Category: Crime

  • दोस्ती का जाल, निवेश का लालच और फिर कथित दरिंदगी… पाकिस्तान से सामने आया सनसनीखेज मामला..

    दोस्ती का जाल, निवेश का लालच और फिर कथित दरिंदगी… पाकिस्तान से सामने आया सनसनीखेज मामला..

    दोस्ती का जाल, निवेश का लालच और फिर कथित दरिंदगी… पाकिस्तान से सामने आया सनसनीखेज मामला..

    पाकिस्तान के लाहौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है। आरोप है कि दो विदेशी महिलाओं को पहले सिंगापुर में दोस्ती कर अपने विश्वास में लिया गया और बाद में निवेश के बहाने पाकिस्तान बुलाया गया। लाहौर पहुंचने के बाद उनके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार के रिश्तेदार समेत कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है।

    सिंगापुर में हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ विश्वास जीतने का खेल

    जांच में सामने आया है कि आरोपियों की दोनों विदेशी महिलाओं से मुलाकात सिंगापुर में हुई थी। शुरुआती बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच दोस्ती बढ़ी और लगातार संपर्क बना रहा। इसके बाद महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि पाकिस्तान में बड़े निवेश और व्यापारिक अवसर उनका इंतजार कर रहे हैं। इसी विश्वास के आधार पर उन्हें लाहौर आने के लिए तैयार किया गया।

    निवेश के बहाने पाकिस्तान बुलाने का आरोप

    पुलिस जांच के अनुसार महिलाओं को बड़े आर्थिक लाभ का लालच देकर पाकिस्तान बुलाया गया। उन्हें बताया गया कि लाहौर में महत्वपूर्ण कारोबारी बैठकें होंगी और निवेश से अच्छा मुनाफा मिलेगा। महिलाओं ने इन दावों पर भरोसा किया और पाकिस्तान पहुंच गईं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।

    लाहौर पहुंचने के बाद कथित वारदात

    पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि लाहौर पहुंचने के बाद उनके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान करने में जुट गई। शुरुआती जांच के बाद कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

    उपप्रधानमंत्री के रिश्तेदार का नाम आने से बढ़ी हलचल

    मामले की जांच के दौरान पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार के एक रिश्तेदार का नाम सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया। पुलिस ने उन्हें अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और कानून सभी के लिए समान है। यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस कई पहलुओं की कर रही जांच

    जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल थे। आरोपियों के आपसी संपर्क, आर्थिक लेनदेन और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

    विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद पाकिस्तान में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं किसी भी देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और विदेशी निवेश व पर्यटन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। अब सभी की नजरें इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

  • मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। करीब 45 दिन से लापता एक व्यक्ति का शव उसके ही घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दबा मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पहले बाथरूम की मरम्मत कराने का बहाना बनाया गया और फिर शव को फर्श के नीचे दफना दिया गया। घटना का खुलासा होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

    18 मई को अचानक लापता हुआ था पति

    पुलिस के अनुसार मृतक 18 मई को रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पत्नी ने भी पूछताछ के दौरान यही कहा कि उसे पति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह भी उनकी तलाश कर रही है। हालांकि समय बीतने के साथ पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले को गुमशुदगी से हत्या की दिशा में मोड़ दिया।

    मरम्मत के नाम पर रची गई हत्या छिपाने की साजिश

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति के लापता होने के कुछ ही दिनों बाद घर के बाथरूम में मरम्मत का काम कराया गया था। आरोप है कि इसके लिए एक मिस्त्री को बुलाया गया और उससे बाथरूम की फर्श तुड़वाई गई। पुलिस का संदेह है कि हत्या के बाद शव को उसी गड्ढे में दबाकर ऊपर से दोबारा सीमेंट और टाइलें लगवा दी गईं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक तक न लगे। मरम्मत का पूरा काम सामान्य निर्माण कार्य की तरह कराया गया, जिससे आसपास के लोगों को भी किसी तरह का शक नहीं हुआ।

    शक गहराया तो पुलिस ने कराई खुदाई

    लगातार जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे घर के भीतर ही किसी बड़ी वारदात की आशंका मजबूत हो गई। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक अनुमति और अधिकारियों की मौजूदगी में बाथरूम की खुदाई कराई। जैसे ही फर्श हटाई गई, नीचे से मानव शव मिलने से मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। शव की हालत देखकर साफ था कि उसे काफी समय पहले वहां दबाया गया था। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

