कई बार ऐसा होता है कि हम दिन-रात मेहनत करके बहुत अच्छा पैसा कमाते हैं, लेकिन महीना खत्म होने से पहले ही जेब खाली हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसका एक बड़ा कारण आपके घर का वास्तु दोष हो सकता है। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में किचन को घर का सबसे पवित्र और ऊर्जावान स्थान माना गया है। किचन में मां अन्नपूर्णा और देवी लक्ष्मी का वास होता है। अगर यहां कुछ गलतियां हो जाएं, तो घर में आया हुआ पैसा पानी की तरह बह जाता है। आइए किचन से जुड़ी उन गलतियों के बारे में जानते हैं, जिसके अक्सर हम देते हैं। जिन्हें सुधारकर आप मां लक्ष्मी की कृपा पा सकते हैं।
सिंक और चूल्हे का एक साथ होना
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अग्नि और जल विरोधी तत्व हैं। अगर आपके किचन में गैस का चूल्हा और पानी का सिंक बिल्कुल पास-पास हैं या एक ही लाइन में हैं, तो यह गंभीर वास्तु दोष पैदा करता है। इससे घर के सदस्यों के बीच न केवल झगड़े बढ़ते हैं, बल्कि धन का भारी नुकसान भी होता है।चूल्हे और सिंक के बीच कुछ दूरी जरूर रखें। अगर जगह कम है, तो उनके बीच में एक लकड़ी का पार्टिशन या कोई छोटी सी दीवार जैसा अवरोध रख दें।
किचन में रात को जूठे बर्तन छोड़ना
अक्सर लोग रात का खाना खाने के बाद आलस में बर्तनों को सिंक में ही छोड़ देते हैं और सुबह साफ करते हैं। वास्तु के अनुसार यह सबसे बड़ी गलती है। रात भर किचन में जूठे बर्तन रहने से राहु-केतु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है और मां लक्ष्मी नाराज होकर घर से चली जाती हैं। इससे बरकत रुक जाती है।रात को सोने से पहले किचन को अच्छी तरह साफ करें और सारे बर्तन धोकर ही सोएं।
मुख्य दरवाजे के सामने चूल्हा दिखना
अगर आपके घर के मुख्य द्वार से अंदर आते ही सीधे किचन का चूल्हा दिखाई देता है, तो यह धन संचय में बड़ी बाधा बनता है। माना जाता है कि बाहरी लोगों की सीधी नजर चूल्हे पर पड़ने से घर की सुख-समृद्धि को नजर लग जाती है और बेवजह के खर्चे बढ़ते हैं। रसोई के दरवाजे पर पर्दा लगा दें ताकि बाहर से सीधा चूल्हा न दिखे।
किचन में अंधेरा या गंदगी रखना
किचन में पर्याप्त रोशनी और हवा का होना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने किचन को गंदा रखते हैं या जहां अंधेरा रहता है, वहां दरिद्रता का वास होता है। इसके अलावा, टूटे-फूटे बर्तन या एक्सपायर्ड सामान रखने से भी निगेटिव एनर्जी पैदा होती है, जिससे पैसा घर में नहीं टिकता।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है।
महानगर के मुंडिया इलाका स्थित सरकारी फ्लैटों में उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब एक युवक की चौथी मंजिल से नीचे गिरने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
लुधियाना (राज): महानगर के मुंडिया इलाका स्थित सरकारी फ्लैटों में उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब एक युवक की चौथी मंजिल से नीचे गिरने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, फ्लैटों में रात के समय एक जन्मदिन की पार्टी चल रही थी, जिसके बाद तड़के यह भयानक हादसा पेश आया। वहीं, मृतक युवक के परिवार ने इस मामले में सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही थाना जमालपुर की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुंडिया इलाके के सरकारी फ्लैटों की चौथी मंजिल पर बीती रात कुछ युवकों द्वारा एक जन्मदिन की पार्टी रखी गई थी, जहां जमकर जश्न मनाया गया। पार्टी खत्म होने के बाद देर रात सभी युवक वहीं चौथी मंजिल के फ्लैट में ही सो गए थे। लेकिन सुबह तड़के अचानक एक युवक संदिग्ध हालातों में चौथी मंजिल से सीधे नीचे पक्के फर्श पर आ गिरा। नीचे गिरने के कारण युवक के सिर और शरीर पर बेहद गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हालत में जमीन पर गिर गया। जबकि पीड़ित परिवार ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को चौथी मंजिल से खुद-ब-खुद गिरने के कारण चोट नहीं लगी, बल्कि उसे सोची-समझी साजिश के तहत ऊपर से नीचे फेंका गया है।
परिजनों के मुताबिक, नीचे फेंकने के बाद उनका बेटा काफी देर तक जमीन पर अकेला तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया। बाद में जब उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था, तो उसने रास्ते में ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस का दावा है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही घटना के असली और वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी ऐक्शन लिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर ‘भौकाल’ टाइट करने और खुद को अमीर दिखाने का शौक आजकल आम हो गया है. लेकिन, महाराष्ट्र के नागपुर में एक शख्स को अपनी ‘नकली अमीरी’ का दिखावा करना इतना भारी पड़ गया कि उसकी जान पर बन आई. दिलचस्प बात यह है कि उसे लूटने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना ही दोस्त निकला.
AI वीडियो से शुरू हुआ खेल
इस खेल की शुरुआत स्टेटस पर लगे एक वीडियो से हुई. पीड़ित शख्स ने अपने दोस्तों के बीच रुतबा कायम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया और एक ऐसा वीडियो एडिट किया जिसमें उसके पास भारी मात्रा में कैश नजर आ रहा था. इस वीडियो में उसकी बेटी नोटों की गड्डियों से खेलती हुई नजर आ रही है.
वीडियो देखकर डोली दोस्त की नीयत
पीड़ित का यह स्टेटस उसके एक दोस्त ने देख लिया. तकनीकी समझ न होने के कारण दोस्त उस AI जेनरेटेड वीडियो को सच मान बैठा. उसे लगा कि पीड़ित के पास सच में बेहिसाब काला पैसा है. बस फिर क्या था, पैसों के लालच में दोस्त की नीयत बिगड़ गई और उसने लूट की साजिश रच डाली. आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के घर डाका डाल दिया.
चोरी के बाद 40 लाख की फिरौती मांगी
आरोपियों का मन सिर्फ चोरी से नहीं भरा. जब उन्हें असलियत पता चली या उनका लालच और बढ़ा, तो उन्होंने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दे डाली. आरोपियों ने डरा-धमकाकर पीड़ित से 40 लाख रुपये की फिरौती की मांग की. लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने नागपुर की बेलतरोड़ी पुलिस से संपर्क किया और पूरी आपबीती सुनाई.
2 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
मामले की जानकारी देते हुए नागपुर पुलिस इंस्पेक्टर सचिन अहेर ने बताया, ‘सोशल मीडिया पर फर्जी रईसी का स्टेटस लगाने के कारण यह पूरी घटना घटी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की आगे की जांच जारी है.’ यह घटना इस बात का जीता-जागता सुबूत है कि सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया में किया गया झूठा दिखावा असल जिंदगी में कितनी बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है.
दिल्ली से लेकर मुंबई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी है। बाढ़ और बारिश के दर्दनाक वीडियो सामने आ रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भीषण बारिश के साथ आंधी और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 65 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में पिछले 24 घंटों से बारिश का सिलसिला जारी है। इस दौरान महज कुछ घंटों के लिए ही बारिश रुकी, बाकी झमाझम का दौर जारी है। वहीं, महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में अचानक बाढ़, नदियों के उफान और इमारतों के ढहने जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। 1 जून से अब तक बारिश, आंधी-तूफान के कारण राज्य में 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 पशुओं की भी जान गई है।
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-NCR (9 से 13 जुलाई): दिल्ली-एनसीआर में आज यानी 9 जुलाई को रेड और कुछ इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी का अधिकतम तापमान आज 27 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 10 जुलाई को गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 11 जुलाई को भी गरज के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 12 और 13 जुलाई को बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने के संकेत हैं।
उत्तर प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश (9 जुलाई): यूपी के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गौतमबुद्ध नगर, नोएडा, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, अयोध्या, बाराबंगी, रायबरेली, सीतापुर, शामली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, मैनपुरी, इटावा और बांदा शामिल हैं। मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम
बिहार (9 जुलाई): बिहार में बारिश ने जोर पकड़ लिया है। पटना, मधुबनी, वैशाली, भागलपुर, बेगुसराय, मुंगेर, गोपालगंज, सिवान, सुपौल और खगड़िया में भारी बारिश का अलर्ट है। इस दौरान 65 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
राजस्थान में आज कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान (9 से 11 जुलाई): राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून के जोर पकड़ने के बाद कई जगह पर भारी बारिश हुई और राज्य में बारिश का दौर अभी कुछ दिन जारी रहने का अनुमान है। राज्य के कुछ भागों में आगामी दो-तीन दिन मानसून सक्रिय रहने तथा 11 जुलाई से आगामी एक सप्ताह राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां कम होने के आसार हैं। 10 जुलाई को केवल भरतपुर संभाग व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश जारी रहने तथा शेष अधिकांश भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी होने का अनुमान है। 11 जुलाई से आगामी एक सप्ताह राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में कमी होगी।
उत्तराखंड में आज कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड (9 जुलाई): नैनीताल, देहरादून, कालाढूंगी, डंगोली, भीमताल, नरेंद्रनगर, पौड़ी, चोरगलिया, कौसानी, देवप्रयाग और कोश्याकुटोली में सहित उत्तराखंड के कई इलाकों में आज भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और बरसाती नालों के पास नहीं जाने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए कहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, राहत और बचाव दलों को तैयार रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़कों की स्थिति पर नजर रखने तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
शहर अधिकतम तापमान (9 जुलाई) न्यूनतम तापमान(9 जुलाई)
दिल्ली 29°C 27°C
मुंबई 31°C 29°C
चेन्नई 36°C 28°C
कोलकाता 31°C 28°C
लखनऊ 31°C 27°C
पटना 32°C 27°C
रांची 28°C 24°C
भोपाल 30°C 25°C
जयपुर 33°C 27°C
शिमला 21°C 20°C
नैनीताल 23°C 21°C
असम में आज कैसा रहेगा मौसम
असम (9 से 12 जुलाई): भारत विभाग (IMD) ने अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। आईएमडी के अनुमान के मुताबिक, मौजूदा मानसून की स्थिति के कारण पूरे असम में व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है, जिसमें कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कामरूप (ग्रामीण), धुबरी, बारपेटा, कोकराझार, नागांव, सोनितपुर, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, कछार और दिमा हसाओ में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। गुवाहाटी में आईएमडी ने आने वाले पूरे सप्ताह में आमतौर पर बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया है।
तमिलनाडु में आज कैसा रहेगा मौसम
तमिलनाडु (9 से 11 जुलाई): तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से जुड़े जिलों में अगले दो दिनों तक मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आईएमडी के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक, यह मौसम बदलाव दक्षिणी गुजरात से लेकर मध्य केरल तक फैले निम्न दबाव (लो-प्रेशर) के ट्रफ के कारण हो रहा है। इसी मौसम प्रणाली की वजह से पश्चिमी घाट के इलाकों में अगले 48 घंटे तक मौसम अस्थिर बना रहेगा और एक-दो स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
ऑफिस सिर्फ काम करने की जगह नहीं , बल्कि यही आपकी मेहनत और करियर की दिशा तय करने वाला कर्मस्थान भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस में आपकी सीटिंग व्यवस्था, दिशा और आसपास की चीजें आपकी एकाग्रता और काम करने की क्षमता पर प्रभाव डाल सकती हैं। सही जगह बैठने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं ऑफिस में सीटिंग से जुड़े कुछ जरूरी वास्तु नियम, ताकि सफलता की राह में कुछ मदद मिल सके।
ऑफिस में सही दिशा का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है। ऑफिस में काम करते समय अगर आपका मुंह उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होता है, तो इसे शुभ माना जाता है। पूर्व दिशा को सूर्य की ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है, जिससे नई सोच और उत्साह बढ़ने की मान्यता है। वहीं उत्तर दिशा को प्रगति और अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए कोशिश करें कि आपकी सीट ऐसी जगह हो जहां बैठकर आप सकारात्मक महसूस करें।
डेस्क केकलर्स का असर
ऑफिस डेस्क को सजाते समय सिर्फ खूबसूरती ही नहीं, बल्कि रंगों का भी ध्यान रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार सफेद और हरे रंगसकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाले
माने जाते हैं। डेस्क पर इन रंगों से जुड़ी चीजें रखने से वातावरण बेहतर बना रह सकता है और काम के प्रति उत्साह बढ़ सकता है।
डेस्क पर बढ़ाएं पानी की सकारात्मक ऊर्जा
वास्तु में पानी को ऊर्जा और प्रवाह का प्रतीक माना जाता है। ऑफिस डेस्क पर एक छोटे जार में पानी भरकर उसमें रंगीन पत्थर या फूल रख सकते हैं। ध्यान रखें कि पानी साफ और ताजा रहे। इससे आसपास का माहौल सकारात्मक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
सही सीटिंग से बढ़ती है कार्य क्षमता
ऑफिस की सीटिंग व्यवस्था आपके काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। एक व्यवस्थित और सकारात्मक वातावरण में काम करने से ध्यान केंद्रित करने में आसानी होती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सही दिशा और बेहतर सीटिंग व्यवस्था करियर में सफलता और उन्नति के लिए सहायक
साबित हो सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण आज ‘LDL कोलेस्ट्रॉल’ यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुका है। असल में LDL कोलेस्ट्रॉल हमारी धमनियों (Arteries) में जमा होने वाला एक गाढ़ा वसा (Fat) है, जो धीरे-धीरे रक्त के बहाव को रोकने लगता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। राहत की बात यह है कि शुरुआत में ही सतर्क होकर इसे दवाइयों के बिना भी काफी हद तक संभाला जा सकता है। हाल ही में कंटेंट क्रिएटर और ब्रिटेन के सर्जन डॉ. राजन ने इंस्टाग्राम पर कुछ वैज्ञानिक शोधों पर आधारित ऐसी आदतें साझा कीं, जिन्हें नियमित रूप से अपनाने पर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को नेचुरल तरीके से कम करने में मदद मिल सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं खराब कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के नेचुरल तरीके।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करेगा घुलनशील फाइबर
डॉ. राजन ने बताया अगर आपको खराब कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना है तो आपको अपनी डाइट में घुलनशील फाइबर (Soluble Fibre) का सेवन बढ़ाना होगा। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप रोजाना ओट्स, दाल, बीन्स जैसी चीजों से केवल 5 से 10 ग्राम घुलनशील फाइबर लेते हैं तो आप LDL कोलेस्ट्रॉल लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक कम कर सकते है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना है तो हेल्दी फैट खाएं
डॉ. राजन ने सलाह दी कि अगर आप खराब कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप संतृप्त वसा की जगह हेल्दी फैट का सेवन करें। मक्खन और फैटी प्रोसेस्ड मीट की जगह ऑलिव ऑयल, नट्स,सीड्स और ऑयली फिश का सेवन करें। एक्सपर्ट ने बताया 60 क्लीनिकल ट्रायल्स के मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि अगर संतृप्त वसा की जगह असंतृप्त (Unsaturated) वसा ली जाए तो LDL कोलेस्ट्रॉल में 17 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा एक्सपर्ट ने बताया आप सोया, टोफू, दालें और दूसरे प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का सेवन करें फायदेमंद होगा, क्योंकि पौधों से मिलने वाले प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता।
वजन कम करना और नियमित व्यायाम भी जरूरी
डॉ. राजन ने बताया कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए वजन कंट्रोल करना और बॉडी को रेगुलर एक्टिव रखना बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आपका वजन अधिक है, तो शरीर के कुल वजन का सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत कम करने से LDL कोलेस्ट्रॉल में लगभग 6 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। साथ ही ट्राइग्लिसराइड और HDL यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बेहतर होता है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज करते हैं तो इससे LDL कोलेस्ट्रॉल 3 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
रेगुलर बॉडी एक्टिविटी रक्त वाहिकाओं (एंडोथेलियल फंक्शन) की कार्यक्षमता सुधारने, सूजन कम करने और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करती है। अगर लम्बे समय तक लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव किया जाए तो आसानी से खराब कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए स्टैटिन या PCSK9 इनहिबिटर जैसी दवाओं की जरूरत पड़ती है, तो ये लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव उन दवाओं को और अधिक प्रभावी बना देते हैं।
लंबे समय तक LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहने पर शरीर में क्या होता है?
कार्डिया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. सी.एम. नागेश बताते हैं जब LDL कोलेस्ट्रॉल लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह धीरे-धीरे धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर जमा होने लगता है। इससे प्लेक (Plaque) बनता है। इस प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहा जाता है, जिसमें धमनियां संकरी और कठोर होती जाती हैं। एक्सपर्ट ने बताया जैसे-जैसे रक्त संचार बाधित होता है, दिल और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन युक्त रक्त कम पहुंचता है। यदि यह प्लाक फट जाए, तो खून का थक्का (Blood Clot) बन सकता है, जो रक्त प्रवाह को अचानक रोक देता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह नुकसान कई वर्षों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता रहता है।
LDL कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए डाइट में क्या बदलाव करें?
डॉ. नागेश के अनुसार अगर आप कोलेस्ट्रॉल को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप तले हुए खाद्य पदार्थों और प्रोसेस्ड स्नैक्स से परहेज करें। आप इन फूड्स की जगह हेल्दी ऑप्शन जैसे मेवे,सीड्स, फल और फाइबर से भरपूर भोजन का सेवन करें। ये डाइट लिपिड प्रोफाइल में बेहतरीन सुधार ला सकती है। ऑलिव ऑयल जैसे हेल्दी फैट का इस्तेमाल करें, प्रोसेस्ड मीट कम खाएं और दालें, ओट्स तथा हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें, क्योंकि ये फूड अप्रत्यक्ष रूप से मेटाबॉलिक हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल के पैटर्न को बढ़ावा देते हैं। डॉ. नागेश कहते हैं कि रोजाना 30 से 45 मिनट तेज चाल से पैदल चलना, नियमित व्यायाम, वजन कम करना और संतुलित आहार अपनाने से कुछ महीनों के भीतर LDL कोलेस्ट्रॉल में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है।
कब पड़ती है दवा की जरूरत?
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर लाइफस्टाइल में बदलाव के बावजूद कोलेस्ट्रॉल लगातार अधिक बना रहे, या व्यक्ति को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान की आदत है, मोटापा या कम उम्र में दिल के रोगों की फैमिली हिस्ट्री है तो दवा शुरू करना जरूरी हो जाता है। ऐसे मामलों में इलाज में देरी करने से भविष्य में हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय या नई दिनचर्या शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
सनातन धर्म में गुरुवार का दिन गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सम्मान के अवसर
बढ़ते हैं। नौकरी, व्यापार या करियर में उन्नति के लिए गुरुवार के दिन कुछ खास उपाय करना लाभकारी माना जाता है। तो चलिए जानते हैं इन आसान, लेकिन असरदार उपायों के बारे में।
पीला रंग
गुरुवार के दिन पीले रंग का विशेष महत्व है। इस दिन पीले कपड़े पहनकर विष्णु जी की पूजा करें। साथ ही केले के पेड़ की पूजा करें और उसकी जड़ में चना दाल और गुड़ अर्पित करें। 5 देसी घी के दीपक जलाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
नौकरी-व्यापार के लिए उपाय
अगर करियर में रुकावटें आ रही हैं या नौकरी में सफलता चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन पूजा स्थान पर हल्दी की माला रखना शुभ माना जाता है। इस दिन हल्दी का छोटा सा तिलक लगाने और पीले वस्त्र धारण करने से गुरु ग्रह मजबूत होने की मान्यता है। साथ ही चने की दाल और गुड़ को घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।
बिजनेस में तरक्की के लिए
गुरुवार के दिन विष्णु जी को चंदन का तिलक लगाएं और चंदन की सुगंध वाली धूप जलाएं। फिर अपने कारोबार की सफलता और विस्तार के लिए प्रार्थना करें। इससे व्यापार में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं।
विष्णु पूजा
गुरुवार को सुबह स्नान करके विष्णु जी और मां लक्ष्मी की पूजा
करके पीले फूल अर्पित करें। केले, दाल और गुड़ का भोग लगाएं। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इस दिन धन का लेन देन करने से बचें।
प्रमोशन के लिए करें ये उपाय
नौकरी में प्रमोशन, वेतन वृद्धि और रोजगार से जुड़ी परेशानियां दूर करने के लिए इस दिन पीले कपड़े में पीले फूल, नारियल, पीले फल, हल्दी और नमक बांधकर मंदिर की सीढ़ियों पर रखें। मान्यता है कि इससे तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
हल्दी वाले पानी से स्नान
गुरुवार के दिन नहाने के पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर स्नान करें। इस दौरान ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने की मान्यता है।
शत्रु बाधा निवारण उपाय
अगर शत्रु से परेशानी है, तो गुरुवार को पीले कपड़े पर हल्दी से उसका नाम लिखकर विष्णु जी के चरणों में अर्पित करें। वहीं संतान की चिंता दूर करने के लिए पीले कपड़े को संतान के हाथों से स्पर्श कराकर भगवान विष्णु को अर्पित करें और ‘ऊं ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
आजकल मॉडर्न होम डेकोर में कांच से बनी चीजों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। डाइनिंग टेबल से लेकर बर्तन, शोपीस तक, कांच की चीजें लगभग हर घर का हिस्सा बन चुकी हैं। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इनका जरूरत से ज्यादा उपयोग शुभ नहीं होता। क्योंकि कई बार कांच की वस्तुएं घर के माहौल, रिश्तों और मानसिक शांति पर नकारात्मक असर डालती हैं। अगर फिर भी आप इन चीजों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है। तो चलिए जानते हैं इससे जुड़े वास्तु नियम क्या है।
कांच का सीमित करें इस्तेमाल
वास्तु शास्त्र कहता है कि
घर में कांच की वस्तुओं का उपयोग जरूरत के हिसाब से ही करना चाहिए। अगर घर में हर जगह कांच का बहुत इस्तेमाल किया जाए, तो इसका असर परिवार के सदस्यों के स्वभाव पर पड़ सकता है। मान्यता है कि इससे लोग अधिक भावुक हो सकते हैं। ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमियां या तनाव बढ़ने की संभावना रहती है।
कांच के बर्तन
आजकल बहुत से घरों में लोग रोजाना ही भोजन के लिए कांच की प्लेट, कटोरी और गिलास का इस्तेमाल करते हैं। हर समय कांच के बर्तनों का उपयोग करने से जीवन में संतुष्टि और आनंद की भावना धीरे-धीरे कम हो सकती है। ऐसे में इनका इस्तेमाल समझदारी से करें, ताकि इसका बुरा प्रभाव आपके परिवार पर न पड़े।
मिरर लगाने की सही जगह
दर्पण को वास्तु में विशेष महत्व दिया गया है। इसे व्यक्ति की भावनाओं का भी रिफ्लेक्शन माना जाता है। इसलिए घर के हर हिस्से में आईना लगाने से बचना चाहिए। खासकर बेडरूम या सोने की जगह पर आईना लगाना सही नहीं माना जाता। सुबह उठते ही सबसे पहले नजर आईने पर नहीं पड़ना चाहिए। ऐसे में सुबह उठते ही दर्पण के सामने न खड़े होने की सलाह दी जाती है।
कांच की टेबल से जुड़ी मान्यता
कई घरों और ऑफिस में कांच की टेबल का चलन बढ़ गया है, लेकिन वास्तु की माने तो लंबे समय तक कांच की मेज पर काम करना उचित नहीं होता है। इससे एकाग्रता प्रभावित हो सकती है और करियर में रुकावटें आने की आशंका रहती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, डेस्क जॉब, खराब डाइट, बिगड़ता लाइफस्टाइल और निष्क्रिय जीवनशैली कम उम्र में ही लोगों को डायबिटीज का शिकार बना रही है। खराब डाइट का सेवन तेजी से ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ाता है। आमतौर पर माना जाता है कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए बॉडी को एक्टिव रखना, घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी है। वॉक को खासतौर पर शुगर कंट्रोल करने के लिए जरूरी माना जाता है। अक्सर लोग सीटिंग जॉब, वक्त की कमी और आलस की वजह से वॉक नहीं कर पाते और उनका शुगर का स्तर बढ़ने लगता है।
बोर्ड-प्रमाणित इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. पर्ल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए रिसर्च का हवाला देते हुए बताया कि अगर हर 45 मिनट में सिर्फ 3 मिनट तक ये खास एक्सरसाइज की जाए तो आसानी से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है। इस स्टडी में अधिक वजन वाले पुरुषों पर 8.5 घंटे तक बैठे रहने की स्थिति में अलग-अलग तरह की शारीरिक गतिविधियों के असर की तुलना की गई।
डॉ. पर्ल के मुताबिक हर 45 मिनट में बॉडी-वेट स्क्वाट्स (Body weight Squats) करने वाले लोगों में ब्लड शुगर का स्तर, उन लोगों की तुलना में बेहतर रहा जो 30 मिनट तक वॉक करते थे। एक्सपर्ट ने बताया इस एक्सरसाइज का असर सिर्फ ब्लड शुगर कंट्रोल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिमाग और ओवर ऑल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
3 मिनट की एक्सरसाइज कैसे असर करती है, रिसर्च से समझें
शोध में प्रतिभागियों को चार समूहों में बांटा गया। पहला समूह पूरे समय बैठा रहा जबकि दूसरे समूह ने एक बार 30 मिनट की वॉक की। तीसरे समूह ने हर 45 मिनट में 3 मिनट तक वॉक की। चौथे समूह ने हर 45 मिनट में लगभग 10 बॉडी-वेट स्क्वाट्स किए। डॉ. पर्ल मटर ने रिसर्च के निष्कर्ष का हवाला देते हुए बताया जिन लोगों ने हर 45 मिनट में थोड़ी-थोड़ी एक्सरसाइज, चाहे स्क्वाट्स हों या छोटी वॉक हो, की उनका ब्लड शुगर बेहतर तरीके से नॉर्मल रहा। एक्सपर्ट ने बताया साढ़े 8 घंटे बैठकर काम करने के बाद सिर्फ 30 मिनट की वॉक करने से बेहतर हर 45 मिनट में 3 मिनट की एक्सरसाइज है।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि ब्लड शुगर कंट्रोल का संबंध ग्लूटियस मैक्सिमस (कूल्हों की बड़ी मांसपेशी) और क्वाड्रिसेप्स (जांघ की आगे की मांसपेशियां) के सक्रिय होने से था। इससे पता चलता है कि शरीर की ये बड़ी मांसपेशियां मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में अहम किरदार निभाती हैं। डॉ. पर्ल मटर ने कहा हर किसी के लिए हर 45 मिनट में एक्सरसाइज करना संभव नहीं हो सकता। लेकिन इस स्टडी की खास बात यह है कि इसमें अलग-अलग तरह की छोटी-छोटी एक्सरसाइज को देखा गया। चाहे कुछ लोग स्क्वाट्स करें या थोड़ी देर टहलें, शरीर को इससे मेटाबॉलिक फायदे मिलते हैं। इसका सकारात्मक असर दिमाग की सेहत पर भी पड़ सकता है, क्योंकि मेटाबॉलिज्म और ब्रेन हेल्थ एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
बार-बार थोड़ा चलना-फिरना क्यों है जरूरी?
एलीट केयर क्लिनिक के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. पल्लेटी शिवा कार्तिक रेड्डी (MBBS, MD, FAIG) ने बताया हर आधा से एक घंटे में थोड़ी देर चलना-फिरना लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के नुकसान को कम करता है। लगातार बैठे रहने से मांसपेशियां ब्लड से ग्लूकोज कम मात्रा में ले पाती हैं। जब स्क्वाट्स, तेज चाल से चलना या सीढ़ियां चढ़ने जैसी एक्टिविटी की जाती है तो शरीर की बड़ी मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, तो वे खून में मौजूद ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करती हैं। यह प्रक्रिया कुछ हद तक इंसुलिन पर निर्भर नहीं होती।
एक्सपर्ट ने बताया अगर कोई इंसान पूरा दिन 10 से 12 घंटे सिर्फ बैठा रहता है और फिर एक बार आधा घंटे वॉक कर लेता है तो ऐसे लोगों में ब्लड शुगर में उतार चढ़ाव बना रहता है। इसके विपरीत, दिनभर में बार-बार छोटे-छोटे मूवमेंट ब्रेक लेने से शरीर को लगातार मेटाबॉलिक फायदा मिलता है, जिससे ब्लड शुगर बेहतर तरीके से कंट्रोल रहता है और समय के साथ इंसुलिन सेंसिटिविटी भी सुधरती है।
शुगर कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन सी एक्सरसाइज करें?
डॉ. रेड्डी के अनुसार बॉडी-वेट स्क्वाट्स इसलिए प्रभावी हैं क्योंकि ये पैरों की बड़ी मांसपेशियों को एक्टिव करती है, जो अधिक मात्रा में ग्लूकोज का उपयोग कर सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया हालांकि एक्सरसाइज करना सभी के लिए उपयुक्त नहीं है खासकर जिन बुजुर्गों को संतुलन बनाने में परेशानी होती है, घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों, गंभीर मोटापे से ग्रस्त लोगों या जिन्हें पहले से ही जोड़ों के दर्द की समस्या है उनके लिए एक्सरसाइज करना परेशानी का सबब बन सकता है। एक्सपर्ट ने बताया एक्सरसाइज हमेशा व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
सिटिंग जॉब करते हैं तो इस तरह रखें बॉडी को एक्टिव
फोन पर बात करते समय कुछ कदम टहलें इस तरह आपकी बॉडी एक्टिविटी बढ़ेगी और मसल्स की स्टिफनेस कम होगी और शुगर नॉर्मल रखने में भी मदद मिलेगी।
अगर आप ज्यादा मीटिंग करते हैं या सीटिंग जॉब करते हैं तो एक मीटिंग खत्म होने और दूसरी शुरू होने के बीच 2–3 मिनट चलें। इस तरह 2 से तीन मिनट की वॉक आपकी बॉडी के लिए असरदार साबित होगी।
हर 45–60 मिनट में उठकर थोड़ी देर चलें या कुछ स्क्वाट्स करें। नियमित रूप से ऐसा करने पर समय के साथ ब्लड शुगर कंट्रोल और मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार देखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है।
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कोयले के धंधे से कोर्ट रूम मर्डर तक की कहानी
विजय मिश्रा की कहानी की शुरुआत भदोही और प्रयागराज से होती है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय जब पूर्वांचल में छात्र राजनीति और बाहुबल का केंद्र था, तब विजय मिश्रा विश्वविद्यालय से नहीं बल्कि कोयले और पेट्रोल पंप के अपने कारोबार से ताकत बटोर रहा था. बात साल 1980 की है, जब इलाहाबाद जिला अदालत परिसर में प्रकाश नारायण पांडे नाम के व्यक्ति की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई. इस सनसनीखेज कोर्ट रूम मर्डर में पहली बार विजय मिश्रा का नाम सामने आया. यह वही कांड था जिसने विजय मिश्रा को जरायम की दुनिया में पहचान दी और नियति का खेल देखिए कि इसी केस ने अंत में उसके पतन की स्क्रिप्ट भी लिखी.