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  • हाइड्रेट रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए..?

    हाइड्रेट रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए..?

    हाइड्रेट रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए? जानें हाइड्रेट रहने के आसान टिप्स

    पानी हमारे शरीर की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है. शरीर के हर सेल, टिश्यू और अंग को सही से काम करने के लिए पानी चाहिए. यह शरीर का तापमान सामान्य रखता है, पोषक तत्वों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता है और बेकार चीजों को बाहर निकालने में मदद करता है. सांस लेने, पसीना आने और पेशाब के जरिए दिनभर शरीर से पानी निकलता रहता है. अगर इसकी भरपाई न हो तो डिहाइड्रेशन हो सकता है,

    जिससे थकान, सिरदर्द और कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में हमें पता होना चाहिए कि आखिर स्वस्थ रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए. चलिए हम आपको बताते हैं…दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए? एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में करीब 2.7 से 3.7 लीटर फ्लूइड की जरूरत होती है. इसमें सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि चाय, कॉफी, दूध, जूस और खाने से मिलने वाला पानी भी शामिल है. खाने से ही शरीर को करीब 20 प्रतिशत पानी मिल जाता है. इसलिए हर किसी को रोज 3 से 4 लीटर सिर्फ सादा पानी पीना ही जरूरी नहीं है.शरीर में पानी की कमी को कैसे पहचानें? जब शरीर में पानी कम होता है तो सबसे पहले प्यास लगती है और पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाता है. पर्याप्त पानी पीने पर पेशाब का रंग हल्का पीला या साफ रहता है.

    पानी की कमी से सिरदर्द, थकान और चक्कर आना भी आम है. अगर डिहाइड्रेशन बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो सोचने में परेशानी या घबराहट जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है.किन लोगों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है? जो लोग रोज ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं या जिन्हें बहुत पसीना आता है, उन्हें ज्यादा पानी पीना चाहिए. गर्म और नमी वाले मौसम में भी पानी की जरूरत बढ़ जाती है. उल्टी, दस्त या बुखार में शरीर से तेजी से पानी निकलता है, इसलिए ज्यादा फ्लूइड लेना जरूरी है. प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान भी महिलाओं को ज्यादा पानी की सलाह दी जाती है. कुछ किडनी और यूरिन की समस्याओं में भी डॉक्टर ज्यादा पानी पीने को कहते हैं.

  • पार्लर जाने की जरूरत नहीं! घर बैठे इस फुट सोक से पैरों को बनाएं सॉफ्ट और खूबसूरत..

    पार्लर जाने की जरूरत नहीं! घर बैठे इस फुट सोक से पैरों को बनाएं सॉफ्ट और खूबसूरत..

    Pedicure Tips: घर बैठे मुलायम पैर चाहिए? तो ये खास फुट सोक करें ट्राई... बेजान पैरों में आ जाएगी जान!

    पेडीक्योर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में स्क्रबिंग और डेड स्किन हटाने की बात आती है. लेकिन पैरों की अच्छी देखभाल के लिए सिर्फ स्क्रबिंग ही जरूरी नहीं है. पेडीक्योर में फुट सोक भी एक अहम स्टेप माना जाता है. इसमें कुछ खास चीजों को गुनगुने पानी में मिलाकर पैरों को कुछ देर भिगोया जाता है.

    इससे पैरों की त्वचा मुलायम होती है और स्क्रबिंग के दौरान डेड स्किन और कैलस को हटाना आसान हो जाता है. इतना ही नहीं, सही फुट सोक पैरों की थकान और दर्द से राहत देने में भी मदद कर सकता है.फुट सोक क्या होता है और क्यों जरूरी है फुट सोक के लिए गुनगुने पानी में नमक, क्रिस्टल, जेली या अन्य सामग्री मिलाई जाती है. कई लोग पानी में सिर्फ शैंपू डालकर पैर भिगोते हैं, लेकिन इससे पैरों को खास फायदा नहीं मिलता.

    फुट सोक का इस्तेमाल करने से त्वचा ज्यादा मुलायम हो सकती है और पैरों की सफाई बेहतर तरीके से की जा सकती है.फुट सोक के फायदे ये हैं पैरों की त्वचा मुलायम होती है डेड स्किन हटाना आसान हो जाता है पैरों की थकान कम महसूस हो सकती है पैरों में आराम मिलता है हल्की सूजन में राहत मिल सकती है पैरों की बदबू कम करने में मदद मिल सकती है स्क्रबिंग के दौरान कैलस आसानी से हटाया जा सकता हैइप्सम सॉल्ट फुट सोक इप्सम सॉल्ट फुट सोक के लिए काफी लोकप्रिय है.

    गुनगुने पानी में करीब दो चम्मच इप्सम सॉल्ट डालकर लगभग 20 मिनट तक पैर भिगोए जा सकते हैं. इससे पैर मुलायम होने के साथ थकान कम महसूस हो सकती है. यह पैरों की मांसपेशियों को आराम देने और हल्की सूजन में राहत देने में भी मदद कर सकता है. जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिम जाते हैं या ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, उनके लिए इप्सम सॉल्ट फुट सोक आराम देने वाला विकल्प हो सकता है.जेली पेडीक्योर जेली पेडीक्योर इन दिनों काफी पसंद किया जा रहा है.

    इसमें पानी में खास जेली सोक डालने पर पानी जेली जैसा हो जाता है. इसमें आमतौर पर सोडियम पॉलीएक्रिलेट के साथ ग्लिसरीन, एलोवेरा, एसेंशियल ऑयल और प्लांट एक्सट्रैक्ट जैसे तत्व हो सकते हैं. यह पैरों की त्वचा को लंबे समय तक हाइड्रेट रखने और कैलस को मुलायम करने में मदद करता है. इससे स्क्रैपर की मदद से डेड स्किन हटाना आसान हो जाता है.किसके लिए है बेस्ट जिन लोगों के पैर बहुत रूखे रहते हैं या एड़ियां बार-बार फटती हैं,

    उनके लिए जेली पेडीक्योर एक अच्छा विकल्प हो सकता है. हालांकि फुट सोक अकेले कैलस या डेड स्किन को पूरी तरह नहीं हटाता. यह त्वचा को मुलायम करता है, जिसके बाद स्क्रबिंग से डेड स्किन हटाना आसान हो जाता है.

  • 16 साल की उम्र में तालाब ही बना घर! पानी के अंदर खाता-पीता और सोता है इकबाल, वजह चौंकाने वाली..

    16 साल की उम्र में तालाब ही बना घर! पानी के अंदर खाता-पीता और सोता है इकबाल, वजह चौंकाने वाली..

    5 साल से तालाब में रह रहा 16 साल का इकबाल, पानी से बाहर आते ही शरीर जलने लगता है; खाना-पीना और सोना सब पानी में

    इकबाल शेख के लिए पानी ही बन गया है जिंदगी

    इकबाल शेख के लिए पानी ही बन गया है जिंदगी

    शरीर में होती है जलन

    शरीर में होती है जलन

    मुर्शिदाबाद के बेलडांगा का रहने वाला 16 वर्षीय इकबाल शेख इन दिनों अपनी अनोखी जीवनशैली के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है. एक-दो दिन नहीं, बल्कि लगातार चार से पांच दिन, कभी-कभी सात दिनों तक भी वह पानी में ही रहकर समय बिताता है. इसलिए स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके लिए “जल ही जीवन” नहीं, बल्कि “जल में ही जीवन” है.

    तालाब में 5 साल से रह रहा इकबाल स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले लगभग पांच वर्षों से इकबाल घर छोड़कर बेलडांगा शहर के विभिन्न तालाबों में दिन-रात पानी में तैरते हुए रहता है. यह न तो किसी शौक का परिणाम है और न ही किसी रिकॉर्ड बनाने की कोशिश.

    पानी से निकलने पर शरीर में होती है जलन इकबाल का कहना है कि उसके शरीर में लगातार जलन होती है. उसका दावा है कि उस पर जिन्न, परी या किसी अदृश्य शक्ति का साया है. जैसे ही वह पानी से बाहर निकलता है, शरीर में तेज जलन शुरू हो जाती है, जबकि पानी में उतरते ही उसे राहत मिलती है.

    इलाज में नहीं मिली मदद लगातार कई दिनों तक पानी में रहने के कारण उसके हाथ-पैर और पूरे शरीर की त्वचा सफेद पड़ गई है. लंबे समय तक पानी में रहने से वह सर्दी-खांसी से भी पीड़ित हो गया है. इकबाल का आरोप है कि इलाज के लिए वह स्थानीय ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया था, लेकिन उसे उचित सहायता नहीं मिली. आर्थिक तंगी के कारण उसका परिवार निजी अस्पताल में इलाज कराने में भी असमर्थ है.

    हालांकि, स्थानीय लोग अब उसके इलाज के लिए आगे आ रहे हैं. रोज़ बड़ी संख्या में स्कूली छात्र और आम लोग तालाब के किनारे उसे देखने के लिए जुटते हैं. कई लोग उसे चिउड़ा, बिस्कुट और अन्य खाद्य सामग्री भी देते हैं. लेकिन कोई भी उसे घर में रोक नहीं पाता.

    चर्चा का विषय बनी इकबाल की कहानी इकबाल की यह असामान्य स्थिति देखकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है. उनका सवाल है कि आखिर इस तरह वह कब तक जीवित रह पाएगा. वहीं, 16 वर्षीय इकबाल की यह कहानी अब पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बन गई है.

  • ग्रीन और ब्लैक टी में क्या है अंतर, रोज पीने के लिए कौन-सी चाय बेहतर?

    ग्रीन और ब्लैक टी में क्या है अंतर, रोज पीने के लिए कौन-सी चाय बेहतर?

    आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सजग हो गए हैं. लोग हेल्दी लाइफस्टाइल का ध्यान रख रहे हैं. फिटनेस बनाए रखने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं. वजन घटाना हो या इम्यूनिटी बेहतर करनी है, इसके लिए ग्रीन टी और ब्लैक टी इस समय काफी लोकप्रिय हो चुकी हैं. हालांकि, कई लोग इस बात को लेकर संशय में रहते हैं कि आखिर ग्रीन टी पिएं या ब्लैक टी. यदि आप भी किस चाय को पिएं, इसको तय नहीं कर पा रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि आखिर कौन-सी चाय ज्यादा फायदेमंद है.

    एक ही पौधे से तैयार होती हैं दोनों चाय आपको मालूम हो कि ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों ही एक ही पौधे से तैयार होती हैं. ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से बनाई जाती हैं. बस इन्हें प्रोसेस करने का तरीका अलग होता है. इसी के चलते इन दोनों चाय का स्वाद, रंग से लेकर पोषक तत्वों में अंतर आ जाता है.

    ग्रीन टी कम प्रोसेस की जाती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट खासकर कैटेचिन अधिक मात्रा में पाए जाते हैं. इसका स्वाद हल्का और थोड़ा कड़वा होता है. इस चाय में कैफीन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है. उधर, ब्लैक टी पूरी तरह ऑक्सीडाइज की जाती है. इसका स्वाद गहरा होता है. इसमें कैफीन की मात्रा ग्रीन टी से अधिक होती है. ब्लैक टी में थियोफ्लेविन और थियोरूबिजिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं.

    ग्रीन टी पीने के फायदे ग्रीन टी वजन नियंत्रित करने में सहायक होती है. यह चाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है. ऐसे में दिल की सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है. ग्रीन टी त्वचा के लिए फायदेमंद होती है. यह चाय शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करती है.

    ब्लैक टी पीने के फायदे ब्लैक टी शरीर में ऊर्जा और सतर्कता बढ़ाने में मदद करती है. यह चाय मानसिक फोकस बेहतर करने में सहायक हो सकती है. इस चाय को पीने से पाचन तंत्र ठीक रहता है. यह टी हृदय के अच्छी मानी जाती है. इस चाय को सुबह में पीने से शरीर को ऊर्जा मिलेती है. ऐसे लोग इस चाय को सुबह में पीना पसंद करते हैं. सुबह की शुरुआत के लिए अच्छा विकल्प मानी जाती है।

    किसे पीनी चाहिए ग्रीन टी और किसे ब्लैक टी अब सवाल उठ रहा है कि किसी ग्रीन टी और किसे ब्लैक टी पीनी चाहिए क्योंकि दोनों चाय में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं. वैसे लोग जो अपना वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें ग्रीन टी पीनी चाहिए. वैसे लोग जो कम कैफीन पसंद करते हैं, उनके लिए ग्रीन टी अच्छी है. वैसे लोग जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पेय लेना चाहते हैं, उनके लिए ग्रीन टी अच्छी हो सकती है. उधर, ब्लैट की वे लोग पी सकते हैं, जिन्हें सुबह अधिक ऊर्जा और ताजगी चाहिए. वैसे लोग जो स्ट्रॉन्ग फ्लेवर पसंद करते हैं, वे ब्लैक टी पी सकते हैं. वैसे लोग जिन्हें किसी काम में पूरे दिन फोकस बनाए रखना है, वे ब्लैक टी पी सकते हैं.

    ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों में से क्या पिएं यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं और एंटीऑक्सीडेंट लेना चाहते हैं तो आपके लिए ग्रीन टी बेहतर विकल्प है. उधर, यदि आपको पूरे दिन ऊर्जा और बेहतर फोकस चाहिए तो ब्लैक टी उपयुक्त हो सकती है. ऐसे में आप किसी भी चाय का चुनाव अपनी सेहत की स्थिति, कैफीन सहनशीलता और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखकर कर सकते हैं.

  • एक बार घर पर बनाएं गुलाब की पंखुड़ियों से नेचुरल लिप बाम… मिनटों में पाएं मुलायम होंठ

    एक बार घर पर बनाएं गुलाब की पंखुड़ियों से नेचुरल लिप बाम… मिनटों में पाएं मुलायम होंठ

    गुलाबी होठ चाहिए? एक बार घर पर बनाएं गुलाब की पंखुड़ियों से नेचुरल लिप बाम... मिनटों में पाएं मुलायम होंठ

    बदलते मौसम में होंठों का सूखना, फटना और परतदार होना आम समस्या है. खासकर मौसम में नमी कम होने पर होंठ जल्दी ड्राई होने लगते हैं. ऐसे में बाजार के लिप बाम पर निर्भर रहने के बजाय आप घर पर ही गुलाब की पंखुड़ियों से नेचुरल लिप बाम बना सकते हैं.

    इसे बनाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियां, नारियल या बादाम का तेल, शहद और विटामिन ई जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है.गुलाब की पंखुड़ियां होंठों को फायदा गुलाब की पंखुड़ियां सिर्फ खुशबू और खूबसूरती के लिए ही नहीं जानी जातीं, बल्कि इनमें ऐसे प्राकृतिक तत्व भी पाए जाते हैं जो त्वचा को नमी देने में मदद कर सकते हैं. गुलाब की पंखुड़ियों से बना लिप बाम होंठों को मुलायम रखने के साथ उन्हें ताजगी भरा और हेल्दी लुक देने में मदद कर सकता है.लिप बाम बनाने का सामान घर पर गुलाब का लिप बाम बनाने के लिए 1 कप ताजी गुलाब की पंखुड़ियां, 2 बड़े चम्मच नारियल या बादाम का तेल, 1 बड़ा चम्मच बीजवैक्स या पेट्रोलियम जेली, आधा चम्मच शहद और 1 विटामिन ई कैप्सूल की जरूरत होगी. विटामिन ई का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है,

    इसे आप अपनी पसंद के अनुसार डाल सकते हैं.ऐसे बनाएं लिप बाम सबसे पहले गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. अब इन्हें थोड़े से नारियल तेल या कच्चे दूध के साथ पीसकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को नारियल तेल के साथ धीमी आंच पर डबल बॉयलर की मदद से करीब 10 से 12 मिनट तक गर्म करें. इसके बाद मिश्रण को छानकर गुलाब से तैयार तेल अलग कर लें. अब इस तेल में पेट्रोलियम जेली डालकर हल्का गर्म करें, ताकि यह अच्छी तरह पिघलकर तेल में मिल जाए. इसमें आधा चम्मच शहद और विटामिन ई कैप्सूल का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. तैयार मिश्रण को साफ कंटेनर में डालकर 20 से 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखें. ठंडा होने के बाद आपका होममेड लिप बाम तैयार है.

    ऐसे करें इस्तेमाल लिप बाम बनाने के लिए हमेशा साफ और ताजी गुलाब की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करें. इसे साफ और एयरटाइट डिब्बे में रखें. पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ा सा प्रोडक्ट लगाकर पैच टेस्ट जरूर करें. अगर होंठों पर जलन, लालिमा या किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें.

  • लंच के बाद क्यों आने लगती है तेज नींद? जानिए इसकी वजह और सुस्ती दूर करने के आसान तरीके..?

    लंच के बाद क्यों आने लगती है तेज नींद? जानिए इसकी वजह और सुस्ती दूर करने के आसान तरीके..?

    लंच के बाद क्यों आने लगती है तेज नींद? जानिए इसकी वजह और सुस्ती दूर करने के आसान तरीके

    दोपहर का खाना खाने के बाद अगर आपकी आंखें भारी होने लगती हैं और काम करने का मन नहीं करता, तो आप अकेले नहीं हैं. कई लोगों को लंच के बाद अचानक नींद और सुस्ती महसूस होती है. इसे पोस्ट मील स्लीपिनेस कहा जाता है. आमतौर पर यह किसी बीमारी का संकेत नहीं होती. हालांकि, अब सवाल उठता है कि आखिर खाने के बाद भयंकर नींद क्यों आती है? चलिए आपको इसका सही जवाब बताते हैं…दोपहर में क्यों बढ़ जाती है नींद दरअसल, हमारे शरीर में 24 घंटे की एक प्राकृतिक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है. दोपहर के समय इस घड़ी में ऐसा बदलाव आता है, जिससे कुछ समय के लिए जागे रहने का संकेत कम हो जाता है. यही वजह है कि कई लोगों को बिना खाना खाए भी दोपहर में सुस्ती महसूस होती है.

    खाना खाने के बाद यह असर और ज्यादा महसूस हो सकता है.ज्यादा और भारी खाना भी है वजह अगर लंच बहुत ज्यादा या भारी है, तो उसके बाद नींद और सुस्ती बढ़ सकती है. खासकर बहुत ज्यादा कैलोरी, तली-भुनी चीजें, मीठी चीजें और सफेद आटे से बनी चीजें खाने पर यह असर ज्यादा महसूस हो सकता है. खाना खाने के बाद शरीर में पाचन से जुड़े कई बदलाव होते हैं. ब्लड ग्लूकोज और पोषक तत्वों में बदलाव के साथ दिमाग के जागने और नींद से जुड़े संकेत भी बदलते हैं. इन सभी प्रक्रियाओं का मिलाजुला असर सुस्ती के रूप में दिखाई दे सकता है.

    रात में नींद पूरी न होना भी कारण अगर रात में आपकी नींद पूरी नहीं हुई है, तो दोपहर के खाने के बाद सुस्ती ज्यादा महसूस हो सकती है. लंबे समय तक जागने पर शरीर की नींद की जरूरत बढ़ती जाती है. इसलिए दिनभर एक्टिव रहने के लिए रात में पर्याप्त और अच्छी नींद लेना जरूरी है.सुस्ती कम करने के लिए क्या करें दोपहर में जरूरत से ज्यादा खाना खाने से बचें और संतुलित भोजन लें. खाने के बाद कुछ देर हल्की चाल से टहलना भी मददगार हो सकता है.

    पर्याप्त पानी पीना और रात में अच्छी नींद लेना भी जरूरी है. अगर हर दिन खाना खाने के बाद बहुत ज्यादा नींद, चक्कर या कमजोरी महसूस होती है या इसका असर रोजमर्रा के काम पर पड़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें. लगातार ज्यादा नींद कभी-कभी नींद की समस्या, खून की कमी, थायराइड या ब्लड शुगर से जुड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकती है.

  • महंगे बॉडी लोशन छोड़िए! नहाने से पहले 15 मिनट करें इस तेल से मसाज, त्वचा बनेगी सॉफ्ट और चमकदार

    महंगे बॉडी लोशन छोड़िए! नहाने से पहले 15 मिनट करें इस तेल से मसाज, त्वचा बनेगी सॉफ्ट और चमकदार

    नहाने से पहले 15 मिनट करें इस तेल से बॉडी मसाज, रूखी-बेजान त्वचा होगी सॉफ्ट... शीशे सा चमकेगा चेहरा!

    धूल-मिट्टी, प्रदूषण और बदलते मौसम का असर सिर्फ चेहरे पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर की त्वचा पर भी पड़ता है. व्यस्त लाइफस्टाइल के चलते लोग चेहरे की देखभाल तो कर लेते हैं, लेकिन हाथ-पैर, पीठ और बाकी बॉडी की स्किन को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. इसकी वजह से त्वचा धीरे-धीरे रूखी, बेजान और टैन नजर आने लगती है. ऐसे में नहाने से पहले कुछ मिनट बॉडी मसाज के लिए निकालना फायदेमंद हो सकता है. तो चलिए आपको बताते हैं एक ऐसे तेल के बारे में जिससे बॉडी मसाज करने से

    आपकी बॉडी ग्लो करेगी. हम बात कर रहे हैं बादाम तेल के बारे में. बादाम का तेल त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करता है. इसमें विटामिन ई और फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. नहाने से पहले इससे शरीर की हल्के हाथों से मसाज करने पर त्वचा मुलायम महसूस हो सकती है.

    हालांकि, अगर आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करना चाहती हैं, तो इसे सीधे त्वचा पर लगाने के बजाय बादाम तेल में बहुत कम मात्रा में अच्छी तरह मिलाकर इस्तेमाल करें. टी ट्री ऑयल कुछ लोगों की त्वचा पर जलन या एलर्जी पैदा कर सकता है, इसलिए पहले पैच टेस्ट जरूर करें.कैसे करें बॉडी मसाज नहाने से करीब 15 से 20 मिनट पहले थोड़ा सा बादाम तेल लें और इसे हाथों, पैरों, कंधों, पेट और पीठ पर लगाएं. इसके बाद हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में मसाज करें. ज्यादा जोर से रगड़ने से बचें. मसाज के बाद कुछ देर तेल को त्वचा पर लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से नहा लें.

    जरूरत हो तो माइल्ड बॉडी वॉश का इस्तेमाल कर सकती हैं.बॉडी मसाज करने से फायदे नियमित रूप से बॉडी मसाज करने से त्वचा की ड्राईनेस कम करने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद मिल सकती है. मसाज से शरीर को आराम भी महसूस हो सकता है. वहीं, टी ट्री ऑयल में एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, लेकिन इसे त्वचा की समस्याओं का इलाज नहीं माना जाना चाहिए. संवेदनशील त्वचा, जलन या एलर्जी होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर दें.

  • घर की आर्थिक स्थिति को दूर करने के लिए किचन की एक चीज आएगी काम, जान लेंगे तो दूर होगी समस्या..

    घर की आर्थिक स्थिति को दूर करने के लिए किचन की एक चीज आएगी काम, जान लेंगे तो दूर होगी समस्या..

    Vastu Tips For Money: घर की आर्थिक स्थिति को दूर करने के लिए किचन की एक चीज आएगी काम, जान लेंगे तो दूर होगी समस्या

    घर की छोटी-छोटी चीजों को लेकर हमारे यहां कई तरह की मान्यताएं हैं. खासकर किचन को सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं माना जाता, बल्कि इसे घर की सुख-समृद्धि से भी जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि किचन में रखी कुछ चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल और रख-रखाव घर के माहौल पर सकारात्मक असर डाल सकता है. इन्हीं में से एक चीज नमक है, जिसे लेकर वास्तु और ज्योतिष में कई बातें कही जाती हैं.

    नमक को क्यों माना जाता है खास? नमक हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाता है. खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ इसे कई पारंपरिक मान्यताओं में नकारात्मकता दूर करने वाला भी माना गया है. ऐसी मान्यता है कि नमक का सही तरीके से इस्तेमाल घर के माहौल को बेहतर रखने में मदद कर सकता है.

    किचन में नमक कहां रखें? वास्तु मान्यताओं के अनुसार नमक को किचन में साफ और सूखी जगह पर रखना चाहिए. इसे खुले में रखने के बजाय हमेशा किसी साफ डिब्बे में बंद करके रखना बेहतर माना जाता है. इससे नमक में नमी भी नहीं आएगी और किचन व्यवस्थित रहेगा.

    आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए क्या करें? मान्यता है कि अगर घर में लगातार आर्थिक परेशानियां बनी हुई हैं तो नमक से जुड़ा एक छोटा-सा उपाय किया जा सकता है. इसके लिए कांच की कटोरी में थोड़ा सा नमक रखकर किचन के किसी साफ कोने में रखने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा कम करने में मदद मिल सकती है.

    नमक को गंदे स्थान पर न रखें किचन में नमक रखने की जगह भी साफ होनी चाहिए. इसे सिंक, कूड़े या गंदगी वाली जगह के पास रखना अच्छा नहीं माना जाता. नमक का डिब्बा भी साफ रखना चाहिए और उसमें गीला चम्मच नहीं डालना चाहिए.

    नमक बदलते समय रखें इस बात का ध्यान अगर नमक नमी पकड़ ले या काफी समय से रखा हुआ हो तो उसे बदल देना चाहिए. पुराने नमक को लंबे समय तक जमा करके रखना ठीक नहीं माना जाता. नया नमक रखने से पहले डिब्बे को अच्छी तरह साफ और सुखा लेना चाहिए.

  • सिरदर्द में चाय या कॉफी पीनी चाहिए? जानें कब मिलता है आराम और कब बढ़ सकती है परेशानी..

    सिरदर्द में चाय या कॉफी पीनी चाहिए? जानें कब मिलता है आराम और कब बढ़ सकती है परेशानी..

    सिरदर्द में चाय या कॉफी पीनी चाहिए? जानें कब मिलता है आराम और कब बढ़ सकती है परेशानी

    आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, कम नींद, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल और शरीर में पानी की कमी के कारण सिरदर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में ज्यादातर लोग राहत पाने के लिए सबसे पहले चाय या कॉफी पीते हैं.

    लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या सिरदर्द के दौरान चाय या कॉफी पीना सही है या इससे परेशानी और बढ़ सकती है. तो चलिए आपको बताते हैं इसका सही जवाब…सिरदर्द में चाय या कॉफी पीनी चाहिए? चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन कुछ लोगों को सिरदर्द या माइग्रेन में राहत दिलाने में मदद कर सकता है.

    यही वजह है कि कुछ दर्द निवारक दवाओं में भी कैफीन का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, जो लोग जरूरत से ज्यादा कैफीन लेते हैं, उनमें यह सिरदर्द की वजह भी बन सकता है. वहीं, रोज चाय या कॉफी पीने वाले लोग अगर अचानक इसे पूरी तरह छोड़ दें, तो कैफीन की कमी के कारण भी सिरदर्द हो सकता है. इसलिए अपनी आदत और शरीर की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर ही इसका सेवन करना चाहिए.सिरदर्द में राहत पाने के आसान उपाय सिरदर्द होने पर सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और कुछ देर शांत जगह पर आराम करें. अगर नींद पूरी नहीं हुई है, तो पर्याप्त आराम करें.

    मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से कुछ समय दूरी बनाएं. तेज रोशनी और तेज आवाज से बचें. समय पर भोजन करें और लंबे समय तक खाली पेट न रहें. अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दर्द की दवा लेने से बचें.इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें अगर अचानक बहुत तेज सिरदर्द शुरू हो जाए, सिरदर्द के साथ तेज बुखार, गर्दन में अकड़न, बार-बार उल्टी, बेहोशी, बोलने में दिक्कत, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या देखने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इसके अलावा, यदि सिरदर्द लगातार बढ़ रहा हो या दवा लेने के बाद भी ठीक न हो, तो इसकी जांच कराना जरूरी है. समय पर इलाज गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है.

  • कार के गुजरते ही मलबे में बदला मकान! कैमरे में कैद हुई दिल दहला देने वाली तस्वीर..

    कार के गुजरते ही मलबे में बदला मकान! कैमरे में कैद हुई दिल दहला देने वाली तस्वीर..

    कार के गुजरते ही मलबे में बदला मकान! कैमरे में कैद हुई दिल दहला देने वाली तस्वीर..

    हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में बुधवार को एक मकान ढहने का मामला सामने आया है. हादसे में मां और मायके आई गर्भवती बेटी की मलबे में दबकर मौत हो गई. इस हादसे में दो बच्चियां भी घायल हुई है. जमीन धंसने की वजह से पलभर में ही मकान जमींदोज हो गया. मकान गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया.

    हादसे का वीडियो सामने आया है. उसमें देखा जा सकता है कि सड़क से एक कार उस घर के आगे से निकलती है और अचानक घर नीचे गिर जाता है. घर के नीचे गिरने की जोर से आवाज आती है और कुछ लोगों की चीख भी सुनाई देती है. इसके बाद आस पास से लोग उस और भागते दिखाई देते हैं. फिर युवाओं ने मलबे में दबे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया.

    सिविल अस्पताल राजगढ़ में 60 वर्षीय निर्मला पत्नी भीम सिंह और 32 वर्षीय पूजा पत्नी अमित राणा को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि हादसे में जख्मी डेढ़ वर्षीय ईरा की हालत नाजुक है उसे सोलन रेफर किया गया है. इसके अलावा डेढ़ साल की अबियाना का राजगढ़ अस्पताल में इलाज किया जा रहा है.

    इसके अलावा उत्तरकाशी के सौली गांव में जमीन धंसने से कई मकानों में दरारें आई हैं. प्रशासन ने असुरक्षित मकानों के परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. बारिश होने पर अन्य मकानों में भी दरारें बढ़ने की आशंका आई है. भूवैज्ञानिक टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है. बारिश के पानी के जमीन में रिसाव से भू-धंसाव बढ़ने की आशंका जताई गई है.

    चीड़ के पेड़ों में भी ढाल की दिशा में झुकाव देखने मिला है. भू-धंसाव के चलते क्षेत्र में लगातार मूवमेंट की आशंका है. ग्रामीणों का दावा – एनएच कटान के बाद भू-धंसाव शुरू हुआ है. भूवैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर अति संवेदनशील परिवारों के विस्थापन पर फैसला होगा और विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी उत्तरकाशी को भेजी जाएगी.