दवा कारोबारी हत्याकांड में सोमवार शाम बहू शालू जेल से बाहर निकली तो उनका चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था।वह रोती रही। बहन-भाई ने उन्हें सभांला। उनके रिश्तेदार भी उसे लेने पहुंचे थे। उन्होंने उस वक्त मीडिया से बात नहीं की। हालांकि बाद में शालू ने अपने अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के कान चैंबर स्थित चैंबर में दैनिक जागरण के पत्रकार के साथ बात की।
उन्होंने सबसे पहले कहा कि जो सच है सबके सामने है। शुरू से कह रही थी कि मैंने कुछ नहीं किया। मैं निर्दोष हूं और आज वही सच सामने आया। कहा कि जेल में बहुत तकलीफ में समय काटा। हर पल बेटे को याद किया। उसे कभी इतनी दूर नहीं रखा। मेरे लिए वो बहुत मुश्किल का था वैसे तो हर घर में थोड़ी बहुत नोकझोंक होती है, लेकिन कभी ये अहसास नहीं हुआ कि उसने (सुब्रत) ऐसा सोचा होगा।
सुब्रत से थोड़ा बहुत मनमुटाव था, जो हर घर और हर पति-पत्नी के बीच होता है। रिमांड पर भी जब आमना-सामना हुआ तो सुब्रत से पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। बस वह कह रहे थे मुझे यकीन है कि तुमने(शालू ने) नहीं किया। अभी मेरी स्थिति ठीक नहीं है।
शालू ने बताया कि उस रोज जब वह घर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोला तो वहां के हालात देखकर चौक गई। वह ही आगे थी। पापा का शव पड़ा हुआ। बहुत ज्यादा खून बह रहा था। मेरी तो चीखें निकल गईं। समझ में ही नहीं आ रहा था क्या करें। इन्होंने(सुब्रत ने) अपने किटी मेंबर्स और रिश्तेदारों को फोन किया।
सीसी कैमरे में विशाल था, जिसका दूसरा नाम शुभम था। उन्हें शुभम नाम ही बताया गया था। उसने छूटते ही पति से कहा कि यह काम विशाल कर सकता है। शालू ने बताया कि विशाल जब दुकान पर आता था तो पापा उसकी बेइज्जती कर देते थे।
घटना से पहले हाल में ही उसकी बेइज्जती की थी उसे डांट कर भगाया था, जिससे वह पापा (विनीत मिनोचा) से चिढ़ता था, लेकिन सुब्रत ने उसकी बात अनसुनी कर दी थी। सुब्रत ने उन पर क्यों आरोप लगाए सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि वह उस समय जेल में थीं। उन्हें कुछ नहीं पता क्या हुआ। बस मैंने कुछ नहीं किया। ये सब झूठ है।
शालू से जब पूछा गया कि सुब्रत ने अपने पिता पर अन्य महिलाओं से अवैध संबंध होने और ससुर के उससे बैडटच के आरोप लगाए हैं क्या वह जानती थीं। इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया। यह भी कहा कि शराब पीकर जब सुब्रत घर आते तो ससुर डांटते थे, लेकिन सुब्रत ने कभी भी उनसे ऐसा व्यवहार नहीं किया जो लगे कि बात हत्या करने या कराने तक आ जाएगी।
सुब्रत ने ऐसा क्यों किया के सवाल पर शालू ने कहा कि उन्होंने मुझपर क्या आरोप लगाए और ऐसा क्यों किया। ये उनसे ही पूछिए। उन्होंने बताया कि वह अब सीधे लखनऊ जा रही है, जहां वह मायके में अपने बेटे से मिलेगी। पति को पूछने पर उसने कहा कि वह इस विषय पर अभी कोई बात नहीं करना चाहती।
इस दौरान उससे ससुर का कारोबार संभालने की बात पूछी तो शालू ने साफ कहा कि कभी नहीं। इतने दिन बाद जेल से बाहर आई। अभी कुछ नहीं सोचा है। बस मम्मी पापा और बेटे के पास लखनऊ जाना है।
पति की हत्या कर शव गट्टर में फेंकने के मामले में महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साढ़े चार साल पुराने मामले में मंगलवा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने फैसला सुनाया।
दोषी अनिता देवी और उसके प्रेमी संजय कुमार पर 52 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोनों को शुक्रवार को दोषी करार दिया गया था। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील प्रदीप शर्मा ने पर्याप्त सबूत पेश किए। उन्होंने दलील दी कि दोषियों ने दोषियों ने गंभीर अपराध को अंजाम दिया है इसलिए दोनों माफी के हकदार नहीं हैं। इन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए।
