Category: Crime

  • पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    पहले मां को हटाओ, फिर बेटी को ले जाओ…” सास की अजीब शर्त सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान..

    Agra Crime News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मां-बेटे के रिश्ते को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि जिस मां ने अपने बेटे को जन्म दिया, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया और जीवन भर उसका साथ दिया, उसी बेटे ने उसे जहर मिला खाना खिला दिया.

    इस मामले में बेटे की सास पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, अभी इन आरोपों की जांच चल रही है और पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी.

    छोले की सब्जी में जहर मिलाने का आरोप

    मामला आगरा के पिनाहट थाना क्षेत्र के बरपुरा गांव का है. पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे रविन्द्र पर अपनी मां राममूर्ति को जहरीला खाना खिलाने का आरोप लगा.

    पीड़िता के पति रनवीर सिंह का आरोप है कि रविन्द्र ने छोले की सब्जी में जहरीला पदार्थ मिलाकर अपनी मां को खिला दिया. खाना खाने के बाद राममूर्ति की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उनका इलाज चल रहा है.

    सास पर भी साजिश का आरोप

    इस मामले में सबसे बड़ा आरोप रविन्द्र की सास फूलवती को लेकर लगाया गया है. एफआईआर के अनुसार, रविन्द्र ने अपने पिता को बताया कि जहरीला पदार्थ उसे उसकी सास ने दिया था. आरोप है कि फूलवती ने उसे गटपुरा गांव बुलाकर जहर की पुड़िया दी और कहा कि अगर वह अपनी मां को रास्ते से हटा देगा, तभी उसकी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. यानी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मां को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश में पत्नी की मां भी शामिल थी.

    जमीन विवाद को बताया जा रहा वजह

    रविन्द्र के भाई मुकेश ने आरोप लगाया है कि परिवार में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. उसका कहना है कि रविन्द्र की सास ने अपनी बेटी को मायके में रोक रखा था और कथित तौर पर शर्त रखी थी कि अगर रविन्द्र अपनी मां को जहर दे देगा, तभी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. इसके बाद आरोप है कि छोले की सब्जी में जहर मिलाकर मां को खिला दिया गया.

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

    पुलिस ने इस मामले में रविन्द्र और उसकी सास फूलवती के खिलाफ बीएनएस की धारा 61, 109 और 123 के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. अब मामले की जांच मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और दूसरे सबूतों के आधार पर की जा रही है.

    फिलहाल एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है. मामले की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर ही सामने आएगी.

  • बौद्ध साधुओं को जाल में फंसाकर करोड़ों की उगाही! 80 हजार वीडियो ने खोला ‘मिस गोल्फ’ का चौंकाने वाला राज

    बौद्ध साधुओं को जाल में फंसाकर करोड़ों की उगाही! 80 हजार वीडियो ने खोला ‘मिस गोल्फ’ का चौंकाने वाला राज

    बौद्ध साधुओं को जाल में फंसाकर करोड़ों की उगाही! 80 हजार वीडियो ने खोला ‘मिस गोल्फ’ का चौंकाने वाला राज

    थाईलैंड में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक एक प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु ने बिना किसी स्पष्ट कारण के अपना संन्यास छोड़ दिया। यह फैसला धार्मिक समुदाय के लिए बेहद असामान्य था। सवाल उठने लगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने वर्षों से तप और अनुशासन का जीवन जी रहे एक भिक्षु को यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

    जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो धीरे-धीरे एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया।

    जांच में पता चला कि एक महिला, जिसे स्थानीय मीडिया ने ‘मिस गोल्फ’ नाम दिया, कथित तौर पर कई बौद्ध भिक्षुओं के संपर्क में आई। आरोप है कि पहले वह उनसे करीबी संबंध बनाती, फिर निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर बड़ी रकम की मांग करती थी।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस को पता चला कि एक भिक्षु से कथित तौर पर यह कहकर करोड़ों रुपये मांगे गए कि महिला उसके बच्चे की मां बनने वाली है। इसी सुराग ने जांच को नई दिशा दी।

