Category: Crime

  • रसिक दुलारी शरण की ‘मौत’ से पहले का CCTV आया सामने, छत पर कुछ देर बैठे फिर अचानक बाउंड्री की ओर बढ़े’

    रसिक दुलारी शरण की ‘मौत’ से पहले का CCTV आया सामने, छत पर कुछ देर बैठे फिर अचानक बाउंड्री की ओर बढ़े’

    रसिक दुलारी शरण की ‘मौत’ से पहले का CCTV आया सामने, छत पर कुछ देर बैठे फिर अचानक बाउंड्री की ओर बढ़े’

    वृंदावन: प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में घटना से पहले का बताया जा रहा CCTV फुटेज सामने आया है। फुटेज में एक व्यक्ति चार मंजिला इमारत की छत पर दिखाई दे रहा है, जिसे रसिक दुलारी शरण बताया जा रहा है। हालांकि, सामने आए CCTV वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    बताया जा रहा है कि फुटेज में व्यक्ति कुछ समय तक छत की बाउंड्री के पास बैठा दिखाई देता है। इसके बाद वह वहीं लेट जाता है। कुछ देर बाद वह अचानक उठता है और बाउंड्री की तरफ तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई देता है। इसके बाद वह नीचे गिरता नजर आता है।

    घटना के बाद छत की ओर दौड़ता दिखा व्यक्ति

    CCTV फुटेज में घटना के तुरंत बाद एक अन्य व्यक्ति छत की तरफ से आता दिखाई देता है। वह बाउंड्री के पास पहुंचकर नीचे की ओर झांकता नजर आता है। फुटेज सामने आने के बाद घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    हालांकि, केवल CCTV फुटेज के आधार पर मौत के पीछे की पूरी वजह तय नहीं की जा सकती। पुलिस मामले में CCTV के अलावा मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में क्या सामने आया?

    मथुरा पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला चार मंजिला आवास से खुद नीचे गिरने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस के मुताबिक, घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है।

    मृतक की पहचान दीपक लोधी के रूप में हुई है। वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के पास साधक के रूप में रह रहे थे।

    पुलिस को चार मंजिला साधक आवास से एक व्यक्ति के नीचे गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    मोबाइल फोन की भी जांच

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया है। मृतक के मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए देखा जा रहा है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सके।

    दीपक लोधी के परिवार के सदस्य भी जबलपुर से वृंदावन पहुंचे हैं। परिवार की ओर से पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी दिया गया है। पुलिस इसी आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।

    मौत से पहले क्या हुआ था, जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले दीपक लोधी कहां थे, उनके मोबाइल पर किससे बातचीत हुई और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को आपस में मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। मौत की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

  • सरपंच की हत्याः अवैध संबंध के शक में 7 आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला, फिर रात भर जंगल में रखे लाश |

    सरपंच की हत्याः अवैध संबंध के शक में 7 आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला, फिर रात भर जंगल में रखे लाश |

    सरपंच की हत्याः अवैध संबंध के शक में 7 आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला, फिर रात भर जंगल में रखे लाश |

    कोंडागांव। जिले के मोहपाल सरपंच मंगल सिंह मरकाम की हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने मिलकर सरपंच को बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को जंगल में रात भर रखे रहे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डंडा और लोहे का राॅड बरामद कर लिया है।

    दरअसल, 30 सितंबर की सुबह 8:30 बजे सीएचसी फरसगांव से थाना बड़ेडोंगर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम मोहपाल के वर्तमान सरपंच मंगल सिंह मरकाम की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मारपीट कर हत्या कर दी गई है। इस जानकारी पर पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर एफएसएल, साइबर, थाना बड़ेडोंगर और रक्षित केंद्र कोण्डागांव के पुलिस बल को घटना स्थल रवाना किया गया।

    इसलिए बनाई गई थी हत्या की योजना

    जाँच के दौरान संदेही मिट्ठू राम नेताम से गवाहों के समक्ष पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि सरपंच मंगल सिंह मरकाम का आरोपी परिवार की एक महिला से प्रेम प्रसंग का संदेह था। इसी रंजिश के चलते मिट्ठू राम नेताम, श्रवण कुमार नेताम, अमित कुमार नेताम, लखन नेताम, नवलू वट्टी, राकेश मण्डावी व प्रभु लाल नेताम द्वारा पूर्व नियोजित तरीके से घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। 29 सितंबर को सरपंच के आने की सूचना मिलने पर सभी आरोपी पगडंडी मार्ग व नदी किनारे जंगल में घात लगाकर बैठे थे। सरपंच को देखते ही पकड़कर हाथ, थप्पड़, चप्पल, लोहे के राड व डण्डे से मारपीट की।

    अस्पताल लाने से पहले मौत

    आरोपियों द्वारा सरपंच मंगल सिंह मरकाम के हाथ बांधकर मारपीट की गई और घटनास्थल से करीब 60 मीटर दूर ले जाकर कंबल से ढंक दिया गया। इसके बाद आरोपी सड़क किनारे आग जलाकर रातभर वहीँ थे। सुबह करीब 5 से 5:30 बजे के बीच मौके से फरार हो गए।

    परिजनों द्वारा घायल अवस्था में सरपंच को उपचार हेतु सीएचसी फरसगांव ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में थाना बड़ेडोंगर में धारा 103(1) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया तथा विवेचना के दौरान धारा 61(2)(क), 191(2) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी मिट्ठू राम नेताम के मेमोरण्डम कथन के आधार पर डण्डा एवं लोहे का राड जब्त किया गया।

    सातों आरोपी गिरफ्तार

    प्रकरण में आरोपी मिट्ठू राम नेताम (45), श्रवण कुमार नेताम (20), अमित कुमार नेताम (20), लखन नेताम (25), नवलू वट्टी (28), राकेश मण्डावी (21) व प्रभु लाल नेताम (20) सभी निवासी ग्राम मोहपाल, थाना बड़ेडोंगर, जिला कोण्डागांव को आज 1 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया।

    इनकी रही अहम भूमिका

    आरोपियों की गिरफ्तारी एवं प्रकरण की विवेचना में थाना प्रभारी निरी. राजकुमार सोरी, सउनि जगजीत कवाची, प्र0आर0 845 श्रवण मण्डावी, प्र0आर0 106 राजेन्द्र कुठूर, आर0 920 अनिल मरकाम, आर0 957 राजेन्द्र नेताम, आर0 903 बुधमन नेताम, आर0 115 कुंजबिहारी पुजारी एवं सायबर टीम कोण्डागांव के प्र0आर0 62 अजय बघेल, आर0 808 बीजूराम यादव, आर0 800 चंदन यादव तथा रक्षित केन्द्र कोण्डागांव के बल प्र0आर0 22 बंशीराम मरकाम, प्र0आर0 37 सनत नेताम, आर0 181 दलित कुर्रे का विशेष योगदान रहा।

  • थाने के सामने से ‘महिला’ को पिस्टल दिखाकर ले जाने का आरोप, टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल बताए जा रहे युवक पर केस:

    थाने के सामने से ‘महिला’ को पिस्टल दिखाकर ले जाने का आरोप, टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल बताए जा रहे युवक पर केस:

    थाने के सामने से ‘महिला’ को पिस्टल दिखाकर ले जाने का आरोप, टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल बताए जा रहे युवक पर केस:

    मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से महिला के कथित अपहरण का एक गंभीर मामला सामने आया है। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में एक महिला को पिस्टल के बल पर जबरन कार में बैठाकर ले जाने का आरोप उसके देवर पर लगा है। घटना थाना परिसर के सामने स्थित दुर्गा मंदिर के पास की बताई जा रही है। महिला के पति ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए पुलिस से पत्नी की बरामदगी की गुहार लगाई है।

    पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और महिला को तलाशने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

    दुर्गा मंदिर के पास पहुंची थी महिला

    शिकायत के अनुसार, घटना 27 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे हुई। महिला अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ ब्रह्मपुरा स्थित दुर्गा मंदिर गई थी। इसी दौरान वहां एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। आरोप है कि कार से सुमित कुमार बाहर आया और हथियार दिखाकर महिला को अपने साथ ले जाने लगा।

    परिवार के लोगों और आसपास मौजूद लोगों ने कथित तौर पर इसका विरोध किया और शोर मचाया। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी महिला को जबरन कार में बैठाकर वहां से निकल गया।

    महिला के पति ने लगाए धमकी देने के आरोप

    महिला के पति अशोक साह ने पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया है कि घटना के बाद आरोपी ने उन्हें फोन कर पुलिस से शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, बच्चों को स्कूल से उठाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

    परिवार का कहना है कि धमकी के कारण वे बेहद डरे हुए हैं और बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है। पति के मुताबिक, आरोपी के डर के कारण उनका परिवार पहले से ही अपना घर छोड़कर सिकंदरपुर इलाके में किराए के मकान में रह रहा था।

    आरोपी के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले होने का दावा

    शिकायत में सुमित कुमार को अहियापुर इलाके का रहने वाला बताया गया है। परिवार का दावा है कि उसका नाम अहियापुर थाने की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल रहा है। यह भी आरोप लगाया गया है कि वह करीब तीन साल जेल में रहने के बाद लगभग डेढ़ महीने पहले जमानत पर बाहर आया था।

    हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    पत्नी को गलत नीयत से ले जाने की आशंका

    महिला के पति ने अपने आवेदन में आरोपी पर पहले भी लड़कियों को कथित तौर पर जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर करने, अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी पत्नी को भी गलत नीयत से ले जाया गया है।

    पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है और महिला की बरामदगी को प्राथमिकता दी जा रही है।

    CCTV और कार की पहचान में जुटी पुलिस

    ब्रह्मपुरा थानेदार विपिन रंजन के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। पुलिस महिला की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

    जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ CCTV फुटेज की जांच कर रही है। जिस सफेद कार से महिला को ले जाने का आरोप है, उसकी पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है। आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर पुलिस आगे की कार्रवाई में लगी है।

    फिलहाल महिला की बरामदगी और मामले में सामने आए आरोपों की जांच पुलिस के स्तर पर जारी है।

  • नवविवाहिता की ‘संदिग्ध’ परिस्थितियों में मौत:

    नवविवाहिता की ‘संदिग्ध’ परिस्थितियों में मौत:

    नवविवाहिता की ‘संदिग्ध’ परिस्थितियों में मौत:

    धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान लगभग 25 वर्षीय काजल पाल के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज 6 महीने पहले हुई थी। ससुराल पक्ष का कहना है कि काजल अचानक गिर गई थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं, बाद में मायके पक्ष को सूचना दी गई कि काजल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

    इस घटना के बाद मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर मारपीट करने और हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि काजल का पति यशवंत धनकर आए दिन उसके साथ विवाद करता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। यशवंत भखारा में फैंसी सामान का थोक कारोबार करता है।

    मृतका के परिजनों के अनुसार, घटना से कुछ देर पहले ही काजल ने उनसे फोन पर बात की थी। इस दौरान उसने ससुराल में विवाद और मारपीट होने की जानकारी दी थी। परिजनों का आरोप है कि फोन पर बातचीत के कुछ ही देर बाद उन्हें काजल की मौत की खबर मिली। इसके बाद से ही मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    मामले में पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ मारपीट और हत्या की शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों सहित संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    काजल पाल के शव का कुरूद अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    इस मामले में अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि काजल ने आत्महत्या की थी या उसकी मौत के पीछे कोई अन्य वजह है।

  • जादू टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने बोलेरो से कुचलकर मार डाला, फिर घटना को दिया एक्सीडेंट का रूप…

    जादू टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने बोलेरो से कुचलकर मार डाला, फिर घटना को दिया एक्सीडेंट का रूप…

    जादू टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने बोलेरो से कुचलकर मार डाला, फिर घटना को दिया एक्सीडेंट का रूप…

    CG: जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जादू-टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने एक ग्रामीण की बेरहमी से हत्या कर दी। तीनों ने मिलकर गाड़ी से कुचलकर ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    जानिए पूरा मामला

    दरअसल, थाना बगीचा क्षेत्र के ग्राम जामपानी सरबकोम्बो निवासी जोयो राम 68 वर्ष की 29 सितंबर को मृत्यु होने की सूचना पर थाना बगीचा में धारा 194 BNSS कायम कर जांच प्रारंभ की गई। मृतक के शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया गया।

    मृतक के शव के पंचनामा के दौरान सिर, माथे और बायें पैर पर चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट में सर पर चोट लगने से मौत की वजह सामने आई।

    मर्ग जांच के दौरान मृतक के परिजनों व गवाहों के बयान लिए गए। पूछताछ में पता चला कि मृतक जोयो राम को बोलेरो वाहन क्रमांक CG 14 MC 5946 से जानबूझकर ठोकर मारकर हत्या की गई थी।

    जाँच में यह भी सामने आया कि गांव के दीपक यादव उसके पिता व चाचा ने मृतक जोया राम की पत्नी पर टोनही होने व जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर पिछले 2-3 वर्षों से रंजिश चली आ रही थी। गांव के एक बैगा ने भी यह आरोप लगाया था।

    हत्या की योजना बनाकर घटना को दिया अंजाम

    जाँच के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी दीपक यादव पिता कुरशो यादव 21 वर्ष निवासी जामपानी सरबकोम्बो को दबिश देकर 1 अक्टूबर को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी दीपक यादव ने बताया कि, मृतक जोयो राम की पत्नी पर जादू-टोना करने का आरोप लगाते हुए आरोपी पक्ष द्वारा कई बार विवाद किया गया था। 29 सितंबर को आरोपियों ने मिलकर जोयो राम की हत्या करने की योजना बनाई थी।

    29 सितंबर की शाम करीब 4 बजे आरोपी दीपक यादव अपने चाचा के बोलेरो वाहन CG 14 MC 5946 को लेकर डाहीडांड़ की ओर गया। वहां जोयो राम मेन रोड से करीब 5-10 मीटर की दूरी पर अपने मक्का खेत के सामने खड़ा था। आरोपी द्वारा वाहन को आगे ले जाकर वापस मोड़कर जानबूझकर जोयो राम को ठोकर मार उसकी हत्या कर दिए।

    वाहन की ठोकर से जोयो राम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वाहन लेकर बगीचा की ओर फरार हो गया, ताकि घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना समझा जाए।

    गिरफ्तार आरोपी

    दीपक यादव 21 वर्ष निवासी जामपानी सरबकोम्बो थाना बगीचा, जिला जशपुर (छ.ग.) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस मामले में फरार आरोपियों की लगातार पतासाजी कर रही है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

    मामले की कार्रवाई व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक विक्रांत कुमार सोन, सहायक उप निरीक्षक अनिल कामरे, नरेश मिंज व प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है

  • बाली में नुसरत ‘भरूचा’ के साथ हादसा, रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर; एयर एंबुलेंस से मुंबई लाने की तैयारी:

    बाली में नुसरत ‘भरूचा’ के साथ हादसा, रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर; एयर एंबुलेंस से मुंबई लाने की तैयारी:

    बाली में नुसरत ‘भरूचा’ के साथ हादसा, रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर; एयर एंबुलेंस से मुंबई लाने की तैयारी:

    मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा के फैंस के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। अभिनेत्री बाली में एक हादसे का शिकार हो गई हैं, जिसके बाद उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल नुसरत बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। उनकी टीम ने स्वास्थ्य को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की है।

    बाली में चल रहा इलाज

    नुसरत भरूचा बाली में काम और छुट्टियों से जुड़े दौरे पर थीं। इसी दौरान उनके साथ हादसा हो गया। दुर्घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।

    फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आगे के इलाज को लेकर जरूरी मेडिकल असेसमेंट किया जा रहा है। हादसा किस तरह हुआ और दुर्घटना की परिस्थितियां क्या थीं, इस बारे में उनकी टीम की ओर से अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

    मुंबई लाने की तैयारी, होगी स्पाइन सर्जरी

    नुसरत की टीम के मुताबिक, डॉक्टरों की आगे की जांच और मूल्यांकन के बाद उनकी स्पाइन सर्जरी की जाएगी। इसके लिए उन्हें बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है।

    टीम ने बताया है कि नुसरत को एयर एंबुलेंस के जरिए मुंबई लाया जाएगा, जहां उनकी सर्जरी कराई जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता उन्हें जरूरी मेडिकल देखभाल उपलब्ध कराना है।

    कुछ समय तक काम से रहना पड़ सकता है दूर

    रीढ़ की चोट और प्रस्तावित सर्जरी के कारण नुसरत को आराम और रिकवरी के लिए समय की जरूरत होगी। उनकी टीम ने संकेत दिया है कि आने वाले कुछ हफ्तों में उनकी प्रोफेशनल कमिटमेंट्स प्रभावित हो सकती हैं।

    इस समय नुसरत का पूरा ध्यान इलाज और रिकवरी पर है। उनकी टीम की ओर से आगे की स्वास्थ्य जानकारी उचित समय पर साझा किए जाने की बात कही गई है।

    टीम ने निजता का सम्मान करने की अपील की

    नुसरत की टीम ने इस मुश्किल समय में लोगों से उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है। टीम ने फैंस और शुभचिंतकों की चिंता और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया है।

    फिलहाल नुसरत बाली में मेडिकल ऑब्जर्वेशन में हैं और मुंबई लाने की तैयारियां की जा रही हैं। उनकी सर्जरी और उसके बाद की रिकवरी से जुड़ी आगे की जानकारी उनकी टीम की ओर से साझा की जाएगी।

  • मारपीट का बदला ‘लेने’ तमंचा लेकर कॉलेज पहुंचा छात्र, क्लास में साथी पर चलाई गोली, प्रिंसिपल पर भी ताना हथियार’

    मारपीट का बदला ‘लेने’ तमंचा लेकर कॉलेज पहुंचा छात्र, क्लास में साथी पर चलाई गोली, प्रिंसिपल पर भी ताना हथियार’

    मारपीट का बदला ‘लेने’ तमंचा लेकर कॉलेज पहुंचा छात्र, क्लास में साथी पर चलाई गोली, प्रिंसिपल पर भी ताना हथियार’

    तीन दिन पहले हुई मारपीट का बदला लेने के लिए 12वीं का एक छात्र बैग में बंदूक लेकर कॉलेज पहुंच गया। छात्र ने क्लासरूम में पढ़ाई कर रहे अपने साथी पर गोली चला दी। हालांकि गोली मिस हो गई और छात्र बाल-बाल बच गया। इसके बाद आरोपी ने दूसरी गोली जमीन पर चला दी और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से कॉलेज में अफरातफरी मच गई। मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की है।

    जानसठ रोड स्थित कुन्द-कुन्द जैन इंटर कॉलेज में गुरुवार को क्लास चल रही थीं। इसी दौरान 12वीं का छात्र बैग लेकर कॉलेज पहुंचा। गेट पर गार्ड ने उसे देर से आने का कारण पूछा तो उसने चोट लगने की बात कही। इसके बाद गार्ड ने उसे अंदर जाने दिया।

    क्लासरूम में पहुंचते ही छात्र ने अपने बैग से तमंचा निकाला और वहां मौजूद एक साथी छात्र पर फायर कर दिया। गोली निशाने पर नहीं लगी। इसके बाद आरोपी ने जमीन पर दूसरी गोली चलाई और कथित तौर पर साथी छात्र को धमकी दी कि वह चाहे तो उसे गोली मार सकता है।

    गोली चलते ही क्लास में मची अफरातफरी

    गोली की आवाज सुनते ही क्लासरूम में अफरातफरी मच गई। छात्र बाहर निकलकर भागने लगे और शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर प्रधानाचार्य अनुराग जैन मौके पर पहुंचे और आरोपी छात्र को पकड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान छात्र ने प्रधानाचार्य के सीने पर भी तमंचा तान दिया और गोली मारने की धमकी दी।

    इधर, कॉलेज के गेट पर मौजूद गार्ड ने गोली चलने की आवाज सुनकर गेट बंद कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी छात्र को तमंचे समेत पकड़ लिया। पुलिस ने उस छात्र को भी हिरासत में लिया, जिस पर आरोपी ने गोली चलाई थी।

    तीन दिन पहले हुई थी मारपीट

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीन दिन पहले आरोपी छात्र के साथ दूसरे छात्र के गुट ने मारपीट की थी। इस घटना में वह घायल हो गया था। बताया गया है कि मामले को लेकर पुलिस चौकी में तहरीर भी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    पुलिस के अनुसार, इसी घटना का बदला लेने के लिए आरोपी छात्र तमंचा लेकर कॉलेज पहुंचा था। प्रधानाचार्य अनुराग जैन की ओर से आरोपी छात्र के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करायी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र शेखपुरा का रहने वाला है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद किया है। वहीं, दूसरे छात्र से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।

  • आदिवासी छात्रावास में ‘कुकर’ ब्लास्ट, खाना बना रहे दो बच्चे झुलसे छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल’

    आदिवासी छात्रावास में ‘कुकर’ ब्लास्ट, खाना बना रहे दो बच्चे झुलसे छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल’

    आदिवासी छात्रावास में ‘कुकर’ ब्लास्ट, खाना बना रहे दो बच्चे झुलसे छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल’

    जिले के मदनपुर स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में 19 सितंबर को खाना बनाने के दौरान कुकर ब्लास्ट होने की घटना सामने आई। घटना में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले दो छात्र ओमकार ध्रुव निवासी कोदोहरदी और मुरली निषाद निवासी सतधार घायल हो गए।
    मिली जानकारी के अनुसार घटना के समय दोनों बच्चे खाना बनाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान कुकर ब्लास्ट हो गया, जिससे दोनों बच्चों के हाथ और माथे/सिर पैर पर चोट तथा जलने की स्थिति बनी। घटना के बाद दोनों बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गरियाबंद लाया गया, जहां उनका शासकीय उपचार कराया गया। डॉ हरीश चौहान उपचार के चार या पांच दिन परिजन बच्चों को अपने साथ घर ले गए।
    रसोइया मौजूद नहीं था तो बच्चों से खाना क्यों बनवाया गया? बच्चों के पिता द्वारा बताया गया की हॉस्टल से किसी प्रकार से कोई खबर नहीं दिया गया कि बच्चे जल गए हैं बच्चा दूसरे के मोबाइल लेकर अपने पिता को फोन किया कि मैं जल गया हूं मेरे को लेने के लिए आओ पिता सोच छोटा-मोटा है लेकिन बच्चों ने फिर दोबारा कॉल किया की बहुत ज्यादा जल गया हूं यहां लेकर आ जाओ फिर पिता ने घर लेकर चले गए तिमाही पेपर भी बच्चों के द्वारा नहीं हो पाया जलने के कारण लेकिन अधीक्षक जिस प्रकार से वजन को ना बताना एवं पूरे जितने जिम्मेदार सभी खामोशी से देखते रहे लेकिन अभी तक अधीक्षक के ऊपर किसी प्रकार से कोई नोटिस तक नहीं दिया गया स्पष्टीकरण का नोटिस ना देने के कारण केवल यही है की सभी के मिली भगत से दबाया गया क्या कारण है कि बच्चे इतनी बुरी तरीके से जले


    इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल छात्रावास की भोजन व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर खड़ा हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार घटना के समय रसोइया मौजूद नहीं था और दोनों बच्चे खाना बना रहे थे। 19 सितंबर से आज तक दबाने की कोशिश में लगे हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के एक से लेते हुए मंडल संयोजक की मिलीभगत के कारण आज यह संभव है और बच्चे के पिता को भी दबाने की कोशिश भी किया जा रहा है बच्चे


    ऐसे में सवाल उठता है कि यदि छात्रावास में भोजन बनाने के लिए रसोइया नियुक्त है, तो उसकी अनुपस्थिति में नाबालिग बच्चों को खाना बनाने की जिम्मेदारी किसने दी?क्या बच्चों को गैस चूल्हे और प्रेशर कुकर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करने दिया जाना छात्रावास की नियमित व्यवस्था है या उस दिन रसोइये की अनुपस्थिति के कारण ऐसा हुआ? इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।

    अधीक्षक की निगरानी पर भी सवाल

    छात्रावास में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी छात्रावास प्रबंधन की है। ऐसे में घटना के समय अधीक्षक की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

    क्या रसोई की नियमित निगरानी होती है?

