Category: Crime

  • न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    न आवाज निकली, न मदद मांग सकी… कागज पर लिखी कहानी ने खोले हैरान कर देने वाले राज..

    जापान के इबाराकी प्रीफेक्चर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 42 वर्षीय महिला किसी तरह एक घर से निकलकर पास की दुकान पहुंची, लेकिन वह बोलने की स्थिति में नहीं थी। उसने दुकान के कर्मचारी को कागज पर लिखकर मदद मांगी। इसके बाद सामने आए आरोपों ने पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। मामले में 49 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया गया है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।

    दुकान में लिखित नोट देकर मांगी सहायता

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता आरोपी के घर से निकलकर पास की एक दुकान पहुंची। चूंकि वह बोल नहीं पा रही थी, इसलिए उसने एक लिखित नोट के जरिए अपनी आपबीती बताई और मदद की गुहार लगाई। दुकान कर्मचारी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई।

    होंठ सिलने का आरोप, पुलिस कर रही जांच

    पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि 29 जून को आरोपी ने सुई और धागे की मदद से पीड़िता के होंठ सिल दिए थे, जिससे वह बोल नहीं पा रही थी। इस आरोप के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आरोपी ने आरोप स्वीकार किए हैं या नहीं।

    लंबे समय से आरोपी के घर में रह रही थी पीड़िता

    प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पीड़िता अप्रैल 2025 से आरोपी के घर में रह रही थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों के बीच क्या संबंध था और किन परिस्थितियों में वह वहां रहने लगी थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वह अपनी इच्छा से वहां रह रही थी या किसी दबाव में।

    डर के कारण नहीं निकल सकी बाहर

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि वह लंबे समय तक भय के कारण घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। मौका मिलने पर वह किसी तरह वहां से निकलकर पास की दुकान पहुंची और लिखित संदेश के माध्यम से मदद मांगी। इसी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

    घर में अन्य लोगों की मौजूदगी की भी जांच

    जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि घटना के समय घर में और कौन-कौन मौजूद था। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि उस मकान में कई अन्य लोग भी रहते थे, जिनमें महिलाएं और एक किशोर भी शामिल था। पुलिस इन दावों की पुष्टि करने और उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

    कई पहलुओं पर जांच जारी

    रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी के बारे में यह भी दावा किया गया है कि वह पहले जरूरतमंद महिलाओं और युवाओं को रहने की जगह उपलब्ध कराती थी। हालांकि पुलिस इन जानकारियों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। फिलहाल अधिकारियों ने घटना के पीछे की वजह या संभावित मकसद का खुलासा नहीं किया है।

    जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी सच्चाई

    पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और संभावित कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

    मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

    मां, दादी और साले को चाकू से मौत के घाट उतारा, फिर खुद की भी खत्म की जिंदगी…

    Bengaluru Triple Murder Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जिसने सभी को हैरान कर दिया है. जानकारी सामने आ रही है कि बदले की भावना या शायद मानसिक अस्थिरता के कारण 34 साल के एक व्यक्ति ने एक ही बार में अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया. आरोपी ने अपनी मां, बुजुर्ग दादी और अविवाहित जीजा पर चाकू से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी.

    बताया जा रहा है कि इस तीहरे हत्याकांड के बाद जब आरोपी भागने में नाकाम रहा तो उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी. जिसके बाद एक ही घर में 4 शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया.

    कब की है घटना?

    जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात घटित हुई. पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 34 वर्षीय प्रशांत के तौर पर हुई है. जिसके बारे में बताया जा रहा है कि वो पेशे से ड्राइवर था. वो अपनी मां मंगलम्मा, बुजुर्ग दादी नंजम्मा और अविवाहित साला सतीश के साथ रहता था. जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था तो प्रशांत के सिर पर खूनी गुस्सा सवार हो गया. उसने घर से तेज धार वाला चाकू उठाया और तीनों पीड़ितों को एक-एक करके जानलेवा हमला किया. मदद के लिए चिल्लाने का मौका दिए बिना ही उसने उन्हें घातक चोटें पहुंचाईं. जिसकी वजह से तीनों की मौके पर मौत हो गई.

