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  • हर मुस्लिम घर में लोहे का कुंडा होने की बात कितनी सही है? जानिए इसके पीछे की परंपरा

    हर मुस्लिम घर में लोहे का कुंडा होने की बात कितनी सही है? जानिए इसके पीछे की परंपरा

    हर मुस्लिम घर में लोहे का कुंडा होने की बात कितनी सही है? जानिए इसके पीछे की परंपरा

    अक्सर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाता है कि हर मुस्लिम घर में छत या आंगन में लोहे का एक मजबूत कुंडा लगा होता है। इस दावे को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हर मुस्लिम घर में ऐसा कुंडा होता है। यह प्रथा कुछ क्षेत्रों और परिवारों में देखने को मिलती है और इसका संबंध मुख्य रूप से ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर होने वाली कुर्बानी की प्रक्रिया से जुड़ा माना जाता है।

    क्या होता है लोहे का कुंडा?

    लोहे का कुंडा एक मजबूत धातु का हुक होता है, जिसे कुछ परिवार अपने घर की छत, आंगन या किसी मजबूत बीम में स्थायी या अस्थायी रूप से लगाते हैं। इसका उपयोग सामान्य दिनों में नहीं, बल्कि विशेष अवसरों पर किया जाता है।

    किस काम आता है यह कुंडा?

    ईद-उल-अजहा के दौरान जिन परिवारों में घर पर कुर्बानी की जाती है, वहां जानवर को जिबह करने के बाद उसे लटकाकर खाल उतारने और मांस को व्यवस्थित तरीके से अलग करने में इस कुंडे का उपयोग किया जाता है। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो जाती है।

    क्या हर मुस्लिम घर में होता है?

    नहीं। यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। कई मुस्लिम परिवारों के घरों में ऐसा कोई कुंडा नहीं होता। खासकर बड़े शहरों में अधिकांश लोग कुर्बानी अधिकृत स्थानों या कसाईखानों में कराते हैं, इसलिए घर पर ऐसे इंतजाम की आवश्यकता नहीं पड़ती। वहीं, कुछ ग्रामीण और छोटे शहरों के परिवार सुविधा के लिए इसे लगवाते हैं।

    क्या यह धार्मिक अनिवार्यता है?

    इस्लाम में कुर्बानी का महत्व है, लेकिन घर में लोहे का कुंडा लगवाना कोई धार्मिक अनिवार्यता नहीं है। कुरान या हदीस में ऐसा कोई निर्देश नहीं मिलता कि हर मुस्लिम घर में यह कुंडा होना चाहिए। यह एक व्यावहारिक व्यवस्था है, जो कुछ क्षेत्रों में समय के साथ परंपरा का रूप ले चुकी है।

    बदलते समय के साथ बदल रही है परंपरा

    आज के समय में कई लोग कुर्बानी के लिए अधिकृत बूचड़खानों या प्रशिक्षित कसाइयों की सेवाएं लेते हैं। ऐसे में घरों में स्थायी कुंडा लगाने की जरूरत पहले की तुलना में कम होती जा रही है। इसलिए यह व्यवस्था स्थान, परिवार और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

  • जेब पर पड़ेगा कम बोझ! ब्रिटिश शराब से लेकर ब्रांडेड कपड़ों तक, आज से कई चीजें सस्ती

    जेब पर पड़ेगा कम बोझ! ब्रिटिश शराब से लेकर ब्रांडेड कपड़ों तक, आज से कई चीजें सस्ती

    जेब पर पड़ेगा कम बोझ! ब्रिटिश शराब से लेकर ब्रांडेड कपड़ों तक, आज से कई चीजें सस्ती

    भारत से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू, कई सेक्टर्स को होगा मुनाफा

    India UK FTA : अगर आप शराब के शौकीन हैं, कारों से आप का बड़ा लगाव है, विदेशी कपड़े पहनना चाहते हैं तो आपके लिए एक खुशखबरी है। भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते हो गये हैं। भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे।

    इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। करीब तीन साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने PM नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस समझौते पर साइन किए थे।

    ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा- ‘ऐतिहासिक क्षण’

    इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए ऐतिहासिक पल है। यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के नए युग की शुरुआत करेगा।’

    भारत में क्या-क्या सस्ता होगा

    अब UK से आयात होने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% होगा। 85% सामान 10 साल में पूरी तरह टैरिफ-मुक्त होंगे। इससे कई चीजें सस्ती होंगी। व्हिस्की और जिन: UK से आयात होने वाली स्कॉच व्हिस्की और जिन पर भारत का टैरिफ 150% से घटकर 75% हो जाएगा। बाद में समझौते के दसवें साल तक इसे घटाकर 40% कर दिया जाएगा। उदाहरण- 5000 रुपए की स्कॉच बॉटल 3500 रुपए में मिलेगी। UK की कारों (जैसे जगुआर लैंड रोवर, रोल्स रॉयस) पर टैरिफ 100% से कोटा सिस्टम के तहत 10% तक आ जाएगा। इससे ये कारें 20-30% सस्ती हो सकती हैं। UK से आयात होने वाले सैल्मन, लैंब, चॉकलेट, बिस्किट और सॉफ्ट ड्रिंक्स पर टैरिफ कम होगा। इससे ये उत्पाद सस्ते होंगे। UK के कॉस्मेटिक्स, मेडिकल उपकरण और एयरोस्पेस पार्ट्स पर कम टैरिफ से ये सामान सस्ते होंगे। टैरिफ 15% से घटकर 3% पर आ जाएगा। ब्रिटेन से आने वाले ब्रांडेड कपड़े, फैशन प्रोडक्ट्स और होमवेयर भी सस्ते होंगे। वहीं फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स भी कम कीमत पर मिलेंगे।

    भारत के इन सेक्टर्स को होगा फायदा?

    टेक्सटाइल से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल और केमिकल जैसे सेक्टर्स को इस एग्रीमेंट से फायदा होगा। यूके में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स जैसे चादर, परदे पर 8-12% टैक्स लगता था, वो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे हमारे कपड़े बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले सस्ते और ज्यादा कॉम्पिटीटिव हो जाएंगे। तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन साल में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है। भारत से यूके जाने वाली ज्वेलरी और चमड़े के सामान जैसे बैग, जूतों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे MSME और लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा।

    साथ ही यूके के रास्ते यूरोप में भारत का दबदबा और बढ़ेगा। यूके ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे कार के पुर्जे पर लगने वाला इम्पोर्ट टैक्स खत्म कर दिया है। इससे भारत, यूके और यूरोप की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और मजबूत होगी। पुणे, चेन्नई और गुड़गांव जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब को फायदा होगा। भारतीय फार्मा कंपनियों को यूके में जेनेरिक दवाइयों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस मिलेगी।

    इससे भारत की दवाइयां यूके की NHS में आसानी से पहुंचेंगी और दवाओं का अप्रूवल भी जल्दी मिलेगा। बासमती चावल, झींगा जैसे समुद्री प्रोडक्ट, प्रीमियम चाय और मसालों पर यूके का इम्पोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर टैक्स कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख हब से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस डील के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक यूके में अपने केमिकल निर्यात को दोगुना

  • मेडिकल कॉलेज में खूनी वारदात: छात्रा पर चाकू से हमला, इलाज के दौरान तोड़ा दम..

    मेडिकल कॉलेज में खूनी वारदात: छात्रा पर चाकू से हमला, इलाज के दौरान तोड़ा दम..

    मेडिकल कॉलेज में खूनी वारदात: छात्रा पर चाकू से हमला, इलाज के दौरान तोड़ा दम..

    जिला अस्पताल में मंगलवार को सहपाठी छात्र ने एक पैरामेडिकल छात्रा की चाकू मारकर हत्या कर दी। बचाने आई एक महिला कर्मचारी भी इस हमले में घायल हो गईं। पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के जांच में प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है।

    मिली जानकारी के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह सहपाठी छात्र सागर सिंह ने पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गयी। गंभीर रूप से घायल बरेली निवासी छात्रा कशिश पटेल को चिकित्सकों की टीम की निगरानी में प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बरेली रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। छात्रा को बचाने के लिए आगे आई सीटी स्कैन विभाग की महिला कर्मचारी पर भी आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया। यह घटना जिला अस्पताल परिसर स्थित सीटी स्कैन रूम में हुई। हमले के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों व तीमारदारों में दहशत फैल गई। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में पैरामेडिकल छात्राएं धरने पर बैठ गईं

    घटना के बाद शोर-शराबा सुनकर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी सागर सिंह को घेरकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि उससे पूछताछ की जा रही है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

  • साली से छेड़छाड़ के आरोप में जीजा को पेड़ से बांधकर..

    साली से छेड़छाड़ के आरोप में जीजा को पेड़ से बांधकर..

    साली से छेड़छाड़ के आरोप में जीजा को पेड़ से बांधकर..

    MP Crime : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से पारिवारिक विवाद में बेरहमी और तालिबानी सजा देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति को उसकी साली को घुमाने और उसके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में उसके ही दो सालों ने ससुराल में पेड़ से बांध दिया। इसके बाद दोनों ने जीजा के कपड़े उतारकर बेल्ट, पट्टे और लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, यह घटना जिले के सिहोनिया थाना क्षेत्र के भिडौसा गांव में गत सोमवार को घटी, जिसके बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। सिहोनिया थाना प्रभारी अतुल परिहार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी मोनू वाल्मीकि (25) और गोलू वाल्मीकि (22) को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

    परिहार ने बताया कि कीचाल निवासी नंदकिशोर वाल्मीकि (27) 13 जुलाई को अपनी ससुराल भिडौसा गांव पहुंचा था, जिसके कुछ घंटों बाद उसके दोनों सालों ने पारिवारिक विवाद के चलते उसे पकड़ कर पेड़ से बांध दिया और उसकी पिटाई की। पुलिस ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि दोनों ने पहले नंदकिशोर के कपड़े उतारे और फिर बेल्ट, डंडों और पट्टे से जमकर पीटा।

    इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें दोनों आरोपी नंदकिशोर की पिटाई करते दिख रहे हैं। पुलिस को पिटाई के कुछ वीडियो आरोपियों के मोबाइल से भी मिले हैं। पुलिस ने बताया कि पीड़ित के थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने के बाद दोनों आरोपियों को मंगलवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    सालों का आरोप – बहन के साथ की छेड़छाड़

    पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार रात को ही दोनों आरोपियों मोनू और गोलू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका जीजा नंदकिशोर उनकी छोटी बहन (नंदकिशोर की साली) को घुमाने के बहाने ले गया था और वहां उसने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने उसे यह सजा दी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • ब्रिटेन में मंदिर की जमीन मुस्लिम संस्था को देने पर बवाल, कोर्ट तक पहुंचा मामला..

    ब्रिटेन में मंदिर की जमीन मुस्लिम संस्था को देने पर बवाल, कोर्ट तक पहुंचा मामला..

    ब्रिटेन में मंदिर की जमीन मुस्लिम संस्था को देने पर बवाल, कोर्ट तक पहुंचा मामला..

    हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में लगायी याचिका, नीलामी प्रक्रिया गलत होने का आरोप

    UK Temple Dispute : ब्रिटेन में एक अजब मामला देखने में आया है। मदिर की जमीन मुसलमानों को बेच दी गयी, इस पर हिन्दू समुदाय में आक्रोश फैल गया। हिन्दुओं ने हाई कोर्ट में याचिका लगायी है और नीलामी प्रक्रिया गलत होने का आरोप लगाया है। लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है।

    भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था।

    अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया।

    मंदिर बंद हुआ तो 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू

    भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा।

    पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था।

    नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी

    भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है।

  • जज की कुर्सी पर ‘काला जादू’ का आरोप,

    जज की कुर्सी पर ‘काला जादू’ का आरोप,

    जज की कुर्सी पर ‘काला जादू’ का आरोप,

    कर्नाटक की घटना, 65 साल की महिला गिरफ्तार

    Chikkaballapur Court : जज की कुर्सी पर काला जादू, सुनने में बड़ा अटपटा लगता है, यकीन भी नहीं होता लेकिन कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में 65 साल की महिला मंजुला पर ऐसा ही आरोप है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि महिला एक लंबित पारिवारिक सिविल केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक घटना 9 जुलाई की है। मामला 14 जुलाई को सामने आया।

    जज की कुर्सी पर सरसों के दाने बिखेरे

    पुलिस के मुताबिक, नौ जुलाई सुबह करीब 9:40 बजे फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में हुई। आरोप है कि महिला कोर्ट रूम में दाखिल हुई और जज की मेज पर ‘पूजा’ किए हुए सफेद सरसों के दाने बिखेर दिए।

    CCTV फुटेज से मामला सामने आया

    कोर्ट प्रशासन की शिकायत के अनुसार, मंजुला खुले कोर्ट रूम में दाखिल हुई। कथित काला जादू के तहत जज की कुर्सी और मंच (डायस) पर सफेद सरसों के दाने बिखेर दिए। बाद में कोर्ट स्टाफ की नजर सरसों के दानों पर पड़ी। इसके बाद CCTV फुटेज खंगाले गए, जिनमें महिला यह हरकत करती दिखाई दी। इसके आधार पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने चिक्कबल्लापुर टाउन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    दिल्ली कोर्ट में चावल फेंकने पर डॉक्टर पर जुर्माना

    पिछले साल दिल्ली की तीस हजारी अदालत में हत्या के एक मामले का सामना कर रहे डॉक्टर चंदर विभास ने सुनवाई शुरू होने से पहले कथित तौर पर कोर्ट रूम में चावल के दाने बिखेर दिए। इस वजह से कार्यवाही 15-20 मिनट तक रोकनी पड़ी। कुछ वकीलों ने इसे भी कथित तौर पर काला जादू या टोटका बताया था। जज शेफाली बरनाला टंडन ने उन्हें एक दिन हिरासत में रखा। 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया, जिसे डॉक्टर ने उसी दिन जमा कर दिया।

  • 20 साल की युवती के प्यार में पड़ा तीन बच्चों का पिता, दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी ने पुलिस से लगाई गुहार..

    20 साल की युवती के प्यार में पड़ा तीन बच्चों का पिता, दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी ने पुलिस से लगाई गुहार..

    20 साल की युवती के प्यार में पड़ा तीन बच्चों का पिता, दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी ने पुलिस से लगाई गुहार..

    बिहार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन बच्चों के पिता पर 20 साल की युवती के प्यार में पड़कर दूसरी शादी करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद पहली पत्नी ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और न्याय की मांग की है।

    18 साल पहले हुई थी शादी

    पीड़िता के मुताबिक, उसकी शादी करीब 18 साल पहले विलास पासवान से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं और अब तक वह परिवार की जिम्मेदारियां निभाती आ रही थी। महिला का कहना है कि उसका पति एक हर्बल दवा कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करता है।

    नौकरी के दौरान बढ़ी नजदीकियां

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काम के दौरान विलास की मुलाकात 20 वर्षीय युवती से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। महिला का कहना है कि पिछले एक साल से उसके पति ने घर का खर्च देना भी लगभग बंद कर दिया था और अपनी कमाई युवती पर खर्च करने लगा।

    दूसरी शादी से टूटा परिवार

    पहली पत्नी का आरोप है कि तीन बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियों के बावजूद उसके पति ने दूसरी शादी कर ली। इस घटना के बाद वह पूरी तरह टूट गई है। अब वह अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए किराना दुकान चलाकर किसी तरह घर का खर्च उठा रही है।

    थाने पहुंची पत्नी

    बताया जा रहा है कि हाल ही में आरोपी गांव आया था, लेकिन बच्चों के सवाल पूछने पर वहां से चला गया। इसके बाद महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • नए प्रेमी के लिए मां बनी अपने ही मासूम की दुश्मन, हत्या के बाद प्रेमी संग रचा अपहरण का झूठा खेल..

    नए प्रेमी के लिए मां बनी अपने ही मासूम की दुश्मन, हत्या के बाद प्रेमी संग रचा अपहरण का झूठा खेल..

    नए प्रेमी के लिए मां बनी अपने ही मासूम की दुश्मन, हत्या के बाद प्रेमी संग रचा अपहरण का झूठा खेल..

    मुंबई से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 15 महीने के मासूम बच्चे की हत्या के आरोप में उसकी मां और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, बच्चे की हत्या के बाद दोनों ने उसे लापता दिखाने के लिए अपहरण की झूठी शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई।

    प्रेम प्रसंग के बीच हुई वारदात

    पुलिस के मुताबिक, यह मामला मुंबई के जोगेश्वरी इलाके का है। 28 वर्षीय राजेश राणा और 23 वर्षीय रिंकी दास के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं और कुछ महीने पहले मुंबई आकर रहने लगे थे। रिंकी अपने 15 महीने के बेटे को भी साथ लेकर आई थी।

    बच्चे की हत्या कर शव गटर में फेंकने का आरोप

    जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश को रिंकी का छोटा बच्चा पसंद नहीं था। आरोप है कि उसने बच्चे के चेहरे और सीने पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को गटर में फेंक दिया।

    पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

    वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस थाने पहुंचकर बच्चे के कथित अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को उनके बयान संदिग्ध लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने कथित रूप से हत्या की बात स्वीकार कर ली।

    जांच में सामने आया पुराना पारिवारिक विवाद

    पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रिंकी पहले से विवाहित थी और उसके पहले विवाह से भी एक बेटा था। बाद में वह अपने पति से अलग हो गई। जांच में उसके पुराने पारिवारिक संबंधों और निजी जीवन से जुड़े कुछ अन्य तथ्य भी सामने आए, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।

    दोनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने मां और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस सभी परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

  • रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला..

    रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला..

    रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला..

    रांची में एक नाबालिग छात्रा (17 वर्ष) से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। लड़की रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही है। आरोप है कि आपत्तिजनक वीडियो बनाकर पीड़िता को महीनों ब्लैकमेल किया। धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया और किडनैपिंग की भी कोशिश की। परिजनों की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।

    नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने का आरोप परिजनों के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटी रांची में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान रामगढ़ के चितरपुर निवासी 20 वर्षीय सुधांशु पांडे से हुई। आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को आरोपी ने जन्मदिन की पार्टी का बहाना बनाकर छात्रा को धुर्वा स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और दुष्कर्म किया। होश आने पर छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी ने मोबाइल में मौजूद आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी।

    पुलिस जांच में जुटी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नाबालिग दूसरे समुदाय से है और आरोपी उस पर अपना धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। 13 जुलाई को सदर अस्पताल में आरोपी और पीड़िता, दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

  • विवाहित होने की बात छिपाकर संबंध बनाना रेप, धोखे से हासिल सहमति अपराध- हाईकोर्ट..

    विवाहित होने की बात छिपाकर संबंध बनाना रेप, धोखे से हासिल सहमति अपराध- हाईकोर्ट..

    विवाहित होने की बात छिपाकर संबंध बनाना रेप, धोखे से हासिल सहमति अपराध- हाईकोर्ट..

    यदि कोई व्यक्ति अपने विवाहित होने की बात छिपाकर किसी विधवा महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो इसे रेप अथवा दुष्कर्म माना जायेगा। झारखंड हाईकोर्ट ने कहाा कि इस मामले में महिला की सहमति, तथ्य की गलतफहमी के तहत अमान्य मानी जाएगी। हाईकोर्ट के जस्टिस कुमार द्विवेदी की अदालत ने रमेश साहू की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है। दरअसल, रमेश साहू ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और निचली अदालत द्वारा इसपर संज्ञान लिए जाने को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

    रमेश साहू ने खुद को अविवाहित बताया मामला दरअसल, एक विधवा महिला से जुड़ा है। दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक रमेश साहू ने खुद को अविवाहित बताते हुए पीड़िता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, उसे प्रेमजाल में फंसाया और विवाह का वादा करके लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। रिलेशनशिप को कुछ समय बीतने पर जब पीड़िता ने रमेश साहू से शादी की बात की तो वह टालमटोल करने लगा।

    पीड़िता को बाद में पता चल गई सच्चाई बताया जाता है कि कुछ समय बाद जब पीड़िता को पता चल गया कि आरोपी रमेश साहू शादीशुदा है और बच्चों का पिता है। जब पीड़िता को धोखे का अहसास हुआ तो उन्होंने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इस मामले में निचली अदालत ने संज्ञान लिया। आरोपी, इसी संज्ञान आदेश को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट गया था, जहां उसकी याचिका खारिज कर दी गई।

    आरोपी की मंशा शुरू से ही कपटपूर्ण थी आरोपी रमेश साहू की याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट में जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि यदि किसी महिलिा की सहमति तथ्य की गलतफहमी या धोखे के आधार पर ली गई है तो कानून की नजर में उसे सहमति नहीं माना जा सकता है। आरोपी ने अपनी शादी और बच्चों की बात छिपाई। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता को यदि सच का पता होता तो वह शारीरिक संबंध बनाने की सहमति नहीं देती। कोर्ट ने कहा कि मामला केवल शादी का वादा तोड़ने का नहीं है, बल्कि आरोपी की मंशा शुरुआत से ही कपटपूर्ण थी।