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  • मादा कुत्ते के साथ कथित यौन: शोषण का मामला, शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज.

    मादा कुत्ते के साथ कथित यौन: शोषण का मामला, शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज.

    मादा कुत्ते के साथ कथित यौन: शोषण का मामला, शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज.

    बिहार के भोजपुर जिले से पशु क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। बिछिआंव गांव में एक मादा कुत्ते के साथ कथित यौन शोषण किए जाने के आरोप में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले में स्थानीय पशु देखभालकर्ता की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। घटना के बाद पशु अधिकारों से जुड़े संगठन ने भी मामले में हस्तक्षेप किया।

    शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

    मामला भोजपुर जिले के बिछिआंव गांव का बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय देखभालकर्ता मुकेश कुमार ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की थी। इसके बाद संदेश थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

    रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 62 और 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(a) और 11(1)(i) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

    पशु चिकित्सक ने की मादा कुत्ते की जांच

    घटना की जानकारी मिलने के बाद सरकारी पशु चिकित्सक ने मादा कुत्ते की चिकित्सकीय जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल उसकी देखभाल स्थानीय देखभालकर्ता की निगरानी में की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पशु के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसकी देखभाल भी महत्वपूर्ण है।

    पेटा इंडिया ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

    पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया ने मामले में प्राथमिकी दर्ज होने पर संतोष जताया। संगठन की प्रतिनिधि सलोनी सकरिया ने कहा कि पशुओं के खिलाफ क्रूरता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और कानून के तहत उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।

    संगठन ने केंद्र सरकार से भारतीय न्याय संहिता में बदलाव कर पशुओं के साथ यौन शोषण को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध बनाने की मांग भी की। पेटा इंडिया का कहना है कि पशुओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए प्रभावी कानूनी प्रावधान और उनका सख्ती से पालन जरूरी है।

    पशु क्रूरता रोकने के लिए कानून का पालन जरूरी

    यह मामला एक बार फिर पशुओं की सुरक्षा और उनके साथ होने वाली क्रूरता को रोकने की जरूरत पर ध्यान खींचता है। ऐसे मामलों में शिकायतों की निष्पक्ष जांच, पशु का उचित उपचार और कानून के अनुसार कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

    फिलहाल भोजपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

  • खंडहर मकान के रोशनदान में 10 दिन तक फंसा रहा 11 फीट लंबा अजगर, पेट में धंसी लोहे की ग्रिल; 5 घंटे में हुआ रेस्क्यू.

    खंडहर मकान के रोशनदान में 10 दिन तक फंसा रहा 11 फीट लंबा अजगर, पेट में धंसी लोहे की ग्रिल; 5 घंटे में हुआ रेस्क्यू.

    खंडहर मकान के रोशनदान में 10 दिन तक फंसा रहा 11 फीट लंबा अजगर, पेट में धंसी लोहे की ग्रिल; 5 घंटे में हुआ रेस्क्यू.

    यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढौरा क्षेत्र के गांव नाग्गल में वन्यजीव विभाग की टीम ने एक अजगर को मुश्किल हालात में सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 11 फीट लंबा अजगर एक खंडहर मकान के रोशनदान में लगभग 10 दिन तक फंसा रहा। उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि रोशनदान में लगी लोहे की ग्रिल उसके पेट में करीब तीन इंच तक धंस गई थी।

    रोशनदान में फंसकर बुरी तरह घायल हुआ अजगर

    ग्रामीणों के अनुसार, अजगर किसी तरह खंडहर मकान के रोशनदान में फंस गया था। बाहर निकलने की कोशिश के दौरान लोहे की नुकीली ग्रिल उसके शरीर में धंस गई। चोट लगने के कारण वह वहीं फंसा रहा और खुद को बाहर निकालने में असमर्थ था।

    कई दिनों तक अजगर के फंसे रहने की जानकारी मिलने के बाद वन्यजीव विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

    पांच घंटे की मशक्कत के बाद सफल रेस्क्यू

    अजगर की गंभीर स्थिति को देखते हुए टीम के सामने उसे बिना अतिरिक्त चोट पहुंचाए बाहर निकालने की चुनौती थी। वन्यजीव विभाग के कर्मचारियों ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को लोहे की ग्रिल से सुरक्षित निकाल लिया गया।

    इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने और वहां दुर्घटनाओं का शिकार होने की समस्या की ओर ध्यान खींचा है। समय पर सूचना मिलने और वन्यजीव विभाग की टीम के प्रयास से अजगर को बचाने में सफलता मिली।

    वन्यजीव दिखे तो खुद रेस्क्यू करने की कोशिश न करें

    विशेषज्ञों की मदद के बिना किसी बड़े सांप या अन्य जंगली जीव को पकड़ने या निकालने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में वन्यजीव विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना ही सुरक्षित तरीका है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। अजगर की आगे की चिकित्सकीय स्थिति और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने के संबंध में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल करने का आरोप, युवती से 18 ग्राम सोने के सिक्के लिए; पांच लाख रुपये की मांग का मामला दर्ज.

    शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल करने का आरोप, युवती से 18 ग्राम सोने के सिक्के लिए; पांच लाख रुपये की मांग का मामला दर्ज.

    शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल करने का आरोप, युवती से 18 ग्राम सोने के सिक्के लिए; पांच लाख रुपये की मांग का मामला दर्ज.

    कानपुर: सोशल मीडिया पर दोस्ती करने, शादी का झांसा देने और कथित तौर पर ब्लैकमेल कर सोने के सिक्के लेने का मामला सामने आया है। कानपुर में 29 वर्षीय युवती की शिकायत पर पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि युवक ने युवती से 18 ग्राम सोने के सिक्के लेने के बाद पांच लाख रुपये की मांग की। मामले में उसके भाई को 70 हजार रुपये लेने के लिए बुलाए जाने पर पुलिस ने पकड़ लिया।

    सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान

    पीड़िता कानपुर के कुली बाजार इलाके की रहने वाली है। शिकायत के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात जाजमऊ के छबीलेपुरवा निवासी अदनान से हुई थी। युवती का आरोप है कि अदनान ने खुद को अविवाहित बताया और दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।

    आरोप है कि शादी का भरोसा देकर अदनान 14 अगस्त को युवती को फूलबाग स्थित एक होटल में ले गया। इसके बाद वह कथित तौर पर युवती को बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देकर रुपये मांगने लगा।

    डर के कारण सोने के सिक्के देने का आरोप

    युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि उसे खुद और परिवार की सुरक्षा को लेकर डर था। इसी वजह से उसने 27 अगस्त को नवीन मार्केट में अदनान के भाई फैजान अहमद को पांच ग्राम वजन का सोने का सिक्का दिया।

    इसके बाद 6 और 8 अक्टूबर को जेड स्क्वायर मॉल के बाहर दो और सोने के सिक्के दिए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, इस तरह कुल 18 ग्राम सोना दिया गया। हालांकि, इसके बावजूद अदनान की ओर से पांच लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है।

    70 हजार रुपये लेने के लिए बुलाया, पुलिस ने पकड़ा

    शिकायत के अनुसार, 11 अक्टूबर को फैजान अहमद कथित तौर पर 70 हजार रुपये लेने के लिए युवती को नवीन मार्केट बुलाने आया था। युवती के भाई ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने फैजान को नवीन मार्केट से पकड़ लिया।

    दो भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी

    पीड़िता की तहरीर के आधार पर बादशाहीनाका थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों और कथित लेन-देन की जांच कर रही है।

    फिलहाल, शादी का झांसा देने, धमकी देने और सोना लेने से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • शादी का सपना दिखाकर 6.65 लाख रुपये की ठगी का आरोप, महिला समेत पांच आरोपी गिरफ्तार.

    शादी का सपना दिखाकर 6.65 लाख रुपये की ठगी का आरोप, महिला समेत पांच आरोपी गिरफ्तार.

    शादी का सपना दिखाकर 6.65 लाख रुपये की ठगी का आरोप, महिला समेत पांच आरोपी गिरफ्तार.

    छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शादी कराने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया था। आरोप था कि एक गिरोह ने शादी के इच्छुक लोगों को रिश्ता कराने का भरोसा दिलाकर उनसे पैसे ऐंठे। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। शिकायत के मुताबिक, पीड़ित से कुल 6 लाख 65 हजार रुपये की ठगी की गई थी।

    साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज हुई थी शिकायत

    मामले की शुरुआत तब हुई, जब एक पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि शादी कराने का भरोसा देकर उससे 6.65 लाख रुपये ले लिए गए, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। शिकायत मिलने के बाद जांजगीर साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने लेन-देन और आरोपियों से जुड़ी जानकारियां जुटाईं। इसके बाद जांच की कड़ी राजनांदगांव जिले तक पहुंची, जहां से कथित गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

    मैरिज ब्यूरो में काम कर चुकी थी महिला

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिला की पहचान भूमिका रंगारी के रूप में हुई थी। बताया गया कि वह पहले एक मैरिज ब्यूरो में काम कर चुकी थी। आरोप है कि वहां से काम छोड़ने के बाद उसने एक संस्था शुरू की और शादी कराने के नाम पर लोगों से संपर्क करना शुरू किया।

    पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन के जरिए लोगों से बातचीत की जाती थी और उन्हें शादी के लिए उपयुक्त रिश्ता दिलाने का भरोसा दिया जाता था। इसी भरोसे के आधार पर कथित तौर पर पैसे लिए जाते थे। हालांकि, गिरोह किस तरह लोगों को अपने जाल में फंसाता था और ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती थी।

    राजनांदगांव में दबिश देकर पांच लोगों को पकड़ा

    जांच के आधार पर पुलिस टीम ने राजनांदगांव जिले में दबिश दी और महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी आरोपी राजनांदगांव जिले के निवासी थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।

    पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला शादी के नाम पर होने वाली ऑनलाइन और फोन के जरिए की जाने वाली ठगी के खतरे को भी सामने लाता है। शादी के लिए रिश्ता तलाशते समय किसी संस्था या अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान, कार्यालय और पंजीकरण संबंधी जानकारी की जांच करना जरूरी है। किसी भी तरह की अग्रिम रकम देने से पहले भुगतान का उद्देश्य और उसकी वैधता सुनिश्चित करनी चाहिए।

    शादी के नाम पर ठगी से कैसे बचें?

    • किसी अनजान मैरिज सर्विस या व्यक्ति को बिना जांच-पड़ताल के पैसे न दें।
    • संस्था का पता, पंजीकरण और संपर्क विवरण स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें।
    • रिश्ता कराने के नाम पर बार-बार पैसे मांगे जाने पर सतर्क रहें।
    • भुगतान से जुड़े संदेश, रसीद और बैंक लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
    • ठगी का संदेह होने पर साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। मामले में गिरफ्तार व्यक्तियों की दोषसिद्धि का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

  • भाभी और भतीजी पर गलत नजर रखने का आरोप, सगे भाई ने 1.20 लाख में तय कर दी मौत की सुपारी!

    भाभी और भतीजी पर गलत नजर रखने का आरोप, सगे भाई ने 1.20 लाख में तय कर दी मौत की सुपारी!

    भाभी और भतीजी पर गलत नजर रखने का आरोप, सगे भाई ने 1.20 लाख में तय कर दी मौत की सुपारी!

    पटना: बिहार की राजधानी पटना के नौबतपुर में ऑटो चालक की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 32 वर्षीय मिठू कुमार की हत्या की साजिश उसके ही सगे भाई ने पारिवारिक विवाद के चलते रची थी। आरोप है कि उसने दो लोगों को 1.20 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई। पुलिस ने आरोपी भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई की गई।

    नेवां पुल के नीचे मिला था ऑटो चालक का शव

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात नौबतपुर के नेवां पुल के नीचे मिठू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से मृतक का ऑटो भी बरामद किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से जांच की। तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान जांच की दिशा मृतक के पारिवारिक विवाद की ओर मुड़ी।

    पारिवारिक विवाद को बताया गया हत्या का कारण

    सिटी एसपी मध्य चंद्र प्रकाश के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मृतक के भाई सोहन कुमार उर्फ अर्जुन ने कथित तौर पर हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि उसका भाई उसकी पत्नी के साथ अनुचित व्यवहार करता था। आरोपी ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के दिनों में मृतक की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी। इसी पारिवारिक विवाद के चलते उसने मिठू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

    ये बातें पुलिस की ओर से बताई गई हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

    ₹1.20 लाख की सुपारी देकर बनाई हत्या की योजना

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी भाई ने कथित तौर पर दो परिचितों को हत्या के लिए 1.20 लाख रुपये देने का वादा किया था। योजना के तहत शुक्रवार शाम दोनों ने मिठू का ऑटो किराये पर लिया और उसे नेवां पुल के पास सुनसान जगह पर ले गए।

    आरोप है कि वहां ऑटो रुकवाने के बाद बदमाशों ने मिठू के सिर और सीने में गोली मार दी। वारदात के बाद वे मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, इसके बाद उन्होंने अपने एक परिचित को बाइक लेकर बुलाया और उसके साथ वहां से निकल गए।

    पुलिस ने हथियार, कारतूस और नकदी की बरामद

    पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक पिस्टल, सात कारतूस, दो मैगजीन, तीन मोबाइल फोन, एक बाइक और 92 हजार रुपये बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।

    पुलिस अब बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    72 घंटे में मामले का खुलासा करने का दावा

    पुलिस के अनुसार, घटना के करीब 72 घंटे के भीतर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली। जांच में पारिवारिक विवाद और कथित सुपारी की भूमिका सामने आई है।

    फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने पारिवारिक विवाद के हिंसक रूप लेने और अपराध की साजिश रचने के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के बयान के आधार पर तैयार की गई है। इसमें वर्णित आरोप जांच के अधीन हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

  • दरहाली नदी के बीच चट्टान पर उकेरी देवी-देवताओं जैसी आकृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र, देखने पहुंच रहे लोग.

    दरहाली नदी के बीच चट्टान पर उकेरी देवी-देवताओं जैसी आकृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र, देखने पहुंच रहे लोग.

    दरहाली नदी के बीच चट्टान पर उकेरी देवी-देवताओं जैसी आकृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र, देखने पहुंच रहे लोग.

    राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दरहाल क्षेत्र में बहने वाली दरहाली नदी के बीच एक चट्टान पर उकेरी गईं देवी-देवताओं जैसी आकृतियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। नदी के पानी में डूबी रहने वाली इन आकृतियों को देखने के लिए स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और दूसरे क्षेत्रों से आने वाले लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, नदी के बीच स्थित कठोर चट्टान पर कई ऐसी आकृतियां दिखाई देती हैं, जो हिंदू देवी-देवताओं से मिलती-जुलती बताई जा रही हैं। नदी में पानी का स्तर बदलने के साथ ये आकृतियां कभी आंशिक रूप से तो कभी पूरी तरह पानी में डूबी रह सकती हैं। यही वजह है कि इस स्थान को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

    धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बढ़ी उत्सुकता

    दरहाली नदी के बीच चट्टान पर दिखाई देने वाली इन आकृतियों ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की ओर लोगों का ध्यान खींचा है। लोग जानना चाहते हैं कि इन्हें कब और किस उद्देश्य से बनाया गया होगा। हालांकि, अभी तक इनके निर्माण काल, वास्तविक उत्पत्ति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर कोई प्रमाणिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुरातात्विक जांच से मिल सकती है स्पष्ट जानकारी

    इन आकृतियों के ऐतिहासिक महत्व को समझने के लिए विशेषज्ञों और संबंधित पुरातत्व विभाग द्वारा अध्ययन किया जाना जरूरी है। वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि ये आकृतियां मानव निर्मित हैं या प्राकृतिक संरचना का हिस्सा हैं।

    इसके साथ ही, नदी के तेज बहाव और प्राकृतिक कटाव से चट्टान को होने वाले संभावित नुकसान का आकलन करना भी महत्वपूर्ण है। यदि इन आकृतियों का सांस्कृतिक या ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो उनके संरक्षण के लिए उचित कदम उठाए जा सकते हैं।

    फिलहाल, दरहाल क्षेत्र में मौजूद इस चट्टान को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई है। अब विशेषज्ञों के अध्ययन के बाद ही इन आकृतियों की उत्पत्ति और ऐतिहासिक महत्व के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट पर आधारित है। चट्टान पर दिखाई देने वाली आकृतियों की प्राचीनता, उत्पत्ति और ऐतिहासिक महत्व की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

  • पीछा करने का विरोध किया तो महिला को जड़ा थप्पड़, बीच-बचाव करने आए रिश्तेदार से भी मारपीट का आरोप.

    पीछा करने का विरोध किया तो महिला को जड़ा थप्पड़, बीच-बचाव करने आए रिश्तेदार से भी मारपीट का आरोप.

    पीछा करने का विरोध किया तो महिला को जड़ा थप्पड़, बीच-बचाव करने आए रिश्तेदार से भी मारपीट का आरोप.

    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर थाना क्षेत्र के सठवीं गांव में महिलाओं का कथित तौर पर पीछा करने और विरोध करने पर मारपीट करने का मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, एक युवक लंबे समय से एक महिला को परेशान कर रहा था। 13 अक्टूबर को जब महिला अपनी देवरानी के साथ दवाई लेने जा रही थी, तब आरोपी ने कथित तौर पर उनका रास्ता रोक लिया। विरोध करने पर उसने महिला की देवरानी को थप्पड़ मार दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके पति के साथ भी मारपीट करने का आरोप है।

    गांव में आने-जाने के दौरान पीछा करने का आरोप

    पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि गांव का रहने वाला युवक लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था। शिकायत के अनुसार, आरोपी गांव में कहीं भी आने-जाने के दौरान उसका पीछा करता था और सुबह-शाम महिला तथा उसके परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता था।

    अस्पताल जाते समय रास्ता रोकने का आरोप

    शिकायत के मुताबिक, 13 अक्टूबर को महिला अपनी देवरानी पूजा देवी के साथ दवाई लेने के लिए बिझड़ अस्पताल जा रही थी। इसी दौरान आरोपी गोल्डी कथित तौर पर उनका पीछा करते हुए वहां पहुंच गया। दोनों महिलाएं जब मुख्य सड़क की ओर बढ़ रही थीं, तो आरोपी उनसे आगे निकल गया और बार-बार पीछे मुड़कर देखने लगा।

    आरोप है कि कुछ दूर आगे जाकर युवक अचानक महिला के सामने आकर खड़ा हो गया और रास्ता रोक लिया। जब पूजा देवी ने उससे पूछा कि वह बार-बार उनके पीछे क्यों आ रहा है, तो विवाद बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने गुस्से में पूजा देवी को थप्पड़ मार दिया।

    बीच-बचाव करने पहुंचे पति से भी मारपीट

    घटना के बाद पूजा देवी ने फोन कर अपने पति रघुवीर सिंह को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर रघुवीर सिंह मौके पर पहुंचे और आरोपी से घटना के बारे में पूछताछ करने लगे।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान विवाद बढ़ गया और युवक ने रघुवीर सिंह के साथ मारपीट की, जिससे वह जमीन पर गिर गए।

    पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

    मामले की शिकायत मिलने के बाद बड़सर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।

    फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले के तथ्यों और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

  • बच्चा चोर होने के शक में राम कच्छप लोहरा की पीटकर हत्या, जंगल में फेंका शव; दो आरोपी गिरफ्तार.

    बच्चा चोर होने के शक में राम कच्छप लोहरा की पीटकर हत्या, जंगल में फेंका शव; दो आरोपी गिरफ्तार.

    बच्चा चोर होने के शक में राम कच्छप लोहरा की पीटकर हत्या, जंगल में फेंका शव; दो आरोपी गिरफ्तार.

    रांची: झारखंड में बच्चा चोरी के शक ने एक व्यक्ति की जान ले ली। मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के दुल्ली गांव स्थित करमकोचा जंगल में मिले राम कच्छप लोहरा के शव के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को संदेह था कि राम बच्चा चोर है। इसी शक में उन्होंने कथित तौर पर डंडों से उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पहचान छिपाने के इरादे से शव को जंगल में फेंक दिया गया।

    बच्चा चोर होने का शक बना हत्या की वजह

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दुल्ली गांव के करमकोचा टोला निवासी जीतवाहन उरांव (26) और मंडल मुंडा के रूप में हुई है। आरोप है कि दोनों को राम कच्छप लोहरा पर बच्चा चोर होने का संदेह हुआ था।

    इसी संदेह के चलते उन्होंने उसके साथ मारपीट की। पुलिस का कहना है कि डंडों से की गई पिटाई के कारण राम की मौत हो गई। हालांकि, किसी व्यक्ति पर केवल शक होना उसके अपराधी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।

    जंगल में मिला था अज्ञात व्यक्ति का शव

    पुलिस के मुताबिक, बीते 4 अगस्त को मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के करमकोचा जंगल से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी।

    बाद में मांडर थाना क्षेत्र के बांसजाड़ी निवासी लक्ष्मी देवी ने शव की पहचान अपने बेटे राम कच्छप लोहरा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    विशेष टीम ने छापेमारी कर दो आरोपियों को पकड़ा

    मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर खलारी डीएसपी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल बनाया गया। इसमें खलारी और मैक्लुस्कीगंज थानों के पुलिस अधिकारी एवं जवान शामिल थे।

    पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 12 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या करने और शव को जंगल में फेंकने की बात स्वीकार की।

    आरोपियों की निशानदेही पर डंडा और कंबल बरामद

    पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का कंबल और कथित वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद किया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    इस घटना ने अफवाहों और बिना प्रमाण लगाए गए आरोपों के खतरनाक परिणामों को सामने ला दिया है। किसी को बच्चा चोर समझकर कानून अपने हाथ में लेना गंभीर अपराध है। ऐसी किसी भी आशंका की स्थिति में खुद कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के हवाले से प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

  • 9 हजार रुपये के लेनदेन पर खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से पीटकर 40 वर्षीय युवक की हत्या; पांच लोगों पर आरोप.

    9 हजार रुपये के लेनदेन पर खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से पीटकर 40 वर्षीय युवक की हत्या; पांच लोगों पर आरोप.

    9 हजार रुपये के लेनदेन पर खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से पीटकर 40 वर्षीय युवक की हत्या; पांच लोगों पर आरोप.

    मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में महज 9 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। छाता क्षेत्र के तरौली जनूबी गांव में दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस मारपीट में 40 वर्षीय सुल्तान गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई ने गांव के ही पांच लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    छह महीने पहले उधार दिए थे 9 हजार रुपये

    जानकारी के अनुसार, सुल्तान ने करीब छह महीने पहले विक्रम नाम के व्यक्ति को 9 हजार रुपये उधार दिए थे। इसी रकम के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच असहमति चल रही थी।

    मंगलवार शाम करीब सात बजे रुपये के इसी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान लाठी-डंडों से हमला किए जाने की बात सामने आई है।

    मारपीट में सुल्तान को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया।

    मृतक के भाई ने पांच लोगों पर लगाया आरोप

    सुल्तान की मौत के बाद उनके भाई शेरा ने गांव के ही सुनील, राहुल, राजा, विक्की और विष्णु पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।

    घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और विवाद से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपितों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

    पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

    छाता थाना प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी के अनुसार, पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस पैसों के लेनदेन से शुरू हुए विवाद और मारपीट की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि आर्थिक विवाद किस तरह गंभीर हिंसा का रूप ले सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • स्कूल की छुट्टी के बाद नौवीं की छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप, प्रभारी प्राचार्य हिरासत में

    स्कूल की छुट्टी के बाद नौवीं की छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप, प्रभारी प्राचार्य हिरासत में

    स्कूल की छुट्टी के बाद नौवीं की छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप, प्रभारी प्राचार्य हिरासत में

    छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्कूल से जुड़ा एक मामला सामने आया था, जिसमें नौवीं कक्षा की छात्रा ने प्रभारी प्राचार्य पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। घटना के बाद छात्रा रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को अपने साथ हुई कथित घटना के बारे में बताया। यह सुनकर परिवार के लोग नाराज हो गए और उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने प्रभारी प्राचार्य को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की थी।

    छुट्टी के बाद छात्रा को कमरे में बुलाने का आरोप

    यह मामला अछोला स्कूल का बताया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के बाद प्रभारी प्राचार्य जीवनलाल देवांगन ने कथित तौर पर नौवीं कक्षा की छात्रा को एक कमरे में बुलाया था। छात्रा ने आरोप लगाया कि उस दौरान उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।

    घटना के बाद छात्रा घर पहुंची तो वह रो रही थी। परिजनों ने उससे वजह पूछी, जिसके बाद उसने स्कूल में हुई कथित घटना की जानकारी दी। बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए और मामले को लेकर कार्रवाई करने का फैसला किया।

    परिजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा

    छात्रा से जानकारी मिलने के बाद परिजन स्कूल से जुड़े आरोपी तक पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने प्रभारी प्राचार्य को पकड़कर तुमगांव पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की।

    पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की जिम्मेदारी थी कि छात्रा के आरोपों से जुड़े तथ्य क्या हैं और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।

    मामले को दबाने की कोशिश का भी आरोप

    इस प्रकरण में परिजनों की ओर से मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया था। इसके अलावा आरोपी के नशे में होने की बात भी कही गई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई थी।

    ऐसे में इन आरोपों को जांच के जरिए स्पष्ट किया जाना जरूरी था। पुलिस को घटना से जुड़े सभी पक्षों की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई करनी थी।

    पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी घटना

    प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं, क्योंकि मामला एक नाबालिग छात्रा से जुड़ा है। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले छात्रा के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के नतीजों को देखना जरूरी है।

    फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लिया गया था और पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जानी थी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी के दोषी होने या न होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। नाबालिग की पहचान और निजता की रक्षा करना आवश्यक है।