Category: Crime

  • मेरठ के नीले ‘ड्रम’ मर्डर केस में क्या आया कोर्ट का फैसला? देखें वारदात

    मेरठ के नीले ‘ड्रम’ मर्डर केस में क्या आया कोर्ट का फैसला? देखें वारदात

    मेरठ के नीले ‘ड्रम’ मर्डर केस में क्या आया कोर्ट का फैसला? देखें वारदात

    मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया है. यह पूरा मामला मार्च 2025 का है, जब मुस्कान ने अपने पति सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी थी. हत्या के बाद उसने शव के तीन टुकड़े किए और उसे कंक्रीट के साथ एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में बंद कर दिया था. इसके बाद वह अपने प्रेमी साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने चली गई थी. सौरभ हत्याकांड की इस खौफनाक साजिश ने पूरे देश को दहला दिया था.

  • तीन घंटे गली की रेकी, फिर घर में घुसे… 70 साल की बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या, गहने लेकर फरार हुए आरोपी

    तीन घंटे गली की रेकी, फिर घर में घुसे… 70 साल की बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या, गहने लेकर फरार हुए आरोपी

    तीन घंटे गली की रेकी, फिर घर में घुसे… 70 साल की बुजुर्ग महिला की गला घोंटकर हत्या, गहने लेकर फरार हुए आरोपी

    तेलंगाना की कामारेड्डी में सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पुलिस का कहना है कि यहां कुछ लोग करीब तीन घंटे तक गली में नजर रख रहे थे. मौका देखकर वे 70 साल की महिला के घर में घुसे. घर में बुजुर्ग महिला अकेली थीं. आरोप है कि बदमाशों ने पहले उनके सोने के गहने लूटे और फिर गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए. अब पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.

    तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में 70 साल की एक बुजुर्ग महिला की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई. महिला घर में अकेली थीं. इसी दौरान अज्ञात लोग उनके घर में घुसे और कथित तौर पर सोने के गहने लूटने के बाद उनका गला घोंट दिया. मृतका की पहचान चिट्टिमिल्ला अनासुया के तौर पर हुई है. उनकी उम्र 70 साल थी. वह कामारेड्डी जिला मुख्यालय के कोठारी गली इलाके में, गंज स्कूल के पास रहती थीं.

    वारदात के बारे में सामने आई जानकारी के मुताबिक, अनासुया घर में अकेली थीं. बदमाश उनके घर में दाखिल हुए. उनका मकसद सोने के गहने लूटना था. बदमाशों ने कथित तौर पर महिला से सोने की चेन और दूसरे आभूषण ले लिए. इस दौरान बदमाशों ने अनासुया का गला घोंट दिया. इसके बाद वे वहां से फरार हो गए.

    जब घटना की जानकारी आसपास के लोगों और पुलिस को हुई तो इलाके में हड़कंप मच गया. इस वारदात ने सबसे ज्यादा चिंता उस बात को लेकर बढ़ाई है कि आरोपी कथित तौर पर अचानक घर में नहीं घुसे थे. पुलिस को शक है कि वारदात से पहले इलाके की रेकी की गई थी. संदिग्धों ने करीब तीन घंटे तक गली में घूमकर हालात पर नजर रखी. किस घर में कौन रहता है, महिला कब अकेली होती हैं और घर में दाखिल होने का सही वक्त क्या होगा, इसी तरह की जानकारी जुटाने के बाद वारदात को अंजाम दिए जाने का संदेह है.

    हालांकि, पुलिस की जांच अभी शुरुआती दौर में है और रेकी से जुड़ी जानकारी की पुष्टि जांच के बाद ही होगी. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. टीम ने घर और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया और मौके से सबूत जुटाए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब जांच का एक अहम हिस्सा आसपास लगे CCTV कैमरे हैं. पुलिस इलाके में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि वारदात से पहले और बाद में वहां मौजूद संदिग्ध लोगों की पहचान की जा सके.

    पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी महिला को पहले से जानते थे या उन्होंने सिर्फ गहनों के लिए घर को निशाना बनाया. वारदात में कितने लोग शामिल थे और वे किस रास्ते से आए और फरार हुए, इसकी भी जांच की जा रही है. फिलहाल इस हत्या ने कोठारी गली और आसपास के इलाकों में डर पैदा कर दिया है. घर में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला को निशाना बनाए जाने से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

    एक तरफ पुलिस CCTV और दूसरे सबूतों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ इस सवाल का जवाब तलाशा जा रहा है कि आखिर 70 साल की अनासुया को किसने निशाना बनाया और सोने के गहनों के लिए उनकी जान क्यों ले ली. जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ हो सकता है कि तीन घंटे की कथित रेकी के पीछे कौन था और उस दिन अनासुया के घर में दाखिल होने वाले लोग आखिर कौन थे.

  • अरब सागर में 3,000 करोड़ की ड्रग्स के साथ पकड़े गए पांचों पाकिस्तानियों की शिनाख्त, पेशावर से है कनेक्शन

    अरब सागर में 3,000 करोड़ की ड्रग्स के साथ पकड़े गए पांचों पाकिस्तानियों की शिनाख्त, पेशावर से है कनेक्शन

    अरब सागर में 3,000 करोड़ की ड्रग्स के साथ पकड़े गए पांचों पाकिस्तानियों की शिनाख्त, पेशावर से है कनेक्शन

    अरब सागर में इंडियन कोस्ट गार्ड और गुजरात ATS ने 526 किलो हेरोइन और मेथामफेटामाइन जब्त किया है. ईरानी नाव से पांच पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार किए गए हैं. जिनकी पहचान हो गई है. पढ़ें पूरी कहानी.

    अरब सागर में नशे की तस्करी के खिलाफ इंडियन कोस्ट गार्ड और गुजरात ATS ने संदिग्ध ईरानी नाव को रोककर करीब 526 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया. जब्त ड्रग्स में हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इस खेप की कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है. इस कार्रवाई में नाव पर सवार जो पांच पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए, वो सभी पेशावर के रहने वाले हैं.

    गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों की पहचान भी सामने आ गई है. वे सभी आरोपी पाकिस्तान के पेशावर के रहने वाले बताए गए हैं. जिनकी शिनाख्त मोहम्मद याकूब, शकीरुल्लाह, फरीदुल्लाह, अहमद खान और वाहिदुल्लाह खान के तौर पर हुई है. एजेंसियां अब इन सभी से पूछताछ कर रही हैं. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वे इस नाव को कहां से लेकर निकले थे और ड्रग्स की खेप किस जगह पहुंचाई जानी थी. इसके साथ ही उनके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई जाएगी.

    यह कार्रवाई 25 सितंबर 2026 को की गई थी. खुफिया जानकारी मिलने के बाद इंडियन कोस्ट गार्ड ने समुद्र और हवा के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी शुरू की थी. इस दौरान एक संदिग्ध ईरानी नाव की लगातार ट्रैकिंग की गई. निगरानी में नाव की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद तटरक्षक बल ने उसका पीछा किया और उसे रोककर तलाशी की कार्रवाई शुरू की.

    तटरक्षक बल की टीम ने संदिग्ध नाव को अपने कब्जे में लेने के बाद उस पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया. नाव की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए. शुरुआती जांच में करीब 526 किलो हाई-ग्रेड मादक पदार्थ मिलने की बात सामने आई है. बरामद खेप में हेरोइन के साथ मेथामफेटामाइन भी शामिल है. कार्रवाई के बाद नाव, गिरफ्तार आरोपियों और जब्त ड्रग्स को सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया.

    बरामद की गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी समुद्री रास्ते से होने वाली तस्करी की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी. साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इसे भारत या किसी दूसरे देश में कहां पहुंचाया जाना था.

  • सोशल मीडिया पर सोना दिखाना पड़ा भारी, रील्स देखकर चोरों ने तलाश किया घर… फिर उड़ा लिया माल, ऐसे हुआ खुलासा

    सोशल मीडिया पर सोना दिखाना पड़ा भारी, रील्स देखकर चोरों ने तलाश किया घर… फिर उड़ा लिया माल, ऐसे हुआ खुलासा

    सोशल मीडिया पर सोना दिखाना पड़ा भारी, रील्स देखकर चोरों ने तलाश किया घर… फिर उड़ा लिया माल, ऐसे हुआ खुलासा

    नागरकोइल में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के घर चोरी का खुलासा हुआ है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 98 सॉवरेन सोना बरामद किया. आरोपियों ने इंस्टाग्राम रील्स और स्कूल आईडी कार्ड से घर की पहचान की थी. पढ़ें पूरी कहानी.

    तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के नागरकोइल में सोशल मीडिया पर सोने के गहने और पैसे दिखाना एक दंपति को भारी पड़ गया. थम्माथुकोनम वीआईपी गार्डन में रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर विनोद कुमार और उनकी पत्नी मधुमिता के घर चोरी हो गई. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे और आरोपियों से जुड़े लोगों के जरिए अब तक 98 सॉवरेन सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं.

    दरअसल, 24 सितंबर 2026 को विनोद कुमार और उनकी पत्नी मधुमिता शाम करीब 6 बजे अपने घर से तिरुनेलवेली के लिए निकले थे. दोनों रात करीब 12 बजे वापस लौटे तो घर का पिछला दरवाजा टूटा हुआ मिला. इसके बाद उन्होंने पहली मंजिल पर बने कमरे की जांच की तो वहां रखे सोने के गहने गायब थे. विनोद कुमार ने तुरंत राजाक्कमंगलम पुलिस को इसकी सूचना दी.

    पुलिस के मुताबिक, विनोद कुमार और मधुमिता सोशल मीडिया पर रील्स बनाते हैं. इन रील्स में कथित तौर पर वे सोने के गहने और पैसे भी दिखाते थे. चोरी की शिकायत मिलने के बाद राजाक्कमंगलम थाने में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 331(3), 331(4) और 305(a) के तहत केस दर्ज किया गया. मामले की जांच के लिए कन्याकुमारी के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी प्रकाश के नेतृत्व और राजाक्कमंगलम इंस्पेक्टर की निगरानी में सात विशेष पुलिस टीम बनाई गईं.

    जांच शुरू होते ही पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. पुलिस टीमों ने अपराध स्थल से लेकर श्रीवैकुंटम तक करीब 160 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया. इसके अलावा 32 कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड यानी CDR भी खंगाले गए. इस तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को श्रीवैकुंटम के इसाक्की पांडी और मुक्कूडल के मुरुगन पर शक हुआ.

    कन्याकुमारी के पुलिस अधीक्षक (SP) अंशुल नागर ने बताया कि घटना वाले दिन इलाके में तीन मोटरसाइकिलों की आवाजाही CCTV में दिखाई दी थी. जांच के दौरान पुलिस ने दो मोटरसाइकिलों को संदिग्ध सूची से बाहर कर दिया और तीसरी बाइक की गतिविधियों को पीछे तक ट्रैक किया. नागरकोइल से कन्याकुमारी बॉर्डर तक 160 CCTV कैमरों के जरिए बाइक की आवाजाही का पीछा किया गया. इसी दौरान एक CCTV कैमरे में संदिग्ध का चेहरा और बाइक का नंबर साफ दिखाई दिया.

    इसके बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर संदिग्ध की लोकेशन श्रीवैकुंटम तक ट्रैक की. एक चेकपोस्ट पर पुलिस ने बाइक सवार दो लोगों को पकड़ा. पुलिस के मुताबिक, दोनों की पहचान इसाक्की पांडियन और मुरुगन के रूप में हुई और उनके पास से पांच सॉवरेन सोना बरामद हुआ. पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर चोरी में शामिल होने की बात स्वीकार की. पुलिस के अनुसार, इसाक्की पांडियन को मुख्य आरोपी बताया गया है.

    पुलिस अधीक्षक अंशुल नागर के मुताबिक, इसके बाद मुरुगन, मुरुगेसन और थंगापांडियन के भी इस मामले से जुड़े होने की जानकारी सामने आई. पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों ने चोरी किए गए गहनों को बेचने का काम किया था. मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जांच के दौरान अब तक 98 सॉवरेन सोने के आभूषण बरामद किए जा चुके हैं और पुलिस चोरी के बाकी सामान तथा पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.

    पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी इसाक्की पांडियन पिछले करीब पांच महीने से विनोद कुमार और मधुमिता के इंस्टाग्राम चैनल को लगातार फॉलो कर रहा था. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर मौजूद रील्स के जरिए दंपति के घर और उनके पास मौजूद गहनों के बारे में जानकारी जुटाई. उसने घर का नक्शा भी देखा और यह समझने की कोशिश की कि घर में कौन-सी चीज कहां रखी जाती है. इसके बाद उसने चोरी की योजना बनाई.

    एसपी अंशुल नागर ने बताया कि आरोपी 1 सितंबर से ही इस घर के आसपास जाकर यह देख रहा था कि दंपति की कार वहां मौजूद है या नहीं. जिस दिन उसे कार घर के बाहर नहीं मिली, उसी दिन चोरी को अंजाम दिया गया. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घर की पहचान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई रील्स के जरिए की थी. इनमें से एक रील में मधुमिता की बेटी का स्कूल आईडी कार्ड भी दिखाई दे रहा था, जिससे घर की पहचान करने में आरोपियों को मदद मिली.

    पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से चोरी की पूरी योजना, रेकी और चोरी के बाद गहनों को बेचने के संबंध में पूछताछ की जा रही है. इस केस में CCTV फुटेज और CDR ने जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद 98 सॉवरेन सोने के अलावा चोरी किया गया कोई अन्य सामान कहां है. मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

  • पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर पूर्व इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, साड़ी को लेकर हुए घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती तौर पर मामले को हादसा बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच की दिशा बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 35 वर्षीय हरेराम किशुनजी सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला था। घटना 19 जुलाई को बदलापुर पूर्व स्थित एक किराए के मकान में हुई।

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, साड़ी खरीदकर न लाने की बात को लेकर हरेराम और उनकी पत्नी सुनीता देवी (30) के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर महिला ने कथित तौर पर रसोई में रखा प्रेशर कुकर का ढक्कन उठाकर पति पर हमला किया। इसके बाद गला दबाने से उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद महिला ने पुलिस को बताया कि पति की मौत एक हादसे के कारण हुई है। इसी आधार पर शुरुआत में पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया। हालांकि, सरकारी अस्पताल से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (गला दबाना) बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की। इसके बाद संदेह के आधार पर महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महिला ने अपराध स्वीकार कर लिया।

    बदलापुर पूर्व पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • दूध पर जमेगी इतनी मोटी मलाई कि घी भर-भरकर निकलेगा! बस दूध उबालते समय याद रखें ये 5 आसान टिप्स..

    दूध पर जमेगी इतनी मोटी मलाई कि घी भर-भरकर निकलेगा! बस दूध उबालते समय याद रखें ये 5 आसान टिप्स..

    दूध पर जमेगी इतनी मोटी मलाई कि घी भर-भरकर निकलेगा! बस दूध उबालते समय याद रखें ये 5 आसान टिप्स..

    घर का बना देसी घी स्वाद, खुशबू और शुद्धता के मामले में बाजार के घी से कहीं बेहतर माना जाता है। लेकिन कई लोगों की शिकायत होती है कि रोजाना दूध से मलाई निकालने के बावजूद घी बहुत कम बनता है। इसकी वजह अक्सर दूध को उबालने, ठंडा करने और मलाई जमा करने का गलत तरीका होता है।

    अगर आप चाहते हैं कि दूध पर मोटी मलाई जमे और उससे ज्यादा मात्रा में घी निकले, तो ये आसान किचन टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं।

    1. हमेशा फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल करें

    अगर मकसद ज्यादा मलाई और ज्यादा घी पाना है, तो फुल क्रीम दूध सबसे बेहतर विकल्प है। इसमें फैट की मात्रा अधिक होती है, जिससे मलाई मोटी और गाढ़ी बनती है। टोंड या डबल टोंड दूध में मलाई काफी कम जमती है।

    2. दूध को धीमी आंच पर उबालें

    दूध को तेज आंच पर उबालने की बजाय धीमी या मध्यम आंच पर धीरे-धीरे उबालें। इससे दूध की ऊपरी सतह पर अच्छी मलाई बनने में मदद मिलती है और उसका प्राकृतिक फैट भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रहता है।