    इसके बाद जब पुलिस ने महिला के ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां से जो मिला उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, डिजिटल उपकरणों और क्लाउड स्टोरेज से 80 हजार से अधिक फोटो और वीडियो बरामद किए गए। आरोप है कि इनका इस्तेमाल कथित तौर पर अलग-अलग लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था।

    जांच के दौरान पुलिस के सामने कम से कम नौ बौद्ध भिक्षुओं के नाम आए। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में शामिल लोगों की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। शुरुआती जांच के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में इस कथित नेटवर्क के जरिए 385 मिलियन थाई बात (भारतीय मुद्रा में 100 करोड़ रुपये से अधिक) का लेन-देन हुआ।

    यह मामला केवल कथित ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं रहा। थाईलैंड में, जहां अधिकांश आबादी बौद्ध धर्म का पालन करती है, इस घटना ने धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता और अनुशासन पर भी नई बहस छेड़ दी है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • लग्जरी कार चोरी का मास्टरमाइंड निकला MBA ग्रेजुएट, 100 से ज्यादा गाड़ियां की थीं गायब..

    लग्जरी कार चोरी का मास्टरमाइंड निकला MBA ग्रेजुएट, 100 से ज्यादा गाड़ियां की थीं गायब..

    लग्जरी कार चोरी का मास्टरमाइंड निकला MBA ग्रेजुएट, 100 से ज्यादा गाड़ियां की थीं गायब..

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    Luxury Cars Thief Arrested: 20 साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहने वाला एक हाई-टेक कार चोर आखिरकार गिरफ्तार हो गया. वो सिर्फ चोर नहीं था, एक मास्टरमाइंड था, एमबीए डिग्रीधारी, आर्मी अफसर का बेटा, और देश के कई राज्यों में कार चोरियों का बेताज बादशाह. राजस्थान के सतेंद्र सिंह शेखावत ने इतने सुनियोजित तरीके से कारें चुराईं कि पुलिस को सालों तक उसके बारे में भनक तक नहीं लगी. लेकिन कहते हैं न हर जुर्म का एक दिन हिसाब होता है. और सतेंद्र का हिसाब चेन्नई के अन्ना नगर में हुई एक चोरी से शुरू हुआ.

    कैसे टूटा सतेंद्र का ‘स्मार्ट’ खेल? मामला मामूली लग सकता था, चेन्नई के एथिराज रथिनम ने अपनी महंगी लग्जरी कार घर के बाहर पार्क की, सुबह उठे तो कार गायब. लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने एक नई कहानी शुरू की. एक प्रोफेशनल की तरह कार को कुछ ही मिनटों में लॉक तोड़ते, मॉडर्न टूल्स का इस्तेमाल करते एक व्यक्ति की तस्वीरें सामने आईं. पुलिस को अंदेशा हुआ कि यह कोई आम चोर नहीं है.

    पुडुचेरी में पकड़ा गया ‘कार सिंडिकेट’ का किंगपिन

    सीसीटीवी, मोबाइल ट्रेसिंग और पुराने रिकॉर्ड खंगालने के बाद पुलिस को सुराग मिला कि संदिग्ध पुडुचेरी में छिपा है. छापेमारी में सतेंद्र शेखावत गिरफ्तार हुआ और तभी सामने आई एक ऐसी कहानी जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. वो 100 से ज्यादा लग्जरी कारें चुरा चुका था. तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी जैसे राज्यों में उसकी ‘एक्टिव फाइल्स’ थीं। वो चुराई गई कारें राजस्थान और नेपाल में बेचता था.

    एमबीए डिग्री, आर्मी परिवार

    जांच में खुलासा हुआ कि सतेंद्र एमबीए पास आउट है और एक प्रतिष्ठित परिवार से आता है. उसके पिता रिटायर्ड आर्मी अफसर हैं. लेकिन सतेंद्र ने अपनी पढ़ाई और संसाधनों का इस्तेमाल ग़लत दिशा में किया, और हाई-प्रोफाइल ऑटो चोर बन गया.

    पुलिस थाने में उमड़ी भीड़

    गिरफ्तारी की खबर फैलते ही तिरुमंगलम पुलिस स्टेशन में हड़कंप मच गया. 10 से ज़्यादा लोग, जिनकी कारें पहले चोरी हो चुकी थीं, अपनी उम्मीद लेकर पुलिस स्टेशन पहुंच गए, शायद उनकी गाड़ी भी इसी चोर के हाथों गई हो.

    अब सलाखों के पीछे सतेंद्र

    चेन्नई पुलिस ने सतेंद्र को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है. अब पुलिस उसके नेटवर्क की जांच में जुटी है कि कौन-कौन उसके खरीदार  थे? कहां से आते थे चोरी के टूल्स? और क्या यह अकेले की करतूत थी या किसी बड़े सिंडिकेट का हिस्सा?

    हाईटेक अपराध का भी होता है क्लासिक अंजाम

    सतेंद्र भले ही मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देता रहा, लेकिन एक सीसीटीवी कैमरे की नजर ने उसका खेल बिगाड़ दिया. हर अपराधी के लिए वक्त आता है जब कानून का हाथ उसके कंधे पर होता है और सतेंद्र का वो वक्त अब आ चुका है.

  • इतिहास का खौफनाक किलर! सिर्फ रुमाल के सहारे 900 लोगों की हत्या, जानिए कौन था वह?

    इतिहास का खौफनाक किलर! सिर्फ रुमाल के सहारे 900 लोगों की हत्या, जानिए कौन था वह?

    इतिहास का खौफनाक किलर! सिर्फ रुमाल के सहारे 900 लोगों की हत्या, जानिए कौन था वह?

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    World Most Dangerous Serial Killer: भारत का इतिहास सिर्फ महान सम्राटों और संतों का ही नहीं रहा है, बल्कि यहां कुछ ऐसे कुख्यात अपराधी भी हुए हैं जिनकी दास्तानें आज भी रूह कंपा देती हैं. 18वीं और 19वीं सदी के बीच एक ऐसा ही नाम सामने आया था जिसने मौत को ही अपना पेशा बना लिया था. उस सीरियल किलर का नाम ठग बेहराम था. ये नाम सुनते ही अंग्रेज अफसरों तक की रूह कांप उठती थी. रुमाल बना था हत्या का औजार ठग बेहराम की पहचान उसके खास तरीके से की जाती थी. वह किसी बंदूक या तलवार का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि एक साधारण दिखने वाले रुमाल से अपने शिकार की जान ले लेता था. कहा जाता है कि उसने अपने इसी रुमाल से करीब 931 लोगों की गला घोंटकर हत्या की थी. बेहराम का यह तरीका इतना सफाई से किया जाता था कि शवों तक का पता नहीं चलता था. गिरोह के साथ बदलता था वेश बेहराम अकेला नहीं था. उसके साथ एक संगठित गिरोह था जिसमें करीब 200 से ज्यादा ठग शामिल थे. ये लोग व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ हमसफर बन कर यात्रा करते थे. फिर जैसे ही मौका मिलता, सभी मिलकर शिकार पर टूट पड़ते और उसे मौत के घाट उतार कर सारा माल लूट लेते. लोगों में फैला ऐसा खौफ कि रास्ते सुनसान हो गए उस दौर में दिल्ली से लेकर ग्वालियर और जबलपुर तक के व्यापारी और यात्री रास्तों से गुजरने से कतराने लगे थे. कई बार पूरे काफिले गायब हो जाते थे और उनकी लाशें तक नहीं मिलती थीं. यह रहस्य बना ही रहता अगर कैप्टन विलियम स्लीमैन नाम के एक अंग्रेज अफसर ने इसकी जांच न की होती. 10 साल की मेहनत के बाद हुआ पर्दाफाश साल 1809 में कैप्टन स्लीमैन को इस मामले की तहकीकात की जिम्मेदारी सौंपी गई. वर्षों की खोजबीन के बाद उन्होंने यह पता लगाया कि यह सब ठग बेहराम और उसके गिरोह का काम था. उन्होंने कई सदस्यों को गिरफ्तार किया और आखिरकार ठग बेहराम को भी पकड़ा गया. उस वक्त उसकी उम्र करीब 75 साल थी. कई हत्याओं का दोषी ठहराए जाने के बाद वर्ष 1840 में ठग बेहराम को फांसी दे दी गई. उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे खतरनाक सीरियल किलर के रूप में दर्ज किया गया.

  • पत्नी पर गंभीर आरोप: अश्लील वीडियो भेजने और सहेलियों से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव, पति पहुंचा पुलिस के पास..

    पत्नी पर गंभीर आरोप: अश्लील वीडियो भेजने और सहेलियों से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव, पति पहुंचा पुलिस के पास..

    पत्नी पर गंभीर आरोप: अश्लील वीडियो भेजने और सहेलियों से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव, पति पहुंचा पुलिस के पास..

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    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से पति-पत्नी के विवाद का एक अलग मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप

    पति का आरोप है कि उसकी पत्नी उस पर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालती थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पत्नी कथित तौर पर उससे अपनी कुछ सहेलियों के साथ भी संबंध बनाने की मांग करती थी। पति का कहना है कि वह इन बातों से असहज था और कई बार मना करने के बावजूद उस पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

    अश्लील वीडियो भेजने का भी लगाया आरोप

    शिकायत के अनुसार, पत्नी कथित तौर पर उसे अश्लील वीडियो भेजती थी और उसी तरह का व्यवहार अपनाने के लिए कहती थी। पति ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव का सामना कर रहा था।

    पुराने रिश्तों का जिक्र कर परेशान करने का दावा

    पति का यह भी आरोप है कि पत्नी अक्सर अपने पुराने रिश्तों का जिक्र करती थी, जिससे उसे मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता था। उसका कहना है कि जब भी वह पत्नी की मांगों का विरोध करता, तो उस पर और अधिक दबाव बनाया जाता था।

    गहनों को लेकर भी विवाद

    शिकायत में पति ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने पत्नी को जो गहने दिए थे, उन्हें वापस करने से इनकार किया जा रहा है। उसका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर भी दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा है।

    पुलिस कर रही मामले की जांच

    पीड़ित की शिकायत पर अमृतहल्ली थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • 324 सिम कार्ड के सहारे चल रहा था साइबर ठगी का खेल, STF ने किया बड़ा खुलासा…

    324 सिम कार्ड के सहारे चल रहा था साइबर ठगी का खेल, STF ने किया बड़ा खुलासा…

    324 सिम कार्ड के सहारे चल रहा था साइबर ठगी का खेल, STF ने किया बड़ा खुलासा…

    Lakhimpur Kheri : उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम ने लखीमपुर खीरी में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने आवास विकास कॉलोनी स्थित किराए के मकान पर छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से 324 सिम कार्ड, 8 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड, फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन, आधार और पैन कार्ड, फोनपे आईडी कार्ड, दो दोपहिया वाहन तथा 58 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। मामले में फरार एक अन्य आरोपी दीपक की तलाश की जा रही है।

    एसटीएफ की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में निघासन क्षेत्र के रायपुर निवासी नीरज वर्मा, शारदा नगर क्षेत्र के बेलवा निवासी आदेश वर्मा, सीतापुर जिले के लहरपुर थाना क्षेत्र के रमपुरवा निवासी अभिषेक वर्मा तथा पढ़ुआ थाना क्षेत्र के बुचवा निवासी रविदीप कुमार शामिल हैं। वहीं, गिरोह का एक अन्य सदस्य दीपक निवासी लखनऊ फरार हो गया।

    मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

    एसटीएफ के उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह अपनी टीम के साथ साइबर अपराध की रोकथाम और सुरागरसी में निकले थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि आवास विकास कॉलोनी में किराए के मकान में कुछ लोग साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। सूचना पर टीम ने मौके पर पहुंचकर दूसरी मंजिल पर बने कमरे में छापा मारा, जहां चार लोग मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों के साथ मिले। पुलिस को देखते ही सभी घबरा गए, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया।

    भोले-भाले लोगों के नाम पर बनाते थे सिम और यूपीआई

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गरीब और भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं या अधिक लाभ का लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड एक्टिवेट कराते थे। इसके बाद उन सिमों को एनएसडीएल खाते से लिंक कर यूपीआई आईडी तैयार की जाती थी। इन्हीं यूपीआई और सिम का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर ठगी से आने वाले रुपये के लेनदेन के लिए किया जाता था।

    आरोपियों ने बताया कि इस तरीके से वे अपने नाम और मोबाइल नंबर का उपयोग नहीं करते थे, जिससे किसी राज्य की पुलिस जांच भी वास्तविक अपराधियों तक आसानी से नहीं पहुंच पाती थी। साइबर ठगी से मिलने वाली रकम को सभी सदस्य आपस में बांट लेते थे।

    मकान मालिक भी गिरोह में शामिल

    पूछताछ में निघासन निवासी नीरज वर्मा ने स्वीकार किया कि उसने अपना मकान गिरोह के सदस्यों को किराए पर दिया था। इसके बदले वह किराया लेने के साथ ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली कमाई में भी हिस्सा लेता था। उसे गेमिंग के नाम पर हर महीने नौ हजार रुपये भी मिलते थे।

    324 सिम और कई दस्तावेज बरामद

    एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से कुल 324 सिम कार्ड बरामद हुए, जिनमें सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के सिम शामिल हैं। इसके अलावा 8 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड, एक मार्को फिंगर मशीन, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक फोनपे आईडी कार्ड, दो दोपहिया वाहन और 58 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए। बरामद सामान को सील कर कब्जे में ले लिया गया है।

    वाहनों के दस्तावेज नहीं मिले

    गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि साइबर अपराध के संचालन में दो मोटरसाइकिलों का भी उपयोग किया जाता था। दोनों वाहनों के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सीज कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की।

    इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

    एसटीएफ की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपी दीपक की तलाश में जुटी है। साथ ही बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।

  • ब्रह्मपुत्र पर चीन बना रहा दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना, विशेषज्ञों ने जताई कई गंभीर चिंताएं..

    ब्रह्मपुत्र पर चीन बना रहा दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना, विशेषज्ञों ने जताई कई गंभीर चिंताएं..

    ब्रह्मपुत्र पर चीन बना रहा दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना, विशेषज्ञों ने जताई कई गंभीर चिंताएं..

    चीन ब्रह्मपुत्र नदी (यारलुंग त्सांगपो) पर दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक का निर्माण कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इसकी बिजली उत्पादन क्षमता चीन के प्रसिद्ध थ्री गॉर्जेस डैम से भी लगभग तीन गुना अधिक हो सकती है। परियोजना के पूरी तरह तैयार होने के बाद हर वर्ष करीब 300 बिलियन किलोवॉट-घंटे बिजली उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने कई गंभीर आशंकाएं जताई हैं।

    भूकंप का खतरा बढ़ने की आशंका

    विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े जलाशय में भारी मात्रा में पानी जमा होने से पहाड़ी क्षेत्र की भूगर्भीय परतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इससे ‘रिजर्वॉयर इंड्यूस्ड सिस्मिकिटी’ (Reservoir Induced Seismicity) यानी जलाशय के कारण भूकंपीय गतिविधियां बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है। यदि किसी प्राकृतिक आपदा या भूकंप से बांध को नुकसान पहुंचता है, तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

    भारत और बांग्लादेश पर भी पड़ सकता है प्रभाव

    ब्रह्मपुत्र नदी भारत और बांग्लादेश के लिए भी जीवनरेखा मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में बड़ी मात्रा में पानी अचानक छोड़ा जाता है, तो अरुणाचल प्रदेश, असम और बांग्लादेश के कई हिस्सों में भीषण बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, यदि नदी के प्रवाह को नियंत्रित या मोड़ा जाता है, तो निचले क्षेत्रों में जल संकट, सिंचाई पर असर और कृषि संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। इसी वजह से इस परियोजना को लेकर पड़ोसी देशों की चिंता लगातार बनी हुई है।

    पर्यावरण और जैव विविधता पर संभावित असर

    पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इस मेगा परियोजना से ब्रह्मपुत्र नदी की प्राकृतिक पारिस्थितिकी प्रभावित हो सकती है। नदी के साथ बहकर आने वाली प्राकृतिक गाद (सिल्ट) में कमी आने से असम और बांग्लादेश के उपजाऊ मैदानों की उर्वरता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, नदी में रहने वाली दुर्लभ जलीय प्रजातियों, मछलियों और पूरे हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    विशेषज्ञों की सलाह

    विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय नदी पर बनने वाली परियोजनाओं में पारदर्शिता, पर्यावरणीय आकलन और पड़ोसी देशों के साथ समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि संभावित जोखिमों को कम करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन, जल प्रबंधन और आपदा तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

  • 3 महीने से लापता युवक की हत्या का पर्दाफाश, पत्नी और प्रेमी ने मिलकर उतारा था मौत के घाट

    3 महीने से लापता युवक की हत्या का पर्दाफाश, पत्नी और प्रेमी ने मिलकर उतारा था मौत के घाट

    3 महीने से लापता युवक की हत्या का पर्दाफाश, पत्नी और प्रेमी ने मिलकर उतारा था मौत के घाट

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र से पिछले तीन महीने से लापता युवक विपिन कुमार यादव की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। पुलिस की सघन और कड़ाई से की गई जांच में यह बात सामने आई है कि युवक की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही अर्धांगिनी (पत्नी) आंचल यादव ने अपने आशिक सुनील कुशवाहा के साथ मिलकर कराई थी। शादी से पहले से चल रहे अवैध प्रेम प्रसंग के रास्ते में पति रोड़ा बन रहा था, जिसे हटाने के लिए दोनों ने मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।

    घुमाने के बहाने ले गए और कर दी हत्या, राज छुपाने के लिए कुएं से निकालकर दफनाया शव

    पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि योजना के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रेमी सुनील कुशवाहा अपने साथी संदीप बहरोलिया के साथ मिलकर विपिन को बहला-फुसलाकर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद सुनसान जगह पाकर आरोपियों ने विपिन की बेरहमी से हत्या कर दी।

    शुरुआत में पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए एक सुनसान कुएं में फेंक दिया था। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश तेज हुई और पुलिस उन तक पहुंचने लगी, तो आरोपियों के पैर उखड़ गए। उन्होंने दोबारा सबूत मिटाने की कोशिश की और शव को कुएं से बाहर निकाला और एक गुप्त स्थान पर जमीन के अंदर गहरे गड्ढे में दफन कर दिया।

    कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई खुदाई, जमीन के अंदर से निकला कंकाल

    पुलिस की बड़ी कामयाबी मामले की कमान संभाल रहे थाना प्रभारी को मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि मृतक की पत्नी का मायके (टीकर) के ही एक युवक के साथ पुराना अफेयर था। शक गहराने पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट (कार्यपालक दंडाधिकारी) से विशेष अनुमति लेकर चिन्हित स्थान पर शव उत्खनन (खुदाई) की कार्रवाई की। इस दौरान जमीन के नीचे से मृतक विपिन का कंकाल बरामद हुआ है।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के मुख्य किरदारों, यानी कातिल पत्नी आंचल यादव और उसके प्रेमी सुनील कुशवाहा को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। शुरुआत में गुमराह करने के बाद, जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो महिला ने रोते हुए अपना पूरा गुनाह कबूल कर लिया और पूरी खौफनाक दास्तान उगल दी।

    3 महीने पहले पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी, अब सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक युवक विपिन यादव बीते 26 मार्च से अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कहीं पता नहीं चला, तो पीड़ित पिता ने रामपुर बाघेलान थाने में उसकी गुमशुदगी (गुम इंसान) की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस लगातार इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थी।

    अब शव बरामद होने और जुर्म साबित होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या और साक्ष्य मिटाने जैसी कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दोनों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से माननीय कोर्ट के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में सीधे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में शामिल तीसरे साथी संदीप बहरोलिया की तलाश और कानूनी साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है।

  • श्रद्धा वाकर मर्डर केस: आफताब की पढ़ाई जारी, अदालत ने सुनवाई 20 जुलाई तक टाली

    श्रद्धा वाकर मर्डर केस: आफताब की पढ़ाई जारी, अदालत ने सुनवाई 20 जुलाई तक टाली

    श्रद्धा वाकर मर्डर केस: आफताब की पढ़ाई जारी, अदालत ने सुनवाई 20 जुलाई तक टाली

    साकेत कोर्ट ने बहुचर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को बड़ी राहत देते हुए 20 जुलाई को निर्धारित सुनवाई स्थगित कर दी है। अदालत ने आरोपी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने एमए सोशियोलॉजी की अंतिम परीक्षा के कारण कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की मांग की थी।

    परीक्षा के चलते मिली पेशी से छूट

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने अपने 8 जुलाई के आदेश में कहा कि आरोपी ने अदालत को बताया है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) द्वारा आयोजित एमए सोशियोलॉजी का अंतिम पेपर 20 जुलाई को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। यह परीक्षा तिहाड़ जेल की सेंट्रल जेल नंबर-3 में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी, जहां आफताब फिलहाल अंडर-ट्रायल कैदी के रूप में बंद है।

    आरोपी की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने 20 जुलाई की निर्धारित दैनिक कार्यवाही रद्द कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी की परीक्षा को देखते हुए उस दिन उसकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी।

    अदालत ने निर्देश दिया है कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य (Prosecution Evidence) अब 21 जुलाई दोपहर 2 बजे से दर्ज किए जाएंगे। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में पहले से निर्धारित अन्य तारीखों पर सुनवाई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।

    क्या है श्रद्धा वाकर हत्याकांड?

    श्रद्धा वाकर हत्याकांड देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल है। आरोप है कि मई 2022 में आफताब पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाकर की हत्या कर शव के कई टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। इस मामले की सुनवाई दिल्ली की साकेत कोर्ट में जारी है और अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश कर रहा है।

  • विदेशी महिला के पास से 70 लाख की ड्रग्स बरामद, छात्रों तक पहुंचाती थी नशे का जाल

    विदेशी महिला के पास से 70 लाख की ड्रग्स बरामद, छात्रों तक पहुंचाती थी नशे का जाल

    विदेशी महिला के पास से 70 लाख की ड्रग्स बरामद, छात्रों तक पहुंचाती थी नशे का जाल

    Image AI

    दिल्ली पुलिस ने राजधानी के मोहन गार्डन इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए युगांडा की 26 वर्षीय महिला जैकलीन नामुलोंडो को 117 ग्राम एम्फेटामाइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद सिंथेटिक ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि मोहन गार्डन स्थित किराये के मकान में रहने वाली एक विदेशी महिला बड़े स्तर पर सिंथेटिक ड्रग की तस्करी कर रही है। सूचना के आधार पर गुरुवार को पुलिस टीम ने छापेमारी की, जहां से 117 ग्राम उच्च गुणवत्ता का एम्फेटामाइन बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी की पहचान युगांडा की राजधानी कंपाला निवासी जैकलीन नामुलोंडो के रूप में हुई।

    वीजा खत्म होने के बाद भी रह रही थी भारत में

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जैकलीन जुलाई 2025 में तीन महीने के बिजनेस वीजा पर भारत आई थी। वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद वह अवैध रूप से दिल्ली में रह रही थी। पुलिस अब उसके भारत में ठहरने और गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

    दिल्ली पुलिस का दावा है कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी राजधानी के कॉलेज छात्रों और युवाओं को सिंथेटिक ड्रग की सप्लाई करती थी। हालांकि पुलिस इस नेटवर्क की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच कर रही है।

    ड्रग नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

    जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी को एम्फेटामाइन कहां से मिलता था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही दिल्ली में सक्रिय अन्य ड्रग तस्करों से उसके संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है ताकि पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके।