहीं, आरोप है कि दोबारा निकाह कराने का झांसा देकर उसे वापस ससुराल बुलाया गया और फिर कथित तौर पर हलाला की आड़ में उसके सगे जेठ ने उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया. इस पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस ने पति, जेठ और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा कायम कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है.

    निकाह के बाद से ही शुरू हुआ जुल्म का सिलसिला

    पूरा वाकया शेरकोट कस्बे का है. यहां की रहने वाली पीड़िता का निकाह करीब एक साल पहले नहटौर के मोहल्ला सादात निवासी नदीम के साथ हुआ था. महिला के मुताबिक, उसकी शादी में मायके वालों ने हैसियत के मुताबिक फ्रिज, वाशिंग मशीन, सोफा सेट, डबल बेड, फर्नीचर, मोटरसाइकिल, सोने-चांदी के जेवरात और दो लाख रुपये कैश समेत तमाम घरेलू सामान दिया था. इसके बावजूद ससुराल के लोग इस दान-दहेज से नाखुश थे और शादी के बाद से ही उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे. पीड़िता का आरोप है कि बीती 19 मई की रात करीब 11 बजे उसके पति नदीम ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. महिला ने बताया कि पेट पर लात मारे जाने के कारण उसके ऑपरेशन के टांकों में भी तेज दर्द शुरू हो गया और इसी गहमा-गहमी के बीच पति ने उसे तीन बार तलाक बोलकर आधी रात को घर से बाहर खदेड़ दिया.

    थाने के बाहर समझौता और हलाला की घिनौनी शर्त

    पीड़िता के अनुसार, अगले दिन वह न्याय की गुहार लेकर नहटौर थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत दी. आरोप है कि थाने के बाहर ही उसका पति और ससुराल के अन्य लोग मिल गए, जिन्होंने दोबारा निकाह करके साथ रखने का भरोसा दिया और उसे समझा-बुझाकर वापस घर ले आए. महिला का दावा है कि 30 मई को दोबारा निकाह संपन्न होने से ठीक पहले उसके पति ने एक घिनौनी शर्त सामने रख दी. पति ने साफ कहा कि दोबारा निकाह करने से पहले उसे उसके बड़े भाई (जेठ) वसीम के साथ हलाला की प्रक्रिया से गुजरना होगा, तभी वह उसे दोबारा अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करेगा.

    विरोध करने पर बंधक बनाया और जबरन बनाए शारीरिक संबंध

    महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसने इस कुप्रथा और शर्त का पुरजोर विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद उसके जेठ वसीम ने हलाला के नाम पर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए. पीड़िता का यह भी संगीन आरोप है कि इस वारदात के बाद उसे घर के भीतर ही कैद कर दिया गया, ताकि वह बाहर न निकल सके और अपने मायके वालों से किसी भी तरह का संपर्क न साध पाए. जब भी उसने इस कैद का विरोध किया, तो उसके साथ दोबारा मारपीट की गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया. कुछ समय बीतने के बाद उसने किसी तरह गुपचुप तरीके से अपने परिवार को आपबीती बताई, जिसके बाद उसकी भाभी ससुराल पहुंची और उसे अपने साथ मायके ले आई.

    एसपी के हस्तक्षेप के बाद जेठ, पति और जेठानी पर मुकदमा दर्ज

    पीड़िता का आरोप है कि मायके आने के बाद जब उसने दोबारा नहटौर थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया, तो स्थानीय स्तर पर केस दर्ज नहीं किया गया. इसके बाद उसने हार न मानते हुए बिजनौर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात की और लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा. एसपी के कड़े निर्देश के बाद नहटौर पुलिस हरकत में आई और पति नदीम के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट व अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किया. वहीं, मुख्य आरोपी जेठ वसीम के खिलाफ दुष्कर्म (रेप) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ है. इस पूरे कृत्य में सहयोग करने के आरोप में जेठानी नगमा को भी मुकदमे में नामजद किया गया है.

    इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार ने एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. पुलिस टीम इस पूरे मामले की हर एक पहलू से बारीकी से तफ्तीश कर रही है और जांच के दौरान जो भी नए साक्ष्य या तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

  • SSP कार्यालय पहुंची महिला ने लगाए गंभीर आरोप, करवाचौथ के वीडियो दिखाए, बरेली का दरोगा निलंबित..​​​

    SSP कार्यालय पहुंची महिला ने लगाए गंभीर आरोप, करवाचौथ के वीडियो दिखाए, बरेली का दरोगा निलंबित..​​​

    SSP कार्यालय पहुंची महिला ने लगाए गंभीर आरोप, करवाचौथ के वीडियो दिखाए, बरेली का दरोगा निलंबित..​​​

    उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक दरोगा पर शादी और पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर महिला के यौन शोषण, जबरन गर्भपात कराने और लाखों के जेवर ठगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित महिला ने खुद को दरोगा की ‘दूसरी पत्नी’ बताते हुए कई आपत्तिजनक तस्वीरें और इनसाइड वीडियो सबूत के तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और एडीजी को सौंपे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने आरोपी दरोगा नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

    केस की जांच के बहाने घर आना-जाना, फिर करवाचौथ पर खुद को बताया पति

    मिली जानकारी के अनुसार, बारादरी क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता का साल 2022 से अपने पति से विवाद चल रहा था। साल 2025 में जब वह अपनी शिकायत लेकर बारादरी थाने पहुंची, तो उस समय के विवेचक दरोगा नरेश बाबू ने केस की जांच के बहाने पीड़िता के घर आना-जाना शुरू कर दिया। आरोप है कि दरोगा ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने और पुलिस में नौकरी लगवाने का लालच दिया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे। महिला ने आरोप लगाया कि साल 2025 में करवाचौथ के मौके पर दरोगा अपनी पहली पत्नी के पास जाने के बजाय उसके घर आया था और बकायदा पति के रूप में पूजा करवाई थी, जिसके फोटो-वीडियो अब सामने आए हैं।

    8 लाख के जेवर हड़पे और गर्भवती होने पर दी गर्भपात की दवा

    पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि फरवरी 2026 में दरोगा ने अपने बेटे की शादी का बहाना बनाकर उससे करीब आठ लाख रुपये के सोने के जेवर ले लिए और वापस नहीं किए। हद तो तब हो गई जब महिला गर्भवती हो गई। आरोप है कि इसकी जानकारी मिलते ही बीती 12 मई को दरोगा उसे प्रेमनगर के एक नामी अस्पताल ले गया और वहां उसे धोखे से गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खाने के बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ी, तो उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। महिला का आरोप है कि रिटायरमेंट नजदीक आते देख दरोगा ने उससे पीछा छुड़ाने के लिए अपना तबादला सिरौली थाने करवा लिया था।

    अस्पताल में पहली पत्नी और बेटों ने की पिटाई, तब खुला राज

    इस पूरे मामले का हाई-वोल्टेज ड्रामा तब सामने आया जब 5 जुलाई 2026 की रात ड्यूटी से लौटते समय दरोगा नरेश बाबू की बाइक का एक्सीडेंट हो गया और उसका कंधा फ्रैक्चर हो गया। महिला ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का खर्च भी उठाया। लेकिन अगले दिन जब दरोगा की पहली पत्नी और उसके बेटे अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने पीड़ित महिला के साथ जमकर गाली-गलौज और मारपीट की। महिला ने जब डायल 112 पर सूचना दी, तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। इसके बाद महिला ने वकीलों के साथ एसएसपी दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी ने बताया कि एसपी ग्रामीण को मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ‘तानों से परेशान था…’ नालंदा में सास के साथी की हत्या का आरोपी दामाद, पूछताछ में किया बड़ा दावा..​​​

    ‘तानों से परेशान था…’ नालंदा में सास के साथी की हत्या का आरोपी दामाद, पूछताछ में किया बड़ा दावा..​​​

    ‘तानों से परेशान था…’ नालंदा में सास के साथी की हत्या का आरोपी दामाद, पूछताछ में किया बड़ा दावा..​​​

    नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में एक हत्या की जांच करते हुए पुलिस के सामने रिश्तों को उलझा देने वाला मामला सामने आया है। हरनौत थाना क्षेत्र के मूढ़ाढ़ी गांव में पैथोलॉजी कर्मी सोनू कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके कथित हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि हत्या का आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक का रिश्तेदार दामाद था। पुलिस के अनुसार, दोस्तों के तानों और सामाजिक दबाव से परेशान होकर आरोपी ने यह कदम उठाया।