    3. उबालने के तुरंत बाद फ्रिज में न रखें

    दूध उबालने के बाद उसे पहले सामान्य तापमान तक ठंडा होने दें। उसके बाद ही फ्रिज में रखें। इससे दूध की सतह पर मलाई अच्छी तरह जमती है और उसकी परत मोटी बनती है।

    4. चौड़े मुंह वाले बर्तन में रखें दूध

    दूध को स्टोर करने के लिए चौड़े बर्तन का इस्तेमाल करें। इससे दूध की सतह ज्यादा होती है, जिस कारण मलाई भी बड़ी और मोटी परत के रूप में जमती है।

    5. मलाई को सही तरीके से इकट्ठा करें

    रोजाना निकाली गई मलाई को एक साफ और ढक्कन वाले कंटेनर में फ्रिज में जमा करते रहें। जब पर्याप्त मात्रा में मलाई इकट्ठी हो जाए, तब उससे मक्खन निकालकर घी बनाएं। इससे घी की मात्रा भी ज्यादा मिलेगी और स्वाद भी बेहतरीन रहेगा।

    घी बनाते समय रखें ये जरूरी बात

    मलाई से घी बनाते समय हमेशा धीमी आंच का इस्तेमाल करें। तेज आंच पर घी जल्दी जल सकता है, जिससे उसका स्वाद और खुशबू दोनों प्रभावित हो सकते हैं। धीमी आंच पर बना घी ज्यादा सुगंधित, स्वादिष्ट और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।

    निष्कर्ष

    अगर आप घर पर ज्यादा मात्रा में शुद्ध देसी घी बनाना चाहते हैं, तो सिर्फ अच्छी मलाई जमा करना ही काफी नहीं है। दूध उबालने से लेकर उसे स्टोर करने और घी बनाने तक हर कदम सही तरीके से करना जरूरी है। इन 5 आसान टिप्स को अपनाकर आप कम दूध से भी ज्यादा मलाई और भरपूर घी पा सकते हैं।

  • रिंग सेरेमनी हुई, फिर दुल्हन पक्ष हुआ फरार! शादी के नाम पर 18 लाख और जेवर की ठगी..

    रिंग सेरेमनी हुई, फिर दुल्हन पक्ष हुआ फरार! शादी के नाम पर 18 लाख और जेवर की ठगी..

    रिंग सेरेमनी हुई, फिर दुल्हन पक्ष हुआ फरार! शादी के नाम पर 18 लाख और जेवर की ठगी..

    हिमाचल प्रदेश। शादी का रिश्ता तय कर परिवार का विश्वास जीतने के बाद करीब 18 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये के सोने के आभूषण ठगने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर पुलिस चौकी अवाहदेवी ने जांच शुरू कर दी है।

    संगरोह गांव निवासी कुसुम लता ने पुलिस को बताया कि युवती के भाई ने अपना पता कांगड़ा बस स्टैंड के पास का बताया था। दोनों परिवारों की सहमति से 20 जून को चंडीगढ़ में रिंग सेरेमनी हुई, जिसमें वर पक्ष ने होने वाली दुल्हन को सोने के आभूषण और महंगे उपहार दिए। इसके बाद 12 जुलाई को शादी की तारीख तय की गई।

    आरोप है कि रिंग सेरेमनी के बाद दुल्हन पक्ष ने व्यापार में निवेश और अन्य जरूरी खर्चों का हवाला देकर अलग-अलग किस्तों में गूगल पे के जरिए करीब 18 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। सात जुलाई को युवती के भाई ने फोन कर बताया कि कनाडा में उनके मामा का निधन हो गया है और उन्हें तत्काल वहां जाना पड़ रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

    11 जुलाई को जब वर पक्ष ने संबंधित मैरिज पैलेस में जानकारी ली तो पता चला कि 12 जुलाई के नाम से वहां कोई बुकिंग ही नहीं थी। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    सात फेरे के कुछ घंटे बाद ही टूटा रिश्ता

    उधर, जिला ऊना के अंबोटा गांव में विवाह का एक अनोखा मामला सामने आया। बगलामुखी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न होने के बाद दुल्हन ने ससुराल जाने से इनकार कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों परिवारों के बीच बातचीत कराई गई। काफी देर तक चली चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। मामला शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।

