सिलीगुड़ी। मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को तार-तार करने वाली सनसनीखेज घटना माटीगाड़ा ब्लॉक के पत्थरघाटा अंचल स्थित फाउरी बस्ती से सामने आई है। आरोप है कि नशे में धुत युवक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी ही मां की गला दबाकर हत्या कर दी।
इतना ही नहीं, हत्या के बाद वह मां के शव के बगल में ही सो गया। इस दौरान आरोपित ने अपने छोटे भाई को रस्सी से बांध दिया था। किसी तरह बंधन से मुक्त होकर छोटे बेटे ने अपनी जान बचाई। शुक्रवार तड़के आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
मृतका की पहचान सीता भुइयां (45) के रूप में हुई है। घटना में पुलिस ने उसके बड़े बेटे करण भुइयां को गिरफ्तार किया है। वहीं, उसके दोस्त राहुल की तलाश शुरू कर दी गई है।
स्थानीय सूत्रों की माने तो सीता श्रमिक थीं। उनके दो बेटे हैं। छोटा बेटा करीब 6 वर्ष का बताया जा रहा है। करण बड़ा बेटा था और उसे नशे की बुरी लत थी। बताया गया कि गुरुवार देर रात करण अपने दोस्त राहुल के साथ घर पहुंचा था। उस समय भी वह नशे में था। घर में उसकी मां और छोटा भाई मौजूद थे।
आरोप है कि किसी बात को लेकर करण का मां से विवाद हो गया। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई को रस्सी से बांध दिया। इसी दौरान उसने कथित रूप से गला दबाकर मां की हत्या कर दी। हत्या के बाद भी वह घर से नहीं भागा और मां के शव के पास ही सो गया।
किसी तरह छोटा बेटा बंधन से मुक्त होकर घर से बाहर निकला और तड़के आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय लोग घर पहुंचे। महिला का शव जमीन पर पड़ा था। उसके शरीर पर कपड़े भी नहीं थे। लोगों ने करण को पकड़कर पुलिस को सूचना दी।
माटीगाड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज एवं अस्पताल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपित को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच के साथ उसके दोस्त राहुल की तलाश में जुटी है।
(आगरा)। अछनेरा के गांव कुकथला में फिल्म दृश्यम की तरह पत्नी की हत्या करके शव को घर में फूंकने के बाद अवशेष बोरे में भरकर यमुना नदी में ठिकाने वाले पति को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। गुरुवार को पुलिस ने चांदनी के पति और जेठ को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया। दो वर्ष की बेटी को मामा अपने साथ ले गए।
गांव कुकथला निवासी 32 वर्ष की चांदनी की पति ने लोकेंद्र सोलंकी ने मंगलवार की दोपहर विवाद के बाद हत्या कर दी थी। पति ने चर्चित फिल्म दृश्यम के अंदाज में पूरी वारदात को अंजाम दिया था। पत्नी चांदनी के शव को घर के पीछे बने बाड़े में भूसे और उपलों पर रखा और बाइक की टंकी से पेट्रोल निकालकर जला दिया।
बोरे में भरकर 12 किलोमीटर दूर यमुना में बहा अवशेष
साक्ष्य मिटाने के लिए शव के अवशेषों को पति लोकेंद्र सोलंकी बोरे में भरकर बाइक से 12 किलोमीटर दूर शहर में लाकर यमुना नदी में बहा दिया था। इसके बाद खुद ही पुलिस को पत्नी के गायब होने की सूचना देकर गुमराह करने का प्रयास किया था।
हत्यारोपित पति।
पत्नी की हत्या कर घर में फूंक दिया था शव
सिकंदरा थाना क्षेत्र गांव अकबरा निवासी चांदनी के भाई मनोज और मोहित द्वारा जीजा लोकेंद्र सोलंकी पर बहन को गायब करने का शक जताने पर बुधवार दोपहर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। कई घंटे पुलिस को गुमराह करने के बाद लोकेंद्र ने पत्नी की हत्या करके शव को घर में फूंकने और अवशेषों को यमुना में बहाने की बात स्वीकार की थी। चांदनी के भाई मनोज ने लोकेंद्र सोलंकी, उसके भाई मानवेंद्र समेत छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
चांदनी की शादी वर्ष 2022 में लोकेंद्र सोलंकी से हुई थी। दो वर्ष की बेटी सिद्धि है। पुलिस ने फिलहाल बेटी को मामा मनोज की सिपुर्दगी में दिया है। मायके वालों का कहना था कि वह बहन के हत्यारों के यहां मासूम को नहीं छोड़ सकते हैं।
