हजारों साल पुरानी ममी के पेट से मिला रहस्यमयी कागज, खुलासे से वैज्ञानिक भी दंग..

हजारों साल पुरानी ममी के पेट से मिला रहस्यमयी कागज, खुलासे से वैज्ञानिक भी दंग..
हजारों साल पुरानी ममी के पेट से मिला रहस्यमयी कागज, खुलासे से वैज्ञानिक भी दंग..

इतिहास की परतों में न जाने कितने ऐसे रहस्य दबे हैं, जो आज भी इंसानी दिमाग को चकरा देते हैं. हाल ही में मिस्र के अल-बहासा में पुरातत्वविदों को एक ऐसी ममी मिली है, जिसने अब तक की सभी मान्यताओं को हिलाकर रख दिया है. आमतौर पर जब भी कोई प्राचीन ममी मिलती है, तो उसके साथ जादुई मंत्र या धार्मिक ग्रंथ पाए जाते हैं, ताकि परलोक में उसकी आत्मा को शांति मिले. इसके अलावा सोने-चांदी के गहने-जेवरात भी होते हैं. लेकिन इस बार वैज्ञानिकों के हाथ कुछ ऐसा लगा, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी. इस ममी के पेट के अंदर से एक प्राचीन कागज (पपायरस) निकला, जिस पर दुनिया की सबसे मशहूर युद्ध कथाओं में से एक का हिस्सा लिखा हुआ था. जांच के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि ममी के पेट में दबा यह कागज असल में महान कवि होमर की सुप्रसिद्ध रचना ‘इलियड’ का एक अंश है.

इसमें प्राचीन यूनानी सेनाओं और उनके जहाजों का विस्तृत विवरण दिया गया है, जो पौराणिक ट्रोजन युद्ध की ओर बढ़ रहे थे. पुरातत्वविदों के लिए यह खोज किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि पूरी दुनिया में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जहां किसी ममी के शरीर के भीतर से कोई साहित्यिक कृति बरामद हुई हो. इस खोज ने प्राचीन काल में शवों को दफनाने की परंपराओं पर एक नई बहस छेड़ दी है. इस रहस्यमयी पपायरस को हाल ही में की गई खुदाई के दौरान निकाला गया था. वैज्ञानिकों की टीम ने जब ग्रीक भाषा में लिखे इस पाठ का अध्ययन किया, तो वे दंग रह गए कि हजारों साल बाद भी यह सुरक्षित कैसे रहा. आमतौर पर ममी बनाने की प्रक्रिया के दौरान शरीर को रसायनों से भरा जाता है, लेकिन इस ममी को अनोखे तरीके से दफनाया गया.

ममी के अंदर किसी साहित्यिक कविता का होना यह संकेत देता है कि उस समय के लोगों के लिए साहित्य का महत्व सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि उसे परलोक की यात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता था. इस खुदाई के दौरान सिर्फ यह अनोखी ममी ही नहीं मिली, बल्कि कई और चौंकाने वाले राज भी सामने आए हैं. पुरातत्वविदों को ऐसी ममी भी मिली हैं, जिनकी जीभ सोने की बनी हुई थी. प्राचीन मिस्र के लोगों का मानना था कि सोने की जीभ लगाने से मृत व्यक्ति मरने के बाद देवताओं से बात कर पाएगा. इसके अलावा वहां से सजे हुए ताबूत और कई प्राचीन कलाकृतियां भी बरामद की गई हैं, जो उस दौर की आलीशान जीवनशैली और उनकी अजीबोगरीब धार्मिक मान्यताओं को उजागर करती हैं. यह ऐतिहासिक मिशन बार्सिलोना विश्वविद्यालय के नेतृत्व में चलाया गया था, जो काहिरा से करीब 190 किलोमीटर दूर ऑक्सीरहिन्चस नामक प्राचीन शहर में स्थित है.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *