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  • मां के खिलाफ रची खौफनाक साजिश? आयुषी पर टोटके करने का आरोप, सामने आई चौंकाने वाली कहानी

    मां के खिलाफ रची खौफनाक साजिश? आयुषी पर टोटके करने का आरोप, सामने आई चौंकाने वाली कहानी

    मां के खिलाफ रची खौफनाक साजिश? आयुषी पर टोटके करने का आरोप, सामने आई चौंकाने वाली कहानी

    Jaipur murder case: जयपुर के प्रताप नगर इलाके में सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को हैरान कर दिया है. जिस मां ने पति की मौत के बाद बेटी को पढ़ाया, परिवार को संभाला और दिव्यांग बेटे की देखभाल की, उसी मां की मौत की साजिश रचने का आरोप उसकी अपनी बेटी पर लगा है. पुलिस के मुताबिक सरकारी नौकरी, करोड़ों की संपत्ति और पारिवारिक अधिकार हासिल करने की चाह में यह पूरी योजना बनाई गई थी.

     पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थी निरज

    मामला जयपुर की एयरपोर्ट कॉलोनी में रहने वाले परिवार से जुड़ा है. करीब ढाई वर्ष पहले लोअर कोर्ट में एलडीसी पद पर कार्यरत विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा ने यहां अपना मकान बनवाया था. परिवार में उनकी पत्नी निरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा और मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा रहते थे. करीब एक वर्ष पहले विजय शर्मा का निधन हो गया. उस समय आयुषी ने 12वीं की परीक्षा पास की थी. पति की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का बड़ा सवाल खड़ा हो गया था.

    अनुकंपा नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद

    विजय शर्मा की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा सामने आया. आयुषी स्वयं नौकरी करना चाहती थी और शुरुआत में उसकी मां भी इसके पक्ष में थीं. इसी दौरान निरज शर्मा के भाई, जो स्वयं लोअर कोर्ट में एलडीसी हैं, उन्होंने निरज को समझाया कि वह पढ़ी-लिखी हैं और परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं. दिव्यांग बेटे की देखभाल और घर की जरूरतों को देखते हुए निरज शर्मा ने अपने दिवंगत पति के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार कर ली. पुलिस के अनुसार यहीं से मां-बेटी के बीच तनाव बढ़ना शुरू हुआ.

    मां के फैसले से नाराज होकर अलग रहने लगी आयुषी

    पुलिस जांच के अनुसार मां द्वारा नौकरी स्वीकार किए जाने के बाद आयुषी नाराज हो गई. उसने एयरपोर्ट कॉलोनी का घर छोड़ दिया और कल्याण कॉलोनी स्थित अपने पिता के पुराने मकान में रहने लगी.

    वहीं उसने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ एलएलबी में दाखिला लिया. दोनों एक ही घर में रहने लगे. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी दौरान निरज शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना तैयार की गई.

    करोड़ों की जमीन और संपत्ति का लालच बना कथित वजह

    पुलिस के अनुसार आयुषी ने कथित रूप से बलराम को साजिश में शामिल करने के लिए बड़ी संपत्तियों का लालच दिया. जांच में सामने आया कि आगरा रोड स्थित लगभग पांच करोड़ रुपये मूल्य की पांच बीघा जमीन और भरतपुर में करीब पांच करोड़ रुपये की चार बीघा जमीन का जिक्र किया गया. बताया गया कि मां की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति हासिल करने के साथ-साथ जयपुर के दोनों मकानों पर भी उसका अधिकार हो सकता था. इसी आर्थिक लाभ को कथित तौर पर हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है.

    एक महीने पहले भी हुई थी कुचलने की कोशिश

    जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से लगभग एक महीने पहले निरज शर्मा को उनके घर के बाहर थार वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया था. हालांकि उस समय वह बच गई थीं. घटना के बाद उन्हें किसी खतरे का आभास हो गया था. उन्होंने अपने भाई को पूरी बात बताई और बाहर निकलना कम कर दिया. सुरक्षा के लिए घर में जालियां लगवाई गईं और बाहर चार सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए.

    मां को घर से बाहर निकालने के लिए अपनाए गए कथित टोटके

    पुलिस जांच में सामने आया कि सुरक्षा बढ़ने के बाद आरोपियों के लिए योजना को अंजाम देना मुश्किल हो गया. इसके बाद कथित तौर पर घर के बाहर नींबू-मिर्च, लाल सिंदूर और जलता हुआ नारियल फेंकने जैसी गतिविधियां शुरू की गईं. जांच एजेंसियों का मानना है कि इसका उद्देश्य निरज शर्मा को घर से बाहर निकलने के लिए मजबूर करना था ताकि उन पर हमला किया जा सके.

    4 जुलाई को अंजाम दी गई साजिश

    पुलिस के मुताबिक 4 जुलाई को निरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को लेकर फिजियोथेरेपिस्ट के पास गई थीं. इसी दौरान आयुषी ने उन्हें किसी जरूरी काम का हवाला देकर घर लौटने के लिए कहा. जब निरज वापस लौट रही थीं, तब 60 फीट रोड पर पहले से मौजूद हमलावरों ने कथित तौर पर स्कॉर्पियो वाहन से उन्हें टक्कर मार दी. इस घटना में उनकी मौत हो गई. शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन जांच के दौरान मामला हत्या का निकला.

    सड़क हादसा दिखाने की थी पूरी तैयारी

    पुलिस के अनुसार पूरी साजिश इस तरह बनाई गई थी कि घटना एक सामान्य हिट एंड रन दुर्घटना लगे. जांच में यह भी सामने आया कि आयुषी, उसके चचेरे भाई बलराम और कुछ अन्य लोगों को कथित रूप से इस योजना की जानकारी थी. साजिश के तहत वाहन से कुचलकर हत्या करने का फैसला लिया गया ताकि किसी को शक न हो और मामला दुर्घटना मानकर बंद हो जाए.

    सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों ने खोली साजिश की परतें

    हालांकि वारदात को दुर्घटना दिखाने की कोशिश ज्यादा दिन तक सफल नहीं हो सकी. पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की. जांच आगे बढ़ी तो हत्या के पीछे कथित पारिवारिक साजिश की परतें खुलती चली गईं. पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा कर दिया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया.

    गिरफ्तारी के बाद भी नहीं दिखा पछतावा

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आयुषी के व्यवहार में किसी तरह का पछतावा दिखाई नहीं दिया. वह लगातार सवालों को टालती रही और कई बार उलझाने वाले जवाब देती रही. मीडिया से बातचीत की कोशिशों के दौरान भी उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कैमरे के सामने चुप्पी साधे रखी. पुलिस अब पूरे मामले में अन्य संभावित आरोपियों और साजिश से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है.

  • सुबह-सुबह पत्नी के साथ कर डाली सनसनीखेज वारदात, दोनों पत्नियों को लेकर सामने आई चौंकाने वाली कहानी..

    सुबह-सुबह पत्नी के साथ कर डाली सनसनीखेज वारदात, दोनों पत्नियों को लेकर सामने आई चौंकाने वाली कहानी..

    सुबह-सुबह पत्नी के साथ कर डाली सनसनीखेज वारदात, दोनों पत्नियों को लेकर सामने आई चौंकाने वाली कहानी..

    दक्षिण अफ़्रीका के उत्तरी केप प्रांत की राजधानी किम्बरली में पति ने पहले तो अपनी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया फिर इसके बाद उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद पति ने आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की.अपने बच्चों के अलावा रोंडा एंडरसन के जीवन में संगीत का भी बहुत महत्व था. हैरत की बात यह है कि ऐसे में जब 29 वर्षीय महिला रोंडा एंडरसन बाथटब में करंट लगने से मृत पाई गई और उसके पास पानी में उसका मेन-पावर्ड ‘घेटो ब्लास्टर’ (पोर्टेबल रेडियो/टेप प्लेयर) चालू हालत में था  तो ऐसा लगा कि यह मौत एक दुखद दुर्घटना थी. रोंडा एंडरसन अपने दो छोटे बच्चों के पिता माइकल थॉम्पसन से अलग हो गई थी, लेकिन ऐसा लगता था कि उसके पास जीने के लिए बहुत कुछ था. इसके बाद में कोरोनर ने भी माना कि उसकी दुखद मौत एक दुर्घटना थी  और यह एक बेवकूफी भरी गलती का नतीजा थी. 
     
    वहीं, 25 साल बाद रोंडा एंडरसन की मौत का मामला तब एक नया मोड़ ले गया जब माइकल थॉम्पसन की अलग हो चुकी पत्नी किम्बरली भी मृत पाई गई. शुरुआत में यह मामला आत्महत्या जैसा लग रहा था. सुनवाई के दौरान जूरी को बताया गया कि 56 वर्षीय थॉम्पसन ने पिछले साल अगस्त में एक सुबह 43 वर्षीय किम्बरली का दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी. उसने ऐसा आपत्तिजनक वीडियो देखने और किम्बरली के नए रिश्ते और तलाक की कार्रवाई के तहत भारी वित्तीय समझौते की मांग को लेकर मन में गुस्सा पालने के बाद किया था.

    बिस्तर पर क्यों मिला था तस्वीरों का कॉलोज

    इसके बाद उसने नॉर्थम्प्टन स्थित अपने घर में उसकी लाश के पास शराब की खाली बोतलें और गोलियों के पैकेट रखकर ऐसा माहौल बनाया जिससे लगे कि उसने आत्महत्या की है. माइकल थॉम्पसन ने उसके फोन से सोशल मीडिया पर मैसेज भी भेजे जिनमें दावा किया गया कि उसने शराब पी रखी थी. साथ ही उसने पुलिस और पैरामेडिक्स को यह बताने से पहले कि उसे बेडरूम में पत्नी बेसुध हालत में मिली है. उसके बिस्तर पर उसकी शादी की तस्वीर और उसकी दिवंगत बहन (जिसने आत्महत्या की थी) की तस्वीरों का एक कोलाज भी रखा.

    हत्या के दो मामले में ठहराए गए दोषी

    यहां पर बता दें कि माइकल थॉम्पसन (जो पहले डोरमैन और शौकिया बॉक्सर थे) को मिसेज थॉम्पसन के मर्डर, दुष्कर्म और न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालने के दो मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद  ‘डेली मेल’ ने अब मिस एंडरसन की मौत से जुड़ी जानकारी दी है. 

  • अमेरिका में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सनसनीखेज करतूत! पत्नी की हत्या के बाद गर्लफ्रेंड को भेजी तस्वीर..

    अमेरिका में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सनसनीखेज करतूत! पत्नी की हत्या के बाद गर्लफ्रेंड को भेजी तस्वीर..

    अमेरिका में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सनसनीखेज करतूत! पत्नी की हत्या के बाद गर्लफ्रेंड को भेजी तस्वीर..

    Image AI

    अमेरिका में भारतीय इंजीनियर अविनाश ने पत्नी की हत्या कर लाश की फोटो गर्लफ्रेंड को भेजी. जानिए बंद बाथरूम और कड़वी स्मूदी के पीछे छिपे इस खौफनाक कत्ल का सच.

    अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का आरोप है कि उसने अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया और अगले ही दिन उसकी लाश की तस्वीर भारत में रह रही अपनी गर्लफ्रेंड को भेज दी.

    करीब 9 महीने तक चली लंबी और बारीकी से जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसकी जमानत के लिए 5 मिलियन डॉलर (करीब 47 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि तय की गई है. अगर अदालत में उसका दोष साबित हो जाता है, तो उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है.

    आरोपी की पहचान 30 वर्षीय अविनाश नारने के रूप में हुई है, जो मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है और अमेरिका में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता है. अविनाश ने 5 जून 2025 को 27 वर्षीय रजिता सब्बिनेनी से शादी की थी.

    शादी के महज 5 महीने बाद मिला पत्नी का शव

    27 अक्टूबर 2025 को अविनाश ने खुद पुलिस को फोन किया और बताया कि उसकी पत्नी ने खुद को अंदर से बाथरूम में बंद कर लिया है और वह दरवाजा नहीं खोल रही है. जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर रजिता का शव पड़ा हुआ था. अविनाश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी गढ़ी कि वह करीब 40 मिनट के लिए घर से बाहर गया था और जब वापस लौटा, तो पत्नी का कमरा अंदर से बंद मिला.

    हालांकि, पुलिस ने जब अपार्टमेंट के ‘स्मार्ट लॉक’ और सुरक्षा प्रणाली के डिजिटल डेटा की जांच की, तो सच सामने आ गया. डेटा से साफ हुआ कि अविनाश के बाहर रहने के दौरान कोई भी दूसरा शख्स फ्लैट के अंदर नहीं आया था. इसके बाद पुलिस ने किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या किए जाने की आशंका को पूरी तरह खारिज कर दिया.

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी साफ हो गया कि रजिता की मौत गला घोंटने के कारण दम घुटने से हुई थी. इसके बाद पुलिस ने इसे पूरी तरह हत्या का मामला मानकर जांच आगे बढ़ाई.

    शादी के बाद भी गर्लफ्रेंड से जुड़ा रहा अविनाश

    पुलिस तफ्तीश में यह दिल दहला देने वाला सच सामने आया कि अविनाश का भारत में एक महिला के साथ पिछले कई सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इसी बीच उसने रजिता के साथ अरेंज मैरिज कर ली. पुलिस के मुताबिक, उसकी गर्लफ्रेंड उसकी शादी में भी शामिल हुई थी और शादी के बाद भी दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे.

    मर्डर वाले दिन भी अविनाश ने अपनी गर्लफ्रेंड से कम से कम चार बार बात की थी. कड़ी पूछताछ में उसने खुद कबूल किया कि पत्नी की मौत के अगले दिन उसने रजिता के शव की तस्वीर अपनी गर्लफ्रेंड को भेजी थी.

    चैट से खुला राज

    जांच के दौरान पुलिस ने रजिता और अविनाश के बीच के व्हाट्सएप चैट और मैसेज रिकवर किए. इन मैसेजेस से पता चला कि रजिता अक्सर शिकायत करती थी कि उसका पति जो ड्रिंक्स बनाता है, उनका स्वाद बहुत कड़वा होता है.

    अपनी मौत वाले दिन भी रजिता ने अविनाश को मैसेज किया था कि उसके पति ने जो ‘स्मूदी’ बनाई है, उसका स्वाद किसी कड़वी दवाई या कफ सिरप जैसा लग रहा है. वहीं, जब पुलिस घटना के दिन घर पहुंची थी, तो अविनाश ने यह दावा किया था कि उसकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी और शायद कफ सिरप पीने के बाद चक्कर आने से वह बाथरूम में गिर गई.

    रजिता की मौत के बाद, पुलिस ने कई महीनों तक डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और अन्य पुख्ता सबूत जुटाए. आखिरकार, जुलाई 2026 में अविनाश से दोबारा कड़ी पूछताछ की गई और उसे सोची-समझी हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.

  • कैशियर हत्याकांड: जांच में मिला पाकिस्तान कनेक्शन का सुराग, गैंग के नेटवर्क पर बड़ा खुलासा..

    कैशियर हत्याकांड: जांच में मिला पाकिस्तान कनेक्शन का सुराग, गैंग के नेटवर्क पर बड़ा खुलासा..

    कैशियर हत्याकांड: जांच में मिला पाकिस्तान कनेक्शन का सुराग, गैंग के नेटवर्क पर बड़ा खुलासा..

    चंडीगढ़ में कैशियर हत्या मामले से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है।

    चंडीगढ़ में कैशियर हत्या मामले से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। सेक्टर-11 में श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या करने वाले गैंग के सदस्य ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से अवैध हथियार और नकली करंसी मंगवाते थे ताकि उनका गैंग मजबूत हो सके। क्राइम ब्रांच टीम ने गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह निवासी गांव पंडोरी गोला तरनतारन, आकाश कुमार उर्फ ​​मनी निवासी मिशन कंपाउंड तरनतारन और सचिन सिल्वेस्टर को गिरफ्तार किया है।  वहीं धर्मिंदर सिंह उर्फ ​​गोली उर्फ ​​बलविंदर सिंह निवासी गांव काजीकोट को पुलिस जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है।

    बताया जा रहा है कि, पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 3.028 kg आईस, 8 लाख रुपये की नकली करंसी और 2 अल्ट्रा-मॉडर्न पिस्तौल के साथ मैगजीन बरामद की हैं। एसपी अनुराग दारू ने बताया कि क्राइम ब्रांच टीम ने हत्या का ऑर्डर देने वाले मास्टरमाइंड अमित से पूछताछ के बाद हथियार देने वाले गुरमीत, आकाश और सचिन को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि जेल में बंद धर्मेंद्र के कहने पर अमित और उसके साथियों को हथियार दिए गए थे। एक बड़े इंटरस्टेट क्रिमिनल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

    ड्रोन, एन्क्रिप्टेड ऐप्स और जेल से काम करने वाले हैंडलर

    पुलिस जांच में एक गहरी और कई लेयर वाली क्रिमिनल साज़िश का पता चला है। पाकिस्तान और विदेश में सुरक्षित जगहों पर बैठे हैंडलर, पंजाब बॉर्डर से नज़दीकी का फायदा उठाकर, ड्रोन के जरिए बैन सामान (ड्रग्स और हथियार) गिराते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों से बचने के लिए, विदेशी ऑपरेटिव जेल में बंद गैंगस्टरों के साथ कोऑर्डिनेट करने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं।

    इस मामले की पूरी साजिश धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली ने रची थी, जिसके ख़िलाफ मर्डर और एक्सटॉर्शन समेत कुल 32 केस दर्ज हैं और वह अभी कपूरथला जेल से नेटवर्क चला रहा था। गोली के कहने पर, बॉर्डर इलाकों में उसके साथियों ने ड्रोन से गिराए गए मॉडर्न हथियार और नशीले पदार्थ इकट्ठा किए। इसके बाद, सिंडिकेट ने जम्मू-कश्मीर से शूटरों को बुलाया, उन्हें सुरक्षित जगहें दीं, तस्करी की गई मॉडर्न पिस्तौलों की निशानेबाजी को टेस्ट किया और हिंसक अपराध करने से पहले टारगेट की टोह ली। पुलिस का कहना है कि साजिश में शामिल दूसरे साथियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने, बरामद सामान और गैर-कानूनी हथियारों के सोर्स का पता लगाने और अपराध के पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच की जा रही है।

  • दिल दहला देने वाली वारदात! पत्नी की हत्या कर घर के अंदर दफनाने की तैयारी, वजह ने चौंकाया.

    दिल दहला देने वाली वारदात! पत्नी की हत्या कर घर के अंदर दफनाने की तैयारी, वजह ने चौंकाया.

    दिल दहला देने वाली वारदात! पत्नी की हत्या कर घर के अंदर दफनाने की तैयारी, वजह ने चौंकाया.

    Lakhisarai Murder Case: बिहार के लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र स्थित अलीनगर गांव में बुधवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. एक पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव को घर के अंदर ही दफना दिया और पूरे दिन ऐसे व्यवहार करता रहा मानो कुछ हुआ ही न हो. हालांकि देर शाम ग्रामीणों के संदेह और पुलिस की पूछताछ ने इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश कर दिया. मृतका की पहचान सहोदरी देवी के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति नागेश्वर बिंद उर्फ नागो बिंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने घर के अंदर जमीन खुदवाकर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लखीसराय भेज दिया.

    सुबह साथ गए थे पूजा करने, दोपहर में बदल गया सब कुछ

    पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 10 बजे पति-पत्नी गांव स्थित चंडिका स्थान में पूजा-अर्चना करने गए थे. पूजा करने के बाद दोनों घर लौटे और साथ बैठकर मुर्गा-चावल तैयार किया. खाना खाने के बाद सहोदरी देवी सो गईं. इसी दौरान नागेश्वर बिंद ने शराब का सेवन किया. बताया जा रहा है कि शराब के नशे में धुत होने के बाद उसने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया.

    कुल्हाड़ी और धारदार हथियार से की निर्मम हत्या

    प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने पहले धारदार हथियार से पत्नी का गला रेता. इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने चेहरे तथा हाथों पर कई वार किए. हमले में सहोदरी देवी की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की योजना बनाई और शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया.

    घर के अंदर शव दफना

    पत्नी की हत्या करने के बाद नागेश्वर बिंद ने मिट्टी के घर के अंदर ही एक गड्ढा खोदा. इसके बाद शव को उसी गड्ढे में दफना दिया. वारदात को छिपाने के लिए उसने पूरे दिन सामान्य व्यवहार करने की कोशिश की. बाहर से देखने पर किसी को अंदाजा नहीं था कि घर के अंदर एक हत्या हो चुकी है और शव जमीन के नीचे दफन है. शाम होने पर आरोपी घर के बाहर ताला लगाकर निकलने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान पड़ोसियों ने सहोदरी देवी के बारे में पूछा. नागेश्वर बिंद ने लोगों को बताया कि उसकी पत्नी मायके चली गई है. हालांकि उसकी यह कहानी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी. ग्रामीणों को उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ क्योंकि सहोदरी देवी बिना किसी को बताए कहीं जाने वाली महिला नहीं थीं.

    बकरियों की मिमियाहट से बढ़ा शक

    ग्रामीणों के संदेह की एक बड़ी वजह घर में बंधी बकरियां भी बनीं. बताया गया कि बकरियां लंबे समय से भूखी-प्यासी थीं और लगातार मिमिया रही थीं. ग्रामीणों का कहना था कि अगर सहोदरी देवी मायके गई होतीं तो घर और पशुओं की व्यवस्था करके जातीं. इसी बात ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने नागेश्वर बिंद को गांव में ही रोक लिया और पुलिस को सूचना दे दी.

    पुलिस की पूछताछ में टूट गया आरोपी

    सूचना मिलने के बाद सूर्यगढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली. शुरुआती जांच में महिला का कोई सुराग नहीं मिला. जब पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और पूरी वारदात स्वीकार कर ली. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घर के अंदर खुदाई कराई, जहां से सहोदरी देवी का शव बरामद हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रात में खोजी कुत्तों की मदद भी ली. जांच टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि कहीं इस अपराध में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी. पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाल रही है.

    निःसंतान होने की बात बताई वजह, पुलिस कर रही जांच

    प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि दंपती की कोई संतान नहीं थी और इसी बात को लेकर वह परेशान रहता था. उसने इसी कारण पत्नी की हत्या करने की बात कही है. हालांकि पुलिस केवल इसी बयान पर निर्भर नहीं है. जांच अधिकारी हत्या के वास्तविक कारण, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य संभावित वजहों की भी गहन पड़ताल कर रहे हैं. सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया कि आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. जानकारी के अनुसार मृतका के मायके में केवल उनके वृद्ध पिता रहते हैं, जबकि उनके भाई दूसरे प्रदेश में हैं. पुलिस और प्रशासन परिजनों के आने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

  • पत्नी की गुहार रही बेअसर! ‘मेरा सोना ले लो…’ कहती रही, लेकिन पति और 10 महीने के मासूम को भी नहीं बख्शा,,

    पत्नी की गुहार रही बेअसर! ‘मेरा सोना ले लो…’ कहती रही, लेकिन पति और 10 महीने के मासूम को भी नहीं बख्शा,,

    पत्नी की गुहार रही बेअसर! ‘मेरा सोना ले लो…’ कहती रही, लेकिन पति और 10 महीने के मासूम को भी नहीं बख्शा,,

    Bengaluru Crime News: बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर एक परिवार पर बदमाशों में हमला कर दिया. एक पति-पत्नी और उनका 10 महीने का बच्चा यात्रा कर रहे थे कि कुछ बदमाशों ने उन पर अटैक कर दिया.

    महिला ने अपने पति और बच्चे को बचाने के लिए अपने सोने को भी पेशकश की, लेकिन हमलावरों पर कोई असर नहीं हुआ और उन्होंने बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर कार में यात्रा कर रहे महिला के पति और बच्चों को पीटना जारी रखा.

    पुलिस ने किया गिरफ्तार 

    पुलिस ने बताया कि रविवार रात करीब 10.30 बजे मांड्या जिले के मद्दूर के पास हुए कथित हमले के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यह घटना पीड़ितों के पीछे चल रहे एक वाहन के डैशकैम में कैद हो गई थी. पीड़ित सागर कुमार ने एनडीटीवी को बताया कि लगभग नौ लोगों ने राजमार्ग पर उन पर और उनके परिवार पर हमला किया, और कहा कि इस क्रूर हमले से उनकी पत्नी गहरे सदमे में हैं. उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझ पर, मेरी पत्नी पर और मेरे 10 महीने के बच्चे पर हमला किया. मेरी पत्नी ने हाथ जोड़कर उनसे हमें बख्शने की भीख मांगी क्योंकि हम एक शिशु के साथ यात्रा कर रहे थे. उसने उनसे यह भी कहा, ‘मेरा सोना ले लो, जो चाहो ले लो, लेकिन कृपया हमें जाने दो।’ लेकिन उन्होंने मुझ पर हमला करना बंद नहीं किया.” घटनास्थल से मिले एक वीडियो में सागर की कार को हाईवे के बीचोंबीच रोककर, उसे घेरकर, बाहर खींचकर सड़क पर ही उसके साथ मारपीट करते हुए दिखाया गया है. उसकी पत्नी उसे बचाने के लिए बाहर आती है, जबकि एक अन्य वाहन में सवार व्यक्ति स्थिति को शांत करने का प्रयास करता है. हालांकि, मारपीट जारी रहती है.

    क्यों हुई मारपीट 

    पुलिस ने बताया कि यह झड़प तब शुरू हुई जब एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक के बीच सागर की कार कथित तौर पर एक अन्य वाहन से टकरा गई. टक्कर को लेकर दोनों वाहनों में सवार लोगों के बीच बहस हुई जो जल्द ही हिंसा में तब्दील हो गई. इस हमले में घायल सागर ने सोमवार को पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. बेंगलुरु निवासी इस पीड़ित ने व्यवस्थागत सुधारों की मांग करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है.

  • पति और सहेली के बीच चल रहा था रिश्ता? कॉल रिकॉर्ड, चैट और CCTV फुटेज ने खोले कई अहम राज..

    पति और सहेली के बीच चल रहा था रिश्ता? कॉल रिकॉर्ड, चैट और CCTV फुटेज ने खोले कई अहम राज..

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    Darbhanga BDO Wife Death Case: बिहार के दरभंगा जिले में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है. शुरुआती दौर में यह मामला दहेज हत्या के आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा था, लेकिन अब जांच का केंद्र कथित प्रेम संबंध, डिजिटल साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ी जानकारी बन गई है. मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस मामले में BDO मनोज कुमार के साथ बेगूसराय में तैनात ASI अनु कुमारी को भी गिरफ्तार किया था. दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से मनोज कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि ASI अनु कुमारी को पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया.

    मोबाइल चैट और कॉल डिटेल ने बदली जांच की दिशा

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कई तकनीकी साक्ष्य सामने आए हैं. इनमें मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और CCTV फुटेज शामिल हैं. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने BDO मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में दोनों ने कई सवालों के जवाब में इनकार किया, लेकिन जब उन्हें तकनीकी सबूत दिखाए गए तो दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क और कथित रिश्ते से जुड़े तथ्य सामने आए. जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका अमृता कुमारी की मौत से कोई सीधा संबंध है या नहीं.

    परिजनों का आरोप- रिश्ते का विरोध करती थीं अमृता

    मृतका अमृता कुमारी के भाई राजकुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अमृता को अपने पति मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी के कथित रिश्ते की जानकारी हो गई थी. परिवार का आरोप है कि अमृता इस संबंध का लगातार विरोध करती थीं. इसी वजह से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा. शिकायत में यह भी कहा गया है कि दहेज की मांग और कथित रिश्ते का विरोध करने के कारण अमृता को जहर देकर मार दिया गया. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

    मौत वाले दिन दोनों के पटना में होने की जांच

    पुलिस जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है. सूत्रों के अनुसार अमृता कुमारी की मौत वाले दिन BDO मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी कथित रूप से पटना में मौजूद थे. जांच एजेंसियां इस पहलू की भी बारीकी से पड़ताल कर रही हैं. उस दिन की लोकेशन हिस्ट्री, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है. पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना वाले दिन किन-किन लोगों से बातचीत हुई और घटनाक्रम के दौरान कौन-कौन संपर्क में था.

    वीडियो कॉल रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में

    जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि अमृता को मौत वाले दिन वीडियो कॉल किए गए थे. पुलिस अब वीडियो कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से घटना से पहले और बाद के घटनाक्रम की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.

    कॉम्पिटिशन की तैयारी के दौरान हुई थी पहचान

    जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मनोज कुमार और अनु कुमारी की पहचान मुजफ्फरपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान हुई थी. समय के साथ दोनों के बीच संपर्क बना रहा. दूसरी ओर अमृता और अनु कुमारी भी कॉलेज की सहेलियां बताई जा रही हैं. दिसंबर 2022 में मनोज कुमार और अमृता की शादी हुई थी, लेकिन पुलिस का कहना है कि शादी के बाद भी मनोज और अनु के बीच बातचीत और संपर्क जारी रहा. यही वजह है कि पुलिस इस रिश्ते के पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है.

    CCTV फुटेज ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

    जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक CCTV फुटेज भी लगा है. अधिकारियों के अनुसार फुटेज में अमृता के साथ मारपीट दिखाई देने का दावा किया गया है. इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कई अन्य पहलुओं की जांच शुरू की है. पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और CCTV फुटेज में कुछ अन्य नामजद आरोपी भी दिखाई दे रहे हैं. इन लोगों की पहचान और भूमिका को लेकर जांच जारी है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

    गायब मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप की तलाश

    पुलिस की जांच अब अमृता कुमारी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी केंद्रित हो गई है. मृतका के परिजनों का आरोप है कि अमृता के दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप में प्रताड़ना और पूरे घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मौजूद थे. उनका दावा है कि इन उपकरणों को गायब कर दिया गया है. पुलिस तकनीकी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से इन उपकरणों की तलाश कर रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इन डिवाइसों से कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं.