(औरंगाबाद)। दाउदनगर थाना क्षेत्र के मनार पंचायत के गंगा बिगहा गांव में साढ़े तीन वर्षीय मासूम की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। गुरुवार शाम करीब चार बजे घर के पास से लापता हुए मासूम का शव शुक्रवार की सुबह गांव के समीप नहर से बरामद किया गया।
शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां और स्वजन की चीख-पुकार से गांव का माहौल गमगीन हो गया। हत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।
गुरुवार शाम घर के पास से अचानक गायब हो गया
बताया जाता है कि विकास के पुत्र भोला गुरुवार शाम घर के पास से अचानक गायब हो गया था। काफी देर तक उसके नहीं लौटने पर स्वजन ने आसपास के इलाके में तलाश शुरू की। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। रातभर खोजबीन के बावजूद मासूम का कोई सुराग नहीं मिला।
शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों की नजर नहर में पड़े बच्चे के शव पर गई। पहचान होने पर पता चला कि शव लापता भोला का है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेज दिया है।
एसडीपीओ चंद्रभूषण ने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डाग स्क्वायड समेत विशेष टीमों को बुलाया गया है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
फिरोजाबाद। जसराना के गांव अकबरपुर में गुरुवार रात सनसनीखेज वारदात हुई। घर में मौजूद महिला ने तमंचे से खुद को सिर में गोली मार ली। इससे मौके पर ही मृत्यु हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर स्वजन की नींद खुल गई। कमरे में महिला का खून से लथपथ शव देखकर चीख पुकार मच गई।पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है।
गांव अकबरपुर निवासी 35 वर्षीय सुशीला देवी ने गुरुवार रात एक बजे घर में सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर स्वजन की आंख खुली तो महिला का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। महिला के बेटे ध्रुव कुमार यादव ने 112 पर काल करके पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
तमंचा पहले से घर में रखा हुआ था। थाना प्रभारी भगवान सिंह गुर्जर ने बताया स्वजन आत्महत्या की वजह नहीं बता सके हैं। महिला के पति भुवनेश यादव खेती करते हैं। परिवार में दो बेटे हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। तमंचा को कब्जे में लेकर लैब भेजा जा रहा है।
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर से मोबाइल रिपेयरिंग को लेकर विवाद का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मोबाइल तीन दिन में ठीक नहीं होने से नाराज एक युवक तलवार लेकर रिपेयरिंग की दुकान पर पहुंच गया और दुकानदार को धमकाने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल ठीक होने में हुई देरी तो भड़का ग्राहक
मामला नागपुर के पारडी इलाके का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सूरज वाघमारे नाम के युवक ने अपना मोबाइल रिपेयर कराने के लिए पवन घुमडे की दुकान पर दिया था। तीन दिन बीत जाने के बाद भी मोबाइल ठीक नहीं हुआ तो वह नाराज हो गया।
आरोप है कि इसके बाद सूरज तलवार लेकर दुकान पर पहुंचा और मोबाइल की मरम्मत में देरी को लेकर दुकानदार से विवाद करने लगा। इसी दौरान उसने तलवार दिखाकर दुकानदार को धमकी दी।
दुकान में मची अफरा-तफरी
तलवार लेकर युवक के दुकान में पहुंचने के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।
वीडियो में आरोपी युवक तलवार हाथ में लिए दिखाई दे रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस तक मामला पहुंचा।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, सूरज वाघमारे के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता लगा रही है कि घटना के दौरान इस्तेमाल की गई तलवार उसके पास कहां से आई।
