Category: India

  • चाची के साथ कथित दरिंदगी का आरोप, अंदरूनी चोटों से पीड़िता की हालत गंभीर..

    चाची के साथ कथित दरिंदगी का आरोप, अंदरूनी चोटों से पीड़िता की हालत गंभीर..

    चाची के साथ कथित दरिंदगी का आरोप, अंदरूनी चोटों से पीड़िता की हालत गंभीर..

    पीड़िता का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले भतीजे ने जबरन संबंध बनाने के लिए उसके नहाते हुए प्राइवेट वीडियो बनाए और ब्लैकमेल करने लगे. मना करने पर उसे लाठी-डंडों से भी पीटा. महिला घर में बच्चों के साथ अकेली रहती है जिसका फायदा उठाकर भतीजा अक्सर घर में घुंस आता था.

    चाची के लाख मना करने पर नहीं माना सनकी भतीजा: रिश्तों को तार-तार करने वाली खौफनाक करतूत, अंदरूनी चोटों से तड़प रही पीड़िता!

    बिहार के गोपालगंज से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद भयावह घटना सामने आई है जिसमें 35 साल की पीड़िता चाची का आरोप है कि उसके पड़ोस में रहने वाले भतीजे ने पहले उसकी प्राइवेट वीडियो बनाई, फिर जबरन संबंध बनाने के लिए उसे ब्लैकमेल करने लगा. जब महिला ने इनकार कर दिया तो उसके साथ मार-पीट की और लाठी-डंडों से घायल करके फरार भाग गया. महिला ने बताया कि पति काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं और वो उचकागांव क्षेत्र में अपने 2 बच्चों के साथ अकेली रहती है. दोनों चाची-भतीजे के बीच लंबे समय से चल रहे प्रेम संबंधों की जानकारी मिली है लेकिन अपनी शादीशुदा जिंदगी का ख्याल करते हुए जब महिला ने रिश्ता रखने से इनकार कर दिया तो भतीजा हैवानियत पर उतर आया.

    पति के पीछे से चल रहा था कांड

    एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट में महिला ने बताया कि पति गुजरात में नौकरी करते हैं जबकि वो अपने बच्चों के साथ घर पर अकेली रहती है. कुछ साल पहले ही वो अपने भतीजे के संपर्क में आई थी. दोनों के बीच प्यार पनपने लगा. लेकिन महिला को बदनामी का डर सताए जा रहा था. अपनी शादीशुदा जिंदगी का ख्याल करते हुए उसने भतीजे के साथ रिश्ता रखने से मना कर दिया. लेकिन भतीजा मनमानी पर उतर आया. 

    नहाते हुए बनाई प्राइवेट वीडियो

    महिला का आरोप है कि एक दिन वो आंगन में नहा रही थी तो भतीजा ने घर के घुंस आया और चुपके से प्राइवेट वीडियो बना ली. इसी की तर्ज पर वो लगातार कई दिनों से ब्लैकमेल कर रहा था. लेकिन महिला ने साफ इनकार कर दिया और युवक को चेतावनी तक दे दी. इसी बात से नाराज युवक तमतमाते हुए महिला के घर पहुंचा और लाठी-डंडे चला दिए. पीड़िता ने बताया कि उस दिन वो जैसे-तैसे इलाज के लिए मॉडल अस्पताल पहुंची और इमरजेंसी में इलाज कराया. 

    पुलिस ने दर्ज की शिकायत

    पुलिस को दिए बयान में महिला ने बताया कि भतीजे की प्रताड़ना के कारण उसके शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं. भतीजे की ब्लैकमेलिंग और अवैध संबंध बनाने की जबदस्ती के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है. हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक लिखित में शिकायत नहीं मिली है. इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

  • पत्नी के इनकार से बौखलाया पति, सो रहे युवक के सिर में गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार..

    पत्नी के इनकार से बौखलाया पति, सो रहे युवक के सिर में गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार..

    पत्नी के इनकार से बौखलाया पति, सो रहे युवक के सिर में गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार..

     हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र फरीदाबाद की राजीव कॉलोनी में बीते 30 जून की रात हुए सनसनीखेज फायरिंग कांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। अवैध संबंधों और त्रिकोणीय प्रेम कहानी के चलते एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी पत्नी के प्रेमी के सिर में गोली मारकर उसकी खोपड़ी उड़ा दी। गंभीर रूप से घायल प्रेमी ने दो जुलाई की रात दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी पति को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से गिरफ्तार कर लिया है।

    पहले पति को छोड़ विजय के साथ रह रही थी महिला, फिर पड़ोसी गांव के विपिन से हुआ प्यार

    पुलिस जांच में सामने आया कि रिश्तों के ताने-बाने की यह उलझी हुई कहानी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से शुरू होती है। मृतका पहले अपने पहले पति को छोड़ चुकी थी और पिछले करीब सात-आठ वर्षों से आरोपी विजय के साथ पत्नी की तरह रह रही थी। इसी बीच, करीब दो-तीन साल पहले उसकी मुलाकात पड़ोसी गांव विनायकपुर के रहने वाले विपिन यादव से हुई। धीरे-धीरे दोनों की जान-पहचान गहरे प्रेम संबंधों में बदल गई। महिला इतनी दीवानी थी कि वह पहले भी दो बार विपिन यादव के साथ घर छोड़कर भाग चुकी थी, जिसकी शिकायतें थाने तक पहुंची थीं।

    जून में फरीदाबाद आई थी महिला, प्रेमी संग रहने के लिए अड़ गई जिद पर

    जून के पहले हफ्ते में महिला अपनी भाभी और बहन से मिलने के बहाने फरीदाबाद की राजीव कॉलोनी आई थी। यहां आने के बाद उसने अपने दूसरे पति विजय से साफ कह दिया कि वह अब वापस गांव नहीं लौटेगी और फरीदाबाद में ही रहेगी।

    पत्नी की जिद के आगे मजबूर होकर विजय ने ही उसके लिए राजीव कॉलोनी में एक किराए का कमरा दिलवा दिया। लेकिन विजय के होश तब उड़ गए, जब कुछ ही दिनों बाद उसका आशिक विपिन यादव भी फरीदाबाद आ पहुंचा और दोनों उस किराए के कमरे में साथ रहने लगे। विजय लगातार पत्नी को समझाकर गांव ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन पत्नी ने दो टूक कह दिया, मैं तुम्हारे साथ नहीं जाऊंगी, विपिन के साथ ही रहूंगी।

    एक ही छत पर खाया खाना, फिर सोते समय प्रेमी को उतार दिया मौत के घाट

    पत्नी के इस अंतिम इनकार ने विजय के भीतर बदले की आग भड़का दी। उसने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया। 30 जून की रात विजय एक अवैध देसी पिस्तौल लेकर राजीव कॉलोनी स्थित पत्नी के कमरे पर पहुंचा। उसने बेहद सामान्य व्यवहार करते हुए पत्नी और विपिन के साथ बैठकर खाना खाया।

    गर्मी होने के कारण देर रात सभी लोग मकान की छत पर सोने चले गए। जैसे ही विपिन गहरी नींद में सोया, विजय ने पिस्तौल निकाली और उसके सिर में गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनकर पत्नी और आसपास के लोग जाग गए, जिसके चलते विजय अपनी पत्नी पर गोली नहीं चला सका और भीड़ के डर से मौके से भाग निकला।

    ₹6000 में खरीदी थी मौत की पिस्तौल, मैनपुरी से दबोचा गया कातिल

    शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था, लेकिन 2 जुलाई को दिल्ली ट्रॉमा सेंटर में विपिन की मौत के बाद इसे हत्या की धारा में बदल दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 को सौंपी गई।

    क्या कहती है पुलिस? पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि उपनिरीक्षक नरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरीदाबाद, मैनपुरी और कानपुर में ताबड़तोड़ दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विजय (28 वर्ष, निवासी मैनपुरी) को जेसीबी चौक के पास से दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने वारदात के लिए मैनपुरी के ही एक परिचित से ₹6000 में देसी पिस्तौल खरीदी थी। पुलिस अब उस हथियार सप्लायर की तलाश में छापेमारी कर रही है।

  • ससुराल में घुसा पति, पत्नी और साले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार; नवादा में डबल मर्डर से सनसनी…

    ससुराल में घुसा पति, पत्नी और साले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार; नवादा में डबल मर्डर से सनसनी…

    ससुराल में घुसा पति, पत्नी और साले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार; नवादा में डबल मर्डर से सनसनी…

    बिहार के नवादा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक सनकी पति के सिर पर खून इस कदर सवार हुआ कि उसने अपने ही ससुराल में घुसकर खूनी खेल खेला। वारिसलीगंज के खानापुर गांव में शुक्रवार को एक युवक ने मामूली घरेलू विवाद में अपनी पत्नी की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, जब सगी बहन को बचाने के लिए साला बीच-बचाव करने आया, तो सनकी जीजा ने उस पर भी चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। गंभीर हालत में साले को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसने दम तोड़ दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारे पति ने खुद वारिसलीगंज थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।

