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  • पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

    पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

    पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

    Kishanganj Murder Case: बिहार के किशनगंज जिले में एक हत्या के मामले का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. जिस पत्नी ने पहले खुद को बेबस दिखाते हुए दावा किया था कि रात में चोर घर में घुस आए और उसके पति की हत्या कर दी, वही इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड निकली. पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. मामला 4 जुलाई 2026 का है. 

    बिशनपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले 42 वर्षीय रिजवान आलम अपने घर में मृत मिले थे. उनके पिता नजीर आलम को सुबह सूचना मिली कि बेटे की किसी ने हत्या कर दी है. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि रिजवान का शव बिस्तर पर पड़ा था, जबकि उनकी पत्नी डेजी परवीन और छोटी बच्ची उसी कमरे में मौजूद थीं.

    पुलिस को हुआ शक

    शुरुआत में डेजी ने पुलिस को बताया कि रात में चोर घर में घुस आए थे. उन्होंने चोरी की और इसी दौरान उसके पति की हत्या कर दी लेकिन जांच के दौरान पुलिस को उसकी बातों पर शक होने लगा. उसने जिन जेवरों के चोरी होने की बात कही थी, वे घर की अलमारी में ही सुरक्षित मिले. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि डेजी लगातार एक युवक अनवर हुसैन के संपर्क में थी. जब पुलिस ने अनवर से पूछताछ की तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.

    नौ साल पहले मुलाकात

    अनवर ने बताया कि करीब नौ साल पहले, जब वह पढ़ाई के लिए बिशनपुर आया था, तभी उसकी डेजी से पहचान हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. उस समय रिजवान विदेश के कुवैत में नौकरी करते थे और दो-दो साल बाद कुछ दिनों के लिए ही घर आते थे इसलिए दोनों का मिलना-जुलना आसानी से चलता रहा लेकिन इस बार रिजवान को पत्नी और अनवर के रिश्ते की भनक लग गई थी. उन्होंने विदेश वापस न जाने और यहीं रहकर काम करने का फैसला किया. इससे दोनों को डर था कि उनका रिश्ता सबके सामने आ जाएगा.

    डेजी ने फोन पर दी थी सूचना

    पुलिस के अनुसार, डेजी ने अनवर पर रिजवान को रास्ते से हटाने का दबाव बनाया. दोनों ने मिलकर हत्या की प्लानिंग की. अनवर ने डेजी को एक अलग मोबाइल फोन भी दिया था, जिससे दोनों गुप्त रूप से बात करते थे. घटना वाली रात करीब 12 बजे डेजी ने अनवर को फोन कर बताया कि उसका पति गहरी नींद में सो चुका है. इसके बाद अनवर लोहे की रॉड लेकर घर पहुंचा. वह दीवार फांदकर दूसरी मंजिल तक गया और डेजी के कमरे से बाहर आने का इंतजार करता रहा.

    लोहे की रॉड से मारकर की हत्या

    कुछ देर बाद डेजी बाहर आई और इशारा किया कि रिजवान सो रहे हैं. इसके बाद अनवर कमरे में गया और सो रहे रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से दो जोरदार वार कर दिए. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों ने इसे चोरी की वारदात दिखाने की कोशिश की. डेजी ने अपना और पति का मोबाइल अनवर को दे दिया ताकि वह उन्हें ठिकाने लगा दे और पुलिस को लगे कि चोर मोबाइल भी ले गए. अनवर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड नदी में फेंक आया और मोबाइल फोन गांव की बांसवाड़ी में जमीन के अंदर गाड़ दिए.

    फोन कॉल ने खोली पोल

    हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ के सामने दोनों ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए. अनवर के एक फोन कॉल ने पूरी कहानी खोल दी. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नदी से हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और जमीन में दबाए गए मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए. किशनगंज पुलिस ने पत्नी डेजी परवीन और उसके प्रेमी अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है

  • कौशांबी में मातम: मां ने 3 साल के मासूम बेटे को जहर देकर खुद भी खाया, दोनों की मौत; पूरा मामला जानकर रह जाएंगे हैरान..

    कौशांबी में मातम: मां ने 3 साल के मासूम बेटे को जहर देकर खुद भी खाया, दोनों की मौत; पूरा मामला जानकर रह जाएंगे हैरान..

    कौशांबी में मातम: मां ने 3 साल के मासूम बेटे को जहर देकर खुद भी खाया, दोनों की मौत; पूरा मामला जानकर रह जाएंगे हैरान..

    त्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रविवार को 34 वर्षीय महिला और उसके तीन वर्षीय बेटे की कथित रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र की है …

    कौशांबी : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रविवार को 34 वर्षीय महिला और उसके तीन वर्षीय बेटे की कथित रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान सुमरी (34) और उसके तीन वर्षीय बेटे युवराज के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सुमरी का विवाह पांच वर्ष पहले गुजरात में काम करने वाले धनराज से हुआ था। 

    दंपति के दो बच्चे थे-तीन वर्षीय बेटा युवराज और दो माह की बेटी गुड़िया। सुमरी के पिता जगलाल ने बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं था और उनका वैवाहिक जीवन सामान्य था। उन्होंने बताया कि सुमरी करीब एक माह पहले अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल होने के लिए बच्चों के साथ मायके आई थी और विवाह के बाद भी वहीं रह रही थी। पुलिस के अनुसार, रविवार को सुमरी ने अपने पति से फोन पर बात की। 

    इसके बाद, जब घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था, तब उसने अपने बेटे युवराज के साथ कीटनाशक का कथित रूप से सेवन कर लिया। जगलाल जब घर लौटे तो उन्होंने सुमरी और युवराज को फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा पाया। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब छह बजे उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 

  • 24 घंटे में पुलिस की बड़ी कामयाबी, बुजुर्ग हत्याकांड का खुलासा; बहू निकली साजिशकर्ता..

    24 घंटे में पुलिस की बड़ी कामयाबी, बुजुर्ग हत्याकांड का खुलासा; बहू निकली साजिशकर्ता..

    24 घंटे में पुलिस की बड़ी कामयाबी, बुजुर्ग हत्याकांड का खुलासा; बहू निकली साजिशकर्ता..

    छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर एक अंधे हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की बहू समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि पारिवारिक विवाद के चलते बहू ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर 70 वर्षीय ससुर की हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने आधी रात को घर में घुसकर पहले लकड़ी के फट्टे और मुक्कों से बुजुर्ग पर हमला किया, फिर उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर हत्या कर दी।

    एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार तथा एसडीओपी जशपुर के मार्गदर्शन में थाना दुलदुला पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया।

    घर में मृत आस्था में मिली थी बुजुर्ग की लाश

    जानकारी के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को थाना दुलदुला क्षेत्र के ग्राम बोड़ाजोर निवासी 70 वर्षीय चुगरू प्रधान अपने घर में मृत अवस्था में पाए गए। उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।

    पारिवारिक विवाद के चलते बहू ने रची हत्या की साजिश

    पुलिस जांच में पता चला कि मृतक का अपनी बहू सुगंती बेसरा के साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने तीन परिचितों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इस बीच 3 और 4 जुलाई की दरमियानी रात आरोपी मोटरसाइकिल से मृतक के घर पहुंचे। दरवाजा खुलवाने के बाद उन्होंने लकड़ी के फट्टे और मुक्कों से हमला किया। इसके बाद बुजुर्ग के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर से मिली सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का फट्टा, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

  • बॉयफ्रेंड की शादी की खबर सुन आग-बबूला हुई प्रेमिका, TC का बहाना बनाकर पहुंची घर,,

    बॉयफ्रेंड की शादी की खबर सुन आग-बबूला हुई प्रेमिका, TC का बहाना बनाकर पहुंची घर,,

    बॉयफ्रेंड की शादी की खबर सुन आग-बबूला हुई प्रेमिका, TC का बहाना बनाकर पहुंची घर,,

    Badaun Girlfriend Murder Case: यूपी के बदायूं में एक युवक ने शनिवार रात अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड की गला घोंटकर हत्या कर दी. गर्लफ्रेंड इस बात से नाराज थी कि उसने कहीं और शादी तय कर ली थी. सगाई के बाद से ही उसका उससे झगड़ा चल रहा था. तब से वह उससे शादी करने की जिद कर रही थी.

    गर्लफ्रेंड शनिवार सुबह 10 बजे नागार्जुन कॉलेज से 12वीं का TC लेने के बहाने घर से निकली थी. वह सीधे अपने बॉयफ्रेंड के घर चली गई. युवक उसे झांसे में लेकर मक्के के खेत में ले गया, जहां उसने उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. 

    बॉयफ्रेंड को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    यह घटना बिल्ली के रामपुर टांडा गांव में हुई. जब बेटी शनिवार देर शाम तक घर नहीं लौटी, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की. काफी तलाश के बाद, उन्होंने बेटी के प्रेमी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बॉयफ्रेंड को उसके घर से हिरासत में लिया और उससे कड़ी पूछताछ की. उसने हत्या की बात कबूल कर ली.

    आरोपी की निशानदेही पर, पुलिस उसे एक खेत में ले गई और उसकी गर्लफ्रेंड की लाश बरामद की. बॉयफ्रेंड का नाम जोगेंद्र (19) है, जो BA सेकंड ईयर का स्टूडेंट है. गर्लफ्रेंड नाबालिग है. उसने इसी साल इंटरमीडिएट पास किया है और BA में एडमिशन ले रखा है. उनके घर 100 मीटर दूर हैं.

    नाबालिग लड़की तीन साल से आरोपी के साथ रिलेशनशिप में थी

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जोगेंद्र और लड़की करीब तीन साल से रिलेशनशिप में थे. जोगेंद्र की शादी तीन महीने पहले हयातनगर में तय हुई थी. जून में उनकी सगाई हुई थी. जब से जोगेंद्र की शादी पक्की हुई थी, तब से दोनों के बीच फोन पर झगड़ा होता रहता था. जोगेंद्र अपने परिवार की मर्ज़ी से शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी गर्लफ्रेंड उस पर शादी का दबाव बना रही थी. उसके परिवार को भी उनके रिश्ते के बारे में पता था.

    लड़की के परिवार को बॉयफ्रेंड के पिता पर भी हत्या का शक

    गर्लफ्रेंड के परिवार ने बताया कि जोगेंद्र काफी समय से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था, यहां तक ​​कि उसका पीछा भी करता था. उन्होंने इस बारे में कई बार उसके पिता हरपाल से शिकायत की थी. लेकिन अपने बेटे को रोकने के बजाय, उसने मामले को नजरअंदाज कर दिया. परिवार को शक है कि जोगेंद्र के पिता और जोगेंद्र भी इस हत्या में शामिल हैं. लड़की तीन भाइयों और चार बहनों में सबसे छोटी थी. दो बहनों की शादी हो चुकी है. पिता और भाई किसान हैं. पुलिस ने आरोपी जोगेंद्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है.

  • सिरदर्द को हर बार माइग्रेन समझना पड़ सकता है भारी, जानिए Headache के प्रकार..

    सिरदर्द को हर बार माइग्रेन समझना पड़ सकता है भारी, जानिए Headache के प्रकार..

    सिरदर्द को हर बार माइग्रेन समझना पड़ सकता है भारी, जानिए Headache के प्रकार..

    अकसर यही मान लिया जाता है सिरदर्द मतलब माइग्रेन।  सिरदर्द की बीमारी नर्वस सिस्टम की सबसे आम बीमारियों में से हैं। हालांकि  इसका कारण सिर्फ माइग्रेन ही नहीं है  कई बार सिरदर्द विकलांगता, खराब क्वालिटी ऑफ लाइफ और पैसे के बोझ जैसे पर्सनल और सामाजिक बोझ से जुड़ा होता है। दुनिया भर में सिरदर्द को कम आंका गया है, कम पहचाना गया है और कम इलाज किया गया है। आज हम आपको  सिरदर्द की समस्याओं और माइग्रेन की जटिलताओं के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

    सिरदर्द की बीमारियां, जिनमें बार-बार सिरदर्द होता है, नर्वस सिस्टम की सबसे आम बीमारियों में से हैं। सिरदर्द प्राइमरी सिरदर्द की बीमारियों, जैसे माइग्रेन, टेंशन-टाइप सिरदर्द और क्लस्टर सिरदर्द का एक दर्दनाक और कमज़ोर करने वाला लक्षण है। सिरदर्द कई दूसरी बीमारियों की वजह से भी हो सकता है या उनके बाद हो सकता है, जिनमें सबसे आम है दवा के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाला सिरदर्द। यह बच्चों और किशोरों को भी हो सकता है, लेकिन यह उन्हें अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है।  दुनिया भर में, सिरदर्द की बीमारी लगभग 40% आबादी, या 2021 में 3.1 बिलियन लोगों को प्रभावित करती है, और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज़्यादा आम है।


    सिरदर्द क्यों है इतना खतरनाक

    ग्लोबल हेल्थ एस्टिमेट्स 2021 के अनुसार, स्ट्रोक और नियोनेटल एन्सेफैलोपैथी के बाद, माइग्रेन सिरदर्द दुनिया भर में डिसेबिलिटी-एडजस्टेड लाइफ ईयर्स (DALYs) का तीसरा सबसे बड़ा कारण पाया गया। बार-बार सिरदर्द के दौरे और अक्सर अगले दौरे का लगातार डर, पारिवारिक जीवन, सामाजिक जीवन और नौकरी को नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक सिरदर्द की पुरानी बीमारी से निपटने की कोशिश करने से व्यक्ति को दूसरी बीमारियां भी हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, माइग्रेन से पीड़ित लोगों में एंग्जायटी और डिप्रेशन होना, स्वस्थ लोगों की तुलना में काफी आम है।

    माइग्रेन, टेंशन वाले सिरदर्द, क्लस्टर सिरदर्द और दवा के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाले सिरदर्द पब्लिक हेल्थ के लिए ज़रूरी हैं क्योंकि ये आबादी में विकलांगता और खराब सेहत के बड़े लेवल के लिए ज़िम्मेदार हैं। माइग्रेन की पहचान बार-बार होने वाले दौरे हैं और यह अक्सर ज़िंदगी भर रहता है। यह एक प्राइमरी सिरदर्द की बीमारी है, जो ज़्यादातर मामलों में एपिसोडिक होती है, आमतौर पर 4–72 घंटे तक रहती है, और इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी और/या फोटोफोबिया और फोनोफोबिया भी होता है। कभी-कभी इससे पहले ठीक हो सकने वाले, देखने वाले, सेंसरी या दूसरे लक्षणों का एक औरा होता है। माइग्रेन ज़्यादातर प्यूबर्टी में शुरू होता है और आमतौर पर 35 से 45 साल की उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। यह महिलाओं में ज़्यादा आम है, शायद हॉर्मोनल असर की वजह से। अटैक में आमतौर पर सिरदर्द शामिल होता है, जो अक्सर: मध्यम या तेज़ तीव्रता का, एक तरफ़ या आंख के पीछे, एक जैसी धड़कन, रोज़ाना की शारीरिक गतिविधि से बढ़ जाना रोशनी और आवाज़ों के प्रति सेंसिटिव होना; औजी मिचलाने के साथ होता है।


    टेंशन-टाइप सिरदर्द

    टेंशन-टाइप सिरदर्द (TTH) को दबाव या जकड़न के रूप में बताया जाता है, जो अक्सर सिर के चारों ओर एक बैंड जैसा होता है, कभी-कभी गर्दन में या उससे फैल जाता है। ये तनाव से जुड़े हो सकते हैं या गर्दन में मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। ये अक्सर टीनएज में शुरू होते हैं और पुरुषों की तुलना में महिलाओं को 50% ज़्यादा प्रभावित करते हैं। एपिसोडिक TTH, जो महीने में 15 दिन से भी कम होता है कुछ आबादी के 70% से ज़्यादा लोग इसकी रिपोर्ट करते हैं। एपिसोडिक TTH अटैक आमतौर पर कुछ घंटों तक रहते हैं लेकिन कई दिनों तक रह सकते हैं।


    क्लस्टर सिरदर्द

    क्लस्टर सिरदर्द (CH) एक प्राइमरी सिरदर्द की बीमारी है जिसकी पहचान बार-बार होने वाला (दिन में कई बार तक), छोटा लेकिन बहुत तेज़ सिरदर्द है, जो आमतौर पर एक आंख में या उसके आस-पास होता है, जिसमें आंख से पानी आता है और वह लाल हो जाती है। प्रभावित हिस्से पर अक्सर नाक बहती है या बंद हो जाती है और पलक झुक सकती है। CH काफ़ी कम होता है और यह 1000 में से 1 से भी कम वयस्कों को प्रभावित करता है, हर महिला पर छह पुरुषों को प्रभावित करता है। CH से पीड़ित ज़्यादातर लोग 20 साल या उससे ज़्यादा उम्र के होते हैं। CH में एपिसोडिक और ch होते हैं।

    इलाज

    सिरदर्द से परेशान बहुत से लोगों को सही डायग्नोसिस और देखभाल नहीं मिल पाती। सिरदर्द की समस्याओं के सही इलाज के लिए हेल्थ प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग, सही डायग्नोसिस और स्थिति की पहचान, किफायती दवाओं से सही इलाज, जीवनशैली में आसान बदलाव और मरीज़ को जानकारी देना ज़रूरी है।  माइग्रेन के इलाज के लिए, दर्द शुरू होने से रोकने के लिए लक्षणों (जैसे विज़ुअल ऑरा) के दिखते ही एनाल्जेसिक दवाएं लेनी चाहिए। दवाओं के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाले सिरदर्द, माइग्रेन को बढ़ाने वाली चीज़ों (ट्रिगर्स) और जीवनशैली में बदलाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के आसान उपाय बहुत असरदार होते हैं।

    नोट: किसी भी मेडिकल कंडीशन का खुद से इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह लें।

  • सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    झांसी : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और बर्बर वारदात सामने आई है। यहां के मऊरानीपुर इलाके में एक सगे भांजे ने अपने साले के साथ मिलकर 69 वर्षीय बुजुर्ग मामा की ऐसी नृशंस हत्या की, जिसे सुनकर पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। जमीन के लालच और मामा की टोका-टाकी से नाराज भांजे ने पहले बुजुर्ग का अपहरण किया, फिर गला घोंटने और पत्थर से सिर कुचलने के बाद जब उनकी सांसें चलती रहीं, तो उन्हें कार से पेट्रोल निकालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सर्विलांस की मदद से हुआ है।

    अविवाहित मामा ने भांजे के नाम की थी 30 बीघा जमीन, सब बेचकर उड़ाए पैसे

    मऊरानीपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) रत्नेश कुमार ने बताया कि मूल रूप से महोबा जिले के दिदवारा गांव के रहने वाले 69 वर्षीय नेपाल सिंह पिछले 30 सालों से झांसी के लहचूरा थाना क्षेत्र के धमना पायक गांव में रह रहे थे। नेपाल सिंह आजीवन कुंवारे रहे और उन्होंने शादी नहीं की थी। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और संपत्ति अपने भांजे प्रीतम, अपनी बहन सुधा देवी और बहनोई के नाम कर दी थी।

    भांजा प्रीतम बेहद शातिर और खर्चीला था। उसे मामा की तरफ से जो करीब 30 बीघा जमीन मिली थी, उसे वह पहले ही बेचकर पैसे उड़ा चुका था। अब उसकी काली नजर अपनी मां के हिस्से की जमीन पर थी, जिसे वह औने-पौने दामों में बेचना चाहता था। बुजुर्ग मामा नेपाल सिंह भांजे की इस बर्बादी का लगातार विरोध कर रहे थे और उसे गलत काम करने से टोकते थे।

    दो दिन में जान से मार दूंगा बड़े मामा को फोन पर दी थी खुली चुनौती

    पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि प्रीतम अपने मामा नेपाल सिंह की रोज-रोज की टोका-टाकी से इस कदर नाराज हो गया था कि उसने उन्हें रास्ते से हटाने का पूरा प्लान बना लिया। आरोप है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने से ठीक दो दिन पहले, यानी 27 जून को प्रीतम ने अपने बड़े मामा वीर सिंह को फोन किया था। फोन पर उसने खुली धमकी देते हुए कहा था कि “अगर नेपाल सिंह दो दिन के भीतर मेरे घर से नहीं गए, तो मैं उन्हें जान से मार दूंगा।” परिवार ने इस धमकी को सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन प्रीतम के दिमाग में खौफनाक साजिश पक रही थी।

    सुबह तड़के किया किडनैप; सीसीटीवी कैमरे ने खोल दी कलयुगी भांजे की पोल

    29 जून की सुबह तड़के अचानक बुजुर्ग नेपाल सिंह रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कहीं पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने लहचूरा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला एक बुजुर्ग से जुड़ा होने के कारण थाना प्रभारी सरिता मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत तफ्तीश शुरू की।

    पुलिस ने जब गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। फुटेज में साफ दिखा कि सुबह के वक्त प्रीतम अपनी कार में जबरन नेपाल सिंह को बैठाकर ले जा रहा था। इस पुख्ता सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए प्रीतम को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सामने रखी तो वह टूट गया और उसने मामा की रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर स्टोरी बयां कर दी।

    एमपी के करारा गंज जंगल में तड़पा-तड़पा कर दी मौत, एक आरोपी अब भी फरार

    कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रीतम ने बताया कि वह 29 जून को अपने मामा का अपहरण कर सीधे मध्य प्रदेश के अलीपुरा थाना क्षेत्र के करारा गंज गांव पहुंचा। वहां उसका साला गोलू और एक साथी अनुज पहले से कार का इंतजार कर रहे थे। तीनों ने मिलकर पहले नेपाल सिंह का गला घोंटने का प्रयास किया। जब वे नहीं मरे, तो भारी पत्थर उठाकर उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनका एक दांत टूट गया और वे लहूलुहान हो गए।

    इतनी बर्बरता के बाद भी जब बुजुर्ग की सांसें चलती रहीं, तो आरोपियों ने अपनी ही कार की टंकी से पाइप डालकर पेट्रोल निकाला। तड़प रहे बुजुर्ग मामा पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया। जब वे पूरी तरह जल गए, तो शव को एमपी के घने जंगलों में फेंककर तीनों फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी भांजे प्रीतम और उसके साले गोलू को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी अनुज की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

  • शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना चिनहट में एक युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक आरोपित को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।

    मामले की विवेचना कर रहे थाना में तैनात उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा ने बताया कि एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, कुछ समय पहले उसकी मुलाकात बाराबंकी के जैदपुर थाना बीबीपुर निवासी ऋषि वर्मा से हुई थीं। आरोपित ऋषि ने उससे कहा कि वो उसको बहुत पसंद है और उससे शादी करना चाहता है। इसी बीच उसने कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाए। अब वह शादी से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं उसे जानमाल की धमकी भी दी है। युवती ने शनिवार को आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

    मामले का संज्ञान लेकर थाना प्रभारी ने पूरे प्रकरण की जांच उन्हें (उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा) को सौंपी थी। उपनिरीक्षक ने बताया कि प्रभावी कार्यवाही करते हुए नामजद आरोपित ऋषि वर्मा को आज गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपित के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है।

  • ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

    ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

    ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

      पंजाब के तरनतारन जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां अपनी रूठी हुई पत्नी को मनाने और उसे वापस घर ले जाने के लिए ससुराल गए एक युवक को उसके सगे साले ने सरेआम पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया. इस भयावह घटना में युवक और उसे बचाने दौड़ी एक महिला की तड़प-तड़पकर मौत हो गई है. इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मर्डर का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

      पत्नी को वापस लाने गया था लवप्रीत, मिली दर्दनाक मौत

      मृतक युवक की पहचान लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लवप्रीत सिंह और उसकी पत्नी संदीप कौर के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी, जिसके बाद संदीप अपने मायके जाकर रहने लगी थी. बीती 13 जून को लवप्रीत अपनी पत्नी को समझा-बुझाकर वापस घर लाने के मकसद से अपने ससुराल गया था. उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसकी जिंदगी का सबसे खौफनाक अंत इंतजार कर रहा है. वहां बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि लवप्रीत के साले साजन सिंह ने गुस्से में आकर अपने जीजा पर कोई ज्वलनशील पदार्थ फेंका और माचिस जला दी. देखते ही देखते लवप्रीत आग का गोला बन गया.

      बचाने आई महिला भी लपटों में घिरी, दोनों की मौत

      जब लवप्रीत को जिंदा जलाया जा रहा था, तब साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर बीच-बचाव करने और लवप्रीत की जान बचाने के लिए आगे दौड़ीं. लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गुरजीत कौर भी उसकी चपेट में आ गईं और बुरी तरह झुलस गईं. अस्पताल में इलाज के दौरान लवप्रीत और गुरजीत दोनों ने दम तोड़ दिया. इस घटना में आरोपी साजन सिंह भी खुद थोड़ा झुलस गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

      रूह कंपा देने वाला वीडियो आया सामने, पुलिस ने दर्ज किया केस

      इंटरनेट पर आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे एक शख्स अचानक दूसरे पर आग लगा देता है और पीड़ित खुद को बचाने के लिए बेतहाशा इधर-उधर भागता है. गुरजीत कौर को भी आग की लपटों में घिरा देख पीछे खड़ा एक तीसरा शख्स मदद के लिए दौड़ता है. वीडियो में आग तेजी से फैलती हुई और दोनों पीड़ितों को अपनी चपेट में लेती दिख रही है. तरनतारन पुलिस ने इस जघन्य अपराध को लेकर मुख्य आरोपी साजन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.

    • हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      बाराबंकी जिले में एसटीएफ ने एक ऐसे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सबसे जरूरी चीज, चाय को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। थाना बड्डूपुर क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में चल रही नकली और मिलावटी चायपत्ती बनाने की फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।

      छापेमारी में क्या-क्या मिला?

      एसटीएफ की टीम ने मौके से लगभग 763.75 किलोग्राम मिलावटी चायपत्ती बरामद की है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री और रसायन भी मिले हैं। बरामद सामान में फर्जी ब्रांड की मिलावटी चायपत्ती के सैकड़ों पैकेट, लगभग 3.9 किलोग्राम रंगीन रसायन, पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में खाली रैपर और बोरे शामिल हैं। इन सभी चीजों का इस्तेमाल नकली चाय को असली ब्रांड की तरह पैक कर बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था।

      कैसे चलता था मिलावट का यह धंधा?

      जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा चलाया जा रहा था। गिरोह के सदस्य असम से सस्ती और घटिया क्वालिटी की चायपत्ती मंगाते थे। इसके बाद उसमें रंग और रसायन मिलाकर उसे मजबूत स्वाद और आकर्षक रंग दिया जाता था। फिर इस मिलावटी चाय को अलग-अलग नामी ब्रांड के पैकेट में पैक कर लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर और बहराइच जैसे जिलों में सप्लाई किया जाता था।

      गिरफ्तार आरोपी ने खोले कई राज

      गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शकील ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उसके मुताबिक, इस धंधे में कई लोग शामिल हैं जो अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। उसने यह भी बताया कि कम लागत में तैयार होने वाली यह नकली चाय बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेची जाती थी, जिससे गिरोह को मोटा मुनाफा होता था।

      एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

      एसटीएफ की यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने शाहपुर गांव में छापा मारा और मौके से एक आरोपी को दबोच लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

      किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

      इस मामले में थाना बड्डूपुर में बीएनएस की धारा 318(2), 318(4), 274 और 275 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क और फंडिंग चैन की जांच कर रही है। फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे सप्लाई चेन पर है और जांच आगे बढ़ रही है।

    • यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

      यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

      यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

      मौत एक ऐसा सच है जिससे कोई भी बच नहीं सकता. गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद की स्थितियों के बारे में बहुत विस्तार से बताया गया है. आमतौर पर माना जाता है कि जब किसी इंसान का अंत समय आता है, तो यमराज के दूत यानी यमदूत उसे लेने आते हैं.

      गरुड़ पुराण के अनुसार यमदूतों का रूप बहुत भयानक होता है और वे पापियों को बेरहमी से घसीटते हुए ले जाते हैं. लेकिन इसी पुराण में एक बेहद गुप्त और खास नियम का भी जिक्र मिलता है.

      शास्त्रों के अनुसार 3 तरह के लोग ऐसे होते हैं जिनके पास आने की हिम्मत यमराज के दूत भी नहीं कर पाते. यमदूत इन खास लोगों को कभी हाथ तक नहीं लगाते, बल्कि इनके प्राण लेने के लिए खुद भगवान के दिव्य पार्षद आते हैं. आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार कौन से हैं वे खुशकिस्मत लोग.

      प्रभु भक्ति में लीन रहने वाले सच्चे भक्त

      इस सूची में पहला नाम उन लोगों का आता है जो अपना पूरा जीवन ईश्वर की भक्ति और सिमरन में बिता देते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति हर समय भगवान का नाम लेता है, उसका अंत समय बहुत शांति से कटता है.

      ऐसे लोगों के मन में मृत्यु का कोई डर नहीं होता. जब उनकी सांसें खत्म होने वाली होती हैं, तो यमराज के भयानक दूत उनके आसपास भी नहीं फटकते. प्रभु का नाम जपने वाले इन लोगों के प्राण हरने के लिए सीधे वैकुंठ धाम से विष्णुदूत आते हैं. वे बहुत सुंदर और शांत रूप में प्रकट होते हैं. वे इन भक्तों की आत्मा को बहुत आदर के साथ अपने दिव्य विमान में बैठाकर ले जाते हैं.

      निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने वाले

      दूसरा नियम उन लोगों के लिए है जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि भूखों को खाना खिलाना, बीमारों की सेवा करना और बेसहारा लोगों को आश्रय देना सबसे बड़ा धर्म है.

      जो इंसान बिना किसी लालच के समाज की भलाई करता है, उसके खाते में अपार पुण्य जमा हो जाते हैं. ऐसे दयालु लोगों के पास जाने से यमदूत खुद कतराते हैं.

      यमराज के दूतों को केवल उन लोगों को ले जाने का अधिकार है जिन्होंने जीवन भर दूसरों को सताया हो. दूसरों के आंसू पोंछने वाले परोपकारी लोगों का स्वागत करने के लिए स्वर्ग के देवता खुद आते हैं.

      सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले इंसान

      तीसरी स्थिति उन लोगों की है जो जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आ जाएं, कभी झूठ और बेईमानी का रास्ता नहीं चुनते. गरुड़ पुराण के अनुसार सत्य बोलना और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाना भी एक बहुत बड़ी तपस्या है.

      जो लोग माता पिता की सेवा करते हैं, किसी का दिल नहीं दुखाते और धर्म के नियमों का पालन करते हैं, उन्हें यमराज का भय नहीं सताता. यमदूत ऐसे ईमानदार और साफ दिल वाले लोगों को दूर से ही प्रणाम करते हैं.

      इनके प्राण निकलते समय इन्हें बिल्कुल भी दर्द नहीं होता. इनकी आत्मा को सीधे मोक्ष या उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है.

      अच्छे कर्मों का मिलता है ये दिव्य फल

      इस तरह गरुड़ पुराण की यह बातें हमें जीवन को सही दिशा में जीने का संदेश देती हैं. मृत्यु से डरने की बजाय हमें अपने आज के कर्मों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए. जो इंसान लालच, नफरत और धोखेबाजी से दूर रहता है, उसका अंत समय अपने आप सुधर जाता है.

      यमदूतों का खौफ सिर्फ उन्हीं के लिए है जो बुरे कामों में डूबे रहते हैं. अगर हमारा मन साफ है और हम भगवान पर भरोसा रखते हैं, तो यमराज के दूत हमारे लिए कोई मायने नहीं रखते. अच्छे कर्म करने वालों को अंत में यमदूतों की यातनाएं नहीं बल्कि ईश्वर की शरण मिलती है.