Category: Bihar

  • नवादा में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का मामला आया सामने, वायरल क्लिप के बाद RPF ने शुरू की जांच.

    नवादा में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का मामला आया सामने, वायरल क्लिप के बाद RPF ने शुरू की जांच.

    नवादा में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने का मामला आया सामने, वायरल क्लिप के बाद RPF ने शुरू की जांच.

    नवादा, बिहार: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए खतरनाक जगहों पर रील बनाने का चलन लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। बिहार के नवादा क्षेत्र से जुड़ा ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक महिला रेलवे ट्रैक पर खड़ी होकर रील बनाती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इस क्लिप के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी।

    रेलवे लाइन पर खड़ी होकर बना रही थी रील

    सोशल मीडिया पर प्रसारित क्लिप में एक महिला रेलवे ट्रैक पर खड़ी दिखाई देती है। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला कथित तौर पर कैमरे के सामने कहती सुनाई देती है कि उसे किसी का डर नहीं है। हालांकि, वायरल क्लिप के आधार पर घटना के समय, स्थान और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    रेलवे ट्रैक पर इस तरह खड़े होकर रील बनाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ट्रेन अचानक पहुंच सकती है और तेज रफ्तार से गुजरती ट्रेन से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। कुछ सेकंड की लापरवाही भी गंभीर हादसे की वजह बन सकती है।

    वायरल क्लिप के बाद RPF ने लिया संज्ञान

    मामले की जानकारी सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने जांच शुरू की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज किए जाने की बात कही गई है और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया है।

    जांच के तहत वायरल क्लिप और उससे जुड़ी सोशल मीडिया जानकारी की पड़ताल की जा रही है। महिला की पहचान का पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

    रेलवे ट्रैक पर रील बनाना क्यों है खतरनाक?

    रेलवे लाइन यात्रियों और ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए होती है, न कि फोटो या रील बनाने के लिए। ट्रैक पर खड़े होकर मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने के दौरान व्यक्ति का ध्यान आसपास की गतिविधियों से हट सकता है। कई बार ट्रेन की आवाज सुनाई देने के बावजूद उसकी गति और दूरी का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

    सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स पाने के लिए जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों को रेलवे ट्रैक और प्रतिबंधित रेल क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए तथा ऐसी कोई गतिविधि दिखाई देने पर संबंधित रेलवे अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए।

    जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई

    इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट और रील बनाने के चलन पर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, वायरल क्लिप सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उससे जुड़े सभी दावे अपने आप साबित हो जाते हैं। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और वायरल क्लिप से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों की जांच के आधार पर तय होगी।

  • आरा में सुबह-सुबह खूनी वारदात, बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रहे हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या.

    आरा में सुबह-सुबह खूनी वारदात, बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रहे हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या.

    आरा में सुबह-सुबह खूनी वारदात, बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रहे हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या.

    आरा, बिहार: भोजपुर जिले के आरा में शनिवार सुबह एक हार्डवेयर दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के बाद स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिहारी मिल ओवरब्रिज के पास सूर्य मंदिर के नजदीक बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आरोपी मौके से फरार हो गए।

    बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे दुकानदार

    मृतक की पहचान 35 वर्षीय उपेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह संदेश थाना क्षेत्र के बड़िहा गांव के रहने वाले थे और आरा के बहीरो इलाके में हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। उनका परिवार गोढ़ना रोड स्थित गौतम बुद्ध नगर में रहता था।

    जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब छह बजे उपेंद्र सिंह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने गए थे। इसके बाद वह स्कूटी से घर लौट रहे थे। जब वह नवादा थाना क्षेत्र में बिहारी मिल ओवरब्रिज के पास सूर्य मंदिर के नजदीक पहुंचे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। गोली लगने से उनकी मौत हो गई।

    अपाचे बाइक पर आए थे तीन हमलावर

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए तीन हमलावर अपाचे बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे। हमला करने के बाद वे वहां से फरार हो गए। सुबह के समय हुई इस घटना से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की और मृतक के परिजनों से भी जानकारी जुटाई।