इस मामले में 3 फरवरी 2022 को हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मृतक सियाराम साह मूल रूप से बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के डाकघर प्रतापनगर के गांव खलीलपुर का रहने वाला था। वह पत्नी के साथ पंचकूला सेक्टर-26 के मदनपुर में किराये के मकान में रहता था और मिस्त्री का काम करता था।
संजय कुमार मूल रूप से यूपी के गोरखपुर के कुशीनगर का रहने वाला है। वह भी मदनपुर में अनिता के पड़ोस में किराये के मकान में रहता था। दोनों ने मिलकर फरवरी 2022 को सियाराम साह की हत्या की थी की और लाश गट्टर में फेंक दिया था। दोनों के खिलाफ मृतक सियाराम साह के भाई राम साह की शिकायत पर 3 फरवरी 2022 को हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
भाई की शिकायत पर दर्ज किया था केस
पुलिस को दी शिकायत में राम साह ने बताया था कि वह पांच भाई हैं। वह मजदूरी करता है। उसका बड़ा भाई गांव में माता-पिता के साथ रहता है, जबकि तीन भाई चंडीगढ़ के सेक्टर-52 कजहेड़ी में उसके साथ रहते हैं। उसका भाई सियाराम साह पत्नी के साथ गांव मदनपुर, सेक्टर-26, पंचकूला में रहता है।
घटना के दिन राम साह के ठेकेदार ने मोबाइल फोन पर एक मृत व्यक्ति की फोटो दिखाई। वह फोटो उसके भाई सियाराम साह की थी। इसके बाद वह अपने भाई के साथ मदनपुर उसके घर पहुंचा।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि संजय कुमार और उसकी भाभी अनिता देवी के बीच अवैध संबंध थे। कुछ दिन पहले जब उसके भाई सियाराम को पता चला तो संजय कुमार के साथ उसका झगड़ा हुआ था।
इस झगड़े के बाद अनिता और संजय ने मिलकर उसके भाई सियाराम साह की हत्या कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने अपहरण की झूठी शिकायत कर पुलिस को गुमराह करने के मामले का खुलासा करते हुए युवती की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने प्रेमिका की हत्या करने के बाद उसके अपहरण की कहानी गढ़ी और अगले दिन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करा कराई।
पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी अनित एक्का (21) को गिरफ्तार कर लिया है। बीते 26 सितंबर को टी.टांगर थाना में युवती के अपहरण को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वर्ष 2022 में पढ़ाई के दौरान हुआ प्रेम
एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने जांच शुरू की। जिसके बाद 27 सितंबर को मच्छकटा (झरिया डीपा), बोलबा निवासी अनित एक्का को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इस दौरान पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार की।
एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने बताया कि अनित का वर्ष 2022 में सिमडेगा कॉलेज में पढ़ाई के दौरान झरना टोप्पो से प्रेम संबंध हुआ था। वर्ष 2024 में अग्निवीर में चयन के बाद भोपाल में प्रशिक्षण और बारामुला में पदस्थापन के दौरान वह झरना को पैसे भेजता था। बाद में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
शिकायत के बाद शादी को लेकर समझौता
महिला थाना में शिकायत के बाद शादी को लेकर समझौता भी हुआ था। तत्पश्चात मई 2026 के बाद विवाद फिर बढ़ा। आरोपी का दावा है कि झरना कोर्ट मैरिज या 15 लाख रुपये की मांग कर रही थी और केस में फंसाने की धमकी दे रही थी।
इससे परेशान होकर छुट्टी में घर आए अनित ने 24 सितंबर को झरना को स्कूटी से मच्छकटा जंगल ले जाकर मारपीट किया और गला घोंटकर हत्या कर दी। जिसके बाद शव को बोरे में भरकर शंख नदी किनारे ले गया और कुदाल से गड्ढा खोदकर दफना दिया। मोबाइल नदी में फेंक दिया।
इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने 26 सितंबर को अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के पूछताछ में मामले का खुलासा हुआ। आरोपी को सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
Bhagalpur Aurangzeb Murder Case भागलपुर व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम संजय प्रिया की अदालत ने सोमवार को तातारपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित मुहम्मद औरंगजेब हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने मामले के मुख्य अभियुक्त कुख्यात मुहम्मद शाहरुख और मुहम्मद सागर को दोषी करार देते हुए कठोर उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में दोनों को छह-छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वहीं, मामले के तीसरे आरोपित मुहम्मद अजहर को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने रिहा (बरी) करने का आदेश दिया। मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (एपीपी) दीप कुमार ने प्रभावी बहस की।
चार सितंबर 2021 को घर के सामने सटाकर मारी थी गोली
घटनाक्रम के अनुसार, 4 सितंबर 2021 की शाम करीब सवा सात बजे तातारपुर थाना क्षेत्र के जब्बारचक स्थित हकीम अमीर हसन लेन में मुहम्मद औरंगजेब की उसके घर के ठीक सामने गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। यह पूरी वारदात मादक पदार्थों (ब्राउन शुगर व नशीली दवाओं) की खरीद-बिक्री और भंडारण के अवैध धंधे के वर्चस्व से जुड़ी थी।
औरंगजेब हत्याकांड: पूरा घटनाक्रम एक नजर में
वारदात की तिथि व स्थल: 4 सितंबर 2021, हकीम अमीर हसन लेन (जब्बारचक), तातारपुर, भागलपुर।
वारदात की तिथि व स्थल: 4 सितंबर 2021, हकीम अमीर हसन लेन (जब्बारचक), तातारपुर, भागलपुर।
विवाद की वजह: मादक पदार्थ (नशीले पदार्थ) की खरीद-बिक्री व भंडारण को लेकर वर्चस्व।
विवाद की वजह: मादक पदार्थ (नशीले पदार्थ) की खरीद-बिक्री व भंडारण को लेकर वर्चस्व।
घटना का स्वरूप: घर से आवाज देकर बाहर बुलाया गया और सिर में सटाकर गोली मारकर हत्या की गई।
घटना का स्वरूप: घर से आवाज देकर बाहर बुलाया गया और सिर में सटाकर गोली मारकर हत्या की गई।
अदालत का फैसला: मुहम्मद शाहरुख: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)। मुहम्मद सागर: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)। मुहम्मद अजहर: साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त (बरी)।
अदालत का फैसला:
मुहम्मद शाहरुख: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)।
मुहम्मद शाहरुख: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)।
मुहम्मद सागर: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)।
मुहम्मद सागर: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)।
मुहम्मद अजहर: साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त (बरी)।
मुहम्मद अजहर: साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त (बरी)।
कोर्ट परिसर में उपद्रव: 14 सितंबर को सजा टलने पर शाहरुख ने हाजत में मार्बल के टुकड़े से हवलदार दिनेश प्रसाद का सिर फोड़ दिया था, जिस पर तिलकामांझी थाने में अलग से दर्ज है केस।
कोर्ट परिसर में उपद्रव: 14 सितंबर को सजा टलने पर शाहरुख ने हाजत में मार्बल के टुकड़े से हवलदार दिनेश प्रसाद का सिर फोड़ दिया था, जिस पर तिलकामांझी थाने में अलग से दर्ज है केस।
मृतक के भाई मुहम्मद इरफान के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, घटना के वक्त इरफान घर के बाहर बाइक खड़ी कर रहा था, तभी शाहरुख अपने अन्य साथियों के साथ पहुंचा और औरंगजेब को बात करने के बहाने बाहर बुलाया। घर के बाहर आते ही दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते बदमाशों ने औरंगजेब के सिर में पिस्टल सटाकर गोली दाग दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
कोर्ट में सिपाही पर हमला कर फोड़ दिया था सिर
गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व में 14 सितंबर को ही दोनों अभियुक्तों को सजा सुनाई जानी थी। पेशी के दौरान जब तकनीकी कारणों से सजा की तिथि आगे बढ़ाई गई, तो शाहरुख आपा खो बैठा और सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने लगा। बीच-बचाव कर रहे हवलदार दिनेश प्रसाद के साथ उसने धक्का-मुक्की की और हाजत के भीतर फर्श पर पड़े मार्बल के नुकीले टुकड़े से हवलदार के सिर पर जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इसके बाद खुद को बचाने के लिए उसने स्वयं का सिर भी फोड़ लिया था।
हवलदार पर हमले के आरोप में शाहरुख के खिलाफ तिलकामांझी थाने में 14 सितंबर को अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। न्यायाधीश संजय प्रिया ने इस दुस्साहसिक घटना पर गंभीर संज्ञान लेते हुए एपीपी दीप कुमार से पूरे प्रकरण की जांच कराई थी और सजा के लिए 28 सितंबर की तिथि मुकर्रर की थी। सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत ने दोनों कुख्यातों को ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे भेजने का फैसला सुनाया।
29 साल पुराने चोरी की संपत्ति छिपाने के मामले में फैसला
वहीं, एक अन्य मामले में- चोरी की संपत्ति को छिपाने और ठिकाने लगाने से जुड़े 29 वर्ष पुराने एक मामले में सोमवार को न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मामले के अभियुक्त सुनील तांती उर्फ सुनील शर्मा को दोषी करार देते हुए 20 माह के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त पर पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में सरकार की ओर से अभियोजन पदाधिकारी मनीष कुमार ने बहस में भाग लेकर प्रभावी दलीलें पेश कीं।
कजरैली नाबालिग दुष्कर्म कांड में छोटू कुमार दोषी करार
कजरैली थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने त्वरित सुनवाई करते हुए सोमवार को अपना फैसला सुनाया। पॉक्सो मामलों की विशेष न्यायाधीश सुगंध प्रसाद की अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपित छोटू कुमार को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई और सजा सुनाने के लिए 30 सितंबर 2026 की तिथि निर्धारित की है। मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) शंकर जयकिशन मंडल ने बहस में भाग लेते हुए अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा।
डॉक्टर और आईओ सहित 6 गवाहों की गवाही पर टिका फैसला
यह पूरा मामला कजरैली थाना क्षेत्र में 30 अगस्त 2023 को घटी नाबालिग से दुष्कर्म की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से छोटू कुमार को नामजद आरोपित बनाते हुए कजरैली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच के बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई और 4 सितंबर 2024 को आरोपित के विरुद्ध आरोप (चार्ज) गठित किया गया था।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, चिकित्सक और केस के अनुसंधानकर्ता (आईओ) सहित कुल छह प्रमुख गवाहों का न्यायालय में परीक्षण कराया गया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपित को कसूरवार ठहराया।
कैलिफोर्निया के स्पोर्ट्स पार्क में न्यूयॉर्क टाइम्स के एक टेक एग्जीक्यूटिव जोनाथन मैकिन्से की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस हत्या का आरोप उनके ही ससुराल वालों पर लगा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स में गेम्स प्लेयर एक्सपीरियंस के इंजीनियरिंग हेड, जोनाथन मैकिन्से अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे। उनका अपने ससुराल वालों के साथ ट्रांसजेंडर होने को लेकर विवाद चल रहा था।
ससुराल वालों ने ही गोली मारकर कर दी हत्या
पुलिस ने इस जानलेवा गोलीबारी के लिए जोनाथन मैकिन्से के ससुराल वालों, 76 वर्षीय शौयोंग झांग और शिली चेन को गिरफ्तार किया है।
कैलिफोर्निया के डबलिन में स्थित एथलेटिक कॉम्प्लेक्स और प्लेग्राउंड, डबलिन स्पोर्ट्स ग्राउंड्स की पार्किंग में यह घटना हुई। पुलिस ने अभी तक इस अपराध के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि मैकिन्से, जो 2023 से अखबार के लिए काम कर रहे थे, शनिवार दोपहर हुई गोलीबारी का शिकार हुए थे।
मैकिन्से के लिंक्डइन प्रोफाइल से पता चलता है कि उनका टेक क्षेत्र में लगभग दो दशकों का करियर था और उन्होंने स्प्लंक (Splunk), कोर्सेरा (Coursera) और ओरेकल (Oracle) जैसी कई टेक कंपनियों के लिए भी काम किया था।
ट्रांसजेंडर होने के चलते गहराया विवाद
न्यूयॉर्क टाइम्स ने कोर्ट के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि 40 वर्षीय जोनाथन और उनकी पत्नी कैंडिस जांग, अलग-अलग रह रहे थे और दोनों ने पिछले साल अलामेडा काउंटी में एक-दूसरे के खिलाफ घरेलू हिंसा से बचाव के आदेश के लिए अर्जी दी थी।
रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर के रिकॉर्ड से पता चला कि मैककिन्से ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर अपनी ट्रांस पहचान के कारण उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
जोनाथन ने दावा किया था कि उनकी सास ने एक बार उन्हें और उनके एक बेटे को बच्चे के कपड़ों की पसंद के कारण घिनौना क्वीर, विकृत और मॉन्स्टर कहा था।
NYT की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी दावा किया कि 2010 में डबल मास्टेक्टॉमी सर्जरी से ठीक होने के दौरान उनके ससुर ने उनकी छाती पर घूंसा मारा था।
पति-पत्नी के बीच हिंसक लड़ाई
जोनाथन मैकिन्से की शादी 2011 में हुई थी। मैककिन्से और उनकी पत्नी जांग के बीच हिंसक लड़ाई भी हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2013 में एक अन्य झगड़े के दौरान उनकी पत्नी ने उन्हें फ्राइंग पैन से मारा था।
रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए ‘द मर्करी न्यूज’ ने बताया कि मैककिन्से ने दावा किया था कि जब वे 2010 में महिला से पुरुष बनने की प्रक्रिया (ट्रांजिशन) से गुजर रहे थे, तब जांग ने उनके शरीर से मेडिकल ट्यूब खींचने की कोशिश की थी।
खबरों के मुताबिक, 2025 में मैकिन्से पर बच्चों के साथ दुर्व्यवहार (मिसडिमीनर) के दो आरोप भी लगाए गए थे। जांग ने डबलिन पुलिस को फोन करके बताया था कि मैकिन्से ने उनके छह साल के बेटे के चेहरे पर थप्पड़ मारा।
दस्तावेजों से यह भी पता चला कि उन्होंने मैकिन्से पर 2018 में हुई एक बहस के दौरान उनकी बांह पर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया था।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में मैकिन्से ने दोनों अपराधों के लिए खुद को बेगुनाह बताया और उन्हें इस शर्त पर जेल से रिहा कर दिया गया कि वे पेरेंटिंग क्लास लेंगे।
आदर्शनगर कॉलोनी के रहने वाले युवक अमन सागर की मंगलवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। उसका शव बदनौली जाने वाले मार्ग पर स्थित उसके ही खेत में पड़ा मिला।
सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान मिले हैं। शव के पास ही उसकी स्कूटी खड़ी मिली। रात से युवक के लापता होने के बाद स्वजन उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था। सुबह खेत में शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एएसपी सतीश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद की भी हो रही जांच
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद को भी हत्या की एक संभावित वजह मानकर जांच की जा रही है। इसके अलावा युवक की रात में किन लोगों से मुलाकात हुई और वह खेत तक कैसे पहुंचा, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही मृतक के मोबाइल फोन की काल डिटेल और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है।
एएसपी के अनुसार, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलहरी में घर से खेत तरफ शौच को जा रहे ग्रामीण की पुरानी रंजिश के चलते बांका (धारदार हथियार) से प्रहार कर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपित फरार हो गया। पुलिस ने गांव में पहुंचकर पड़ताल शुरू कर दी है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस को तैनात कर दिया गया।