पारडी पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुकान पर विवाद किस बात को लेकर बढ़ा और घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ।
पारडी पुलिस थाने की इंस्पेक्टर नंदा बर्वे के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ के पिता स्वर्गीय महेंद्रनाथ की उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित करीब 26 बीघा कृषि भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे का मामला सामने आया है. जिले के नजीबाबाद तहसील के गांव अमीखानपुर की इस जमीन को फर्जी वसीयत और झूठे मृत्यु प्रमाण पत्र के सहारे हड़पने का प्रयास किया गया. कमलनाथ द्वारा 18 मई 2026 को नजीबाबाद तहसील में जमीन की विरासत अपने नाम दर्ज कराने के आवेदन के बाद इस धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई. 30 सितंबर 2026 को नजीबाबाद थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने अगले ही दिन 1 अक्टूबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
तहसील में आवेदन से खुला फर्जीवाड़े का खेल
कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ अमीखानपुर गांव के गाटा संख्या 429 और रकबा 2.1560 हेक्टेयर जमीन के असली मालिक थे. उन्होंने यह जमीन बटाई पर दे रखी थी और लंबे समय तक परिवार का कोई सदस्य देखरेख के लिए वहां नहीं गया.
18 मई 2026 को जब कमलनाथ ने विरासत अपने नाम कराने का आवेदन दिया, तब लेखपाल ने रिपोर्ट भेजकर जमीन को विवादित बताया. इसके बाद धर्मपाल सिंह बनाम ग्राम सभा के पुराने मुकदमे और जमीन पर पेश की गई एक फर्जी वसीयत का पता चला.
1998 की फर्जी वसीयत और गलत डेथ सर्टिफिकेट
जांच में सामने आया कि 7 अक्टूबर 1998 की एक अपंजीकृत फर्जी वसीयत के आधार पर जमीन पर दावा ठोका गया था. इतना ही नहीं, जालसाजों ने 10 अप्रैल 2003 का महेंद्रनाथ का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी नजीबाबाद से बनवा लिया था. जबकि असलियत में उनकी मृत्यु 7 सितंबर 2004 को नई दिल्ली के एस्कार्ट अस्पताल में हुई थी. इस दस्तावेज में कमलनाथ की माता का नाम भी गलत दर्ज किया गया था. इन कूटरचित कागजातों के बल पर करीब 26 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया.
लेखपाल समेत कई पर साजिश का आरोप
कमलनाथ की शिकायत में धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडे और लेखपाल डेविड कुमार सहित अन्य लोगों पर मिलकर इस पूरी साजिश को रचने का आरोप लगा. आरोपी लंबे समय से जमीन की देखरेख न होने का फायदा उठाकर बाकी जमीन को भी खुर्द-बुर्द करने की फिराक में थे.
पुलिस एक्शन में दो आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद 30 सितंबर 2026 को नजीबाबाद थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की बीएनएस धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 अक्टूबर को महावतपुर बिल्लौच निवासी धर्मपाल सिंह और नजीबाबाद निवासी विजय शंकर को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस अन्य नामजद आरोपियों और फर्जी कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि जमीन वापस दिलाई जा सके.
उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक होटल के कमरे में युवक और महिला की लाश मिलने से हड़कंप मच गया. दोनों पिछले करीब 9 दिनों से होटल में ठहरे हुए थे. गुरुवार को काफी देर तक कमरे से कोई गतिविधि नहीं होने पर होटल कर्मचारियों ने दरवाजा खोला, तो दोनों पंखे से लटके मिले. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी.
मामला बहराइच के होटल अवध कैलाश का है, जहां 22 सितंबर से 26 साल का युवक रिंकू और 46 साल की महिला पिंकी ठहरी हुई थीं. रिंकू मूल रूप से श्रावस्ती का रहने वाला था, जबकि पिंकी गौतमबुद्ध नगर की रहने वाली और विवाहित बताई जा रही है. दोनों ने होटल में कमरा लेते समय प्राइवेट नौकरी करने और विभागीय काम से बहराइच आने की बात कही थी. इसके बाद होटल प्रबंधन ने उन्हें कमरा दे दिया.
होटल कर्मचारियों के मुताबिक, दोनों की उम्र में काफी अंतर था, लेकिन उन्होंने इस बारे में उनसे कोई विशेष पूछताछ नहीं की. दोनों सामान्य तौर पर होटल में रह रहे थे और रोजाना अपनी जरूरत के मुताबिक सामान और खाने-पीने की चीजें मंगाते थे. कर्मचारियों ने बताया कि सुबह, दोपहर और शाम को चाय, नाश्ता और खाना समेत अन्य चीजों की डिमांड की जाती थी. होटल में उनके व्यवहार से किसी तरह की असामान्य स्थिति का अंदाजा नहीं लगा.
गुरुवार को करीब 10 बजे के बाद कमरा नंबर 201 से कोई गतिविधि नजर नहीं आई. काफी समय तक दरवाजा नहीं खुलने और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर होटल कर्मचारियों को शक हुआ. इसके बाद कमरे को खोला गया, तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए. कमरे में रिंकू और पिंकी दोनों के शव पंखे से लटके हुए थे. इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी. शुरुआती तौर पर दोनों के फांसी लगाकर जान देने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस ने अभी मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है. मौके से ऐसी कोई स्पष्ट जानकारी या सुसाइड नोट सामने आने की बात नहीं कही गई है, जिससे यह पता चल सके कि दोनों ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया.
पुलिस अब होटल में दोनों के ठहरने से जुड़ी जानकारी जुटा रही है. कमरे की जांच के साथ-साथ होटल कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है. दोनों के बीच क्या संबंध था और वे 22 सितंबर से बहराइच के इस होटल में क्यों ठहरे थे, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की परिस्थितियों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
फिलहाल, इस मामले में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है. पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि 26 साल के रिंकू और 46 साल की पिंकी की मौत किन परिस्थितियों में हुई.
पुलिस उपाधीक्षक एन. डी. मिश्रा ने बताया कि बहराइच के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र स्थित होटल अवध कैलाश के कमरा नंबर 201 में एक युवक और युवती के शव फंदे से लटके मिले. होटल मैनेजर के मुताबिक, दोनों 22 सितंबर से पति-पत्नी के रूप में होटल में ठहरे हुए थे. शुक्रवार सुबह कमरे से कोई गतिविधि नजर नहीं आने पर मैनेजर को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी.
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचीं. होटल मैनेजर की मौजूदगी में और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराते हुए कमरे का दरवाजा खोला गया, जहां दोनों के शव फंदे से लटके मिले. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
राजस्थान के जयपुर में डिजिटल कॉइन में निवेश के नाम पर करीब 100 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है. सोडाला थाना पुलिस ने इस मामले में मोहित कालिया और धनश्याम कंवले नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से मर्सिडीज कार और महंगी बाइक बरामद की गई है.
मास्टरमाइंड मर्सिडीज में घूम रहे थे, महंगी बाइक भी थी और लोगों को डिजिटल कॉइन में इनवेस्टमेंट कर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाया जा रहा था. लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो इसी चमक-दमक के पीछे करीब 100 करोड़ रुपये की कथित ठगी की कहानी सामने आई. जयपुर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम से महंगी गाड़ियां खरीदी गई थीं और आरोपियों के कब्जे से करोड़ों रुपये कीमत की मर्सिडीज कार और बाइक बरामद की गई है.
मामला जयपुर के सोडाला थाना क्षेत्र का है. पुलिस का कहना है कि डिजिटल कॉइन में निवेश के नाम पर लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की गई. इस मामले में मोहित कालिया और धनश्याम कंवले को गिरफ्तार किया है.
अब आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और निवेशकों से जुटाई गई रकम के बारे में पता किया जा रहा है. सोडाला थानाधिकारी मनोज बेरवाल के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों को डिजिटल कॉइन में निवेश करने के नाम पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया. इसके लिए डिजिटल कॉइन वेबसाइट तैयार की गई थी.