    जमीन विवाद या रुपये का लेन-देन, कई पहलुओं पर जांच

    पुलिस हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में जमीन विवाद और रुपये के लेन-देन समेत कई संभावित कारणों को ध्यान में रखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी एक कारण को अंतिम मानने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की तलाश

    हमलावरों की पहचान करने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस रास्ते से आए और वारदात के बाद किस दिशा में भागे।

    फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान करना और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हत्या के कारण और हमलावरों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएंगे।

  • कटिहार में पत्नी की ‘नौकरी’ के बाद बदले रिश्ते? ई-रिक्शा चलाकर पढ़ाया, सिपाही बनने के बाद पति ने लगाई मदद की गुहार.

    कटिहार में पत्नी की ‘नौकरी’ के बाद बदले रिश्ते? ई-रिक्शा चलाकर पढ़ाया, सिपाही बनने के बाद पति ने लगाई मदद की गुहार.

    कटिहार में पत्नी की ‘नौकरी’ के बाद बदले रिश्ते? ई-रिक्शा चलाकर पढ़ाया, सिपाही बनने के बाद पति ने लगाई मदद की गुहार.

    कटिहार: बिहार के कटिहार से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक मामला सामने आया है। कैमूर के रहने वाले हंसलाल गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने और उनके पिता ने मेहनत-मजदूरी और ई-रिक्शा चलाकर पत्नी प्रतिभा की पढ़ाई का खर्च उठाया और उसे बिहार पुलिस में सिपाही बनने में मदद की। अब पति का दावा है कि नौकरी लगने के बाद पत्नी ने उससे दूरी बना ली और साथ रहने से इनकार कर दिया। मामले को लेकर पति और उसके पिता ने पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।

    प्रेम विवाह के बाद हुई थी कोर्ट मैरिज

    हंसलाल के मुताबिक, वह रोजगार के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रतिभा से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वर्ष 2021 में दोनों ने प्रेम विवाह किया।

    शादी के बाद प्रतिभा कैमूर स्थित हंसलाल के परिवार के साथ रहने लगी। इसके बाद 26 अप्रैल 2024 को दोनों ने कैमूर कोर्ट में भी शादी का पंजीकरण कराया।

    ई-रिक्शा चलाकर जुटाए पढ़ाई के पैसे

    हंसलाल का दावा है कि शादी के बाद प्रतिभा ने आगे पढ़ाई कर सरकारी नौकरी हासिल करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद पति और ससुर परमहंस गुप्ता ने उसकी पढ़ाई में आर्थिक मदद की।

    परिवार के मुताबिक, पिता-पुत्र दोनों ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च चलाते थे और इसी कमाई से प्रतिभा की पढ़ाई का खर्च उठाया गया। उनका दावा है कि पढ़ाई और भर्ती की तैयारी में करीब 8 से 9 लाख रुपये खर्च हुए।

    आखिरकार प्रतिभा बिहार पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में सफल हुईं और सिपाही के पद पर नियुक्त हो गईं।

    नौकरी के बाद दूरी बढ़ने का आरोप

    हंसलाल का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद प्रतिभा के व्यवहार में बदलाव आया। उनकी पोस्टिंग कटिहार के मनसाही थाना क्षेत्र में हुई। पति का दावा है कि वह फोन पर बातचीत करने से बचने लगीं और जब वह कटिहार मिलने पहुंचता तो मुलाकात करने से भी इनकार कर देती थीं।

    हंसलाल ने पत्नी के किसी अन्य युवक से संबंध होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    वहीं, खबर में प्रतिभा की ओर से पति के आरोपों के जवाब में यह दावा बताया गया है कि उन्होंने हंसलाल को पति के रूप में स्वीकार नहीं किया था और उनके बीच जो कुछ हुआ, वह उनकी इच्छा के विरुद्ध था। इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के दावों की पुलिस स्तर पर जांच की जरूरत है।

    पत्नी से रिश्ता बचाने की गुहार

    हंसलाल और उनके पिता का कहना है कि वे परिवार को टूटने से बचाना चाहते हैं। इसी सिलसिले में दोनों कटिहार पुलिस केंद्र पहुंचे और प्रतिभा से मुलाकात कर साथ रहने की अपील की।

    जब मामला नहीं सुलझा तो उन्होंने कटिहार समाहरणालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया और मामले में मदद की मांग की।

    पुलिस ने काउंसलिंग की बात कही

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मुख्य रूप से पति-पत्नी के बीच का निजी और पारिवारिक विवाद है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है।

    पुलिस की ओर से महिला थाना स्तर पर काउंसलिंग के जरिए विवाद सुलझाने की संभावना बताई गई है। फिलहाल पति और उसके पिता अपनी शिकायत के आधार पर मामले में समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

    यह मामला अब पति-पत्नी के बीच लगाए जा रहे आरोपों और रिश्ते को लेकर खड़े हुए विवाद की जांच पर निर्भर है। किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम तथ्य मानने से पहले पुलिस जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

  • झारखंड में साड़ी पहनकर: नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ी कविता महतो, होमगार्ड बनने के जज्बे ने जीता लोगों का दिल.

    झारखंड में साड़ी पहनकर: नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ी कविता महतो, होमगार्ड बनने के जज्बे ने जीता लोगों का दिल.

    झारखंड में साड़ी पहनकर: नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ी कविता महतो, होमगार्ड बनने के जज्बे ने जीता लोगों का दिल.

    झारखंड: होमगार्ड भर्ती के दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने साड़ी पहनकर और नंगे पांव 1600 मीटर की दौड़ पूरी की। कविता महतो नाम की इस महिला की मेहनत और हौसले की चर्चा अब झारखंड के साथ-साथ बिहार में भी हो रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर दौड़ पूरी करने की उनकी कोशिश ने लोगों का ध्यान खींचा है।

    कविता महतो को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह विधवा हैं और ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। आर्थिक परेशानियों के बीच उन्होंने सरकारी नौकरी हासिल करने का सपना देखा और होमगार्ड भर्ती के लिए मैदान में उतरीं।

    साड़ी संभालते हुए पूरी की 1600 मीटर दौड़

    भर्ती के दौरान कविता ने दौड़ के लिए अलग से स्पोर्ट्स ड्रेस या जूते नहीं पहने। वह साड़ी पहनकर ही मैदान में पहुंचीं और नंगे पांव 1600 मीटर की दौड़ पूरी की।

    दौड़ के दौरान उन्हें साड़ी भी संभालनी पड़ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और निर्धारित दूरी पूरी की। उनकी इसी कोशिश ने लोगों को प्रभावित किया और उनकी कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई।

    पति की मौत के बाद खुद संभाला परिवार

    बताया जाता है कि कविता के पति का निधन हो चुका है। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करती हैं।

    मुश्किल आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद सरकारी नौकरी का सपना देखना और उसके लिए भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेना उनके संघर्ष को दिखाता है। 1600 मीटर की दौड़ पूरी करना उनके लिए सिर्फ भर्ती का एक चरण नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीद से जुड़ी कोशिश भी थी।

    दीपा मांझी ने भी की तारीफ

    कविता महतो की कहानी सामने आने के बाद गया जिले के इमामगंज की विधायक दीपा मांझी ने भी उनकी हिम्मत की तारीफ की। उन्होंने कविता को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता होती है।

    दीपा मांझी ने कविता के संघर्ष को महिलाओं के साहस से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

    सम्मान और प्रोत्साहन की मांग

    दीपा मांझी ने झारखंड सरकार से कविता जैसी महिलाओं को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की अपील की। उनका कहना है कि कविता ने जिस परिस्थिति में साड़ी पहनकर और नंगे पांव दौड़ पूरी की, वह उनके मजबूत इरादे को दर्शाता है।

    कविता की कहानी यह भी बताती है कि सीमित साधन किसी व्यक्ति के सपने को रोक नहीं सकते। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि होमगार्ड भर्ती की आगे की प्रक्रिया में कविता का चयन होता है या नहीं।

  • घर के बाहर खेलते-खेलते 2 साल की बच्ची गायब, CCTV में महिला के साथ जाती दिखी; 3 लोग हिरासत में.

    घर के बाहर खेलते-खेलते 2 साल की बच्ची गायब, CCTV में महिला के साथ जाती दिखी; 3 लोग हिरासत में.

    घर के बाहर खेलते-खेलते 2 साल की बच्ची गायब, CCTV में महिला के साथ जाती दिखी; 3 लोग हिरासत में.

    पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र में दो साल की बच्ची के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, लेकिन कुछ देर बाद वह वहां दिखाई नहीं दी। परिवार ने आसपास काफी तलाश की, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    CCTV जांच में महिला के साथ जाती दिखी बच्ची

    मामले की जांच के दौरान पुलिस को CCTV फुटेज मिला। इसमें बच्ची एक महिला के साथ जाती हुई दिखाई दी। परिजनों ने महिला की पहचान गांव की ही रहने वाली एक युवती के रूप में की है।

    इसके बाद पुलिस ने महिला के साथ उसकी मां और भाई को भी हिरासत में लिया है। तीनों से बच्ची के लापता होने के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

    दादी ने बताई उस दिन की पूरी घटना

    बच्ची की दादी के मुताबिक, वह उसे आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर घर पहुंची थीं। इसी दौरान आरोपी महिला वहां पहुंची और कथित तौर पर बताया कि बच्ची की मां उसे बुला रही हैं। उसने यह भी कहा कि उसे घास लाने जाना है।

    दादी कुछ समय के लिए बाथरूम चली गईं। आरोप है कि इसी दौरान महिला बच्ची को अपने साथ लेकर चली गई।

    कुछ देर बाद महिला अकेली वापस लौटी। जब दादी ने बच्ची के बारे में पूछा तो कथित तौर पर उसने बताया कि बच्ची को दुकान से खाने की चीज दिलाने के बाद अपने दरवाजे के पास छोड़ दिया था। वहां बच्ची नहीं मिली तो परिवार के लोगों ने गांव में तलाश शुरू कर दी।

    अलग-अलग जगहों की जानकारी से बढ़ा संदेह

    पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने बच्ची के अलग-अलग स्थानों पर होने की जानकारी दी। पुलिस ने बताए गए स्थानों पर जाकर भी तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बसवारी इलाके में भी खोजबीन की गई।

    बच्ची के गायब होने की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मझौलिया थाने पहुंचे और बच्ची को जल्द बरामद करने की मांग की।

    पुलिस कई एंगल से कर रही जांच

    मझौलिया थाना पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस CCTV फुटेज, पूछताछ और बच्ची के संभावित ठिकानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्ची महिला के साथ कहां तक गई और उसके बाद वह कहां चली गई। पुलिस बच्ची की जल्द से जल्द बरामदगी के लिए संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है। मामले में आगे की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।

  • पश्चिम चंपारण: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले गया युवक; पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार.

    पश्चिम चंपारण: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले गया युवक; पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार.

    पश्चिम चंपारण: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले गया युवक; पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार.

    पश्चिम चंपारण: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के साठी थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और करीब दो घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    सामान लेने के बाद अचानक गायब हुई बच्ची

    पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 4 बजे बच्ची की मां ने उसे पैसे देकर दुकान से सामान लाने भेजा था। सामान लेकर लौटने के बाद बच्ची घर के दरवाजे पर खेल रही थी।

    कुछ देर बाद जब बच्ची दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान बच्ची रोते हुए घर पहुंची।

    मोबाइल दिखाने के बहाने कमरे में ले जाने का आरोप

    परिजनों के पूछने पर बच्ची ने कथित तौर पर बताया कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे मोबाइल दिखाने के बहाने अपने घर के कमरे में ले गया था। आरोप है कि वहां उसने बच्ची के साथ गलत काम किया।

    शिकायत के अनुसार, बच्ची के विरोध करने पर उसके साथ जबरदस्ती और मारपीट की गई। बच्ची के रोने पर आरोपी ने कथित तौर पर उसे किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी दी और घर के पीछे के रास्ते से बाहर निकाल दिया।

    आरोपी के परिजनों पर भी धमकी देने का आरोप

    बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि घटना के बारे में आरोपी के माता-पिता से पूछताछ करने पर उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई।

    पुलिस ने दो घंटे में आरोपी को पकड़ा

    साठी थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार के मुताबिक, बच्ची की मां के आवेदन के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब दो घंटे के भीतर नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।

  • तस्कर ‘चाची’ के कथित जाली: नोट और चरस नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, NIA-CBI समेत कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई.

    तस्कर ‘चाची’ के कथित जाली: नोट और चरस नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, NIA-CBI समेत कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई.

    तस्कर ‘चाची’ के कथित जाली: नोट और चरस नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, NIA-CBI समेत कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई.

    मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में कथित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बासोपट्टी थाना क्षेत्र के जानकीनगर और दुहबी बाजार में NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कथित तस्कर हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तड़के करीब 3 बजे से ही दोनों इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ इलाके की घेराबंदी की गई। कई वाहनों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई।

    भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ाई गई सुरक्षा

    कार्रवाई के दौरान भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सीमा के दूसरी ओर नेपाली क्षेत्र में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों, उनके ठिकानों और कारोबार से संबंधित जानकारी जुटा रही हैं।

    चरस के साथ पकड़े गए आरोपी से जुड़े तार

    सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई जानकीनगर से चरस के साथ गिरफ्तार कृष्णा ठाकुर और कथित तस्कर हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ से जुड़े नेटवर्क की जांच के सिलसिले में हो रही है।

    करीब 60 वर्षीय हीरा देवी महासेठ को सितंबर में गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई थी। उसके खिलाफ जाली नोट, चरस, गांजा, ब्राउन शुगर और शराब की कथित तस्करी से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उसके मोबाइल फोन से कुछ अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है।

    परिवार के सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में

    जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क में परिवार के अलग-अलग सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, हीरा महासेठ के बड़े बेटे राजीव महासेठ के नेपाल के काठमांडू में कारोबार और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    हीरा महासेठ के पति भरत महासेठ को भी पहले जाली नोट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जाली नोट के नमूनों की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई थी।

    419 किलो गांजा मामले से भी जुड़ रहे तार

    जांच के दौरान बासोपट्टी के विनोद सहनी का नाम भी सामने आया है। इससे पहले STF ने उसे कथित तौर पर 419 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी।

    विनोद सहनी की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष को निलंबित किए जाने और डायल-112 से जुड़े दो चालकों पर मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में मामले की जांच NCB को सौंपे जाने की बात कही गई।

    NIA कर रही जाली नोट मामले की जांच

    हीरा महासेठ की गिरफ्तारी के बाद जाली नोट से जुड़े मामले की जांच NIA को सौंपे जाने की जानकारी है। एजेंसी कथित नेटवर्क से जुड़े स्थानीय कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    इसके अलावा नेपाल में बड़ी मात्रा में गांजा बरामदगी से जुड़े एक मामले के तार भी कथित तौर पर इसी नेटवर्क से जोड़कर देखे जा रहे हैं। हालांकि इन सभी कड़ियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

    फिलहाल NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। एजेंसियां कथित तस्करी नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, सीमा पार संपर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। मामले में आधिकारिक तौर पर सामने आने वाली जानकारी के बाद तस्वीर और साफ होगी।

  • नालंदा: सिपाही भर्ती में 9 लाख की सेटिंग का खुलासा, ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में आरोपी गिरफ्तार.

    नालंदा: सिपाही भर्ती में 9 लाख की सेटिंग का खुलासा, ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में आरोपी गिरफ्तार.

    नालंदा: सिपाही भर्ती में 9 लाख की सेटिंग का खुलासा, ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में आरोपी गिरफ्तार.

    नालंदा: बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर अवैध तरीके से चयन कराने के लिए 9 लाख रुपये की सेटिंग किए जाने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला वर्ष 2023 में आयोजित सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा से जुड़ा है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर EOU ने पटना जिले के सिगौरी थाना क्षेत्र निवासी श्रवण कुमार को गिरफ्तार किया है।

    यह मामला नालंदा जिले के लहेरी थाना कांड संख्या 611/23 से संबंधित है। 1 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती), बिहार की ओर से लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।

    परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया था अभ्यर्थी

    परीक्षा के दौरान बिहारशरीफ के भैंसासुर स्थित आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय केंद्र पर जांच के दौरान धनंजय कुमार पकड़ा गया था। उसके प्रवेश पत्र पर लगी तस्वीर उसके आधार कार्ड और चेहरे से मेल नहीं खा रही थी।

    जांच के दौरान उसके पास कथित तौर पर ब्लूटूथ के जरिए नकल करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण भी मिला था। पूछताछ में धनंजय ने बताया था कि परीक्षा पास कराने के लिए उसके एडमिट कार्ड पर किसी दूसरे अभ्यर्थी की तस्वीर लगाई गई थी।

    9 लाख रुपये में हुई थी कथित सेटिंग

    EOU की जांच में श्रवण कुमार की भूमिका सामने आने के बाद उसे 7 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, श्रवण करीब 25 वर्ष का है और पटना जिले के सिगौरी थाना क्षेत्र के हादीनगर का रहने वाला है।

    जांच के मुताबिक, श्रवण ने अपने परिचित सेटर नीरज के माध्यम से धनंजय को सिपाही भर्ती परीक्षा में पास कराने के लिए कथित तौर पर 9 लाख रुपये में सेटिंग कराई थी। इसी व्यवस्था के तहत धनंजय के एडमिट कार्ड पर दूसरे स्कॉलर की तस्वीर लगाए जाने की बात सामने आई है।

    दूसरे स्कॉलर के नहीं पहुंचने पर खुद परीक्षा देने पहुंचा

    पुलिस के अनुसार, जिस स्कॉलर को धनंजय की जगह परीक्षा देने के लिए जाना था, वह परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचा। इसके बाद धनंजय को ही परीक्षा देने के लिए भेजा गया। इस दौरान उससे कथित तौर पर फोन-पे के जरिए 20 हजार रुपये लिए गए थे।

    जांच में यह भी सामने आया कि नकल कराने के लिए धनंजय को सेटर के माध्यम से ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराया गया था। हालांकि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान जांच में वह पकड़ा गया।

    आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    धनंजय कुमार को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब EOU ने श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    आर्थिक अपराध इकाई मामले से जुड़े अन्य लोगों और परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पटना में कार के अंदर: मिला सेवानिवृत्त इंजीनियर का शव, पिस्टल बरामद; हत्या या आत्महत्या की जांच में जुटी पुलिस;

    पटना में कार के अंदर: मिला सेवानिवृत्त इंजीनियर का शव, पिस्टल बरामद; हत्या या आत्महत्या की जांच में जुटी पुलिस;

    पटना में कार के अंदर: मिला सेवानिवृत्त इंजीनियर का शव, पिस्टल बरामद; हत्या या आत्महत्या की जांच में जुटी पुलिस;

    पटना के राजीव नगर इलाके में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कार के अंदर सेवानिवृत्त इंजीनियर का गोली लगा शव बरामद हुआ। कार एक अपार्टमेंट के पास खड़ी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक पिस्टल भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

    मृतक की पहचान आलोक कुमार के रूप में हुई है। वह इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और कोल इंडिया में महाप्रबंधक के पद पर भी काम कर चुके थे। मूल रूप से मोतिहारी के रहने वाले आलोक कुमार सेवानिवृत्ति के बाद रांची में रह रहे थे।