घटना में पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपी रामदेव एवं श्यामदेव को हिरासत में ले लिया गया है तथा उनसे पूछताछ की जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलहरी निवासी वेदराम का गांव के ही कुछ लोगों से करीब 20 साल पहले विवाद हो गया था। उस समय मारपीट और हमले के दौरान एक युवक की मृत्यु हो गई थी। इसी को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। आरोपित पक्ष तभी से बदला लेने की सोच रहा था।
मौके पर जमा लोग।
पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही आरोपितों में दिया घटना का अंजाम
मंगलवार की सुबह वेदराम आठ बजे के करीब घर से खेत पर शौच के लिए जा रहे थे। रास्ते में फिर कहासुनी हो गई। आरोपितों ने उन पर ताबड़तोड़ बांका से प्रहार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली पवन कुमार पांडेय पुलिस टीम के साथ पहुंच गए। हमला करने के बाद आरोपित भाग गए।
20 वर्ष पहले एक युवक की हत्या करने को लेकर चल रही थी रंजिश
आपसी रंजिश के चलते घटना से गांव के लोगों में दहशत व्याप्त है। गांव में पुलिस को तैनात कर दिया गया। गांव के लोग शव उठाने से पहले आरोपितों की गिरफ्तारी करने की मांग कर रहे हैं।
बलिया बेलौन थाना क्षेत्र के विद्यानंदपुर गांव में धान के खेत में मंगलवार को करीब 15 वर्षीय नाबालिग का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
मृतक की पहचान खादिम अशरफ, पिता मो. आरिफ, निवासी विद्यानपुर, पंचायत मधाईपुर, वार्ड संख्या पांच के रूप में हुई है। नाबालिग की गला रेतकर हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है।
शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू
बताया गया कि घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर धान के खेत में नाबालिग का शव पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
सूचना पर बलिया बेलौन पुलिस भी पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस हत्या के कारणों और घटना में शामिल लोगों का पता लगाने में जुटी है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, नाबालिग की हत्या से गांव में भी मातम और दहशत का माहौल है।
यूनाइटेड स्टेट्स के राज्य टेनेसी में 200 साल में पहली बार किसी महिला को मौत की सजा दी जा रही है। क्रिस्टा पाइक वो महिला हैं, जिन्हें बुधवार, 30 सितंबर को सजा दी जाएगी।
क्रिस्टा पाइक ने 18 साल की उम्र में जलन में आकर अपनी एक क्लासमेट की हत्या कर दी थी। इसी गुनाह के लिए उसे मौत की सजा दी गई। क्रिस्टा पाइक मौत की सजा पाने वाली सबसे उम्र की महिला बनी।
200 साल में पहली बार महिला को मौत की सजा
क्रिस्टा पाइक को उसके गुनाह के लिए अब 50 साल की उम्र में, बुधवार को मौत की सजी दी जानी है। यह टेनेसी में 200 साल में किसी महिला को दी जाने वाली पहली मौत की सजा होगी।
क्रिस्टा पाइक और उनके बॉयफ्रेंड को 1995 में नॉक्सविले जॉब कॉर्प्स में उनकी क्लासमेट, 19 साल की कोलीन स्लेमर की हत्या का दोषी ठहराया गया था।
सरकारी वकीलों का कहना था कि पाइक को डर था कि स्लेमर उनकी रोमांटिक राइवल है, इसलिए क्रिस्टा ने उसे एक सुनसान जगह पर बुलाया और बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर स्लेमर को प्रताड़ित किया और उसकी हत्या कर दी।
इस मामले ने बहुत ध्यान खींचा क्योंकि हत्या बहुत बेरहमी से की गई थी, इसमें शामिल लोगों की उम्र कम थी और पीड़िता के शरीर पर शैतानी प्रतीक उकेरा गया था।
क्रिस्टा पाइक ने कबूल किया गुनाह
क्रिस्टा पाइक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, लेकिन पाइक के वकील ने तर्क दिया कि उस उम्र में, बिना इलाज वाली मानसिक बीमारी और बचपन में भयानक यौन शोषण और उपेक्षा झेलने वाले किशोर द्वारा किए गए अपराध के लिए मौत की सजा सही नहीं है।
पीड़िता स्लेमर की मां चाहती हैं कि जानलेवा इंजेक्शन (lethal injection) के जरिए सजा दी जाए। उनका कहना है कि उन्होंने पाइक की सजा पर अमल होते देखने के लिए दशकों तक इंतजार किया है।
टेनेसी के गवर्नर बिल ली ने सोमवार को घोषणा की कि वह दया याचिका मंजूर नहीं करेंगे। पाइक के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से सज पर रोक लगाने की अपील की है।
बचपन में क्रिस्टा पाइक का हुआ यौन शोषण
दया याचिका में पाइक के दर्दनाक अतीत का जिक्र किया गया है पाइक के वकीलों ने कहा कि उनका बचपन बहुत ही दर्दनाक और शोषण भरा रहा था।
असिस्टेंट फेडरल डिफेंडर स्टीफन फेरेल ने कहा कि पाइक का यौन शोषण तब से हो रहा था जब वह बहुत छोटी बच्ची थीं और 11 व 17 साल की उम्र में उसका बलात्कार हुआ था।
स्टीफन फेरेल ने कहा कि ट्रायल के सजा वाले चरण में पाइक के वकीलों ने जूरी के सामने उनके अतीत के बारे में जरूरी जानकारी पेश नहीं की और न ही इस बात पर जोर दिया कि उनकी उम्र पर भी विचार किया जाना चाहिए।
बाद में पाइक में बाइपोलर डिसऑर्डर और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) की पहचान हुई। पाइक ने पुलिस को बताया कि शुरू में वह सिर्फ स्लेमर से लड़ना चाहती थीं, लेकिन गुस्से में किए गए हमले में उन्होंने उसकी हत्या कर दी।
अपनी दया याचिका में, पाइक के वकीलों ने कहा कि उनकी बिना इलाज वाली मानसिक बीमारी और बैकग्राउंड की वजह से वह खुद को रोक नहीं पाईं।
पाइक ने अपनी दया याचिका में शामिल एक बयान में कहा, ‘मैं 18 साल की मानसिक रूप से बीमार लड़की थी। मैंने जो किया था, उसकी गंभीरता को समझने में ही मुझे कई साल लग गए और भी ज्यादा समय यह स्वीकार करने में लगा कि मैंने कितने लोगों की जिंदगी पर असर डाला। मैंने किसी के बच्चे, बहन या दोस्त की जान ले ली। अब यह सोचकर ही मुझे घिन आती है कि मुझमें ऐसा अपराध करने की क्षमता थी।’
कादीपुर के कुंभी डडिया गांव में सोमवार रात अज्ञात बदमाशों ने 48 वर्षीय प्रधानाध्यापक मुकेश सिंह और उनकी 45 वर्षीय पत्नी विनीता सिंह की हत्या कर दी। पत्नी गांव में निजी विद्यालय का संचालन करती थी।
मुकेश और विनीता निजी विद्यालय परिसर स्थित आवास में ही रहते थे। वह कंपोजिट विद्यालय खनुहट में तैनात थे। साथ ही मोतिगरपुर प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी थे।
घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि सुबह पुलिस को दो लोगों के शव मिलने की सूचना मिली थी। तत्काल टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। प्रथम दृष्टया गला रेतकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
मौके से पुलिस को एक कुल्हाड़ी भी मिली है। कुल्हाड़ी में भी खून लगा हुआ था। घटना का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। आशंका है कि बदमाशों ने पहले विनीता सिंह की हत्या की उसके बाद जान बचाकर भाग रहे मुकेश सिंह पर वार किए।
दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। स्कूल परिसर में ही दोनों के लहूलुहान शव पड़े थे। विनीता का शव उनके कमरे के पास पड़ा था जबकि मुकेश का शव लगभग 150 मीटर दूर था।
दोनों के सिर, चेहरे, पीठ और गले पर गहरे घाव थे। फिलहाल पुलिस सीसी फुटेज और अन्य माध्यमों से छानबीन कर रही है। एसपी ने बताया कि रंजिश और अन्य बिंदुओं पर मामले की जांच की जा रही है।
शिक्षक संघ का चुनाव लड़ रहे थे मुकेश
मुकेश स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की राजनीति में सक्रिय थे। वह शिक्षक संघ का चुनाव लड़ रहे थे। 28 सितंबर को मतदान होना था लेकिन वह टल गया था। उनकी पत्नी विनीता भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुकी थी। इस चुनाव में उन्हें तीसरा स्थान मिला था। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल चुनाव या घटना को लेकर अन्य कारण स्पष्ट नहीं किए हैं।