Category: Crime

  • भारतीय मूल की Google अधिकारी शीतल रेजियन की हत्या, गोलीबारी की घटना ने सबको चौंकाया..

    भारतीय मूल की Google अधिकारी शीतल रेजियन की हत्या, गोलीबारी की घटना ने सबको चौंकाया..

    भारतीय मूल की Google अधिकारी शीतल रेजियन की हत्या, गोलीबारी की घटना ने सबको चौंकाया..

    अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में Google Executive और भारतीय मूल की वरिष्ठ प्रौद्योगिकी अधिकारी शीतल रेजियन की उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 57 वर्षीय शीतल रेजियन गूगल में वरिष्ठ इंजीनियरिंग नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पुलिस के अनुसार, हत्या का आरोप उनके पति किर्क बी. रेजियन पर लगाया गया है। शुरुआती जांच में मामले को घरेलू हिंसा से जुड़ा बताया गया है। Google Executive की इस दर्दनाक मौत ने भारतीय समुदाय के साथ-साथ तकनीकी जगत को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

    गोलीबारी की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

    स्मिर्ना पुलिस विभाग को मंगलवार रात लगभग आठ बजे अटलांटा के निकट कॉब काउंटी स्थित एक घर में गोलीबारी की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन चिकित्सा दल घटनास्थल पर पहुंचे। घर के भीतर शीतल रेजियन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। उनके शरीर पर कई गोलियों के निशान थे। अधिकारियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी और पूरे परिसर की घेराबंदी कर जांच आरंभ की।

    Google Executive: हमले में बेटा भी घायल, अस्पताल में उपचार जारी

    घटना के दौरान दंपति का 23 वर्षीय बेटा जेसन रेजियन भी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस को वह घर के बाहर घायल अवस्था में मिला, जिसके बाद उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है। अधिकारियों ने फिलहाल उसके स्वास्थ्य को देखते हुए अधिक जानकारी साझा नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गोलीबारी के दौरान घटनाक्रम किस प्रकार घटित हुआ और जेसन किस परिस्थिति में घायल हुआ।

    तकनीकी क्षेत्र में शीतल रेजियन का रहा उल्लेखनीय योगदान

    शीतल रेजियन तकनीकी जगत का एक सम्मानित नाम थीं। वह गूगल में वरिष्ठ इंजीनियरिंग नेतृत्व की भूमिका निभा रही थीं और उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव था। इससे पहले उन्होंने होमडिपो डॉट कॉम में मोबाइल तकनीक और डिजिटल परिवर्तन से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व किया था। डिजिटल होम डेकोर और फर्निशिंग कारोबार के विस्तार में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। उनके सहयोगी उन्हें दूरदर्शी नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देने वाली अधिकारी के रूप में याद करते हैं।

    Google Executive: भारत से अमेरिका तक प्रेरणादायक रही जीवन यात्रा

    शीतल रेजियन का पालन-पोषण भारत, इंग्लैंड और घाना जैसे देशों में हुआ था। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया और जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में लगातार सफलता हासिल करते हुए कई प्रतिष्ठित कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। परिवार के साथ अटलांटा में उनका जीवन सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन घरेलू विवाद ने इस परिवार को ऐसी त्रासदी में बदल दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

    घरेलू हिंसा के पहलू से मामले की हो रही गहन जांच

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा प्रतीत होता है। हालांकि गोलीबारी के पीछे वास्तविक कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और अन्य संभावित गवाहों से पूछताछ कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना के कारणों के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।

    Google Executive: आरोपी पति गिरफ्तार, बिना जमानत हिरासत में

    स्मिर्ना पुलिस ने शीतल रेजियन के पति किर्क बी. रेजियन को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। उसे कॉब काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में बिना जमानत के रखा गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस घटना से आम जनता को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। मामले की जांच जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा की गंभीरता और उसके सामाजिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है।

  • रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

    रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

    रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

    रिश्तों में बेवफाई और टूटते परिवारों का अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी एक रूह कंपा देने वाली वारदात तमिलनाडु के तूतुकुड़ी से सामने आई. यहां सावेरियारपुरम इलाके में एक सिरफिरे और डिप्रेशन के शिकार पिता ने ममता के बाद पिता के साये की उम्मीद लगाए बैठे दो मासूम बच्चों को ऐसी तड़पती हुई मौत दी जिसे सुनकर पूरा इलाका सन्न है. जिस पिता का फर्ज बच्चों की हिफाजत करना था, उसी ने रात के अंधेरे में मौत का ऐसा क्रूर खेल खेला जिसने हंसते-खेलते परिवार को एक झटके में श्मशान बना दिया. पत्नी के किसी और के साथ चले जाने की कड़वाहट ने एक इंसान को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही जिगर के टुकड़ों को करंट की कुर्सी पर सुला दिया और खुद भी मौत को गले लगा लिया.

    खाना खिलाकर सुलाया, फिर बेटों को बनाया मौत का शिकार
    यह दिल दहला देने वाली घटना शुक्रवार रात की है. मृतक की पहचान 40 वर्षीय मैरी माइकल के रूप में हुई है जो पेशे से एक ट्रक ड्राइवर था. उसके साथ ही उसकी 14 वर्षीय बेटी मैरी निरोशा (9वीं क्लास की छात्रा) और 12 वर्षीय बेटा मैरी केनिस्टन (7वीं क्लास का छात्र) भी इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए. पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि शुक्रवार की शाम माइकल हमेशा की तरह अपने बच्चों के लिए खाना लेकर घर आया था. उसने बड़े प्यार से दोनों बच्चों को खाना खिलाया और फिर उन्हें सोने के लिए कह दिया. जैसे ही मासूम बच्चे गहरी नींद में सो गए, डिप्रेशन में डूबे माइकल ने बिजली के जिंदा नंगे तारों को दोनों बच्चों के शरीर से कसकर बांध दिया और उसका कनेक्शन सीधे बिजली के बोर्ड से कर दिया. करंट लगते ही दोनों मासूमों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इसके बाद माइकल ने उसी तार को अपने शरीर पर लपेटकर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया.

    बंद कमरे के भीतर का खौफनाक मंजर
    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान माइकल के 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता एंथनी मुथु घर के बाहर सो रहे थे जिन्हें भनक तक नहीं लगी कि अंदर क्या कयामत बीत चुकी है. शनिवार की दोपहर तक जब कमरे का दरवाजा अंदर से नहीं खुला तो बुजुर्ग पिता को अनहोनी की आशंका हुई. उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को इकट्ठा किया और पुदुकोट्टई पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. एक ही बेड पर पिता और उसके दोनों मासूम बच्चों की लाशें पड़ी हुई थीं और उनके शरीरों पर बिजली के तार लिपटे हुए थे. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर तूतुकुड़ी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन इस दर्दनाक अंत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

  • गांजा तस्करी में शामिल पति-पत्नी, देवर और बिचैलिया गिरफ्तार, 29 लाख का गांजा भी जब्त…

    गांजा तस्करी में शामिल पति-पत्नी, देवर और बिचैलिया गिरफ्तार, 29 लाख का गांजा भी जब्त…

    गांजा तस्करी में शामिल पति-पत्नी, देवर और बिचैलिया गिरफ्तार, 29 लाख का गांजा भी जब्त…

    Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर की कमिश्नरेट पुलिस ने 29 लाख के गांजा के साथ 5 आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों में दंपती और देवर समेत बिचौलिए शामिल है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थान टिकरापारा में कार्रवाई की गई है।

    गांजा सप्लाई की मिली थी शिकायत

    जानकारी के मुताबिक, कमिश्नरेट पुलिस को 11 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिकरापारा थाना क्षेत्र के कमल विहार इलाके में कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा सप्लाई करने आने वाले है। सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और एएनटीएफ व टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने कमल विहार रोड स्थित शिव मंदिर के सामने नीलगिरी प्लांटेशन के पास घेराबंदी की।

    पुलिस को देखकर भाग रहे थे आरोपी

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला सहित तीन संदिग्ध को सुजुकी एक्सेस वाहन के साथ पकड़ा। पुलिस को देखकर तीनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान कमलेश सोनवानी, राजा टंडन और नीतू टंडन निवासी पंडरी, रायपुर के रूप में बताई। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें रखी तीन बोरियों और एक थैले से कुल 46.100 किलोग्राम गांजा मिला। पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गांजा ओडिशा के कालाहांडी जिले से लाया गया था।

