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  • भाजपा विधायक की हत्या की कथित साजिश का दावा, जेल अधीक्षक समेत 4 लोगों पर FIR; गुमनाम पत्र से मचा हड़कंप

    भाजपा विधायक की हत्या की कथित साजिश का दावा, जेल अधीक्षक समेत 4 लोगों पर FIR; गुमनाम पत्र से मचा हड़कंप

    भाजपा विधायक की हत्या की कथित साजिश का दावा, जेल अधीक्षक समेत 4 लोगों पर FIR; गुमनाम पत्र से मचा हड़कंप

    भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में शाहपुर से भाजपा विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन में हलचल मच गई है। विधायक को डाक के माध्यम से मिले एक गुमनाम पत्र के आधार पर भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    गुमनाम पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप

    विधायक राकेश रंजन ओझा के अनुसार, 8 जुलाई को उनके पैतृक घर पर डाक से एक गुमनाम पत्र मिला था। पत्र में दावा किया गया था कि भागलपुर जेल में बंद कुछ आरोपी उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। साथ ही जेल अधीक्षक पर भी बंदियों की कथित मदद करने और साजिश में सहयोग देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

    चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी

    विधायक के बयान के आधार पर करनामेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा, आरा कोर्ट बम ब्लास्ट मामले के आरोपी लंबू शर्मा, बक्सर निवासी कुबेर मिश्रा और सोनबरसा निवासी हरीश मिश्रा को नामजद किया गया है। पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है।

    पत्र में हैंड ग्रेनेड और शूटर का भी जिक्र

    गुमनाम पत्र में यह भी दावा किया गया कि विधायक की हत्या के लिए हैंड ग्रेनेड की व्यवस्था की गई है और कथित शूटर के जरिए वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई है। पत्र मिलने के बाद विधायक ने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी और पूरा पत्र जांच के लिए सौंप दिया।

    जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुमनाम पत्र में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी दावे की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पत्र की प्रामाणिकता, उसमें दर्ज आरोपों और नामजद लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

    पहले भी निशाने पर रह चुका है विधायक का परिवार

    विधायक राकेश रंजन ओझा के परिवार का पहले भी आपराधिक घटनाओं से सामना हो चुका है। वर्ष 2016 में उनके पिता और भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा अप्रैल 2025 में स्वयं विधायक पर भी फायरिंग की घटना हुई थी। ऐसे में इस नए मामले की जांच को पुलिस गंभीरता से आगे बढ़ा रही है।

  • मां-बाप के झगड़े में गई बेटे की जान, पिता ने धारदार हथियार से की हत्या, आरोपी फरार..

    मां-बाप के झगड़े में गई बेटे की जान, पिता ने धारदार हथियार से की हत्या, आरोपी फरार..

    मां-बाप के झगड़े में गई बेटे की जान, पिता ने धारदार हथियार से की हत्या, आरोपी फरार..

    बिहार में पिता ने अपने एकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी है। बेटा अपने मां-बाप के बीच हो रहे झगड़े को सुलझाने के लिए गया था। लेकिन गुस्साए पिता ने बेटे का ही गला रेत दिया। इस वारदात के बाद पिता फरार हो गया है। इलाके में घटना को सनसनी फैल गई है।

    बिहार के नवादा जिले में एक पिता ने अपने एकलौते बेटे की हत्या कर दी।

    बिहार में नवादा जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र के आंदर बाजार मोहल्ले में सोमवार की सुबह पारिवारिक कलह ने एक मासूम की जान ले ली। पति-पत्नी के बीच हो रहे विवाद के दौरान मां के पास आए छह वर्षीय मासूम की गर्दन उसके ही पिता ने तेज धारदार हथियार से रेत दी। बच्चे को तत्काल नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान कादिरगंज निवासी सुधीर गोस्वामी के पुत्र आजाद कुमार (06) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सुबह करीब 10:30 बजे सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था।

    विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। इसी दौरान मासूम आजाद अपनी मां के पास आया और पिता को शांत कराने की कोशिश करने लगा। गुस्से में आपा खो चुके पिता ने तेज धारदार हथियार उसकी गर्दन रेत दी और फरार हो गया। कादिरगंज थानाध्यक्ष के मुताबिक मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत होता है। आरोपित की गिरफ्तारी को छापेमारी की जा रही है।

    कादिरगंज थाना क्षेत्र के अंदर बाजार मोहल्ले में बेटे आजाद की हत्या के बाद आरोपित पिता सुधीर गोस्वामी हथियार लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत और शोक का माहौल है।वहीं घटना की सूचना मिलते ही कादिरगंज थानाध्यक्ष अवध किशोर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव का अन्वीक्षण रिपोर्ट तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    घूमकर करते थे सिंदूर-टिकली की फेरी

    बताया जाता है कि आरोपित सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी गांव-गांव घूमकर सिंदूर, टिकली तथा महिलाओं के श्रृंगार का सामान बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक आर्थिक तंगी के साथ-साथ पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। चर्चा यह भी है कि आरोपित अपनी पत्नी पर बात-बात पर शक करता था, जिसके कारण घर में आए दिन झगड़ा होता था।

    एकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम

    आजाद परिवार का एकलौता पुत्र था। उसकी तीन बहनें हैं। बेटे की मौत के बाद मां गहरे सदमे में है और बार-बार बेसुध हो जा रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश व दुख है। कादिरगंज थानाध्यक्ष के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत होता है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद घटना के कारणों का और स्पष्ट खुलासा होने की संभावना है।

    बेटे से था पिता को प्यार, फिर हत्या पर उठे सवाल

    कादिरगंज में बच्चे की हत्या के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि आरोपित पिता उसे बेहद प्यार करता था। तीन बहनों में आजाद एक मात्र भाई था। परिजनों के मुताबिक कुछ दिनों पूर्व पिता की मौत के कारण आरोपित सुधीर गोस्वामी की पत्नी बच्चों को लेकर मायके जहानाबाद चली गयी थी। इस बीच सुधीर मायके जाकर बेटे को लेकर घर आ गया था। इसके बाद बेटे के मोह में पत्नी भी चली आई थी। सोमवार की सुबह भी बेटे को लेकर सुधीर मार्केट गया और उसे खिला-पिलाकर लेकर आया था। फिर उसकी हत्या क्यों की, यह अब तक अनसुलझा सवाल है। यह भी बात आ रही है कि आरोपित शराब पीता था और फेरी देने नहीं जाता था। इसे लेकर पत्नी से उसकी बराबर नोकझोंक होती थी। एसएचओ के मुताबिक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

  • महिला के घर पहुंचे शिक्षक, तभी पहुंच गए गांव के लोग… फिर जो हुआ, उसका मामला सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय..

    महिला के घर पहुंचे शिक्षक, तभी पहुंच गए गांव के लोग… फिर जो हुआ, उसका मामला सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय..

    महिला के घर पहुंचे शिक्षक, तभी पहुंच गए गांव के लोग… फिर जो हुआ, उसका मामला सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय..

    सोचिए… एक शिक्षक शाम के समय एक महिला के घर पहुंचता है। कुछ ही देर बाद गांव के लोगों को इसकी भनक लग जाती है। देखते ही देखते वहां भीड़ जुट जाती है और माहौल पूरी तरह बदल जाता है।

    बिहार के मोतिहारी जिले से सामने आए एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों के साथ दावा किया जा रहा है कि एक शिक्षक को एक शादीशुदा महिला के साथ कथित आपत्तिजनक स्थिति में ग्रामीणों ने पकड़ लिया।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित शिक्षक स्थानीय तालीमी मरकज में कार्यरत बताए जा रहे हैं। दावा है कि ग्रामीणों को जब उनके महिला के घर होने की जानकारी मिली तो कई लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया।

    बताया जा रहा है कि भीड़ ने शिक्षक और महिला को कमरे से बाहर निकाला। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने शिक्षक के साथ मारपीट की और पूरी घटना का वीडियो भी मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

    हालांकि, वायरल वीडियो और तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इनमें किए जा रहे सभी दावों की जांच संबंधित प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर की जा रही है।

    घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

  • पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    पति की गैरहाजिरी में बहू के साथ हुई हैरान करने वाली वारदात, परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं..

    बिहार के नवादा जिले में एक महिला की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने अपनी लाड़ली बेटी की शादी में ननद को नहीं दिलाया था. महिला के फैसले से घर और परिवार के लोगों में आक्रोश फैला हुआ था और घर में क्लेश की स्थिति बनी रहती थी. महिला की हत्या के आरोपी कोई और नहीं, बल्कि बदले की आग में जल रहे उसके ससुर, देवर और जेठ बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि महिला का पति विदेश में नौकरी करता है जबकि बच्चे घर पर नहीं थे जिसका फायदा उठाकर तीनों आरोपियों ने महिला को बेरहमी से मारना-पीटना शुरू कर दिया जिससे आहत महिला ने प्राण त्याग दिए. इस पूरे हादसे का एक इकलौता गवाह ने घर के सदस्यों को महिला की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

    मृतका के बेटे ने दी गवाही

    यह मामला नवादा जिले के नरहट क्षेत्र के हजरतपुर गांव का बताया जा रहा है जहां इस पूरी वरादात के इकलौते गवाह और महिला के भूपेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बेटे ने गवाही दी कि बहन की शादी में फुआ को निमंत्रण नहीं दिया था जिसके कारण घर में आए दिन विवाद हो रहे थे. सदस्यों में मतभेद रहने लगा था इसलिए मां की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी.

    घर पर अकेला पाकर किया कांड

    45 वर्षीय मृतका पुतुल अपने तीनों बच्चों के साथ गांव के निवास पर अकेली रहती थीं, जबकि पति साउथ अफ्रीका में बेल्डर का काम करते हैं. पुतुल की बेटी की शादी 2 महीने पहले ही हुई थी जिसमें फुआ को न्यौता नहीं दिया था. इससे पहले भी एक मुंडन संस्कार में मृतका की ओर से ननद को निमंत्रण नहीं भेजा था जिसके कारण घर में लंबे समय से लड़ाई-झगड़े हो रहे थे. गुरुवार, देर शाम को भी परिवार के सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई थी. महिला को अकेला पाकर ससुर, देवर और पति के बड़े भाई तीनों एक साथ महिला से मारपीट पर उतर आए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

    घटनास्थल से फरार हो गए आरोपी

    मृतका के बेटे ने बताया कि बाबा, चारा और भैसूर ने उसकी मां के साथ बुरी तह से मारपीट की जिससे महिला घायल हो गई थी और कई चोटें भी आईं. महिला की मौत के तुरंत बाद पूरे घर और इलाके में सनसनी फैल गई है. इस वारदात के बाद तीनों आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बारे में पुलिस को सूचित किया गया तो शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. फिलहाल मामले की सिरे से जांच-पड़ताल की जा रही है.

    शुरुआती जांच से पता चला कि घटना के वक्त घर में महिला अकेली थी. बच्चे 11 किमी. दूर हिसुआ पढ़ने गए थे. पति विदेश में था. इसलिए तीनों ने मौका देखा और छत फांदकर घर में घुंस आए. तीनों ने मिलकर महिला पर जानलेवा हमले किए, प्रताडना दी और बेरहमी से हत्या कर डाली. बेटे ने बताया कि जब काफी देर तक मां का फोन नहीं लगा तो हालात संदिग्ध लगे जिसके बाद घर की दीवार भी गिरी हुई मिली. बेटे ने बताया कि फुआ के अलावा चाचा से भी वर्षों से विवाद चल रहा था जिसके चलते आना-जाना पूरी तरह से बंद था. फिलहाल घर में मातम पसरा हुआ है. महिला के पति के देश वापस लौटने पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा.

  • ज्वेलर पर जानलेवा हमला, विरोध करने पर गोली मारकर ₹1.5 लाख लेकर भागे बदमाश..

    ज्वेलर पर जानलेवा हमला, विरोध करने पर गोली मारकर ₹1.5 लाख लेकर भागे बदमाश..

    मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी बबलू साह को लूट का विरोध करने पर गोली मार दी। घायल व्यवसायी से बदमाश करीब डेढ़ लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घायल का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है।

    ज्वेलर पर जानलेवा हमला, विरोध करने पर गोली मारकर ₹1.5 लाख लेकर भागे बदमाश..

    मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक स्वर्ण व्यवसायी को लूट का विरोध करने पर गोली मार दी गई। वारदात के बाद बदमाश व्यवसायी के बैग में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये लेकर फरार हो गए। घायल व्यवसायी का इलाज श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में चल रहा है। घटना के बाद इलाके के स्वर्ण व्यवसायियों में दहशत का माहौल है। घायल व्यवसायी की पहचान महेशबारा गांव निवासी बबलू कुमार उर्फ बबलू साह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपनी सोना-चांदी की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया।