    तीन साल की मासूम बेटी भी नहीं पिघला सकी पिता का दिल

    यह खूनी दास्तान नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के खानापुर गांव की है। खानापुर निवासी उपेंद्र सिंह ने अपनी 28 वर्षीय बेटी पूजा कुमारी की शादी चैनपुरा गांव के रहने वाले मौली कुमार से की थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच वैवाहिक संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे। आए दिन दोनों के बीच तीखी बहस और मारपीट होना आम बात हो गई थी। हालांकि, दोनों की तीन साल की एक मासूम बेटी भी है, लेकिन इसके बावजूद मौली कुमार का गुस्सा कम नहीं हुआ और विवाद लगातार बढ़ता चला गया।

    एक दिन पहले ही पुलिस ने कराया था समझौता, मायके भेजी गई थी पूजा

    दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात से ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार को भी दंपति के बीच भयंकर झगड़ा हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि स्थानीय ग्रामीणों को बीच-बचाव के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी। गुरुवार को झगड़े की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। हालात को भांपते हुए और पूजा की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर पूजा को उसके मायके (खानापुर) भेज दिया था। लेकिन पुलिस और परिजनों में से किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अगले ही दिन यह फैसला एक खूनी अंजाम में बदल जाएगा।

    घर में घुसते ही चलाने लगा चाकू, बचाने आए साले को भी नहीं बख्शा

    शुक्रवार दोपहर को आरोपी पति मौली कुमार पूरी तैयारी और हाथ में धारदार चाकू लेकर सीधे अपनी पत्नी के मायके खानापुर पहुंच गया। घर में दाखिल होते ही उसने बिना कुछ सोचे-समझे अपनी पत्नी पूजा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया। अपनी सगी बहन पर जानलेवा हमला होते देख भाई आदित्य कुमार बिना अपनी जान की परवाह किए बीच में कूद पड़ा और जीजा को रोकने की कोशिश की। लेकिन मौली के सिर पर उस वक्त हैवानियत सवार थी। उसने पूजा को छोड़ साले आदित्य पर हमला बोल दिया और चाकू से गोदकर उसे पूरी तरह लहूलुहान कर दिया।

    अस्पताल में दोनों भाई-बहन ने तोड़ा दम, थाने पहुंचकर कातिल ने किया सरेंडर

    घर में मची चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग मौके पर जुटे, जिसे देख आरोपी वहां से भाग निकला। ग्रामीण दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद पूजा कुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं आदित्य की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत पटना हायर सेंटर रेफर कर दिया था। लेकिन शरीर पर गहरे घाव होने के कारण पटना में इलाज के दौरान आदित्य ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही झटके में उपेंद्र सिंह के घर के दो जवान चिराग बुझ गए और पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौली कुमार खुद भागते हुए सीधे वारिसलीगंज थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू बरामद करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • चारपाई पर गला कटी महिला की लाश, बंद कमरे से बहते खून ने खोला हत्याकांड का राज

    चारपाई पर गला कटी महिला की लाश, बंद कमरे से बहते खून ने खोला हत्याकांड का राज

    चारपाई पर गला कटी महिला की लाश, बंद कमरे से बहते खून ने खोला हत्याकांड का राज

     उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बेहद ही रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के गंजडुंडवारा कोतवाली क्षेत्र में एक 30 वर्षीय महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया गया कि कमरे के बंद दरवाजे के नीचे से खून बहकर बाहर आने लगा। सुबह जब अन्य किरायेदारों ने यह खौफनाक मंजर देखा, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गईं।

    बंद कमरे से बाहर आता खून देख उड़े होश

    मिली जानकारी के अनुसार, एटा रोड स्थित गणेशपुर गांव में शिवली 30 पत्नी सनोज कुमार, अपनी 10 वर्षीय बेटी अनमोल के साथ एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराए पर रहती थी। शनिवार की सुबह मकान के अन्य किरायेदारों ने जब शिवली के कमरे के दरवाजे से खून बहकर बाहर आते देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में इसकी सूचना स्थानीय कोतवाली पुलिस को दी गई।

    चारपाई पर लथपथ पड़ी थी लाश, मायके वाले भी पहुंचे

    सूचना मिलते ही पटियाली के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई कांप उठा। चारपाई पर शिवली का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था, उसका गला धारदार हथियार से रेता गया था। इस खौफनाक कत्ल की खबर फैलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।

    डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग

    हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए घटनास्थल पर तत्काल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाया गया। टीमों ने कमरे और आसपास के पूरे इलाके से बारीकी से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए। खोजी कुत्ते की मदद से भी हत्यारे के भागने के रूट को ट्रेस करने का प्रयास किया गया।

    एसपी ने किया मौका-मुआयना, जल्द खुलासे के निर्देश

    वारदात की गंभीरता को देखते हुए कासगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओपी सिंह ने भी खुद घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली और मातहतों को मामले के जल्द से जल्द खुलासे के सख्त निर्देश दिए।

  • जाकिर कॉलोनी में रिश्ते हुए शर्मसार, सोती हुई नाबालिग बहन की गोली मारकर हत्या; भाई गिरफ्तार…