आरोपियों की ओर से निवेशकों को बताया जाता था कि डिजिटल कॉइन में पैसा लगाने पर उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा. मुनाफे का भरोसा मिलने के बाद लोग निवेश के लिए तैयार होते गए. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ही लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश नहीं की, बल्कि अपने संपर्कों और रिश्तेदारों के जरिए भी निवेशकों को जोड़ा. मोहित कालिया और धनश्याम कंवले पर आरोप है कि उन्होंने रिश्तेदारों के जरिए लोगों को डिजिटल कॉइन में पैसा लगाने के लिए तैयार किया.
पुलिस का कहना है कि निवेशकों को समय-समय पर भारी मुनाफे का भरोसा दिया जाता था. इसी के साथ डिजिटल कॉइन के नाम पर रकम जमा होती रही. आरोप है कि बाद में कंपनी और संबंधित वेबसाइट को बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए. निवेशकों को जब अपने पैसे और रिटर्न नहीं मिला तो मामला पुलिस तक पहुंचा. इस मामले में 1 जनवरी 2026 को सोडाला थाने में FIR दर्ज की गई. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की.
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले सुरागों को जोड़ते हुए आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई गई. इसके बाद पुलिस टीम ने मोहित कालिया और धनश्याम कंवले को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मर्सिडीज कार और Triumph Street Triple बाइक बरामद की. इन वाहनों को ठगी की रकम से खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है.
100 करोड़ की ठगी की जांच अभी जारी
करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी का आंकड़ा सामने आने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और कितने निवेशकों से रकम जुटाई गई. पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए डिजिटल कॉइन वेबसाइट, लोगों से संपर्क करने के तरीके और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है. फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की रकम कहां-कहां इस्तेमाल की गई.
महाराष्ट्र के नागपुर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. काम के सिलसिले में चीन गए आर्किटेक्ट को एक अनजान व्यक्ति ने 6 लाख के लोन के लिए गारंटर बनने के लिए कॉल किया. आर्किटेक्ट ने ऐसी किसी गारंटी से इनकार करते हुए नंबर ब्लॉक कर दिया. अगले ही दिन बैंक के मैसेज से पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से 5.87 लाख रुपये के 13 ट्रांजेक्शन हो चुके थे.
एक कॉल आया, 6 लाख के कर्ज का गारंटर बनने की बात कही गई. 55 साल के आर्किटेक्ट ने कहा- मैंने किसी के लिए ऐसी गारंटी नहीं दी और फोन करने वाले का नंबर ब्लॉक कर दिया. उन्हें लगा कि बात वहीं खत्म हो गई. लेकिन अगले दिन बैंक के मैसेज ने उनके होश उड़ा दिए. क्रेडिट कार्ड से करीब 5.87 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन हो चुके थे. जिस वक्त ये ट्रांजेक्शन हुए, वह चीन में थे.
मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है. पांचपावली पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाले 55 वर्षीय आर्किटेक्ट अमरजीत के क्रेडिट कार्ड से कथित तौर पर 5 लाख 87 हजार रुपये की साइबर ठगी हो गई. शिकायत में कहा गया कि उनके क्रेडिट कार्ड से कुल 13 अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए. पुलिस इसकी जांच कर रही है.
शिकायत के मुताबिक, अमरजीत 8 सितंबर 2026 को काम के सिलसिले में चीन गए थे. वह चीन में ही मौजूद थे, तभी 15 सितंबर को उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने 6 लाख रुपये के लोन के लिए गारंटर बनने की बात कही. इस पर अमरजीत ने फोन करने वाले से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया.
अमरजीत के मुताबिक, उन्हें उस वक्त इस फोन कॉल से किसी ठगी का अंदाजा नहीं हुआ. लेकिन अगले दिन बैंक से मिले मैसेज के बाद उन्हें पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजेक्शन हो चुके हैं. 16 सितंबर को चीन में रहते हुए जब अमरजीत ने बैंक के मैसेज चेक किए तो उन्हें क्रेडिट कार्ड से हुए कई ट्रांजेक्शन दिखे. शिकायत में बताया गया है कि कुल 5 लाख 87 हजार रुपये के अनधिकृत लेन-देन किए गए थे.
