Category: Crime

  • बंगाल में 11 साल की मासूम का बोरी में मिला शव, यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप,,?

    बंगाल में 11 साल की मासूम का बोरी में मिला शव, यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप,,?

    बंगाल में 11 साल की मासूम का बोरी में मिला शव, यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप,,?

    एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को परेशान कर दिया है. दरअसल, राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में रविवार (5 जुलाई, 2026) की सुबह एक बंद बोरी बरामद की गई है, जिसमें से एक 11 साल की बच्ची का शव निकला है.

    ‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि यह बच्ची एक दिन पहले यानी शनिवार (4 जुलाई, 2026) को लापता हो गई थी, जिसका अब शव बरामद किया गया है. इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया गया है और उसके बाद उसकी हत्या करके बोरी में बांधकर फेंक दिया गया है.

    एक 11 साल की बच्ची के ऐसे हालत में शव बरामद किए जाने के बाद से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों ने इस मामले में आक्रोश जताते हुए बरुईपुर-जॉयनगर रोड को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन से इस घृणित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

    वहीं, मामले में जनता के विरोध को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों से घटनास्थल पर पहुंचकर बातचीत की, उन्हें मामले में तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और सड़क जाम को हटाया.

    पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    पुलिस अधिकारियों के बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि उसकी मौत के पीछे के असली कारण का खुलासा किया जा सके और इस बात की भी पुष्टि की जा सके कि क्या बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न भी हुआ था. अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार भी किया गया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.

    बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने आगे बताया कि मृतका बच्ची एक दिन पहले शनिवार (4 जुलाई, 2026) को अपने दोस्त के जन्मदिन के लिए गिफ्ट खरीदने के लिए घर से बाहर निकली थी. इसके बाद से ही वह लापता हो गई. वहीं, बच्ची के परिजनों का आरोप है कि बच्ची जब घर से बाहर निकली तो उसे चार लोग जबरदस्ती उठाकर अपने साथ ले गए.

  • 3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    गुजरात के राजकोट ग्रामीण जिले के शापर-वेरावल क्षेत्र से एक ऐसा हत्या का मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के खतरों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. पुलिस के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर खुद को युवती बताकर एक युवक से संपर्क करने के बाद शुरू हुआ रिश्ता तीन साल तक विवादों में उलझा रहा और आखिरकार हत्या की वारदात पर जाकर खत्म हुआ. मामले में उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय युवक पीयूष कुमार खरवार को गिरफ्तार किया गया है.

    पुलिस के मुताबिक, 25 जून को शापर-वेरावल के पास मस्कत फाटक के नजदीक रेलवे की दीवार के पास एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिला था. शव पर महिला के कपड़े थे, जिसके कारण शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध जरूर लगा, लेकिन पहले इसे दुर्घटनावश मौत मानकर कार्रवाई शुरू की गई. हालांकि, फोरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों की पुष्टि होने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला है.

    पुलिस जांच में सामने आया फर्जी पहचान का दावा

    इसके बाद राजकोट ग्रामीण पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर जांच तेज की. इसी दौरान उत्तर प्रदेश निवासी पीयूष कुमार खरवार को हिरासत में लिया गया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हैदराबाद में रहने के दौरान पीयूष की पहचान फेसबुक पर ‘निशा कुमार’ और इंस्टाग्राम पर ‘पूनम’ नाम से संचालित सोशल मीडिया प्रोफाइल से हुई थी. पुलिस के अनुसार, ये दोनों प्रोफाइल चंदन कुमार नामक व्यक्ति चला रहा था, जिसने खुद को महिला बताकर पीयूष से दोस्ती की थी.