    जाकिर कॉलोनी में रिश्ते हुए शर्मसार, सोती हुई नाबालिग बहन की गोली मारकर हत्या; भाई गिरफ्तार…

    जाकिर कॉलोनी में रिश्ते हुए शर्मसार, सोती हुई नाबालिग बहन की गोली मारकर हत्या; भाई गिरफ्तार…

    मेरठ : क्राइम कैपिटल बनते जा रहे मेरठ में एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शुक्रवार को पति द्वारा पत्नी की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद, शनिवार को तड़के सुबह लोहियानगर थाना क्षेत्र में एक और खून का खेल खेला गया। यहां की जाकिर कॉलोनी में एक कलयुगी भाई ने अपनी ही 16 वर्षीय सगी बहन की सोते समय तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। दिन निकलते ही हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

    गहरी नींद में सो रही थी मासूम बहन, भाई ने सिर पर तान दिया तमंचा

    यह खौफनाक वारदात लोहियानगर थाना क्षेत्र के जाकिर कॉलोनी स्थित ट्रांसफार्मर वाली गली की है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय निवासी नूरे का परिवार अपने मकान में रहता है। शनिवार की सुबह परिवार के अन्य सदस्य जाग चुके थे और घर के कामों में व्यस्त थे, जबकि उनकी 16 वर्षीय बेटी अक्स अपने कमरे में गहरी नींद में सो रही थी।

    इसी बीच उसका सगा भाई आरिश हाथ में अवैध तमंचा लेकर कमरे में दाखिल हुआ। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या अक्स की आंख खुलती, आरिश ने उस पर बेहद करीब से गोली चला दी। गोली की आवाज से पूरा घर और आसपास का इलाका दहल उठा।

    लहूलुहान हालत में बिस्तर पर तड़पती मिली अक्स, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

    धमाके की आवाज सुनकर जब बदहवास परिजन दौड़कर अक्स के कमरे में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनकी चीख निकल गई। बिस्तर पर 16 साल की अक्स खून से लथपथ हालत में तड़प रही थी। परिजन बिना वक्त गंवाए उसे आनन-फानन में नजदीक के अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद अक्स को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से आई इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

    वारदात के बाद आरोपी भाई फरार, फोरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग

    बहन को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी आरिश मौके से तमंचा लहराते हुए फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले भारी पुलिस बल और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पंचनामा भरकर अक्स के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।

    ऑनर किलिंग या कुछ और? हत्या की वजह तलाशने में जुटी पुलिस

    पुलिस ने घटना के बाद नाकाबंदी करते हुए आरोपी भाई आरिश को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिर एक भाई ने अपनी सगी बहन की जान क्यों ली। इलाके में ऑनर किलिंग समेत कई तरह की चर्चाएं आम हैं।

    क्या कहना है पुलिस अधिकारियों का? एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, जाकिर कॉलोनी में भाई द्वारा बहन की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हत्या की असली वजह क्या थी, इसके हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरी स्थिति साफ कर दी जाएगी।

  • कश्मीर की स्कूल किताबें विवादों में, अलगाववादियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताने का आरोप..

    कश्मीर की स्कूल किताबें विवादों में, अलगाववादियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताने का आरोप..

    कश्मीर की स्कूल किताबें विवादों में, अलगाववादियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताने का आरोप..

    जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम ने इस किताब को सार्वजनिक करते हुए प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और पुस्तक खरीद में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

    प्रदेश के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में भेजी गई “जम्मू-कश्मीर की महान व दिग्गज हस्तियां” नामक इस पुस्तक को एक निजी प्रकाशक ओबराय बुकस सर्विस की ओर से प्रकाशित किया गया है और इसे हिलाल अहमद व संतोष मीणा द्वारा लिखा गया है।

    सैयद अलगी, शब्बीद सहित कई अलगाववादियों का जिक्र
    शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर पुस्तक को सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और इस पुस्तक की खरीद करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    फोरम के उप-प्रधान रघु मेहता व ट्रस्टी दीपक कपूर ने बताया कि पुस्तक में आतंकी मकबूल भट्ट को शहीद-ए-आजम बताया है और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम व मौलवी फारूक को कश्मीर का स्वतंत्रता सेनानी।

    प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए इस पुस्तक की खरीद की और प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में पुस्तक उपलब्ध कराई गई। कपूर ने बताया कि पुस्तक में मकबूल बट पर अध्याय है। इसमें भारत को आक्रांता दिखाया है और बताया है मकबूल ने कश्मीर की आजादी के लिए बलिदान दे दिया।

    1984 में दी गई थी फांसी
    मकबूल को सीआइडी इंस्पेक्टर अमर चंद व भारतीय राजदूत की हत्या के आरोप में 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी। पुस्तक में कुछ अन्य अध्यायों में सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर शाह, मसरत आलम, मीरवाइज उमर फारूक व मौलवी फारूक को कश्मीर का स्वतंत्रता सेनानी करार दिया गया है।

  • मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। करीब 45 दिन से लापता एक व्यक्ति का शव उसके ही घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दबा मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पहले बाथरूम की मरम्मत कराने का बहाना बनाया गया और फिर शव को फर्श के नीचे दफना दिया गया। घटना का खुलासा होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

    18 मई को अचानक लापता हुआ था पति

    पुलिस के अनुसार मृतक 18 मई को रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पत्नी ने भी पूछताछ के दौरान यही कहा कि उसे पति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह भी उनकी तलाश कर रही है। हालांकि समय बीतने के साथ पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले को गुमशुदगी से हत्या की दिशा में मोड़ दिया।

    मरम्मत के नाम पर रची गई हत्या छिपाने की साजिश

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति के लापता होने के कुछ ही दिनों बाद घर के बाथरूम में मरम्मत का काम कराया गया था। आरोप है कि इसके लिए एक मिस्त्री को बुलाया गया और उससे बाथरूम की फर्श तुड़वाई गई। पुलिस का संदेह है कि हत्या के बाद शव को उसी गड्ढे में दबाकर ऊपर से दोबारा सीमेंट और टाइलें लगवा दी गईं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक तक न लगे। मरम्मत का पूरा काम सामान्य निर्माण कार्य की तरह कराया गया, जिससे आसपास के लोगों को भी किसी तरह का शक नहीं हुआ।

    शक गहराया तो पुलिस ने कराई खुदाई

    लगातार जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे घर के भीतर ही किसी बड़ी वारदात की आशंका मजबूत हो गई। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक अनुमति और अधिकारियों की मौजूदगी में बाथरूम की खुदाई कराई। जैसे ही फर्श हटाई गई, नीचे से मानव शव मिलने से मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। शव की हालत देखकर साफ था कि उसे काफी समय पहले वहां दबाया गया था। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

    45 दिन बाद खुला हत्या का खौफनाक राज

    करीब डेढ़ महीने तक यह मामला केवल गुमशुदगी का माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने जांच बंद नहीं की। मोबाइल फोन की जानकारी, आसपास के लोगों से पूछताछ और घर के भीतर मिले कुछ अहम संकेतों ने जांच को नई दिशा दी। आखिरकार बाथरूम की खुदाई के दौरान शव मिलने के साथ ही हत्या की पूरी कहानी सामने आने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि घर के भीतर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर शव को फर्श के नीचे छिपा दिया जाएगा।

    पत्नी से लगातार पूछताछ, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

    शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस घटना के पीछे की वजह, पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

    मिस्त्री से भी की जा रही पूछताछ

    जिस मिस्त्री ने बाथरूम की मरम्मत का काम किया था, उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि मरम्मत के दौरान उसे किसी तरह का संदेह हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसे काम कराने वालों ने क्या जानकारी दी थी। पुलिस मिस्त्री के बयान को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।

    शव को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का सही कारण, हत्या का तरीका और घटना का समय स्पष्ट हो सकेगा। घटनास्थल से मिट्टी, निर्माण सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

    इलाके में दहशत, रिश्तों पर उठे सवाल

    इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के बाहर जमा होकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस घर में लोग सामान्य जीवन जीते दिखाई दे रहे थे, उसी घर के बाथरूम के नीचे एक शव दबा होने की बात किसी के लिए भी यकीन करना आसान नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते अपराध और घरेलू हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मौसम विभाग नहीं, इस मंदिर का पत्थर देता है बारिश का संकेत! 7 दिन पहले टपकने लगती हैं बूंदें..

    मौसम विभाग नहीं, इस मंदिर का पत्थर देता है बारिश का संकेत! 7 दिन पहले टपकने लगती हैं बूंदें..

    मौसम विभाग नहीं, इस मंदिर का पत्थर देता है बारिश का संकेत! 7 दिन पहले टपकने लगती हैं बूंदें..

    आज के इस हाई टेक जमाने में हमारे पास मौसम का हाल जानने के लिए बड़े बड़े सैटेलाइट और मोबाइल ऐप्स मौजूद हैं. वैज्ञानिक आसमान को देखकर बता देते हैं कि बारिश कब होगी. लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जो आधुनिक विज्ञान को सीधे चुनौती देता है.

    इस मंदिर की छत पर लगा एक खास पत्थर वैज्ञानिकों के लिए आज भी एक बहुत बड़ा रहस्य बना हुआ है. ये मंदिर मौसम विभाग से भी पहले और बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी कर देता है. स्थानीय लोग और दूर दूर से आने वाले श्रद्धालु इसे भगवान का एक अनोखा और सच्चा चमत्कार मानते हैं.

    क्या है मंदिर की खासियत?

    हम बात कर रहे हैं कानपुर के भीतरगांव ब्लॉक में स्थित भगवान जगन्नाथ के बेहद प्राचीन मंदिर की. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां मानसून आने से ठीक सात दिन पहले ही मंदिर की छत के पत्थरों से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं.

    जब देश के बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही होती है और आसमान में बादल का एक टुकड़ा भी नहीं होता, तब इस मंदिर के गर्भगृह की छत गीली हो जाती है. पत्थरों से पानी की बूंदें ऐसे नीचे गिरती हैं जैसे सचमुच बारिश हो रही हो. इस अनोखे नजारे को देखने के लिए हर साल यहां लोगों का तांता लग जाता है.

    मानसून का अंदाजा

    इस मंदिर की भविष्यवाणी का तरीका भी बेहद दिलचस्प और सटीक है. छत से गिरने वाली बूंदों के आकार को देखकर लोग समझ जाते हैं कि इस साल देश में मानसून कैसा रहेगा. अगर पत्थर से गिरने वाली बूंदें बहुत बड़ी बड़ी होती हैं, तो माना जाता है कि उस साल बहुत भारी बारिश होगी.

    वहीं अगर बूंदें छोटी और कम गिरती हैं, तो लोग समझ जाते हैं कि इस बार सूखा पड़ेगा या बारिश बहुत कम होगी. हैरान करने वाली बात यह भी है कि जैसे ही बाहर असलियत में आसमान में बादल छाते हैं और बारिश शुरू होती है, वैसे ही मंदिर की छत के अंदर से पानी टपकना बिल्कुल बंद हो जाता है.

    किसी वरदान से कम नहीं है ये मंदिर

    आसपास के गांवों के किसानों के लिए ये मंदिर किसी वरदान से कम नहीं है. यहां के किसान मौसम विभाग की खबरों पर नहीं, बल्कि अपने इस जगन्नाथ मंदिर के पत्थरों पर पूरा भरोसा करते हैं.

    जैसे ही मंदिर की छत से पानी की बूंदें टपकती हैं, किसान अपनी खेती बाड़ी की तैयारियों में जुट जाते हैं. वे अपने खेतों को जोतना और बीजों का इंतजाम करना शुरू कर देते हैं.

    सदियों से चली आ रही यह कुदरती भविष्यवाणी आज तक कभी गलत साबित नहीं हुई है. इसी वजह से इस इलाके के लोग इसे अपना सच्चा वेदर फोरकास्ट सेंटर मानते हैं.

    पुरातत्व विभाग ने की जांच पड़ताल

    वैज्ञानिकों और पुरातत्व विभाग की टीमों ने इस रहस्य को सुलझाने की कई बार कोशिश की है. कई बार एक्सपर्ट्स की टीम ने मंदिर की दीवारों और छत की जांच पड़ताल की, ताकि पता चल सके कि यह पानी कहां से आता है.

    लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी विज्ञान के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि बिना बादलों के पत्थरों से पानी कैसे टपक सकता है. मंदिर की बनावट बौद्ध स्तूप जैसी है और इसकी दीवारें बहुत मोटी हैं.

    विज्ञान भले ही इसे कोई भौगोलिक घटना कहे, लेकिन भक्तों के लिए यह भगवान जगन्नाथ की असीम शक्ति का जीवंत सबूत है जो आज भी सबको हैरान कर देता है.

  • सुसाइड की कहानी, लेकिन सच निकला मर्डर! 49 कॉल्स और डिलीट चैट ने बदल दी जांच की दिशा..

    सुसाइड की कहानी, लेकिन सच निकला मर्डर! 49 कॉल्स और डिलीट चैट ने बदल दी जांच की दिशा..

    सुसाइड की कहानी, लेकिन सच निकला मर्डर! 49 कॉल्स और डिलीट चैट ने बदल दी जांच की दिशा..

    हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सामने आई एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय मोनू की मौत कोई हादसा या आत्महत्या नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. आरोप है कि उसकी पत्नी तन्नू ने अपने कथित प्रेमी सोनू और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की पूरी पटकथा लिखी, ताकि किसी को उस पर शक तक न हो.

    पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत पहले मोनू का मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया गया. इसके बाद उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया गया, ताकि पोस्टमार्टम में मौत की वजह डूबना सामने आए. सुसाइड का माहौल बनाने के लिए उसकी स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी कर दी गई. शुरुआती जांच में यह योजना सफल होती दिखाई दी और पुलिस ने इसे इत्तेफाकिया मामला मानते हुए शव परिजनों को सौंप दिया.

    परिवार ने बेटे का अंतिम संस्कार भी कर दिया. उधर, आरोपी पत्नी तन्नू पूरे समय पति की मौत का गम जताती रही. वह अंतिम संस्कार में शामिल हुई, आंसू बहाए और सातवें दिन तक सभी धार्मिक रस्मों में शामिल होकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करती रही.

    डिलीट चैट और 49 कॉल्स ने पलट दी पूरी कहानी

    इस पूरी कहानी में मोड़ तब आया, जब पुलिस ने 11 जून को मोनू का मोबाइल परिवार को सौंपा. परिवार ने देखा कि फोन का पूरा डाटा डिलीट किया जा चुका था. इसी बात ने उनके मन में पहला शक पैदा किया.

    परिजनों ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से मोबाइल का डिलीट डाटा रिकवर कराया. जब चैट और कॉल डिटेल सामने आईं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मोबाइल में तन्नू और मोनू के बीच बातचीत के रिकॉर्ड मिले. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि 8 जून, यानी मोनू के लापता होने वाले दिन उसने तन्नू को 49 बार फोन किया था, जबकि दोनों के बीच केवल एक बार करीब तीन मिनट बात हुई थी.

    परिवार ने तुरंत हंगामा नहीं किया. उन्होंने बेटे की रस्म क्रिया पूरी होने तक चुप्पी साधे रखी, ताकि आरोपी को शक न हो. रस्में पूरी होने के बाद उन्होंने पुलिस को रिकवर किया गया डाटा सौंपा और हत्या का केस दर्ज कर जांच की मांग की.

    पेट दर्द का बहाना, सैलरी के पैसे और मौत का जाल

    मृतक के परिवार के मुताबिक, 7 जून को मोनू को पत्नी तन्नू को मायके से लाने जाना था. आरोप है कि तन्नू ने उससे कहा था कि वह अपनी सैलरी के पैसे लेकर ही आए. 8 जून को वेतन मिलने के बाद मोनू ने सीएससी से पैसे निकाले और घरवालों से पेट दर्द का बहाना बनाकर दवा लेने की बात कहकर स्कूटी से निकल गया.

    परिवार का दावा है कि चैट से पता चला कि तन्नू ने ही उसे मिलने के लिए बुलाया था. जब वह घर नहीं लौटा तो 9 जून को गुमशुदगी दर्ज कराई गई. अगले दिन आसलवास के पास नहर से उसका शव मिला. शरीर पर चोट के निशान नहीं थे और स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी मिली थी. इसी वजह से पुलिस ने शुरुआत में इसे हादसा या आत्महत्या माना.

    परिवार ने बाद में आरोप लगाया कि तन्नू और उसके परिवार ने शुरू से ही मोनू के उनके यहां आने या बातचीत होने की बात से इनकार किया था. हालांकि, मोबाइल मिलने के बाद तन्नू के पिता ने माना कि 8 जून को दोनों के बीच तीन मिनट बातचीत हुई थी. उन्होंने बताया कि तन्नू ने कहा था कि मोनू दोस्तों के साथ घूमने जा रहा है और उसे मिलने बुला रहा था.

    एसपी तक पहुंचा परिवार, फिर खुली साजिश की परतें

    परिवार का आरोप है कि मोबाइल से मिले सबूत देने के बावजूद शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. वे पहले 21 जून और फिर 30 जून को डीएसपी से मिले, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार 2 जुलाई को एसपी से मिलने के बाद मामले ने रफ्तार पकड़ी और पुलिस ने जांच तेज कर दी.

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तन्नू ने स्वीकार किया कि 8 जून को उसने मोनू को फोन कर बुलाया था. वहां पहले से घात लगाए बैठे उसके कथित प्रेमी सोनू और उसके साथी हरिओम तथा अमन ने मोनू को पकड़ लिया. आरोप है कि तीनों ने उसका मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया और फिर नहर में फेंक दिया.

    डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि तन्नू और प्रेमी सोनू के साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य आरोपी सोनू और उसका दूसरा साथी अमन अभी फरार हैं. उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला ने प्रेमी के साथ हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है. हालांकि, मामले के सभी तथ्यों की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतक के माता-पिता ने आरोपी पत्नी और उसके कथित प्रेमी को फांसी की सजा देने की मांग की है.

  • प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में 14 वर्षीय एक स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर प्रेमजाल, ब्लैकमेल, धर्म परिवर्तन का दबाव और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है. पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल बस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म के प्रयास, अपहरण, छेड़छाड़ और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.

    पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.

    यह भी पढ़ें: कानपुर: दो हिंदू लड़कियों के बाद तीसरी को भी फंसाने की फिराक में था शातिर इरशाद! मोबाइल पर मिली ‘सीक्रेट’ चैट

    दरअसल, यह मामला कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र का है. पीड़िता कक्षा आठ की छात्रा है और रोजाना स्कूल बस से पढ़ने जाती थी. पिता का आरोप है कि इसी दौरान बस चालक मुख्तार कुरैशी ने उसकी पहचान दूसरे धर्म के युवक राज राईन से कराई और दोनों ने मिलकर छात्रा को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की.

    बस चालक पर दोस्ती कराने और ब्लैकमेल का आरोप

    पीड़िता के पिता के मुताबिक, बस चालक मुख्तार कुरैशी लगातार उनकी बेटी पर राज राईन से दोस्ती करने का दबाव बनाता था. आरोप है कि छात्रा को गिफ्ट, चॉकलेट और अन्य सामान दिए जाते थे. बाद में उसे एक मोबाइल फोन भी दिया गया, जिसे छुट्टी के बाद वापस ले लिया जाता था.

    परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा. आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी और परिवार को जान से मार दिया जाएगा.

    एफआईआर के मुताबिक, छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव भी बनाया गया. विरोध करने पर लगातार धमकियां दी गईं, जिससे वह लंबे समय तक भय और मानसिक तनाव में रही.

    छात्रा का आरोप- मां के खाने में नशीला पदार्थ मिलाने को कहा

    शिकायत के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने छात्रा को एक पुड़िया देकर उसे घर के खाने में मिलाने के लिए कहा. छात्रा का आरोप है कि उससे कहा गया कि इससे उसके माता-पिता को कुछ नहीं होगा और कुछ घंटों बाद उन्हें होश आ जाएगा.

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस दिन उसके पिता घर पर नहीं थे और वह अपनी मां के साथ अकेली थी. उसने कथित तौर पर वह पदार्थ मां के खाने में मिला दिया. इसके बाद आरोपियों ने उसे घर के पास स्थित एक खंडहर में बुलाया.

    छात्रा का कहना है कि वहां पहले से मौजूद मुख्तार, राज राईन और मोनिस ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. उसने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और बाद में पूरी घटना अपने पिता को बताई.

    फोटो एडिट कर वायरल करने का भी आरोप

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसके गले में हाथ डालकर जबरन फोटो खिंचवाई. बाद में उसी फोटो और उसकी सोशल मीडिया तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाई गई और फोटो एडिट कर आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ वायरल किया गया.

    छात्रा ने कहा कि आरोपियों ने उससे सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड भी दबाव बनाकर ले लिया था. जब उसने उनकी बात मानने से इनकार किया तो उसकी होली की तस्वीर एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई.

    पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी उसके धर्म के बारे में अपमानजनक बातें करते थे और कहते थे कि उनके धर्म में शामिल हो जाओ. छात्रा ने कहा कि उसे न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

    पिता बोले- बेटी डरी हुई थी, तब सामने आया पूरा मामला

    पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रोज बस से इंटर कॉलेज पढ़ने जाती थी. उनका आरोप है कि बस चालक ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को बहलाया-फुसलाया और उसका मानसिक रूप से ब्रेनवॉश करने की कोशिश की.

    उन्होंने कहा कि बेटी काफी डरी और सहमी रहती थी. जब परिवार ने उससे लगातार पूछताछ की तब उसने पूरी घटना बताई. इसके बाद पता चला कि उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर उसे बदनाम करने की कोशिश भी की गई.

    पिता ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

    विश्व हिंदू परिषद नेता ने क्या कहा?

    विश्व हिंदू परिषद के हिंदू नेता राज किशोर ने दावा किया कि मूसानगर क्षेत्र में नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर ब्लैकमेल करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं की तस्वीरें लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है और उनका शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया जाता है.

    उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों को बाहरी फंडिंग मिलती है और इसी वजह से उनके पास महंगे मोबाइल और वाहन हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग वर्गों की लड़कियों को फंसाने पर अलग-अलग रकम मिलने जैसी जानकारी उन्हें मिली है.

    हालांकि, इन फंडिंग और संगठित गिरोह से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने भी फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

    पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    भोगनीपुर के सीओ राजीव सिरोही ने बताया कि 3 जुलाई 2026 को मूसानगर थाने में 14 वर्षीय छात्रा के संबंध में शिकायत मिली थी. जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.

    सीओ के अनुसार, छात्रा की पहचान बस चालक मुख्तार अहमद ने अपने परिचित राज राईन से कराई थी. आरोप है कि दोनों छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहे थे. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई. बाद में मुख्तार, राज राईन और उनके साथी मोनिस छात्रा को बहला-फुसलाकर ले गए, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई और फोटो खींची गई.

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो टीमों का गठन किया. नामजद आरोपी मुख्तार अहमद और राज राईन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी मोनिस की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.