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  • शादी के लिए नहीं : मिल रहा मनपसंद रिश्ता? बेडरूम में करें ये 6 वास्तु बदलाव, सकारात्मक माहौल बनाने में मिलेगी मदद

    शादी के लिए नहीं : मिल रहा मनपसंद रिश्ता? बेडरूम में करें ये 6 वास्तु बदलाव, सकारात्मक माहौल बनाने में मिलेगी मदद

    शादी के लिए नहीं : मिल रहा मनपसंद रिश्ता? बेडरूम में करें ये 6 वास्तु बदलाव, सकारात्मक माहौल बनाने में मिलेगी मदद

    शादी के लिए अच्छे रिश्ते की तलाश लंबे समय से चल रही है, लेकिन बार-बार कोशिश करने के बावजूद बात नहीं बन पा रही है? ऐसे में वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, अपने बेडरूम की सजावट और वहां रखी चीजों पर ध्यान देना भी एक विकल्प हो सकता है। माना जाता है कि बेडरूम का वातावरण व्यक्ति के रिश्तों और भावनाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में कुछ छोटे बदलाव कमरे को अधिक सुकूनभरा और सकारात्मक बनाने में मदद कर सकते हैं।

    आइए जानते हैं बेडरूम से जुड़े 6 ऐसे वास्तु उपाय, जिन्हें अच्छे जीवनसाथी की तलाश के दौरान अपनाने की सलाह दी जाती है।

    1. बेडरूम में जोड़े में रखें चीजें

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार, बेडरूम में जोड़े में रखी चीजें पार्टनरशिप और साथ का प्रतीक मानी जाती हैं। अगर आपके कमरे में केवल एक तकिया, एक कुर्सी या एक साइड टेबल है, तो जगह के अनुसार जोड़े में चीजें रख सकते हैं। बेड पर दो तकिए रखें और संभव हो तो दोनों तरफ एक जैसी साइड टेबल लगाएं। हालांकि, यह एक पारंपरिक मान्यता है, शादी होने की गारंटी नहीं।

    2. बेड की दिशा पर दें ध्यान

    वास्तु शास्त्र में बेडरूम में बेड की स्थिति को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार, अच्छे वैवाहिक संबंधों के लिए बेड को कमरे के नॉर्थ-वेस्ट यानी उत्तर-पश्चिम हिस्से में रखना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, बेड को इस तरह रखने की सलाह दी जाती है कि उसके दोनों तरफ आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह हो।

    3. दीवारों पर लगाएं जोड़े वाली तस्वीरें

    अगर आपके बेडरूम की दीवारों पर अकेले व्यक्ति की तस्वीरें या अकेलेपन का एहसास कराने वाली पेंटिंग लगी हैं, तो उनकी जगह कपल या जोड़े को दर्शाने वाली कलाकृतियां लगा सकते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, साउथ-वेस्ट यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा में जोड़े वाली तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है। लव बर्ड्स की जोड़ी वाली वॉल आर्ट भी सजावट का विकल्प हो सकती है।

    4. बेडरूम में चुनें हल्के और सॉफ्ट रंग

    कमरे की दीवारों का रंग उसके पूरे माहौल को प्रभावित करता है। वास्तु के अनुसार, बेडरूम में बहुत गहरे या ठंडे रंगों के बजाय हल्के और सॉफ्ट शेड्स इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए पेस्टल पिंक, पीच, रोज गोल्ड और वॉर्म बेज जैसे रंग चुन सकते हैं। इन रंगों को वास्तु मान्यताओं में प्रेम और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है।

    5. गैरजरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामान हटाएं

    बेडरूम में टीवी, लैपटॉप, टैबलेट, कई मोबाइल फोन, चार्जर और ऑफिस का सामान अधिक होने से कमरा अव्यवस्थित दिखाई दे सकता है। वास्तु मान्यताओं में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अधिकता को रिश्तों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए गैरजरूरी गैजेट्स को कमरे से हटाएं और सोने की जगह को साफ-सुथरा तथा व्यवस्थित रखें।

    6. सजावट में शामिल कर सकते हैं पिंक क्रिस्टल ट्री

    वास्तु और सजावट से जुड़ी मान्यताओं में हल्के गुलाबी रंग को प्रेम और रिश्तों का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से बेडरूम में हल्के पिंक रंग का क्रिस्टल ट्री रखने का सुझाव दिया जाता है। इसे कमरे की सजावट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि क्रिस्टल ट्री के प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

    ध्यान देने वाली बात: ये सभी उपाय वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनसे शादी का रिश्ता मिलने या विवाह होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। जीवनसाथी की तलाश में आपसी समझ, सही संवाद, व्यक्तिगत पसंद और परिवारों के बीच तालमेल जैसे पहलुओं पर ध्यान देना भी जरूरी है।

  • हथेली की रिंग फिंगर : के नीचे छिपा है सरकारी नौकरी का राज! चेक करें अपना हाथ- सूर्य पर्वत दबा है या उभरा.?

    हथेली की रिंग फिंगर : के नीचे छिपा है सरकारी नौकरी का राज! चेक करें अपना हाथ- सूर्य पर्वत दबा है या उभरा.?

    हथेली की रिंग फिंगर : के नीचे छिपा है सरकारी नौकरी का राज! चेक करें अपना हाथ- सूर्य पर्वत दबा है या उभरा.?

    हस्तरेखा शास्त्र अनुसार रिंग फिंगर के नीचे स्थित सूर्य पर्वत ये बताता है कि आपकी किस्मत में सरकारी नौकरी का योग है या नहीं। चलिए जानते हैं कैसा सूर्य पर्वत शुभ माना जाता है तो कैसा अशुभ।

    ज्योतिष में सूर्य को सरकार पक्ष का प्रतिनिधि माना जाता है। इसी कारण से इस ग्रह की स्थिति देखकर आप ये आसानी से जान सकते हैं कि आपके जीवन में सरकारी नौकरी के योग हैं या नहीं। बता दें हथेली की अनामिका उंगली यानी रिंग फिंगर के नीचे सूर्य ग्रह का स्थान होता है जिसे सूर्य पर्वत के नाम से जाना जाता है। कहते हैं अगर यह स्थान सामान्य से थोड़ा ज्यादा उभरा हुआ है तो इससे सरकारी नौकरी प्राप्त होने के संकेत मिलते हैं। वहीं इस स्थान पर क्रास का चिन्ह होना अशुभ माना जाता है। चलिए जानते हैं हाथ का सूर्य पर्वत क्या संकेत देता है।

    सूर्य पर्वत से मिलते हैं सरकारी नौकरी के संकेत

    यदि सूर्य पर्वत का स्थान उभरा हुआ है तो यह शुभ संकेत है। इससे ये पता चलता है कि व्यक्ति को जीवन में सरकारी नौकरी मिलने के प्रबल योग हैं। साथ ही ऐसा व्यक्ति समाज में भी खूब मान-सम्मान प्राप्त करता है।

    सूर्य पर्वत का उन्नत होना व्यक्ति को बुद्धिमान और प्रभावशाली बनाता है। ऐसा व्यक्ति समाज में अपनी अलग पहचान बनाता है।

    सूर्य पर्वत उभरा होना ये भी बताता है कि व्यक्ति के अंदर नेतृत्व करने की अच्छी क्षमता है। ऐसा व्यक्ति जो काम करता है उसमें एक लीडर की भूमिका निभाता है।

    सूर्य पर्वत शुभ होने पर व्यक्ति में गजब का आकर्षण देखने को मिलता है।

    ऐसा व्यक्ति करियर में खूब ऊंचाइयां प्राप्त करता है।

    सूर्य पर्वत का दबा होना कैसा होता है?

    यदि हथेली में सूर्य पर्वत दबा हुआ है तो इसका अर्थ है कि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है। जिनकी हथेली में यह पर्वत दबा हुआ होता है ऐसा व्यक्ति अपनी प्रतिभा दिखा नहीं पाता और इनके अंदर आत्मविश्वास की भी कमी देखने को मिलती है।

    सूर्य पर्वत के खराब स्थिति में होने से किसी भी काम में सफलता पाने के लिए अधिक मेहनत और प्रयास करना पड़ता है।

    अगर हथेली में सूर्य पर्वत पर क्रास का चिन्ह बना हुआ है तो यह ओर भी कष्टकारी साबित होता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति को सरकार की ओर से कष्ट मिल सकता है।

    ऐसे लोगों को सरकारी क्षेत्र में मान सम्मान की प्राप्ति नहीं होती। इसके अलावा सूर्य पर्वत पर किसी प्रकार का धब्बा या जाली बनी होना भी शुभ संकेत नहीं माना जाता।

    सूर्य रेखा का शुभ स्थिति में होना

    यदि सूर्य पर्वत पर बनने वाली रेखा यानी सूर्य रेखा साफ, सुंदर और लालिमा युक्त हो तो व्यक्ति को जीवन में खूब ख्याति और सफलता प्राप्त होती है। साथ ही ऐसा व्यक्ति सरकारी क्षेत्र में भी खूब लाभ प्राप्त करता है। वहीं अगर सूर्य रेखा स्पष्ट न हो या कटी फटी सी हो तो व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी से कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। क्या आप जानते हैं कि सूर्य और गुरु पर्वत पर कुछ खास निशानों का बनना भी सरकारी नौकरी प्राप्त होने के प्रबल संकेत देता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • यह बच्चा मेरा है, इसका क्या सबूत?- पिता ने अपने ही 3 महीने के बेटे को कुएं में फेंका,

    यह बच्चा मेरा है, इसका क्या सबूत?- पिता ने अपने ही 3 महीने के बेटे को कुएं में फेंका,

    यह बच्चा मेरा है, इसका क्या सबूत?- पिता ने अपने ही 3 महीने के बेटे को कुएं में फेंका,

    Gujarat News: गुजरात के माहीसागर जिले के संतरामपुर तहसील के झालदड़ा गांव में तीन महीने के बच्चे की मौत के मामले में उसके पिता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर हुए विवाद के दौरान अपने ही बेटे को पास के कुएं में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, मृत बच्चे की मां ने दर्ज शिकायत में बताया कि उसकी शादी 1 मई 2025 को झालदड़ा निवासी आशीषभाई रमेशभाई भूरिया से हुई थी। 13 जून 2026 को उसने एक बेटे को जन्म दिया था, जिसका नाम लवियांश रखा गया था।

    मायके को लेकर होता था विवाद

    शिकायत के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच पत्नी के बार-बार मायके जाने को लेकर विवाद होता था। 6 सितंबर 2026 को भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर कहासुनी हुई। महिला ने बताया कि वह बच्चे को नहलाकर घर के बाहर खाट पर सुलाने के बाद कपड़े लेने अंदर गई थी। महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसके पति ने बच्चे को खाट से उठाया और कुएं की तरफ दौड़ पड़ा। उसने और उसकी सास ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने कथित तौर पर बच्चे को कुएं में फेंक दिया और वहां से भाग गया।

    परिवार और आसपास के लोगों ने कुएं में बच्चे की तलाश की। पुलिस को सूचना देने के बाद कुएं से पानी निकालकर बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया

    माहीसागर के DySP कमलेश वसावा ने बताया कि आरोपी आशीष का अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस बात को लेकर भी पत्नी से झगड़ता था कि वह बार-बार मायके क्यों जाती है। DySP ने बताया कि घटना के दिन भी इसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ। उस दौरान तीन महीने के बच्चे को घर के बाहर खाट पर रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पत्नी से बच्चे के पिता होने को लेकर सवाल किया और इसके बाद बच्चे को उठाकर पास के कुएं में फेंक दिया।

  • गुस्सा होकर पत्नी चली गई थी मायके…मनाने के लिए चोरी की कार लेकर पहुंचा पति, बोला- खरीदकर लाया हूं

    गुस्सा होकर पत्नी चली गई थी मायके…मनाने के लिए चोरी की कार लेकर पहुंचा पति, बोला- खरीदकर लाया हूं

    गुस्सा होकर पत्नी चली गई थी मायके…मनाने के लिए चोरी की कार लेकर पहुंचा पति, बोला- खरीदकर लाया हूं

    पत्नी से चल रही अनबन खत्म करने और उसे खुश करने के लिए एक युवक ने ऐसा कदम उठाया, जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था. उसने नोएडा के सेक्टर-18 की पार्किंग से कार चोरी कर ली. इसके बाद युवक चोरी की कार लेकर एटा में रह रही अपनी पत्नी के पास पहुंचा और उसे बताया कि वह कार खरीदकर लाया है. हालांकि, कार चोरी की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से चोरी की कार और फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई है.

    नोएडा में ड्राइवर की नौकरी करता है युवक पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय अरुण पुत्र अखिलेश के रूप में हुई है. वह मूल रूप से एटा के बागवाला थाना क्षेत्र के सोनसा गांव का रहने वाला है और वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-63 स्थित छिजारसी में किराये के मकान में रहता है. आरोपी नोएडा में ड्राइवर की नौकरी करता है.

    पार्किंग से चुराई महिला की कार मामला 12 सितंबर का है. गाजियाबाद निवासी एक टैटू आर्टिस्ट युवती ने अपनी हुंडई एक्सटर कार सेक्टर-18 स्थित एक पार्किंग में खड़ी की थी. इसके बाद वह इंटरव्यू देने चली गई. वापस लौटने पर कार पार्किंग से गायब मिली. युवती की शिकायत पर सेक्टर-20 थाने में कार चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया.

    पुलिस पूछताछ में आरोपी अरुण ने बताया कि उसका पत्नी से विवाद चल रहा था. वह पत्नी को मनाना चाहता था और उसे प्रभावित करने के लिए कार लेकर उसके पास जाना चाहता था. इसी वजह से उसने पार्किंग से कार चोरी करने की बात पुलिस को बताई.

    चोरी की कार को बताया अपना कार चोरी करने के बाद अरुण उसे लेकर एटा पहुंचा और पत्नी से कहा कि उसने कार खरीदी है. बाद में जब उसे पता चला कि कार चोरी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है तो वह कन्नौज में अपनी बहन के घर चला गया. पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया था.

    सेक्टर-20 थाना पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. पुलिस ने 13 सितंबर को अट्टापीर से डीएलएफ मॉल की तरफ जाने वाले रास्ते के पास खाली प्लॉट के नजदीक से अरुण को गिरफ्तार कर लिया.

    कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हुंडई एक्सटर बरामद की. कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी, जबकि उसकी असली नंबर प्लेट कार की डिग्गी में रखी मिली. बरामद कार का वास्तविक नंबर UP14GB1456 है, जबकि उस पर फर्जी नंबर प्लेट UP16C0007TC/02 लगी थी. पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. अब आगे की कार्रवाई में पुलिस जुट गई है.

  • हरतालिका तीज का सामान लेकर लौट रही महिला के साथ हुई स्नेचिंग, बाइक सवार बदमाशों ने छीना पर्स, भागते समय लोगों ने दबोचा

    हरतालिका तीज का सामान लेकर लौट रही महिला के साथ हुई स्नेचिंग, बाइक सवार बदमाशों ने छीना पर्स, भागते समय लोगों ने दबोचा

    हरतालिका तीज का सामान लेकर लौट रही महिला के साथ हुई स्नेचिंग, बाइक सवार बदमाशों ने छीना पर्स, भागते समय लोगों ने दबोचा

    सतना शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रेमनगर इलाके में सोमवार शाम दिनदहाड़े स्नेचिंग की वारदात से सनसनी फैल गई. हरतालिका तीज का सामान लेकर बाजार से घर लौट रही महिला के हाथ से बाइक सवार बदमाशों ने पर्स छीन लिया. बदमाश पर्स लेकर एमपीईबी पावर हाउस की तरफ भागने लगे, लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता से दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया.

    पर्स छीनते ही महिला ने मचाया शोर जानकारी के मुताबिक, प्रेमनगर निवासी महिला बाजार से हरतालिका तीज का सामान खरीदकर घर लौट रही थी. घर के पास पहुंचते ही बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उसे निशाना बनाया. बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने महिला के हाथ से पर्स झपटा और दोनों भागने लगे. महिला ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया. आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए. लोगों ने भाग रहे बाइक सवार दोनों आरोपियों को घेर लिया और पकड़ लिया. इसके बाद 112 पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को सिटी कोतवाली थाने ले गई.

    CCTV में कैद हुई पूरी वारदात दिनदहाड़े हुई स्नेचिंग की पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. फुटेज में बाइक सवार बदमाश महिला के पास पहुंचते और उसका पर्स छीनकर भागते दिखाई दे रहे हैं. वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है.

    151 के तहत कार्रवाई, पुलिस पर सवाल मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर महिला और उसके परिजनों ने नाराजगी जताई है. उनका आरोप है कि स्नेचिंग जैसे गंभीर मामले में पीड़िता का बयान दर्ज किए बिना आरोपियों के खिलाफ केवल धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेज दिया गया. परिजनों का कहना है कि जब CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आया, तब पुलिस ने आनन-फानन में बाइक सवार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ 304 के तहत मामला दर्ज किया. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आरोपी मौके पर ही पकड़ लिए गए थे और पूरी घटना CCTV में कैद थी, तो शुरुआत में स्नेचिंग के मामले में उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

    पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल मामले में अब पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है. पीड़ित महिला का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. वहीं, CCTV फुटेज सामने आने के बाद केस दर्ज किया गया. अब सवाल यह है कि पुलिस ने आरोपियों पर शुरुआत में सामान्य धारा के तहत कार्रवाई क्यों की और स्नेचिंग की घटना में तत्काल कानूनी प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई.

  • मोबाइल की किस्त वसूलने का अजीब तरीका! युवक को बनाया बंधक, ब्लड बैंक ले जाकर निकलवाया खून..

    मोबाइल की किस्त वसूलने का अजीब तरीका! युवक को बनाया बंधक, ब्लड बैंक ले जाकर निकलवाया खून..

    मोबाइल की किस्त वसूलने का अजीब तरीका! युवक को बनाया बंधक, ब्लड बैंक ले जाकर निकलवाया खून..

    लखनऊ के निगोहां इलाके से मोबाइल की किस्त वसूली के नाम पर युवक को बंधक बनाने और उसका खून निकलवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि राजारामखेड़ा गांव निवासी नेवल को मोबाइल दुकानदार के लोगों ने अपने साथ ले जाकर लखनऊ के एक ब्लड बैंक में उसका खून निकलवाया. इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर कुछ दिनों तक जबरन मजदूरी भी कराई गई.

    पहली किस्त बकाया होने पर फोन छीना पीड़ित की मां बुजुर्ग जदूराई के मुताबिक, उनके छोटे बेटे नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था. इसकी 12 महीने की किस्त 2,799 रुपये तय हुई थी. आरोप है कि पहली किस्त बकाया होने पर दुकान के कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मोबाइल छीनकर ले गए. इसके करीब एक साल बाद 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को अपने साथ ले गए.

    फोन भी छीना और खून भी लिया नेवल का आरोप है कि उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया. इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया और उससे जबरन मजदूरी कराई गई. इसी दौरान आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन किया और मोबाइल की किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन मंगवा लिए. परिवार ने जब नेवल को छोड़ने की गुहार लगाई तो आरोपियों ने कथित तौर पर 12 हजार रुपये और मांगे.

    रैपिड कैब का किराया भी भरवाया परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने नेवल को जान से मारकर गोमती नदी में फेंकने की धमकी दी. डर के कारण परिवार ने निगोहां थाने में शिकायत की. आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा गया और उसका किराया भी उसके भाई से ही भरवाया गया. थाने पहुंचने पर नेवल बदहवास हालत में था. परिवार का दावा है कि जब उन्होंने कार्रवाई की मांग की तो उन्हें ही डराया गया और कहा गया कि कार्रवाई करने पर नेवल को भी फंसा दिया जाएगा.

    मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश घर लौटने के बाद नेवल ने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद उसकी बुजुर्ग मां सोमवार को डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पास पहुंचीं. उनका आरोप है कि निगोहां थाने में शिकायत के बावजूद उन्हें वहां से लौटा दिया गया. डीसीपी दक्षिणी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगोहां थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस की लापरवाही की भी जांच कराई जाएगी.

    एक साल बाद पैसे के लिए दबाव बनाया पीड़ित के बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि नेवल ने 21,500 रुपये का सैमसंग फोन लिया था और उसकी 2,799 रुपये की 12 महीने की किस्त बनी थी. राजकुमार के मुताबिक, फोन लेने के अगले ही महीने दुकान के लड़के मोबाइल वापस ले गए थे, लेकिन करीब एक साल बाद आरोपियों ने दोबारा परिवार पर दबाव बनाया. अब पुलिस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका, युवक को बंधक बनाए जाने, ब्लड बैंक में खून निकलवाने और कथित वसूली के आरोपों की जांच करेगी.

  • जब सम्राट विक्रमादित्य नहीं ले जा सके प्रतिमा तो जमीन से प्रकट हुए गणेश, जानें 2000 साल पुराने मंदिर की कथा..

    जब सम्राट विक्रमादित्य नहीं ले जा सके प्रतिमा तो जमीन से प्रकट हुए गणेश, जानें 2000 साल पुराने मंदिर की कथा..

    जब सम्राट विक्रमादित्य नहीं ले जा सके प्रतिमा तो जमीन से प्रकट हुए गणेश, जानें 2000 साल पुराने मंदिर की कथा..

    मध्य प्रदेश के सीहोर में स्थित प्राचीन चिंतामन सिद्ध गणेश मंदिर अपनी पुरानी परंपराओं और भक्तों की गहरी आस्था के लिए जाना जाता है. मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास करीब दो हजार वर्ष पुराना है. गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां देशभर से श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की सबसे खास बात यहां विराजित गणेश प्रतिमा है, जिसका आधा हिस्सा आज भी जमीन के अंदर है.

    सीवन नदी से कमल पुष्प के रूप में प्रकट हुए गणेश मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार, सम्राट विक्रमादित्य सीवन नदी से कमल पुष्प के रूप में प्रकट हुए भगवान गणेश को रथ में लेकर जा रहे थे. रास्ते में सुबह होने पर उनका रथ इसी स्थान पर जमीन में धंस गया. रथ में रखा कमल पुष्प धीरे-धीरे गणेश प्रतिमा में बदलने लगा और प्रतिमा भी जमीन के अंदर धंसती चली गई. इसके बाद इसी जगह पर मंदिर का निर्माण कराया गया. आज भी गणेश जी की प्रतिमा का आधा हिस्सा जमीन में धंसा हुआ है और भक्त इसी स्वरूप के दर्शन करते हैं.

    गणेश चतुर्थी पर लगता है 10 दिन का मेला चिंतामन गणेश मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी के दौरान दस दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. इस दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन करते हैं. दूर-दराज से आने वाले भक्त बप्पा के सामने अपनी मनोकामना रखते हैं और आशीर्वाद मांगते हैं. गणेशोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी होती है.

    मन्नत मांगने के लिए बनाते हैं उल्टा स्वास्तिक इस मंदिर से जुड़ी एक खास परंपरा भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है. मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं. मन्नत पूरी होने के बाद वे दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाकर भगवान गणेश के प्रति आभार जताते हैं. इसी वजह से मंदिर की दीवारों पर बड़ी संख्या में स्वास्तिक के निशान दिखाई देते हैं.

    रोज बदलता है बप्पा का श्रृंगार गणेशोत्सव के दिनों में यहां भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है. भक्तों के लिए हर दिन बप्पा का नया श्रृंगार और नया रूप देखने को मिलता है. इसी खास श्रृंगार के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं. मंदिर के पुजारी पंडित दुबे के अनुसार, सच्चे मन से भगवान गणेश से मांगी गई मन्नत पूरी होने की भक्तों में मान्यता है.

    देश में चार स्थानों पर चिंतामन सिद्ध गणेश पंडित जे. दुबे के अनुसार, देशभर में चिंतामन सिद्ध गणेश की चार स्वयंभू प्रतिमाएं मानी जाती हैं. इनमें राजस्थान के रणथंभौर, मध्य प्रदेश के उज्जैन, गुजरात के सिद्धपुर और मध्य प्रदेश के सीहोर का चिंतामन गणेश मंदिर शामिल है. सीहोर के इस मंदिर में सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जबकि गणेश चतुर्थी के दौरान यहां भक्तों की संख्या और भी बढ़ जाती है.

  • शोरूम में घुसा चोर, 4​​​​​ घंटे तक नहाया-कॉफी पी और डांस किया; जाते-जाते 4.71 लाख की KTM बाइक ले उड़ा.

    शोरूम में घुसा चोर, 4​​​​​ घंटे तक नहाया-कॉफी पी और डांस किया; जाते-जाते 4.71 लाख की KTM बाइक ले उड़ा.

    शोरूम में घुसा चोर, 4​​​​​ घंटे तक नहाया-कॉफी पी और डांस किया; जाते-जाते 4.71 लाख की KTM बाइक ले उड़ा.

    Viral Crime Story: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक चोर बाइक शोरूम में चोरी करने के इरादे से दाखिल हुआ, लेकिन चोरी करने से पहले उसने करीब साढ़े चार घंटे तक शोरूम के अंदर आराम से वक्त बिताया।

    इस दौरान उसने कॉफी बनाई और पी, शोरूम में ही नहाया, अपने कपड़े धोकर सुखाए और गाने पर डांस भी किया। इसके बाद वह शोरूम से करीब 4.71 लाख रुपये कीमत की KTM बाइक लेकर फरार हो गया।

    शटर काटकर शोरूम में घुसा था चोर

    जानकारी के मुताबिक, यह मामला वाराणसी के मंडुआडीह थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने शोरूम का शटर काटकर अंदर प्रवेश किया था। शोरूम में दाखिल होने के बाद उसने जल्दबाजी में चोरी करने के बजाय काफी समय वहीं बिताया।

    सीसीटीवी फुटेज में उसकी कई गतिविधियां कैद हुई हैं। बताया जा रहा है कि उसने शोरूम के अंदर कॉफी बनाई और आराम से पी। इसके बाद उसने नहाया और अपने कपड़े सुखाए।

    ‘लुंगी डांस’ पर करने लगा डांस

    चोर की हरकतें यहीं नहीं रुकीं। शोरूम के अंदर वह बॉलीवुड के मशहूर गाने ‘लुंगी डांस’ पर डांस करता हुआ भी नजर आया। करीब साढ़े चार घंटे तक शोरूम में रहने के बाद उसने आखिरकार वहां से बाइक ले जाने का फैसला किया।

    आरोपी शोरूम के मैनेजर की करीब 4.71 लाख रुपये कीमत वाली KTM बाइक लेकर वहां से फरार हो गया। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस ने दर्ज की FIR

    घटना को लेकर वाराणसी पुलिस ने भी जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, मंडुआडीह थाना क्षेत्र में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।

    पुलिस आरोपी की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए उपलब्ध सुरागों की जांच कर रही है। चोरी की इस घटना में आरोपी का शोरूम के अंदर इतने लंबे समय तक रहना और चोरी से पहले इस तरह की गतिविधियां करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

  • फर्जी PMO कार्ड दिखाकर मॉल​​​​​ में घुसा युवक, बोला- फैमिली को करना चाहता था इंप्रेस..

    फर्जी PMO कार्ड दिखाकर मॉल​​​​​ में घुसा युवक, बोला- फैमिली को करना चाहता था इंप्रेस..

    फर्जी PMO कार्ड दिखाकर मॉल​​​​​ में घुसा युवक, बोला- फैमिली को करना चाहता था इंप्रेस..

    मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित एक लग्जरी शॉपिंग मॉल में फर्जी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का कार्ड दिखाकर प्रवेश करने वाले 24 साल के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पूछताछ में युवक ने दावा किया कि वह अपने परिवार को इंप्रेस करना चाहता था. वह उन्हें यकीन दिलाना चाहता था कि वो PMO के लिए काम करता है. हालांकि, पुलिस को उसकी यह सफाई भरोसेमंद नहीं लग रही है और मामले में दूसरे कारणों की भी जांच की जा रही है.

    सिक्योरिटी से बहस के दौरान खुद को PMO अधिकारी बताया पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान रोहन पारिख (24) के रूप में हुई है. घटना 7 सितंबर की है. रोहन अपने साथ दिलीप कुंडे (49) और एक अन्य व्यक्ति के साथ Jio World Plaza मॉल पहुंचा था. रोहन ने सिक्योरिटी स्टाफ को अपना डिजिटल PMO पहचान पत्र दिखाया, जिसके बाद तीनों को मॉल में प्रवेश मिल गया. मॉल के अंदर तीनों ने एक परफ्यूम और वॉलेट खरीदा और इसके बाद बाहर निकलने लगे. इसी दौरान रोहन के साथ मौजूद दिलीप कुंडे के पास हथियार होने की बात सामने आई. इसके बाद दोनों की मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों से बहस हो गई. इसी दौरान रोहन ने कथित तौर पर खुद को PMO का अधिकारी बताया.

    PMO का फर्जी डिजिटल कार्ड AI से बनाने का शक पुलिस को शक है कि रोहन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी डिजिटल PMO पहचान पत्र तैयार किया था. पुलिस फिलहाल इस कार्ड से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्ड किस तरह बनाया गया था. पूछताछ में रोहन ने दावा किया कि उसे 2024 में ईमेल के जरिए PMO में किसी पद के लिए चयनित होने की जानकारी मिली थी. पुलिस अब इस ईमेल और उसके दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में उसे PMO से कोई संपर्क या नियुक्ति संबंधी संदेश मिला था या नहीं.

    पीएम मोदी के कार्यक्रम से एक दिन पहले पहुंचा था मॉल इस मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह घटना 7 सितंबर को हुई थी, जबकि अगले दिन यानी 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम मॉल के पास स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में था. पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा मान रही है.

    तीसरे आरोपी की तलाश जारी पुलिस के अनुसार रोहन पारिख और दिलीप कुंडे को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. दोनों को 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में रखने का आदेश दिया गया है. उनके साथ मौजूद तीसरे व्यक्ति की पहचान बागुल के रूप में हुई है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तीनों की मॉल में पहुंचने की असली वजह क्या थी और फर्जी PMO पहचान पत्र बनाने के पीछे सिर्फ परिवार को प्रभावित करने की वजह थी या कोई दूसरा मकसद.

  • कैफे कारोबार में हुआ नुकसान तो उतरे जुर्म की दुनिया में… पहले वारदात, फिर करते थे पार्टी… लिव-इन में रहने वाले कपल का किस्सा..?

    कैफे कारोबार में हुआ नुकसान तो उतरे जुर्म की दुनिया में… पहले वारदात, फिर करते थे पार्टी… लिव-इन में रहने वाले कपल का किस्सा..?

    कैफे कारोबार में हुआ नुकसान तो उतरे जुर्म की दुनिया में… पहले वारदात, फिर करते थे पार्टी… लिव-इन में रहने वाले कपल का किस्सा..?

    उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कपल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. ये कपल पहले कैफे चलाते थे, लेकिन कारोबार में नुकसान हुआ तो क्राइम का रास्ता अपना लिया. ये गिरोह पहले चोरी करते थे, उसके बाद बार-रेस्तरां में पार्टी करते थे.

    उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक प्रेमी जोड़ा पहले कैफे चलाता था. लेकिन जब कारोबार में नुकसान हुआ तो इस कपल ने अपराध का रास्ता चुन लिया. ये कपल चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा. अब प्रेमी जोड़े समेत 3 लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं.

    प्रेमी युगल समेत 3 गिरफ्तार- कैफे के कारोबार में नुकसान होने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. थाना सेक्टर-113 पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की ज्वेलरी, 3.5 लाख रुपये नकद, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक अर्टिगा कार बरामद की है. कार पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी.

    एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर, इरफान उर्फ इमरान और सोनाली के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास से गिरफ्तार किया.

    बंद पड़े घरों को बनाते थे निशाना- पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अर्टिगा कार में सवार होकर शहर के हाईराइज सोसाइटी और अन्य इलाकों में मकानों की रेकी करते थे. इसके बाद बंद पड़े घरों को निशाना बनाकर ज्वेलरी, नकदी, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे. फिर चोरी किए गए सामान और नकदी को तीनों आरोपी आपस में बांट लेते थे.

    लिव-इन रिलेशन में रहते थे दो चोर- पुलिस जांच में सामने आया कि दिवाकर और सोनाली प्रेमी-प्रेमिका हैं और लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं. पुलिस के अनुसार, सोनाली गैंग को लीड करने और रेकी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी, जबकि दिवाकर और उनका साथी इरफान चोरी की वारदातों को अंजाम देने में शामिल थे.

    कैफे कारोबार में नुकसान ने बनाया चोर- पुलिस के अनुसार, प्रेमी जोड़े ने पहले गाजियाबाद और बाद में नोएडा में कैफे का कारोबार किया था. कैफे के बिजनेस में नुकसान होने के बाद दोनों आर्थिक संकट में आ गए और इसके बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिन के समय चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और रात में रेस्तरां और बार में पार्टी करते थे.

    लैपटॉप, टैबलेट, फोन, कैश बरामद- पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की ज्वेलरी के अलावा पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और 3.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. इसके अलावा चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली अर्टिगा कार को भी कब्जे में लिया गया है. फिलहाल अब थाना सेक्टर-113 पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनसे जुड़े अन्य चोरी के मामलों की जांच कर रही है.