    दो सप्लायर गिरफ्तार

    इस जानकारी के बाद पुलिस ने तस्करी की पूरी सप्लाई चेन को पकड़ने के लिए बैकवर्ड लिंकेज पर कार्रवाई शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की मदद से पुलिस ने रायपुर रेलवे स्टेशन के पास दो संदिग्ध सप्लायरों को घेराबंदी कर धर-दबोचा। तस्करों की पहचान बनमाली तांडी और अनु तांडी निवासी जिला कालाहांडी (ओडिशा) के रूप में की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा से गांजा लाकर रायपुर में कमलेश सोनवानी, राजा टंडन और नीतू टंडन को सप्लाई करते थे। इसके बाद रायपुर में गांजे की अवैध बिक्री की जाती थी।

    थाना टिकरापारा में कार्रवाई

    पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ थाना टिकरापारा में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20 (बी) (ii) (सी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कमलेश सोनवानी के खिलाफ रायपुर और महासमुंद जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से करीब चार मामले दर्ज हैं। राजा टंडन के खिलाफ ओडिशा के टिटलागढ़ क्षेत्र में भी एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, जिसमें वह पहले जेल जा चुका है।

  • सात फेरों के सपने हुए चकनाचूर! दहेज की मांग ने नवविवाहिता की जिंदगी बना दी दर्दनाक कहानी..

    सात फेरों के सपने हुए चकनाचूर! दहेज की मांग ने नवविवाहिता की जिंदगी बना दी दर्दनाक कहानी..

    सात फेरों के सपने हुए चकनाचूर! दहेज की मांग ने नवविवाहिता की जिंदगी बना दी दर्दनाक कहानी..

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    दहेज की मांग ने तोड़ा एक नवविवाहिता का सपना

    शादी हर लड़की के लिए नए जीवन, नए रिश्तों और खुशियों की शुरुआत होती है, लेकिन जब यही रिश्ता दहेज की मांग और प्रताड़ना का कारण बन जाए, तो एक परिवार की उम्मीदें टूटकर बिखर जाती हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां शादी के कुछ ही दिनों बाद एक नवविवाहिता की जिंदगी खुशियों से निकलकर तनाव, अपमान और डर में बदल गई।

    युवती का कहना है कि शादी के बाद उसके ससुराल वाले लगातार महंगी कार और भारी रकम की मांग करने लगे। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उसके साथ तानों, दबाव और दुर्व्यवहार का सिलसिला शुरू हो गया। धीरे-धीरे घर का माहौल इतना खराब हो गया कि उसे हर दिन मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

    पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक रात उसके पति ने उसके साथ बेहद अमानवीय और शर्मनाक हरकत की। उसका कहना है कि उसे अपमानित करने के लिए अश्लील तरीके से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह अंदर से पूरी तरह टूट गई। जब उसने इस हरकत का विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे डराने-धमकाने की कोशिश भी की गई।

    इतना ही नहीं, युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि घर के एक बड़े सदस्य ने उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। जब उसने खुद को बचाने के लिए आवाज उठाई, तो उसे घर से निकाल दिया गया। कुछ समय बाद जब वह अपने परिजनों के साथ वापस ससुराल पहुंची, तो उसके लिए दरवाजा तक नहीं खोला गया। इससे साफ है कि उसे न केवल प्रताड़ित किया गया, बल्कि पूरी तरह अकेला छोड़ दिया गया।

    पीड़िता का कहना है कि उस पर अब भी चुप रहने और सब कुछ सहने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से शिकायत की, ताकि उसके साथ हुए अन्याय को सामने लाया जा सके। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी कई घरों में महिलाओं की जिंदगी को बर्बाद कर रही है। जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों में पीड़ित को समय पर न्याय मिले और समाज भी चुप रहने के बजाय अन्याय के खिलाफ आवाज उठाए।

  • डिलीवरी बॉय की घिनौनी करतूत! महिला के घर में घुसकर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट

    डिलीवरी बॉय की घिनौनी करतूत! महिला के घर में घुसकर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट

    डिलीवरी बॉय की घिनौनी करतूत! महिला के घर में घुसकर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट

    बेंगलुरु में एक महिला ने डिलीवरी एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि पार्सल देने के बाद डिलीवरी एजेंट ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया और उनकी मर्जी के बिना फ्लैट के अंदर घुस गया. इसके बाद उसने अश्लील हरकत की. महिला ने पूरी घटना सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

    टॉयलेट जाने के बहाने मांगी एंट्री

    महिला के अनुसार, डिलीवरी एजेंट पार्सल देने उनके घर आया था. पार्सल देने के बाद उसने टॉयलेट इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी.

