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  • सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, ट्राइग्लिसराइड्स भी बन सकता है दिल का बड़ा दुश्मन, जानिए इसे कैसे करें कंट्रोल..

    सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, ट्राइग्लिसराइड्स भी बन सकता है दिल का बड़ा दुश्मन, जानिए इसे कैसे करें कंट्रोल..

    सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, ट्राइग्लिसराइड्स भी बन सकता है दिल का बड़ा दुश्मन, जानिए इसे कैसे करें कंट्रोल..

    जब दिल की सेहत की बात होती है, तो ज्यादातर लोग केवल कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान देते हैं। लेकिन खून में मौजूद ट्राइग्लिसराइड्स नाम का एक दूसरा फैट भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि इसका स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहे, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।

    अक्सर ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने के शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसी वजह से इसे कई बार “साइलेंट रिस्क” भी माना जाता है। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और जीवनशैली पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

    ट्राइग्लिसराइड्स क्या है?

    ट्राइग्लिसराइड्स शरीर में पाया जाने वाला सबसे सामान्य प्रकार का फैट है। जब हम भोजन से जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैं और शरीर उन्हें तुरंत उपयोग नहीं कर पाता, तो लिवर उन अतिरिक्त कैलोरी को ट्राइग्लिसराइड्स में बदलकर शरीर में जमा कर देता है। बाद में जरूरत पड़ने पर शरीर इन्हें ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है।

    समस्या तब शुरू होती है जब लगातार जरूरत से अधिक कैलोरी, मीठे खाद्य पदार्थ, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और शारीरिक निष्क्रियता के कारण इसका स्तर बढ़ने लगता है।

    ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने के मुख्य कारण

    अधिक मात्रा में चीनी और मिठाइयों का सेवन

    मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन

    रिफाइंड आटा, सफेद चावल और प्रोसेस्ड फूड

    शारीरिक गतिविधि की कमी

    अधिक वजन या मोटापा

    फैटी लिवर

    अनियंत्रित डायबिटीज

    अधिक शराब का सेवन

    कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण

    ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से क्या खतरे हो सकते हैं?

    धमनियों में फैट जमा होने का खतरा बढ़ सकता है।

    हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है।

    फैटी लिवर की समस्या हो सकती है।

    इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है।

    टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

    यदि ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बहुत अधिक हो जाए, तो अग्न्याशय में सूजन जैसी गंभीर समस्या का जोखिम भी बढ़ सकता है।

    भारतीयों में खतरा अधिक क्यों माना जाता है?

    भारतीयों में कम उम्र में ही पेट के आसपास चर्बी जमा होने, इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक समस्याओं की संभावना अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है। कई लोग सामान्य वजन के दिखने के बावजूद अंदरूनी रूप से अधिक फैट जमा होने के कारण जोखिम में हो सकते हैं। इसलिए केवल वजन देखकर स्वास्थ्य का आकलन करना पर्याप्त नहीं होता।

    ट्राइग्लिसराइड्स कम करने के आसान उपाय

    मीठे खाद्य पदार्थ और शक्कर वाले पेय कम करें।

    रिफाइंड आटे और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।

    साबुत अनाज, दालें, फल और हरी सब्जियां भोजन में शामिल करें।

    पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और हेल्दी फैट लें।

    रोज कम से कम 30 से 45 मिनट शारीरिक गतिविधि या तेज चाल से पैदल चलें।

    शरीर का अतिरिक्त वजन धीरे-धीरे कम करें।

    पर्याप्त और अच्छी नींद लें।

    शराब और धूम्रपान से बचें।

    समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल की जांच कराते रहें।

    कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?

    यदि आपकी जांच रिपोर्ट में ट्राइग्लिसराइड्स लगातार सामान्य सीमा से ऊपर आ रहे हैं, या आपको डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग का जोखिम है, तो चिकित्सकीय सलाह जरूर लें। कुछ लोगों में केवल जीवनशैली में बदलाव पर्याप्त होता है, जबकि अधिक स्तर होने पर दवाओं की भी आवश्यकता पड़ सकती है।

    निष्कर्ष

    दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, बल्कि ट्राइग्लिसराइड्स पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के माध्यम से इसके स्तर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। छोटी-छोटी अच्छी आदतें भविष्य में गंभीर हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी जांच रिपोर्ट, दवा या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

  • दिशा पाटनी का ये स्क्वैट वर्कआउट हर किसी के बस की बात नहीं .   एक्सरसाइज क्यों है इतनी खास? जानिए इसके फायदे और जरूरी सावधानियां..