    चाकू से हमला कर की गई थी हत्या

    37 वर्षीय सोनू कुमार चेरण गांव का रहने वाला था और हरनौत बाजार स्थित एक पैथोलॉजी सेंटर में काम करता था। कुछ दिन पहले उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने रजौली-बख्तियारपुर NH-20 को जाम कर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव बढ़ गया था।

    जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली। इसी आधार पर पुलिस हरनौत बाजार निवासी मुकेश कुमार तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।

    सास के साथ संबंधों के शक ने बढ़ाई दुश्मनी

    पुलिस पूछताछ में मुकेश ने बताया कि उसकी शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी। उसके ससुर की मौत करीब 10 साल पहले हो चुकी थी। शादी के बाद जब वह पहली बार ससुराल गया तो वहां सोनू कुमार से मुलाकात हुई। परिवार ने उसे पड़ोसी और करीबी व्यक्ति बताया था।

    मुकेश के मुताबिक, सोनू अक्सर ससुराल में मौजूद रहता था और परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार करता था। शुरुआत में उसने इसे सामान्य माना, लेकिन बाद में उसकी मौजूदगी और व्यवहार को लेकर उसे शक होने लगा।

    दोस्तों के तानों से परेशान होकर बनाया प्लान

    मुकेश ने पुलिस को बताया कि उसके दोस्तों ने उसे सोनू और उसकी सास के बीच कथित संबंधों के बारे में बताया। इसके बाद दोस्त उसे लेकर ताने मारने लगे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।

    उसने सास, पत्नी और सालों के सामने इस रिश्ते का विरोध किया और सोनू से दूरी बनाने की बात कही। इसी बात को लेकर विवाद भी हुआ और दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

    बहाने से बुलाकर किया हमला

    पुलिस के अनुसार, मुकेश ने सोनू को फोन कर शिवाजी मोहल्ला बुलाया। वहां पहले से मौजूद होकर उसने सोनू पर चाकू से हमला कर दिया। आरोप है कि उसने सिर, गर्दन और पीठ पर कई वार किए। इसके बाद लोहे की रॉड से भी हमला किया गया।

    गंभीर रूप से घायल सोनू को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान पीएमसीएच में उसकी मौत हो गई।

    कॉल डिटेल से खुला हत्या का राज

    एसडीपीओ-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि मोबाइल कॉल डिटेल की जांच के बाद आरोपी की पहचान हुई। पूछताछ में मुकेश ने प्रतिशोध की भावना से हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई ग्लैमर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सोनू अविवाहित था और ससुर की मौत के बाद वह परिवार के काफी करीब हो गया था। बताया जा रहा है कि वह परिवार की आर्थिक मदद भी करता था। इसी वजह से कई लोग उसका विरोध नहीं कर पाते थे। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

  • राधा गायत्री हत्याकांड: पिता के आरोप से जांच में नया एंगल, श्रीचरण की मददगार की तलाश..​​​

    राधा गायत्री हत्याकांड: पिता के आरोप से जांच में नया एंगल, श्रीचरण की मददगार की तलाश..​​​

    राधा गायत्री हत्याकांड: पिता के आरोप से जांच में नया एंगल, श्रीचरण की मददगार की तलाश..​​​

    राधा गायत्री मृत्यु मामला: आंध्र प्रदेश की सॉफ्टवेयर कर्मचारी (टेक्नीशियन) राधा गायत्री की संदिग्ध मौत ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है। उनके माता-पिता उत्तराखंड के देहरादून में अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस संदर्भ में, मसूरी कलेक्टर द्वारा मामले की पूर्ण न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने से मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है। हाल ही में, राधा गायत्री के पिता सुधाकर ने घटना से जुड़े चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

    यह भी पढ़ें: घाटकेसर आत्महत्या मामला: घाटकेसर दंपति की आत्महत्या के सनसनीखेज तथ्य… 20 लाख रुपये का घोटाला!

    राधा-गायत्री मामले में सनसनीखेज मोड़: पिता का आरोप है कि किसी अन्य व्यक्ति ने श्री चरण की सहायता की।

    राधा गायत्री हत्याकांड: हत्या सुनियोजित थी… किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का संदेह!

    राधा गायत्री के पिता सुधाकर ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी बेटी की मौत कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि हत्या थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दामाद श्रीचरण ने सुनियोजित तरीके से राधा गायत्री की बेरहमी से हत्या की। सुधाकर ने यह भी बताया कि हत्या वाले दिन घटनास्थल पर श्रीचरण अकेला नहीं था। एक अज्ञात व्यक्ति ने भी इस क्रूर हत्या में उसकी मदद की थी।

    उन्होंने पुलिस से इस साजिश में शामिल दूसरे व्यक्ति की गहन जांच की मांग की। पीड़िता के परिवार को उम्मीद है कि कलेक्टर द्वारा आदेशित न्यायिक जांच के माध्यम से उनकी बेटी की मौत के पीछे की सच्चाई और दोषियों का खुलासा होगा और उन्हें न्याय मिलेगा। पुलिस ने इस मामले में मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी है।

  • रेश्मा के लिए शौहर छोड़ने वाले हेमल खखरिया की हत्या, शव के टुकड़े अलग-अलग जगह से बरामद..​​​

    रेश्मा के लिए शौहर छोड़ने वाले हेमल खखरिया की हत्या, शव के टुकड़े अलग-अलग जगह से बरामद..​​​

    रेश्मा के लिए शौहर छोड़ने वाले हेमल खखरिया की हत्या, शव के टुकड़े अलग-अलग जगह से बरामद..​​​

    एक महिला जिसने प्रेमी के लिए अपना घर-बार छोड़ा, अंत में उसी ने उसकी जान ले ली. जौनपुर जिले का यह मामला आपके रौंगटे खड़े कर देगा. यहां मृतका द्वारा अपने मोबाइल की चैट दिखाने से इनकार करने पर उसके लिव-इन पार्टनर ने सोते समय बेरहमी से उसका गला रेत दिया. वारदात को छिपाने के लिए आरोपी ने शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग ठिकानों पर फेंक दिया. पुलिस ने इस खौफनाक मामले में कार्रवाई करते हुए 14 घंटे के भीतर हत्याकांड का पर्दाफाश करने का दावा किया है और एक मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी को दबोच लिया है.

    शौहर को छोड़कर आई थी साथ, आरोपी को दिलवाई थी नौकरी

    यह पूरा मामला जौनपुर के मडियाहू थाना क्षेत्र का है. आरोपी की पहचान गुजरात के भावनगर निवासी हेमल खखरिया उर्फ दिलीप के रूप में हुई है, जो वर्तमान में मडियाहू की टीचर्स कॉलोनी में रह रहा था. पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि तकरीबन दो महीने पहले उसकी मुलाकात रेशमा खातून उर्फ सना से हुई थी. रेशमा अपने शौहर को छोड़कर हेमल के साथ रहने के लिए आ गई थी. इतना ही नहीं, रेशमा ने ही हेमल को जौनपुर बुलाया था और यहाँ उसकी नौकरी भी लगवाई थी. बीते 4 जुलाई को हेमल उसे वाराणसी के बाबतपुर से लेकर अपने कमरे पर आया था.

    रात में रेता गला, बाजार से पन्नी खरीदकर किए लाश के टुकड़े

    कमरे पर आने के बाद दोनों के बीच मोबाइल की चैट देखने को लेकर भयंकर कहासुनी और विवाद शुरू हो गया. इस बात से आक्रोशित होकर हेमल ने रात में सोते समय चाकू से वार कर रेशमा का गला रेत दिया और उसकी हत्या कर दी. इस खौफनाक वारदात के बाद वह बाजार गया और वहां से काली पन्नी खरीदकर लाया. इसके बाद उसने गड़ासे से शव को तीन हिस्सों में काट दिया. आरोपी ने पहचान मिटाने की नीयत से शव के धड़ को रानीपुर बाईपास पर और बाकी के अंगों को रामनगर ब्लॉक मोड़ के पास स्थित एक पुलिया के पास फेंक दिया. रविवार सुबह जब रानीपुर बाईपास के पास युवती का धड़ बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.

