13 वर्षीय बच्ची को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म, आरोपी को मरते दम तक जेल की सजा..

13 वर्षीय बच्ची को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म, आरोपी को मरते दम तक जेल की सजा..
13 वर्षीय बच्ची को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म, आरोपी को मरते दम तक जेल की सजा..

 बिहार के दरभंगा जिले में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो कोर्ट) के विशेष न्यायाधीश ने एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोप में एक दुष्कर्मी को जीवन पर्यंत सश्रम कारावास और एक लाख रूपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है। 

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 अधिनियम के विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुलेखा झा ने 13 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने बाले सिंहवारा थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर गांव निवासी दुष्कर्मी विवेक कुमार शर्मा को जीवन पर्यंत सश्रम आजीवन कारावास और एक लाख रूपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है। प्रभारी विशेष लोक अभियोजक अमर प्रकाश ने बताया कि 21 सितंबर 2022 को दर्ज प्राथमिक संख्या 201/22 में आरोपी ने 13 वर्षीय बालिका को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था और विरोध करने पर उसने पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था, जिससे वह बेहोश हो गई अगले दिन उसके कराहने की आवाज सुनकर लोगों ने संज्ञान लिया और उसे पानी पिलाकर होश में लाया और उससे घटना की जानकारी ली। परिवार वालों के द्वारा पुलिस में दी गई सूचना के बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 

पीड़िता को मिलेगा 6 लाख मुआवजा
प्रकाश ने बताया कि गुरुवार को अदालत ने सजा निर्धारण के बिंदु पर सुनवाई के दौरान इस सामाजिक अपराध बताते हुए दुष्कर्मी सिंहवारा थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर गांव निवासी विवेक कुमार शर्मा को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत जीवन पर्यंत सश्रम कारावास एवं 50 हजार रूपया अर्थदंड, पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 25 वर्षों का सश्रत्म कारावास और 50 हजार रूपया अर्थ दंड तथा भारतीय दंड विधान की धारा 341 में एक माह का कारावास और धारा 342 में 6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। वही अर्थ दंड नहीं देने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतान पड़ेगी। इसके अतिरिक्त न्यायालय ने बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को सहायतार्थ 6 लाख रुपए मुआवजा भुगतान करने का आदेश भी पारित किया है। 

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