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  • नकली आधार से बचाएगा UIDAI का यह खास एप, QR कोड स्कैन

    नकली आधार से बचाएगा UIDAI का यह खास एप, QR कोड स्कैन

    नकली आधार से बचाएगा UIDAI का यह खास एप, QR कोड स्कैन

    डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडिटिंग टूल्स की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। ऐसे में आधार कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहचान से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता जांचना भी जरूरी हो गया है। इसी जरूरत को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने Aadhaar QR Scanner एप उपलब्ध कराया है, जिसकी मदद से आधार कार्ड की वैधता की जांच की जा सकती है। दरअसल, UIDAI के नए आधार एप में QR आधारित पहचान सत्यापन की सुविधा दी गई है। वहीं QR कोड को स्कैन कर जानकारी सत्यापित करने का काम Aadhaar QR Scanner एप करता है।

    यह फर्जी आधार कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचाव में मददगार साबित हो सकता है। Aadhaar QR Scanner, UIDAI द्वारा विकसित एक आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन है। इसे आधार एप का पूरक माना जा सकता है। जहां आधार एप में उपयोगकर्ता अपने आधार से जुड़े विभिन्न कार्य कर सकते हैं, वहीं QR Scanner एप किसी अन्य व्यक्ति के आधार QR कोड की जांच और सत्यापन के लिए उपयोग किया जाता है।

    ऐसे काम करता है यह एप

    एप इंस्टॉल करने के बाद सबसे पहले कैमरे की अनुमति मांगी जाती है। अनुमति मिलने के बाद उपयोगकर्ता सीधे किसी भी आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन कर सकता है। इसके अलावा, यदि QR कोड की तस्वीर पहले से मोबाइल गैलरी में सेव है तो उसे भी ऐप के माध्यम से अपलोड कर स्कैन किया जा सकता है।

    जानिए क्यों उपयोगी है यह एप

    आधार कार्ड की प्रामाणिकता की जांच करने में मदद करता है।

    फर्जी दस्तावेजों की पहचान आसान बनाता है।

    इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी काम कर सकता है।

    आधार से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने में मदद करता है।

    QR कोड स्कैन करने पर संबंधित व्यक्ति की फोटो दिखाई देती है, जिससे पहचान का मिलान किया जा सकता है।

    QR कोड स्कैन करने पर ये जानकारी मिलेगी

    जब किसी आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन किया जाता है, तो ऐप संबंधित व्यक्ति की उपलब्ध जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है। साथ ही यह भी बताता है कि स्कैन किया गया आधार वैध है या नहीं। यदि आधार धारक ने सीमित जानकारी साझा करने का विकल्प चुना है, तो स्कैनर केवल वही जानकारी दिखाएगा जिसे साझा करने की अनुमति दी गई है। इस तरह उपयोगकर्ता की गोपनीयता भी सुरक्षित रहती है और पहचान का सत्यापन भी संभव हो जाता है।

    बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के दौर में उपयोगी साधन

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में वृद्धि के बीच Aadhaar QR Scanner जैसे टूल पहचान सत्यापन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बना सकते हैं। खासकर होटल चेक-इन, किरायेदारी, नौकरी सत्यापन और अन्य पहचान आधारित प्रक्रियाओं में इसका उपयोग फायदेमंद हो सकता है।

  • पति के घर से निकलते ही ससुर करता था गंदी हरकत, बहू ने पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार

    पति के घर से निकलते ही ससुर करता था गंदी हरकत, बहू ने पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार

    पति के घर से निकलते ही ससुर करता था गंदी हरकत, बहू ने पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार

    उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता ने अपने ससुर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पिछले एक महीने से उसका ससुर उसे लगातार धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जब उसने इस बारे में अपने पति को बताया तो उसने भी कोई कार्रवाई करने के बजाय चुप रहने की सलाह दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस चौकी पहुंचकर सुनाई आपबीती

    जानकारी के अनुसार, अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता सोमवार को पुलिस चौकी पहुंची और पुलिसकर्मियों को पूरी घटना बताई। महिला ने आरोप लगाया कि उसका ससुर पिछले एक महीने से उसे डराकर और धमकाकर उसका शोषण कर रहा था।

    पति के घर से बाहर जाते ही करता था वारदात

    पीड़िता के अनुसार, उसका पति जब भी किसी काम से घर से बाहर जाता था, तभी उसका ससुर मौके का फायदा उठाकर उसके साथ जबरदस्ती करता था। विरोध करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी, जिसके कारण वह लंबे समय तक डर के साए में रही।

    पति ने भी नहीं दिया साथ

    महिला का कहना है कि उसने हिम्मत जुटाकर पूरी बात अपने पति को बताई, लेकिन पति ने उसका साथ देने के बजाय उसे चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली और न्याय की मांग की।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • क्या सहमति से बने संबंध को रेप कहा जा सकता है? हाईकोर्ट ने दिया बड़ा जवाब..

    क्या सहमति से बने संबंध को रेप कहा जा सकता है? हाईकोर्ट ने दिया बड़ा जवाब..

    क्या सहमति से बने संबंध को रेप कहा जा सकता है? हाईकोर्ट ने दिया बड़ा जवाब..

    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह विवाद मुख्य रूप से दीवानी और आर्थिक प्रकृति का प्रतीत होता है और रेप के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध नहीं होते।

    प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि दो बालिगों के बीच आपसी सहमति से लंबे समय तक बने शारीरिक संबंधों को केवल शादी का वादा पूरा न होने के आधार पर दुष्कर्म (रेप) नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब विवाद का मूल स्वरूप दीवानी (सिविल) और आर्थिक प्रकृति का हो।

    यह फैसला न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने सुनाया। अदालत ने आरोपी सौरभ पाल सिंह को आईपीसी की धारा 376, 420, 406, 504, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया। साथ ही ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर आरोप तय किए गए थे।

    क्या था मामला?

    एफआईआर के अनुसार, प्रयागराज की एक दलित छात्रा ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का वादा कर लंबे समय तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का यह भी आरोप था कि आरोपी ने रेस्टोरेंट का कारोबार शुरू करने के नाम पर उसका एटीएम कार्ड, छात्रवृत्ति की रकम, गहने और करीब 15 लाख रुपये ले लिए। बाद में उसने शादी से इनकार कर दिया और कथित रूप से धमकियां भी दीं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी और उसके परिवार ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसका अपमान किया।

    हाईकोर्ट ने क्या कहा?

    हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों से यह स्पष्ट नहीं होता कि शादी का वादा शुरू से ही झूठा था या आरोपी की मंशा धोखा देने की थी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रेप का मामला तभी बनता है, जब यह साबित हो कि शादी का वादा शुरुआत से ही धोखे की नीयत से किया गया था।

    अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान में शिकायतकर्ता ने स्वीकार किया था कि दोनों के बीच कोई प्रेम संबंध नहीं था, बल्कि दोस्ती के आधार पर शारीरिक संबंध बने थे। वहीं धारा 161 के बयान के अनुसार, दोनों के बीच 2014 से संबंध थे।

    आर्थिक विवाद को बताया सिविल मामला

    कोर्ट ने कहा कि महिला ने खुद स्वीकार किया था कि 15 लाख रुपये कारोबार के लिए दिए गए थे। बाद में वादा पूरा न होने से यह मामला स्वतः धोखाधड़ी का आपराधिक मामला नहीं बन जाता। अदालत ने यह भी नोट किया कि चेक बाउंस होने के बावजूद शिकायतकर्ता ने न तो एनआई एक्ट के तहत कोई कार्रवाई की और न ही पैसे की वसूली के लिए दीवानी मुकदमा दायर किया।

    एससी/एसटी एक्ट पर भी टिप्पणी

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने मात्र से एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध स्वतः सिद्ध नहीं हो जाता। अभियोजन को यह साबित करना होता है कि कथित अपराध जातिगत पहचान के आधार पर किया गया था। अदालत के अनुसार, रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रथमदृष्टया साक्ष्य नहीं मिला। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह विवाद मुख्य रूप से दीवानी और आर्थिक प्रकृति का प्रतीत होता है और रेप के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध नहीं होते।

  • पाले हुए बेटे से संबंध बनाने का आरोप, रिश्ता खत्म करने पर हत्या का मामला, महिला गिरफ्तार..

    पाले हुए बेटे से संबंध बनाने का आरोप, रिश्ता खत्म करने पर हत्या का मामला, महिला गिरफ्तार..

    पाले हुए बेटे से संबंध बनाने का आरोप, रिश्ता खत्म करने पर हत्या का मामला, महिला गिरफ्तार..

    ब्राजील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने जिस युवक को वर्षों तक अपने बेटे की तरह पाला, उसके साथ कथित तौर पर संबंध बनाए। बाद में जब युवक ने रिश्ता खत्म करने और घर छोड़ने की बात कही, तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

    बेटे की तरह घर लाकर पाला

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना ब्राजील के माराबा क्षेत्र की है। आरोपी महिला की पहचान 29 वर्षीय जेसिका बारबोसा संपाइओ के रूप में हुई है। बताया जाता है कि 21 वर्षीय सैमुअल अल्वेस किशोरावस्था में अपने घर से अलग हो गया था, जिसके बाद जेसिका उसे अपने घर ले आई और बेटे की तरह उसका पालन-पोषण करने लगी।

    जांच में सामने आए गंभीर आरोप

    जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर महिला और युवक के बीच कथित निजी संबंध होने की बात सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, यह संबंध कई वर्षों तक जारी रहा।

    रिश्ता खत्म करने की बात पर विवाद

    बताया जा रहा है कि सैमुअल ने महिला से दूरी बनाने और उसका घर छोड़ने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और महिला ने कथित तौर पर युवक के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस ने किया गिरफ्तार

    पुलिस ने युवक का शव महिला के घर से बरामद किया। शुरुआती पूछताछ में महिला ने इसे दुर्घटना बताया, लेकिन जांच के बाद उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

  • सरकारी स्कूल के क्लासरूम में गंदी हरकत करते पकड़े गए महिला-पुरुष टीचर, वीडियो के बाद मचा बवाल…

    सरकारी स्कूल के क्लासरूम में गंदी हरकत करते पकड़े गए महिला-पुरुष टीचर, वीडियो के बाद मचा बवाल…

    सरकारी स्कूल के क्लासरूम में गंदी हरकत करते पकड़े गए महिला-पुरुष टीचर, वीडियो के बाद मचा बवाल…

    धिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

    KANNAUJ NEWS : उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुरुष शिक्षक और महिला शिक्षिका स्कूल के क्लासरूम में आपत्तिजनक स्थिति में नजर आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

    मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई। विद्यालय प्रशासन ने संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही पूरे प्रकरण की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है।

    सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो कन्नौज के सौरिख क्षेत्र के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है। कुछ पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो शिक्षक की पत्नी ने सार्वजनिक किया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले करीब चार वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा है और मामला फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, इन दावों की प्रशासन ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि पुराना बताया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, किसने बनाया और किसने सोशल मीडिया पर साझा किया। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    विद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबंधित शिक्षक से जवाब मांगा गया है। शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

  • सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो शेयर करना पड़ सकता है भारी..

    सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो शेयर करना पड़ सकता है भारी..

    सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो शेयर करना पड़ सकता है भारी..

    सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें और वीडियो साझा करना अब सिर्फ एक यादगार पल साझा करने का मामला नहीं रह गया है। साइबर अपराध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) और इंटरनेट वॉच फाउंडेशन (IWF) ने अभिभावकों के लिए नई सुरक्षा सलाह जारी की है। एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बच्चों की तस्वीरें गलत हाथों में पहुंचकर उनके लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। एजेंसियों के मुताबिक, AI तकनीक की मदद से बच्चों की सामान्य तस्वीरों को भी एडिट कर फर्जी और अश्लील फोटो-वीडियो तैयार किए जा रहे हैं।

    वर्ष 2025 में ऐसे 8 हजार से अधिक AI-जनित फोटो और वीडियो सामने आए, जिनमें बच्चों से जुड़े यौन शोषण संबंधी आपत्तिजनक कंटेंट पाया गया। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब 14 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि बच्चों की तस्वीर साझा करना जरूरी हो, तो पहले सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग जरूर जांच लें। कोशिश करें कि पोस्ट केवल प्राइवेट अकाउंट या क्लोज फ्रेंड्स तक ही सीमित रहे।

    इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि तस्वीर में बच्चे का स्कूल, घर का पता, यूनिफॉर्म, लोकेशन या अन्य व्यक्तिगत जानकारी दिखाई न दे। सुरक्षा एजेंसियों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि केवल नई पोस्ट ही नहीं, बल्कि पहले से सोशल मीडिया पर मौजूद पुरानी तस्वीरों की भी समीक्षा करें। यदि किसी फोटो में बच्चे की पहचान या निजी जानकारी उजागर हो रही है, तो उसे तुरंत हटा देना बेहतर होगा।

    रिश्तेदार और स्कूल भी रखें ध्यान

    गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि रिश्तेदार, दोस्त, स्कूल, क्लब या अन्य संस्थाएं बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले अभिभावकों की अनुमति अवश्य लें। इससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और निजता को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है.

    क्या करें, क्या न करें

    बच्चों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से पोस्ट करने से बचें।

    पोस्ट करने से पहले प्राइवेसी सेटिंग की जांच करें।

    फोटो में स्कूल, घर, लोकेशन या अन्य निजी जानकारी न दिखने दें।

    पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट की नियमित समीक्षा करें।

    किसी भी संस्था या व्यक्ति को बच्चों की तस्वीर साझा करने से पहले अभिभावकों की अनुमति लेनी चाहिए।

  • श्री गरुड़ महापुराण – सम्पूर्ण हिन्दी व्याख्या,मृत्यु से पहले मिलने वाले संकेत – क्या गरुड़ पुराण में मृत्यु के पूर्व संकेतों का वर्णन मिलता है?

    श्री गरुड़ महापुराण – सम्पूर्ण हिन्दी व्याख्या,मृत्यु से पहले मिलने वाले संकेत – क्या गरुड़ पुराण में मृत्यु के पूर्व संकेतों का वर्णन मिलता है?

    श्री गरुड़ महापुराण – सम्पूर्ण हिन्दी व्याख्या,मृत्यु से पहले मिलने वाले संकेत – क्या गरुड़ पुराण में मृत्यु के पूर्व संकेतों का वर्णन मिलता है?

    अध्याय 5 : मृत्यु का रहस्य

    भाग 5.1 (अध्याय–4)

    ॥ ॐ नमो नारायणाय ॥

    गरुड़ जी ने भगवान श्रीहरि विष्णु से पूछा—

    “हे प्रभु! क्या मनुष्य की मृत्यु अचानक होती है, या उसके आने से पहले कुछ संकेत भी मिलते हैं?”

    भगवान विष्णु ने उत्तर दिया—

    “हे गरुड़! मृत्यु का समय निश्चित है, परंतु अनेक बार प्रकृति शरीर के माध्यम से ऐसे परिवर्तन दिखाती है जो यह बताते हैं कि जीवन की अंतिम अवस्था निकट आ रही है। किंतु इन संकेतों को देखकर भयभीत नहीं होना चाहिए। इनका उद्देश्य मनुष्य को धर्म, भक्ति और आत्मचिंतन की ओर प्रेरित करना है।”


    क्या मृत्यु के संकेत सभी को मिलते हैं?

    गरुड़ पुराण यह नहीं कहता कि हर व्यक्ति को एक जैसे संकेत अवश्य मिलेंगे।

    कुछ लोगों की मृत्यु दीर्घ रोग के बाद होती है, कुछ की वृद्धावस्था में, और कुछ की अचानक दुर्घटना या अन्य कारणों से। इसलिए किसी एक लक्षण को देखकर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं कि मृत्यु निश्चित रूप से निकट है।

    शास्त्र का उद्देश्य भविष्यवाणी करना नहीं, बल्कि जीवन की अनित्यता का बोध कराना है।


    शरीर में दिखाई देने वाले परिवर्तन

    जब जीवन का अंतिम चरण आता है, तब कई लोगों में शरीर की शक्ति धीरे-धीरे घटने लगती है।

    • भूख और प्यास कम हो सकती है।
    • शरीर अत्यंत दुर्बल हो सकता है।
    • लंबे समय तक बोलना कठिन हो सकता है।
    • मन कभी-कभी भीतर की ओर अधिक एकाग्र होने लगता है।

    ये परिवर्तन अनेक चिकित्सकीय कारणों से भी हो सकते हैं। इसलिए इन्हें केवल आध्यात्मिक संकेत मानना उचित नहीं है। गरुड़ पुराण का संदेश यह है कि ऐसे समय में व्यक्ति के साथ प्रेम, सेवा और ईश्वर-स्मरण का वातावरण होना चाहिए।


    मन की अवस्था

    भगवान विष्णु बताते हैं कि अंतिम दिनों में मनुष्य के मन में जीवनभर के संस्कार अधिक प्रबल हो सकते हैं।

    जिसने जीवन सत्य, सेवा और भक्ति में बिताया है, उसका मन अपेक्षाकृत शांत रह सकता है।

    जिसने लोभ, क्रोध, छल और अन्याय में जीवन बिताया है, उसे पश्चाताप और मानसिक अशांति अधिक अनुभव हो सकती है।

    इसलिए शास्त्र बार-बार कहते हैं कि जीवनभर का आचरण ही अंतिम समय की मानसिक अवस्था को प्रभावित करता है।


    परिवार का कर्तव्य

    गरुड़ पुराण के अनुसार जब किसी व्यक्ति का अंतिम समय निकट हो, तब परिवार को—

    • झगड़ा या विवाद नहीं करना चाहिए।
    • रोगी के सामने भय या निराशा का वातावरण नहीं बनाना चाहिए।
    • भगवान के नाम, गीता, विष्णु सहस्रनाम या हरिनाम का शांतिपूर्वक स्मरण करना चाहिए।
    • रोगी को मानसिक शांति और प्रेम देना चाहिए।

    यह परंपरा इसलिए है कि अंतिम समय में मन ईश्वर की ओर उन्मुख रहे।


    मृत्यु का स्मरण क्यों?

    भगवान विष्णु गरुड़ जी से कहते हैं—

    जो मनुष्य मृत्यु को याद रखता है, वह जीवन को अधिक मूल्यवान समझता है।

    उसे समय का महत्व पता चलता है।

    वह दूसरों के साथ अन्याय करने से पहले सोचता है।

    वह धर्म, दया और सेवा को अपनाने का प्रयास करता है।

    इस प्रकार मृत्यु का स्मरण भय नहीं, बल्कि विवेक उत्पन्न करता है।


    क्या संकेतों से डरना चाहिए?

    नहीं।

    गरुड़ पुराण का उद्देश्य लोगों में अंधविश्वास फैलाना नहीं है।

    यदि किसी व्यक्ति को बीमारी है, तो उसका उचित उपचार कराना भी धर्म है।

    यदि वृद्धावस्था है, तो सेवा करना धर्म है।

    यदि मृत्यु निकट है, तो ईश्वर-स्मरण और मानसिक शांति देना धर्म है।

    यही शास्त्र का संतुलित संदेश है।


    शास्त्रीय शिक्षा

    भगवान विष्णु कहते हैं—

    “जो मनुष्य मृत्यु से पहले अपने जीवन को धर्ममय बना लेता है, उसके लिए मृत्यु भय का नहीं, ईश्वर की ओर एक नए मार्ग का आरंभ बन जाती है।”


    इस प्रसंग से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

    • मृत्यु का स्मरण हमें बेहतर जीवन जीना सिखाता है।
    • अंतिम समय में परिवार का प्रेम और सेवा सबसे बड़ा सहारा है।
    • भगवान का नाम जीवनभर का अभ्यास होना चाहिए।
    • किसी भी शारीरिक परिवर्तन को अंधविश्वास से नहीं जोड़ना चाहिए।
    • धर्म, करुणा और भक्ति ही जीवन की सबसे बड़ी तैयारी हैं।

    अगले अध्याय में

    गरुड़ पुराण – भाग 5.1 (अध्याय–5)

    “पुण्यात्मा और पापी की मृत्यु में क्या अंतर होता है? गरुड़ पुराण का गहन वर्णन।”

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे
    हरे राम हरे राम
    राम राम हरे हरे

  • सबसे ज्यादा पुरुषों से संबंध बनाने का दावा करने वाली मॉडल अब बनने वाली है मां, नए ऐलान से मचा बवाल

    सबसे ज्यादा पुरुषों से संबंध बनाने का दावा करने वाली मॉडल अब बनने वाली है मां, नए ऐलान से मचा बवाल

    सबसे ज्यादा पुरुषों से संबंध बनाने का दावा करने वाली मॉडल अब बनने वाली है मां, नए ऐलान से मचा बवाल

    ब्रिटेन की चर्चित एडल्ट कंटेंट क्रिएटर बोनी ब्लू और लिली फिलिप्स एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दोनों ने हाल ही में अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा की है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दोनों पहले भी अपने विवादित दावों और ऑनलाइन कंटेंट की वजह से चर्चा में रह चुकी हैं।

    रिकॉर्ड वाले दावे से बटोरी थी सुर्खियां

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोनी ब्लू (जिनका असली नाम टिया एम्मा बिलिंगर बताया जाता है) ने जनवरी 2025 में दावा किया था कि उन्होंने 12 घंटे के भीतर 1,057 पुरुषों के साथ संबंध बनाए। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद यह दावा सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में काफी चर्चा का विषय बना।

    सोशल मीडिया पर किया प्रेग्नेंसी का ऐलान

    बोनी ब्लू ने पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा कर गर्भावस्था के संकेत दिए। बाद में उन्होंने वीडियो पोस्ट कर अपनी प्रेग्नेंसी की पुष्टि की। दूसरी ओर, लिली फिलिप्स ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि वह मां बनने वाली हैं।

    बच्चे के पिता को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा

    दोनों की प्रेग्नेंसी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह के सवाल उठाए। कुछ यूजर्स ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया, जबकि अन्य ने उनके निजी जीवन को लेकर अटकलें लगाईं। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    डिलीवरी की लाइव स्ट्रीमिंग का दावा

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोनी ब्लू ने यह भी कहा है कि वह अपने बच्चे के जन्म की लाइव स्ट्रीमिंग करने की योजना बना रही हैं। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। फिलहाल यह देखना बाकी है कि यह योजना वास्तव में अमल में आती है या नहीं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन खबरों के बीच कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। इसलिए इन्हें उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और संबंधित व्यक्तियों के सार्वजनिक बयानों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

  • बच्ची को कमरे में बंद छोड़ किराएदार के कमरे में पहुंची बहू, सास ने पकड़ा तो मच गया हड़कंप..

    बच्ची को कमरे में बंद छोड़ किराएदार के कमरे में पहुंची बहू, सास ने पकड़ा तो मच गया हड़कंप..

    बच्ची को कमरे में बंद छोड़ किराएदार के कमरे में पहुंची बहू, सास ने पकड़ा तो मच गया हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सदर बुंदू कटरा क्षेत्र में एक महिला ने अपनी बहू, उसकी मां और एक किराएदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि बहू अपनी पांच साल की बेटी को कमरे में अकेला छोड़कर किराएदार के कमरे में चली गई थी। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    बच्ची के रोने से खुला मामला

    शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, बुधवार देर रात करीब एक बजे वह और उनका बेटा घर में जाग रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वे बहू के कमरे तक पहुंचीं तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। दरवाजा खोलने पर पांच वर्षीय बच्ची कमरे में अकेली रोती हुई मिली, जबकि उसकी मां वहां मौजूद नहीं थी।

    किराएदार के कमरे में मिली बहू

    महिला का आरोप है कि बहू की तलाश करने पर वह किराएदार के कमरे में मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाकर दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।

    धमकी देने का भी आरोप

    शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद जब उन्होंने विरोध किया तो बहू की मां ने उन्हें धमकाया। वहीं, किराएदार पर भी मुकदमा दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर बहू, उसकी मां और किराएदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बच्चे को जन्म; यात्रियों और रेलवे की मदद से बची मां-बेटे की जान ..

    चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बच्चे को जन्म; यात्रियों और रेलवे की मदद से बची मां-बेटे की जान ..

    चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बच्चे को जन्म; यात्रियों और रेलवे की मदद से बची मां-बेटे की जान ..

    सिकंदराबाद एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12771) में सफर कर रही एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में बेटे को जन्म दिया। समय पर मिली मदद और मानवीय पहल के चलते जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11:20 बजे ट्रेन के जनरल कोच में महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। महिला की स्थिति देखकर ट्रेन में मौजूद दो महिला यात्रियों ने आगे बढ़कर उसकी मदद की और चलती ट्रेन में ही सुरक्षित प्रसव कराया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम तुरंत सक्रिय हुई। टीम ने महिला भारती नट (21 वर्ष), उनके पति जितेंद्र नट और नवजात शिशु को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताया।

    महिला के पति जितेंद्र नट ने बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी में अभी करीब 15 दिन बाकी थे। दोनों कवर्धा लौट रहे थे, तभी नागपुर के पास अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उन्होंने गोंदिया स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों से मदद मांगी, लेकिन तब तक ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी।

    उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में ट्रेन में मौजूद महिला यात्रियों ने इंसानियत दिखाते हुए उनकी पत्नी की मदद की। बाद में उन्हीं यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। जितेंद्र ने महिला यात्रियों, जीआरपी, आरपीएफ और अस्पताल के डॉक्टरों का आभार जताया।