100 घर, 1500 आबादी… आजादी के दशकों बाद इस गांव में पहुंचा नल का पानी, लड़कों की शादी होनी तक हो गई थी बंद

100 घर, 1500 आबादी… आजादी के दशकों बाद इस गांव में पहुंचा नल का पानी, लड़कों की शादी होनी तक हो गई थी बंद
100 घर, 1500 आबादी… आजादी के दशकों बाद इस गांव में पहुंचा नल का पानी, लड़कों की शादी होनी तक हो गई थी बंद

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के लहुरियादह गांव की कहानी लंबे समय तक पानी की कमी के संघर्ष से जुड़ी रही। करीब 100 घरों और 1500 की आबादी वाले इस गांव में लोगों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर तक जाना पड़ता था। हालात इतने मुश्किल थे कि पानी की समस्या के कारण गांव के कई लड़कों की शादी तक रुक गई थी।

अब गांव की तस्वीर बदल चुकी है। जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर घर नल योजना के जरिए घर-घर तक पानी पहुंचने लगा है। जिन लोगों को कभी एक-एक बूंद पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, वे अब अपने घर की टोटी खोलकर पानी प्राप्त कर रहे हैं।

तीन दिन बाद आता था पानी का नंबर

मिर्जापुर की लालगंज तहसील के ड्रमंडगंज क्षेत्र में पहाड़ी पर स्थित लहुरियादह में कभी पानी का कोई स्थायी इंतजाम नहीं था। ग्रामीण पहाड़ पर मौजूद एक जलस्रोत से पानी इकट्ठा करके अपनी जरूरत पूरी करते थे।

जलस्रोत पर पानी भरने के लिए लोगों की बारी तय होती थी। कई बार एक परिवार का नंबर करीब तीन दिन बाद आता था। गर्मियों में हालात और भी खराब हो जाते थे। पानी की कमी इतनी बढ़ जाती थी कि प्रशासन को टैंकर भेजकर लोगों तक पानी पहुंचाना पड़ता था।

पांच किलोमीटर दूर से लाना पड़ता था पानी

पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ग्रामीणों को कई बार करीब पांच किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता था। आसपास के इलाकों और पहाड़ के नीचे से पानी लाकर परिवार अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते थे।

गर्मी के दिनों में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि एक व्यक्ति को कई दिनों के इस्तेमाल के लिए बेहद सीमित मात्रा में पानी मिल पाता था। पानी की इसी समस्या ने गांव के लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी थी।

पानी की कमी से शादियों पर भी पड़ा असर

लहुरियादह में पानी की समस्या सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी तक सीमित नहीं रही। गांव में पानी की कमी इतनी बड़ी समस्या बन गई थी कि कई परिवारों के लिए शादी-ब्याह भी मुश्किल हो गया था।

लोगों का कहना था कि जब किसी परिवार में बहू आती तो उसके लिए भी पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन जाता था। इसी वजह से गांव में लड़कों की शादी तक रुकने की बात सामने आई।

हर घर में लगी टोटी, बदल गई जिंदगी

जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना ने ग्रामीणों की इस परेशानी को काफी हद तक बदल दिया। 31 अगस्त 2023 को पहली बार गांव में पाइपलाइन के जरिए नल से पानी पहुंचा।

अब गांव के ज्यादातर घरों में नल लगे हैं और सुबह-शाम पानी की सप्लाई होती है। ग्रामीणों को पानी के लिए पहाड़ों और जंगलों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

गांव की रहने वाली सुघरी देवी बताती हैं कि पहले पानी के स्रोत के पास ही रात-दिन लोगों की लाइन लगी रहती थी। अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता था। अब घर में नल लगा है और टोटी खोलते ही पानी मिल जाता है।

वहीं छमा देवी के मुताबिक, शादी के बाद जब वह गांव आई थीं, तब पानी की समस्या सबसे बड़ी परेशानी थी। खाना बनाने और घर के दूसरे कामों के लिए भी दूर पहाड़ी जलस्रोत तक जाना पड़ता था। अब घर में ही पानी मिलने से उनकी जिंदगी काफी आसान हो गई है।

लहुरियादह के ग्रामीणों के लिए घर तक पानी पहुंचना सिर्फ एक सरकारी योजना का लाभ नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही परेशानी से बड़ी राहत है। जिस पानी के लिए कभी पूरा गांव संघर्ष करता था, वही पानी अब घर की टोटी से मिलने लगा है।

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