    मोबाइल फोन की होगी फॉरेंसिक जांच

    मामले की गंभीरता को देखते हुए BDO मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी के मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. विशेषज्ञ कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, चैट हिस्ट्री, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच करेंगे. इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले और बाद में क्या गतिविधियां हुई थीं.

    परिवार के अन्य सदस्य भी नामजद

    इस मामले में केवल BDO मनोज कुमार ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, भाई और बहन को भी नामजद आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. जांच एजेंसियां सभी पक्षों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट का मिलान कर रही हैं.

    इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर टिकी पूरी जांच

    फिलहाल यह मामला केवल पारिवारिक विवाद या दहेज उत्पीड़न तक सीमित नहीं रह गया है. मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, वीडियो कॉल, फॉरेंसिक जांच और गायब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अब जांच के सबसे अहम आधार बन चुके हैं. पुलिस का कहना है कि सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की जांच पूरी होने, फॉरेंसिक रिपोर्ट आने और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी. फिलहाल जांच कई स्तरों पर जारी है और हर नए साक्ष्य के साथ मामला और भी संवेदनशील होता जा रहा है.

  • बेटे की मौत के बाद रिश्तों की बदली तस्वीर! विधवा बहू की 15 साल के भतीजे से कराई शादी, बोली- अब पति की तरह रहना होगा..

    बेटे की मौत के बाद रिश्तों की बदली तस्वीर! विधवा बहू की 15 साल के भतीजे से कराई शादी, बोली- अब पति की तरह रहना होगा..

    बेटे की मौत के बाद रिश्तों की बदली तस्वीर! विधवा बहू की 15 साल के भतीजे से कराई शादी, बोली- अब पति की तरह रहना होगा..

    मध्य प्रदेश के जिला टीकमगढ़ से बुआ का बवाल सामने आय़ा है।  जिले के खरगापुर थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले से सभी को हैरान कर दिया है। माता-पिता की मृत्यु के बाद रिश्तेदारों के संरक्षण में रह रहे 15 वर्षीय नाबालिग ने अपनी ही सगी बुआ और परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाया है। टीकमगढ़ एसपी के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

    बुआ ने करवा दी विधवा बहू से शादी 15 साल के रिश्तेदार का शादी

    दरअसल माता-पिता की मौत के बाद 15 साल का नाबालिग लड़का बुआ के घर पर रहने लगा था।  किशोर का आरोप है कि उसकी बुआ ने अपने दिवंगत बेटे की विधवा बहू की मांग उससे जबरन भरवाई। बाद में उसे उसी महिला के साथ पति-पत्नी की तरह रहने के लिए लगातार दबाव बनाया। मामले में पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।

    सगी बुआ के पास रह रहा था नाबालिग

    पीड़ित ने टीकमगढ़ एसपी को दिए आवेदन में कहा है कि माता-पिता के निधन के बाद वह अपनी सगी बुआ के पास रह रहा था। इसी दौरान बुआ और परिवार के अन्य सदस्यों ने कथित रूप से उसे मंदिर ले जाकर अपनी विधवा बहू की मांग जबरन भरवा दी। नाबालिग का कहना है कि उसे बताया गया कि अब उसका विवाह हो चुका है और उसे उसी महिला के साथ पति की तरह रहना होगा।

    अपनी उम्र को लेकर दिया हवाला

    किशोर का आरोप है कि उसने कई बार अपनी उम्र का हवाला देते हुए इसका विरोध किया, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। उसने कहा कि विरोध करने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण कराने का भी प्रयास किया गया। पीड़ित का कहना है कि उसकी बुआ का बेटा अब इस दुनिया में नहीं है और इसी कारण वह अपनी विधवा बहू को उसके साथ रखने का दबाव बना रही है। उसका कहना है कि इस पूरी घटना ने उसके बचपन, शिक्षा और भविष्य को संकट में डाल दिया है।

    नाबालिग ने यह भी बताया कि उसने पहले संबंधित थाना पुलिस और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसे कोई प्रभावी राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विस्तृत आवेदन सौंपा और निष्पक्ष जांच, अपनी सुरक्षा तथा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

    इस संबंध में टीकमगढ़ के एएसपी विक्रम सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले को विवेचना में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करोड़ों की नकदी… रिटायर्ड ARTO के घर से मिली अकूत संपत्ति..

    13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करोड़ों की नकदी… रिटायर्ड ARTO के घर से मिली अकूत संपत्ति..