  • मधेपुरा में टेंट मजदूर: की ‘गोली मारकर हत्या, घर से 100 मीटर पहले बदमाशों ने मारीं दो गोलियां; दरवाजे पर तोड़ा दम’

    मधेपुरा में टेंट मजदूर: की ‘गोली मारकर हत्या, घर से 100 मीटर पहले बदमाशों ने मारीं दो गोलियां; दरवाजे पर तोड़ा दम’

    मधेपुरा में टेंट मजदूर: की ‘गोली मारकर हत्या, घर से 100 मीटर पहले बदमाशों ने मारीं दो गोलियां; दरवाजे पर तोड़ा दम’

    मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक टेंट मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात कलासन इलाके में हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने घर लौट रहे बबलू मेहता को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि घटना उनके घर से करीब 100 मीटर पहले हुई।

    गोली लगने के बाद बबलू किसी तरह दौड़ते हुए अपने घर तक पहुंचे, लेकिन दरवाजे पर पहुंचते ही जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    टेंट का सामान उतारकर घर लौट रहे थे बबलू

    मृतक की पहचान कलासन वार्ड नंबर 4 निवासी स्वर्गीय कमलेश्वरी मेहता के बेटे बबलू मेहता के रूप में हुई है। बबलू स्थानीय विदुर टेंट हाउस में मजदूरी करते थे और इसी काम से अपने परिवार का खर्च चलाते थे।

    परिजनों के मुताबिक, बुधवार देर रात बबलू कलासन बाजार स्थित गोदाम में टेंट का भारी सामान उतारने के बाद पैदल अपने घर की ओर लौट रहे थे। घर से करीब 100 मीटर पहले अंधेरे में कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर गोली चला दी।

    हमले में दो गोलियां उनके सीने के नीचे के हिस्से में लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बबलू ने घर तक पहुंचने की कोशिश की।

    खून से लथपथ हालत में घर के दरवाजे तक पहुंचे

    गोली लगने के बाद बबलू किसी तरह दौड़ते हुए अपने घर पहुंचे। जैसे ही वह दरवाजे पर पहुंचे, उनकी हालत बिगड़ गई और वे वहीं गिर पड़े।

    परिजनों ने उन्हें खून से लथपथ देखा तो घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

    पुलिस टीम ने घायल बबलू को तत्काल चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच

  • अहमदाबाद के गर्ल्स हॉस्टल: में खाने में कीड़े और पानी में छिपकली मिलने का दावा, छात्राओं ने किया प्रदर्शन.

    अहमदाबाद के गर्ल्स हॉस्टल: में खाने में कीड़े और पानी में छिपकली मिलने का दावा, छात्राओं ने किया प्रदर्शन.

    अहमदाबाद के गर्ल्स हॉस्टल: में खाने में कीड़े और पानी में छिपकली मिलने का दावा, छात्राओं ने किया प्रदर्शन.

    अहमदाबाद में सरकारी गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने खाने और पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने रखी हैं। गुजरात यूनिवर्सिटी के पास स्थित सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं का आरोप है कि उन्हें परोसे गए खाने में कीड़े मिले, जबकि पानी में छिपकली दिखाई दी। घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद छात्राओं में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर प्रदर्शन किया।

    750 से ज्यादा छात्राएं रहती हैं हॉस्टल में

    समरस गर्ल्स हॉस्टल में करीब 750 से अधिक छात्राएं रहती हैं। हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं भोजन के लिए मेस की व्यवस्था पर निर्भर हैं। छात्राओं का कहना है कि खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन हर बार नोटिस जारी करने तक ही कार्रवाई सीमित रह गई।

    छात्राओं के मुताबिक, पहले भी खाने में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।

    पानी में छिपकली और खाने में कीड़े मिलने से बढ़ा आक्रोश

    इस बार मामला तब ज्यादा गंभीर हो गया, जब छात्राओं ने पानी में छिपकली दिखाई देने और खाने में कीड़ा मिलने का दावा किया। छात्राओं ने इसकी तस्वीरें भी खींच लीं, जो बाद में सामने आईं। इसके

  • गर्भावस्था में पत्नी: को ले जाना था चिकित्सक के पास, सिक्योरिटी ऑफिसर ने मांगे ₹25000 गैरहाजिर न लिखने के दोनों करते हैं एक विभाग में काम, आरोपी को किया ACB ने गिरफ्तार.

    गर्भावस्था में पत्नी: को ले जाना था चिकित्सक के पास, सिक्योरिटी ऑफिसर ने मांगे ₹25000 गैरहाजिर न लिखने के दोनों करते हैं एक विभाग में काम, आरोपी को किया ACB ने गिरफ्तार.

    गर्भावस्था में पत्नी: को ले जाना था चिकित्सक के पास, सिक्योरिटी ऑफिसर ने मांगे ₹25000 गैरहाजिर न लिखने के दोनों करते हैं एक विभाग में काम, आरोपी को किया ACB ने गिरफ्तार.

    अक्सर विभागों में होता है कि एक इंसान दूसरे की परेशानी को समझता है.लेकिन सूरत से ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें परेशानी को समझने से बजाए उसे रिश्वत लेने के मौके में बदल दिया.

    सूरत महानगरपालिका के वॉच एंड वार्ड विभाग में कार्यरत एक सिक्योरिटी ऑफिसर को एंटी करप्शन ब्यूरो ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान शैलेष मणीलाल पारेख, सिक्योरिटी ऑफिसर, वर्ग-3, वॉच एंड वार्ड विभाग, तापीपुरा, सूरत महानगरपालिका के रूप में हुई है. आरोप है कि अधिकारी ने अपने ही विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी से उसकी पत्नी की गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर के पास जाने के लिए ड्यूटी से छुट्टी देने और गैरहाजिरी का मेमो जारी नहीं करने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी.

    ACB से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सूरत महानगरपालिका के वॉच एंड वार्ड विभाग में कार्यरत है. उसकी पत्नी गर्भवती हैं और गर्भावस्था के दौरान उन्हें समय-समय पर चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए डॉक्टर तथा अस्पताल जाना पड़ता था. पत्नी की मेडिकल जरूरतों के चलते शिकायतकर्ता को भी कई बार अपनी ड्यूटी के दौरान उनके साथ अस्पताल या डॉक्टर के पास जाना पड़ता था.

    ₹25000 दो, लगी रहेगी आज की अटेंडेंस

    आरोप है कि इसी मामले को लेकर सिक्योरिटी ऑफिसर शैलेष मणीलाल पारेख ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी.अधिकारी की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि रकम देने के बाद उसे ड्यूटी के समय बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी, उसकी गैरहाजिरी दर्ज नहीं की जाएगी और इस संबंध में कोई मेमो भी जारी नहीं किया जाएगा.

    शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम देने के पक्ष में नहीं था. इसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी और आरोपी अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की प्राथमिक जांच की और रिश्वत के लेन-देन को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई थी.

    ACB ने तैयार किया ट्रैप

    28 सितंबर 2026 को ACB ने ट्रैप का आयोजन किया. तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आरोपी सिक्योरिटी ऑफिसर के संपर्क में गया. इस दौरान रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई. ACB के अनुसार, आरोपी शैलेष पारेख ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपए की रिश्वत की रकम स्वीकार कर ली.

    रकम स्वीकारते ही आ धमकी ACB

    आरोपी ने जैसे ही रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, पहले से तैयार ACB की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया. ACB की कार्रवाई सूरत महानगरपालिका के तापीपुरा स्थित मुख्य कार्यालय में सिक्योरिटी ऑफिसर के चेंबर में की गई. ट्रैप के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम 25 हजार रुपए बरामद कर ली गई. इसके बाद ACB की टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

    क्या इससे पहले भी औरों से ली है रिश्वत?

    ट्रैप कार्रवाई को सूरत ग्रामीण ACB पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एस.डी. धोबी की अगुवाई में अंजाम दिया गया. ACB अब मामले में आगे की जांच कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले भी किसी कर्मचारी से इसी तरह की रिश्वत की मांग की थी या नहीं.

    इस कार्रवाई के बाद सूरत महानगरपालिका के वॉच एंड वार्ड विभाग में भी हड़कंप मच गया है. फिलहाल ACB द्वारा गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है.