    क्या गैस, चूल्हे और कुकर की समय-समय पर जांच की जाती है?
    क्या बच्चों को रसोई में जाने से रोकने की कोई व्यवस्था है?
    और घटना के समय जिम्मेदार कर्मचारी कहां मौजूद थे?
    इन सवालों का जवाब छात्रावास प्रबंधन और संबंधित विभाग को देना चाहिए।
    19 सितंबर की घटना, फिर भी कार्रवाई पर सवाल
    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना 19 सितंबर की है। दो बच्चे घायल हुए, उन्हें जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया और बाद में परिजन उन्हें घर ले गए। लेकिन घटना के बाद संबंधित विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की गई, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
    क्या छात्रावास अधीक्षक से घटना को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया?
    क्या रसोइये की अनुपस्थिति की जांच हुई?
    क्या मंडल संयोजक/संबंधित विभागीय अधिकारी ने मामले की जांच की?

    क्या घटना की लिखित रिपोर्ट तैयार की गई?

    और क्या भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए कोई व्यवस्था बदली गई?बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई सवाल नहींआदिवासी छात्रावासों में दूर-दराज के परिवारों से बच्चे पढ़ने और रहने आते हैं। उनके माता-पिता यह भरोसा करते हैं कि छात्रावास में उनके बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    ऐसे में 19 सितंबर को दो नाबालिग बच्चों का खाना बनाते समय कुकर ब्लास्ट की घटना में घायल होना केवल एक दुर्घटना का मामला नहीं, बल्कि छात्रावास की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच का विषय भी है।

  • जयपुर की महिला की ‘तस्वीरें’ Instagram पर वायरल करने का आरोप, शिवपुरी पहुंचकर पुलिस से की शिकायत

    जयपुर की महिला की ‘तस्वीरें’ Instagram पर वायरल करने का आरोप, शिवपुरी पहुंचकर पुलिस से की शिकायत

    जयपुर की महिला की ‘तस्वीरें’ Instagram पर वायरल करने का आरोप, शिवपुरी पहुंचकर पुलिस से की शिकायत

    सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर कथित रूप से परेशान और बदनाम किए जाने का मामला सामने आया है। जयपुर की रहने वाली एक महिला ने बुधवार को शिवपुरी पहुंचकर पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने लुधावली निवासी सेट्टी खान पर आरोप लगाया है कि वह पिछले करीब 15 दिनों से उसकी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर रहा है। महिला का दावा है कि सोशल मीडिया पोस्ट में उसकी 9 साल की बेटी और मां की तस्वीरें भी शामिल हैं।

    महिला के मुताबिक, तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद उसे लगातार मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसने बताया कि पोस्ट को लेकर जब उसने आरोपी से आपत्ति जताई और तस्वीरें हटाने के लिए कहा, तो कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी भी दी गई।

    परिवार के बीच बात रखने के बाद भी जारी रहीं पोस्ट

    शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार की ओर से भी आरोपी से तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करने को लेकर बातचीत की गई थी। इसके बावजूद इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर तस्वीरें डालने का सिलसिला बंद नहीं हुआ।

  • फतेहाबाद में सनसनी: ड्यूटी से लौटी मां ने देखा कमरे का नजारा तो उड़ गए होश, घर पर अकेला था 14 वर्षीय गौरव

    फतेहाबाद में सनसनी: ड्यूटी से लौटी मां ने देखा कमरे का नजारा तो उड़ गए होश, घर पर अकेला था 14 वर्षीय गौरव

    फतेहाबाद में सनसनी: ड्यूटी से लौटी मां ने देखा कमरे का नजारा तो उड़ गए होश, घर पर अकेला था 14 वर्षीय गौरव

    फतेहाबाद: शहर के लाजपत नगर इलाके में बुधवार शाम उस समय कोहराम मच गया, जब 14 वर्षीय सातवीं कक्षा के छात्र गौरव उर्फ गैरी का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के वक्त बच्चा घर पर अकेला था। सूचना मिलते ही बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया।

    मृतक गौरव अपनी मां पूजा के साथ पिछले कई वर्षों से लाजपत नगर में किराए के मकान में रह रहा था। करीब सात साल पहले गौरव के पिता का साया उसके सिर से उठ चुका था। उसकी मां लोक निर्माण विभाग  में कार्यरत हैं। बुधवार को जब वह अपनी ड्यूटी पर गई थीं, तब गौरव घर पर अकेला था। शाम के समय जब मां काम से घर लौटीं, तो कमरे का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    प्रारंभिक जांच में अभी तक गौरव के इस कदम उठाने के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों के औपचारिक बयान दर्ज होने और पुलिस की गहन जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।