    दिशा पाटनी का ये स्क्वैट वर्कआउट हर किसी के बस की बात नहीं . एक्सरसाइज क्यों है इतनी खास? जानिए इसके फायदे और जरूरी सावधानियां..

    दिशा पाटनी का ये स्क्वैट वर्कआउट हर किसी के बस की बात नहीं .   एक्सरसाइज क्यों है इतनी खास? जानिए इसके फायदे और जरूरी सावधानियां..

    आजकल सोशल मीडिया पर एडवांस फिटनेस एक्सरसाइज तेजी से वायरल होती रहती हैं। इन्हीं में से एक है वेटेड स्क्वैट होल्ड, जो देखने में आसान लगती है लेकिन इसे सही तकनीक और अच्छी शारीरिक क्षमता के साथ ही किया जा सकता है। यह एक्सरसाइज शरीर की ताकत, संतुलन और सहनशक्ति को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

    यदि आप नियमित रूप से फिटनेस ट्रेनिंग करते हैं, तो यह एक्सरसाइज आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि शुरुआती लोगों को इसे बिना प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख के नहीं करना चाहिए।

    वेटेड स्क्वैट होल्ड क्या है?

    इस एक्सरसाइज में व्यक्ति वजन के साथ गहरी स्क्वैट की स्थिति में कुछ समय तक स्थिर रहता है। इस दौरान शरीर की कई मांसपेशियां लगातार सक्रिय रहती हैं, जिससे ताकत और मसल कंट्रोल दोनों बेहतर होते हैं।

    किन मांसपेशियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है?

    जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

    ग्लूट्स यानी कूल्हों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।

    हैमस्ट्रिंग मजबूत होती हैं।

    पिंडलियों की मांसपेशियों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

    कोर मसल्स लगातार सक्रिय रहती हैं, जिससे शरीर का संतुलन बेहतर होता है।

    इस एक्सरसाइज के प्रमुख फायदे

    शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

    संतुलन और स्थिरता बेहतर हो सकती है।

    कोर मसल्स मजबूत होती हैं।

    कूल्हों, घुटनों और टखनों की लचक बढ़ सकती है।

    मांसपेशियों की सहनशक्ति विकसित होती है।

    पोश्चर सुधारने में मदद मिल सकती है।

    अन्य एडवांस स्क्वैट और एथलेटिक मूवमेंट्स की तैयारी के लिए उपयोगी मानी जाती है।

    क्या यह एक्सरसाइज सभी के लिए है?

    नहीं।

    यह एक एडवांस लेवल की एक्सरसाइज है। यदि आप पहली बार जिम शुरू कर रहे हैं या घुटनों, कमर, टखनों या कूल्हों में दर्द या चोट की समस्या है, तो इसे बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए।

    शुरुआती लोग पहले सामान्य बॉडीवेट स्क्वैट, चेयर स्क्वैट और बेसिक स्ट्रेंथ एक्सरसाइज में महारत हासिल करें।

    एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान

    हमेशा अच्छी तरह वार्म-अप करें।

    शुरुआत हल्के वजन से करें।

    घुटनों और कमर की सही पोजिशन बनाए रखें।

    अचानक बहुत अधिक वजन न बढ़ाएं।

    यदि दर्द या चक्कर महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं।

    एक्सरसाइज के बाद शरीर को पर्याप्त आराम दें।

    प्रोटीन युक्त संतुलित भोजन लें।

    दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।

    रोज अच्छी और पूरी नींद लें ताकि मांसपेशियां सही तरीके से रिकवर हो सकें।

    कौन लोग इसे करने से बचें?

    घुटनों की गंभीर समस्या वाले लोग।

    कमर दर्द या रीढ़ की चोट से पीड़ित लोग।

    हाल ही में सर्जरी करवाने वाले लोग।

    अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग वाले लोग।

    गर्भवती महिलाओं को बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।

    निष्कर्ष

    वेटेड स्क्वैट होल्ड एक प्रभावी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज है, जो पूरे शरीर की कई प्रमुख मांसपेशियों को एक साथ सक्रिय करती है। सही तकनीक, नियंत्रित वजन और नियमित अभ्यास के साथ यह शरीर की ताकत, संतुलन और फिटनेस को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि इसे हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार और जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित फिटनेस विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए।

    अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य फिटनेस जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी नई एक्सरसाइज या वर्कआउट रूटीन को शुरू करने से पहले योग्य फिटनेस प्रशिक्षक या चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

  • फ्रिज खोला तो दिखी शिवलिंग जैसी बर्फ की आकृति! दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, वीडियो हुआ वायरल..

    फ्रिज खोला तो दिखी शिवलिंग जैसी बर्फ की आकृति! दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, वीडियो हुआ वायरल..

    Agra Viral News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों के बीच आस्था और जिज्ञासा दोनों को बढ़ा दिया है। एक घर के फ्रिज में जमी बर्फ की आकृति लोगों को शिवलिंग जैसी दिखाई दी। परिवार ने इसे भगवान शिव का आशीर्वाद मानते हुए पूजा शुरू कर दी। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    फ्रिज खोलते ही चौंक गया परिवार

    बताया जा रहा है कि यह मामला आगरा के खेरिया मोड़ स्थित नगला भुजा इलाके का है। परिवार जब रोजमर्रा की तरह फ्रिज खोलने पहुंचा तो अंदर जमी बर्फ की आकृति उन्हें शिवलिंग जैसी नजर आई। इसके बाद घर के सदस्यों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी। कुछ ही देर में आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली और लोगों का वहां पहुंचना शुरू हो गया।

    दर्शन के लिए लगी लोगों की भीड़

    खबर फैलते ही घर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। कई लोग फूल, जल और प्रसाद लेकर पहुंचे तथा भगवान शिव के जयकारे लगाए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा होने लगी और लोग इसे आस्था से जोड़कर देखने लगे।

    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कुछ लोग इसे भगवान शिव का चमत्कार बता रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि फ्रिज में बर्फ जमने की प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण इस तरह की आकृतियां बन सकती हैं। वीडियो पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

    अमरनाथ यात्रा से जोड़कर भी देख रहे लोग

    इन दिनों अमरनाथ यात्रा चल रही है। ऐसे में कई श्रद्धालु आगरा की इस घटना को बाबा बर्फानी से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी वैज्ञानिक संस्था या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या दावा नहीं किया गया है।

    आस्था और विज्ञान के बीच बहस

    विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रिज के भीतर तापमान, नमी और बर्फ जमने की प्रक्रिया के कारण कई बार अलग-अलग आकार स्वाभाविक रूप से बन जाते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग इसे अपनी धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल यह घटना सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • क्या डायबिटीज के मरीज अनार खा सकते हैं? जानें रिसर्च क्या कहती है और डॉक्टर की क्या है सलाह..

    क्या डायबिटीज के मरीज अनार खा सकते हैं? जानें रिसर्च क्या कहती है और डॉक्टर की क्या है सलाह..

    क्या डायबिटीज के मरीज अनार खा सकते हैं? जानें रिसर्च क्या कहती है और डॉक्टर की क्या है सलाह..

    Pomegranate for Diabetes: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई मरीजों के मन में यह सवाल रहता है कि मीठे स्वाद वाला अनार खाना उनके लिए सुरक्षित है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सही मात्रा में और सही तरीके से अनार का सेवन किया जाए, तो यह टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    तेलंगाना के वारंगल स्थित NIHIRA Hospitals की जनरल फिजिशियन डॉ. रोहिणीप्रियंका रेड्डी के अनुसार, अनार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 53 होता है, जो लो से मीडियम श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाने की बजाय धीरे-धीरे प्रभावित करता है।

    क्या कहती है रिसर्च?

    Nutrition Research Journal में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अनार में प्यूनिकालाजिन (Punicalagin) और एलैजिक एसिड (Ellagic Acid) जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये तत्व इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और कोशिकाओं में ग्लूकोज के उपयोग को सुधारने में मदद कर सकते हैं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होने में भी सहायता मिल सकती है।

    ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन कम करने में मददगार

    डायबिटीज के मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और शरीर में सूजन बढ़ने का खतरा अधिक रहता है, जिससे हृदय, किडनी और अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।

    Journal of Ethnopharmacology में प्रकाशित शोध के अनुसार, अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में सूजन बढ़ाने वाले सी-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम घट सकता है।

    जूस नहीं, साबुत अनार खाना ज्यादा फायदेमंद

    विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज मरीजों को अनार का जूस पीने के बजाय उसके साबुत दाने खाने चाहिए।

    अनार के दानों में मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन की प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे प्राकृतिक शर्करा धीरे-धीरे रक्त में पहुंचती है और ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती। वहीं जूस बनाने पर फाइबर काफी हद तक कम हो जाता है, जिससे शुगर तेजी से अवशोषित हो सकती है।

    यदि आपका फास्टिंग ब्लड शुगर लगातार 200 mg/dL से अधिक रहता है, तो अनार को नियमित डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

    डायबिटीज मरीजों के लिए अनार के संभावित फायदे

    • ब्लड शुगर नियंत्रण में सहयोग कर सकता है।
    • इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
    • शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन कम करने में सहायक हो सकता है।
    • हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
    • फाइबर के कारण लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।

    अनार खाने का सही तरीका

    डायबिटीज के मरीज संतुलित मात्रा में अनार को कई तरीकों से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं—

    • स्नैक के रूप में ताजे अनार के दाने खाएं।
    • सलाद में अनार मिलाकर सेवन करें।
    • ग्रीक योगर्ट या ओटमील के ऊपर अनार के दाने डालें।
    • कम GI वाले फलों के साथ सीमित मात्रा में स्मूदी तैयार करें।
    • यदि जूस पीना चाहें, तो बिना अतिरिक्त चीनी वाला 100% शुद्ध जूस सीमित मात्रा (लगभग 120 mL) में ही लें, हालांकि साबुत फल बेहतर विकल्प माना जाता है।

    डिस्क्लेमर

    यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और उपलब्ध शोध के आधार पर तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि आपको डायबिटीज है या आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो अपनी डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

  • 35 की उम्र के बाद क्यों बढ़ने लगती है पेट की चर्बी? एक्सपर्ट ने बताए स्ट्रेस और हार्मोन से जुड़े 2 बड़े कारण..

    35 की उम्र के बाद क्यों बढ़ने लगती है पेट की चर्बी? एक्सपर्ट ने बताए स्ट्रेस और हार्मोन से जुड़े 2 बड़े कारण..

    35 की उम्र के बाद क्यों बढ़ने लगती है पेट की चर्बी? एक्सपर्ट ने बताए स्ट्रेस और हार्मोन से जुड़े 2 बड़े कारण..

    Belly Fat After 35: 35 वर्ष की उम्र पार करने के बाद कई लोगों को यह महसूस होने लगता है कि पहले जैसी डाइट और एक्सरसाइज के बावजूद पेट और कमर के आसपास चर्बी बढ़ने लगी है। अक्सर लोग इसका कारण केवल गलत खानपान या शारीरिक गतिविधि की कमी को मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे तनाव (Stress) और हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes) भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

    कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. पल्लीटी शिव कार्तिक रेड्डी के अनुसार, 35 के बाद बढ़ती पेट की चर्बी हर व्यक्ति में एक जैसी वजह से नहीं होती। इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि यह ‘स्ट्रेस बेली’ है, ‘हार्मोनल बेली’ है या दोनों का संयुक्त प्रभाव।

    क्या होती है स्ट्रेस बेली?

    डॉ. रेड्डी बताते हैं कि लंबे समय तक तनाव में रहने पर शरीर में कॉर्टिसोल (Cortisol) नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है।

    जब कॉर्टिसोल लंबे समय तक अधिक बना रहता है, तो यह—

    • पेट के आसपास फैट जमा होने को बढ़ावा दे सकता है।
    • इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा सकता है।
    • मीठा और हाई-कैलोरी फूड खाने की इच्छा बढ़ा सकता है।
    • वजन घटाने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

    स्ट्रेस बेली के सामान्य लक्षण

    • कमर के आसपास तेजी से चर्बी बढ़ना
    • बार-बार मीठा खाने की इच्छा होना
    • लगातार थकान महसूस होना
    • नींद पूरी न होना
    • तनाव और बेचैनी

    हार्मोनल बेली क्यों होती है?

    विशेषज्ञों के अनुसार, खासतौर पर महिलाओं में पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और अन्य हार्मोन के स्तर में बदलाव होने लगता है।

    एस्ट्रोजन कम होने पर शरीर में फैट जमा होने का पैटर्न बदल सकता है। पहले जो चर्बी कूल्हों और जांघों में जमा होती थी, वह धीरे-धीरे पेट और कमर के आसपास जमा होने लगती है।

    हार्मोनल बदलाव के संकेत

    • पीरियड्स का अनियमित होना
    • अचानक गर्मी लगना (हॉट फ्लैशेज)
    • मांसपेशियों की ताकत कम होना
    • मेटाबॉलिज्म का धीमा पड़ना
    • धीरे-धीरे पेट का आकार बढ़ना

    कई बार दोनों कारण साथ-साथ भी हो सकते हैं

    डॉ. रेड्डी का कहना है कि 35 वर्ष के बाद कई लोगों में तनाव और हार्मोनल बदलाव दोनों एक साथ असर डाल सकते हैं। इसलिए केवल वजन देखकर कारण तय नहीं किया जा सकता। सही कारण जानने के लिए जीवनशैली, लक्षण और जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच भी महत्वपूर्ण होती है।

    35 के बाद पेट की चर्बी कम करने के लिए क्या करें?

    यदि बढ़ती चर्बी का कारण तनाव है, तो ये आदतें मददगार हो सकती हैं—

    • रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें।
    • नियमित वॉक, योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।
    • मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग जैसी तनाव कम करने वाली गतिविधियां अपनाएं।
    • अत्यधिक कैफीन का सेवन सीमित करें।
    • प्रोटीन और फाइबर से भरपूर संतुलित आहार लें।

    यदि हार्मोनल बदलाव इसकी वजह हैं, तो—

    • सप्ताह में नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।
    • पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D लें।
    • जरूरत महसूस होने पर डॉक्टर की सलाह से हार्मोन संबंधी जांच करवाएं।
    • बहुत कम कैलोरी वाली क्रैश डाइट से बचें और टिकाऊ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।

    एक्सपर्ट की सलाह

    डॉ. रेड्डी के अनुसार, पेट की चर्बी कम करने के लिए केवल वजन घटाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। पहले यह समझना जरूरी है कि इसकी असली वजह क्या है। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, तनाव पर नियंत्रण और पर्याप्त नींद जैसी आदतें लंबे समय में अधिक प्रभावी साबित होती हैं।

    डिस्क्लेमर

    यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपके शरीर में अचानक वजन बढ़ रहा है, हार्मोन संबंधी लक्षण दिखाई दे रहे हैं या कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो उचित जांच और उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

  • चार धामों में शामिल है गुजरात का प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर, जानें धार्मिक महत्व, इतिहास

    चार धामों में शामिल है गुजरात का प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर, जानें धार्मिक महत्व, इतिहास

    चार धामों में शामिल है गुजरात का प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर, जानें धार्मिक महत्व, इतिहास

    Dwarkadhish Temple Gujarat: गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में स्थित द्वारकाधीश मंदिर सनातन धर्म के सबसे प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यह मंदिर हिंदुओं के चार धाम में शामिल है और भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि के रूप में विशेष श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला, ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक वातावरण के लिए भी प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं इस दिव्य धाम का महत्व, इतिहास और यहां पहुंचने का मार्ग।

    द्वारकाधीश मंदिर का धार्मिक महत्व

    द्वारकाधीश मंदिर को ‘जगत मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा द्वारका के राजा (द्वारकाधीश) के रूप में की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद समुद्र तट पर द्वारका नगरी की स्थापना की थी और यहीं से अपने राज्य का संचालन किया।

    चार धाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति से यहां दर्शन करने पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है तथा मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।

    द्वारकाधीश मंदिर का इतिहास

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने सबसे पहले इस मंदिर का निर्माण कराया था। समय के साथ प्राकृतिक आपदाओं और आक्रमणों के कारण मंदिर को कई बार क्षति पहुंची, जिसके बाद विभिन्न कालों में इसका पुनर्निर्माण किया गया।

    वर्तमान मंदिर का स्वरूप मुख्य रूप से 15वीं और 16वीं शताब्दी का माना जाता है। यह मंदिर गोमती नदी के तट पर और अरब सागर के समीप स्थित है, जिससे इसकी धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता दोनों बढ़ जाती हैं।

    मंदिर की प्रमुख विशेषताएं

    द्वारकाधीश मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला के लिए भी प्रसिद्ध है। यह मंदिर पांच मंजिला संरचना वाला है, जिसे मजबूत पत्थर के स्तंभों पर बनाया गया है।

    मंदिर के शिखर पर लहराने वाली विशाल ध्वजा इसकी सबसे खास पहचान है। परंपरा के अनुसार इस ध्वजा को दिन में कई बार बदला जाता है, जिसे देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    मंदिर में प्रवेश के लिए ‘स्वर्ग द्वार’ और बाहर निकलने के लिए ‘मोक्ष द्वार’ बनाए गए हैं, जिनका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है।

    द्वारकाधीश मंदिर कैसे पहुंचें?

    हवाई मार्ग

    मंदिर का निकटतम हवाई अड्डा जामनगर एयरपोर्ट है, जो लगभग 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से टैक्सी और बस की सुविधा आसानी से उपलब्ध रहती है।

    रेल मार्ग

    द्वारका रेलवे स्टेशन देश के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। स्टेशन से मंदिर की दूरी करीब 2 किलोमीटर है, जिसे ऑटो, टैक्सी या पैदल भी तय किया जा सकता है।

    सड़क मार्ग

    द्वारका गुजरात के प्रमुख शहरों जैसे राजकोट, जामनगर, अहमदाबाद और पोरबंदर से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। राज्य परिवहन और निजी बसों की नियमित सेवाएं उपलब्ध हैं।

  • कल्याण में युवक की हत्या का मामला, बाथरूम से बोरे में मिला शव; वॉयस मैसेज के बाद जांच तेज

    कल्याण में युवक की हत्या का मामला, बाथरूम से बोरे में मिला शव; वॉयस मैसेज के बाद जांच तेज

    कल्याण में युवक की हत्या का मामला, बाथरूम से बोरे में मिला शव; वॉयस मैसेज के बाद जांच तेज

    महाराष्ट्र के कल्याण से हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक किराए के फ्लैट के बाथरूम से बोरे में बंद 37 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया है। मामले में एक महिला पर हत्या का आरोप है। पुलिस का कहना है कि घटना के खुलासे में एक वॉयस मैसेज अहम सुराग साबित हुआ।

    यह मामला कल्याण के मलंग रोड स्थित नीलकंठ सोसायटी का है। स्थानीय लोगों ने फ्लैट से तेज बदबू आने की शिकायत पुलिस से की थी। मौके पर पहुंची मानपाड़ा पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़कर तलाशी ली, जहां बाथरूम में रखे एक बोरे से युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान हमीदुल्लाह इस्लाम (37) के रूप में हुई है।

    पुलिस के अनुसार, शव काफी हद तक सड़ चुका था। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि युवक की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई। इसके बाद शव को बोरे में भरकर बाथरूम में छिपा दिया गया। फोरेंसिक टीम ने मौके से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं और उनकी जांच की जा रही है।

    जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। अधिकारियों के मुताबिक, फ्लैट के मालिक को हसीबा नाम की महिला का एक वॉयस मैसेज मिला था। पुलिस का दावा है कि इस संदेश में महिला ने कथित तौर पर हत्या की जानकारी दी और बताया कि शव बाथरूम में रखा है। साथ ही यह भी कहा गया कि बाथरूम का नल खुला छोड़ दिया गया है। इसके बाद फ्लैट मालिक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर शव बरामद किया गया।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला घटना के बाद फरार हो गई और उसके कोलकाता भागने की आशंका है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना की गई है। मामले की जांच जारी है।

  • खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    खीर-पूरी बनाकर मनाया बेटे का बर्थडे, कुछ घंटों बाद ही बेटों ने माता-पिता को उतारा मौत के घाट..

    Ghaziabad Double Murder: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है, लेकिन गाजियाबाद से सामने आई एक घटना ने इस रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. दो बेटों ने अपने ही मां-बाप की बेरहमी से हत्या कर दी. अपने माता-पिता की हत्या के बाद शोक में डूबी एक बहन ने रोते हुए कहा, “ऐसे भाई किसी को न मिलें. जिन्होंने हमारे मम्मी-पापा की जान ले ली. जैसे मेरे भाइयों ने मेरे माता-पिता को मारा है, वैसे ही उन्हें भी उनके किए की सजा मिले.”*

    मामला गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर इलाके का है. पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई की रात दो बेटों ने अपने माता-पिता की हत्या कर दी. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक दंपति की बेटियां दीपिका और ज्योति भी मौके पर पहुंचीं. घर के बाहर लोगों की भीड़ और भारी पुलिस बल तैनात था, जबकि घर के भीतर मातम पसरा हुआ था. पुलिस बेटियों के बयान दर्ज कर रही थी और इस दौरान उनका रो-रोकर बुरा हाल था.

    जन्मदिन की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदलीं

    मृतक गंगाशरण मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे और कई वर्षों से परिवार के साथ गाजियाबाद में रह रहे थे. उनके दो बेटे दीपक और ललित तथा दो बेटियां दीपिका और ज्योति हैं. दोनों बेटों की शादी लॉकडाउन के दौरान हुई थी, लेकिन बाद में इनसे तंग आकर उनकी पत्नियां उन्हें छोड़कर मायके चली गई थीं. पिता गंगाशरण अखबार वितरक थे. पूरा परिवार ग्राउंड फ्लोर पर रहता है, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर किरायेदार रहता है. किरायेदार ने ही पुलिस को खबर दी थी.

    घटना वाले दिन छोटे बेटे ललित का जन्मदिन था. उसकी मां विमलेश ने बेटे की लंबी उम्र के लिए पड़ोस की महिलाओं के साथ कीर्तन कराया और घर में खीर-पूरी बनाई. शाम तक घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन रात होते-होते यह खुशी मातम में बदल गई.

    शराब पीने को लेकर हुआ विवाद

    परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों भाई शराब के आदी थे और अक्सर नशे की हालत में घर में झगड़ा करते थे. 20 जुलाई की रात भी दोनों शराब पी रहे थे. जब माता-पिता ने इसका विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई. आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों बेटों ने पहले पिता गंगाशरण पर हमला किया. मां विमलेश बचाने आईं तो उन पर भी हमला कर दिया. दोनों का गला दबाने के बाद उन पर हथौड़े से वार किए गए. गंभीर रूप से घायल दंपति को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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    बेटियों ने सुनाई भाइयों की करतूत

    मृतक दंपति की बड़ी बेटी दीपिका ने आरोप लगाया कि दोनों भाई लंबे समय से शराब के आदी थे और अक्सर माता-पिता के साथ मारपीट व झगड़ा करते थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि शराब के लिए दोनों ने अपनी मां के सोने के जेवर तक बेच दिए थे. इसके बावजूद माता-पिता हर बार उन्हें माफ कर देते थे और उम्मीद करते थे कि एक दिन वे सुधर जाएंगे.

    दीपिका ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके अपने सगे भाई ही माता-पिता के कातिल बन जाएंगे. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुटी है.

  • टोल कर्मी ने रुकने का दिया इशारा, तेज रफ्तार SUV ने मारी टक्कर, CCTV में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना

    हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू टोल प्लाजा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। देर रात एक तेज रफ्तार सफेद SUV ने टोल बैरियर पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी को टक्कर मार दी और बिना रुके मौके से फरार हो गई। पूरी वारदात टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 जुलाई 2026 की रात करीब 11:22 बजे हुई। CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि टोल कर्मचारी बैरियर के पास खड़ा होकर आने वाली SUV को रुकने का संकेत देता है। लेकिन चालक वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से बैरियर पार कर देता है और कर्मचारी को टक्कर मारते हुए निकल जाता है।

    टक्कर इतनी तेज थी कि कर्मचारी उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद अन्य टोल कर्मी उसकी मदद के लिए दौड़े। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी को मामूली चोटें आई हैं और वह खतरे से बाहर है। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर फरार SUV चालक की पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स ने टोल कर्मी के सुरक्षित बच जाने पर राहत जताई है।

  • पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया, इलाज के दौरान मौत; पत्नी पर केस दर्ज..

    पंजाब के गुरदासपुर से एक दुखद मामला सामने आया है। यहां एक 37 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अमृतपाल सिंह के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता और मृतक के भाई हीरा सिंह ने आरोप लगाया कि अमृतपाल और उसकी पत्नी मनप्रीत कौर के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई थी।

    शिकायत के मुताबिक, विवाद के बाद अमृतपाल ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उसे तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    मामले की सूचना मिलने पर सदर थाना गुरदासपुर पुलिस ने मृतक के भाई के बयान के आधार पर पत्नी मनप्रीत कौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।