    बहन से मिलने पटना आए थे

    जानकारी के मुताबिक आलोक कुमार कुछ दिन पहले अपनी बहन से मिलने पटना पहुंचे थे। वह राजीव नगर क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी में अपने बहनोई के अपार्टमेंट के पास ठहरे हुए थे। बताया गया है कि वह पहले भी कुछ दिन पहले पटना आए थे।

    परिवार के अनुसार उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनका बेटा बाहर रहता है। शनिवार सुबह वह टहलने के लिए निकले थे। इसके बाद उनकी कार में गोली लगा शव मिलने की सूचना सामने आई।

    कार में शव मिलने से मचा हड़कंप

    कार एक इमारत के नीचे खड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और कार की जांच की। अंदर शव मिलने के साथ ही मौके से पिस्टल बरामद होने की बात भी सामने आई है।

    पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है।

    हत्या या आत्महत्या, दोनों पहलुओं की जांच

    कार के अंदर गोली लगा शव मिलने और पास से पिस्टल बरामद होने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गोली किस परिस्थिति में चली।

    पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के परिणाम सामने आने के बाद मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

    जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है। मृतक कब पटना पहुंचे, कार को घटनास्थल तक कौन लेकर आया और घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे, इन सभी बिंदुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

    परिवार के सदस्यों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मृतक के पास पिस्टल कैसे पहुंची और गोली चलने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

    फोरेंसिक जांच से खुल सकते हैं कई राज

    घटनास्थल से बरामद पिस्टल और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा जाएगा। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकती है।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी रखी है। जांच पूरी होने और वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सेवानिवृत्त इंजीनियर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

  • डॉक्टर हॉस्टल से निकलीं, बदमाश बाइक से आए और झपट ले गए सोने की चेन, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

    डॉक्टर हॉस्टल से निकलीं, बदमाश बाइक से आए और झपट ले गए सोने की चेन, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

    डॉक्टर हॉस्टल से निकलीं, बदमाश बाइक से आए और झपट ले गए सोने की चेन, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

    मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच परिसर में दिनदहाड़े ऐसी वारदात हुई, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. एक महिला डॉक्टर अपने हॉस्टल से गायनेकोलॉजी विभाग की ओर जा रही थीं. रास्ते में पोस्टमार्टम हाउस के पास बाइक सवार दो बदमाश पहुंचे और कुछ ही सेकंड में उनके गले से करीब एक लाख रुपये की सोने की चेन झपटकर फरार हो गए.

    पीड़ित डॉक्टर डॉ. मधुलिका सिंह ने मामले की शिकायत एसकेएमसीएच ओपी पुलिस से की. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. अस्पताल परिसर में हुई इस वारदात के बाद सबसे पहले CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में काले रंग की बाइक पर सवार दो संदिग्ध नजर आए हैं. पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर बाइक सवारों की पहचान करने में जुटी है.

    डॉ. मधुलिका सिंह कुछ समझ पातीं, बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने उनके गले पर झपट्टा मारा और सोने की चेन खींच ली. इसके बाद दोनों बाइक सवार मौके से फरार हो गए. घटना के बाद कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. डॉक्टर ने घटना की जानकारी पुलिस को दी.

    घटना के बाद पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरे बने. पुलिस ने अलग-अलग कैमरों की फुटेज खंगाली तो एक काले रंग की बाइक दिखाई दी, जिस पर दो लोग सवार थे. अब पुलिस CCTV फुटेज के जरिए दोनों संदिग्धों के चेहरे और बाइक की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

    SKMCH ओपी प्रभारी पिंटू कुमार ने बताया कि महिला डॉक्टर की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. CCTV फुटेज के आधार पर बाइक और उस पर सवार संदिग्धों की पहचान की जा रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द चिह्नित कर गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है.

    इस घटना ने एसकेएमसीएच परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की चिंता बढ़ा दी है. अस्पताल परिसर में दिनदहाड़े एक महिला डॉक्टर के साथ चेन स्नेचिंग की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग उठ रही है. फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. काले रंग की बाइक इस जांच में पुलिस के लिए अहम सुराग बनी हुई है.