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  • मेरठ में पति की हत्या: के अलग-अलग मामलों से दहला शहर, कहीं सांप से कटवाने का आरोप तो कहीं गोली और सुपारी की साजिश’

    मेरठ में पति की हत्या: के अलग-अलग मामलों से दहला शहर, कहीं सांप से कटवाने का आरोप तो कहीं गोली और सुपारी की साजिश’

    मेरठ में पति की हत्या: के अलग-अलग मामलों से दहला शहर, कहीं सांप से कटवाने का आरोप तो कहीं गोली और सुपारी की साजिश’

    मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति की हत्या से जुड़े कई चर्चित मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नियों पर अपने प्रेमियों या अन्य लोगों के साथ मिलकर वारदात की साजिश रचने के आरोप लगे हैं। इनमें हत्या के लिए गोली चलवाने, सांप के काटने का नाटक रचने और सुपारी देने जैसे आरोप शामिल हैं।

    इनमें से कुछ मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि कई मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों में आरोप सिद्ध होने से पहले किसी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।

    1. गोली चलवाकर पति की हत्या का आरोप

    परीक्षितगढ़ क्षेत्र के अगवानपुर गांव निवासी 28 वर्षीय राहुल खेती और पशुपालन का काम करता था। पुलिस के अनुसार, उसकी पत्नी अंजलि के पड़ोसी अजय से कथित संबंध थे। राहुल ने अजय के साथ पत्नी के मिलने-जुलने का विरोध किया था।

    आरोप है कि 1 नवंबर 2025 की रात अंजलि ने राहुल को गांव के बाहर मंदिर के पास बुलाया। वहां अजय भी पहुंचा और राहुल पर कथित तौर पर तीन गोलियां चला दीं। गोली लगने से राहुल की मौत हो गई। इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है।

    2. पति की हत्या के बाद सांप के काटने का बनाया नाटक

    बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी अमित की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके कथित प्रेमी अमरदीप पर गंभीर आरोप लगे हैं।

    पुलिस के अनुसार, 17 अप्रैल 2025 को अमित की गला दबाकर हत्या की गई। इसके बाद उसके बिस्तर पर सांप छोड़कर मौत को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया। दोनों जेल में हैं और मामले में 7 अक्टूबर को फैसला आने की बात बताई गई है।

    3. पति की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप

    परीक्षितगढ़ के अगवानपुर निवासी बीएसएफ जवान नैन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी कोमल सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

    पुलिस जांच के मुताबिक, कोमल ने अपनी बहन के मंगेतर गुलशन के साथ कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी देने की व्यवस्था की गई और इसके लिए कोमल ने अपने आभूषण तक गिरवी रखे थे।

    पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।

    4. मां-बेटी पर पति की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप

    जानी खुर्द क्षेत्र में 23 जून 2025 को सुभाष की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में सुभाष की पत्नी कविता और उसकी बेटी सोनम समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

    जांच में आरोप लगा कि मां-बेटी ने अपने-अपने कथित प्रेम संबंधों के चलते अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, बेटी के कथित प्रेमी विपिन ने अपने साथी अजगर उर्फ शिवम के साथ मिलकर सुभाष पर गोली चलाई थी।

    कविता और सोनम फिलहाल जमानत पर बाहर हैं और मामला अदालत में चल रहा है।

    5. प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कराने का आरोप

    जानी थाना क्षेत्र के कुसैड़ी गांव निवासी लोडर ऑपरेटर अजय कुमार उर्फ बिट्टू की 28 फरवरी 2025 को हत्या कर दी गई थी।

    पुलिस के मुताबिक, अजय एक शादी समारोह से लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में अवनीश नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। जांच में उसकी पत्नी संगीता पर अवनीश के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा।

    पुलिस ने मामले में कार्रवाई की थी। संगीता फिलहाल जमानत पर बाहर है और मुकदमा अदालत में विचाराधीन है।

    मुस्कान और साहिल का मामला भी चर्चा में

    मेरठ में मुस्कान और साहिल से जुड़ा हत्या का मामला भी हाल में चर्चा में रहा है। उनके मामले में अदालत का फैसला आने के बाद जेल में बंद अन्य महिला आरोपियों के मामलों को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।

    मेरठ में सामने आए इन मामलों में पुलिस ने अलग-अलग परिस्थितियों में जांच की है। कुछ मामलों में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं, जबकि कई मुकदमे अभी अदालत में विचाराधीन हैं। अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही संबंधित आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

  • आगरा में जमीन के: विवाद ने लिया खूनी मोड़, 32 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर की कुल्हाड़ी से हत्या; खेत में चारपाई पर मिला शव’

    आगरा में जमीन के: विवाद ने लिया खूनी मोड़, 32 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर की कुल्हाड़ी से हत्या; खेत में चारपाई पर मिला शव’

    आगरा में जमीन के: विवाद ने लिया खूनी मोड़, 32 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर की कुल्हाड़ी से हत्या; खेत में चारपाई पर मिला शव’

    आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के फतेहाबाद क्षेत्र में जमीन के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद में 32 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। कच्छपुरा गांव में गुरुवार सुबह खेत पर चारपाई में उसका खून से लथपथ शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान प्रेमवीर सिंह के रूप में हुई है, जो फतेहाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, प्रेमवीर बुधवार रात खेत की ओर गया था। अगले दिन सुबह खेत में उसका शव मिला। उसके सिर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    जमीन बेचने के बाद वापस लेने को लेकर हुआ विवाद

    परिजनों के मुताबिक, प्रेमवीर ने करीब चार से पांच महीने पहले अपने मकान के पास स्थित जमीन का एक हिस्सा कच्छपुरा निवासी हरेंद्र सिंह को करीब पांच लाख रुपये में बेचा था। बाद में परिवार के लोगों की सलाह पर प्रेमवीर इस जमीन को वापस लेना चाहता था।

    जमीन वापस लेने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। परिवार ने इसी विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया है। हालांकि पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    भतीजे को ट्यूबवेल पर छोड़ने के बाद खेत गया था

    बताया गया कि मंगलवार रात प्रेमवीर अपने भतीजे हरवीर सिंह को बाइक से ट्यूबवेल पर छोड़ने गया था। इसके बाद वह अपने खेत की तरफ चला गया। गुरुवार सुबह करीब साढ़े छह बजे खेत को बटाई पर करने वाले लालाराम कुशवाहा वहां पहुंचे।

    लालाराम ने चारपाई पर प्रेमवीर का शव पड़ा देखा। शव खून से लथपथ था। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी परिवार को दी। हत्या की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

    पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

    घटना की सूचना मिलने पर सहायक पुलिस आयुक्त इमरान अहमद और इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के खेतों में हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश कराई।

    पुलिस को आशंका है कि हत्या में कुल्हाड़ी या किसी अन्य धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य भी जुटाए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    दो लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज

    मृतक के भाई धर्मवीर की तहरीर पर पुलिस ने हरेंद्र सिंह और गंभीर सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र के मुताबिक, प्रेमवीर फतेहाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस जमीन विवाद के साथ-साथ हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद वारदात की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

  • कॉलेज से बाहर बुलाया, फिर चाकू से हमला… बेंगलुरु में 19 वर्षीय छात्र की हत्या, 4-5 लोगों के शामिल होने का शक.

    कॉलेज से बाहर बुलाया, फिर चाकू से हमला… बेंगलुरु में 19 वर्षीय छात्र की हत्या, 4-5 लोगों के शामिल होने का शक.

    कॉलेज से बाहर बुलाया, फिर चाकू से हमला… बेंगलुरु में 19 वर्षीय छात्र की हत्या, 4-5 लोगों के शामिल होने का शक.

    बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक निजी कॉलेज के बाहर 19 वर्षीय छात्र की चाकू मारकर हत्या का मामला सामने आया है। घटना बुधवार को नगरभावी इलाके में हुई। मृतक की पहचान योगेश के रूप में हुई है, जो एक निजी कॉलेज में बी.कॉम प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में दो छात्र समूहों के बीच विवाद की बात सामने आई है।

    जानकारी के अनुसार, योगेश कॉलेज में अपनी कक्षा में बैठा हुआ था। इसी दौरान उसका एक दोस्त उसे किसी बात के लिए कॉलेज के बाहर बुलाकर ले गया। जैसे ही योगेश बाहर पहुंचा, वहां मौजूद दो छात्र समूहों के बीच किसी अनजान मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हो गया।

    विवाद बढ़ने पर एक युवक ने कथित तौर पर चाकू निकाल लिया और योगेश पर हमला कर दिया। हमले में योगेश गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    4 से 5 लोगों के शामिल होने का शक

    पुलिस की शुरुआती जांच में इस वारदात में करीब चार से पांच लोगों के शामिल होने की आशंका जताई गई है। फिलहाल पुलिस केवल एक संदिग्ध की पहचान कर पाई है। अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आएगा मकसद

    पुलिस का कहना है कि अभी हत्या के पीछे की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद विवाद की शुरुआत, हत्या के कारण और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी है।

  • स्कूटी पर युवक का ‘शव’ देखकर लोग हैरान, पुलिस ने जताई नशे के ओवरडोज की आशंका, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज:

    स्कूटी पर युवक का ‘शव’ देखकर लोग हैरान, पुलिस ने जताई नशे के ओवरडोज की आशंका, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज:

    स्कूटी पर युवक का ‘शव’ देखकर लोग हैरान, पुलिस ने जताई नशे के ओवरडोज की आशंका, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज:

    मेरठ में रोहटा रोड पर सिटी स्टेशन की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के पास बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक खाली मैदान में स्कूटी पर युवक का शव मिला. वहां से गुजर रहे राहगीरों ने युवक को स्कूटी पर बैठे देखा और पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

    मृतक की पहचान 26 वर्षीय रजत यादव पुत्र राधेश्याम के रूप में हुई है. वह कंकरखेड़ा की बैंक कॉलोनी का रहने वाला था और एक इंटर कॉलेज में निजी नौकरी करता था. बताया जा रहा है कि रजत काफी समय से नशे का आदी था. परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी अत्यधिक नशे के कारण उसकी तबीयत खराब हो गई थी.

    पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बुधवार को घर से निकलने के बाद रजत रोहटा रोड स्थित खाली मैदान में पहुंचा था. पुलिस को शक है कि यहां नशे का इंजेक्शन लेने के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. हालांकि, अभी तक मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई.

    घटना के बाद पुलिस ने मौके के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की है. इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि रजत वहां कब पहुंचा था और उसके साथ कोई दूसरा व्यक्ति मौजूद था या नहीं. शुरुआती जांच में मामला नशे की ओवरडोज से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.

    फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है. पुलिस CCTV फुटेज और घटनास्थल से जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी. परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने की बात भी सामने आई है, ऐसे में जांच में इस पहलू को भी देखा जा रहा है.

  • आगरा पत्नी की हत्या; कर लाश फूंकी, हड्डियां यमुना में फेंकीं फिर थाने पहुंच सुनाई ‘गुमशुदगी’ की कहानी, यूं खुला राज

    आगरा पत्नी की हत्या; कर लाश फूंकी, हड्डियां यमुना में फेंकीं फिर थाने पहुंच सुनाई ‘गुमशुदगी’ की कहानी, यूं खुला राज

    आगरा पत्नी की हत्या; कर लाश फूंकी, हड्डियां यमुना में फेंकीं फिर थाने पहुंच सुनाई ‘गुमशुदगी’ की कहानी, यूं खुला राज

    उत्तर प्रदेश के आगरा में एक युवक पर अपनी पत्नी की हत्या कर शव को घर के पीछे बने बाड़े में जलाने का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव की हड्डियां आगरा लाकर यमुना में फेंक दीं. इतना ही नहीं, वारदात पर पर्दा डालने के लिए आरोपी खुद थाने पहुंचा और पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज करा दी. लेकिन मायके वालों की शिकायत और पुलिस की जांच के बाद शक गहराता गया और पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया.