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    उत्तर प्रदेश के सतर्कता अधिष्ठान ने आय के ज्ञात स्रोतों के अनुपात में अधिक संपत्ति अर्जित करने के एक मामले में आगरा में तैनात रहे पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित घर पर छापेमारी करके भारी मात्रा में सोना-चांदी और…

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सतर्कता अधिष्ठान ने आय के ज्ञात स्रोतों के अनुपात में अधिक संपत्ति अर्जित करने के एक मामले में आगरा में तैनात रहे पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित घर पर छापेमारी करके भारी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी बरामद की।

    सतर्कता अधिष्ठान की ओर से बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक अदालत से तलाशी वारंट मिलने बाद मंगलवार और बुधवार को अलीगंज की चंद्रलोक कॉलोनी में स्थित कुमार के घर पर की गई छापेमारी के दौरान एक करोड़ 62 लाख रुपये नकदी, 13 किलोग्राम सोना और नौ किलोग्राम चांदी के गहने बरामद किये गए। बयान में कहा गया है कि इसके अलावा चल—अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले, जिनकी कुल कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कथित तौर पर पता चला था कि कुमार ने आय के ज्ञात स्रोतों के अनुताप में कहीं अधिक संपत्ति जमा की है, जिसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान इस मामले की जांच कर रहा है। बयान के अनुसार छापेमारी के दौरान मिले एक करोड़ 62 लाख रुपये घर के अंदर अलग-अलग स्थानों पर पैकेट में छुपाकर रखे गए थे, वहीं लगभग 13 किलो सोना और लगभग नौ किलो चांदी भी जब्त की गयी है।

    अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई चल और अचल संपत्तियों में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किये गये हैं। बयान के मुताबिक, ये दस्तावेज लखनऊ में कई रिहायशी मकानों और भूखंड, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली जिलों में कृषि भूमि और लखनऊ व नोएडा में फ्लैट की बुकिंग से संबंधित हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये है। बयान के अनुसार छापेमारी में बैंक में जमा राशि, डाकघर में निवेश, म्यूचुअल फंड और सावधि जमा में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौके से दो कीमतें कारें और एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद नकदी, कीमती धातुओं, गहनों, चल-अचल संपत्ति और निवेश की कुल कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है। बयान में यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के महानिदेशक ने यह छापेमारी और बरामदगी करने वाली टीम को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

  • दिल दहला देने वाली वारदात! PWD में सीनियर क्लर्क बेटे ने मां की हत्या कर बहन को किया फोन..

    दिल दहला देने वाली वारदात! PWD में सीनियर क्लर्क बेटे ने मां की हत्या कर बहन को किया फोन..

    दिल दहला देने वाली वारदात! PWD में सीनियर क्लर्क बेटे ने मां की हत्या कर बहन को किया फोन..

    बीते दिनों जयपुर में एक बेटे द्वारा मां की हत्या करवाने की बात सामने आई थी. अब राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक बेटे ने अपनी मां को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया. आरोपी बेटा लोक निर्माण विभाग (PWD) में यूडीसी (UDC) के पद पर कार्यरत है और उसे पिता की मौत के बाद अनुकंपा नौकरी मिली थी. झुंझुनूं में पीडब्लूडी में सीनियर क्लर्क बेटे द्वारा मां की हत्या की घटना में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. आरोपी ने मां की हत्या के बाद अपनी बहन को फोन करके कहा कि मैंने मां को मार दिया है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और हत्या की जांच में जुट गई है.

    चाकू मारकर बेटे ने की मां की हत्या

    जानकारी के मुताबिक, हत्या की यह वारदात झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ कस्बे में बुधवार-गुरुवार देर रात में हुई है. कृषि उपज मंडी क्षेत्र के सामने स्थित एक मकान में बेटे ने अपनी ही मां की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही नवलगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपी बेटे को हिरासत में लिया और जांच शुरू कर दी. पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान प्रभाती देवी, पत्नी स्वर्गीय शीशराम के रूप में हुई है.

    परिवार मूल रूप से गुढ़ा थाना क्षेत्र के सिंगनोर गांव का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में नवलगढ़ में कृषि उपज मंडी के सामने निवास कर रहा था. आरोपी बेटा राजवीर PWD में यूडीसी के पद पर कार्यरत है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि देर रात किसी बात को लेकर मां-बेटे के बीच विवाद हुआ. इसके बाद आरोपी ने चाकू से मां पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी ने अपनी एक बहन को फोन कर कहा कि मैंने मां को मार दिया है.

    शराब का आदी है आरोपी

    सूचना मिलने पर मृतका के दामाद और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और महिला को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. नवलगढ़ थानाधिकारी अजय सिंह ने बताया कि रात करीब 12 बजे घटना की सूचना मिली थी. पुलिस तुरंत अस्पताल और घटनास्थल पहुंची. मृतका के दामाद शिवकुमार की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब का आदी बताया जा रहा है.

    उसकी पत्नी से भी लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था और वह अपने पांच वर्षीय बच्चे के साथ पीहर गई हुई थी. घटना के समय घर में केवल मां और बेटा ही मौजूद थे. घटनास्थल को सुरक्षित कर घर को सील कर दिया गया है. एफएसएल और एमओबी टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए जायेंगे हैं. पुलिस का कहना है कि हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा.