पत्ते तो कई बार देखे होंगे, कभी देखा है पान का फूल..?

पत्ते तो कई बार देखे होंगे, कभी देखा है पान का फूल..?
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पान के पत्ते भारत की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं. शादी-ब्याह, पूजा-पाठ, मेहमानवाजी या रोजमर्रा के पान-सुपारी के शौक में पान के पत्ते हर जगह नजर आते हैं. लोग इन्हें चाव से खाते हैं और इनसे कई आयुर्वेदिक औषधियां भी बनाई जाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी पान का फूल देखा है? ज्यादातर लोगों का जवाब होगा नहीं.

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक महिला ने पान की बेल पर लगे फूलों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए तो लोग हैरान रह गए. कई कमेंट्स में लिखा गया कि सालों से पान के पत्ते देख रहे हैं लेकिन फूल पहली बार देखा. वास्तव में पान का पौधा (वैज्ञानिक नाम पाइपर बेटल) एक बेलनुमा पौधा है जो पिपरेसी परिवार से आता है. यह मुख्य रूप से पत्तियों के लिए उगाया जाता है. इसकी पत्तियां दिल के आकार की, चमकदार हरी और सुगंधित होती हैं. लेकिन यह पौधा फूल भी देता है.

विरले हैं ये फूल
पान के फूल छोटे होते हैं और स्पाइक या कैटकिन के रूप में लगते हैं. नर और मादा फूल अलग-अलग पौधों पर होते हैं. ये फूल आमतौर पर सफेद या हरे रंग के होते हैं और बहुत आकर्षक नहीं लगते, इसलिए लोग इन्हें नोटिस भी नहीं करते. खेती में पान के पौधों को अक्सर कटिंग से लगाया जाता है और हर कुछ साल बाद नए पौधे लगा दिए जाते हैं. इसलिए ज्यादातर व्यावसायिक बेलों पर फूल आने का मौका ही नहीं मिलता. विशेषज्ञों के अनुसार पौधों को फूल आने में 8 से 10 साल तक का समय लग सकता है. घरों में गमलों में या लंबे समय तक एक ही बेल रखने वाले लोग ही कभी-कभी इन फूलों को देख पाते हैं. इसलिए इन्हें दुर्लभ माना जाता है और “सालों की तपस्या” के बाद खिलने वाला कहा जाता है.

नहीं होते काम के
पान के फूलों का व्यावसायिक या औषधीय उपयोग लगभग ना के बराबर है. पूरा फोकस पत्तियों पर रहता है क्योंकि वे ही खाई जाती हैं और बेची जाती हैं. भारत में पान की कई किस्में प्रचलित हैं जैसे बनारसी, मैगही, बंगला, कापूरी आदि. हर किस्म का स्वाद, सुगंध और आकार अलग होता है. पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में पान की खेती बड़े पैमाने पर होती है. आयुर्वेद में पान के पत्तों को कई गुणों वाला माना जाता है. ये पाचन सुधारने, मुंह की दुर्गंध दूर करने, एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाने जाते हैं. हालांकि तंबाकू या जर्दा के साथ पान खाने के नुकसान भी बताए जाते हैं. शुद्ध पान के पत्ते कई लोगों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं.सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं. कुछ ने बताया कि उनके घर की पुरानी बेल पर कभी फूल आए थे. कुछ बागवानी प्रेमी अब जानबूझकर पौधे को लंबे समय तक रखना चाहते हैं ताकि फूल देख सकें.

 

 

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