    बैग छीनने का किया प्रयास
    घायल बबलू साह ने बताया कि देर रात दुकान बंद कर घर लौटते समय बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया और बैग देने को कहा। जब उन्होंने बैग देने से इनकार किया तो एक बदमाश ने हथियार निकालकर उनके ऊपर तान दिया। उन्होंने बताया कि विरोध करने पर बदमाश ने उनके पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद दोनों आरोपी बैग लेकर मौके से फरार हो गए। बैग में करीब डेढ़ लाख रुपये रखे थे। घटना की सूचना पुलिस और परिचितों को दी गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है।

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
    घटना की पुष्टि करते हुए एसडीपीओ (पूर्वी-1) आलय वत्स ने बताया कि पुलिस को मामले की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। घायल का बयान दर्ज किया जा रहा है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • 13 वर्षीय बच्ची को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म, आरोपी को मरते दम तक जेल की सजा..

    13 वर्षीय बच्ची को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म, आरोपी को मरते दम तक जेल की सजा..

    13 वर्षीय बच्ची को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म, आरोपी को मरते दम तक जेल की सजा..

     बिहार के दरभंगा जिले में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो कोर्ट) के विशेष न्यायाधीश ने एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोप में एक दुष्कर्मी को जीवन पर्यंत सश्रम कारावास और एक लाख रूपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है। 

    लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 अधिनियम के विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुलेखा झा ने 13 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने बाले सिंहवारा थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर गांव निवासी दुष्कर्मी विवेक कुमार शर्मा को जीवन पर्यंत सश्रम आजीवन कारावास और एक लाख रूपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है। प्रभारी विशेष लोक अभियोजक अमर प्रकाश ने बताया कि 21 सितंबर 2022 को दर्ज प्राथमिक संख्या 201/22 में आरोपी ने 13 वर्षीय बालिका को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था और विरोध करने पर उसने पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था, जिससे वह बेहोश हो गई अगले दिन उसके कराहने की आवाज सुनकर लोगों ने संज्ञान लिया और उसे पानी पिलाकर होश में लाया और उससे घटना की जानकारी ली। परिवार वालों के द्वारा पुलिस में दी गई सूचना के बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 

    पीड़िता को मिलेगा 6 लाख मुआवजा
    प्रकाश ने बताया कि गुरुवार को अदालत ने सजा निर्धारण के बिंदु पर सुनवाई के दौरान इस सामाजिक अपराध बताते हुए दुष्कर्मी सिंहवारा थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर गांव निवासी विवेक कुमार शर्मा को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत जीवन पर्यंत सश्रम कारावास एवं 50 हजार रूपया अर्थदंड, पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 25 वर्षों का सश्रत्म कारावास और 50 हजार रूपया अर्थ दंड तथा भारतीय दंड विधान की धारा 341 में एक माह का कारावास और धारा 342 में 6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। वही अर्थ दंड नहीं देने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतान पड़ेगी। इसके अतिरिक्त न्यायालय ने बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को सहायतार्थ 6 लाख रुपए मुआवजा भुगतान करने का आदेश भी पारित किया है। 

  • भागलपुर में हैवानियत की हद, युवक पर तलवारों से हमला कर कान काटा..

    भागलपुर में हैवानियत की हद, युवक पर तलवारों से हमला कर कान काटा..

    भागलपुर में हैवानियत की हद, युवक पर तलवारों से हमला कर कान काटा..

    Bhagalpur : बिहार के भागलपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पीरपैंती थाना क्षेत्र में मोबाइल पर पब्जी (PUBG) गेम खेल रहे एक युवक पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने तलवारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने इस खौफनाक वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया कि युवक का कान कटकर शरीर से अलग हो गया। लहूलुहान होकर वह बेसुध हालत में पास के नाले में जा गिरा। फिलहाल, युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

    साजिश के तहत बुझाया बल्ब, फिर किया ताबड़तोड़ वार

    यह खौफनाक वारदात बीती रात की है। घटना को लेकर घायल युवक की मां महमुर निशा और जीजा मोहम्मद कासिम आलम ने बताया कि बदमाशों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस खूनी खेल को अंजाम दिया। घायल युवक की पहचान मोहम्मद रमजान मंसूरी के रूप में हुई है।

    परिजनों के मुताबिक, रमजान घर के बाहर पड़ोस में बैठकर अपने मोबाइल पर PUBG गेम खेल रहा था। इसी दौरान दयानंद, सूरज और राहुल समेत पांच की संख्या में आए हथियारबंद बदमाशों ने अचानक वहां लगे बिजली के बल्ब को बुझा दिया। चारों तरफ अंधेरा छाते ही इन बदमाशों ने रमजान पर तलवार से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया।

    गला काटने की थी तैयारी, बचाव में कटा कान

    बताया जा रहा है कि बदमाशों ने सीधा रमजान के गले पर वार कर उसे जान से मारने की कोशिश की थी। हालांकि, रमजान ने फुर्ती दिखाते हुए खुद को बचाने का प्रयास किया, जिससे तलवार उसके कान पर जा लगी और कान कटकर अलग हो गया। सिर, हाथ और पैर पर कई गहरे जख्म होने के कारण वह बेसुध होकर पास के नाले में गिर गया।

    पुणे लौटने वाला था रमजान, 5 दिन पहले ही रची गई थी साजिश

    पीड़ित परिवार ने इस हमले के पीछे एक बड़ी और सोची-समझी साजिश का अंदेशा जताया है। रमजान महाराष्ट्र के पुणे में बिजली वायरिंग (इलेक्ट्रीशियन) का काम करता है। वह बकरीद के त्योहार पर छुट्टी मनाने अपने घर भागलपुर आया हुआ था। दुखद बात यह है कि अगले ही दिन उसे वापस काम पर पुणे लौटना था, लेकिन उसकी रवानगी से ठीक पहले इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया गया।

    घायल की मां महमुर निशा का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया, “हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन लोगों ने 5 दिन पहले से ही मेरे बेटे को जान से मारने का प्लान बना रखा था। साजिश के तहत पहले उसे फुसलाकर वहां पब्जी खेलने के लिए बिठाया गया और फिर मौका पाकर सबने मिलकर हमला कर दिया। जब हम चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे, तो बेटा नाले में खून से लथपथ पड़ा तड़प रहा था।”

    मायागंज अस्पताल में भर्ती, आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज

    घटना के तुरंत बाद आनन-फानन में परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और रमजान को बेहद गंभीर हालत में भागलपुर के मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) ले गए। अस्पताल के सर्जरी विभाग में युवक को भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक खून बह जाने और गहरे जख्मों के कारण युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

    इस सनसनीखेज हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त है। घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस ने पीड़ित परिवार और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि फरार आरोपियों दयानंद, सूरज, राहुल और उनके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे

  • दिल दहला देने वाली वारदात! पत्नी की हत्या कर घर के अंदर दफनाने की तैयारी, वजह ने चौंकाया.

    दिल दहला देने वाली वारदात! पत्नी की हत्या कर घर के अंदर दफनाने की तैयारी, वजह ने चौंकाया.

    दिल दहला देने वाली वारदात! पत्नी की हत्या कर घर के अंदर दफनाने की तैयारी, वजह ने चौंकाया.

    Lakhisarai Murder Case: बिहार के लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र स्थित अलीनगर गांव में बुधवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. एक पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव को घर के अंदर ही दफना दिया और पूरे दिन ऐसे व्यवहार करता रहा मानो कुछ हुआ ही न हो. हालांकि देर शाम ग्रामीणों के संदेह और पुलिस की पूछताछ ने इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश कर दिया. मृतका की पहचान सहोदरी देवी के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति नागेश्वर बिंद उर्फ नागो बिंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने घर के अंदर जमीन खुदवाकर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लखीसराय भेज दिया.

    सुबह साथ गए थे पूजा करने, दोपहर में बदल गया सब कुछ

    पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 10 बजे पति-पत्नी गांव स्थित चंडिका स्थान में पूजा-अर्चना करने गए थे. पूजा करने के बाद दोनों घर लौटे और साथ बैठकर मुर्गा-चावल तैयार किया. खाना खाने के बाद सहोदरी देवी सो गईं. इसी दौरान नागेश्वर बिंद ने शराब का सेवन किया. बताया जा रहा है कि शराब के नशे में धुत होने के बाद उसने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया.

    कुल्हाड़ी और धारदार हथियार से की निर्मम हत्या

    प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने पहले धारदार हथियार से पत्नी का गला रेता. इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने चेहरे तथा हाथों पर कई वार किए. हमले में सहोदरी देवी की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की योजना बनाई और शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया.

    घर के अंदर शव दफना

    पत्नी की हत्या करने के बाद नागेश्वर बिंद ने मिट्टी के घर के अंदर ही एक गड्ढा खोदा. इसके बाद शव को उसी गड्ढे में दफना दिया. वारदात को छिपाने के लिए उसने पूरे दिन सामान्य व्यवहार करने की कोशिश की. बाहर से देखने पर किसी को अंदाजा नहीं था कि घर के अंदर एक हत्या हो चुकी है और शव जमीन के नीचे दफन है. शाम होने पर आरोपी घर के बाहर ताला लगाकर निकलने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान पड़ोसियों ने सहोदरी देवी के बारे में पूछा. नागेश्वर बिंद ने लोगों को बताया कि उसकी पत्नी मायके चली गई है. हालांकि उसकी यह कहानी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी. ग्रामीणों को उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ क्योंकि सहोदरी देवी बिना किसी को बताए कहीं जाने वाली महिला नहीं थीं.

    बकरियों की मिमियाहट से बढ़ा शक

    ग्रामीणों के संदेह की एक बड़ी वजह घर में बंधी बकरियां भी बनीं. बताया गया कि बकरियां लंबे समय से भूखी-प्यासी थीं और लगातार मिमिया रही थीं. ग्रामीणों का कहना था कि अगर सहोदरी देवी मायके गई होतीं तो घर और पशुओं की व्यवस्था करके जातीं. इसी बात ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने नागेश्वर बिंद को गांव में ही रोक लिया और पुलिस को सूचना दे दी.

    पुलिस की पूछताछ में टूट गया आरोपी

    सूचना मिलने के बाद सूर्यगढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली. शुरुआती जांच में महिला का कोई सुराग नहीं मिला. जब पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और पूरी वारदात स्वीकार कर ली. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घर के अंदर खुदाई कराई, जहां से सहोदरी देवी का शव बरामद हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रात में खोजी कुत्तों की मदद भी ली. जांच टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि कहीं इस अपराध में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी. पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाल रही है.

    निःसंतान होने की बात बताई वजह, पुलिस कर रही जांच

    प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि दंपती की कोई संतान नहीं थी और इसी बात को लेकर वह परेशान रहता था. उसने इसी कारण पत्नी की हत्या करने की बात कही है. हालांकि पुलिस केवल इसी बयान पर निर्भर नहीं है. जांच अधिकारी हत्या के वास्तविक कारण, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य संभावित वजहों की भी गहन पड़ताल कर रहे हैं. सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया कि आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. जानकारी के अनुसार मृतका के मायके में केवल उनके वृद्ध पिता रहते हैं, जबकि उनके भाई दूसरे प्रदेश में हैं. पुलिस और प्रशासन परिजनों के आने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

  • एक महीने बाद मिला छात्र ईशांत का शव, हत्या कर 10 फीट नीचे जमीन में दफनाने का आरोप..

    एक महीने बाद मिला छात्र ईशांत का शव, हत्या कर 10 फीट नीचे जमीन में दफनाने का आरोप..

    एक महीने बाद मिला छात्र ईशांत का शव, हत्या कर 10 फीट नीचे जमीन में दफनाने का आरोप..

    बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर में बीते एक महीने से लापता छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की लाश देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। ईशांत को मारकर जमीन में 10 फीट नीचे दफना दिया गया था। बीते 10 जून को ईशांत दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था, इसका बाद वह कभी वापस नहीं लौटा। परिजन बीते एक महीने से उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे। छात्र के पिता ने गांव के चार युवकों के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया था। इसके बाद एक आरोपी ने सरेंडर कर दिया था। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार 8 जुलाई की रात को जेसीबी से खुदाई कर छात्र की लाश निकाली।

    ईशांत विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के बंगराहा पंचायत का रहने वाला था। उसकी लाश बुधवार को बगल के लखनपुर गांव में कलना चौर से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे से बरामद की गई। 14 वर्षीय इशांत का शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं, बेटे की लाश देख परिजन की चीख पुकार निकल पड़ी, उसे सुन वहां मौजूद हर शख्स के रोंगटे खड़े हो गए।

    सरेंडर कर चुके आनंदी ने उगले राज

    पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी आनंदी सिंह को पुलिस ने रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वरीय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल बुधवार की रात कलना चौर पहुंचा। यहां जेसीबी मशीन से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे की खुदाई कराई गई। कुछ देर बाद मिट्टी के भीतर से छात्र का शव प्लास्टिक से लिपटा बरामद हुआ।

    पहले हत्या, फिर जमीन में दफनाई लाश

    प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इशांत की हत्या के बाद सबूत मिटाने की नीयत से शव को सुनसान खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया था, ताकि घटना का कभी खुलासा ना हो सके।

