
इंदौर में एक छोटी सी कहासुनी ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। गर्लफ्रेंड के साथ SUV से पहुंचा एक युवक कॉलोनी के गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड से भिड़ गया। गार्ड ने तेज रफ्तार गाड़ी को रोककर सवाल किया तो युवक भड़क उठा। पहले दोनों के बीच बहस हुई, फिर आरोपी ने गार्ड को थप्पड़ मार दिया।
मामला यहीं खत्म हो जाता तो शायद एक परिवार उजड़ने से बच जाता। लेकिन कुछ देर बाद आरोपी दोबारा लौटा और इस बार उसके हाथ में हथियार नहीं, बल्कि तेज रफ्तार SUV थी।
गेट पर गाड़ी रोकते ही शुरू हुआ विवाद
घटना इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र की द एक्सोटिका रेजिडेंशियल टाउनशिप की बताई जा रही है। बुधवार रात सिक्योरिटी गार्ड धर्मेंद्र मालवीय ड्यूटी पर मौजूद थे। उनके साथ उनकी पत्नी ज्योति और परिवार के कुछ लोग भी गेट के पास थे।
इसी दौरान अरण्डिया गांव का रहने वाला राजा उर्फ कमल कुमावत अपनी महिला मित्र सीजल उर्फ शालिनी के साथ SUV लेकर टाउनशिप पहुंचा। वह तेज रफ्तार में गाड़ी अंदर ले जाने की कोशिश कर रहा था।
गार्ड धर्मेंद्र ने उसे रोकते हुए तेज गाड़ी चलाने पर आपत्ति जताई। बस इतनी सी बात पर राजा का पारा चढ़ गया। दोनों के बीच बहस होने लगी और मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गार्ड को थप्पड़ तक मार दिया।
‘मेरी गाड़ी क्यों रोकी?’… गुस्से में चला गया आरोपी
विवाद बढ़ने पर टाउनशिप के मालिक को फोन किया गया। उन्होंने राजा को वहां से चले जाने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी अपनी महिला साथी के साथ वहां से निकल गया।
लेकिन बताया जा रहा है कि जाते वक्त उसके मन में गुस्सा और बदले की भावना थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह कुछ ही देर बाद वापस आएगा और इस बार उसका गुस्सा एक परिवार की जिंदगी तबाह कर देगा।
कुछ देर बाद फिर लौटा और SUV से मचा दिया तांडव
आरोप है कि राजा कुछ समय बाद दोबारा SUV लेकर टाउनशिप पहुंचा। इस बार उसने गाड़ी नहीं रोकी। उसने तेज रफ्तार SUV सीधे गेट की तरफ दौड़ा दी, जहां धर्मेंद्र और अन्य लोग मौजूद थे।
गाड़ी की जोरदार टक्कर से धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनकी पत्नी ज्योति और परिवार के अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ गए।
लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुका।
बताया जा रहा है कि उसने SUV को वापस मोड़ा और जमीन पर पड़े धर्मेंद्र के ऊपर से दोबारा गाड़ी चढ़ा दी। गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में उनके रिश्तेदार गोविंद का पैर भी टूट गया।
घटना के बाद आरोपी अपनी महिला साथी के साथ मौके से फरार हो गया।
शहर छोड़कर भागने की थी तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही लसूड़िया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राजा और उसकी महिला साथी सीजल उर्फ शालिनी वारदात के बाद इंदौर छोड़कर भागने की तैयारी में हैं। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और दोनों को पकड़ लिया।
पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एक साल से कर रहे थे गार्ड की नौकरी
धर्मेंद्र मालवीय मूल रूप से देवास के रहने वाले थे और करीब एक साल से द एक्सोटिका टाउनशिप में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। वह रोज की तरह उस रात भी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे।
किसी ने नहीं सोचा था कि गाड़ी की रफ्तार को लेकर एक युवक को रोकना उनकी जिंदगी का आखिरी फैसला साबित होगा।
एक छोटी सी कहासुनी, कुछ मिनटों का गुस्सा और बदले की सनक ने धर्मेंद्र की जान ले ली। घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर मामूली विवाद कब और कैसे हिंसा में बदल जाता है और गुस्से में उठाया गया एक कदम कितने परिवारों की जिंदगी तबाह कर सकता है।

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