    महिला ने बताया कि उन्होंने कई बार मना किया और साफ कहा कि वह किसी अनजान व्यक्ति को अपने घर के अंदर आने की अनुमति नहीं देतीं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ज्यादा जरूरत हो तो वह पड़ोसियों से मदद ले सकता है. लेकिन आरोप है कि डिलीवरी एजेंट उनकी बात नहीं माना और जबरन घर के अंदर चला गया.

    महिला ने लगाए अश्लील हरकत के आरोप

    महिला का आरोप है कि जब डिलीवरी एजेंट वॉशरूम से बाहर आया तो उसने उनके सामने अश्लील हरकत की. इस घटना के बाद महिला घबरा गईं और खुद को असुरक्षित महसूस करने लगीं.

    महिला ने कहा कि किसी महिला के साफ मना करने के बाद भी उसकी बात को नजरअंदाज करना और जबरन घर में घुसना पूरी तरह गलत है.

    डर के कारण तुरंत उठाया यह कदम

    महिला ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल का कैमरा चालू कर लिया और घर का मुख्य दरवाजा खोल दिया. वह दरवाजे के पास ही खड़ी रहीं ताकि जरूरत पड़ने पर बाहर निकलकर मदद मांग सकें.

    उनका कहना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा किया.

    पुलिस ने शुरू की जांच

    महिला की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया. पुलिस ने महिला से संपर्क कर घटना से जुड़ी पूरी जानकारी और डिलीवरी एजेंट का विवरण मांगा है.

    पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    मध्य प्रदेश में इंदौर जिले की मनोरमागंज स्थित डाक कुंज कॉलोनी में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एक ओर पुलिस फरार आरोपी पति अखिलेश सैनी की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने परिवार के दो मासूम बच्चों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। परिजनों के अनुसार, मां की हत्या के बाद दोनों बच्चे गहरे सदमे में हैं। बड़ी बेटी अपनी आंखों के सामने मां का खून से लथपथ शव देखने की घटना को भूल नहीं पा रही है, जबकि छोटा बेटा कभी मां को वापस लाने की जिद करता है तो कभी गुस्से में अपने पिता को ‘रावण’ कहकर उसे सजा देने की बात कहता है। मासूम की यह बात सुनकर परिवार के लोग भी भावुक हो जाते हैं।

    वारदात से पहले बनाई थी पूरी योजना

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अखिलेश सैनी कथित तौर पर पूरी तैयारी के साथ घर पहुंचा था। जांच के अनुसार उसने पहले एक बड़ा चाकू खरीदा, फिर दोनों बच्चों के स्कूल जाने का इंतजार किया। घर में पत्नी के अकेले होने पर उसने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उर्मिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी सीधे बेटी के स्कूल पहुंचा। वहां उसने बेटी को कुछ जरूरी सामान और एटीएम कार्ड सौंपते हुए भोपाल जाने की बात कही तथा दोनों बच्चों को मौसी के घर चले जाने के लिए कहा। जब बेटी घर पहुंची तो टीवी तेज आवाज में चल रहा था। लिविंग रूम में मां खून से लथपथ पड़ी थी। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और परिजनों को सूचना दी।

    हत्या से पहले भाई को किया था फोन

    परिजनों के मुताबिक, घटना से कुछ मिनट पहले उर्मिला ने अपने भाई मनोज मालाकार को फोन किया था। उर्मिला ने कहा था कि किसी भी स्थिति में वकील से बात करा दी जाए और उन्हें ऑफिस भेज दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहतीं। उस समय परिवार ने इसे सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद हत्या की सूचना मिलने से सभी स्तब्ध रह गए।

    15 वर्षों से विवादों में था दांपत्य जीवन

    परिवार का कहना है कि 2011 में विवाह के बाद से ही अखिलेश सैनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होते थे। उर्मिला ने अलग-अलग समय पर महिला थाना, जूनी इंदौर थाना और भोपाल में भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। हालांकि, हर बार आरोपी माफी मांग लेता था और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उर्मिला समझौता कर लेती थीं। परिजनों का आरोप है कि आरोपी पत्नी के मोबाइल फोन और गतिविधियों पर लगातार नजर रखता था तथा बिना किसी ठोस आधार के उन पर संदेह करता था। यही वजह थी कि उनका वैवाहिक जीवन लंबे समय से तनावपूर्ण बना हुआ था।

    धमकियां भी देता था आरोपी

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उर्मिला को जान से मारने की धमकी देता था। वह अपने एक रिश्तेदार के पुराने हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहता था कि हत्या करने पर भी ज्यादा सजा नहीं होती और वह जेल से बाहर आ जाएगा। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

    आरोपी की तलाश में चार पुलिस टीमें

    एसीपी नीति दंडोतिया ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें बनाई गई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना के बाद वह पैदल ही मौके से निकला और ऐसे रास्तों का इस्तेमाल किया जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। हालांकि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में उसकी गतिविधियों के कुछ सुराग मिले हैं। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उर्मिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, जबकि आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ जारी है।

  • पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    Agra Crime News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मां-बेटे के रिश्ते को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि जिस मां ने अपने बेटे को जन्म दिया, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया और जीवन भर उसका साथ दिया, उसी बेटे ने उसे जहर मिला खाना खिला दिया.

    इस मामले में बेटे की सास पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, अभी इन आरोपों की जांच चल रही है और पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी.

    छोले की सब्जी में जहर मिलाने का आरोप

    मामला आगरा के पिनाहट थाना क्षेत्र के बरपुरा गांव का है. पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे रविन्द्र पर अपनी मां राममूर्ति को जहरीला खाना खिलाने का आरोप लगा.

    पीड़िता के पति रनवीर सिंह का आरोप है कि रविन्द्र ने छोले की सब्जी में जहरीला पदार्थ मिलाकर अपनी मां को खिला दिया. खाना खाने के बाद राममूर्ति की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उनका इलाज चल रहा है.

    सास पर भी साजिश का आरोप

    इस मामले में सबसे बड़ा आरोप रविन्द्र की सास फूलवती को लेकर लगाया गया है. एफआईआर के अनुसार, रविन्द्र ने अपने पिता को बताया कि जहरीला पदार्थ उसे उसकी सास ने दिया था. आरोप है कि फूलवती ने उसे गटपुरा गांव बुलाकर जहर की पुड़िया दी और कहा कि अगर वह अपनी मां को रास्ते से हटा देगा, तभी उसकी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. यानी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मां को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश में पत्नी की मां भी शामिल थी.

    जमीन विवाद को बताया जा रहा वजह

    रविन्द्र के भाई मुकेश ने आरोप लगाया है कि परिवार में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. उसका कहना है कि रविन्द्र की सास ने अपनी बेटी को मायके में रोक रखा था और कथित तौर पर शर्त रखी थी कि अगर रविन्द्र अपनी मां को जहर दे देगा, तभी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. इसके बाद आरोप है कि छोले की सब्जी में जहर मिलाकर मां को खिला दिया गया.

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

    पुलिस ने इस मामले में रविन्द्र और उसकी सास फूलवती के खिलाफ बीएनएस की धारा 61, 109 और 123 के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. अब मामले की जांच मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और दूसरे सबूतों के आधार पर की जा रही है.

    फिलहाल एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है. मामले की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर ही सामने आएगी.

  • बौद्ध साधुओं को जाल में फंसाकर करोड़ों की उगाही! 80 हजार वीडियो ने खोला ‘मिस गोल्फ’ का चौंकाने वाला राज

    बौद्ध साधुओं को जाल में फंसाकर करोड़ों की उगाही! 80 हजार वीडियो ने खोला ‘मिस गोल्फ’ का चौंकाने वाला राज

    बौद्ध साधुओं को जाल में फंसाकर करोड़ों की उगाही! 80 हजार वीडियो ने खोला ‘मिस गोल्फ’ का चौंकाने वाला राज

    थाईलैंड में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक एक प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु ने बिना किसी स्पष्ट कारण के अपना संन्यास छोड़ दिया। यह फैसला धार्मिक समुदाय के लिए बेहद असामान्य था। सवाल उठने लगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने वर्षों से तप और अनुशासन का जीवन जी रहे एक भिक्षु को यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

    जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो धीरे-धीरे एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया।

    जांच में पता चला कि एक महिला, जिसे स्थानीय मीडिया ने ‘मिस गोल्फ’ नाम दिया, कथित तौर पर कई बौद्ध भिक्षुओं के संपर्क में आई। आरोप है कि पहले वह उनसे करीबी संबंध बनाती, फिर निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर बड़ी रकम की मांग करती थी।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस को पता चला कि एक भिक्षु से कथित तौर पर यह कहकर करोड़ों रुपये मांगे गए कि महिला उसके बच्चे की मां बनने वाली है। इसी सुराग ने जांच को नई दिशा दी।

    इसके बाद जब पुलिस ने महिला के ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां से जो मिला उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, डिजिटल उपकरणों और क्लाउड स्टोरेज से 80 हजार से अधिक फोटो और वीडियो बरामद किए गए। आरोप है कि इनका इस्तेमाल कथित तौर पर अलग-अलग लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था।

    जांच के दौरान पुलिस के सामने कम से कम नौ बौद्ध भिक्षुओं के नाम आए। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में शामिल लोगों की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। शुरुआती जांच के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में इस कथित नेटवर्क के जरिए 385 मिलियन थाई बात (भारतीय मुद्रा में 100 करोड़ रुपये से अधिक) का लेन-देन हुआ।

    यह मामला केवल कथित ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं रहा। थाईलैंड में, जहां अधिकांश आबादी बौद्ध धर्म का पालन करती है, इस घटना ने धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता और अनुशासन पर भी नई बहस छेड़ दी है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • लग्जरी कार चोरी का मास्टरमाइंड निकला MBA ग्रेजुएट, 100 से ज्यादा गाड़ियां की थीं गायब..

    लग्जरी कार चोरी का मास्टरमाइंड निकला MBA ग्रेजुएट, 100 से ज्यादा गाड़ियां की थीं गायब..

    लग्जरी कार चोरी का मास्टरमाइंड निकला MBA ग्रेजुएट, 100 से ज्यादा गाड़ियां की थीं गायब..

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    Luxury Cars Thief Arrested: 20 साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहने वाला एक हाई-टेक कार चोर आखिरकार गिरफ्तार हो गया. वो सिर्फ चोर नहीं था, एक मास्टरमाइंड था, एमबीए डिग्रीधारी, आर्मी अफसर का बेटा, और देश के कई राज्यों में कार चोरियों का बेताज बादशाह. राजस्थान के सतेंद्र सिंह शेखावत ने इतने सुनियोजित तरीके से कारें चुराईं कि पुलिस को सालों तक उसके बारे में भनक तक नहीं लगी. लेकिन कहते हैं न हर जुर्म का एक दिन हिसाब होता है. और सतेंद्र का हिसाब चेन्नई के अन्ना नगर में हुई एक चोरी से शुरू हुआ.

    कैसे टूटा सतेंद्र का ‘स्मार्ट’ खेल? मामला मामूली लग सकता था, चेन्नई के एथिराज रथिनम ने अपनी महंगी लग्जरी कार घर के बाहर पार्क की, सुबह उठे तो कार गायब. लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने एक नई कहानी शुरू की. एक प्रोफेशनल की तरह कार को कुछ ही मिनटों में लॉक तोड़ते, मॉडर्न टूल्स का इस्तेमाल करते एक व्यक्ति की तस्वीरें सामने आईं. पुलिस को अंदेशा हुआ कि यह कोई आम चोर नहीं है.

    पुडुचेरी में पकड़ा गया ‘कार सिंडिकेट’ का किंगपिन

    सीसीटीवी, मोबाइल ट्रेसिंग और पुराने रिकॉर्ड खंगालने के बाद पुलिस को सुराग मिला कि संदिग्ध पुडुचेरी में छिपा है. छापेमारी में सतेंद्र शेखावत गिरफ्तार हुआ और तभी सामने आई एक ऐसी कहानी जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. वो 100 से ज्यादा लग्जरी कारें चुरा चुका था. तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी जैसे राज्यों में उसकी ‘एक्टिव फाइल्स’ थीं। वो चुराई गई कारें राजस्थान और नेपाल में बेचता था.

    एमबीए डिग्री, आर्मी परिवार

    जांच में खुलासा हुआ कि सतेंद्र एमबीए पास आउट है और एक प्रतिष्ठित परिवार से आता है. उसके पिता रिटायर्ड आर्मी अफसर हैं. लेकिन सतेंद्र ने अपनी पढ़ाई और संसाधनों का इस्तेमाल ग़लत दिशा में किया, और हाई-प्रोफाइल ऑटो चोर बन गया.

    पुलिस थाने में उमड़ी भीड़

    गिरफ्तारी की खबर फैलते ही तिरुमंगलम पुलिस स्टेशन में हड़कंप मच गया. 10 से ज़्यादा लोग, जिनकी कारें पहले चोरी हो चुकी थीं, अपनी उम्मीद लेकर पुलिस स्टेशन पहुंच गए, शायद उनकी गाड़ी भी इसी चोर के हाथों गई हो.

    अब सलाखों के पीछे सतेंद्र

    चेन्नई पुलिस ने सतेंद्र को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है. अब पुलिस उसके नेटवर्क की जांच में जुटी है कि कौन-कौन उसके खरीदार  थे? कहां से आते थे चोरी के टूल्स? और क्या यह अकेले की करतूत थी या किसी बड़े सिंडिकेट का हिस्सा?

    हाईटेक अपराध का भी होता है क्लासिक अंजाम

    सतेंद्र भले ही मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देता रहा, लेकिन एक सीसीटीवी कैमरे की नजर ने उसका खेल बिगाड़ दिया. हर अपराधी के लिए वक्त आता है जब कानून का हाथ उसके कंधे पर होता है और सतेंद्र का वो वक्त अब आ चुका है.

  • इतिहास का खौफनाक किलर! सिर्फ रुमाल के सहारे 900 लोगों की हत्या, जानिए कौन था वह?

    इतिहास का खौफनाक किलर! सिर्फ रुमाल के सहारे 900 लोगों की हत्या, जानिए कौन था वह?

    इतिहास का खौफनाक किलर! सिर्फ रुमाल के सहारे 900 लोगों की हत्या, जानिए कौन था वह?

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    World Most Dangerous Serial Killer: भारत का इतिहास सिर्फ महान सम्राटों और संतों का ही नहीं रहा है, बल्कि यहां कुछ ऐसे कुख्यात अपराधी भी हुए हैं जिनकी दास्तानें आज भी रूह कंपा देती हैं. 18वीं और 19वीं सदी के बीच एक ऐसा ही नाम सामने आया था जिसने मौत को ही अपना पेशा बना लिया था. उस सीरियल किलर का नाम ठग बेहराम था. ये नाम सुनते ही अंग्रेज अफसरों तक की रूह कांप उठती थी. रुमाल बना था हत्या का औजार ठग बेहराम की पहचान उसके खास तरीके से की जाती थी. वह किसी बंदूक या तलवार का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि एक साधारण दिखने वाले रुमाल से अपने शिकार की जान ले लेता था. कहा जाता है कि उसने अपने इसी रुमाल से करीब 931 लोगों की गला घोंटकर हत्या की थी. बेहराम का यह तरीका इतना सफाई से किया जाता था कि शवों तक का पता नहीं चलता था. गिरोह के साथ बदलता था वेश बेहराम अकेला नहीं था. उसके साथ एक संगठित गिरोह था जिसमें करीब 200 से ज्यादा ठग शामिल थे. ये लोग व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ हमसफर बन कर यात्रा करते थे. फिर जैसे ही मौका मिलता, सभी मिलकर शिकार पर टूट पड़ते और उसे मौत के घाट उतार कर सारा माल लूट लेते. लोगों में फैला ऐसा खौफ कि रास्ते सुनसान हो गए उस दौर में दिल्ली से लेकर ग्वालियर और जबलपुर तक के व्यापारी और यात्री रास्तों से गुजरने से कतराने लगे थे. कई बार पूरे काफिले गायब हो जाते थे और उनकी लाशें तक नहीं मिलती थीं. यह रहस्य बना ही रहता अगर कैप्टन विलियम स्लीमैन नाम के एक अंग्रेज अफसर ने इसकी जांच न की होती. 10 साल की मेहनत के बाद हुआ पर्दाफाश साल 1809 में कैप्टन स्लीमैन को इस मामले की तहकीकात की जिम्मेदारी सौंपी गई. वर्षों की खोजबीन के बाद उन्होंने यह पता लगाया कि यह सब ठग बेहराम और उसके गिरोह का काम था. उन्होंने कई सदस्यों को गिरफ्तार किया और आखिरकार ठग बेहराम को भी पकड़ा गया. उस वक्त उसकी उम्र करीब 75 साल थी. कई हत्याओं का दोषी ठहराए जाने के बाद वर्ष 1840 में ठग बेहराम को फांसी दे दी गई. उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे खतरनाक सीरियल किलर के रूप में दर्ज किया गया.