Category: Crime

  • कैश, मोबाइल और ‘कंडोम’ के पैकेट… किराए के घर में पुलिस की रेड, सामने आई सेक्स रैकेट की कहानी;

    कैश, मोबाइल और ‘कंडोम’ के पैकेट… किराए के घर में पुलिस की रेड, सामने आई सेक्स रैकेट की कहानी;

    कैश, मोबाइल और ‘कंडोम’ के पैकेट… किराए के घर में पुलिस की रेड, सामने आई सेक्स रैकेट की कहानी;

    महाराष्ट्र के लातूर में पुलिस ने एक घर पर छापा मारकर नाबालिग लड़की सहित चार महिलाओं को कथित देह व्यापार के चंगुल से मुक्त कराया है. पुलिस का कहना है कि होलकर नगर इलाके में किराए के मकान में महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार की सूचना मिली थी. इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मौके पर एक्शन लिया. पुलिस ने इस मामले में एक महिला और उसके पुरुष साथी को पकड़ा है. दोनों मिलकर किराए के मकान में यह गतिविधि चला रहे थे.

    मामला लातूर शहर के होलकर नगर इलाके का है. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सूचना मिली थी कि एक किराए के मकान में महिलाओं से देह व्यापार कराया जा रहा है. सूचना के आधार पर टीम ने घर पर छापा मारा. मौके से एक नाबालिग लड़की समेत चार महिलाओं को बाहर निकाला गया. पुलिस ने मौके से 2,000 रुपये कैश, मोबाइल और कंडोम के पैकेट सहित करीब 7,000 रुपये का सामान जब्त किया है.

    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में प्रियंका और उसके साथी गोविंद को अरेस्ट किया गया है. आरोप है कि प्रियंका ने किराए का मकान लिया था और वहीं महिलाओं को बुलाकर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था. पुलिस के मुताबिक, गोविंद भी इसमें शामिल था. पुलिस को मौके से एक नाबालिग लड़की भी मिली. उसे भी सुरक्षित बाहर निकाला गया. नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस ने POCSO एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की है. पीड़ित महिलाओं को पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया और आगे की कार्रवाई शुरू की.

    लातूर के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है. यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक डॉ. भागीरथी पवार की देखरेख में की गई. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सहायक पुलिस इंस्पेक्टर आजिनाथ पाटील और पुलिसकर्मियों की टीम ने छापेमारी की. अब मामले की आगे की जांच एमआईडीसी पुलिस कर रही है. पुलिस इंस्पेक्टर समाधान चौरे के नेतृत्व में जांच की जा रही है.

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि महिलाओं को वहां कैसे लाया गया और इस पूरे नेटवर्क को किस तरह ऑपरेट किया जा रहा था. फिलहाल चार महिलाओं को मुक्त कराया गया है और दो आरोपियों को अरेस्ट किया गया है.

  • बिहार में थाने के सामने: से ‘भाभी’ को उठा ले गया कुख्यात देवर, पिस्टल भिड़ाकर अपहरण:

    बिहार में थाने के सामने: से ‘भाभी’ को उठा ले गया कुख्यात देवर, पिस्टल भिड़ाकर अपहरण:

    बिहार में थाने के सामने: से ‘भाभी’ को उठा ले गया कुख्यात देवर, पिस्टल भिड़ाकर अपहरण:

    बिहार में अब थाने के सामने से भाभी को देवर उठा ले गया। मुजफ्फरपुर जिले में अहियापुर थाने के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात सुमित कुमार ने ब्रह्मपुरा थाने के सामने स्थित दुर्गा मंदिर से अपनी भाभी का हथियार के बल पर अपहरण कर लिया। आरोपी अहियापुर चकगाजी मोहल्ले का निवासी है। वह करीब तीन साल जेल में रहने के बाद डेढ़ माह पहले ही जमानत पर बाहर आया है। उसके भय से उसका सगा बड़ा भाई अशोक साह पत्नी और बच्चों को लेकर सिकंदरपुर में किराए के मकान में रहता है।

    पीड़ित अशोक ने ब्रह्मपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराकर भाई के चंगुल से पत्नी को मुक्त कराने की गुहार लगाई है। अशोक ने पुलिस को बताया है कि 27 सितंबर की शाम लगभग 4:30 बजे उसकी पत्नी सुमन अपनी बड़ी बहन गौरी देवी, उसके पति दीपक साह और उसके बड़े भाई अरुण साह के साथ ब्रह्मपुरा दुर्गा मंदिर गई थी। उसी समय उसका छोटा भाई सुमित सफेद रंग की कार से वहां पहुंचा और हथियार का भय दिखाकर सुमन को जबरन खींचकर कार में बैठा लिया। अशोक का आरोप है कि घटना के समय काफी शोर मचाने के बावजूद चंद कदम की दूरी पर मौजूद ब्रह्मपुरा पुलिस सक्रिय नहीं हुई।दिनदहाड़े थाने के सामने हुई इस वारदात से इलाके में दहशत है।

    बच्चों को भी उठाने की धमकी दे रहा बदमाश

    अशोक के अनुसार अपहरण करने के बाद आरोपित ने बड़े भाई अशोक को फोन कर धमकी दी। उसने कहा कि पुलिस में शिकायत की तो उसकी दोनों बेटियों और बेटे को स्कूल से उठा लेगा और उनकी हत्या कर देगा। धमकी के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ है। ब्रह्मपुरा थानेदार विपिन रंजन ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। पीड़िता की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है।

    बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया गया है। अशोक ने आरोप लगाया है कि आरोपितदोनों सुमित लड़कियों के साथ जबरन संबंध बनाकर अश्लील वीडियो बनाने एवं उन्हें ब्लैकमेल करने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा है।

  • ‘साथी पकड़ा गया, ‘मोबाइल तोड़ दो’… मैसेज से खुला साइबर ठगी का खेल, PhD स्टूडेंट के गैंग की कहानी’

    ‘साथी पकड़ा गया, ‘मोबाइल तोड़ दो’… मैसेज से खुला साइबर ठगी का खेल, PhD स्टूडेंट के गैंग की कहानी’

    ‘साथी पकड़ा गया, ‘मोबाइल तोड़ दो’… मैसेज से खुला साइबर ठगी का खेल, PhD स्टूडेंट के गैंग की कहानी’

    उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस ने इंश्योरेंस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गैंग के आठ सदस्यों को पकड़ा है. इस गैंग में PhD स्टूडेंट के अलावा ग्रेजुएट, 12वीं पास और पूर्व बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं. आरोपी पॉलिसी रिन्यूअल, बोनस, टैक्स और लैप्स पॉलिसी के नाम पर लोगों से पैसे ट्रांसफर कराते थे.

    एक WhatsApp ग्रुप… उसमें साइबर ठगी करने वाले कई लोग जुड़े हुए थे… काम बंटा हुआ था और देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठे लोगों को फोन किए जा रहे थे. फिर एक दिन पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को पकड़ लिया. इसके बाद WhatsApp ग्रुप में एक मैसेज आया- ‘साथी पकड़ा गया है, मोबाइल तोड़ दो.’ पुलिस का कहना है कि यह मैसेज एक संकेत था कि गैंग में शामिल लोग एक-दूसरे से लगातार संपर्क में थे और गिरफ्तारी की खबर मिलते ही सबूत मिटाने की कोशिश कर रहे थे. बागपत पुलिस ने इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गैंग का खुलासा किया है.

    पुलिस ने मेरठ और गाजियाबाद से आठ आरोपियों को पकड़ा है. गिरफ्तार आरोपियों में एक PhD छात्र भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक, कुछ आरोपी ग्रेजुएट और इंटर पास हैं, जबकि कुछ पहले निजी बैंक और पेमेंट बैंक में काम कर चुके हैं. इन लोगों पर आरोप है कि ये नामी इंश्योरेंस कंपनियों के अधिकारी बनकर पॉलिसीधारकों को फोन करते थे और रिन्यूअल, बोनस, टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या लैप्स पॉलिसी दोबारा शुरू कराने के नाम पर पैसे अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे.

    मामले की शुरुआत बागपत साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक शिकायत से हुई. शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इंश्योरेंस पॉलिसी के रिन्यूअल और दूसरी प्रक्रिया के नाम पर उससे करीब 2.88 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए. बाद में पता चला कि रकम वास्तविक इंश्योरेंस कंपनी के खाते में नहीं गई थी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया. इसके बाद बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को खंगाला गया. यहीं से जांच धीरे-धीरे उन लोगों तक पहुंची, जो अलग-अलग शहरों में बैठकर पॉलिसीधारकों को फोन कर रहे थे.

    पहले से पता होती थी पॉलिसी की जानकारी

    पुलिस के मुताबिक, गैंग का तरीका थोड़ा अलग था. आरोपी सीधे किसी अनजान व्यक्ति को कॉल कर पैसे नहीं मांगते थे. पहले उनके पास पॉलिसीधारक से जुड़ी जानकारी होती थी. इसी डेटा के आधार पर फोन किया जाता था.

    कॉल करने वाला खुद को किसी नामी इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी या कर्मचारी बताता था. बातचीत के दौरान वह पॉलिसी से जुड़ी ऐसी जानकारियां बताता था, जिससे सामने वाले को लगता था कि कॉल सच में इंश्योरेंस कंपनी से आया है. इसके बाद कहानी आगे बढ़ती थी. कभी कहा जाता कि पॉलिसी लैप्स हो गई है. कभी रिन्यूअल के लिए पैसे मांगे जाते. कहीं बोनस दिलाने के नाम पर रकम मांगी जाती तो कहीं टैक्स या प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर भुगतान कराया जाता.

    पैसा अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान NCRP पोर्टल पर इस गिरोह से जुड़ी 51 शिकायतें सामने आई हैं. इनमें करीब 1.20 करोड़ रुपये की ठगी का आंकड़ा सामने आया है.

    पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था. इसके तार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, लद्दाख और गोवा समेत कई राज्यों तक जुड़े मिले हैं. यानी फोन एक शहर से किया जा रहा था और निशाना देश के किसी दूसरे हिस्से में मौजूद पॉलिसीधारक हो सकता था.

    PhD छात्र भी गैंग में शामिल

    पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में निशांत कुमार नाम का एक PhD छात्र भी शामिल है. इसके अलावा कुछ आरोपी ग्रेजुएट और कुछ 12वीं पास हैं. पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी पहले प्राइवेट बैंक और पेमेंट बैंक में भी काम कर चुके हैं.

    एसपी बागपत सूरज कुमार राय के मुताबिक, आरोपी कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे. पुलिस का कहना है कि लग्जरी जिंदगी जीने और जल्दी पैसा कमाने की चाह में इन लोगों ने साइबर फ्रॉड को कमाई का जरिया बना लिया.

    पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य WhatsApp ग्रुप के जरिए आपस में जुड़े हुए थे. इसी ग्रुप पर नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच संपर्क और अपडेट शेयर किए जाते थे. जांच के दौरान पुलिस को तब इस नेटवर्क के तरीके का अंदाजा हुआ, जब एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद WhatsApp ग्रुप पर दूसरे सदस्यों को सतर्क करने वाला मैसेज भेजा गया. मैसेज में कथित तौर पर कहा गया कि साथी पकड़ा गया है और मोबाइल तोड़ दो.

    पुलिस के लिए यह मैसेज अहम सुराग बना. अब जांच इस बात पर भी चल रही है कि ग्रुप में कितने लोग शामिल थे, किसकी क्या भूमिका थी और पॉलिसीधारकों का डेटा आखिर आरोपियों तक पहुंचता कैसे था.

    लग्जरी गाड़ी, बाइक और मोबाइल बरामद

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्कॉर्पियो, एक बाइक, 16 मोबाइल, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, क्रेडिट कार्ड और सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. खास तौर पर उन लोगों की तलाश की जा रही है, जो कथित तौर पर पॉलिसीधारकों का डेटा उपलब्ध कराते थे.

    एसपी सूरज कुमार राय ने लोगों से अपील की है कि इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ा कोई भी काम अधिकृत कंपनी के एजेंट या आधिकारिक माध्यम से ही करें. अगर कोई फोन करके पॉलिसी बंद होने, बोनस मिलने, टैक्स जमा करने या रिन्यूअल के नाम पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहे, तो पहले कंपनी के आधिकारिक माध्यम से इसका पता करें.

    बागपत पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम भी दिया गया है. फिलहाल आठ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस अब उस नेटवर्क की अगली कड़ी तलाश रही है, जहां से पॉलिसीधारकों का डेटा कथित तौर पर इन लोगों तक पहुंचता था. सवाल है कि अगर कॉल करने वाले इतने लोगों की पॉलिसी की जानकारी पहले से जानते थे, तो उन्हें यह डेटा आखिर मिलता कहां से था?

  • 12 साल के बेटे के सामने: पति को दबिया से काटने वाली पत्नी को उम्रकैद, मां ने ही पहुंचवाया था जेल

    12 साल के बेटे के सामने: पति को दबिया से काटने वाली पत्नी को उम्रकैद, मां ने ही पहुंचवाया था जेल

    12 साल के बेटे के सामने: पति को दबिया से काटने वाली पत्नी को उम्रकैद, मां ने ही पहुंचवाया था जेल

    बिहार के पूर्णिया जिले के धमदाहा में 12 साल के बेटे के सामने पति को दबिया से काटकर निर्मम हत्या करने वाली पत्नी को उम्रकैद की सजा मिली है। पूर्णिया के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विक्रम कुमार की अदालत ने आरोपी उषा देवी को उसके पति बालो दास की हत्या का दोषी करार दिया। जज ने महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह वारदात पिछले साल की है। दोषी उषा देवी की मां ने ही अपनी बेटी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी।

    यह मामला धमदाहा थाना क्षेत्र के दमगाढ़ा वार्ड संख्या 11 का है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। करीब एक साल तक यह मुकदमा कोर्ट में चला। सरकार की ओर से अताउर रहमान ने अदालत में पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से कुल 6 गवाहों की गवाही कराई गई। घटना के बाद मृतक बालो दास की सास ने मीना देवी ने ही अपनी बेटी उषा देवी के खिलाफ पुलिस को बयान देकर हत्या का मामला दर्ज कराया था।

    घर के आंगन में दबिया से किया था वार

    धमदाहा थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार 12 जुलाई 2025 की रात करीब 8 बजे बालो दास काम से अपने घर लौटा था। नहाने के बाद वह आंगन में ही प्लास्टिक के बोरे पर सो गया था। खाना लेकर पहुंची उषा देवी ने पति को जगाया। उसके नहीं उठने पर उसने आंगन में रखे दबिया से पति के सिर पर वार कर दिया। इससे बालो दास की मौके पर ही मौत हो गई थी।

    बेटे के सामने मां ने किया पिता का कत्ल

    उषा ने अपने पति की हत्या की, तब उसका 12 साल का बेटा भी घर में मौजूद था। बेटे ने पुलिस को बताया था कि वह अपने पिता के बगल में ही सो रहा था। तभी अचानक उसके मुंह पर खून के छींटे आकर गिरे। जब उसने आंखें खोली, तो मां के दबिया लेकर वहां खड़ी हुई थी और पिता के सिर से खून निकल रहा था।

    मां ने बेटे को भी काट डालने की दी थी धमकी

    हत्याकांड के तुरंत बाद घर में मौजूद बेटे को भी उषा देवी ने काट डालने की धमकी दी थी। मां ने उसे धमकाते हुए कहा था कि सो जाओ, नहीं तो तुम्हें भी काट दूंगी। हालांकि, बेटा हिम्मत दिखाते हुए घर से भागा और आस-पड़ोस के लोगों को जगाकर वारदात की सूचना दी।

    बताया गया कि हल्ला होने पर लोग मौके पर जुट गए। घर से कुछ दूरी पर रहने वाली उषा देवी की मां मीना देवी को भी सूचना दी गई। मीना देवी जब दौड़ी-दौड़ी वहां पहुंचीं, तो आंगन में दामाद को प्लास्टिक के बोरे में मृत पड़ा देखा। उसके सिर से खून निकल रहा था। घटना के तुरंत बाद उषा दबिया को आंगन में ही फेंककर अंधेरे में फरार हो गई।

    मां ने ही दामाद की कातिल बेटी को करवाया था गिरफ्तार

    मीना देवी ने अपने दामाद की हत्या की सूचना पुलिस को दी और अपनी ही बेटी के खिलाफ शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई। धमदाहा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर जांच शुरू की। घटना के कुछ घंटों बाद ही उषा को पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

    आरोपी उषा ने पुलिस को बताया था कि उसने पारिवारिक कलह की वजह से अपने पति की हत्या की। उसका कहना था कि पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। इससे वह तंग आ चुकी थी।

  • पाकिस्तान में बने ‘कॉस्मेटिक्स’ पर कसा हैदराबाद पुलिस का शिकंजा, ₹7 लाख का माल जब्त, 5 लोग गिरफ्तार’

    पाकिस्तान में बने ‘कॉस्मेटिक्स’ पर कसा हैदराबाद पुलिस का शिकंजा, ₹7 लाख का माल जब्त, 5 लोग गिरफ्तार’

    पाकिस्तान में बने ‘कॉस्मेटिक्स’ पर कसा हैदराबाद पुलिस का शिकंजा, ₹7 लाख का माल जब्त, 5 लोग गिरफ्तार’

    हैदराबाद में पाकिस्तान में बने कॉस्मेटिक्स की बिक्री का मामला सामने आया है. हैदराबाद कमिश्नर की टास्क फोर्स के राजेंद्रनगर जोन ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अधिकारियों के साथ मिलकर कई दुकानों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में करीब 7 लाख रुपये कीमत के कथित अनधिकृत कॉस्मेटिक उत्पाद जब्त किए गए. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को पकड़ा है और अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है.

    यह कार्रवाई 30 सितंबर को मिली सूचना के आधार पर की गई थी. पुलिस को जानकारी मिली थी कि शहर में पाकिस्तान में निर्मित कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद बिना जरूरी भारतीय रजिस्ट्रेशन या अनुमति के बेचे और वितरित किए जा रहे हैं. इसके बाद टास्क फोर्स और CDSCO की टीम ने नांपल्ली और संतोष नगर इलाके में कई दुकानों की जांच की. अधिकारियों ने दुकानों से मिले कॉस्मेटिक उत्पादों को कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू की.

    पुलिस के मुताबिक, नांपल्ली के हबीब नगर इलाके में ब्यूटी लेडीज़ एम्पोरियम, ब्यूटी क्वीन शॉप और एसजे मेडिकल शॉप की जांच की गई. CDSCO के ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. श्रीधर मित्तपल्ली और अंजन गौड़ पेंडेम ने जब्त किए गए उत्पादों की जांच की. जांच में कई तरह की गोरा करने वाली क्रीम और साबुन मिले. इनमें गोरी, चांदनी, फैज़, नविया, पार्ली गोल्डी, अनीज़ा, नूर गोल्ड, आरज़ू, सैंडल, फेस फ्रेश, फाखरा गोल्ड, गोल्डन पर्ल और सदफ़ समेत कई ब्रांड शामिल बताए गए हैं.

    CDSCO अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि इनमें से कुछ उत्पाद उन कॉस्मेटिक्स में शामिल हैं, जिन्हें CDSCO/DCGI की 8 सितंबर 2026 की सार्वजनिक सूचना में अनधिकृत या प्रतिबंधित उत्पादों के तौर पर चिन्हित किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, इन उत्पादों को भारत में आयात करने के लिए जरूरी पंजीयन प्रमाणपत्र भी नहीं दिया गया था. यानी इन उत्पादों के भारत में आयात और बिक्री से जुड़े नियमों की जांच अब पुलिस और संबंधित विभाग कर रहे हैं.

    अधिकारियों ने इन कॉस्मेटिक उत्पादों से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर भी चिंता जताई है. पुलिस के अनुसार, पहले कुछ ऐसे कॉस्मेटिक उत्पादों में निर्धारित सीमा से ज्यादा हैवी मेटल्स पाए जाने की बात सामने आ चुकी है. ऐसे पदार्थ तय सीमा से अधिक होने पर स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं. हालांकि, जब्त किए गए मौजूदा उत्पादों में किसी विशेष पदार्थ की मात्रा कितनी है, इसे लेकर आगे की जांच और परीक्षण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी.

    जांच में मुंबई कनेक्शन भी सामने आया है. पुलिस के प्रारंभिक जांच के मुताबिक, कुछ उत्पाद मुंबई स्थित एक डीलर या सप्लायर के जरिए मंगाए जा रहे थे. अब जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन उत्पादों की वास्तविक सप्लाई कहां से हुई और वे भारत में किस रास्ते से पहुंचे. पुलिस कथित सप्लायर की भूमिका के साथ-साथ उत्पादों के खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.

    पुलिस का आरोप है कि दुकानदारों के पास पाकिस्तान मूल के इन कॉस्मेटिक उत्पादों की खरीद से संबंधित जरूरी बिल, इनवॉयस और दूसरे दस्तावेज मौजूद नहीं थे. जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ अतिरिक्त स्टॉक एक गोदाम में रखा गया था. हालांकि, उस गोदाम की सही जगह और वहां रखे गए सामान की कुल मात्रा को अभी सत्यापित किया जा रहा है. पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इसी नेटवर्क के जरिए और कितने उत्पाद बाजार में पहुंचाए गए.

    जांच का दायरा संतोष नगर तक भी पहुंच गया है. पुलिस के मुताबिक, वहां मदीना कॉस्मेटिक नाम की दुकान से भी इसी तरह के उत्पाद बेचे जा रहे थे. यह दुकान कथित तौर पर सैयद इस्माइल द्वारा संचालित की जाती है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके पास ये कॉस्मेटिक उत्पाद कहां से पहुंचे और उसके खरीद तथा वितरण नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

    इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के नाम सामने रखे हैं. इनमें मोहम्मद फजल, मोहम्मद अयान, मोहम्मद रियाजुद्दीन, सैयद आबिद अली और सैयद इस्माइल शामिल हैं. जांच एजेंसियां रियाजुद्दीन और कथित वितरण श्रृंखला से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सप्लायर से दुकानों तक उत्पाद पहुंचाने में किन-किन लोगों ने भूमिका निभाई.

    पुलिस ने इस मामले में अपराध संख्या- 245/2026 दर्ज किया है. केस भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 123 और 318(4) तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 18-C और 27-A के तहत दर्ज किया गया है. अब जांच अधिकारी कथित मुंबई सप्लायर तक पहुंचने के साथ-साथ आयात और परिवहन रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. इसके अलावा खरीद के इनवॉइस, बैंक ट्रांज़ैक्शन और दूसरे ठिकानों पर रखे स्टॉक की भी पड़ताल की जा रही है.

    हैदराबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना अनुमति या अनधिकृत कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदने और इस्तेमाल करने से बचें. पुलिस ने कारोबारियों को भी ऐसे उत्पादों की बिक्री, वितरण या विज्ञापन नहीं करने की चेतावनी दी है. पुलिस के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को ऐसे उत्पादों की अवैध बिक्री या परिवहन की जानकारी मिलती है तो वह Dial-112 या हैदराबाद सिटी पुलिस की हेल्पलाइन के जरिए सूचना दे सकता है. मामले की जांच जारी है और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा उत्पादों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है.

  • कमरे में नग्न हालत’ में मिली विधवा महिला की लाश, रेप के बाद मर्डर की आशंका; हड़ंकप.

    कमरे में नग्न हालत’ में मिली विधवा महिला की लाश, रेप के बाद मर्डर की आशंका; हड़ंकप.

    कमरे में नग्न हालत’ में मिली विधवा महिला की लाश, रेप के बाद मर्डर की आशंका; हड़ंकप.

    बिहार के गयाजी में विधवा महिला की नग्न लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मानपुर के मल्लाह टोली की घटना के बाद इलाके के लोग दहशत में हैं। महिला की उम्र 50 साल बताई जा रही है और वो मूख बधिर बताई जा रही हैं। शक जताया जा रहा है कि रेप के बाद महिला की हत्या की गई है। जानकारी के मुताबिक, यह महिला घर में अकेली रहती थीं और उनकी कोई संतान नहीं थी। महिला के सिर पर गैस सिलेंडर से हमले के निशान पाए गए हैं। कमरे में चारों तरफ खून बिखरा मिला है।

    आशंका है कि सिलेंडर से हमला कर महिला की जान ली गई है। इधर इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे के भी कान खड़े हो गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सिटी एसपी अभिनव और मुफस्सिल थानाध्यक्ष घटनास्थल पहुंचे हैं। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहरी तफ्तीश में जुटी है। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की है। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है। कमरे से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। डॉग स्क्वायड की मदद से भी अपराधियों तक पहुंचने के लिए सुराग तलाशे जा रहे हैं।

    सिटी एसपी अभिनव कुमार ने बताया कि हत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। महिला के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगी। पुलिस परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले में संभावित सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच के बाद ही महिला की मौत की वजह का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पुलिस ने महिला के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुटी है।

  • 13 लाख कैश, 88 KG ‘चांदी’ और ब्लैंक चेक… दो बहनों के घर छापे में मिली अकूत दौलत, महिला ‘साहूकारों’ की कहानी:

    13 लाख कैश, 88 KG ‘चांदी’ और ब्लैंक चेक… दो बहनों के घर छापे में मिली अकूत दौलत, महिला ‘साहूकारों’ की कहानी:

    13 लाख कैश, 88 KG ‘चांदी’ और ब्लैंक चेक… दो बहनों के घर छापे में मिली अकूत दौलत, महिला ‘साहूकारों’ की कहानी:

    महाराष्ट्र के वाशिम में साहूकारी के खिलाफ सहकार विभाग और पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां लखाला इलाके में रहने वाली दो सगी बहनों के घर पर छापेमारी के दौरान 13 लाख रुपये नकद और करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की 88 किलो चांदी बरामद हुई. टीम ने ब्लैंक चेक, कोरे बॉन्ड, साहूकारी के लेनदेन से जुड़े रजिस्टर और दूसरे दस्तावेज भी जब्त किए हैं.

    मामला वाशिम के लखाला परिसर का है. अलका वायेचाल और प्रिया वायेचाल नाम की दो सगी बहनों के खिलाफ सब रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत की गई थी. शिकायत में दोनों पर अवैध तरीके से साहूकारी करने का आरोप लगाया गया. शिकायत मिलने के बाद सब रजिस्ट्रार ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी. इसके बाद जिला अधिकारी की देखरेख में सहकार विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें बनाई गईं. टीमों ने दोनों महिलाओं के घरों पर कार्रवाई की.

    कार्रवाई के दौरान टीम को घर से बड़ी मात्रा में नकदी और चांदी मिली. अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी में 13 लाख रुपये कैश बरामद हुआ. इसके अलावा करीब 88 किलो चांदी भी मिली, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई गई है.

    लेकिन जांच टीम की नजर सिर्फ कैश और चांदी पर नहीं रुकी. तलाशी के दौरान कई ब्लैंक चेक और कोरे बॉन्ड भी मिले. इसके अलावा साहूकारी के लेनदेन से संबंधित रजिस्टर और दूसरे दस्तावेज भी बरामद किए गए. इन सभी सामान का पंचनामा किए जाने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया.

    इस कार्रवाई में ब्लैंक चेक और कोरे बॉन्ड की बरामदगी भी अहम मानी जा रही है. ये दस्तावेज किस-किस व्यक्ति से जुड़े हैं और इनका इस्तेमाल किस तरह किया जाता था, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.

    इसी तरह, साहूकारी के लेनदेन से संबंधित रजिस्टर और दूसरे दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी. इन रिकॉर्ड से कथित तौर पर किए गए लेनदेन, रकम और संबंधित लोगों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है. फिलहाल जब्त किए गए सामान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

    वाशिम के जिला सब रजिस्ट्रार अधिकारी माणिक लटपटे ने बताया कि दोनों महिलाओं के घर पर छापे के दौरान 13 लाख रुपये नकद, लगभग 2 करोड़ रुपये कीमत की 88 किलो चांदी, ब्लैंक चेक, कोरे बॉन्ड और साहूकार लेनदेन से जुड़े रजिस्टर जब्त किए गए हैं. उन्होंने बताया कि सभी सामान को पंचनामा करने के बाद जब्त किया गया है. बरामदगी के आधार और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी.

    प्रशासन ने लोगों से मांगी जानकारी

    कार्रवाई के बाद सहकार विभाग ने वाशिम के लोगों से अवैध साहूकारी की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की है. अधिकारियों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को अपने इलाके में अवैध साहूकारी की जानकारी है तो वह इसकी शिकायत संबंधित विभाग से कर सकता है.

    सब रजिस्ट्रार माणिक लटपटे ने कहा कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं होगी. प्रशासन का कहना है कि ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अब जांच एजेंसियां बरामद रजिस्टर, चेक और बॉन्ड की पड़ताल कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित साहूकारी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इन दस्तावेजों में किन लोगों के लेनदेन दर्ज हैं.

  • बिहार: 13 साल की ‘नौकरी’ में दरोगा बना करोड़पति, EOU की छापेमारी में खुलासा.

    बिहार: 13 साल की ‘नौकरी’ में दरोगा बना करोड़पति, EOU की छापेमारी में खुलासा.

    बिहार: 13 साल की ‘नौकरी’ में दरोगा बना करोड़पति, EOU की छापेमारी में खुलासा.

    बिहार के परिवहन विभाग के SI अमित कुमार गुप्ता पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ है. EOU की छापेमारी में 11 प्लॉट, फ्लैट, नकदी और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले.

    आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (SI) अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. EOU की जांच में सामने आया है कि अमित कुमार गुप्ता ने अपनी नौकरी के 13 साल के दौरान वैध आय से करीब 1.49 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की. बुधवार (30 सितंबर) को EOU की टीम ने पटना और आरा स्थित उनके दो ठिकानों पर तलाशी ली. कार्रवाई देर शाम तक जारी रही.

    EOU के मुताबिक, अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है. जांच में करीब 1,49,58,500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का साक्ष्य मिलने की बात कही गई है. यह उनकी वैध आय से लगभग 148.10 फीसदी अधिक बताई गई है.

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    अमित कुमार गुप्ता की नियुक्ति साल 2013 में परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद पर हुई थी. उनकी पहली पोस्टिंग दालकोला चेक पोस्ट, पूर्णिया में हुई थी. इसके बाद वह मुजफ्फरपुर, छपरा, अररिया, पटना समेत कई जिलों में प्रतिनियुक्त रहे.

    घर से मिले 3 लाख रुपये कैश

    EOU की टीम ने भोजपुर जिले के अवधपुरी, चेंदवा मोड़ के पास स्थित अमित कुमार गुप्ता के निजी आवास की तलाशी ली. इस दौरान करीब 3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक कार भी मिली है.

    तलाशी के दौरान अलग-अलग जिलों में जमीन खरीदने से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. इनमें आरा, पटना और छपरा में खुद और परिजनों के नाम पर खरीदे गए 11 भू-खंडों से संबंधित कागजात शामिल हैं.

    आरा में निर्माणाधीन मकान, पटना में फ्लैट

    जांच के दौरान अवधपुरी में G+3 मकान के अलावा आरा में करीब 5.1 डिसमिल जमीन पर निर्माणाधीन मकान और पटना स्थित साई वरदान सिटी में एक फ्लैट होने की जानकारी भी सामने आई है. EOU को नोएडा की इम्पेरिया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और नई दिल्ली की ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े फ्लैट और जमीन में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं.

    तलाशी में अलग-अलग बैंकों के 15 खातों से संबंधित पासबुक और चेकबुक की प्रतियां बरामद हुई हैं. इनमें मौजूद राशि में से लाखों रुपये को फ्रीज कराया गया है. इसके अलावा एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है.

    शेयर और म्यूचुअल फंड में भी निवेश

    EOU के मुताबिक, अमित कुमार गुप्ता के शेयर और म्यूचुअल फंड में करीब 30 लाख रुपये से ज्यादा के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम से जुड़े 7 दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें करीब 10 लाख रुपये से ज्यादा के निवेश की जानकारी है.

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    तलाशी के दौरान आभूषण खरीदने से जुड़ी कई रसीदें भी मिली हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई पर भी बड़ी रकम खर्च की गई है. उनका एक बेटा दार्जिलिंग के महंगे आवासीय स्कूल में पढ़ रहा है, जबकि बेटी कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रही है.

    EOU अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ अमित कुमार गुप्ता की संपत्तियों और निवेश से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है.

  • विमान में हमले के ‘बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन स्मित मच्छार, बोले- उस वक्त हनुमान चालीसा पढ़ रहा था’

    विमान में हमले के ‘बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन स्मित मच्छार, बोले- उस वक्त हनुमान चालीसा पढ़ रहा था’

    विमान में हमले के ‘बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन स्मित मच्छार, बोले- उस वक्त हनुमान चालीसा पढ़ रहा था’

    फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए हमले के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान उस मुश्किल घड़ी का पूरा अनुभव साझा किया। 2 अक्टूबर को हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि हमले के बाद विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और वह खुद भी घायल होकर नीचे गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हालात को संभालने की कोशिश की।

    हमले के बाद नीचे गिर गए थे कैप्टन

    रिपोर्टों के मुताबिक, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने हमला किया था। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट के हालात को संभालने की कोशिश की।

    प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान स्मित मच्छार ने बताया कि उस समय उन्हें महसूस हुआ कि अगर उन्होंने खुद को संभालकर कुछ नहीं किया तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी। उन्होंने किसी भी तरह कॉकपिट तक पहुंचकर विमान को संभालने की कोशिश की।

    मुश्किल समय में पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा

    बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि संकट की उस घड़ी में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से इसका पाठ करते हैं और मुश्किल समय में भी इसे याद कर रहे थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि उस समय उनके सामने केवल खुद को बचाने की चुनौती नहीं थी, बल्कि विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा भी बड़ी जिम्मेदारी थी।

    यात्रियों और क्रू ने भी संभाले हालात

    घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। रिपोर्टों के मुताबिक, कॉकपिट के हालात को नियंत्रित करने में केबिन क्रू, यात्रियों और विमान में मौजूद एक ऑफ-ड्यूटी पायलट की भी भूमिका रही। विमान में 174 लोग सवार थे।

    घटना के बाद घायल कैप्टन स्मित मच्छार को ताबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार, उनकी हालत स्थिर बताई गई थी और वह अपने परिवार के संपर्क में थे।

    पीएम मोदी ने परिवार से भी की थी बात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान उनके परिवार का भी जिक्र किया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम ने कहा कि संकट की घड़ी में कैप्टन के धैर्य और तुरंत लिए गए फैसलों से विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा में मदद मिली।

    कैप्टन स्मित मच्छार ने बातचीत के दौरान अपनी संस्कृति और देश से जुड़े होने की बात भी कही। प्रधानमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके इलाज और जरूरत के समय हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

    फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है, जबकि फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई इस घटना की जांच भी चल रही है। घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसकी विस्तृत तस्वीर जांच पूरी होने के बाद और स्पष्ट होगी।

  • भोज खाने जा रहे ‘युवक’ को बुलाकर मारी तीन गोलियां, वैशाली में फायरिंग से मचा हड़कंप’

    भोज खाने जा रहे ‘युवक’ को बुलाकर मारी तीन गोलियां, वैशाली में फायरिंग से मचा हड़कंप’

    भोज खाने जा रहे ‘युवक’ को बुलाकर मारी तीन गोलियां, वैशाली में फायरिंग से मचा हड़कंप’

    बिहार के वैशाली जिले में अपराधियों द्वारा एक युवक को गोली मारने का मामला सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र के बलवा कुंवारी गांव में बदमाशों ने युवक पर लगातार तीन गोलियां चला दीं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    भोज में जाने के दौरान आया फोन

    जानकारी के मुताबिक, घायल युवक की पहचान पीयूष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पीयूष भोज खाने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उसे बुलाया। आरोप है कि बुलाने के बाद वहां मौजूद बदमाशों ने उस पर फायरिंग शुरू कर दी।

    हमले में पीयूष को तीन गोलियां लगीं। अचानक हुई फायरिंग से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।

    गंभीर हालत में पीएमसीएच रेफर

    गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पीयूष को आनन-फानन में हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार और सदर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने घायल और उसके परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की।

    पुलिस खंगाल रही घटना की वजह

    फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पीयूष को किसने बुलाया था और उस पर फायरिंग क्यों की गई। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के साथ घटना के पीछे की वजह का भी पता लगाने में जुटी है।

    लगातार तीन गोलियां चलाए जाने की इस घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।