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  • मौसेरे भाई संग भागने के लिए रची चोरी की साजिश! बेहोशी का नाटक भी नहीं बचा सका, पुलिस जांच में खुला पूरा मामला..

    मौसेरे भाई संग भागने के लिए रची चोरी की साजिश! बेहोशी का नाटक भी नहीं बचा सका, पुलिस जांच में खुला पूरा मामला..

    मौसेरे भाई संग भागने के लिए रची चोरी की साजिश! बेहोशी का नाटक भी नहीं बचा सका, पुलिस जांच में खुला पूरा मामला..

    उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक कथित चोरी की घटना की जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ जिसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार, एक विवाहित महिला ने अपने मौसेरे भाई के साथ मिलकर घर में ही चोरी की साजिश रची। शुरुआती तौर पर इसे बाहरी चोरों की वारदात बताया गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरी कहानी बदल गई।

    पुलिस जांच में सामने आई कथित साजिश

    यह मामला खरगूपुर थाना क्षेत्र के विशुनापुर बाजार का है। महिला के पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि देर रात अज्ञात बदमाश घर में घुसे, मारपीट की और नकदी व जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे कथित चोरी की कहानी पर संदेह हुआ।

    पूछताछ में सामने आया कथित प्रेम संबंध

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला ने स्वीकार किया कि उसका अपने मौसेरे भाई के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों साथ रहने की योजना बना रहे थे और इसके लिए पैसों की व्यवस्था करने के उद्देश्य से घर में चोरी की साजिश रची गई।

    चोरी को असली दिखाने के लिए रचा गया पूरा घटनाक्रम

    जांच के मुताबिक, योजना के तहत महिला ने रात में अपने कथित प्रेमी को घर बुलाया। दोनों ने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण, लगभग 50 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन निकाल लिया। वारदात को वास्तविक चोरी का रूप देने के लिए कमरे का सामान बिखेर दिया गया। पुलिस का कहना है कि महिला ने खुद पर हमला होने और बेहोश होने का नाटक भी किया।

    गहने और नकदी बरामद, दोनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि महिला के बयान और दूसरे आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए गहने और 50 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए गए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    नोट: यह रिपोर्ट पुलिस के दावों और प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।

  • 5 साल पुराने प्रेम संबंध का खौफनाक अंत! पति ने किया विरोध तो चाय में जहर देकर हत्या का आरोप…

    5 साल पुराने प्रेम संबंध का खौफनाक अंत! पति ने किया विरोध तो चाय में जहर देकर हत्या का आरोप…

    5 साल पुराने प्रेम संबंध का खौफनाक अंत! पति ने किया विरोध तो चाय में जहर देकर हत्या का आरोप…

    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति की चाय में जहर मिलाकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, पति लंबे समय से पत्नी के कथित प्रेम संबंध का विरोध कर रहा था। मामले में पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

    वर्षों से चल रहा था कथित प्रेम संबंध

    पुलिस जांच के मुताबिक, महिला के कथित प्रेमी का पिछले करीब पांच वर्षों से उसके घर आना-जाना था। दोनों के बीच नजदीकियों को लेकर पति और पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। परिजनों का आरोप है कि मृतक कई बार इस रिश्ते का विरोध कर चुका था।

    चाय पीने के बाद बिगड़ी तबीयत

    घटना के दिन पति ने घर में चाय पी। आरोप है कि चाय में जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया।

    पोस्टमार्टम के बाद बढ़ा शक

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है। वहीं पुलिस ने परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में हत्या की साजिश का दावा

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पति को पिलाया था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि जहरीला पदार्थ कहां से लाया गया और हत्या की साजिश कैसे रची गई।

    पुलिस कर रही है विस्तृत जांच

    दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप पुलिस जांच और शिकायत पर आधारित हैं। अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • प्रेमी संग भागने की साजिश का खुलासा: पत्नी ने रची घर में चोरी की कहानी, पूछताछ में खुल गया पूरा राज

    प्रेमी संग भागने की साजिश का खुलासा: पत्नी ने रची घर में चोरी की कहानी, पूछताछ में खुल गया पूरा राज

    प्रेमी संग भागने की साजिश का खुलासा: पत्नी ने रची घर में चोरी की कहानी, पूछताछ में खुल गया पूरा राज

    Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक विवाहित महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर घर से नकदी और जेवरात चोरी करने की योजना बनाई। शुरुआती तौर पर इसे चोरी की वारदात बताया गया, लेकिन जांच के दौरान मामला पूरी तरह पलट गया।

    पुलिस के मुताबिक, मामला खरगूपुर थाना क्षेत्र के विशुनापुर गांव का है। शिकायत में बताया गया था कि रात के समय घर में चोरी हुई, नकदी और जेवर गायब हैं तथा महिला के साथ मारपीट भी की गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की।

    जांच में सामने आया नया मोड़

    मौके की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर कुछ ऐसी बातें मिलीं, जिनसे कथित चोरी की कहानी पर संदेह हुआ। इसके बाद घर के लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान महिला के बयान बदलने लगे और आखिरकार उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

    दो साल से चल रहे थे कथित संबंध

    पुलिस के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि उसका अपने मौसेरे भाई के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों साथ रहने के लिए घर छोड़ना चाहते थे और इसके लिए पैसों का इंतजाम करने की योजना बनाई गई।

    चोरी जैसा दिखाने की कोशिश

    पुलिस का कहना है कि योजना के तहत कथित प्रेमी को रात में घर बुलाया गया। दोनों ने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण, करीब 50 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन निकाल लिया। वारदात को वास्तविक चोरी जैसा दिखाने के लिए कमरे का सामान भी बिखेर दिया गया। महिला ने कथित तौर पर खुद के साथ मारपीट होने का दावा किया और बेहोश होने का नाटक भी किया।

    पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार

    महिला के कथित कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने उसके बताए स्थान से दूसरे आरोपी को भी हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और चोरी किया गया सामान बरामद करने के प्रयास जारी हैं।

    नोट: यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा बताए गए आरोपों और प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम सत्य अदालत की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • घर में मचा खूनी खेल! दो सगे भाइयों पर माता-पिता की हत्या का आरोप, देर रात चीखों से दहल गया मोहल्ला…

    घर में मचा खूनी खेल! दो सगे भाइयों पर माता-पिता की हत्या का आरोप, देर रात चीखों से दहल गया मोहल्ला…

    घर में मचा खूनी खेल! दो सगे भाइयों पर माता-पिता की हत्या का आरोप, देर रात चीखों से दहल गया मोहल्ला…

    उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। आरोप है कि दो सगे भाइयों ने घरेलू विवाद के दौरान अपने ही माता-पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दंपति को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    देर रात घर में हुआ खूनी विवाद

    घटना क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, परिवार के भीतर किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान दोनों बेटों ने अपने माता-पिता पर हमला कर दिया।

    अस्पताल में तोड़ा दम

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।

    पड़ोसियों ने सुनी थीं चीख-पुकार

    स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात घर से झगड़े और चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। एक किरायेदार ने स्थिति गंभीर देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

    घरेलू कलह और संपत्ति विवाद की आशंका

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे। पुलिस घरेलू कलह और संपत्ति विवाद समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

    दोनों भाइयों से पूछताछ जारी

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों भाइयों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    नोट: आरोपियों पर लगाए गए आरोप प्रारंभिक पुलिस जांच पर आधारित हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

  • खूबसूरत टीचर ने पहले छात्र की आंखों पर बांधी पट्टी फिर बिस्तर पर बनाए, 8 बार किया शर्मनाक कांड!

    खूबसूरत टीचर ने पहले छात्र की आंखों पर बांधी पट्टी फिर बिस्तर पर बनाए, 8 बार किया शर्मनाक कांड!

    खूबसूरत टीचर ने पहले छात्र की आंखों पर बांधी पट्टी फिर बिस्तर पर बनाए, 8 बार किया शर्मनाक कांड!

     इंग्लैंड के हर्टफोर्डशायर में महिला टीचर की चौंकाने वाली शर्मनाक करतूत का खुलासा हुआ है. कोर्ट को बताया गया कि मिलनसार स्वभाव वाली एक टीचर ने एक छात्र की आंखों पर पट्टी बांदी उसे बिस्तर से बांधी और फिर उसके साथ संबंध बनाकर शिक्षा जैसे पेशे को बदनाम किया. 65 वर्षीय डेबोरा फ्रैंकलिन पर आरोप है कि उन्होंने 1991 से 1995 के दौरान हर्टफोर्डशायर के एक प्रेपरेटरी स्कूल में 14 साल से कम उम्र के एक लड़के के साथ आठ बार बेहद आपत्तिजनक हरकतें कीं. आरोप है कि वह शिकायतकर्ता से तब मिलीं जब वह सिर्फ़ 9 साल का था और उनकी क्लास में आया था. कहा जाता है कि जब आरोपी फ्रैंकलिन उस बच्चे की प्राइवेट ट्यूटर बनीं, तो वह अक्सर उसके घर पर मौजूद रहती थीं.

    सोमवार (20 जुलाई, 2026) को कोर्ट में अपनी बात रखते हुए और आंसू रोकते हुए पीड़ित ने कहा कि टीचर डेबोरा फ्रैंकलिन बहुत मिलनसार और ऊर्जा से भरी हुई थीं. हमारी खूब बनती थी और मुझे याद है कि हमारी गहरी दोस्ती हो गई थी. यह दोस्ती किसी साथी जैसी थी.  वह पढ़ाई कराने के दौरान ड्रग्स, सिगरेट और संबंध के बारे में बात करती थीं. ऐसी बातें जो बड़ों वाली होती हैं और जो मुझे बाहर कहीं और सुनने को नहीं मिलती थीं. मैं इसके लिए एकदम सही कैंडिडेट था. मुझे ऐसी चीज़ों के बारे में जानने में दिलचस्पी थी.

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    छात्र से की थी गंदी बात

    शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे फ्रैंकलिन का फ़ोन नंबर आज भी याद है, लेकिन उसे उनके रिश्ते में आए बदलाव की साफ़ याद है, जो तब हुआ जब उसने स्कूल में उनके साथ लगाई एक शर्त जीती थी. पीड़ित लड़के ने बताया कि उसने अपनी जीत के इनाम के तौर पर बचकाना सी चीज का सुझाव दिया था, लेकिन उसे याद है कि डेबोरा फ्रैंकलिन ने जवाब दिया था- ‘मुझे बहुत हैरानी है कि तुम यही चाहते हो… क्योंकि मुझे लगा था कि तुम मुझे बिना कपड़ों के देखना चाहोगे.’

    8 बार बनाए संबंध

    छात्र ने बताया कि उन्हें याद है कि मुझे बहुत हैरानी हुई थी. उस व्यक्ति ने कहा और फिर अपने घर के गैराज में हुई ‘पहली घटना’ के बारे में बताया, 65 साल की डेबोरा फ्रैंकलिन पर 1991 और 1995 के बीच 14 साल से कम उम्र के एक लड़के के साथ आठ बार बहुत ज़्यादा आपत्तिजनक हरकतें करने का आरोप है.

    छात्र से कहा था- मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूं

    फ्रैंकलिन ने गर्मियों वाली मैक्सी ड्रेस और ब्रा पहनी हुई थी और लड़के का दावा है कि उसने कहा- ‘क्या तुम मुझे छूना चाहते हो?’ उसने आगे कहा कि तो यह तुरंत शुरू हो गया. उसने मेरे होंठों पर किस किया और हमने एक-दूसरे को छूना शुरू कर दिया. कथित घटनाओं के आगे बढ़ने के बारे में उसने कहा कि ज़ाहिर है, बहुत ज़्यादा हेर-फेर की गई थी, लेकिन उस समय ऐसा नहीं लगा. उस समय ऐसा लग रहा था जैसे: मैं एक रिश्ते में हूं. मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूं. हमें सावधान रहना होगा. लड़ने ने बताया कि उसे याद है कि उसके कपड़े उतरे हुए थे और वह मुझे सिखा रही थी कि औरत को कैसे छूते हैं और मुझे याद है कि मैंने कहा था अजीब सी गंध आ रही है और वह बचाव करते हुए बोली “औरतों से ऐसी ही गंध आती है.

  • पोते की चाह में 21 दिन की मासूम की हत्या! मां के पास सो रही नवजात का दादी ने कथित तौर पर घोंटा गला..

    पोते की चाह में 21 दिन की मासूम की हत्या! मां के पास सो रही नवजात का दादी ने कथित तौर पर घोंटा गला..

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    मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि पोते की चाह में एक महिला ने अपनी ही 21 दिन की नवजात पोती की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के बाद पहले मौत को सामान्य बताने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद मामला खुल गया। पुलिस ने आरोपी दादी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    मां के पास सो रही थी नवजात

    घटना पलेरा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। जानकारी के अनुसार, 21 दिन की नवजात अपनी मां के साथ सो रही थी। आरोप है कि देर रात उसकी दादी बच्ची को उठाकर ले गई और कथित तौर पर उसका गला घोंट दिया। इसके बाद वह मासूम को वापस मां के पास लिटाकर चली गई।

    सुबह नहीं खुलीं बच्ची की आंखें

    सुबह जब परिवार ने बच्ची को उठाने की कोशिश की तो उसके शरीर में कोई हरकत नहीं थी। परिजन उसे देखकर घबरा गए। शुरुआती स्तर पर बच्ची की मौत को सामान्य बताने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और जांच शुरू की गई।

    पोस्टमार्टम में हुआ बड़ा खुलासा

    पुलिस ने नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची की मौत गला दबाने से हुई थी। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई।

    पूछताछ में दादी पर लगा आरोप

    जांच के दौरान पुलिस का संदेह बच्ची की दादी पर गया। पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर अपराध स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि वह पोता चाहती थी और पोती के जन्म से खुश नहीं थी। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।

    आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

    पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोप पुलिस जांच और कथित स्वीकारोक्ति पर आधारित हैं। मामले का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

  • रिश्ते शर्मसार! दो चाचाओं ने नाबालिग भतीजी के साथ की दरिंदगी, 10वीं की छात्रा हुई गर्भवती…

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    Odisha Crime News: ओडिशा से दो हैरान कर देने वाले मामले सामने आए हैं. यहां दो सगे भाइयों ने अपनी ही नाबालिग भतीजी को अपनी हवस का शिकार बनाया. वहीं एक और मामला सामने आया है जिसमें एक 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा गर्भवती हो गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया. लड़की के पिता को जब इस बारे में पता चला, तो वो स्कूल पहुंचे. लड़की से पूछताछ की, तो उसने आपबीती सुनाई.  दोनों ही मामलों में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. 

    चाचा ने भतीजी को बनाया शिकार

    ओडिशा के गंजाम जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां गंजाम जिले में दो भाइयों ने अपनी दो नाबालिग भतीजियों को अपनी हवस का शिकार बनाया. वे सालों से कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करते थे. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस बारे में पुलिस ने बताया, तो चाचाओं की उम्र 44 और 30 साल है. शनिवार को गोसानिनुआगांव पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं और पॉक्सों के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

    गर्भवती हुई 10वीं की छात्रा

    18 जुलाई को विद्यालय में एक स्वास्थ्य जांच के दौरान कुल सात छात्राओं में मासिक धर्म संबंधी समस्याएं पाई गईं. इन छात्राओं को स्वास्थ्य जांच के लिए गुम्मागड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया. जांच के बाद कक्षा 10 में पढ़ने वाली एक छात्र गर्भवती के गर्भवती होने का पता चला. विद्यालय प्रशासन में हंगामा मच गया और उन्होंने लड़की के पिता को इस बारे में सूचना दी. 19 जुलाई को पिता स्कूल पहुंचे, तो उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी मिली.

    बच्ची ने बताई आपबीती

    पिता ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने छात्रा से पूछताछ की, तो उसने बताया कि युवक और लड़की की पहली मुलाकात लड़की के गांव में आयोजित एक उत्सव के दौरान हुई थी. इसके बाद दोनों मिलने-जुलने लगे. लड़की ने बताया कि बांदुली गांव के एक युवक ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए. पुलिस ने आनन-फानन में आरोपी को हिरासत में लिया. 

  • मुझे यहां से ले चलो…’ बहू की दर्दभरी गुहार के पीछे छिपा था खौफनाक राज, ससुर पर सालों तक यौन शोषण का आरोप..

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    राजस्थान के एक जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने मायके वालों से बार-बार उसे ससुराल से ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन लंबे समय तक उसकी चुप्पी के पीछे छिपी सच्चाई किसी को पता नहीं चल सकी। बाद में परिवार और पड़ोसियों से मिली जानकारी के आधार पर ससुर पर बहू के साथ लंबे समय तक कथित यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शादी के बाद बिगड़ने लगी हालत

    शिकायत के अनुसार, विवाहिता की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति लगातार खराब होने लगी। परिजन इसे पहले सामान्य घरेलू प्रताड़ना समझते रहे, लेकिन समय के साथ मामला कहीं अधिक गंभीर नजर आया।

    मायके पहुंचकर रोते हुए बोली- “मुझे यहां से ले चलो”

    परिजनों का कहना है कि जब भी विवाहिता मायके आती, वह डरी-सहमी रहती थी। एक बार भाई जब उससे मिलने ससुराल पहुंचा तो बहन अकेले में फूट-फूटकर रोने लगी और उससे वहां से ले जाने की गुहार लगाने लगी। इसके बाद भाई उसे अपने साथ मायके ले आया और उसका इलाज भी कराया।

    पड़ोसियों से मिली चौंकाने वाली जानकारी

    कुछ समय बाद जब परिवार ने उसे दोबारा ससुराल भेजने की बात कही तो उसने जाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने आसपास के लोगों से जानकारी ली। आरोप है कि पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने कई बार ससुर को बहू के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा था और उसे समझाने की कोशिश भी की थी।

    पति को भी नहीं रहने देता था साथ

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ससुर कथित तौर पर अपने बेटे को पत्नी के साथ रहने नहीं देता था और उसके साथ मारपीट भी करता था। परिवार का यह भी दावा है कि विवाहिता से जन्मी बच्ची का संबंध भी इसी कथित अपराध से हो सकता है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला

    पीड़िता की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान, चिकित्सीय जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • रिटायर्ड बैंक मैनेजर की गुमशुदगी ने बढ़ाया रहस्य, एक साल बाद दोबारा खुली जांच तो सामने आए चौंकाने वाले सुराग..

    रिटायर्ड बैंक मैनेजर की गुमशुदगी ने बढ़ाया रहस्य, एक साल बाद दोबारा खुली जांच तो सामने आए चौंकाने वाले सुराग..

    रिटायर्ड बैंक मैनेजर की गुमशुदगी ने बढ़ाया रहस्य, एक साल बाद दोबारा खुली जांच तो सामने आए चौंकाने वाले सुराग..

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    मुंबई में एक सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर की गुमशुदगी का मामला उस समय फिर चर्चा में आ गया, जब करीब एक साल तक ठंडे बस्ते में पड़ी जांच फाइल पर पुलिस कमिश्नर की नजर पड़ी। शुरुआती जांच में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद मामले को लगभग बंद मान लिया गया था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने फाइल का दोबारा अध्ययन किया तो कई सवाल सामने आए।

    पुलिस कमिश्नर को जांच में दिखी कमी

    अप्रैल 2017 के पहले सप्ताह में तत्कालीन मुंबई पुलिस कमिश्नर उपनगरीय पुलिस थानों का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान कांदिवली पश्चिम स्थित चारकोप थाने में दर्ज एक सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर की गुमशुदगी की फाइल उनके सामने आई।

    फाइल का अध्ययन करने पर उन्हें लगा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और गहराई से नहीं की गई है। इसके बाद उन्होंने यह फाइल तत्कालीन जॉइंट पुलिस कमिश्नर को सौंपते हुए नए सिरे से जांच कराने के निर्देश दिए।

    अनुभवी अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी

    जॉइंट पुलिस कमिश्नर, जो लंबे समय तक मुंबई क्राइम ब्रांच-सीआईडी का नेतृत्व कर चुके थे, ने भी फाइल की समीक्षा के दौरान कई खामियां देखीं। उन्हें यह मामला सामान्य गुमशुदगी से अधिक संदिग्ध लगा। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई और जांच की जिम्मेदारी एक अनुभवी एसीपी को सौंप दी।

    विशेष जांच टीम का हुआ गठन

    एसीपी के नेतृत्व में थाना मालवणी के तत्कालीन प्रभारी की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम में इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और अन्य अनुभवी पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।

    टीम ने पुराने रिकॉर्ड, दस्तावेज और सभी संभावित सुरागों की दोबारा जांच शुरू की। शुरुआती जांच में जिन पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया गया था, उन्हें फिर से खंगाला गया।

    अहमदनगर से शुरू हुई नई पड़ताल

    फाइल का गहन अध्ययन करने के बाद जांच टीम ने अपनी पड़ताल की शुरुआत महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले की शिवाजी कॉलोनी में रहने वाली एक महिला से जुड़े पहलुओं की जांच से की। पुलिस को शक था कि गुमशुदा बैंक मैनेजर का उससे कोई निजी या वित्तीय संबंध रहा होगा।

    जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि बैंक मैनेजर और उस महिला के बीच लंबे समय से संपर्क था। मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और कुछ पुराने लेनदेन के सुरागों ने पुलिस का शक और मजबूत कर दिया। इसके बाद टीम ने महिला के आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।

    फोन रिकॉर्ड और पुराने संपर्कों से मिला सुराग

    जांच में सामने आया कि गुमशुदा बैंक मैनेजर कई बार अहमदनगर गया था और आखिरी दिनों में भी उसका संपर्क उसी महिला से बना हुआ था। पुलिस को यह भी पता चला कि दोनों के बीच पैसों के लेनदेन और निजी संबंधों को लेकर तनाव चल रहा था।

    कुछ गवाहों ने बताया कि घटना से पहले बैंक मैनेजर को महिला के घर के आसपास देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन, यात्रा रिकॉर्ड और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इन सबने मिलकर यह साफ कर दिया कि वह अपनी मर्जी से कहीं और नहीं गया था, बल्कि उसे किसी योजना के तहत वहां बुलाया गया था।

    पूछताछ में खुला पूरा राज

    लगातार पूछताछ के बाद महिला और उसके पति के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे थे। जब पुलिस ने तकनीकी सबूत उनके सामने रखे, तो पूरा मामला खुलने लगा। जांच में सामने आया कि बैंक मैनेजर को अहमदनगर बुलाकर पहले बहस की गई, फिर उस पर हमला किया गया।

    पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई ताकि मामला गुमशुदगी जैसा ही बना रहे। आरोपियों ने मोबाइल बंद कर दिए, सबूत मिटाने की कोशिश की और पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग कहानियां गढ़ीं। लेकिन तकनीकी जांच और पुराने रिकॉर्ड ने उनकी योजना को बेनकाब कर दिया।

    शव के अवशेष और अहम सबूत बरामद

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुछ अहम सबूत बरामद किए, जिनमें हत्या में इस्तेमाल सामान और शव के अवशेष शामिल थे। फॉरेंसिक जांच से भी यह पुष्टि हुई कि गुमशुदा बैंक मैनेजर की हत्या की गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने महिला, उसके पति और मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। उन पर हत्या, साजिश रचने और सबूत मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

    एक साल बाद सुलझी गुत्थी

    करीब एक साल तक अनसुलझी रही इस गुमशुदगी की गुत्थी आखिरकार दोबारा खोली गई जांच के बाद सुलझ गई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि अगर पुरानी फाइल पर दोबारा ध्यान नहीं दिया जाता, तो यह मामला शायद हमेशा के लिए रहस्य ही बना रहता।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि किसी भी जांच में छोटी-सी चूक भी बड़े सच को लंबे समय तक छिपा सकती है, लेकिन सही दिशा में दोबारा की गई पड़ताल आखिरकार सच्चाई सामने ले ही आती है।

  • क्या आप भी कर रहे हैं ये बड़ी गलती? डायबिटीज में ‘हेल्दी’ मानी जाने वाली 8 सब्जियां बढ़ा सकती हैं ब्लड शुगर..

    क्या आप भी कर रहे हैं ये बड़ी गलती? डायबिटीज में ‘हेल्दी’ मानी जाने वाली 8 सब्जियां बढ़ा सकती हैं ब्लड शुगर..

    क्या आप भी कर रहे हैं ये बड़ी गलती? डायबिटीज में ‘हेल्दी’ मानी जाने वाली 8 सब्जियां बढ़ा सकती हैं ब्लड शुगर..

    अधिकांश लोग यह मान लेते हैं कि सब्जियां हमेशा सेहतमंद होती हैं, इसलिए डायबिटीज होने पर इन्हें बिना किसी चिंता के जितना चाहें उतना खाया जा सकता है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। सच यह है कि सब्जियां जरूर पोषण से भरपूर होती हैं, पर हर सब्जी का असर ब्लड शुगर पर एक जैसा नहीं होता। कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जिनमें कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च की मात्रा अधिक होती है, और अगर इन्हें ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती हैं।

    डायबिटीज में सबसे जरूरी बात यह समझना है कि भोजन का असर सिर्फ उसके “हेल्दी” होने से नहीं, बल्कि उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) और ग्लाइसेमिक लोड पर भी निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, पालक, लौकी, करेला, फूलगोभी, ब्रोकली, खीरा, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी नॉन-स्टार्ची सब्जियां आमतौर पर ब्लड शुगर पर कम असर डालती हैं। इनमें फाइबर अधिक होता है, कैलोरी कम होती है और ये लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करती हैं।

    इसके विपरीत, आलू, शकरकंद, मक्का, मटर और अरबी जैसी स्टार्चयुक्त सब्जियों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है। ये सब्जियां पूरी तरह नुकसानदायक नहीं हैं, क्योंकि इनमें भी विटामिन, मिनरल और फाइबर मौजूद होते हैं, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। खासकर अगर इन्हें तलकर, ज्यादा तेल या घी में पकाकर, या बड़े हिस्से में खाया जाए, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सब्जी कैसे पकाई गई है, इसका भी असर पड़ता है। उबली हुई, हल्की भाप में पकी या कम तेल में बनी सब्जियां आमतौर पर बेहतर विकल्प होती हैं। वहीं, आलू की सब्जी, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स या ज्यादा मसाले और तेल वाली सब्जियां ब्लड शुगर के साथ-साथ वजन बढ़ाने का कारण भी बन सकती हैं। डायबिटीज में वजन नियंत्रण भी बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि अधिक वजन इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है।

    फाइबर डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। यह भोजन के पाचन को धीमा करता है, जिससे ग्लूकोज धीरे-धीरे रक्त में पहुंचता है और शुगर अचानक नहीं बढ़ती। इसी वजह से हरी पत्तेदार सब्जियां और फाइबर से भरपूर सब्जियां डायबिटीज डाइट का अहम हिस्सा होनी चाहिए। साथ ही, सब्जियों को दाल, प्रोटीन और साबुत अनाज के साथ संतुलित तरीके से खाना ज्यादा फायदेमंद होता है।

    इसलिए डायबिटीज में सब्जियों को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है, बल्कि समझदारी से चुनना जरूरी है। हर सब्जी को एक ही नजर से नहीं देखना चाहिए। नॉन-स्टार्ची सब्जियां रोजमर्रा की डाइट में ज्यादा शामिल की जा सकती हैं, जबकि स्टार्चयुक्त सब्जियों को सीमित मात्रा में और संतुलित भोजन के हिस्से के रूप में लेना चाहिए। सही मात्रा, सही तरीका और सही संयोजन ही ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

    यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट बनाते समय केवल स्वाद या आदत पर नहीं, बल्कि पोषण, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और ब्लड शुगर पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखकर सब्जियों का चुनाव करना चाहिए। इससे शरीर को जरूरी पोषण भी मिलेगा और शुगर लेवल भी बेहतर तरीके से नियंत्रित रह सकेगा।