    2022 में हुई थी शादी, दो साल की बेटी

    मामला अछनेरा थाना क्षेत्र के कुकथला गांव का है. यहां रहने वाले 32 वर्षीय लोकेन्द्र की शादी वर्ष 2022 में सिकंदरा क्षेत्र के अकबरा गांव की रहने वाली 30 वर्षीय चांदनी से हुई थी. दोनों की करीब दो साल की बेटी है.

    पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को घरेलू विवाद के बाद लोकेन्द्र ने कथित तौर पर चांदनी की हत्या कर दी. इसके बाद शव को घर के पीछे बने बाड़े में टीनशेड के नीचे ले जाकर जला दिया. फिर यमुना में अस्थियां प्रवाहित कर दीं.

    शव जलाने के बाद हड्डियां यमुना में फेंकीं

    आरोप है कि शव जलाने के बाद लोकेन्द्र ने सबूत मिटाने के लिए हड्डियां एकत्र कीं और उन्हें आगरा लाकर यमुना में फेंक दिया. इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर घर में रख दिया, जबकि पत्नी का मोबाइल सिकंदरा थाना क्षेत्र में फेंक दिया. वारदात को छिपाने के लिए आरोपी मंगलवार रात अछनेरा थाने पहुंचा और पत्नी के घर से लापता होने की शिकायत दर्ज करा दी.

    मायके वालों ने कही थी ये बात

    इधर, चांदनी के भाई मनोज भी थाने पहुंच गए. उन्होंने बहन के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई और पति व ससुरालवालों पर आरोप लगाए. मायके वालों ने पुलिस को यह भी बताया कि लोकेन्द्र कथित तौर पर चांदनी के साथ अक्सर मारपीट करता था. परिजन लगातार पुलिस से चांदनी का पता लगाने की मांग कर रहे थे.

    दो साल की बेटी मिली तो गहराया शक

    बुधवार को पुलिस कुकथला गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू की. चांदनी की करीब दो साल की बेटी एक दुकान के बाहर खेलती मिली. वहीं घर और आसपास की परिस्थितियां पुलिस को संदिग्ध लगीं. इसके बाद पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच शुरू की.

    सख्ती से पूछताछ में पति ने कबूली हत्या

    पुलिस ने लोकेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की. बुधवार शाम करीब 7 बजे पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो पुलिस के मुताबिक उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली. आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि घरेलू विवाद के चलते उसने चांदनी की हत्या कर दी थी. इसके बाद शव को घर के पीछे बने बाड़े में जला दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए हड्डियों को आगरा लाकर यमुना में फेंक दिया. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर यमुना किनारे से हड्डियां और चांदनी का मोबाइल फोन बरामद किया है.

    एसीपी ने बताया पूरा घटनाक्रम

    एसीपी अछनेरा शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि थाना अछनेरा पर मनोज ने अपनी बहन के ससुराल ग्राम कुकथला से लापता होने के संबंध में तहरीर दी थी, जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी. एसीपी के मुताबिक, गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने महिला के पति से पूछताछ की. पूछताछ में उसने घरेलू विवाद के चलते महिला की हत्या करने और शव को घर में जलाने की बात स्वीकार की.

    एसीपी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी की निशानदेही पर बताए गए स्थान से शव के अवशेष और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. मामले की जांच की जा रही है. घटना कुकथला पुलिस चौकी से करीब 200 मीटर की दूरी पर बताई जा रही है. पुलिस अब हत्या की वजह, वारदात के पूरे घटनाक्रम और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

  • शाहजहांपुर के मंदिर; में डबल मर्डर, साधुओं को मारकर जलाया! अधजले शव मिलने के बाद गांव में तनाव’

    शाहजहांपुर के मंदिर; में डबल मर्डर, साधुओं को मारकर जलाया! अधजले शव मिलने के बाद गांव में तनाव’

    शाहजहांपुर के मंदिर; में डबल मर्डर, साधुओं को मारकर जलाया! अधजले शव मिलने के बाद गांव में तनाव’

    उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले स्थित खुदागंज थाना क्षेत्र का सूथा गांव देर रात दोहरी हत्या की वारदात से दहल उठा. गांव के मंदिर की देखभाल करने वाले दो वृद्ध साधुओं- बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी. हत्यारों ने वारदात के साक्ष्य मिटाने की नीयत से दोनों साधुओं के शवों को आग के हवाले कर दिया.

    सुबह ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर

    सुबह जब स्थानीय लोग रोजाना की तरह मंदिर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सन्न रह गए. मंदिर परिसर के पास से दोनों साधुओं के अधजले अवशेष बरामद हुए. खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, एक आरोपी हिरासत में

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए. त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुमित नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि वारदात के पीछे की असल वजह और अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके.

    स्थान पाने की चाहत में रची खौफनाक साजिश

    पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिया गया सुमित मंदिर परिसर में अपनी जगह बनाना चाहता था. इसी मंशा के चलते उसने दोनों साधुओं की हत्या कर उनके शवों को जला दिया. अधिकारियों के मुताबिक सुमित मानसिक रूप से अस्वस्थ (मेंटली डिस्टर्ब) है. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है.

  • देहरादून में BJP ‘पार्षद’ के घर से नौकर ने उड़ाए लाखों के गहने और कैश, खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर सबको किया था बेहोश

    देहरादून में BJP ‘पार्षद’ के घर से नौकर ने उड़ाए लाखों के गहने और कैश, खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर सबको किया था बेहोश

    देहरादून में BJP ‘पार्षद’ के घर से नौकर ने उड़ाए लाखों के गहने और कैश, खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर सबको किया था बेहोश

    देहरादून के बल्लीवाला इलाके में बीजेपी पार्षद के घर हुई लूट की वारदात से हड़कंप मच गया है. आरोप है कि घर में काम करने वाले एक नौकर ने परिवार के सदस्यों के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. खाना खाने के बाद पार्षद और उनके परिवार की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोशी की हालत में पहुंच गए. इसी दौरान आरोपी घर से लाखों रुपये के गहने और नकदी लेकर फरार हो गया.

    वारदात के बाद बीजेपी पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम की तबीयत बिगड़ गई. तीनों को इलाज के लिए देहरादून के सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस को आशंका है कि वारदात में घर के नौकर के अलावा कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं.

    इस पूरी घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फुटेज में कुछ लोग पार्षद के घर के अंदर दाखिल होते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के साथ घटनास्थल से मिले दूसरे सुरागों को भी खंगाल रही है. इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

    शुरुआती जांच में घर में काम करने वाले नौकर की भूमिका सामने आई है, जो वारदात के बाद से फरार है. बताया जा रहा है कि आरोपी नेपाल का रहने वाला है और उसे पार्षद की बेटी मेघा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घरेलू काम के लिए रखा था. मेघा दिल्ली में रहती हैं और करीब 25 दिन पहले ही इस नौकर को काम पर रखा गया था. परिवार के मुताबिक ऑनलाइन माध्यम से उसकी जानकारी जुटाने के बाद उसे नौकरी पर रखा गया था.

    परिवार का कहना है कि इतने कम समय में ही नौकर ने उनका भरोसा हासिल कर लिया था. आरोप है कि बुधवार को उसने परिवार के सदस्यों के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. खाना खाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए. इसी दौरान आरोपी ने घर में रखी नकदी और लाखों रुपये के सोने के जेवरात समेत अन्य सामान समेट लिया और मौके से फरार हो गया.

    पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती फरार नौकर तक पहुंचना है. पुलिस उसके मोबाइल नंबर, ऑनलाइन संपर्क और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है. इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे. सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

    मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देहरादून पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है. पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और घटना से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की जा रही है. ऑनलाइन माध्यम से नौकर की नियुक्ति, उसके पिछले रिकॉर्ड और घटना के बाद उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है.

    देहरादून में हुई इस वारदात ने घरों में घरेलू काम के लिए ऑनलाइन माध्यम से रखे जाने वाले कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका पूरी तरह जांच के बाद ही साफ होगी. फिलहाल पार्षद और उनके परिवार का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस फरार नौकर और उसके संभावित साथियों की तलाश में जुटी है.

  • चित्रकूट: लिव-इन में रह रही महिला के साथ गैंगरेप, पड़ोसी बहला-फुसलाकर ले गया था जंगल

    चित्रकूट: लिव-इन में रह रही महिला के साथ गैंगरेप, पड़ोसी बहला-फुसलाकर ले गया था जंगल

    चित्रकूट: लिव-इन में रह रही महिला के साथ गैंगरेप, पड़ोसी बहला-फुसलाकर ले गया था जंगल

    चित्रकूट के मानिकपुर में पति से विवाद के बाद बाहर निकली लिव-इन में रह रही महिला से तीन लोगों ने गैंगरेप किया. पड़ोसी छैला बहला-फुसलाकर उसे जंगल ले गया, जहां छुटकू और पुरुषोत्तम के साथ वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी छैला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

    यूपी के चित्रकूट में लिव-इन में रह रही महिला के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. पति से विवाद के बाद पड़ोसी युवक महिला को बहला-फुसलाकर जंगल ले गया था. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है.

    पड़ोसी ने रची साजिश

    पूरा मामला जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव का है, जहां 30 सितंबर को लिव-इन में रह रही महिला के साथ तीन लोगों ने दुष्कर्म किया. पति का पहली पत्नी से विवाद सुलझाने के दौरान नाराज होकर बाहर निकली महिला को गांव के पड़ोसी छैला ने पति से मिलाने के बहाने बहलाया. वह महिला को रेलवे लाइन पार महुवा के पेड़ के पास ले गया, जहां पहले से मौजूद छुटकू और पुरुषोत्तम के साथ मिलकर तीनों ने बारी-बारी से वारदात को अंजाम दिया.

    पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा, दो की तलाश

    घटना के बाद पीड़िता ने घर पहुंचकर पति को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस स्टेशन में तहरीर दी गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की और मुख्य आरोपी छैला को गिरफ्तार कर लिया. एसपी अरुण कुमार सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में घटना सत्य पाई गई है. बाकी दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं और फॉरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल कलेक्ट किए हैं.

    एक अरेस्ट, दो फरार

    बताया जा रहा है कि पति-पत्नी और रिलेशन शिप में रह रही ‘वो’ के बीच विवाद हुआ तो पड़ोसी युवक ने इसका फायदा उठाकर महिला को जंगल में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. इस कांड में उसके दो साथी भी शामिल थे. फिलहाल, पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी दो की तलाश में दबिश जारी है.

  • भरोसा किया तो गए! झांसी GRP के हत्थे चढ़ा गुजरात का हाईटेक ‘ट्रेन लुटेरा’ परिवार, सफर में हंसते-बोलते करते थे चोरी.

    भरोसा किया तो गए! झांसी GRP के हत्थे चढ़ा गुजरात का हाईटेक ‘ट्रेन लुटेरा’ परिवार, सफर में हंसते-बोलते करते थे चोरी.

    भरोसा किया तो गए! झांसी GRP के हत्थे चढ़ा गुजरात का हाईटेक ‘ट्रेन लुटेरा’ परिवार, सफर में हंसते-बोलते करते थे चोरी.

    झांसी GRP ने ट्रेनों में परिवार बनकर यात्रियों का सामान साफ करने वाले गुजरात के भावनगर निवासी 7 रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है. इनमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं. आरोपी यात्रियों, खासकर सोती हुई महिलाओं से घुल-मिलकर जेवरात, नकदी और मोबाइल चुराते थे. इनके कब्जे से सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद हुई है. पुलिस इनके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.

    ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को अगर आसपास बैठे किसी परिवार पर भरोसा हो जाए, तो यही भरोसा उनके लिए भारी पड़ सकता था. यूपी के झांसी में जीआरपी ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पति-पत्नी और रिश्तेदारों के साथ परिवार की तरह ट्रेनों में सफर करता था और मौका मिलते ही यात्रियों के बैग से मोबाइल, नकदी और जेवरात पार कर देता था. जीआरपी ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं. सभी आरोपी गुजरात के भावनगर जिले के पालीताना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं.

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह की खास रणनीति यह थी कि महिलाएं और पुरुष साथ-साथ ट्रेन में सफर करते थे, जिससे देखने वालों को वे सामान्य परिवार नजर आएं और किसी को उनके इरादों पर शक न हो. भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेनों में गिरोह के सदस्य यात्रियों पर नजर रखते थे. खासकर ऐसे यात्री इनके निशाने पर रहते थे, जो सीट पर सो जाते थे या जिनके बैग उनके पास रखे होते थे.

    जीआरपी को गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने झांसी रेलवे स्टेशन यार्ड में माल गोदाम की तरफ बने ग्रुप-डी गेस्ट हाउस के पीछे पटरी के पास घेराबंदी की. पुलिस ने मौके से सातों आरोपियों को पकड़ लिया. पूछताछ में उनके झांसी के अलावा दूसरे रेलवे रूटों पर भी यात्रियों को निशाना बनाने की जानकारी सामने आई है.

    पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क और पुराने मामलों का रिकॉर्ड खंगाल रही है. जीआरपी यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने झांसी के अलावा दूसरे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.

    महिलाओं को बनाते थे खास निशाना

    जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ट्रेन में यात्रियों के बीच घुल-मिलकर चलते थे. महिलाओं के बैग और सामान पर विशेष नजर रखी जाती थी. जब महिला यात्री सो जाती या उसका ध्यान दूसरी तरफ होता, तभी मौका देखकर बैग खोलकर उसमें रखे जेवरात और अन्य कीमती सामान निकाल लिया जाता था.

    चोरी करने के बाद जेवरों को बेचने अथवा अपने ठिकाने तक पहुंचाने की बात भी पुलिस पूछताछ में सामने आई है. जीआरपी के मुताबिक, आरोपी मुख्य रूप से झांसी से आगरा, मथुरा, हाथरस और बरेली की ओर जाने वाली ट्रेनों में सक्रिय रहते थे. कभी-कभी अयोध्या की तरफ जाने वाली ट्रेनों में भी वारदात करने की बात सामने आई है.

    सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार

    गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णा अमर भाई (20), अमर भाई (45), मनोज भाई (45), सोलंकी अमित दिलीप भाई (34), संगीता (42), ज्योति (42) और ऊषा (32) शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और गुजरात के भावनगर जिले के पालीताना क्षेत्र के रहने वाले हैं.

    जीआरपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ झांसी जीआरपी थाने में चोरी से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं. अब दूसरे जिलों और राज्यों के रेलवे थानों से भी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है.

    सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो कड़े, एक मंगलसूत्र, एक अंगूठी और करीब पांच हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. जीआरपी बरामद जेवरात को पहले दर्ज चोरी के मामलों से जोड़कर देख रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामान किन यात्रियों का है और इनसे जुड़ी अन्य घटनाओं का कोई रिकॉर्ड मौजूद है या नहीं.

    कई रेलवे रूटों पर फैले नेटवर्क की जांच

    सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जीआरपी की जांच का दायरा बढ़ गया है. पुलिस यह पता लगा रही है कि गुजरात से झांसी आने वाला यह गिरोह केवल झांसी और आसपास के रेल मार्गों तक सीमित था या देश के दूसरे रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरीके से यात्रियों को निशाना बनाता था.

    पुलिस आरोपियों से उनके पुराने ठिकानों, चोरी के माल को खपाने वाले लोगों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद चोरी की और घटनाओं का खुलासा हो सकता है.

    एसपी जीआरपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यात्रियों के सामान और जेवरात चोरी करने वाले सात पुरुष-महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से मंगलसूत्र, सोने के दो कड़े, अंगूठी और नकदी बरामद हुई है. पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी परिवार की तरह ट्रेनों में सफर करते थे और खासकर महिलाओं के बैग से जेवरात चोरी करते थे. चोरी के बाद जेवर बेच दिए जाते थे या सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा दिए जाते थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने झांसी के अलावा और किन-किन रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों में वारदात की है.

  • बाइक रोकी तो 9 किलो ‘गांजा’ मिला, कार में 100 और गाड़ी में 263 KG… तेलंगाना में पकड़ी गई 1.82 करोड़ की खेप!

    बाइक रोकी तो 9 किलो ‘गांजा’ मिला, कार में 100 और गाड़ी में 263 KG… तेलंगाना में पकड़ी गई 1.82 करोड़ की खेप!

    बाइक रोकी तो 9 किलो ‘गांजा’ मिला, कार में 100 और गाड़ी में 263 KG… तेलंगाना में पकड़ी गई 1.82 करोड़ की खेप!

    तेलंगाना के भद्राचलम और खम्मम जिले में एक्साइज अधिकारियों ने तीन ऑपरेशनों में 372.2 किलो गांजा जब्त किया है. इसकी कीमत करीब 1.82 करोड़ रुपये है. कार्रवाई के दौरान ओडिशा के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, पहले बाइक और फिर कार से गांजा बरामद होने के बाद पूछताछ में महाराष्ट्र की ओर जा रही एक गाड़ी में खेप का पता चला.

    बाइक रोकी तो 9 किलो गांजा मिला. लगा, मामला इतना ही है. लेकिन तभी पीछे आ रही एक कार पर नजर पड़ी. कार खुली तो 100 किलो गांजा निकला. पूछताछ हुई तो कहानी एक और गाड़ी तक पहुंच गई. जब उसकी तलाशी ली गई तो उसमें 263.2 किलो गांजा मिला. एक कार्रवाई के बीच 372.2 किलो गांजा मिला. तेलंगाना में हुई इस कार्रवाई में ओडिशा के चार लोगों को पकड़ा गया है. बरामद गांजे की कीमत 1.82 करोड़ रुपये से ज्यादा है.

    ये कहानी भद्राचलम की है. यहां वीरभद्र फंक्शन हॉल के पास एक्साइज और डीटीएफ की टीम वाहनों की जांच कर रही थी. इसी दौरान एक बाइक को रोका गया. बाइक सवार की तलाशी ली गई तो करीब 9 किलो गांजा मिला. बाइक सवार का नाम दिवाकर मंडल बताया गया. टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

    अधिकारियों को शक हुआ कि बाइक के पीछे एक कार भी चल रही थी. टीम ने कार को भी रोक लिया. तलाशी हुई तो कार से करीब 100 किलो गांजा बरामद हुआ. कार चला रहे 22 साल के सुमन पाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया. अब पुलिस के सामने सवाल था कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से आ रहा है और कहां ले जाया जा रहा है.

    पूछताछ में आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने एक और कार्रवाई की. बताया गया कि गांजे की एक और खेप एक गाड़ी में लादकर महाराष्ट्र की तरफ ले जाई जा रही है. इसके बाद एक्साइज टीम ने खम्मम जिले के करुणागिरी इलाके में गाड़ी को रोक लिया. तलाशी ली गई तो उसमें 263.2 किलो गांजा मिला. गाड़ी के ड्राइवर राजशेखर मार्गी और क्लीनर ब्रिजान नासा को गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों की उम्र 22 और 20 साल बताई गई है.

    इस तरह तीन कार्रवाइयों में कुल 372.2 किलो गांजा बरामद हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 1.82 करोड़ रुपये से ज्यादा है. पकड़े गए चारों आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं. उनके पास से गांजे के अलावा एक बाइक, एक कार और एक गाड़ी भी जब्त की गई है.

    अब एक्साइज विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि गांजा आखिर आया कहां से था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी. महाराष्ट्र का नाम सामने आने के बाद जांच इस एंगल से भी की जा रही है कि क्या यह खेप किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा थी. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जानकारी जुटाई जा रही है. टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पूरी कार्रवाई में कोठागुडेम और भद्राचलम डीटीएफ के साथ खम्मम एक्साइज टीम शामिल रही. फिलहाल इस मामले में चार लोग गिरफ्तार हैं और तीन वाहन जब्त किए गए हैं.