    45 दिन बाद खुला हत्या का खौफनाक राज

    करीब डेढ़ महीने तक यह मामला केवल गुमशुदगी का माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने जांच बंद नहीं की। मोबाइल फोन की जानकारी, आसपास के लोगों से पूछताछ और घर के भीतर मिले कुछ अहम संकेतों ने जांच को नई दिशा दी। आखिरकार बाथरूम की खुदाई के दौरान शव मिलने के साथ ही हत्या की पूरी कहानी सामने आने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि घर के भीतर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर शव को फर्श के नीचे छिपा दिया जाएगा।

    पत्नी से लगातार पूछताछ, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

    शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस घटना के पीछे की वजह, पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

    मिस्त्री से भी की जा रही पूछताछ

    जिस मिस्त्री ने बाथरूम की मरम्मत का काम किया था, उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि मरम्मत के दौरान उसे किसी तरह का संदेह हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसे काम कराने वालों ने क्या जानकारी दी थी। पुलिस मिस्त्री के बयान को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।

    शव को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का सही कारण, हत्या का तरीका और घटना का समय स्पष्ट हो सकेगा। घटनास्थल से मिट्टी, निर्माण सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

    इलाके में दहशत, रिश्तों पर उठे सवाल

    इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के बाहर जमा होकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस घर में लोग सामान्य जीवन जीते दिखाई दे रहे थे, उसी घर के बाथरूम के नीचे एक शव दबा होने की बात किसी के लिए भी यकीन करना आसान नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते अपराध और घरेलू हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सुसाइड की कहानी, लेकिन सच निकला मर्डर! 49 कॉल्स और डिलीट चैट ने बदल दी जांच की दिशा..

    सुसाइड की कहानी, लेकिन सच निकला मर्डर! 49 कॉल्स और डिलीट चैट ने बदल दी जांच की दिशा..

    सुसाइड की कहानी, लेकिन सच निकला मर्डर! 49 कॉल्स और डिलीट चैट ने बदल दी जांच की दिशा..

    हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सामने आई एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय मोनू की मौत कोई हादसा या आत्महत्या नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. आरोप है कि उसकी पत्नी तन्नू ने अपने कथित प्रेमी सोनू और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की पूरी पटकथा लिखी, ताकि किसी को उस पर शक तक न हो.

    पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत पहले मोनू का मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया गया. इसके बाद उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया गया, ताकि पोस्टमार्टम में मौत की वजह डूबना सामने आए. सुसाइड का माहौल बनाने के लिए उसकी स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी कर दी गई. शुरुआती जांच में यह योजना सफल होती दिखाई दी और पुलिस ने इसे इत्तेफाकिया मामला मानते हुए शव परिजनों को सौंप दिया.

    परिवार ने बेटे का अंतिम संस्कार भी कर दिया. उधर, आरोपी पत्नी तन्नू पूरे समय पति की मौत का गम जताती रही. वह अंतिम संस्कार में शामिल हुई, आंसू बहाए और सातवें दिन तक सभी धार्मिक रस्मों में शामिल होकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करती रही.

    डिलीट चैट और 49 कॉल्स ने पलट दी पूरी कहानी

    इस पूरी कहानी में मोड़ तब आया, जब पुलिस ने 11 जून को मोनू का मोबाइल परिवार को सौंपा. परिवार ने देखा कि फोन का पूरा डाटा डिलीट किया जा चुका था. इसी बात ने उनके मन में पहला शक पैदा किया.

    परिजनों ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से मोबाइल का डिलीट डाटा रिकवर कराया. जब चैट और कॉल डिटेल सामने आईं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मोबाइल में तन्नू और मोनू के बीच बातचीत के रिकॉर्ड मिले. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि 8 जून, यानी मोनू के लापता होने वाले दिन उसने तन्नू को 49 बार फोन किया था, जबकि दोनों के बीच केवल एक बार करीब तीन मिनट बात हुई थी.