    सबूत मिटाने की कोशिश में पुलिस से मुठभेड़, पैर में लगी गोली

    बाईपास से शव का धड़ मिलने की खबर जैसे ही हेमल को लगी, वह शिनाख्त होने के डर से घबरा गया. वह शव के बचे हुए हिस्सों को कहीं और छिपाने के लिए देर रात दोबारा निकला. इसी बीच, मडियाहू पुलिस और सीओ विजय चौधरी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर ब्लॉक के पास पहले से ही घेराबंदी कर रखी थी. आरोप है कि पुलिस टीम द्वारा खुद को घिरा हुआ देख आरोपी हेमल ने उन पर फायरिंग झोंक दी. पुलिस की तरफ से हुई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया.

    शौहर ने की शव की शिनाख्त, परिजनों ने लगाए अन्य लोगों पर आरोप

    मुठभेड़ में घायल हुए आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया. दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म पूरी तरह कबूल लिया. दूसरी तरफ, घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के शौहर रहीम खान ने शव के टुकड़ों को देखकर उसकी पहचान रेशमा के रूप में की. इस मामले में मृतका के मायके पक्ष और परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि इस विभत्स हत्याकांड में हेमल के साथ पांच अन्य लोग भी संलिप्त थे. पुलिस ने परिजनों की इस शिकायत को दर्ज कर लिया है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है.

  • यूट्यूबर ‘रावण’ के फोन की जांच में चौंकाने वाली जानकारी, कई पहलुओं की पड़ताल जारी..​​​

    यूट्यूबर ‘रावण’ के फोन की जांच में चौंकाने वाली जानकारी, कई पहलुओं की पड़ताल जारी..​​​

    यूट्यूबर ‘रावण’ के फोन की जांच में चौंकाने वाली जानकारी, कई पहलुओं की पड़ताल जारी..​​​

    यूट्यूबर रावण मामला: हिंदू देवी-देवताओं और जन प्रतिनिधियों का अपमान करने वाली सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां करने वाले यूट्यूबर बचलाकुरी जोसेफ उर्फ ​​रावण के कारनामों का खुलासा एक-एक करके हो रहा है। इस महीने की पहली तारीख को पिथापुरम पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए रावण के फोन डेटा के विश्लेषण के बाद काकीनाडा पुलिस को कई सनसनीखेज तथ्य मिले हैं। एक तरफ लड़कियों को ब्लैकमेल करने के मामले हैं तो दूसरी तरफ राजद्रोह के मामलों के चलते रावण पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।

    रावण को फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पकड़ा गया था।

    यूट्यूबर रावण केस

    पुलिस द्वारा रावण को गिरफ्तार करने से पहले, उसने अपने मोबाइल फोन का सारा डेटा डिलीट कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने फोन बरामद कर उसे फोरेंसिक लैब में भेज दिया। नवीनतम फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। सबूतों से पता चला है कि रावण मासूम युवतियों को निशाना बनाता था और उनके साथ अकेले में तस्वीरें और वीडियो बनाता था। फोरेंसिक डेटा से पता चला है कि वह उन दृश्यों को दिखाकर युवतियों को बुरी तरह ब्लैकमेल करता था। बताया जा रहा है कि पुलिस इस रैकेट में 10 से अधिक पीड़ितों की पहचान कर चुकी है।

    यूट्यूबर रावण मामला: गन्नावरम में आतंकवाद विरोधी अधिनियम (यूएपीए) के तहत राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया

    दूसरी ओर, कृष्णा जिले के गन्नावरम पुलिस ने रावण के खिलाफ सबसे सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई इस शिकायत के आधार पर की है कि उसने माओवादी विचारधारा फैलाने, देश में सशस्त्र विद्रोह को बढ़ावा देने और समाज में शांति और व्यवस्था भंग करने के लिए भड़काऊ बयान दिए थे। देश की संप्रभुता और एकता का उल्लंघन करने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 152 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपी) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं । फिलहाल, रावण को अदालत ने इस महीने की 18 तारीख तक हिरासत में रखा है और वह जेल में है। अपराध शाखा और विशेष पुलिस टीमों ने उसके खिलाफ दर्ज दोनों अलग-अलग मामलों की जांच तेज कर दी है।

  • दंपति की आत्महत्या के पीछे 20 लाख रुपये का विवाद? घाटकेसर केस में जांच में जुटी पुलिस​​​

    दंपति की आत्महत्या के पीछे 20 लाख रुपये का विवाद? घाटकेसर केस में जांच में जुटी पुलिस​​​

    दंपति की आत्महत्या के पीछे 20 लाख रुपये का विवाद? घाटकेसर केस में जांच में जुटी पुलिस​​​

    घाटकेसर आत्महत्या मामला: पांच दिन पहले घाटकेसर रेलवे स्टेशन के पास एक दंपति द्वारा ट्रेन के नीचे कूदकर आत्महत्या करने की दुखद घटना में चौंकाने वाले और अप्रत्याशित तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दो बच्चों के साथ चावल का व्यवसाय करने वाला यह परिवार पड़ोस में रहने वाले दंपति द्वारा मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली।

    पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि रवि कुमार और सिरिशा दंपति ने अपने धर्म में परिवर्तन करने के लिए उन पर डाले गए अत्यधिक दबाव के कारण आत्महत्या की, और जब वे ऐसा करने में विफल रहे, तो उन्होंने व्यापार के नाम पर उनसे 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। ये चौंकाने वाले तथ्य तब सामने आए जब पुलिस ने विशेष रूप से मृतकों के बेटों और सिरिशा के माता-पिता से जानकारी जुटाई।

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    घाटकेसर आत्महत्या मामला: धर्मांतरण के लिए लगातार उत्पीड़न

    पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मृतक दंपति रविकुमार और सिरिशा का अपने पड़ोस में रहने वाले वेंकट और प्रमिला से अच्छा परिचय था। हालांकि, इस परिचय का फायदा उठाते हुए वेंकट दंपति ने रविकुमार परिवार पर अपना धर्म अपनाने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। वे रविकुमार दंपति को लगातार परेशान करते रहे कि वे उनका धर्म अपना लें और हर रविवार को चर्च आएं। हालांकि शांत स्वभाव के रविकुमार कभी-कभी उनकी बात मानने से इनकार कर देते थे और अपनी पत्नी के साथ प्रार्थना करने जाते थे, लेकिन उनकी पत्नी सिरिशा दृढ़ता से कहती थीं कि वे नहीं चाहतीं कि वे पूरी तरह से धर्म परिवर्तन करें। इस धर्म परिवर्तन के मुद्दे के कारण रविकुमार और सिरिशा के बीच समय-समय पर छोटी-मोटी कहा-सुनी भी होती रहती थी।

    धर्म परिवर्तन न करने के बहाने 20 लाख रुपये की भारी धोखाधड़ी।

    जब सिरिशा ने धर्म परिवर्तन करने से इनकार कर दिया, तो वेंकट और प्रमिला ने एक और घिनौनी योजना बनाई। उन्होंने रविकुमार दंपति को यह कहकर बहलाया कि अगर वे रेडी-मिक्स कंक्रीट के कारोबार में निवेश करेंगे, तो उन्हें भारी मुनाफा होगा। आखिर, उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया था। रविकुमार, जिन्होंने सोचा था कि कम से कम वे साथ मिलकर व्यापार करेंगे, ने अपनी पत्नी के सोने के गहने बैंक में गिरवी रख दिए। जमा हुए 20 लाख रुपये वेंकट को दिए गए और उसने एक रेडी-मिक्स वाहन खरीद लिया।

    समझौते के अनुसार, वेंकट ने प्रति माह 20 हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन उसने केवल दो-तीन महीने ही पैसे दिए और फिर देना बंद कर दिया। बैंक में जमा सोने पर ब्याज बढ़ता देख और पड़ोसियों द्वारा पैसे न दिए जाने से रवि कुमार दंपति को गहरा मानसिक कष्ट हुआ। धर्म और व्यापार के नाम पर जिन लोगों पर उन्होंने भरोसा किया था, उनके धोखे को सहन न कर पाने और कर्ज चुकाने का कोई रास्ता न मिलने पर, उन्होंने अंततः ट्रेन के नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली, अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गए। पुलिस ने इस घटना का मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए जांच तेज कर दी है।