उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बेहद ही रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के गंजडुंडवारा कोतवाली क्षेत्र में एक 30 वर्षीय महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया गया कि कमरे के बंद दरवाजे के नीचे से खून बहकर बाहर आने लगा। सुबह जब अन्य किरायेदारों ने यह खौफनाक मंजर देखा, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गईं।
बंद कमरे से बाहर आता खून देख उड़े होश
मिली जानकारी के अनुसार, एटा रोड स्थित गणेशपुर गांव में शिवली 30 पत्नी सनोज कुमार, अपनी 10 वर्षीय बेटी अनमोल के साथ एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराए पर रहती थी। शनिवार की सुबह मकान के अन्य किरायेदारों ने जब शिवली के कमरे के दरवाजे से खून बहकर बाहर आते देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में इसकी सूचना स्थानीय कोतवाली पुलिस को दी गई।
चारपाई पर लथपथ पड़ी थी लाश, मायके वाले भी पहुंचे
सूचना मिलते ही पटियाली के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई कांप उठा। चारपाई पर शिवली का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था, उसका गला धारदार हथियार से रेता गया था। इस खौफनाक कत्ल की खबर फैलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।
डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग
हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए घटनास्थल पर तत्काल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाया गया। टीमों ने कमरे और आसपास के पूरे इलाके से बारीकी से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए। खोजी कुत्ते की मदद से भी हत्यारे के भागने के रूट को ट्रेस करने का प्रयास किया गया।
एसपी ने किया मौका-मुआयना, जल्द खुलासे के निर्देश
वारदात की गंभीरता को देखते हुए कासगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओपी सिंह ने भी खुद घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली और मातहतों को मामले के जल्द से जल्द खुलासे के सख्त निर्देश दिए।
मेरठ :
क्राइम कैपिटल बनते जा रहे मेरठ में एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शुक्रवार को पति द्वारा पत्नी की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद, शनिवार को तड़के सुबह लोहियानगर थाना क्षेत्र में एक और खून का खेल खेला गया। यहां की जाकिर कॉलोनी में एक कलयुगी भाई ने अपनी ही 16 वर्षीय सगी बहन की सोते समय तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। दिन निकलते ही हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
गहरी नींद में सो रही थी मासूम बहन, भाई ने सिर पर तान दिया तमंचा
यह खौफनाक वारदात लोहियानगर थाना क्षेत्र के जाकिर कॉलोनी स्थित ट्रांसफार्मर वाली गली की है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय निवासी नूरे का परिवार अपने मकान में रहता है। शनिवार की सुबह परिवार के अन्य सदस्य जाग चुके थे और घर के कामों में व्यस्त थे, जबकि उनकी 16 वर्षीय बेटी अक्स अपने कमरे में गहरी नींद में सो रही थी।
इसी बीच उसका सगा भाई आरिश हाथ में अवैध तमंचा लेकर कमरे में दाखिल हुआ। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या अक्स की आंख खुलती, आरिश ने उस पर बेहद करीब से गोली चला दी। गोली की आवाज से पूरा घर और आसपास का इलाका दहल उठा।
लहूलुहान हालत में बिस्तर पर तड़पती मिली अक्स, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
धमाके की आवाज सुनकर जब बदहवास परिजन दौड़कर अक्स के कमरे में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनकी चीख निकल गई। बिस्तर पर 16 साल की अक्स खून से लथपथ हालत में तड़प रही थी। परिजन बिना वक्त गंवाए उसे आनन-फानन में नजदीक के अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद अक्स को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से आई इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
वारदात के बाद आरोपी भाई फरार, फोरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग
बहन को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी आरिश मौके से तमंचा लहराते हुए फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले भारी पुलिस बल और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पंचनामा भरकर अक्स के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।
ऑनर किलिंग या कुछ और? हत्या की वजह तलाशने में जुटी पुलिस
पुलिस ने घटना के बाद नाकाबंदी करते हुए आरोपी भाई आरिश को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिर एक भाई ने अपनी सगी बहन की जान क्यों ली। इलाके में ऑनर किलिंग समेत कई तरह की चर्चाएं आम हैं।
क्या कहना है पुलिस अधिकारियों का? एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, जाकिर कॉलोनी में भाई द्वारा बहन की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हत्या की असली वजह क्या थी, इसके हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरी स्थिति साफ कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। करीब 45 दिन से लापता एक व्यक्ति का शव उसके ही घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दबा मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पहले बाथरूम की मरम्मत कराने का बहाना बनाया गया और फिर शव को फर्श के नीचे दफना दिया गया। घटना का खुलासा होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
18 मई को अचानक लापता हुआ था पति
पुलिस के अनुसार मृतक 18 मई को रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पत्नी ने भी पूछताछ के दौरान यही कहा कि उसे पति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह भी उनकी तलाश कर रही है। हालांकि समय बीतने के साथ पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले को गुमशुदगी से हत्या की दिशा में मोड़ दिया।
मरम्मत के नाम पर रची गई हत्या छिपाने की साजिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति के लापता होने के कुछ ही दिनों बाद घर के बाथरूम में मरम्मत का काम कराया गया था। आरोप है कि इसके लिए एक मिस्त्री को बुलाया गया और उससे बाथरूम की फर्श तुड़वाई गई। पुलिस का संदेह है कि हत्या के बाद शव को उसी गड्ढे में दबाकर ऊपर से दोबारा सीमेंट और टाइलें लगवा दी गईं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक तक न लगे। मरम्मत का पूरा काम सामान्य निर्माण कार्य की तरह कराया गया, जिससे आसपास के लोगों को भी किसी तरह का शक नहीं हुआ।
शक गहराया तो पुलिस ने कराई खुदाई
लगातार जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे घर के भीतर ही किसी बड़ी वारदात की आशंका मजबूत हो गई। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक अनुमति और अधिकारियों की मौजूदगी में बाथरूम की खुदाई कराई। जैसे ही फर्श हटाई गई, नीचे से मानव शव मिलने से मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। शव की हालत देखकर साफ था कि उसे काफी समय पहले वहां दबाया गया था। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
45 दिन बाद खुला हत्या का खौफनाक राज
करीब डेढ़ महीने तक यह मामला केवल गुमशुदगी का माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने जांच बंद नहीं की। मोबाइल फोन की जानकारी, आसपास के लोगों से पूछताछ और घर के भीतर मिले कुछ अहम संकेतों ने जांच को नई दिशा दी। आखिरकार बाथरूम की खुदाई के दौरान शव मिलने के साथ ही हत्या की पूरी कहानी सामने आने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि घर के भीतर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर शव को फर्श के नीचे छिपा दिया जाएगा।
पत्नी से लगातार पूछताछ, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस घटना के पीछे की वजह, पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
मिस्त्री से भी की जा रही पूछताछ
जिस मिस्त्री ने बाथरूम की मरम्मत का काम किया था, उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि मरम्मत के दौरान उसे किसी तरह का संदेह हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसे काम कराने वालों ने क्या जानकारी दी थी। पुलिस मिस्त्री के बयान को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
शव को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का सही कारण, हत्या का तरीका और घटना का समय स्पष्ट हो सकेगा। घटनास्थल से मिट्टी, निर्माण सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
इलाके में दहशत, रिश्तों पर उठे सवाल
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के बाहर जमा होकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस घर में लोग सामान्य जीवन जीते दिखाई दे रहे थे, उसी घर के बाथरूम के नीचे एक शव दबा होने की बात किसी के लिए भी यकीन करना आसान नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते अपराध और घरेलू हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में 14 वर्षीय एक स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर प्रेमजाल, ब्लैकमेल, धर्म परिवर्तन का दबाव और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है. पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल बस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म के प्रयास, अपहरण, छेड़छाड़ और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.
पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.
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दरअसल, यह मामला कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र का है. पीड़िता कक्षा आठ की छात्रा है और रोजाना स्कूल बस से पढ़ने जाती थी. पिता का आरोप है कि इसी दौरान बस चालक मुख्तार कुरैशी ने उसकी पहचान दूसरे धर्म के युवक राज राईन से कराई और दोनों ने मिलकर छात्रा को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की.
बस चालक पर दोस्ती कराने और ब्लैकमेल का आरोप
पीड़िता के पिता के मुताबिक, बस चालक मुख्तार कुरैशी लगातार उनकी बेटी पर राज राईन से दोस्ती करने का दबाव बनाता था. आरोप है कि छात्रा को गिफ्ट, चॉकलेट और अन्य सामान दिए जाते थे. बाद में उसे एक मोबाइल फोन भी दिया गया, जिसे छुट्टी के बाद वापस ले लिया जाता था.
परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा. आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी और परिवार को जान से मार दिया जाएगा.
एफआईआर के मुताबिक, छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव भी बनाया गया. विरोध करने पर लगातार धमकियां दी गईं, जिससे वह लंबे समय तक भय और मानसिक तनाव में रही.
छात्रा का आरोप- मां के खाने में नशीला पदार्थ मिलाने को कहा
शिकायत के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने छात्रा को एक पुड़िया देकर उसे घर के खाने में मिलाने के लिए कहा. छात्रा का आरोप है कि उससे कहा गया कि इससे उसके माता-पिता को कुछ नहीं होगा और कुछ घंटों बाद उन्हें होश आ जाएगा.
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस दिन उसके पिता घर पर नहीं थे और वह अपनी मां के साथ अकेली थी. उसने कथित तौर पर वह पदार्थ मां के खाने में मिला दिया. इसके बाद आरोपियों ने उसे घर के पास स्थित एक खंडहर में बुलाया.
छात्रा का कहना है कि वहां पहले से मौजूद मुख्तार, राज राईन और मोनिस ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. उसने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और बाद में पूरी घटना अपने पिता को बताई.
फोटो एडिट कर वायरल करने का भी आरोप
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसके गले में हाथ डालकर जबरन फोटो खिंचवाई. बाद में उसी फोटो और उसकी सोशल मीडिया तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाई गई और फोटो एडिट कर आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ वायरल किया गया.
छात्रा ने कहा कि आरोपियों ने उससे सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड भी दबाव बनाकर ले लिया था. जब उसने उनकी बात मानने से इनकार किया तो उसकी होली की तस्वीर एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई.
पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी उसके धर्म के बारे में अपमानजनक बातें करते थे और कहते थे कि उनके धर्म में शामिल हो जाओ. छात्रा ने कहा कि उसे न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
पिता बोले- बेटी डरी हुई थी, तब सामने आया पूरा मामला
पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रोज बस से इंटर कॉलेज पढ़ने जाती थी. उनका आरोप है कि बस चालक ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को बहलाया-फुसलाया और उसका मानसिक रूप से ब्रेनवॉश करने की कोशिश की.
उन्होंने कहा कि बेटी काफी डरी और सहमी रहती थी. जब परिवार ने उससे लगातार पूछताछ की तब उसने पूरी घटना बताई. इसके बाद पता चला कि उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर उसे बदनाम करने की कोशिश भी की गई.
पिता ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
विश्व हिंदू परिषद नेता ने क्या कहा?
विश्व हिंदू परिषद के हिंदू नेता राज किशोर ने दावा किया कि मूसानगर क्षेत्र में नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर ब्लैकमेल करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं की तस्वीरें लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है और उनका शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया जाता है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों को बाहरी फंडिंग मिलती है और इसी वजह से उनके पास महंगे मोबाइल और वाहन हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग वर्गों की लड़कियों को फंसाने पर अलग-अलग रकम मिलने जैसी जानकारी उन्हें मिली है.
हालांकि, इन फंडिंग और संगठित गिरोह से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने भी फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
भोगनीपुर के सीओ राजीव सिरोही ने बताया कि 3 जुलाई 2026 को मूसानगर थाने में 14 वर्षीय छात्रा के संबंध में शिकायत मिली थी. जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.
सीओ के अनुसार, छात्रा की पहचान बस चालक मुख्तार अहमद ने अपने परिचित राज राईन से कराई थी. आरोप है कि दोनों छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहे थे. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई. बाद में मुख्तार, राज राईन और उनके साथी मोनिस छात्रा को बहला-फुसलाकर ले गए, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई और फोटो खींची गई.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो टीमों का गठन किया. नामजद आरोपी मुख्तार अहमद और राज राईन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी मोनिस की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Agra Murder:
आगरा में फिल्म दृष्यम जैसे हुए मर्डर ने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, पत्नी ने पति की हत्या कर उसका शव दफना दिया। फिर 46 दिन तक पुलिस को गुमराह करती रही। पत्नी रूबी के घर का बाथरूम करीब दस फीट लंबा और साढ़े चार फीट चौड़ा है। उसी के फर्श के नीचे से पुलिस ने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। नींद की गोलियां खीर में देकर पत्नी हत्या तो अकेले कर सकती है लेकिन अकेले शव ठिकाने नहीं लगा सकती। पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है।
पुलिस ही नहीं मोहल्ले वालों और परिजनों के जेहन में भी कई सवाल हैं। जिनके जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। रूबी ने बताया कि खीर में नींद की गोलियां दी थीं जिससे पति मर गया। 18 जून की सुबह पति का शव पलंग पर था। सास और बेटियां वायु विहार जेठ के घर चली गईं। उसने 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई। बाथरूम का फर्श तोड़ा। शव को घसीटते हुए बाथरूम में लेकर आई। शव को बाथरूम में लिटाया। ऊपर से नमक फिर मिट्टी डाली और आखिर में उसे समतल किया।19 जून को मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर कराया। यहां तक कि एक दिन में फर्श सूख गया। इसके एक दिन बाद पतनी खुद जेठ के घर गई और बताया कि पति चार दिन से घर पर नहीं हैं, पता नहीं कहां चले गए।
रूबी की बात सुनकर पुलिस फिर भी असमंजस में है। यह मानकर चल रही है कि इस वारदात में कोई न कोई और शामिल रहा होगा। रूबी ने पूछताछ में यह बताया कि नींद की गोलियां उसकी सास खाती हैं। पति भी खाया करते थे। इसलिए नींद की गोलियां घर में ही मौजूद थीं। पति से परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। शव को इसलिए छिपाया ताकि जेल नहीं जाना पड़े। बेटियों की अकेले देखभाल कर सकते। इससे पहले जब भी पत्नी ने पति को मारा है तो इसके पीछे अवैध संबंधों का मामला निकला है। इसलिए पुलिस इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
16 नींद की गोलियां खाने से किसी की मौत हो सकती है क्या। ऐसा तो नहीं पत्नी ने गला भी दबाया हो।
बाथरूम दस फीट लंबा और करीब साढ़े चार फीट चौड़ा है। आखिर में इंडियन सीट करीब आठ इंच ऊंचाई पर लगी थी। शेष बाथरूम का फर्श नीचा था।
शव को उस हिस्से में दफनाया गया जहां परिजन नहाया करते थे। पहले से पक्का फर्श था। उसे तोड़ा गया। करीब आधा फीट खुदाई की गई। शव दफनाया गया। उसके बाद मिट्टी डाली गई।
सवाल यह उठ रहा है कि यह सब कुछ अकेले रूबी ने कैसे कर लिया। मिस्त्री ने तो सिर्फ सीमेंट किया था।
बाथरूम में सीमेंट से पहले लेवल चेक किया जाता है। ताकि पानी की निकासी में दिक्कत न हो। रूबी यह कैसे कर सकती है।
सुरेंद्र शर्मा की लंबी और वजन कितना था। शव को बाथरूम में बिना गड्ढा खोदे दफनाया नहीं जा सकता।
गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी बॉर्डर इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला ‘रोड रेज’ का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सड़क पर हुई एक मामूली बाइक-कार की टक्कर के बाद हर्जाने को लेकर हुए विवाद में दो दबंगों ने मिलकर एक 17 वर्षीय किशोर पर कथित तौर पर इतना बर्बर हमला किया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, मुस्तैद पुलिस ने इस खौफनाक वारदात के दोनों मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा है। मृतक किशोर की पहचान मुस्तफाबाद कॉलोनी के रहने वाले मोहम्मद जैद के रूप में हुई है।
दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल से लौट रहा था जैद, गैस प्लांट के पास हुई टक्कर
यह पूरी वारदात 29 जून की बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 17 वर्षीय मोहम्मद जैद बेहटा हाजीपुर नहर रोड के पास स्थित एक स्विमिंग पूल में दोस्तों के साथ तैराकी का लुत्फ उठाने गया था। वहां से वह अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस घर लौट रहा था। जैद और उसके दोस्त जैसे ही इंद्रप्रस्थ गैस प्लांट क्रॉसिंग के पास पहुंचे, तभी उनकी मोटरसाइकिल की टक्कर सामने से आ रही एक कार से हो गई। इस मामूली दुर्घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते खूनी खेल में बदल गई।
कार में डालकर किया अपहरण, प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ले जाकर ढहाया कहर
पुलिस के अनुसार, कार सवार राहुल मावी उर्फ पहलवान और अनुज कसाना नाम के दो युवकों पर खून इस कदर सवार हो गया कि उन्होंने सरेराह कानून की धज्जियां उड़ा दीं। दोनों आरोपियों ने जैद को जबरन घसीटते हुए अपनी कार में बैठाया और उसका अपहरण कर पास ही स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में ले गए। वहां कार को पहुंचे नुकसान के मुआवजे (हर्जाने) को लेकर दोनों आरोपी जैद पर पैसों का दबाव बनाने लगे। जब जैद ने इसका विरोध किया, तो राहुल और अनुज ने कमरे के भीतर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। बेदम पिटाई से जैद गंभीर रूप से घायल हो गया और बेहोश होकर गिर पड़ा। बाद में जैद के दोस्त उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से दबोचे गए हत्यारे
मासूम जैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई शाकिर की तहरीर पर लोनी बॉर्डर थाने में संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त (अंकुर विहार) अमरदीप कुमार मौर्य ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, सर्विलांस इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। पुख्ता सुराग मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी राहुल मावी उर्फ पहलवान को दबोच लिया। राहुल ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी उगल दी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी अनुज कसाना को भी लोनी बॉर्डर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
वारदात में इस्तेमाल कार बरामद, कड़े सबूतों के बाद मुकदमे में बढ़ीं गंभीर धाराएं
एसीपी अमरदीप कुमार मौर्य के मुताबिक, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी बरामद कर लिया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे कार के मुआवजे की बात पर भड़क गए थे और दफ्तर के अंदर ले जाकर उन्होंने जैद के साथ मारपीट की थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले पुख्ता तकनीकी सबूतों के आधार पर मुकदमे में हत्या और अपहरण जैसी कई और गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं। दोनों आरोपियों को आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जा चुका है और पुलिस इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।
मेरठ में दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला को टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब पिलाने का आरोप है. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने पति समेत छह लोगों पर मामला दर्ज किया.
Muskan Murder Case: उत्तर प्रेदश के मेरठ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पति ने दहेज के लालच में अपनी पत्नी की हत्या कर दी. उसने पत्नी को जबरदस्ती तेजाब पिलाया, जिससे महिला की मौत हो गई. युवक पत्नी पर 16 साल की साली से निकाह करने का दबाव बना रहा थआ. महिला को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई. परिवार वालों मे ससुराल पक्ष को हत्या का जिम्मेदार बताया है.
साली से निकाह करना चाहता था जीजा
जानकारी के मुताबिक, परीक्षितगढ़ के अमरसिंह निवासी रहीमुद्दीन ने साल 2025 में अपनी बेटी के शादी लोहियानगर के फतेहउल्लापुर निवासी नासिर से की थी. परिवार ने आरोप लगाए कि नासिर मुस्कान को दहेज के लिए काफी प्रताड़ित करता था और पिछले दो महीने से अपनी 16 साल की साली से निकाह करने दबाव बना रहा था. पत्नी ने ये बाद नहीं स्वीकार की, जिसके कारण पति उसे रोज प्रताड़ित करता था.
जबरदस्ती पिलाया तेजाब
बुधवार को आरोपी और मुस्कान के बीच इसी बात को लेकर काफी विवाद चल रहा था. आरोप है कि नासिर ने पत्नी के मुंह में तेजाब डाल दिया. तेजाब पीने के कारण मुस्कान की हालत काफी ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. पुलिस को जब घटना की जानकारी हुई, तो वह तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. मुस्कान के पिता ने नासिर और उसके परिजनों पर जबरदस्ती तेजाब पिलाने का मुकदमा भी दर्ज कराया है. ब पिलाने का मुकदमा दर्ज कराया था.
मारपीट का लगाया गंभीर आरोप
मुस्कान की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी है. फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है. मुस्कान के परिवार का आरोप है कि ससुराल वाले लंबे समय से दहेज के लिए उसे परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे. परिजनों का कहना है कि पिछले दो महीनों से उस पर अपनी नाबालिग छोटी बहन की शादी अपने पति से कराने का दबाव भी बनाया जा रहा था.
न्याय के मांग कर रहा परिवार
परिवार के मुताबिक, मुस्कान ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे तेजाब पिलाकर मार दिया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि इस मामले में आरोपी के परिवार के अन्य लोग भी उसका साथ दे रहे थे. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
मुरादाबाद। करीब 35 वर्ष पुराने चर्चित रामकुंवर हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। अदालत ने दोषियों की अपील खारिज करते हुए उन्हें 15 दिनों के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाएंगे।
न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य और अन्य सबूत दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं। अदालत ने बलिस्टर, महेश और नरेश की अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
1987 में हुई थी सनसनीखेज हत्या
मामला 27 सितंबर 1987 का है। थाना कुंदरकी क्षेत्र के बसेड़ा गांव में मंदिर से अखंड रामायण पाठ सुनकर लौट रहे रामकुंवर की पुरानी रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव को रस्सी से बांधकर जंगल तक घसीटा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से धड़ से सिर अलग कर दिया। घटना के दौरान हुई फायरिंग में वीरम नाम की युवती भी छर्रे लगने से घायल हो गई थी। पुलिस ने 4 अक्टूबर 1987 को गन्ने के खेत से रामकुंवर का धड़ बरामद किया था, लेकिन सिर कभी बरामद नहीं हो सका।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि घटना से करीब ढाई साल पहले महेश ने अपनी बहन सुमन को भगाने का आरोप लगाते हुए रामकुंवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार इसी पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई और वारदात को अंजाम दिया गया।
निचली अदालत ने 1989 में सुनाई थी उम्रकैद
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 2 मई 1989 को महेश, नरेश और विरपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत तथा बलिस्टर को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उन्हें धारा 201 और धारा 324/34 के तहत भी दोषी ठहराया गया था।
हाईकोर्ट ने खारिज किए सभी तर्क
दोषियों ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हुई, गवाह मृतक के परिजन थे और उनके बयानों में विरोधाभास है। हालांकि अदालत ने इन सभी तर्कों को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने कहा कि घटना के लगभग साढ़े चार घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी, इसलिए इसमें किसी प्रकार की मनगढ़ंत कहानी या अनावश्यक देरी का सवाल नहीं उठता। अदालत ने यह भी माना कि प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय साक्ष्यों से पूरी तरह मेल खाते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर किसी गवाह की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता कि वह मृतक का रिश्तेदार है।
पीड़ित पक्ष ने फैसले का किया स्वागत
हाईकोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने संतोष जताते हुए कहा कि भले ही न्याय मिलने में लंबा समय लगा, लेकिन इस निर्णय ने न्यायपालिका में उनका विश्वास और मजबूत किया है।
बिहार के वैशाली जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. घटना जिले के राघोपुर की है. यहां एक मामा ने अपने भांजे की बेहरमी से हत्या कर शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.इतना ही नहीं, मृतक का एक हाथ काटकर घटनास्थल से 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया. वैशाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है.
48 घंटों के अंदर मामले का किया खुलासा
मामले का खुलासा करते हुए वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि 30 जून को राघोपुर थाना क्षेत्र के पास एक युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिसका बाया हाथ कटा हुआ था. शव की शिनाख्त करना सबसे बड़ी चुनौती थी. ऐसे में वारदात के पीछे छुपे आरोपी और कारण का पता लगाना बेहद मुश्किल था, लेकिन वैशाली एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन कर 48 घंटों के अंदर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी मामाओं को गिरफ्तार कर लिया.
टैटू से हुई मृतक की पहचान
एसपी ने आगे बताया कि कल 2 जून शाम को एक अज्ञात कॉल आई, जिसके जरिए मृतक युवक की शरीर पर बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान की गई. जो समस्तीपुर के नीतीश कुमार के रूप में हुई. इसके बाद उसके घर में घटना की सूचना दी. साथ ही पिता के पहुंचने के बाद मामले की एफआई आर दर्ज करते हुए 6 लोगों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया है.
हत्या के मामले मामा की हुई गिरफ्तारी
इसके बाद एसपी ने मामले पर विशेष टीम का गठन किया, जिसने अलग अलग स्थानों पर छापेमारी की. साथ ही 2 जून को पटना के चौक थाना इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया. आरोपी की पहचान लाल बाबू राय के रूप में हुई है. जो मृतक का मामा लगता था और नीतिश उनके घर में रहकर पढ़ाई करता था.
भांजी से प्रेम संबंध से गुस्से में था मामा
पुलिस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया कि मामा लाल बाबू राय के यहां रहने के दौरान नीतिश का उनकी बेटी से प्रेम संबंध बन गया थे. वह उससे लगातार बातचीत करता था. उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें उसने अपने मोबाइल में रखी हुई थी. जिसे वह सोशल मीडिया पर प्रकाशित करता था.
किडनैपिंग के बाद मर्डर और फिर बायां हाथ काटा
इसकी भनक लड़की के दूसरे मामा मनोज राय और नीतीश के मामा लाल बाबू राय को लगी, तो दोनों ने मिलकर नीतीश को रास्ते से हटाने की साजिश रची. साजिश के तहत 26-27 जून की शाम को नीतीश का अपहरण किया गया और 29 जून की रात उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. साक्ष्य छिपाने के लिए उसका बायां हाथ काटकर 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया और शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया.
आरोपी मामा गिरफ्तार
इन सबूतों को आधार बनाकर जब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उन्होंने पूछताछ में बताया कि नीतिश चेन्नई में दो साल से काम करता था. उसका प्रेम संबंध पहले से किसी के साथ चल रहा था. लेकिन दूसरी तरफ वह लड़कियों की आपत्तिजनक फोटोज और वीडियो को इस्टाग्राम पर फेक प्रोफाइल बनाकर वायरल करता था जिसके कारण उन्होंने उनकी भांजी के साथ भी ऐसा किया जिसका बदला लेने के लिए दोनों ने उसे खौफनाक मौत दी. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में संदेह के आधार पर 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दूसरे दिन शुक्रवार को परीक्षा की दूसरी पाली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंच गया। परीक्षा के दौरान जब उसके प्रवेश पत्र और अन्य अभिलेखों का मिलान किया गया तो इस जालसाजी का भांडाफोड़ हुआ। पकड़ा गया युवक सहायक अध्यापक बताया जा रहा है। हालांकि वह किस जिले में तैनात है इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई है और उससे पूछताछ कर रही है।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिले के 18 स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए गये हैं। डुमरियाडीह स्थित राजेंद्र नाथ लाहिड़ी इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसी केंद्र पर परीक्षा की दूसरी पाली में हनुमान प्रसाद पुत्र राम नारायण नाम के परीक्षार्थी को परीक्षा देनी थी लेकिन उसके स्थान पर कबीर पुत्र रामनारायण परीक्षा देने पहुंच गया।
प्रवेश से पहले केंद्र के बाहर सघन चेकिंग अभियान के दावे को तथा बताते हुए कबीर चकमा देकर परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि उसने करीब 1 घंटे तक परीक्षा भी दी। इस दौरान जब परीक्षक ने जांच के दौरान उसके अभिलेख का मिलान किया तो हनुमान पुत्र रामनरायण के स्थान पर कबीर पुत्र राम नरायण परीक्षा देता पकड़ा गया। जलसाजी की सूचना पर केंद्र में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने केंद्र पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। परीक्षा देने देते पकड़ा गया आरोपी सहायक अध्यापक बताया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कबीर चौधरी बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2006 बैच के सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।हालांकि वह किस जिले में तैनात है पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर सकी है। परीक्षा के नोडल अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
डीआईओएस बोले- मुझे नहीं मिली रिपोर्ट
परीक्षा में पकड़े गए सहायक अध्यापक की जानकारी करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र ने कहा कि वह कहां का रहने वाला है और किस जिले में तैनात है इसकी कोई जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है। उन्हें अब तक कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। जब रिपोर्ट मिलेगी तो इस संबंध में जानकारी दे पाएंगे।
दो पालियों में 15142 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
शुक्रवार को जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में 15,142 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 890 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में 7,530 तथा द्वितीय पाली में 7,612 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा के दूसरे दिन कुल 16,032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। डुमरियाडीह के मामले को छोड़कर अन्य सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही।
डीआईजी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण
देवी पाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को परीक्षा केंग्रों का निरीक्षण कर टीईटी परीक्षा का जायजा लिया। उन्होने बहराइच जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक, बहराइच एवं राजकीय पॉलिटेक्निक मोहम्मदपुर का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।