    परिवार ने तुरंत हंगामा नहीं किया. उन्होंने बेटे की रस्म क्रिया पूरी होने तक चुप्पी साधे रखी, ताकि आरोपी को शक न हो. रस्में पूरी होने के बाद उन्होंने पुलिस को रिकवर किया गया डाटा सौंपा और हत्या का केस दर्ज कर जांच की मांग की.

    पेट दर्द का बहाना, सैलरी के पैसे और मौत का जाल

    मृतक के परिवार के मुताबिक, 7 जून को मोनू को पत्नी तन्नू को मायके से लाने जाना था. आरोप है कि तन्नू ने उससे कहा था कि वह अपनी सैलरी के पैसे लेकर ही आए. 8 जून को वेतन मिलने के बाद मोनू ने सीएससी से पैसे निकाले और घरवालों से पेट दर्द का बहाना बनाकर दवा लेने की बात कहकर स्कूटी से निकल गया.

    परिवार का दावा है कि चैट से पता चला कि तन्नू ने ही उसे मिलने के लिए बुलाया था. जब वह घर नहीं लौटा तो 9 जून को गुमशुदगी दर्ज कराई गई. अगले दिन आसलवास के पास नहर से उसका शव मिला. शरीर पर चोट के निशान नहीं थे और स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी मिली थी. इसी वजह से पुलिस ने शुरुआत में इसे हादसा या आत्महत्या माना.

    परिवार ने बाद में आरोप लगाया कि तन्नू और उसके परिवार ने शुरू से ही मोनू के उनके यहां आने या बातचीत होने की बात से इनकार किया था. हालांकि, मोबाइल मिलने के बाद तन्नू के पिता ने माना कि 8 जून को दोनों के बीच तीन मिनट बातचीत हुई थी. उन्होंने बताया कि तन्नू ने कहा था कि मोनू दोस्तों के साथ घूमने जा रहा है और उसे मिलने बुला रहा था.

    एसपी तक पहुंचा परिवार, फिर खुली साजिश की परतें

    परिवार का आरोप है कि मोबाइल से मिले सबूत देने के बावजूद शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. वे पहले 21 जून और फिर 30 जून को डीएसपी से मिले, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार 2 जुलाई को एसपी से मिलने के बाद मामले ने रफ्तार पकड़ी और पुलिस ने जांच तेज कर दी.

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तन्नू ने स्वीकार किया कि 8 जून को उसने मोनू को फोन कर बुलाया था. वहां पहले से घात लगाए बैठे उसके कथित प्रेमी सोनू और उसके साथी हरिओम तथा अमन ने मोनू को पकड़ लिया. आरोप है कि तीनों ने उसका मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया और फिर नहर में फेंक दिया.

    डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि तन्नू और प्रेमी सोनू के साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य आरोपी सोनू और उसका दूसरा साथी अमन अभी फरार हैं. उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला ने प्रेमी के साथ हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है. हालांकि, मामले के सभी तथ्यों की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतक के माता-पिता ने आरोपी पत्नी और उसके कथित प्रेमी को फांसी की सजा देने की मांग की है.

  • लाख के ऐलान के बाद डेढ़ महीने में पति की हत्या, पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी..

    लाख के ऐलान के बाद डेढ़ महीने में पति की हत्या, पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी..

    लाख के ऐलान के बाद डेढ़ महीने में पति की हत्या, पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी..

    एक शादी में पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ. गुस्से में पत्नी ने कथित तौर पर कहा- जो इसे मार देगा, उसे एक लाख रुपये दूंगी. उस वक्त शायद किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया होगा. लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद वही बात एक हत्याकांड की साजिश में बदल गई. ये कहानी महाराष्ट्र के नागपुर की है. पुलिस ने पत्नी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं.

    महाराष्ट्र के नागपुर में एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है. जिस पत्नी से पति को जिंदगीभर साथ निभाने की उम्मीद थी, उसी ने पति की मौत का सौदा कर दिया और एक लाख रुपये की सुपारी दे दी. उसने पचास हजार रुपये एडवांस भी दिए थे. इसके  बाद रात के अंधेरे में पति को मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पत्नी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं.

    घटना नागपुर के भांडेवाड़ी पुलिस थाना इलाके की है. बीती रात कुख्यात अपराधी गणेश उर्फ गुरुदेव बोरकर की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी. मृतक गणेश बोरकर पर हत्या, हत्या के प्रयास और चोरी समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. आरोप है कि शराब की लत और घरेलू हिंसा के बीच वह अक्सर अपनी पत्नी मनीषा के साथ मारपीट करता था.

    पुलिस जांच में सामने आया कि मनीषा की यह दूसरी शादी थी. पहले पति से उसकी दो बेटियां हैं. महिला ने पुलिस को बताया कि गणेश न केवल उसे प्रताड़ित करता था, बल्कि उसकी बेटियों पर भी गलत नजर रखता था. घर वापस नहीं आने पर जान से मारने की धमकियां भी देता था.

  • खाना खाया, रात में घर में रुका और फिर कर दी हत्या… शादी टूटने की रंजिश की सनसनीखेज कहानी..

    खाना खाया, रात में घर में रुका और फिर कर दी हत्या… शादी टूटने की रंजिश की सनसनीखेज कहानी..

    खाना खाया, रात में घर में रुका और फिर कर दी हत्या… शादी टूटने की रंजिश की सनसनीखेज कहानी..

    ओडिशा के बालांगीर से सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां शादी टूटने की रंजिश में एक युवक ने उस परिवार पर हमला कर दिया, जिसने उसे मेहमान समझकर अपने घर में ठहराया था. आरोपी ने पहले परिवार के साथ खाना खाया, रात में वहीं रुका. फिर आधी रात के बाद सोते हुए परिवार पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस हमले में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी, बेटा और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए.

    यह घटना शुक्रवार की रात बालांगीर के पटनागढ़ थाना क्षेत्र के मलिकमुंडा गांव में हुई. मृतक की पहचान बिनोद साहू के रूप में हुई है. विनोद की पत्नी हेमलता साहू, बेटा और बेटी का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

    पुलिस का कहना है कि आरोपी सुरेंद्र साहू की शादी पिछले साल जंबहाल गांव की एक युवती से तय हुई थी. लेकिन बाद में युवती के परिवार ने यह रिश्ता तोड़ दिया. सुरेंद्र की शराब पीने की आदत की वजह से लड़की के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था. रिश्ता टूटने के बाद भी सुरेंद्र लगातार युवती के परिवार पर शादी के लिए दबाव बनाता रहा. पुलिस को आशंका है कि इसी रंजिश में उसने इस वारदात को अंजाम दिया.

    शुक्रवार को सुरेंद्र अपनी मां के साथ बिनोद साहू के घर पहुंचा. बिनोद साहू उस युवती के मामा थे, जिससे सुरेंद्र की शादी तय हुई थी. परिवार को किसी तरह के खतरे का अंदेशा नहीं था. उन्होंने मां-बेटे का स्वागत किया, साथ बैठकर खाना खिलाया और रात में घर पर ही रुकने की व्यवस्था कर दी. लेकिन देर रात जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी सुरेंद्र ने घर में रखा लकड़ी का डंडा उठाया और सो रहे लोगों पर हमला कर दिया.

    हमला इतना बेरहमी से किया गया कि बिनोद साहू की मौके पर ही मौत हो गई. उनकी पत्नी, बेटा और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए. हमले में घायल हेमलता साहू ने बताया कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि सुरेंद्र ऐसा कदम उठाएगा. उनके मुताबिक, आरोपी ने उनके पति पर लगातार डंडे से वार किए और फिर परिवार के अन्य लोगों पर भी हमला कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पटनागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जबकि घायलों का इलाज कराया जा रहा है.

    एसपी ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया. उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं. शुरुआती जांच में मामला प्रेम या रिश्ते से जुड़े विवाद का लग रहा है, लेकिन असली वजह आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. गांव में इस वारदात के बाद दहशत का माहौल है और लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस व्यक्ति को मेहमान समझकर घर में ठहराया गया, उसी ने रात के अंधेरे में पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया.

  • पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    कभी पर्स से कुछ हजार रुपये कम मिलते, कभी बैग से नोट गायब हो जाते. घर में किसी बाहरी शख्स का आना-जाना नहीं था, इसलिए चोरी का शक भी किसी पर नहीं गया. उल्टा, पैसों को लेकर पति-पत्नी के बीच ही बहस होने लगी. लेकिन जब अलमारी से एक साथ लाखों रुपये और जेवर गायब हुए, तब कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शक सीधे उस महिला पर गया, जो पिछले छह महीने से उसी घर में खाना बना रही थी.

    यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी का है. यहां जिला कारागार के जेलर के सरकारी आवास में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस का कहना है कि चोरी किसी बाहर से आए चोर ने नहीं, बल्कि घर की नौकरानी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी.

    दरअसल, झांसी जिला कारागार में तैनात जेलर अंजनी कुमार गुप्ता अपनी पत्नी उमा गुप्ता के साथ सरकारी आवास में रहते हैं. पिछले करीब छह महीने से मिथलेश नाम की महिला उनके घर में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम कर रही थी. उमा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीनों से घर से नकदी धीरे-धीरे गायब हो रही थी.

    कभी उनके पति के पर्स से पैसे कम मिलते, तो कभी उनके बैग से. शुरुआत में किसी को चोरी का अंदेशा नहीं हुआ. दोनों को लगता था कि शायद दूसरे ने पैसे निकाल लिए होंगे. इसी बात पर कई बार आपस में कहासुनी भी हुई.

    मुंबई से लौटीं तो अलमारी खाली मिली

    26 जून को उमा गुप्ता अपनी बहन के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई गई थीं. 1 जुलाई को जब वह वापस लौटीं और अलमारी खोली, तो उसमें रखे करीब 6 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब थे.

    अब सवाल था कि घर में आया कौन था? परिवार के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी में घर पर सिर्फ नौकरानी आती थी. यहीं से शक की सुई मिथलेश की ओर घूम गई. शिकायत मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर नौकरानी मिथलेश और उसके बॉयफ्रेंड अमित को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर चोरी की प्लानिंग की थी और चोरी का माल ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे थे.

    पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने पहले इस परिवार का भरोसा जीता. फिर वह धीरे-धीरे घर से थोड़ी-थोड़ी नकदी निकालती रही, ताकि किसी को शक न हो. जब कई महीनों तक चोरी पकड़ में नहीं आई, तो उसने अलमारी में रखी बड़ी रकम और जेवर भी निकाल लिए. जांच के मुताबिक, चोरी का सामान उसने अपने बॉयफ्रेंड अमित को दे दिया, ताकि उसे कहीं और छिपाया जा सके. फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की बाकी रकम और जेवर कहां हैं और क्या इस वारदात में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था.

  • प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में 14 वर्षीय एक स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर प्रेमजाल, ब्लैकमेल, धर्म परिवर्तन का दबाव और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है. पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल बस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म के प्रयास, अपहरण, छेड़छाड़ और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.

    पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.

    यह भी पढ़ें: कानपुर: दो हिंदू लड़कियों के बाद तीसरी को भी फंसाने की फिराक में था शातिर इरशाद! मोबाइल पर मिली ‘सीक्रेट’ चैट

    दरअसल, यह मामला कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र का है. पीड़िता कक्षा आठ की छात्रा है और रोजाना स्कूल बस से पढ़ने जाती थी. पिता का आरोप है कि इसी दौरान बस चालक मुख्तार कुरैशी ने उसकी पहचान दूसरे धर्म के युवक राज राईन से कराई और दोनों ने मिलकर छात्रा को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की.

    बस चालक पर दोस्ती कराने और ब्लैकमेल का आरोप

    पीड़िता के पिता के मुताबिक, बस चालक मुख्तार कुरैशी लगातार उनकी बेटी पर राज राईन से दोस्ती करने का दबाव बनाता था. आरोप है कि छात्रा को गिफ्ट, चॉकलेट और अन्य सामान दिए जाते थे. बाद में उसे एक मोबाइल फोन भी दिया गया, जिसे छुट्टी के बाद वापस ले लिया जाता था.

    परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा. आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी और परिवार को जान से मार दिया जाएगा.

    एफआईआर के मुताबिक, छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव भी बनाया गया. विरोध करने पर लगातार धमकियां दी गईं, जिससे वह लंबे समय तक भय और मानसिक तनाव में रही.

    छात्रा का आरोप- मां के खाने में नशीला पदार्थ मिलाने को कहा

    शिकायत के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने छात्रा को एक पुड़िया देकर उसे घर के खाने में मिलाने के लिए कहा. छात्रा का आरोप है कि उससे कहा गया कि इससे उसके माता-पिता को कुछ नहीं होगा और कुछ घंटों बाद उन्हें होश आ जाएगा.

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस दिन उसके पिता घर पर नहीं थे और वह अपनी मां के साथ अकेली थी. उसने कथित तौर पर वह पदार्थ मां के खाने में मिला दिया. इसके बाद आरोपियों ने उसे घर के पास स्थित एक खंडहर में बुलाया.

    छात्रा का कहना है कि वहां पहले से मौजूद मुख्तार, राज राईन और मोनिस ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. उसने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और बाद में पूरी घटना अपने पिता को बताई.

    फोटो एडिट कर वायरल करने का भी आरोप

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसके गले में हाथ डालकर जबरन फोटो खिंचवाई. बाद में उसी फोटो और उसकी सोशल मीडिया तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाई गई और फोटो एडिट कर आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ वायरल किया गया.

    छात्रा ने कहा कि आरोपियों ने उससे सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड भी दबाव बनाकर ले लिया था. जब उसने उनकी बात मानने से इनकार किया तो उसकी होली की तस्वीर एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई.

    पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी उसके धर्म के बारे में अपमानजनक बातें करते थे और कहते थे कि उनके धर्म में शामिल हो जाओ. छात्रा ने कहा कि उसे न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

    पिता बोले- बेटी डरी हुई थी, तब सामने आया पूरा मामला

    पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रोज बस से इंटर कॉलेज पढ़ने जाती थी. उनका आरोप है कि बस चालक ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को बहलाया-फुसलाया और उसका मानसिक रूप से ब्रेनवॉश करने की कोशिश की.

    उन्होंने कहा कि बेटी काफी डरी और सहमी रहती थी. जब परिवार ने उससे लगातार पूछताछ की तब उसने पूरी घटना बताई. इसके बाद पता चला कि उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर उसे बदनाम करने की कोशिश भी की गई.

    पिता ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

    विश्व हिंदू परिषद नेता ने क्या कहा?

    विश्व हिंदू परिषद के हिंदू नेता राज किशोर ने दावा किया कि मूसानगर क्षेत्र में नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर ब्लैकमेल करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं की तस्वीरें लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है और उनका शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया जाता है.

    उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों को बाहरी फंडिंग मिलती है और इसी वजह से उनके पास महंगे मोबाइल और वाहन हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग वर्गों की लड़कियों को फंसाने पर अलग-अलग रकम मिलने जैसी जानकारी उन्हें मिली है.

    हालांकि, इन फंडिंग और संगठित गिरोह से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने भी फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

    पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    भोगनीपुर के सीओ राजीव सिरोही ने बताया कि 3 जुलाई 2026 को मूसानगर थाने में 14 वर्षीय छात्रा के संबंध में शिकायत मिली थी. जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.

    सीओ के अनुसार, छात्रा की पहचान बस चालक मुख्तार अहमद ने अपने परिचित राज राईन से कराई थी. आरोप है कि दोनों छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहे थे. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई. बाद में मुख्तार, राज राईन और उनके साथी मोनिस छात्रा को बहला-फुसलाकर ले गए, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई और फोटो खींची गई.

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो टीमों का गठन किया. नामजद आरोपी मुख्तार अहमद और राज राईन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी मोनिस की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    Agra Murder: आगरा में फिल्म दृष्यम जैसे हुए मर्डर ने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, पत्नी ने पति की हत्या कर उसका शव दफना दिया। फिर 46 दिन तक पुलिस को गुमराह करती रही। पत्नी रूबी के घर का बाथरूम करीब दस फीट लंबा और साढ़े चार फीट चौड़ा है। उसी के फर्श के नीचे से पुलिस ने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। नींद की गोलियां खीर में देकर पत्नी हत्या तो अकेले कर सकती है लेकिन अकेले शव ठिकाने नहीं लगा सकती। पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है।

    पुलिस ही नहीं मोहल्ले वालों और परिजनों के जेहन में भी कई सवाल हैं। जिनके जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। रूबी ने बताया कि खीर में नींद की गोलियां दी थीं जिससे पति मर गया। 18 जून की सुबह पति का शव पलंग पर था। सास और बेटियां वायु विहार जेठ के घर चली गईं। उसने 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई। बाथरूम का फर्श तोड़ा। शव को घसीटते हुए बाथरूम में लेकर आई। शव को बाथरूम में लिटाया। ऊपर से नमक फिर मिट्टी डाली और आखिर में उसे समतल किया।19 जून को मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर कराया। यहां तक कि एक दिन में फर्श सूख गया। इसके एक दिन बाद पतनी खुद जेठ के घर गई और बताया कि पति चार दिन से घर पर नहीं हैं, पता नहीं कहां चले गए।

    रूबी की बात सुनकर पुलिस फिर भी असमंजस में है। यह मानकर चल रही है कि इस वारदात में कोई न कोई और शामिल रहा होगा। रूबी ने पूछताछ में यह बताया कि नींद की गोलियां उसकी सास खाती हैं। पति भी खाया करते थे। इसलिए नींद की गोलियां घर में ही मौजूद थीं। पति से परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। शव को इसलिए छिपाया ताकि जेल नहीं जाना पड़े। बेटियों की अकेले देखभाल कर सकते। इससे पहले जब भी पत्नी ने पति को मारा है तो इसके पीछे अवैध संबंधों का मामला निकला है। इसलिए पुलिस इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।

    इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

    16 नींद की गोलियां खाने से किसी की मौत हो सकती है क्या। ऐसा तो नहीं पत्नी ने गला भी दबाया हो।

    बाथरूम दस फीट लंबा और करीब साढ़े चार फीट चौड़ा है। आखिर में इंडियन सीट करीब आठ इंच ऊंचाई पर लगी थी। शेष बाथरूम का फर्श नीचा था।

    शव को उस हिस्से में दफनाया गया जहां परिजन नहाया करते थे। पहले से पक्का फर्श था। उसे तोड़ा गया। करीब आधा फीट खुदाई की गई। शव दफनाया गया। उसके बाद मिट्टी डाली गई।

    सवाल यह उठ रहा है कि यह सब कुछ अकेले रूबी ने कैसे कर लिया। मिस्त्री ने तो सिर्फ सीमेंट किया था।

    बाथरूम में सीमेंट से पहले लेवल चेक किया जाता है। ताकि पानी की निकासी में दिक्कत न हो। रूबी यह कैसे कर सकती है।

    सुरेंद्र शर्मा की लंबी और वजन कितना था। शव को बाथरूम में बिना गड्ढा खोदे दफनाया नहीं जा सकता।

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI का बड़ा ऑपरेशन, MES अधिकारी 93 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया..

    भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI का बड़ा ऑपरेशन, MES अधिकारी 93 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया..

    भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI का बड़ा ऑपरेशन, MES अधिकारी 93 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया..

    शिमला। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) शिमला ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर केके सोनी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी को 93 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया।

    मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी केके सोनी ने एक ठेकेदार से उसके लंबित बिलों को पास करने के एवज में इस रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर ठेकेदार ने मामले की शिकायत सीबीआई से कर दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद सीबीआई की टीम ने एक विशेष ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। रणनीति के तहत, जैसे ही आरोपी ने ठेकेदार से 93 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, मौके पर मौजूद सीबीआई की टीम ने उसे दबोच लिया।

    भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अहम कार्रवाई को सीबीआई शिमला के पुलिस अधीक्षक राजेश चहल के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। इस विशेष टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमित पाल और उप पुलिस अधीक्षक गोविंद सोलंकी सहित कई अन्य अधिकारी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • मालकिन के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर खुद को बचाने की कोशिश, इंस्टाग्राम रील ने खोल दी चोरी की कहानी..

    मालकिन के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर खुद को बचाने की कोशिश, इंस्टाग्राम रील ने खोल दी चोरी की कहानी..

    मालकिन के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर खुद को बचाने की कोशिश, इंस्टाग्राम रील ने खोल दी चोरी की कहानी..

    उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से चोरी का एक ऐसा अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। दून आईटी पार्क इलाके में रहने वाली एक महिला के घर से करीब एक साल पहले लाखों रुपये के हीरे और सोने के जेवरात गायब हो गए थे। शातिर नौकरानी ने चोरी करने के बाद मालकिन का भरोसा जीतने के लिए ऐसा ड्रामा रचा कि किसी को उस पर शक ही नहीं हुआ। लेकिन कहते हैं न कि चोर चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई गलती कर ही बैठता है। इस मामले में भी नौकरानी का सोशल मीडिया का शौक और रील (Instagram Reel) बनाने का भूत उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गया। मालकिन ने जब नौकरानी की रील और व्हाट्सऐप स्टेटस देखा, तो उनके होश उड़ गए नौकरानी उन्हीं के चोरी हुए कीमती गहने पहनकर ठुमके लगा रही थी।

    एक साल पहले हुई थी वारदात, शक होने पर नौकरानी ने खेला ‘इमोशनल कार्ड’

    पुलिस को दी गई शिकायत में सिक्का किमाया ग्रीन, दून आईटी पार्क की रहने वाली नितिशा वत्स ने बताया कि करीब एक साल पहले जब वह जाखन के दून रिपब्लिक अपार्टमेंट में रहती थीं, तब उनके घर से दो हीरा जड़ित अंगूठियां, एक सोने की चेन और एक कीमती हीरा जड़ित पेंडेंट अचानक गायब हो गए थे। नितिशा को शुरुआत में अपनी घरेलू सहायिका (नौकरानी) विमला देवी पर शक हुआ था। जब उन्होंने विमला से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बड़े ही मासूम चेहरे के साथ चोरी की बात से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने उल्टा मालकिन को ही पुलिस में शिकायत करने की सलाह दे डाली और खुद नितिशा के साथ पुलिस चौकी तक गई ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो। विमला के इस झांसे में आकर मालकिन को लगा कि वह बेकसूर है।

    व्हाट्सऐप स्टेटस और इंस्टाग्राम रील ने खोल दी पोल

    नौकरानी के इस शातिर व्यवहार के चलते नितिशा का विश्वास उस पर पक्का हो गया और वह अपने ही घर के कोने-कोने में गहने तलाशती रहीं। समय बीतता गया और मामला शांत हो गया। लेकिन कहानी में ट्विस्ट 29 जून की सुबह आया। नितिशा ने जैसे ही विमला देवी का व्हाट्सऐप स्टेटस और उसकी इंस्टाग्राम रील देखी, वह दंग रह गईं। विमला रील में जिन गहनों को पहनकर वीडियो बना रही थी, वे हूबहू नितिशा के वही जेवरात थे जो साल भर पहले चोरी हुए थे। चोरी का पक्का सबूत मिलते ही नितिशा तुरंत जाखन पुलिस चौकी पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। राजपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर चोर नौकरानी की तलाश शुरू कर दी।

    एसएसपी के निर्देश पर बनी टीम, ₹10 लाख के जेवरात के साथ आरोपी गिरफ्तार

    मामले के सोशल मीडिया से जुड़ने और हाईप्रोफाइल होने के कारण देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और शुक्रवार को पुलिस ने जोहड़ी रोड के पास से आरोपी महिला विमला देवी को घेराबंदी करके दबोच लिया। महिला की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया एक शानदार हीरे का हार, सोने का लॉकेट, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने का पेंडल और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। बरामद किए गए इन सभी शाही आभूषणों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।

    लॉकर देखकर आया था लालच, महंगे होने के कारण बेच नहीं पाई गहने

    पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी विमला देवी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी बयां की। उसने बताया कि वह नितिशा के घर में झाड़ू-पोछा और सफाई का काम करती थी। इस दौरान उसने कई बार घर के लॉकर में रखे हुए महंगे और चमकदार आभूषण देखे थे, जिससे उसके मन में लालच आ गया। मौका मिलते ही उसने बड़ी चालाकी से लॉकर साफ कर दिया और मालकिन को झांसे में रखा। विमला ने यह भी कुबूला कि उसने इन जेवरातों को बाजार में बेचने की कई बार कोशिश की, लेकिन हीरे के बेहद कीमती और विशिष्ट आभूषण होने के कारण कोई भी सुनार उन्हें खरीदने को तैयार नहीं हुआ। विमला देवी (मूल निवासी लखीमपुर खीरी, यूपी; हाल निवासी बापू नगर, जाखन) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। वहीं, इस अनोखे मामले का त्वरित खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी देहरादून ने 2,500 रुपये का नकद पुरस्कार देने का एलान किया है।