    आरोपी ने दे दी जान

    मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, इस भयानक और खूंखार हत्याकांड को अंजाम देने के बाद प्रशांत अंधेरे का फायदा उठाकर घर से भागने की कोशिश में था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. घर से आ रही संदिग्ध आवाजों और प्रशांत के घबराए हुए व्यवहार को देखकर स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए. सूझबूझ दिखाते हुए स्थानीय लोगों ने कातिल प्रशांत को घेर लिया.

    जिसके बाद आरोपी प्रशांत ने वो कदम उठाया. जिससे सभी सन्न रह गए. अपनी जान और पुलिस की हिरासत के डर से प्रशांत वापस घर से अंदर भागा. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया और उसे उसी खौफनाक मंजर के बीच फंसा दिया. हालांकि स्थानीय लोगों का इरादा प्रशांत को पुलिस के हवाले करना था. लेकिन आरोपी प्रशांत ने खौफनाक कदम उठा लिया. जब अगली सुबह पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो उन्हें प्रशांत का शव छत के पंखे से लटका हुआ मिला.

    प्रशांत ने क्यों की हत्या?

    इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस अधिकारी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी प्रशांत गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था. हम इस भयानक घटना के असली कारण का पता लगाने के लिए उसके इलाज और मेडिकल हिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर रहे हैं.

  • झारखंड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, शराब पिलाकर वारदात; पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा..

    झारखंड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, शराब पिलाकर वारदात; पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा..

    झारखंड में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, शराब पिलाकर वारदात; पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा..

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    जमशेदपुर में शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के एमजीएम थाना क्षेत्र के सिमुलडांगा में बुधवार की रात शराब पिलाकर महिला के साथ दो लोगों ने गैंगरेप किया। इस दौरान विरोध करने पर महिला से मारपीट भी की। पीड़िता का एमजीएम अस्पताल में इलाज कराया गया। पुलिस ने घटना में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, आरोपी का मोबाइल तथा घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें बरामद की गई हैं। साथ ही अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।

    ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बुधवार देर रात करीब एक बजे डायल 112 के माध्यम से एमजीएम थाना प्रभारी को सूचना मिली कि सिमुलडांगा गांव के समीप सड़क किनारे एक महिला घायल अवस्था में पड़ी है। इसके बाद पटमदा डीएसपी के नेतृत्व में एमजीएम थाना पुलिस घटनास्थल पहुंची और महिला को अस्पताल पहुंचाया।

    पहले मिर्जाडीह ले गए, फिर सिमुलडांगा

    पीड़िता के अनुसार, बुधवार शाम छह बजे ओमप्रकाश और जितेंद्र कुमार शर्मा उर्फ छोटू शर्मा उसे डिमना चौक से बाइक पर बैठाकर डिमना लेक के पास मिर्जाडीह हाट की ओर ले गए। वहां दोनों ने पहले उसे शराब पिलाई और जबरदस्ती का प्रयास किया। इसके बाद वे डिमना चौक पहुंचे, जहां से फिर शराब खरीदी और महिला को भिलाईपहाड़ी एवं सिमुलडांगा के बीच रूपाईडांगा मैदान के पास सुनसान स्थान पर ले गए। यहां दोनों ने महिला को जबरन शराब पिलाई और स्वयं भी पी। इसके बाद दुष्कर्म किया। विरोध पर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके चेहरे, मुंह, बांह और पीठ पर गंभीर चोटें आई। महिला ने एक आरोपी ओमप्रकाश के चेहरे पर नाखून मार दिया,जो जांच में साक्ष्य साबित हुआ। पीड़िता के बयान पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस का दावा है कि छह घंटे के भीतर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों में मुखियाडांगा में रहने वाला ओमप्रकाश (38) व छोटू गैरेज के नाम से पहचाने जाने वाला जितेंद्र कुमार शर्मा (26) शामिल हैं। दोनों बिहार के रहने वाले हैं।

    पुलिस को रात 1 बजे 112 नंबर पर मिली सूचना

    पुलिस को घटना की सूचना बुधवार रात एक बजे डायल 112 पर मिली थी। पुलिस ने घटनास्थल से शराब की बोतलें, तीन प्लास्टिक डिस्पोजल ग्लास बरामद किए। वहीं, आरोपी ओमप्रकाश के किराये के मकान से बाइक और मोबाइल जब्त किया। अभियान का नेतृत्व पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार ने किया। छापेमारी में एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास सहित कई पदाधिकारी थे।

  • बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    सिवनी के उगली में बंद घर से शिक्षक दंपति के पूरी तरह जले शव बरामद हुए। शवों की पहचान डीएनए टेस्ट से होगी। पुलिस, फोरेंसिक और एफएसएल टीम जांच में जुटी है। हादसा, आत्महत्या या हत्या सभी पहलुओं से जांच जारी है।

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

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    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के उगली थाना अंतर्गत ग्राम उगली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बंद घर के भीतर शिक्षक दंपति के पूरी तरह से जल चुके शव बरामद हुए हैं। शव इस कदर जल चुके हैं कि वे केवल राख और हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो गए हैं, जिससे उनकी शिनाख्त करना भी असंभव हो गया है। इस खौफनाक मंजर को देखकर पूरा इलाका स्तब्ध है और हर तरफ केवल इसी रहस्यमयी घटना की चर्चा हो रही है।

    दो दिनों से बंद था घर, नहीं हो रहा था संपर्क 
    मृतकों की पहचान शिक्षिका मालती धुर्वे (पदस्थ: ग्राम कुम्हड़ा, केवलारी) और शिक्षक समन सिंह धुर्वे (पदस्थ: दामीझोला, मोहबर्रा) के रूप में की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से इस दंपति से उनके परिजनों और परिचितों का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। लगातार फोन लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो शुक्रवार शाम को लोग उनके घर पहुंचे। घर का दरवाजा बंद था। जब भीतर जाकर देखा गया तो अंदर का नजारा बेहद खौफनाक और विचलित करने वाला था।

    पलंग पर मिले कंकाल, सामान भी जलकर खाक
    घर के भीतर कमरे में दोनों के शव पलंग पर पड़े हुए थे। आग की लपटें इतनी भीषण रही होंगी कि शवों के साथ-साथ कमरे में रखा पलंग, कूलर और अन्य सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह दर्दनाक घटना दो दिन पहले रात के वक्त या उसके बाद किसी समय घटित हुई है। हालांकि, बंद कमरे के भीतर इतनी भीषण आग कैसे लगी और बाहर किसी को भनक क्यों नहीं लगी, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।

    डीएनए टेस्ट से होगी आधिकारिक पुष्टि 
    मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सिवनी के पुलिस अधीक्षक, केवलारी के पुलिस उपअधीक्षक और फिंगरप्रिंट व फोरेंसिक विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। चूंकि शव पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं, इसलिए वैज्ञानिक रूप से पहचान स्थापित करने के लिए दंपति के बच्चों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। डीएनए मिलान के बाद ही आधिकारिक रूप से यह पुष्टि हो सकेगी कि ये शव शिक्षक दंपति के ही हैं।

    जांच में जुटी पुलिस 
    शिक्षक दंपति के बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं, जिसके कारण वे घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह एक दर्दनाक हादसा है, आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश और सुनियोजित हत्या है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटना की परिस्थितियों का वास्तविक खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, उगली थाना पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।

  • डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी, पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे; पति, देवर और प्रेमी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार..

    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक महिला और उसके 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और देवर समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) रणविजय सिंह ने बताया कि घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र की…

    Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक महिला और उसके 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और देवर समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) रणविजय सिंह ने बताया कि घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र की है और जांचकर्ताओं को आशंका है कि यह वारदात कथित अवैध संबंधों से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों में महिला का पति, देवर, चाचा ससुर और कथित प्रेमी शामिल हैं।

    जंगल और गन्ने के खेत में मिले मां-बेटे के शव
    पुलिस के अनुसार, महिला पिछले करीब 2 वर्षों से अपने पति से अलग रह रही थी। पुलिस ने बताया कि बुधवार को मोदहा तैय्या गांव के पास जंगल से महिला का शव बरामद हुआ था और इसके अगले दिन गुरुवार को उसके 10 वर्षीय बेटे का शव करीब 50 मीटर दूर गन्ने के खेत से बरामग किया गया था। पुलिस के मुताबिक, बच्चे की हत्या गला घोंटकर की गई जबकि महिला का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था।

    पहचान मिटाने के लिए जलाए चेहरे
    पुलिस ने बताया कि दोनों की पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरों को जला दिया गया था हालांकि, बच्चे का चेहरा पूरी तरह से नहीं जला था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान मोदहा तैय्या गांव निवासी जसराम के बेटे अंकुश के रूप में की और बाद में महिला की पहचान जसराम की पत्नी सीमा के रूप में हुई।

    कातिलों के बेहद करीब पहुंची पुलिस
    पुलिस के मुताबिक, जसराम ट्रक चालक है लेकिन बीमारी के कारण वह काम करने में असमर्थ है और गांव में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि वहीं, सीमा करीब 2 साल पहले वैवाहिक विवाद के बाद अपने बेटे के साथ अलग रहने लगी थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सीमा कुछ समय से फलैदा गांव के एक व्यक्ति के कथित तौर पर संपर्क में थी। सिंह ने बताया कि मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। केवल घटनाक्रम और बाकी कड़ियों को जोड़ना बाकी है।

  • शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    शादी का झांसा देकर महीनों तक करता रहा यौन शोषण, बदनामी के डर से युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। वरुड तालुका में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बदनामी और पिता के सम्मान को ठेस पहुंचने के डर से जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

    Amravati Minor Suicide Case : महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। वरुड तालुका में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बदनामी और पिता के सम्मान को ठेस पहुंचने के डर से जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बता दें कि यह दर्दनाक वाकया अमरावती के शेंदुरजनाघाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। आत्महत्या से पहले मृतका ने एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट लिखा है जिसके आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रेमी, उसके एक दोस्त और मृतका की ही दो सहेलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    सुसाइड नोट के मुताबिक पीड़िता का पिछले 10 महीनों से एक युवक के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म (शारीरिक शोषण) किया। पीड़िता ने खत में इस बात का भी गंभीर आरोप लगाया है कि इस पूरे कृत्य में मुख्य आरोपी की मदद उसकी दो सहेलियों ने भी की थी।

    पिता की बदनामी नहीं सह सकती 

    सुसाइड नोट में लड़की ने अपना गहरा दर्द बयां करते हुए लिखा- मैं अपने पिता पर कोई तनाव नहीं डाल सकती, समाज में बात फैलने पर पिता की बदनामी होगी। इसी गहरे मानसिक सदमे और लोकलाज के डर से उसने जहर पी लिया। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है। शेंदुरजनाघाट पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    भाभी के इनकार के बाद डेढ़ साल के मासूम की हत्या, अदालत ने आरोपी को सुनाई मौत की सजा..

    उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने बार-बार जमीन पर पटककर डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या करने के मामले में उसके चाचा को मौत की सजा सुनाई। सरकारी वकील ने यह जानकारी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव उपाध्याय के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को वीराज को…

    Firozabad News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने बार-बार जमीन पर पटककर डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या करने के मामले में उसके चाचा को मौत की सजा सुनाई। सरकारी वकील ने यह जानकारी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव उपाध्याय के अनुसार, अदालत ने गुरुवार को वीराज को दोषी ठहराया था और शुक्रवार को उसे सजा सुनाई गयी।

    भाभी का इनकार और मासूम की निर्मम हत्या
    उपाध्याय ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि 30 मई को वीराज अपनी भाभी रति से मिलने गया था। उन्होंने बताया कि अरांव थाना क्षेत्र के बमई गांव की रहने वाली रति उस समय शिकोहाबाद में अपने रिश्तेदारों से मिलने आई थीं। उपाध्याय ने बताया कि वीराज ने रति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने ठुकरा दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी ने अपने डेढ़ वर्षीय भतीजे आरव को बार-बार जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी।

    पुलिस की 6 दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई
    वकील ने बताया कि इसके बाद वह बच्चे के शव को कंधे पर रखकर ले गया और ज5ब स्थानीय लोगों ने उसे देखा तो वह शव वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया और महज 6 दिनों में सभी गवाहों के बयान दर्ज करा दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए जबकि बचाव पक्ष ने केवल एक गवाह प्रस्तुत किया।

    कातिल चाचा को सीधे मौत की सजा
    फिरोजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की और आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज को मौत की सजा सुनाते हुए मामले का निस्तारण कर दिया। वीराज ने पुलिस को बताया था कि वह अपने भाई की पत्नी से शादी करना चाहता था और उसका बेटा इस राह में बाधा था।

  • तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    तेलंगाना में दिल दहला देने वाला हत्याकांड, जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों को मौत के घाट उतारा..

    Telangana POCSO Accused Mass Murder: तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में छह लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोक्सो एक्ट के आरोपी ने जमानत पर बाहर निकलने के बाद अपनी पत्नी और दो बच्चों के अलावा आरोप लगाने वाली नाबालिग, उसकी मां और नानी की बेरहमी से हत्या कर दी। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।

    तेलंगाना पुलिस के अनुसार, यह घटना रंगा रेड्डी जिले के शाहाबाद क्षेत्र के दैवलागुडा गांव की है। आरोपी की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पर कुछ दिनों पहले ही एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मामले में आरोपी को जमानत मिली थी, जिसके बाद उसने इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

    पहले की पत्नी और बच्चों की हत्या

    बताया जा रहा है कि आरोपी राजकुमार ने कथित तौर पर चाकू से वार करके सबसे पहले अपनी पत्नी को मौत के घाट उताया और उसके बाद अपने ही दो बच्चों का कत्ल कर दिया। वारदात को अंजाम देते ही परिवार में कोहराम मच गया। अपने परिवार को खत्म करने के बाद आरोपी दूसरी जगह पहुंचा, जहां उसने उस पर आरोप लगाने वाली पीड़ित नाबालिग लड़की, उसकी मां और नानी की हत्या कर दी।


    तेलंगाना पुलिस ने बताया कि राजकुमार नाम के एक व्यक्ति ने बेरहमी से छह लोगों की चाकू मारकर हत्या कर दी। उसने अपनी पत्नी, अपने दो बच्चों और तीन अन्य लोगों की हत्या कर दी। आरोपी ने अपने खिलाफ पोक्सो का मामला दर्ज होने के बाद बदले की भावना से ये हत्याएं कीं।

    यह भी पढ़ें – फिरोजाबाद आरव हत्याकांड: डेढ़ साल के मासूम के हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा; 40 दिन में मौत का फरमान

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

    हत्याकांड की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी राजशेखर को अपनी हिरासत में ले लिया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस थाने में ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने औपचारिक मामला दर्ज कर लिया।

    फिलहाल, तेलंगाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीमों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। जांच अधिकारी घटनाओं के क्रम को समझने और इस हत्याकांड के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

  • अलवर में इंसानियत शर्मसार! 2 बच्चों की मां को नशे का इंजेक्शन लगाकर किया अगवा, गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका, 4 दिन बाद आया होश..

    अलवर में इंसानियत शर्मसार! 2 बच्चों की मां को नशे का इंजेक्शन लगाकर किया अगवा, गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका, 4 दिन बाद आया होश..

    अलवर में इंसानियत शर्मसार! 2 बच्चों की मां को नशे का इंजेक्शन लगाकर किया अगवा, गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका, 4 दिन बाद आया होश..

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    राजस्थान के अलवर जिले में अब अपराधी पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं। रामगढ़ थाना क्षेत्र में मायके आई एक महिला को कथित तौर पर घर से नशे का इंजेक्शन लगाकर अगवाकर गैंगरेप करके उसे सूखे कुंए में फेंकने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    महिला अगवा करने के लिए बाइक से आए थे आरोपी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात बीते 3 जुलाई की रात करीब 11 बजे की है, जब महिला अपने मायके में थी और घर में उसके पिता भी मौजूद थे। देर रात तीन युवक बाइक से उसके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। आवाज सुनकर महिला ने जब दरवाजा खोला तो दो युवक बाइक से नीचे उतरकर आए और महिला को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला को नशे का इंजेक्शन लगा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी महिला को उठाकर अपने साथ ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे पास के एक सूखे कुएं में फेंककर फरार हो गए।

    पीड़िता को 4 दिन बाद आया होश

    चार दिन बाद उस महिला को होश आने पर उसने कुएं से आवाज लगाई। वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने महिला की आवाज सुनी और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से महिला को कुएं से बाहर निकाला। उस समय भी महिला पूरी तरह होश में नहीं थी। उसे तुरंत अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय ले जाकर आईसीयू में भर्ती कराया गया।

    2 बच्चों की मां है महिला

    पीड़िता के पिता ने बताया कि इलाज के दौरान जब महिला को होश आया तो उसने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। महिला 3 जुलाई कि रात से लापता थी। उसके परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद दूसरे दिन गुमशुदगी का मामला भी दर्ज करवाया था। महिला शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। वह पिछले एक महीने से अपने मायके में रह रही थी।

    नसवारी के रहने वाले हैं आरोपी : पीड़िता

    पीड़ित महिला के अनुसार आरोपी नसवारी गांव के रहने वाले हैं। पुलिस पीड़िता और स्थानीय लोगों से बातचीत कर आरोपियों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। फिलहाल पुलिस पूरी गहनता से इस मामले की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है।

  • प्रेमी को मिलने बुलाया, फिर उतार दिया मौत के घाट! चाकू से हमला कर कुएं में फेंका शव,,

    प्रेमी को मिलने बुलाया, फिर उतार दिया मौत के घाट! चाकू से हमला कर कुएं में फेंका शव,,

    प्रेमी को मिलने बुलाया, फिर उतार दिया मौत के घाट! चाकू से हमला कर कुएं में फेंका शव,,

    5 जुलाई को प्रेमिका ने उसे अपने घर बीजापुर शांतिनगर बुलाया। जहाँ प्रेमिका ने अपने 3 से 4 दोस्तों को पहले से ही बुलाकर रखा हुआ था। जहाँ बात करने के दौरान दोनों के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और प्रेमिका ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले पत्थर से सिर में हमला किया।

    जगदलपुर में सोशल मीडिया में लगातार ट्रेंड देखने को मिल रहा है कि कि आये दिन महिलाये अपने पति, बॉयफ्रेंड को मारने के नए नए तरीके अपना रही है। इसी बीच बीजापुर जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को उसकी शादीशुदा प्रेमिका ने अपने घर शांतिनगर मिलने के लिए बुलाया, जहां पहले से ही प्रेमिका ने 3 युवकों के साथ मिलकर पहले प्रेमी को चाकू मारने के बाद पत्थर से सिर पर हमला करते हुए प्रेमी को कुएं में फेंक दिए। कुछ लोगों ने घायल को देखकर उसे उपचार के लिए मेकाज लाया गया। जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    मामले की जानकारी देते हुए मृतक दिलीप के बड़े भाई दुर्गेश कडियम ने आरोप लगाते हुए बताया कि दिलीप का एक शादीशुदा युवती से पिछले सालभर से अफेयर चल रहा था। दिलीप व उसकी शादीशुदा प्रेमिका दोनों बीजापुर के नगर पालिका में ही काम कर रहे थे। प्यार के दौरान दिलीप को पता चला कि उसकी प्रेमिका शादीशुदा है। इन सबके बाद भी दिलीप प्रेमिका को अपनाने के लिए तैयार था। लेकिन शायद उसे दिलीप के अलावा अन्य किसी से प्यार था।

    5 जुलाई को प्रेमिका ने उसे अपने घर बीजापुर शांतिनगर बुलाया। जहाँ प्रेमिका ने अपने 3 से 4 दोस्तों को पहले से ही बुलाकर रखा हुआ था। जहाँ बात करने के दौरान दोनों के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और प्रेमिका ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले पत्थर से सिर में हमला किया। उसके बाद उसे चाकू से ताबड़तोड़ हमला करते हुए घायल कर दिया। इससे भी युवती का मन नही भरा तो उसने युवक को कुँए में फेंक दिया। इस घटना की जानकारी परिजनों को मिली। घायल दिलीप को उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया। जहाँ से उसकी खराब स्थिति को देखते हुए मेकाज रेफर कर दिया गया। जहाँ उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने शव का पीएम करवाते हुए परिजनों को सौप दिया गया।