    एक घटना के बाद बदला रिश्ते का पूरा सच

    पुलिस का कहना है कि समय के साथ दोनों साथ रहने लगे. जांच में यह भी सामने आया कि धार्मिक मन्नत का हवाला देकर चंदन शारीरिक संबंध बनाने से बचता रहा. इसी दौरान पीयूष ने उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करते हुए उसकी मांग में सिंदूर भी भरा था. पुलिस के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब पीयूष ने एक दिन चंदन को शेविंग करते देखा. इसके बाद उसे पता चला कि जिसे वह अब तक महिला समझ रहा था, वह वास्तव में पुरुष है. पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना रहा. जांच में सामने आया कि रोजगार की तलाश में पीयूष जहां-जहां गया, चंदन भी उसके संपर्क में बना रहा. यह सिलसिला हैदराबाद से उत्तर प्रदेश, फिर राजस्थान और अंत में राजकोट के पडवला इलाके तक पहुंचा.

    फैक्ट्री में विवाद के बाद हत्या का आरोप

    पुलिस के अनुसार, 21 जून को पडवला स्थित एक फैक्ट्री में दोनों के बीच फिर से कहासुनी हुई. आरोप है कि इसके बाद पीयूष चंदन को रेलवे ट्रैक के पास सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसने बड़े पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी ने शव को पत्थरों से ढक दिया और किसी को शक न हो, इसलिए वापस फैक्ट्री पहुंचकर सामान्य तरीके से काम करने लगा. राजकोट ग्रामीण पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • शक ने उजाड़ा परिवार! पति ने चाकू से गोदकर पत्नी को मार डाला, फिर बहन को दी जानकारी

    शक ने उजाड़ा परिवार! पति ने चाकू से गोदकर पत्नी को मार डाला, फिर बहन को दी जानकारी

    शक ने उजाड़ा परिवार! पति ने चाकू से गोदकर पत्नी को मार डाला, फिर बहन को दी जानकारी

    हैदराबाद में घरेलू विवाद में पति ने शुक्रवार शाम चाकू मारकर अपनी 37 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी. उसे पिछले कई वर्षों से पत्नी के चाल-चलन पर शक था. इस बात पर अक्सर पति-पत्नी में कलह होती थी. शुक्रवार शाम दोनों में फिर इस बात पर विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्साए पति ने घर में रखे चाकू से बीवी पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया. ज्यादा खून बह जाने की वजह से पत्नी की मौके पर मौत हो गई. इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन को फोन करके वारदात के बारे में बताया.

    पति-पत्नी में होने लगे झगड़े

    पुलिस के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना हैदराबाद के चिल्कानगर में शुक्रवार शाम हुई. उप्पल थाने के सब-इंस्पेक्टर विनय के मुताबिक, मृतका की पहचान पापिथोट्टी जेसिका (37) के रूप में हुई है. वह एक अस्पताल में नर्स का काम करती थी. मृतका के छोटे भाई ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी है, जिस पर पुलिस मामले में जांच कर रही है.

    शिकायत के अनुसार, वर्ष 2015 में जेसिका का विवाह सुरेश (41) के साथ हुआ था. इसके बाद उन्हें एक बेटी पैदा हुई. शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक चला लेकिन बाद में दोनों में छोटी-छोटी बात पर झगड़े होने लगे. हालांकि, झगड़ों के बावजूद दोनों साथ रह रहे थे.

    चाकू से वार कर पत्नी का कर दिया कत्ल

    मृतका के भाई ने अपनी कंप्लेंट में बताया कि जेसिका 28 जून से गांधी अस्पताल में अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए रुकी हुई थीं. जब पति को यह पता चला कि जेसिका अस्पताल में रातें बिता रही हैं तो वह शक करने लगा. उसने उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया. दोनों में इस मुद्दे पर कई बार झगड़े हुए.

    पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई को शाम करीब 4 बजे चिल्कानगर के आदर्श नगर वाले घर में कपल के बीच फिर झगड़ा हुआ. इसी बीच आरोपी पति ने चाकू लेकर पत्नी जेसिका की छाती, बाएं कंधे और बाईं कांख में चाकू से वार कर दिए. इससे खून की धार बह निकली. ज्यादा खून बह जाने की वजह से वह मौके पर ही मर गई.

    अपनी बहन को फोन करके बताया और हो गया फरार

    वारदात करने के बाद आरोपी ने शनिवार सुबह अपनी बहन को फोन करके करतूत के बारे में बताया और फिर मौके से फरार हो गया. उसकी बहन ने इस घटना की सूचना मृतका के भाई को दी. इसका पता चलते ही वह अपनी बहन के घर पहुंचा, जहां पर उसने उसे मृत पाया.

    उसने इस बात की सूचना पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. साथ ही, आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया. उसे शनिवार दोपहर बाद अरेस्ट कर लिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की कोशिश कर रही है.

  • ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

    ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

    ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

      पंजाब के तरनतारन जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां अपनी रूठी हुई पत्नी को मनाने और उसे वापस घर ले जाने के लिए ससुराल गए एक युवक को उसके सगे साले ने सरेआम पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया. इस भयावह घटना में युवक और उसे बचाने दौड़ी एक महिला की तड़प-तड़पकर मौत हो गई है. इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मर्डर का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

      पत्नी को वापस लाने गया था लवप्रीत, मिली दर्दनाक मौत

      मृतक युवक की पहचान लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लवप्रीत सिंह और उसकी पत्नी संदीप कौर के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी, जिसके बाद संदीप अपने मायके जाकर रहने लगी थी. बीती 13 जून को लवप्रीत अपनी पत्नी को समझा-बुझाकर वापस घर लाने के मकसद से अपने ससुराल गया था. उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसकी जिंदगी का सबसे खौफनाक अंत इंतजार कर रहा है. वहां बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि लवप्रीत के साले साजन सिंह ने गुस्से में आकर अपने जीजा पर कोई ज्वलनशील पदार्थ फेंका और माचिस जला दी. देखते ही देखते लवप्रीत आग का गोला बन गया.

      बचाने आई महिला भी लपटों में घिरी, दोनों की मौत

      जब लवप्रीत को जिंदा जलाया जा रहा था, तब साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर बीच-बचाव करने और लवप्रीत की जान बचाने के लिए आगे दौड़ीं. लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गुरजीत कौर भी उसकी चपेट में आ गईं और बुरी तरह झुलस गईं. अस्पताल में इलाज के दौरान लवप्रीत और गुरजीत दोनों ने दम तोड़ दिया. इस घटना में आरोपी साजन सिंह भी खुद थोड़ा झुलस गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

      रूह कंपा देने वाला वीडियो आया सामने, पुलिस ने दर्ज किया केस

      इंटरनेट पर आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे एक शख्स अचानक दूसरे पर आग लगा देता है और पीड़ित खुद को बचाने के लिए बेतहाशा इधर-उधर भागता है. गुरजीत कौर को भी आग की लपटों में घिरा देख पीछे खड़ा एक तीसरा शख्स मदद के लिए दौड़ता है. वीडियो में आग तेजी से फैलती हुई और दोनों पीड़ितों को अपनी चपेट में लेती दिख रही है. तरनतारन पुलिस ने इस जघन्य अपराध को लेकर मुख्य आरोपी साजन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.

    • हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      बाराबंकी जिले में एसटीएफ ने एक ऐसे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सबसे जरूरी चीज, चाय को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। थाना बड्डूपुर क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में चल रही नकली और मिलावटी चायपत्ती बनाने की फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।

      छापेमारी में क्या-क्या मिला?

      एसटीएफ की टीम ने मौके से लगभग 763.75 किलोग्राम मिलावटी चायपत्ती बरामद की है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री और रसायन भी मिले हैं। बरामद सामान में फर्जी ब्रांड की मिलावटी चायपत्ती के सैकड़ों पैकेट, लगभग 3.9 किलोग्राम रंगीन रसायन, पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में खाली रैपर और बोरे शामिल हैं। इन सभी चीजों का इस्तेमाल नकली चाय को असली ब्रांड की तरह पैक कर बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था।

      कैसे चलता था मिलावट का यह धंधा?

      जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा चलाया जा रहा था। गिरोह के सदस्य असम से सस्ती और घटिया क्वालिटी की चायपत्ती मंगाते थे। इसके बाद उसमें रंग और रसायन मिलाकर उसे मजबूत स्वाद और आकर्षक रंग दिया जाता था। फिर इस मिलावटी चाय को अलग-अलग नामी ब्रांड के पैकेट में पैक कर लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर और बहराइच जैसे जिलों में सप्लाई किया जाता था।

      गिरफ्तार आरोपी ने खोले कई राज

      गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शकील ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उसके मुताबिक, इस धंधे में कई लोग शामिल हैं जो अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। उसने यह भी बताया कि कम लागत में तैयार होने वाली यह नकली चाय बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेची जाती थी, जिससे गिरोह को मोटा मुनाफा होता था।

      एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

      एसटीएफ की यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने शाहपुर गांव में छापा मारा और मौके से एक आरोपी को दबोच लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

      किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

      इस मामले में थाना बड्डूपुर में बीएनएस की धारा 318(2), 318(4), 274 और 275 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क और फंडिंग चैन की जांच कर रही है। फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे सप्लाई चेन पर है और जांच आगे बढ़ रही है।

    • गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

      गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

      गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

      Gorakhpur: गोरखपुर के सहजनवा थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय मासूम के अपहरण और हत्या के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मासूम का अपहरण फिरौती वसूलने की नीयत से कर ले गए थे, लेकिन पुलिस की तेजी से शुरू हुई जांच और तलाश अभियान के कारण पकड़े जाने के डर से उन्होंने बच्चे की हत्या कर दी।

      बच्चे की तलाश जारी

      पुलिस के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को मासूम के दादा ने सहजनवा थाने में अपने पांच वर्षीय पौत्र के घर से लापता होने की सूचना दी थी। शिकायत के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें बालक को स्थानीय निवासी कल्पेश राय के साथ जाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध की तलाश तेज कर दी।

      आरोपी गिरफ्तार

      लगातार की गई खोजबीन के दौरान 3 जुलाई को लापता बालक का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रविवार को आरोपी कल्पेश राय और उसकी पत्नी नीलम प्रभा राय को गिरफ्तार कर लिया।

      परिवार की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय

      पुलिस पूछताछ में आरोपी कल्पेश राय ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर फिरौती के उद्देश्य से बच्चे का अपहरण किया था। हालांकि, जब परिवार की सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई और गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी तो दोनों ने मिलकर मासूम की हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस जांच में पूरा मामला उजागर हो गया।

      पहलुओं की गहन जांच जारी

      सहजनवा पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में दर्ज मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

      इस कार्रवाई को थाना प्रभारी बलराम पाण्डेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव, उपनिरीक्षक मृत्युंजय कुमार तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    • पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

      पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

      पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

      उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक कलयुगी बेटे ने मामूली बात पर अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक प्रमोद पासी उर्फ रेवती (55 वर्ष) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता थे। आरोपी बेटे ने इस खौफनाक वारदात को उस समय अंजाम दिया जब उसके पिता गांव के एक मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

      मंदिर में पूजा कर रहे थे बीजेपी नेता, पीछे से किया ताबड़तोड़ वार

      यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को 55 वर्षीय भाजपा नेता प्रमोद पासी हमेशा की तरह गांव के मंदिर में शनि देव और बरम बाबा की पूजा-अर्चना करने गए थे। वह पूजा में लीन थे, तभी उनका सगा बेटा सोने लाल हाथ में कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंच गया। इससे पहले कि प्रमोद पासी कुछ समझ पाते, सोने लाल ने पीछे से उनके सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। हमला इतना जोरदार था कि प्रमोद पासी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

      शराब की लत और बहू का पक्ष लेना बनी हत्या की वजह

      परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सोने लाल बेहद हिंसक और शराब पीने का लती है। वह अक्सर शराब के नशे में घर में कलह करता था और अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट किया करता था। भाजपा नेता प्रमोद पासी हमेशा अपनी बहू का पक्ष लेते थे और बेटे की इन हरकतों का विरोध करते थे। पिता का बहू का साथ देना सोने लाल को बिल्कुल पसंद नहीं था, जिसे लेकर वह अपने पिता से रंजिश रखने लगा था।

      जायदाद के हिस्से को लेकर भी पिता-पुत्र में था विवाद

      घरेलू विवाद के अलावा इस हत्या के पीछे जमीन-जायदाद का एंगल भी सामने आया है। परिजनों ने बताया कि सोने लाल पिछले काफी समय से अपने पिता प्रमोद पासी पर जायदाद का हिस्सा उसके नाम करने का दबाव बना रहा था। वह अपनी मनमर्जी से जमीन बेचना चाहता था, लेकिन प्रमोद पासी उसकी शराब की लत और गलत आदतों को देखते हुए हिस्सा देने से साफ मना कर देते थे। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने ही पिता की जान लेने की खौफनाक साजिश रच डाली।

      औरास पुलिस ने आरोपी बेटे को किया गिरफ्तार, जांच जारी

      मंदिर परिसर में बीजेपी नेता की हत्या की खबर मिलते ही औरास थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे बेटे सोने लाल को आलाकत्ल (कुल्हाड़ी) के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

    • 2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

      2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

      2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

      बरेली में एक डॉक्टर, जिसने दो महीने पहले लव मैरिज की थी, की शनिवार सुबह 4 बजे हॉस्पिटल में मौत हो गई. उसके भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे जहर देकर मार डाला और फिर सिविल लाइंस में मेयर के कैंप ऑफिस के सामने फेंक दिया.

      यूपी के बरेली में एक डॉक्टर, जिसने दो महीने पहले लव मैरिज की थी, की शनिवार सुबह 4 बजे हॉस्पिटल में मौत हो गई. उसके भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे जहर देकर मार डाला और फिर सिविल लाइंस में मेयर के कैंप ऑफिस के सामने फेंक दिया.

      शुक्रवार रात करीब 8 बजे राहगीरों ने भाई को हॉस्पिटल पहुंचाया. परिवार वालों के मुताबिक, डॉक्टर ने मौत से पहले बताया था कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे बुरी तरह पीटा था. उसकी पत्नी डेढ़ महीने से अपने बहनोई और बहन के घर पर रह रही थी. 

      डॉक्टर ने 15 अप्रैल को लव मैरिज की 

      सुभाष नगर थाना इलाके में बालाजी धाम मंदिर के पास रहने वाले डॉ. कुलदीप गोस्वामी (40) अपना क्लिनिक चलाते थे. तीन साल पहले उनका अपनी पत्नी से तलाक हो गया था. पहली पत्नी दया से उनका एक बेटा उत्कर्ष (13) है. वह मदर्स पब्लिक स्कूल में सातवीं क्लास में पढ़ता है. कुलदीप ने 15 अप्रैल को गुंजन (38) से लव मैरिज की थी.

      कुलदीप के भाई विनायक ने बताया कि शादी के बाद से ही गुंजन उस पर लगातार अपने माता-पिता से अलग रहने का दबाव बना रही थी. वह अपने सास, ससुर, देवरानी और देवर से झगड़ा और मारपीट करती थी. उसके भाई की पत्नी गुंजन शादी के 15 दिन बाद ही ससुराल चली गई. वह अपने साथ लाखों रुपये के गहने ले गई. वह कैंट थाना इलाके के सदर बाजार में अपनी बहन और जीजा के साथ रह रही थी.

      कुलदीप अपनी पत्नी को मनाने गया 

      परिवार वालों ने बताया कि शुक्रवार (3 जुलाई) को डॉ. कुलदीप अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए उसके घर गया था. वहां उसकी पत्नी ने अपनी बहन और जीजा के साथ मिलकर कुलदीप को जहर दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. उसकी मौत के बाद आरोपियों ने उसकी लाश सड़क किनारे फेंक दी.

      शनिवार को मृतक के भाई ने कैंटोनमेंट थाने में अपनी पत्नी, बहन और जीजा पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है. बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.

      मरने से पहले कुलदीप ने बनाई थी एक वीडियो

      कुलदीप का एक वीडियो सामने आया है. इसमें उसने कहा मैं बहुत परेशान था, इसलिए मैंने यह वीडियो बनाया. मैंने दो महीने पहले गुंजन से शादी की थी. शादी के बाद मुझे लगा कि मैं एक सोची-समझी साजिश में फंस गया हूं. शादी के बाद मेरे घर से कैश, सोना, चांदी और दूसरा सामान गायब होने लगा. 

      एक बार मैंने गुंजन को अपनी बहन रीना को 70,000 रुपये देते हुए पकड़ लिया. पूछने पर उसने कहा कि वह उधार दे रही है और बाद में लौटा देगी. धीरे-धीरे मुझे यकीन हो गया कि घर में चोरी के लिए गुंजन ही जिम्मेदार है. जब मैंने उसके परिवार से शिकायत की, तो वे मारपीट पर उतर आए.

      गुंजन के भाई की कुलदीप की भाभी पर थी बुरी नजर

      गुंजन के भाई अमित की हमारी छोटी भाभी पर बुरी नजर थी. 30 तारीख को उसने उसके साथ छेड़छाड़ की. सुभाष नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मुझे कानून पर बहुत भरोसा था, लेकिन अब मैं पूरी तरह टूट चुका हूं.

      मैं गुंजन, रीना, सतीश और अमित के खिलाफ जांच चाहता हूं. उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. मैं सीएम योगी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और SSP से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करता हूं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो. जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और के साथ न हो. उत्कर्ष, मेरे बेटे, मैं तुमसे प्यार करता हूं. अपने दादा-दादी का ख्याल रखना और अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना. मैं अपने दोस्तों से भी रिक्वेस्ट करता हूं कि वे मेरे बेटे का साथ दें.

    • रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

      रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

      रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

       कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर 12 जून को बोरी में मिले महिला के शव की गुत्थी आखिरकार 21 दिन बाद सुलझ गई. फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र के इस्कुरी गांव के पास सर्विस लेन किनारे मिले शव की पहचान प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव की 20 वर्षीय रंजना तिवारी के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को अंजाम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति ने दिया था. पुलिस पूछताछ में उसके पति ने हत्या की जो वजह बताई उसे सुनकर लोग हैरान रह गए.

      बता दें कि, रंजना की शादी 27 फरवरी 2025 को प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पुरवा निवासी कुनाल तिवारी से हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति-पत्नी के बीच उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया और 11 जून की रात पति ने पहले रंजना का गला दबाया, फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी.

      सास-ससुर भी निकले बेरहम

      हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए परिवार ने भी साथ दिया. जांच में पता चला कि सास और ससुर शव को बोरी में भरकर बाइक से खागा क्षेत्र तक लेकर आए और इस्कुरी गांव के पास सर्विस रोड किनारे फेंक दिया. अगले दिन राहगीरों ने बोरी में शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया. शुरुआती जांच में उम्र को लेकर पति की नाराजगी हत्या की मुख्य वजह मानी जा रही है. 

      रंजना के कपड़ों और गहनों से हुई पहचान

      पुलिस लगातार महिला की पहचान के प्रयास में जुटी थी और आसपास के जिलों में फोटो व विवरण भेजे गए थे. जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के बारा थाने में 13 जून को महिला के पिता शिवशंकर पांडेय ने दहेज प्रताड़ना और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद खागा पुलिस ने शव के कपड़े और जेवर लेकर बारा थाने में परिजन को दिखाया. यहां मैरून रंग का कढ़ाईदार सलवार-सूट, अंगूठी, बिछिया, पायल, कान के टॉप्स और फोटो देखकर परिजन ने रंजना की पहचान की. पहचान होते ही परिजन रो पड़े और पुलिस ने संयुक्त जांच में पूरे मामले का खुलासा किया.

      पति गिरफ्तार, पांच अन्य की तलाश

      प्रयागराज के बारा थाना पुलिस ने दहेज मांग, दहेज प्रताड़ना, बंधक बनाने सहित विभिन्न धाराओं में पति कुनाल तिवारी, सास किरन तिवारी, ससुर सुरेंद्र तिवारी, देवर आयुष, मामा ऋषभ और मामा कन्हई मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मुख्य आरोपी पति कुनाल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच प्रयागराज के स्थानीय सीओ को सौंपी जाएगी.

    • चोरी का पैसा, गर्लफ्रेंड के साथ सैर-सपाटा और ऐश… गिरफ्तारी के बाद सामने आई पूरी कहानी..

      चोरी का पैसा, गर्लफ्रेंड के साथ सैर-सपाटा और ऐश… गिरफ्तारी के बाद सामने आई पूरी कहानी..

      चोरी का पैसा, गर्लफ्रेंड के साथ सैर-सपाटा और ऐश… गिरफ्तारी के बाद सामने आई पूरी कहानी..

       कानपुर पुलिस ने 15 लाख रुपये की चोरी के चर्चित मामले का खुलासा करते हुए एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसकी लग्जरी लाइफस्टाइल ने जांच टीम को भी हैरान कर दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हर बड़ी चोरी के बाद अपनी गर्लफ्रेंड को गोवा की सैर पर ले जाता था. अब तक वह चोरी के पैसों से पांच बार गोवा घूम चुका था. आरोपी के मोबाइल से गोवा ट्रिप की कई तस्वीरें भी बरामद हुई हैं, जो उसके शौक और खर्च करने के तरीके की गवाही देती हैं.

      डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, सेन पश्चिम पारा स्थित स्वर्ण जयंती विहार निवासी अनिल कुमार वर्मा के घर 19 जून को चोरी की वारदात हुई थी. उस समय परिवार के सदस्य अपने-अपने काम पर गए हुए थे और घर पर ताला लगा था. शाम को जब परिवार लौटा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला. घर के अंदर अलमारी खुली हुई थी और उसमें रखे करीब 15 लाख रुपये के जेवरात तथा 30 हजार रुपये नकद गायब थे. सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

      CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस

      चोरी की गंभीरता को देखते हुए सेन पश्चिम पारा थाना पुलिस सहित तीन विशेष टीमें बनाई गईं. इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध स्कूटी दिखाई दी. इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंशू पासी के रूप में हुई, जो मूल रूप से अमेठी के मुसाफिरखाना का निवासी है और वर्तमान में कानपुर के गुजैनी इलाके में रह रहा था.

      जेल से छूटते ही फिर शुरू कर दी चोरी

      पूछताछ में अंशू ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों हिमांशु, गोल्डी और सागर के साथ मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया था. पुलिस के मुताबिक, अंशू पहले भी कई चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुका है. बिधनू क्षेत्र में दर्ज एक मामले में वह करीब डेढ़ साल जेल में रहा. जेल से बाहर आने के कुछ समय बाद ही उसने फिर से अपने पुराने साथियों के साथ चोरी की वारदातें शुरू कर दीं.

      चोरी के पैसों से गर्लफ्रेंड को पांच बार गोवा घुमाया

      जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी चोरी के पैसों से ऐशो-आराम की जिंदगी जीता था. हर बड़ी वारदात के बाद वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ गोवा घूमने जाता था. पुलिस को उसके मोबाइल फोन से दोनों की गोवा यात्रा की कई तस्वीरें मिली हैं. अधिकारियों के अनुसार, आरोपी महंगी शराब और लग्जरी लाइफस्टाइल का भी शौकीन था और चोरी की रकम इसी तरह खर्च करता था.

      नकदी, जेवर, तमंचा और स्कूटी बरामद

      पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपये नकद, 632 ग्राम चांदी, एक अवैध तमंचा और चोरी की रकम से खरीदी गई स्कूटी बरामद की है. वहीं, मामले में फरार चल रहे आरोपी हिमांशु, गोल्डी और सागर की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.

      ‘टक्कल गैंग’ से जुड़ा है आरोपी

      पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अंशू, शहर के कुख्यात ‘टक्कल गैंग’ से जुड़ा है. वह गैंग के सरगना गोपाल टक्कल का भाई है. इस गिरोह के कई सदस्य पहले से चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं. पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद शहर में हुई कई अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है.