बलिया जिले की पुलिस ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक प्रशिक्षु जवान को एक युवती से कथित तौर पर शादी का झूठा वादा कर उससे दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी …
Ballia News :
बलिया जिले की पुलिस ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक प्रशिक्षु जवान को एक युवती से कथित तौर पर शादी का झूठा वादा कर उससे दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी 28 वर्षीय युवती की शिकायत पर 18 फरवरी को बलिया शहर कोतवाली में रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के डेहरी गांव निवासी मुकेश गुप्त (26) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि युवती बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में अपनी बहन के घर रहती थी और करीब दो वर्ष पहले उसकी मुकेश से जान-पहचान हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। पुलिस के अनुसार आरोप है कि मुकेश ने शादी का झांसा देकर 2024 से लेकर इस वर्ष फरवरी तक युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। फरवरी में वह आईटीबीपी के प्रशिक्षण केंद्र चला गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रशिक्षण केंद्र जाने से पहले वह युवती को असम भी ले गया था।
शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि बलिया पुलिस ने आरोपी मुकेश को तीन दिन पहले अरुणाचल प्रदेश के पापुमपारे जिले के किमीन स्थित आईटीबीपी के ‘भर्ती प्रशिक्षण केंद्र’ से गिरफ्तार किया। इसके बाद स्थानीय अदालत से ‘ट्रांजिट रिमांड’ लेकर उसे बलिया लाया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को आरोपी को बलिया की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मऊ जिला जेल भेज दिया गया।
अकसर यही मान लिया जाता है सिरदर्द मतलब माइग्रेन। सिरदर्द की बीमारी नर्वस सिस्टम की सबसे आम बीमारियों में से हैं। हालांकि इसका कारण सिर्फ माइग्रेन ही नहीं है कई बार सिरदर्द विकलांगता, खराब क्वालिटी ऑफ लाइफ और पैसे के बोझ जैसे पर्सनल और सामाजिक बोझ से जुड़ा होता है। दुनिया भर में सिरदर्द को कम आंका गया है, कम पहचाना गया है और कम इलाज किया गया है। आज हम आपको सिरदर्द की समस्याओं और माइग्रेन की जटिलताओं के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
सिरदर्द की बीमारियां, जिनमें बार-बार सिरदर्द होता है, नर्वस सिस्टम की सबसे आम बीमारियों में से हैं। सिरदर्द प्राइमरी सिरदर्द की बीमारियों, जैसे माइग्रेन, टेंशन-टाइप सिरदर्द और क्लस्टर सिरदर्द का एक दर्दनाक और कमज़ोर करने वाला लक्षण है। सिरदर्द कई दूसरी बीमारियों की वजह से भी हो सकता है या उनके बाद हो सकता है, जिनमें सबसे आम है दवा के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाला सिरदर्द। यह बच्चों और किशोरों को भी हो सकता है, लेकिन यह उन्हें अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है। दुनिया भर में, सिरदर्द की बीमारी लगभग 40% आबादी, या 2021 में 3.1 बिलियन लोगों को प्रभावित करती है, और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज़्यादा आम है।
सिरदर्द क्यों है इतना खतरनाक
ग्लोबल हेल्थ एस्टिमेट्स 2021 के अनुसार, स्ट्रोक और नियोनेटल एन्सेफैलोपैथी के बाद, माइग्रेन सिरदर्द दुनिया भर में डिसेबिलिटी-एडजस्टेड लाइफ ईयर्स (DALYs) का तीसरा सबसे बड़ा कारण पाया गया। बार-बार सिरदर्द के दौरे और अक्सर अगले दौरे का लगातार डर, पारिवारिक जीवन, सामाजिक जीवन और नौकरी को नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक सिरदर्द की पुरानी बीमारी से निपटने की कोशिश करने से व्यक्ति को दूसरी बीमारियां भी हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, माइग्रेन से पीड़ित लोगों में एंग्जायटी और डिप्रेशन होना, स्वस्थ लोगों की तुलना में काफी आम है।
माइग्रेन, टेंशन वाले सिरदर्द, क्लस्टर सिरदर्द और दवा के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाले सिरदर्द पब्लिक हेल्थ के लिए ज़रूरी हैं क्योंकि ये आबादी में विकलांगता और खराब सेहत के बड़े लेवल के लिए ज़िम्मेदार हैं। माइग्रेन की पहचान बार-बार होने वाले दौरे हैं और यह अक्सर ज़िंदगी भर रहता है। यह एक प्राइमरी सिरदर्द की बीमारी है, जो ज़्यादातर मामलों में एपिसोडिक होती है, आमतौर पर 4–72 घंटे तक रहती है, और इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी और/या फोटोफोबिया और फोनोफोबिया भी होता है। कभी-कभी इससे पहले ठीक हो सकने वाले, देखने वाले, सेंसरी या दूसरे लक्षणों का एक औरा होता है। माइग्रेन ज़्यादातर प्यूबर्टी में शुरू होता है और आमतौर पर 35 से 45 साल की उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। यह महिलाओं में ज़्यादा आम है, शायद हॉर्मोनल असर की वजह से। अटैक में आमतौर पर सिरदर्द शामिल होता है, जो अक्सर: मध्यम या तेज़ तीव्रता का, एक तरफ़ या आंख के पीछे, एक जैसी धड़कन, रोज़ाना की शारीरिक गतिविधि से बढ़ जाना रोशनी और आवाज़ों के प्रति सेंसिटिव होना; औजी मिचलाने के साथ होता है।
टेंशन-टाइप सिरदर्द
टेंशन-टाइप सिरदर्द (TTH) को दबाव या जकड़न के रूप में बताया जाता है, जो अक्सर सिर के चारों ओर एक बैंड जैसा होता है, कभी-कभी गर्दन में या उससे फैल जाता है। ये तनाव से जुड़े हो सकते हैं या गर्दन में मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। ये अक्सर टीनएज में शुरू होते हैं और पुरुषों की तुलना में महिलाओं को 50% ज़्यादा प्रभावित करते हैं। एपिसोडिक TTH, जो महीने में 15 दिन से भी कम होता है कुछ आबादी के 70% से ज़्यादा लोग इसकी रिपोर्ट करते हैं। एपिसोडिक TTH अटैक आमतौर पर कुछ घंटों तक रहते हैं लेकिन कई दिनों तक रह सकते हैं।
क्लस्टर सिरदर्द
क्लस्टर सिरदर्द (CH) एक प्राइमरी सिरदर्द की बीमारी है जिसकी पहचान बार-बार होने वाला (दिन में कई बार तक), छोटा लेकिन बहुत तेज़ सिरदर्द है, जो आमतौर पर एक आंख में या उसके आस-पास होता है, जिसमें आंख से पानी आता है और वह लाल हो जाती है। प्रभावित हिस्से पर अक्सर नाक बहती है या बंद हो जाती है और पलक झुक सकती है। CH काफ़ी कम होता है और यह 1000 में से 1 से भी कम वयस्कों को प्रभावित करता है, हर महिला पर छह पुरुषों को प्रभावित करता है। CH से पीड़ित ज़्यादातर लोग 20 साल या उससे ज़्यादा उम्र के होते हैं। CH में एपिसोडिक और ch होते हैं।
इलाज
सिरदर्द से परेशान बहुत से लोगों को सही डायग्नोसिस और देखभाल नहीं मिल पाती। सिरदर्द की समस्याओं के सही इलाज के लिए हेल्थ प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग, सही डायग्नोसिस और स्थिति की पहचान, किफायती दवाओं से सही इलाज, जीवनशैली में आसान बदलाव और मरीज़ को जानकारी देना ज़रूरी है। माइग्रेन के इलाज के लिए, दर्द शुरू होने से रोकने के लिए लक्षणों (जैसे विज़ुअल ऑरा) के दिखते ही एनाल्जेसिक दवाएं लेनी चाहिए। दवाओं के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाले सिरदर्द, माइग्रेन को बढ़ाने वाली चीज़ों (ट्रिगर्स) और जीवनशैली में बदलाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के आसान उपाय बहुत असरदार होते हैं।
नोट: किसी भी मेडिकल कंडीशन का खुद से इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह लें।
कोन थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय बंद होने के उपरांत कार्यालय कक्ष में नाबालिग छात्राओं के साथ अशोभनीय एवं आपराधिक कृत्य करने के मामले में एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी बच्चों से जानकारी लेने के बाद सरकारी शिक्षक टीपू सुल्तान को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने रविवार को बताया कि दो दिन पहले शुक्रवार को कोन थाना पर अभिभावकों ने तहरीर देकर बताया की प्राथमिक विद्यालय धोबी बस्ती कुड़वा में तैनात शिक्षक ने विद्यालय बंद होने के उपरांत कार्यालय कक्ष में नाबालिग छात्राओं को बुलाकर उनके साथ दुष्कर्म के प्रयास व लैंगिक अपराध जैसे अशोभनीय एवं आपराधिक कृत्य करने का प्रयास किया गया है। पुलिस सरकारी शिक्षक के खिलाफ पाॅस्को एक्ट व अन्य धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच में जुट गई। जांच के बाद पुलिस टीम आरोपी शिक्षक के गिरफ्तारी के लिए प्रयास में लगी थी। आज रविवार को मुखबिर की सूचना पर कोन थाना पुलिस टीम ने आरोपी सरकारी शिक्षक 34 वर्पीय टीपू सुल्तान पुत्र सैलानी, निवासी ग्राम रामगढ़, थाना पन्नूगंज को तिलगुड़वा मोड़, कस्बा कोन से गिरफ्तार कर लिया है।
झांसी :
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और बर्बर वारदात सामने आई है। यहां के मऊरानीपुर इलाके में एक सगे भांजे ने अपने साले के साथ मिलकर 69 वर्षीय बुजुर्ग मामा की ऐसी नृशंस हत्या की, जिसे सुनकर पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। जमीन के लालच और मामा की टोका-टाकी से नाराज भांजे ने पहले बुजुर्ग का अपहरण किया, फिर गला घोंटने और पत्थर से सिर कुचलने के बाद जब उनकी सांसें चलती रहीं, तो उन्हें कार से पेट्रोल निकालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सर्विलांस की मदद से हुआ है।
अविवाहित मामा ने भांजे के नाम की थी 30 बीघा जमीन, सब बेचकर उड़ाए पैसे
मऊरानीपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) रत्नेश कुमार ने बताया कि मूल रूप से महोबा जिले के दिदवारा गांव के रहने वाले 69 वर्षीय नेपाल सिंह पिछले 30 सालों से झांसी के लहचूरा थाना क्षेत्र के धमना पायक गांव में रह रहे थे। नेपाल सिंह आजीवन कुंवारे रहे और उन्होंने शादी नहीं की थी। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और संपत्ति अपने भांजे प्रीतम, अपनी बहन सुधा देवी और बहनोई के नाम कर दी थी।
भांजा प्रीतम बेहद शातिर और खर्चीला था। उसे मामा की तरफ से जो करीब 30 बीघा जमीन मिली थी, उसे वह पहले ही बेचकर पैसे उड़ा चुका था। अब उसकी काली नजर अपनी मां के हिस्से की जमीन पर थी, जिसे वह औने-पौने दामों में बेचना चाहता था। बुजुर्ग मामा नेपाल सिंह भांजे की इस बर्बादी का लगातार विरोध कर रहे थे और उसे गलत काम करने से टोकते थे।
दो दिन में जान से मार दूंगा बड़े मामा को फोन पर दी थी खुली चुनौती
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि प्रीतम अपने मामा नेपाल सिंह की रोज-रोज की टोका-टाकी से इस कदर नाराज हो गया था कि उसने उन्हें रास्ते से हटाने का पूरा प्लान बना लिया। आरोप है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने से ठीक दो दिन पहले, यानी 27 जून को प्रीतम ने अपने बड़े मामा वीर सिंह को फोन किया था। फोन पर उसने खुली धमकी देते हुए कहा था कि “अगर नेपाल सिंह दो दिन के भीतर मेरे घर से नहीं गए, तो मैं उन्हें जान से मार दूंगा।” परिवार ने इस धमकी को सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन प्रीतम के दिमाग में खौफनाक साजिश पक रही थी।
सुबह तड़के किया किडनैप; सीसीटीवी कैमरे ने खोल दी कलयुगी भांजे की पोल
29 जून की सुबह तड़के अचानक बुजुर्ग नेपाल सिंह रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कहीं पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने लहचूरा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला एक बुजुर्ग से जुड़ा होने के कारण थाना प्रभारी सरिता मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत तफ्तीश शुरू की।
पुलिस ने जब गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। फुटेज में साफ दिखा कि सुबह के वक्त प्रीतम अपनी कार में जबरन नेपाल सिंह को बैठाकर ले जा रहा था। इस पुख्ता सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए प्रीतम को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सामने रखी तो वह टूट गया और उसने मामा की रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर स्टोरी बयां कर दी।
एमपी के करारा गंज जंगल में तड़पा-तड़पा कर दी मौत, एक आरोपी अब भी फरार
कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रीतम ने बताया कि वह 29 जून को अपने मामा का अपहरण कर सीधे मध्य प्रदेश के अलीपुरा थाना क्षेत्र के करारा गंज गांव पहुंचा। वहां उसका साला गोलू और एक साथी अनुज पहले से कार का इंतजार कर रहे थे। तीनों ने मिलकर पहले नेपाल सिंह का गला घोंटने का प्रयास किया। जब वे नहीं मरे, तो भारी पत्थर उठाकर उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनका एक दांत टूट गया और वे लहूलुहान हो गए।
इतनी बर्बरता के बाद भी जब बुजुर्ग की सांसें चलती रहीं, तो आरोपियों ने अपनी ही कार की टंकी से पाइप डालकर पेट्रोल निकाला। तड़प रहे बुजुर्ग मामा पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया। जब वे पूरी तरह जल गए, तो शव को एमपी के घने जंगलों में फेंककर तीनों फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी भांजे प्रीतम और उसके साले गोलू को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी अनुज की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना चिनहट में एक युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक आरोपित को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की विवेचना कर रहे थाना में तैनात उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा ने बताया कि एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, कुछ समय पहले उसकी मुलाकात बाराबंकी के जैदपुर थाना बीबीपुर निवासी ऋषि वर्मा से हुई थीं। आरोपित ऋषि ने उससे कहा कि वो उसको बहुत पसंद है और उससे शादी करना चाहता है। इसी बीच उसने कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाए। अब वह शादी से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं उसे जानमाल की धमकी भी दी है। युवती ने शनिवार को आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
मामले का संज्ञान लेकर थाना प्रभारी ने पूरे प्रकरण की जांच उन्हें (उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा) को सौंपी थी। उपनिरीक्षक ने बताया कि प्रभावी कार्यवाही करते हुए नामजद आरोपित ऋषि वर्मा को आज गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपित के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है।
: राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था। पुलिस के अनुसार एक ही व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को ‘105 आईएनडी स्टॉक्स एडीवी’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर रकम निवेश कराई गई थी। तकनीकी जांच में पता चला कि इसी ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
जांच के दौरान उप महानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण किया। इसके आधार पर गिरोह के मास्टरमाइंड युवराज सतीश मुदलियार 35 निवासी लोहगांव पुणे को गिरफ्तार कर ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के बहाने लोगों के पैन कार्ड, आधार, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज लेकर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाता था। खाताधारकों को 10 हजार रुपये कमीशन दिया जाता था। इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद नकदी निकालकर हवाला नेटवर्क के माध्यम से बिनांस वॉलेट में यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) खरीदकर विदेशों में भेजी जाती थी, जिससे आरोपी को पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस के अनुसार गिरोह पहले निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए छोटी राशि मुनाफे के रूप में लौटाता था। बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से हटाकर ग्रुप डिलीट कर दिया जाता था।
थानाधिकारी एवं उपाधीक्षक गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और बिनांस वॉलेट को फ्रीज कराने के साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी एक आम समस्या है लो स्पर्म काउंट, जिसे मेडिकल भाषा में ओलिगोस्पर्मिया कहा जाता है। जब एक मिलीलीटर वीर्य में स्पर्म की संख्या 1.5 करोड़ से कम हो जाती है, तो इसे सामान्य से कम माना जाता है। वहीं अगर वीर्य में स्पर्म बिल्कुल न हों, तो इस स्थिति को एजूस्पर्मिया कहा जाता है। ऐसी स्थिति में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना काफी कम हो जाती है।
क्या होते हैं इसके लक्षण
लो स्पर्म काउंट का सबसे बड़ा संकेत यही है कि लंबे समय तक कोशिश करने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। कई मामलों में इसके अलावा कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि कुछ पुरुषों में हार्मोन असंतुलन की वजह से यौन इच्छा में कमी, इरेक्शन से जुड़ी समस्या, टेस्टिकल में दर्द, सूजन या गांठ जैसी परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं।
सिर्फ धूम्रपान नहीं, ये कारण भी जिम्मेदार
अक्सर लोग मानते हैं कि स्पर्म काउंट कम होने की वजह सिर्फ सिगरेट या तंबाकू है, लेकिन इसके पीछे कई और कारण भी हो सकते हैं। मोटापा, लगातार तनाव, ज्यादा शराब का सेवन और नशीले पदार्थ भी पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर डालते हैं। इसके अलावा हार्मोन असंतुलन, थायरॉयड की समस्या, वैरिकोसील जैसी बीमारी, कुछ इंफेक्शन और लंबे समय तक कुछ दवाओं का सेवन भी स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या को प्रभावित कर सकता है।
कब करानी चाहिए जांच
अगर कोई कपल एक साल तक बिना किसी गर्भनिरोधक के नियमित प्रयास के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाता, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है। जिन लोगों को पहले से टेस्टिकल या प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या रही है, उन्हें भी समय पर जांच करानी चाहिए ताकि सही कारण का पता लगाया जा सके।
क्या इसे ठीक किया जा सकता है
अच्छी बात यह है कि हर केस में लो स्पर्म काउंट का मतलब बांझपन नहीं होता। कई मामलों में लाइफस्टाइल सुधार और सही इलाज से स्थिति बेहतर की जा सकती है। संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल, तनाव कम करना और धूम्रपान-शराब से दूरी बनाना स्पर्म की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। इसके अलावा आधुनिक फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स की मदद से भी गर्भधारण की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को परेशान कर दिया है. दरअसल, राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में रविवार (5 जुलाई, 2026) की सुबह एक बंद बोरी बरामद की गई है, जिसमें से एक 11 साल की बच्ची का शव निकला है.
‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि यह बच्ची एक दिन पहले यानी शनिवार (4 जुलाई, 2026) को लापता हो गई थी, जिसका अब शव बरामद किया गया है. इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया गया है और उसके बाद उसकी हत्या करके बोरी में बांधकर फेंक दिया गया है.
एक 11 साल की बच्ची के ऐसे हालत में शव बरामद किए जाने के बाद से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों ने इस मामले में आक्रोश जताते हुए बरुईपुर-जॉयनगर रोड को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन से इस घृणित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
वहीं, मामले में जनता के विरोध को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों से घटनास्थल पर पहुंचकर बातचीत की, उन्हें मामले में तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और सड़क जाम को हटाया.
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस अधिकारियों के बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि उसकी मौत के पीछे के असली कारण का खुलासा किया जा सके और इस बात की भी पुष्टि की जा सके कि क्या बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न भी हुआ था. अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार भी किया गया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.
बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने आगे बताया कि मृतका बच्ची एक दिन पहले शनिवार (4 जुलाई, 2026) को अपने दोस्त के जन्मदिन के लिए गिफ्ट खरीदने के लिए घर से बाहर निकली थी. इसके बाद से ही वह लापता हो गई. वहीं, बच्ची के परिजनों का आरोप है कि बच्ची जब घर से बाहर निकली तो उसे चार लोग जबरदस्ती उठाकर अपने साथ ले गए.
हैदराबाद में घरेलू विवाद में पति ने शुक्रवार शाम चाकू मारकर अपनी 37 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी. उसे पिछले कई वर्षों से पत्नी के चाल-चलन पर शक था. इस बात पर अक्सर पति-पत्नी में कलह होती थी. शुक्रवार शाम दोनों में फिर इस बात पर विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्साए पति ने घर में रखे चाकू से बीवी पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया. ज्यादा खून बह जाने की वजह से पत्नी की मौके पर मौत हो गई. इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन को फोन करके वारदात के बारे में बताया.
पति-पत्नी में होने लगे झगड़े
पुलिस के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना हैदराबाद के चिल्कानगर में शुक्रवार शाम हुई. उप्पल थाने के सब-इंस्पेक्टर विनय के मुताबिक, मृतका की पहचान पापिथोट्टी जेसिका (37) के रूप में हुई है. वह एक अस्पताल में नर्स का काम करती थी. मृतका के छोटे भाई ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी है, जिस पर पुलिस मामले में जांच कर रही है.
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2015 में जेसिका का विवाह सुरेश (41) के साथ हुआ था. इसके बाद उन्हें एक बेटी पैदा हुई. शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक चला लेकिन बाद में दोनों में छोटी-छोटी बात पर झगड़े होने लगे. हालांकि, झगड़ों के बावजूद दोनों साथ रह रहे थे.
चाकू से वार कर पत्नी का कर दिया कत्ल
मृतका के भाई ने अपनी कंप्लेंट में बताया कि जेसिका 28 जून से गांधी अस्पताल में अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए रुकी हुई थीं. जब पति को यह पता चला कि जेसिका अस्पताल में रातें बिता रही हैं तो वह शक करने लगा. उसने उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया. दोनों में इस मुद्दे पर कई बार झगड़े हुए.
पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई को शाम करीब 4 बजे चिल्कानगर के आदर्श नगर वाले घर में कपल के बीच फिर झगड़ा हुआ. इसी बीच आरोपी पति ने चाकू लेकर पत्नी जेसिका की छाती, बाएं कंधे और बाईं कांख में चाकू से वार कर दिए. इससे खून की धार बह निकली. ज्यादा खून बह जाने की वजह से वह मौके पर ही मर गई.
अपनी बहन को फोन करके बताया और हो गया फरार
वारदात करने के बाद आरोपी ने शनिवार सुबह अपनी बहन को फोन करके करतूत के बारे में बताया और फिर मौके से फरार हो गया. उसकी बहन ने इस घटना की सूचना मृतका के भाई को दी. इसका पता चलते ही वह अपनी बहन के घर पहुंचा, जहां पर उसने उसे मृत पाया.
उसने इस बात की सूचना पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. साथ ही, आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया. उसे शनिवार दोपहर बाद अरेस्ट कर लिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की कोशिश कर रही है.
पंजाब के तरनतारन जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां अपनी रूठी हुई पत्नी को मनाने और उसे वापस घर ले जाने के लिए ससुराल गए एक युवक को उसके सगे साले ने सरेआम पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया. इस भयावह घटना में युवक और उसे बचाने दौड़ी एक महिला की तड़प-तड़पकर मौत हो गई है. इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मर्डर का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पत्नी को वापस लाने गया था लवप्रीत, मिली दर्दनाक मौत
मृतक युवक की पहचान लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लवप्रीत सिंह और उसकी पत्नी संदीप कौर के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी, जिसके बाद संदीप अपने मायके जाकर रहने लगी थी. बीती 13 जून को लवप्रीत अपनी पत्नी को समझा-बुझाकर वापस घर लाने के मकसद से अपने ससुराल गया था. उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसकी जिंदगी का सबसे खौफनाक अंत इंतजार कर रहा है. वहां बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि लवप्रीत के साले साजन सिंह ने गुस्से में आकर अपने जीजा पर कोई ज्वलनशील पदार्थ फेंका और माचिस जला दी. देखते ही देखते लवप्रीत आग का गोला बन गया.
बचाने आई महिला भी लपटों में घिरी, दोनों की मौत
जब लवप्रीत को जिंदा जलाया जा रहा था, तब साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर बीच-बचाव करने और लवप्रीत की जान बचाने के लिए आगे दौड़ीं. लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गुरजीत कौर भी उसकी चपेट में आ गईं और बुरी तरह झुलस गईं. अस्पताल में इलाज के दौरान लवप्रीत और गुरजीत दोनों ने दम तोड़ दिया. इस घटना में आरोपी साजन सिंह भी खुद थोड़ा झुलस गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
रूह कंपा देने वाला वीडियो आया सामने, पुलिस ने दर्ज किया केस
इंटरनेट पर आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे एक शख्स अचानक दूसरे पर आग लगा देता है और पीड़ित खुद को बचाने के लिए बेतहाशा इधर-उधर भागता है. गुरजीत कौर को भी आग की लपटों में घिरा देख पीछे खड़ा एक तीसरा शख्स मदद के लिए दौड़ता है. वीडियो में आग तेजी से फैलती हुई और दोनों पीड़ितों को अपनी चपेट में लेती दिख रही है. तरनतारन पुलिस ने इस जघन्य अपराध को लेकर मुख्य आरोपी साजन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.