    दोस्तों के बुलाने पर घर से निकला था छोटू

    बंगराहा निवासी किसान रामप्रीत राय का बेटा ईशांत उर्फ छोटू 10 जून की शाम को दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था। वह उत्क्रमित उच्च विद्यालय बंगराहा में नौवीं कक्षा का छात्र था। रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजन ने उसकी खोजबीन शुरू की। मगर उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।

    इसके बाद पिता ने विद्यापतिनगर थाने में बेटे की गुमशुदगी की सूचना दी। उन्होंने गांव के ही चार युवकों पर साजिश के आरोप लगाए थे। दिन बीतते गए, लेकिन छोटू का कोई पता नहीं चला। 12 जून को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने बंगराहा चौक जाम कर उग्र प्रदर्शन भी किया था। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्र की जल्द बरामदगी की मांग की।

    एसपी ने बनाई एसआईटी

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह खुद 19 जून को गांव पहुंचे। उन्होंने परिजन से मुलाकात कर जल्द मामले का खुलासा करने का भरोसा दिया। इसके बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर वैज्ञानिक तरीके से केस की जांच शुरू कराई थी। खोजी कुत्तों को भी घटनास्थल पर लाया गया।

    आनंदी ने भतीजे और अन्य के साथ की हत्या

    इसी बीच आनंदी सिंह नाम के आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार रात जमीन में दफन ईशांत की लाश बरामद की।

    शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने कई महत्वपूर्ण नमूने इकट्ठा किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया। मौके पर थानाध्यक्ष सूरज कुमार, अनुसंधानकर्ता सलीम रजा सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।

    10 जून को ही हो गई थी ईशांत की हत्या

    वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि रिमांड पर लिए गए आरोपी ने कड़ाई से हुई पूछताछ में कई खुलासे किए। आरोपी आनंदी सिंह ने बताया कि उसने अपने भतीजे रंजीत सिंह और अन्य के साथ मिलकर 10 जून को ही ईशांत की हत्या कर दी थी। फिर उसके शव को दफना दिया था। पुलिस के अनुसार ईशांत के शव पर गले में कटने के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या कैसे हुई, उसकी विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।

    एक महीने से बेटे के लौटने की राह देख रही मां बेसुध

    बुधवार रात को जैसे ही ईशांत का शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पिता रामप्रीत राय, मां अभिलाषा देवीबड़े भाई प्रशांत राय और छोटी बहन किरण कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस मां ने करीब एक महीने तक बेटे की वापसी के लिए दुआएं मांगी थीं, वह बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। गांव की महिलाओं की आंखें नम नजर आईं और हर जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर इस मासूम का क्या कसूर था?

    ईशांत की हत्या क्यों की? पुलिस के खुलासे का इंतजार

    ईशांत की हत्या की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। पुलिस अब पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी गई है। शव बरामद होने के बाद पुलिस अब ईशांत की हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का जल्द विस्तृत खुलासा किया जाएगा। अगर इस जघन्य अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया की अभी विंदुओं पर कारवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

  • बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    Bihar News: शेखपुरा जिले के बरबीघा में मंगलवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब रेलवे स्टेशन के पश्चिम स्थित एक खेत से एक अधेड़ व्यक्ति का नग्न शव बरामद हुआ। बरबीघा रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर पश्चिम खेत में पड़ी लाश मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

    जानकारी के अनुसार, नारायणपुर गांव के कुछ युवक सुबह टहलने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में नग्न अवस्था में पड़े एक शव पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया और खबर आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 और बरबीघा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही बरबीघा थानाध्यक्ष गौरव कुमार तथा अंचल निरीक्षक ब्रजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को कब्जे में लिया और आसपास से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि मृतक थाना चौक के आसपास ठेले पर घूम-घूमकर नींबू बेचने का काम करता था। हालांकि वह किस गांव या जिले का रहने वाला था, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है।थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जब तक मृतक की पहचान नहीं हो जाती, तब तक शव को अस्पताल में सुरक्षित रखा जाएगा।

    घटनास्थल से एक माला बरामद हुई है, लेकिन उसमें लगा सोने का लॉकेट गायब पाया गया है। इसी वजह से हत्या, लूटपाट या अन्य आपराधिक एंगल से भी पुलिस तहकीकात कर रही है। वहीं स्थानीय लोग अवैध संबंध सहित कई तरह की आशंकाएं जता रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।