पीड़ित अमरजीत का कहना है कि उन्होंने इनमें से कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं किया था. उनका यह भी कहना है कि उन्होंने किसी अनजान व्यक्ति को अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी शेयर नहीं की थी. क्रेडिट कार्ड से 20 अगस्त से 11 सितंबर के बीच कुल 13 ट्रांजेक्शन किए गए. इन ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 5.87 लाख रुपये की रकम खर्च किए गए.
फोन करने वाले और ट्रांजेक्शन के बीच कनेक्शन की जांच
इस मामले में एक अहम बात यह भी है कि कथित तौर पर ठगी का पता चलने से पहले पीड़ित को 6 लाख रुपये के कर्ज का गारंटर बनने के लिए कॉल आया था. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि फोन करने वाला व्यक्ति और क्रेडिट कार्ड से हुए ट्रांजेक्शन के पीछे मौजूद आरोपी एक ही हैं या नहीं. पांचपावली पुलिस इस एंगल सहित पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्रेडिट कार्ड से जुड़े लेन-देन किस तरह किए गए और इसके पीछे कौन लोग हैं.
ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने तुरंत बैंक अधिकारियों को सूचना दी और अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया. इसके बाद साइबर क्राइम की शिकायत NCCRP साइबर पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई. पीड़ित ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की है.
बड़ा है कि अगर पीड़ित ने किसी को क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं दी, तो कार्ड से इतने बड़े अमाउंट के ट्रांजेक्शन कैसे हो गए. क्या फोन करने वाला व्यक्ति सिर्फ संयोग से कॉल कर रहा था या फिर उसके पीछे कोई ठगी की प्लानिंग थी. फिलहाल इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपी की तलाश की जा रही है.
पुलिस की ओर से लोगों को लगातार सलाह दी जाती है कि किसी अनजान कॉल पर बैंक, क्रेडिट कार्ड, OTP या अन्य फाइनेंशियल डिटेल शेयर न करें. किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलते ही बैंक को सूचना देकर कार्ड ब्लॉक कराना और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करना जरूरी है.
बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ में महिला पुलिसकर्मी से मारपीट का मामला सामने आया है। रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक स्थित सुभाष चौक के पास बुधवार देर शाम रोको-टोको अभियान के दौरान पुलिस दीदी के साथ सरेआम मारपीट की गई। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने फुटेज के आधार पर मारपीट करने वाले युवक की पहचान शुरू कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रामकृष्ण नगर थाना की पुलिस दीदी सब इंस्पेक्टर प्रियंका कुमारी, अपनी पांच महिला आरक्षियों के साथ बुधवार की शाम लगभग 6:30 बजे खेमनीचक इलाके में गश्ती कर रही थीं। इसी दौरान सुभाष चौक के पास कुछ युवक संदिग्ध स्थिति में नजर आए। पुलिस दीदी ने रोको-टोको अभियान के तहत युवकों को रोककर उनसे पूछताछ शुरू की।
बहस के बाद धक्कामुक्की, फिर मारपीट
इसी दौरान युवकों ने पुलिस की पूछताछ का विरोध करना शुरू कर दिया। एक युवक ने पुलिस दीदी के साथ बहस की और फिर धक्का-मुक्की करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवक ने कथित तौर पर हाथापाई शुरू कर दी। मारपीट की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में युवक महिला पुलिसकर्मी पर थप्पड़ बरसाते हुए नजर आ रहा है।
पटना सदर पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-2 मनोज कुमार ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने गुरुवार को बताया कि एसआई प्रियंका कुमारी अन्य महिला आरक्षियों के साथ खेमनीचक के पास गश्ती कर रही थीं। तभी यह घटना हुई। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट करने वाले युवक की पहचान की जा रही है।